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ब्रा से जुड़े 7 मिथ्स और सच्चाई (7 Bra Myths & Facts)

लॉन्जरी, ख़ासकर ब्रा को लेकर हमारे मन में कई तरह के सवाल होते हैं… साइज़, शेप, केयर को लेकर कई उलझनें होती हैं, तो कई मिथ्याएं भी होती हैं. आइए ज़िवामे डॉट कॉम (Zivame.com) की लक्ष्मी सुब्रहमण्यम से ऐसी ही कुछ मिथ्याओं की सच्चाई जानने कीकोशिश करते हैं.

Bra Myths

1) लूज़ ब्रा कंफर्टेबल होती हैं
ग़लत. लूज़ ब्रा आपके फिगर को नुक़सान पहुंचाती हैं. परफेक्ट फिटिंगवाली ब्रा वही है, जो कहीं से भी लूज़ न हो. स्ट्रैप, कप, बैंड सब जगह अच्छे-से फिट बैठे.

2) अच्छी फिटिंग और ब्रांडेड ब्रा को लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सकता है
काश ये बात सच होती, पर ये सच नहीं है. अच्छी क्वालिटी की ब्रा को ज़्यादा से ज़्यादा एक साल तक इस्तेमाल किया जा सकता है. दरअसल, ब्रा जैसे-जैसे पुरानी होती जाती है, उसकी फिटिंग भी बिगड़ती जाती है.

3) अंडरवायर ब्रा पहनने से कैंसर होने का ख़तरा होता है
अब तक कोई ऐसा साइंटिफिक प्रूफ नहीं मिला है, जो ये दावा करे कि अंडरवायर या डार्क कलर की ब्रा पहनने से कैंसर होने का रिस्क बढ़ जाता है, इसलिए ये बात मन से निकाल दें और अपने लॉन्जरी कलेक्शन में हर तरह की ब्रा को शामिल करें.

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Bra Myths

4) ब्रांड चाहे कोई भी हो, आपकी ब्रा साइज़ एक ही होगी
ये भी एक मिथक है. चूंकि परफेक्ट ब्रा साइज़ सिलेक्ट करना थोड़ा मुश्किल काम है, तो हम ये सोचकर एक ही साइज़ की ब्रा ख़रीद लेते हैं कि वो फिट आ ही जाएगी. लेकिन आप ऐसी ग़लती न करें. हर ब्रांड का साइज़ अलग होता है. ये साइज़ उस ब्रांड की मॉडल की बॉडी टाइप के अनुसार तय की जाती है और हर ब्रांड की मॉडल्स अलग-अलग होती हैं, तो उनकी साइज़ भी अलग होती है, इसलिए बेहतर होगा कि ब्रा ख़रीदने से पहले उसे ट्राई ज़रूर करें.

5) हैवी ब्रेस्ट से शोल्डर में दर्द होता है
सच तो ये है कि शोल्डर पेन का ब्रेस्ट के साइज़ से कोई लेना-देना नहीं है. अगर आपको लगातार शोल्डर पेन हो रहा हो, तो एक बार ब्रा बदलकर देखें. कई बार ग़लत साइज़ की ब्रा पहनने की वजह से भी शोल्डर में पेन होता है.

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Bra Facts

6) व्हाइट शर्ट के साथ व्हाइट ब्रा ही पहनना चाहिए
ज़्यादातर लड़कियां यही सोचती हैं कि व्हाइट शर्ट के साथ व्हाइट ब्रा ही पहनना चाहिए, लेकिन ये स़िर्फ मिथ्या है. बल्कि व्हाइट के साथ व्हाइट ब्रा पहनना तो बिल्कुल ग़लत कॉन्सेप्ट है. सही ये होगा कि आप व्हाइट के साथ अपने स्किन टोन से मैच करता हुआ ब्रा पहनें, जैसे न्यूड शेड, पेल पिंक या लाइट ब्राउन.

7) ब्रा को रोज़ धोने की ज़रूरत नहीं होती
ये सोच भी मिथक ही है. सच तो ये है कि आपकी ब्रा और पैंटी ही आपकी स्किन के सीधे कॉन्टैक्ट में होते हैं और स्किन का पसीना-गंदगी सीधे ब्रा के संपर्क में आते हैं, इसलिए अंडरगार्मेंट्स को एक बार पहनने के बाद तुरंत ही धो देना चाहिए.

