Tag Archives: boyfriend

जल्द ही शादी के बंधन में बंधेंगी मोना सिंहः एमएमएस लीक की वजह से टूटा था रिश्ता (Mona Singh Will Tie The Knot Soon: Previous Relationship Was Broken Due To MMS Leak)

टीवी सीरियल जस्सी जैसी कोई नहीं से पॉप्युलर हुई टीवी एक्ट्रेस मोना सिंह (Mona Singh) इन दिनों अपने अफेयर और शादी की खबरों को लेकर चर्चा में हैं. खबरें हैं कि मोना को एक बार फिर प्यार हो गया है और वो जल्द ही शादी के बंधन में बंधनेवाली हैं. खबरों के अनुसार मोना सिंह पिछले एक साल से किसी साउथ इंडियन को डेट कर रही हैं. दोनों एक-दूसरे को लेकर काफी सीरियस हैं और उनका जल्द ही शादी का प्लान है. मोना का यह बॉयफ्रेंड फिल्मी बैकग्राउंड से नहीं है और अभी तक उनके नाम का खुलासा भी नहीं हुआ है.

Mona Singh

 

बता दें कि मोना सिंह पहले टीवी एक्टर करण ओबेरॉय और विद्युत जामवाल के साथ रिलेशनशिप में रह चुकी हैं. बॉलीवुड एक्टर विद्युत जामवाल के साथ तो उनका अफेयर लंबे टाइम तक रहा था और खबरें तो यहां तक थीं कि दोनों शादी करनेवाले थे, लेकिन तब मोना के एक तथाकथित एमएमएस के कारण ये रिश्ता टूट गया था.

दरअसल कुछ साल पहले एक एमएमएस लीक होने के कारण मोना सिंह का नाम खूब चर्चा में रहा था. इस एमएमएस में मोना सिंह की तरह दिखनेवाली लड़की आपत्तिजनक हालत में थी और वो एमएमएस खूब वायरल हुआ था. हालांकि जांच-पड़ताल के बाद इस एमएमएस की सच्चाई का खुलासा नहीं हो सका था और मोना ने इसे फर्जी बताया था, लेकिन इससे मोना सिंह की पर्सनल लाइफ बुरी तरह से प्रभावित हुई थी और बॉयफ्रेंड विद्युत से उनकी शादी टूटने की वजह भी इसी एमएमएस को बताया गया था।

वर्क फ्रंट की बात करें तो मोना जल्द ही ऑल्ट बालाजी की वेब सीरीज मॉम: मिशन ओवर मार्स में नज़र आएंगी. इस वेब सीरीज में साक्षी तंवर, निधि सिंह और पालोमी घोष भी अहम किरदार में नजर आनेवाली हैं.

Mona Singh

Mona Singh Mona Singh Mona Singh

 

Mona Singh

Mona Singh

Mona SinghMona Singh

यह भी पढ़ेसोनाली बेंद्रे का गणपति विसर्जन को लेकर संदेश… (Sonali Bendre’s Message About Ganpati Immersion)

क्या आपका बॉयफ्रेंड मैरिज मटेरियल है? (Is Your Boyfriend Marriage Material?)

Marriage Material

नवीन व सीमा एक ही कॉलेज में थे. नवीन का आकर्षक व्यक्तित्व, सहायक स्वभाव, एक ही मुलाक़ात में दूसरों को अपना बना लेने का अंदाज़ क़ाबिले-तारीफ़ था, इसीलिए हर लड़की उसका साथ पसंद करती थी. दोस्तों के बीच भी वह काफ़ी लोकप्रिय था. जब नवीन की रुचि सीमा के प्रति बढ़ी तो उनकी दोस्ती जल्दी ही प्यार में बदल गई और झटपट शादी तय हो गई, किन्तु विवाह के बाद यही क़ाबिले तारीफ़ अंदाज़ और समाज सेवा का रवैया दोनों की तक़रार का कारण बना. सीमा नवीन से घरेलू ज़िम्मेदारियों की अपेक्षा करती थी, लेकिन नवीन से जग भलाई छूटती नहीं थी.