10 टाइप की ब्रा हर महिला के वॉर्डरोब में होनी चाहिए (10 Types Of Bra Every Woman Must Own)

10 टाइप की ब्रा (Types of Bra) हर महिला (Woman) के वॉर्डरोब में होनी चाहिए, क्योंकि हर आउटफिट (Outfit) के हिसाब से सही ब्रा (Right Bra) का चुनाव बहुत ज़रूरी है. हर महिला का फिगर तथा कपड़े पहनने का स्टाइल अलग होता है इसलिए उनकी ब्रा पहनने की ज़रूरतें भी अलग होती हैं. किस आउटफिट के साथ कैसी ब्रा पहननी चाहिए? जानने के लिए आइए, जानते हैं ब्रा के 10 प्रकार के बारे में, क्योंकि 10 टाइप की ब्रा हर महिला के वॉर्डरोब में होनी चाहिए.

Types Of Bra

 

10 टाइप की ब्रा हर महिला के वॉर्डरोब में क्यों होनी चाहिए?
महिलाएं ब्रा ख़रीदते समय कलर, फैब्रिक, स्टाइल आदि पर तो पूरा ध्यान देती हैं, लेकिन ब्रा की फिटिंग और उपयोगिता पर ख़ास ध्यान नहीं देतीं. ब्रा ख़रीदते समय सबसे ज़रूरी ब्रा की फिटिंग है. इसके साथ ही आप किस आउटफिट के साथ कैसी ब्रा पहनती हैं, ये भी बहुत ज़रूरी है. ब्रा का ग़लत चुनाव न स़िर्फ आपकी अच्छी-ख़ासी ड्रेस का लुक बिगाड़ सकता है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक साबित हो सकता है. इसीलिए आउटफिट के अनुरूप सही फिटिंग वाली ब्रा पहनना बहुत ज़रूरी है.

1) मैक्सिमाइज़र ब्रा
ये ब्रा पुश-अप, पैडेड और अंडरवायर्ड होती है. स्मॉल से लेकर मीडियम बस्ट साइज़ वाली महिलाएं क्लीवेज और सपोर्ट के लिए मैक्सिमाइज़र ब्रा ट्राई कर सकती हैं. इसे आप फॉर्मल, एथनिक, पार्टी वेयर ड्रेस के साथ पहन सकती हैं.

2) मिनिमाइज़र ब्रा
ये फुल कप ब्रा होती है, जिसमें पैड नहीं होता. मीडियम से लेकर बड़े बस्ट साइज़ वाली महिलाओं के लिए मिनिमाइज़र ब्रा अच्छा विकल्प है. ये ब्रेस्ट को स्मॉलर लुक देती है. रोज़ पहने जाने वाले फॉर्मल व इनफॉर्मल कपड़ों के साथ मिनिमाइज़र ब्रा पहनी जा सकती है.

3) अंडरवायर्ड ब्रा
ये ब्रा डेमी कप और पैडेड होती है. छोटे और मीडियम बस्ट वाली महिलाओं के लिए अंडरवायर्ड ब्रा बेस्ट ऑप्शन है. आप इसे रोज़ पहने जाने वाले फॉर्मल व इनफॉर्मल कपड़ों के साथ पहन सकती हैं, लेकिन अंडरवायर्ड ब्रा को कुछ घंटों के लिए ही पहनें, लंबे समय तक नहीं.

4) टी-शर्ट ब्रा
इस पैडेड ब्रा के स्ट्रैप्स ट्रांसपेरेंट होते हैं. छोटे और बड़े दोनों बस्ट साइज़ वाली महिलाएं टी-शर्ट ब्रा पहन सकती हैं. जिम वेयर, टी-शर्ट, शीयर पार्टी वेयर के साथ आ टी-शर्ट ब्रा पहन सकती हैं.

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5) स्पोर्ट्स ब्रा
स्पोर्ट्स ब्रा नॉन-पैडेड और नॉन-अंडरवायर्ड होती है, इसकी स्ट्रैप्स चौड़ी होती हैं. छोटे और मीडियम ब्रेस्ट के लिए स्पोर्ट्स ब्रा बेस्ट होती है. बड़े ब्रेस्ट वाली महिलाएं एक्सरसाइज़ के दौरान इसे अपनी नॉर्मल ब्रा के ऊपर पहन सकती हैं ताकि ब्रेस्ट को सपोर्ट और प्रोटेक्शन मिल सके.

6) डेली वेयर ब्रा
डेली वेयर ब्रा नॉन पैडेड और फुल कप होती है. ये कंफर्टेबल होती हैं इसलिए इसे सभी महिलाएं पहन सकती हैं. डेली वेयर ब्रा को आप रोज़ पहने जाने वाले कपड़ों के साथ पहन सकती हैं. हां, बहुत ज़्यादा ट्रांसपेरेंट कपड़ों के साथ डेली वेयर ब्रा न पहनें.

7) ट्यूब टॉप ब्रा
ट्यूब टॉप ब्रा स्ट्रैपलेस और नॉन-पैडेड होती है. छोटे से लेकर मीडियम ब्रेस्ट वाली महिलाएं ट्यूब टॉप ब्रा पहन सकती हैं. ट्यूब टॉप ब्रा को आप टी-शर्ट, जिम वेयर, स्ट्रैपलेस पार्टी वेयर के साथ पहन सकती हैं.

8) पुशअप ब्रा
पुशअप ब्रा पैडेड होती है तथा स्ट्रैप्स के साथ और स्ट्रैपलेस भी होती है. छोटे और मीडियम ब्रेस्ट वाली महिलाएं जिन्हें क्लीवेज की ज़रूरत होती है, उनके लिए पुशअप ब्रा बेस्ट ऑप्शन है. पुशअप ब्रा को आप पार्टी ड्रेसेज़ के साथ पहन सकती हैं.

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9) ड्रेस अप ब्रा
ड्रेस अप ब्रा लेसी, डेमी-कप और नॉन पैडेड होती है. छोटे और मीडियम बस्ट वाली महिलाएं ड्रेस अप ब्रा पहन सकती हैं. ड्रेस अप ब्रा में बहुत ज़्यादा सपोर्ट नहीं होता इसलिए इसे कुछ घंटों के लिए ही पहना जा सकता है. आप इसे हनीमून के दौरान या ड्रेसी फीलिंग के लिए पहन सकती हैं.

10) डेमी-कप ब्रा
डेमी-कप ब्रा पैडेड ब्रा अंडरवायर सपोर्ट के साथ मिलती है. छोटे से लेकर मीडियम बस्ट वाली महिलाएं डेमी-कप ब्रा पहन सकती हैं. डेमी-कप ब्रा को रोज़ पहने जाने वाले फॉर्मल और इनफॉर्मल कपड़ों के साथ पहना जा सकता है.

Types Of Bra

 

ये ब्रा भी हैं ज़रूरी
कुछ ब्रा ऐसी भी होती हैं, जिन्हें ख़ास मौकों पर पहना जा सकता है. ऐसी ब्रा की जानकारी भी आपको होनी चाहिए.

* मेटर्निटी ब्रा
मेटर्निटी ब्रा फुल कप और नॉन पैडेड होती है. ब्रेस्ट फीड यानी स्तनपान कराने वाली माओं के लिए मेटर्निटी ब्रा सही विकल्प है. मेटर्निटी ब्रा को आप नॉर्मल इनफॉर्मल वेयर के साथ पहन सकती हैं.

* मल्टीवेयर ब्रा
मल्टीवेयर ब्रा को आप 5 तरह से पहन सकती हैं- नॉर्मल स्ट्रैप्स, स्टैपलेस, हॉल्टरनेक, क्रॉस स्ट्रैप और ऑफ शोल्डर. ये ब्रा फुल कप, पैडेड और अंडरवायर्ड होती है. मीडियम से लेकर बड़े ब्रेस्ट वाली महिलाएं मल्टीवेयर ब्रा पहन सकती हैं. 5 तरह के विकल्प आपको इस ब्रा को कई तरह से पहनने का मौक़ा देते हैं. मल्टीवेयर ब्रा को आप हर तरह के पार्टी वेयर, फॉर्मल व ऑफिस वेयर के साथ पहन सकती हैं. मल्टीवेयर ब्रा को अपने कलेक्शन में ज़रूर रखें, ये आपके बहुत काम आएगी.