Marriage Material

राखी और निरंजन अच्छे दोस्त थे. ऑफ़िस के बाद दोनों रोज़ ही कभी कॉफ़ी हाउस, तो कभी रेस्टॉरेन्ट में बैठते. निरंजन अकेला रहता था. राखी भी माता-पिता की स्वतन्त्र विचारों वाली इकलौती बेटी थी. उनके लिए घर से ज़्यादा कैरियर महत्वपूर्ण था. दोस्ती गहरी होती गई. एक-दूसरे का साथ बहुत प्रिय था, इतना कि लगा एक-दूसरे के बिना रह ही नहीं सकेंगे. परिवारों को भी कोई ऐतराज नहीं हुआ तो सहर्ष शादी के बंधन में बंध गए. कहा-सुनी तब शुरू हुई जब निरंजन रेस्टॉरेन्ट के बजाए घर के खाने को ज़्यादा पसंद करने लगा. वह चाहता था कि राखी गृहस्थी में भी थोड़ी रुचि ले, किन्तु राखी ने तो अपने घर में पहले कभी घरेलू कामों में रुचि ली ही नहीं थी. फिर तो छोटी-छोटी बातों पर भी तू-तू मैं-मैं होने लगी और इस रिश्ते का अंत हुआ तलाक़ के साथ.

जब इस तरह की बातें सामने आती हैं तब पछतावा होता है अपने चुनाव पर. तब लगता है जल्दबाज़ी तो नहीं कर दी निर्णय लेने में. दरअसल, प्यार का नशा ऐसा होता है कि साथी में कुछ ग़लत या कमी दिखाई नहीं देती है और यदि कुछ महसूस भी होता है तो साथी का साथ पाने की प्रबल चाह के आगे सब कुछ बौना हो जाता है. पहले विवाह हमेशा माता-पिता द्वारा तय किए जाते थे. लड़के से अधिक घर-परिवार को महत्व दिया जाता था. मुश्किलें तब भी आती थीं, लेकिन उस समय समझौता करना और आजीवन इस बंधन को निभाने की भावना सर्वोपरि होती थी. बेमेल विवाह भी निभाए जाते थे और समझौतों के साथ निभाते-निभाते समय के साथ अनुकूलता और परिपक्वता भी आ जाती थी. निभाना स्त्री का प्रथम गुण था भले ही वह उसकी मजबूरी थी, क्योंकि उस समय वह आर्थिक रूप से स्वतन्त्र नहीं थी. उनके पास इतना कोई विकल्प नहीं होता था. किन्तु अब ऐसा नहीं है, बल्कि लड़कियां ख़ुद अपने लिए जीवनसाथी का चुनाव कर रही हैं. वे शारीरिक रूप-रंग से ़ज़्यादा मानसिक स्तर पर मेल चाहती हैं. प्रेम-विवाह न भी हो तो आज शादी से पहले मिलना-जुलना, एक-दूसरे के विचारों को जानना, साथ समय गुज़ारना दोनों परिवारों को भी मान्य होने लगा है. इसके बावजूद कई बार विवाह के बाद बहुत कुछ ऐसी बातें सामने आती हैं, जिनके बारे में पहले ज़रा भी ख़याल नहीं आया होता. विचार, व्यवहार और दृष्टिकोण विवाहित जीवन का अहम हिस्सा हैं, क्योंकि आप अकेली नहीं हैं. परस्पर अनुकूलता, परिपक्वता और विश्‍वास ज़रूरी है इस बंधन में, अतः ज़रूरी हो जाता है यह आंकना कि जिस व्यक्ति के साथ आप ज़िंदगी गुज़ारने का फैसला ले रही हैं, वह शादी जैसे पवित्र बंधन के योग्य है या नहीं?

यह भी पढ़ें: १० रोमांटिक तरीक़ों से पार्टनर को कहें आई लव यू (10 Romantic Ways To Say I Love You)

Marriage Material

– लेकिन यह भी ज़रूरी है कि प्रेमी के बारे में अपनी राय बनाने से पहले आप अपना आत्मावलोकन भी करें, जैसे- अपने आपको जानना, अपने स्वभाव, अपनी क्रियाओं-प्रतिक्रियाओं को पहचानना, अपनी अपेक्षाओं को समझना, शादी की मैच्योरिटी को गम्भीरता से समझना और उससे जुड़ी ज़िम्मेदारियों को स्वीकारना.