5 तरह से स्टाइल करें अपनी व्हाइट शर्ट और ब्लू जीन्स, देखें वीडियो:

अंडरगार्मेंट से जुड़ी 10 सच्चाइयां (10 Interesting Facts About Undergarment)

Facts About Undergarment

अंडरगार्मेंट से जुड़ी 10 सच्चाइयां (10 Interesting Facts About Undergarment)

हम अपने आउटफिट्स से तो सभी को इंप्रेस करना चाहते हैं, लेकिन हम शायद ही अपने अंडरगार्मेंट्स (Undergarments) पर ध्यान देते हैं, क्योंकि हमें लगता है वो तो छिपे हुए होते हैं, तो जैसे-तैसे काम चला लो, क्या फ़र्क़ पड़ता है. लेकिन फ़र्क़ पड़ता है, आपकी हेल्थ से लेकर पर्सनैलिटी तक उनसे प्रभावित होती है. इसलिए आपको भी अंडरगार्मेंट्स से जुड़ी ये बातें ज़रूर जाननी चाहिए, ताकि आप सही अंडरगार्मेंट्स का सिलेक्शन कर सकें. हम अपने आउटफिट्स से तो सभी को इंप्रेस करना चाहते हैं, लेकिन हम शायद ही अपने अंडरगार्मेंट्स पर ध्यान देते हैं, क्योंकि हमें लगता है वो तो छिपे हुए होते हैं, तो जैसे-तैसे काम चला लो, क्या फ़र्क़ पड़ता है. लेकिन फ़र्क़ पड़ता है, आपकी हेल्थ से लेकर पर्सनैलिटी तक उनसे प्रभावित होती है. इसलिए आपको भी अंडरगार्मेंट्स से जुड़ी ये बातें ज़रूर जाननी चाहिए, ताकि आप सही अंडरगार्मेंट्स का सिलेक्शन कर सकें.

– एक सर्वे से पता चला है कि लगभग तीन में से दो महिलाएं ग़लत साइज़ की ब्रा पहनती हैं, इनमें से 29% महिलाएं इस बात को जानते हुए भी ऐसा करती हैं.

– अधिकतर थॉन्ग्स लेसी और सैटिन के फैब्रिक में ही मिलते हैं, जो स्किन को ब्रीद नहीं करने देते और स्किनी होने के कारण वहां बैक्टीरिया ज़्यादा पनपते हैं, जिनसे इंफेक्शन का ख़तरा रहता है. –

– कॉटन पैंटीज़ सबसे सेफ होती हैं. इन्हें पहनने से पसीना कम आता है, जिससे बैक्टीरिया का जमाव और इंफेक्शन नहीं हो पाता.

– अक्सर यह माना जाता है कि अंडरवियर पहनने से पुरुषों के स्पर्म काउंट पर असर होता है, लेकिन जब तक कि अंडरवियर बहुत ज़्यादा टाइट न हो, तो कोई ख़तरा नहीं है.

– अधिकतर महिलाएं एक ही तरह की ब्रा हर ड्रेस पर पहनती हैं, क्योंकि उन्हें अलग-अलग तरह की ब्रा के बारे में पता ही नहीं होता, जैसे- स्मूद, टी-शर्ट ब्रा, पुशअप ब्रा, मिनिमाइज़र ब्रा आदि.प यही हाल पैंटीज़ का भी है, इसमें भी हाई वेस्ट, लो वेस्ट, बिकनी, बॉय शॉर्ट पैंटीज़ मिलती हैं, जो ड्रेस के अनुसार पहनी जानी चाहिए.

– जिन महिलाओं के पास रोज़ाना के लिए अलग-अलग ब्रा नहीं होती, वो एक ही ब्रा को दो-तीन दिनों तक लगातार पहनती हैं, जिससे बैक्टीरियल इंफेक्शन का ख़तरा बढ़ जाता है.

– ज़्यादा लंबे समय तक अंडरगार्मेंट्स को रिप्लेस नहीं करेंगे, तो इंफेक्शन्स का भी ख़तरा बढ़ जाता है, क्योंकि उनका मटेरियल ख़राब होने लगता है, साथ ही उनका शेप भी सही नहीं रहता. बेहतर होगा कि समय-समय पर नए अंडरगार्मेंट्स ख़रीदते रहें.

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– ब्रा को ताउम्र के लिए न रखें. जी हां, हर छह महीने में ब्रा को बदल दें, क्योंकि उसका इलास्टिक लूज़ होने लगता है.

– आपका साइज़ बदलता है, तो ब्रा का साइज़ भी बदलें. जी हां, ब्रेस्ट्स का आकार व शेप समय के साथ बदलता है. ऐसे में आप उसी साइज़ की ब्रा हमेशा पहनेंगी, तो इसका मतलब है कि आप ग़लत साइज़ की ब्रा पहन रही हैं.