– शादी एक पवित्र बंधन ही नहीं है, बल्कि यहां अनेक समझौते और कभी-कभी त्याग व समर्पण भी करने पड़ते हैं. कई बार ऐसा लगता है कि विचारों में समानता या अनुकूलता के साथ ही निभाना बेहतर होता है, किन्तु ऐसा नहीं है. अनुकूल स्वभाव के बावजूद टकराव हो ही जाता है. अहम का टकराव हो ही जाता है और कभी-कभी प्रतिकूल विचारधाराएं भी परिपूरक बन ज़िंदगी आसान बना देती हैं. जैसे यदि आप किन्हीं स्थितियों में कमज़ोर हैं तो साथी वहां पूरक बन जाए. उसे आपसे प्रेम है, आप पर भरोसा है और आपको समझता है, तो शादी का यह रिश्ता ख़ूबसूरत बन जाता है.

– विवाह की पहली शर्त है प्यार व विश्‍वास के साथ उसके गुण-अवगुण सहित स्वीकारना, साथ ही उसके परिजन व प्रियजनों को भी स्वीकारना. जिसके साथ जीवन बिताना है, उसे शर्तों में न बांधें, न ही उसकी शर्तें स्वीकार करें. प्रेमी या बॉयफ्रेंड अकेला होता है, किन्तु विवाह के बाद घर-परिवार होता है, हर रिश्ते से जुड़ना होता है, हर किसी के प्रति ज़िम्मेदारियां निभानी होती हैं.

– किसी भी रिश्ते या संबंध के निर्वाह में कम्यूनिकेशन यानी बातचीत अहम भूमिका रखती है, अतः बॉयफ्रेंड के साथ हर एक विषय पर स्पष्ट बात करें. उसके विचारों को जानें, अपनी भावनाओं को व्यक्त करें, उसकी प्रतिक्रिया महसूस करें. यदि स्वयं निर्णय ले पाने में दुविधा है तो किसी मैच्योर व्यक्ति या काउंसलर की सलाह भी ली जा सकती है. यदि व्यक्ति प्यार का वास्ता देकर अपनी बात मनवाने की कोशिश करता है या आपके प्यार में पागल हो अपने परिवार को छोड़ देने की बात करता है तो याद रहे, ये स्थिति न तो सामान्य है, न व्यावहारिक. आगे निश्‍चय ही परेशानियां आ सकती हैं. जो अब आपके लिए माता-पिता को छोड़ने की बात करता है, वह कल आपको भी छोड़ सकता है. कोई पति-पत्नी परिवार-समाज से दूर दुनिया बसा कर ख़ुश नहीं रह सकते हैं, बल्कि इससे तनाव व कुंठा महसूस होने लगती है, फिर शुरू होने लगता है एक-दूसरे पर आरोपों व प्रत्यारोपों का सिलसिला.

– विवाह का सच्चा सुख है केयरिंग व शेयरिंग में. साथी के साथ हर व्यवहार में सहजता महसूस होनी चाहिए. चाहे अपनी समस्या शेयर करनी हो या अपनों को केयरिंग की ज़रूरत हो. एक-दूसरे के अलावा आपकी ज़िंदगी में अपनों के लिए भी जगह होनी चाहिए. मेरा-तुम्हारा न होकर हर स्थिति मे ङ्गहमाराफ भाव होना चाहिए. एक-दूसरे को बदलने के बजाय एक-दूसरे का पूरक होना चाहिए.

– विचारों में समानता, ज़िंदगी के प्रति नज़रिया, घर-परिवार या भविष्य के प्रति दृष्टिकोण के साथ-साथ आर्थिक दृष्टिकोण के प्रति भी अपने बॉयफ्रेंड की प्लानिंग को जानने की कोशिश करें. प्यार में आसमान से तारे तोड़े जा सकते हैं, किन्तु शादीशुदा ज़िंदगी के लिए ठोस धरातल चाहिए. पैसों के बिना ज़िंदगी नहीं चलती. पैसों से ख़ुशियां नहीं पाई जा सकतीं, लेकिन पैसों से ही सुख के साधन जुटाए जा सकते हैं और सुख के माध्यम से आनंद की अनुभूति होती है.

– साथी का चरित्र जानना भी बहुत ज़रूरी है. चरित्र उसकी संगत, उसके व्यवहार, उसके अंदाज़ आदि से आसानी से पता लग सकता है, बस आपको अपनी सोच पर, प्यार के एहसास पर भरोसा होना चाहिए. शादी का ़फैसला लेना है, जीवनभर किसी का प्यार पाना है, उसे बनाए रखना है, फिर जल्दबाज़ी क्यों? सोच-समझकर निर्णय लें कि क्या वाकई आपका बॉयफ्रेंड ऐसा है कि उसके साथ आप ज़िंदगीभर निभा पाएंगी.

– वैसे भी विवाह नामक संस्था से आज की पीढ़ी का विश्‍वास उठता-सा जा रहा है. काफ़ी लोगों के लिए शादी ज़िंदगीभर का सामाजिक बंधन नहीं रह जाता है, बल्कि अब विवाह व्यक्तिगत परिपूर्णता के साधन के रूप में देखा जाता है. साथी यदि अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर पाता है, तो बंधन को निभाते जाना मूर्खता समझी जाती है, अतः ज़रूरी है कि इस बात को पहले ही समझ लिया जाए कि गर्लफ्रेंड या बॉयफ्रेंड परस्पर एक-दूसरे की कसौटी पर खरे उतर पाएंगे या नहीं.

– प्रसून भार्गव

यह भी पढ़ें: 20 बातें जो पुरुष स्त्रियों से चाहते हैं (20 Things Men Really Want In A Women)

Shocking! प्रत्युषा बैनर्जी के आख़िरी फोन कॉल से हुए कई ख़ुलासे, राहुल पर वेश्यावृत्ति के लिए मजबूर करने का शक़ (Pratyusha Banerjee’s Last Phone Call To Rahul Raj)

टीवी सीरियल बालिका वधू से फेमस हुई प्रत्युषा बैनर्जी के आत्महत्या मामले में अब एक मोड़ आ गया है. प्रत्युषा और उनके बॉयफ्रेंड  राहुल राज की फोन पर हुई आख़िरी बातचीत की रिकॉर्डिग सामने आई है.pratyusha_1478243212 (1)

24 साल की प्रत्युषा ने अपने फ़्लैट में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी, जिसके बाद आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में प्रत्युषा के ब्वॉयफ्रेंड राहुल को जेल जाना पड़ा था.

फोन पर हुई बातचीत

3 मिनट के इस रिकॉर्डिंग में प्रत्युषा राहुल से कह रही है, ”मैंने जीवन में बहुत मेहनत की है, मैंने बालिका वधू के लिए भी बहुत मेहनत की है. मैं यहां ख़ुद को बेचने के लिए नहीं आई थी. मैं यहां एक्टिंग करने, काम करने आई थी और देखो तुमने (राहुल) आज मुझे कहां लाकर खड़ा कर दिया है. राहुल तुम्हें अंदाज़ा भी नहीं है कि आज मैं कितना ख़राब महसूस कर रही हूं.”

इसी फोन कॉल के दूसरे हिस्से में प्रत्युषा राहुल को मतलबी कह रही थीं. प्रत्युषा का कहना था कि राहुल ख़ुद को बचाने के लिए उसके माता-पिता का नाम ख़राब कर रहा है. फोन कॉल में प्रत्युषा ने ये भी कहा कि आधे घंटे में सब ख़त्म हो जाएगा.

इस रिकॉर्डिंग से साफ़ हो जाता है कि दोनों के बीच किसी निजी मसले पर लड़ाई चल रही थी. प्रत्युषा के माता-पिता के वकील नीरज गुप्ता का कहना है कि इस फोन कॉल से साफ़ हो जाता है कि राहुल, प्रत्युषा पर ग़लत कामों के लिए दबाव बना रहा था. उनके मुताबिक़, इस फोन कॉल में दो बार वेश्यावृत्ति शब्द भी आया है, जो शक़ को बढ़ा देता है. फिलहाल राहुल जेल से बाहर है.