– वर्कआउट के बाद अंडरगार्मेंट्स ज़रूर बदलें, क्योंकि पसीने की वजह से बैक्टीरियल इंफेक्शन का ख़तरा रहता है.

अंडरगार्मेंट्स से जुड़े इंट्रेस्टिंग फैक्ट्स

– यूके की महिलाओं का ब्रा साइज़ अन्य देशों के मुक़ाबले औसतन सबसे बड़ा होता है.

– यूके की महिलाओं का ब्रा साइज़ अन्य देशों के मुक़ाबले औसतन सबसे बड़ा होता है.

– जापान की महिलाओं का ब्रा साइज़ सबसे छोटा होता है.

– अमेरिका में औसत ब्रा साइज़ है 36 सी.

– अमेरिका में महिलाओं के पास औसतन अंडरवेयर के 22 पेयर होते हैं.

– कप साइज़ का सिस्टम 1930 में चलन में आया था.

– इटली में महिलाएं न्यू ईयर में रेड कलर की अंडरवेयर पहनती हैं, क्योंकि इसको गुड लक से जोड़कर देखा जाता है.

– स्पोर्ट्स ब्रा की शुरुआत साल 1975 से हुई थी.

– फ्रेंच में लॉन्जरी शब्द महिला व पुरुष दोनों के अंडरगार्मेंट्स के लिए यूज़ किया जाता है. प एक कपल ने विक्टोरिया सीक्रेट सेक्सी लॉन्जरी को पॉप्युलर करने के लिए बनाया था, जिसमें रोज़ाना पहनने के अंडरगार्मेंट्स हों और एक ऐसी जगह हो, जहां महिलाएं व पुरुष बेझिझक अंडरगार्मेंट्स ख़रीद सकें. आज विक्टोरिया सीक्रेट बहुत बड़ा ब्रांड बन चुका है.

 – विजयलक्ष्मी

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लॉन्जरी ख़रीदने में महिलाओं से आगे हैं पुरुष (Why Men Love Shopping For Lingerie For Their Partners)

जी हां, लॉन्जरी ख़रीदने (Lingerie Shopping) में महिलाओं से आगे हैं पुरुष और ये बात सोलह आने सच है. हम अक्सर यही सोचते हैं कि महिलाओं के लिए लॉन्जरीज़ (अंडरगार्मेन्ट्स) कौन ख़रीदता है? ज़ाहिर है महिलाएं ही… पर यह जवाब पूरी तरह सही नहीं है. लॉन्जरी (Lingerie) ख़रीदने में महिलाओं से कहीं आगे हैं पुरुष और इसकी वजह ये है कि पुरुष अपनी पत्नी या प्रेमिका को लॉन्जरीज़ ग़िफ़्ट करना पसंद करते हैं. ख़ास बात ये है कि लॉन्जरी स्टोर्स में जाकर लॉन्जरी ख़रीदने से ज़्यादा पुरुष लॉन्जरीज़ की ऑनलाइन शॉपिंग करना पसंद करते हैं, क्योंकि ऐसा करते समय उन्हें कोई देख नहीं सकता और वो आसानी से अपनी पत्नी या प्रेमिका के लिए लॉन्जरीज़ ख़रीद सकते हैं.

Lingerie

वैलेंनटाइन डे, शादी के सीज़न के दौरान पुरुष लॉन्जरी की शॉपिंग अधिक करते हैं

आंकड़ों के अनुसार, वैलेंनटाइन डे, शादी के सीज़न के दौरान पुरुष लॉन्जरीज़ की शॉपिंग अधिक करते हैं. इसकी एक बड़ी वजह यह है कि शादी के सीज़न में ज़्यादातर कपल्स की वेडिंग एनीवर्सरी होती है इसलिए पुरुष अपनी वाइफ के लिए लॉन्जरीज़ की शॉपिंग करते हैं. इसी तरह वैलेंनटाइन डे के ख़ास मौके पर भी पुरुष अपनी पत्नी या प्रेमिका को लॉन्जरीज़ गिफ्ट करना पसंद करते हैं.

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Lingerie

पुरुषों की वजह से हुई लॉन्जरी स्टोर्स में लॉन्जरीज़ (अंडरगार्मेन्ट्स) के डिस्प्ले की शुरुआत

जी हां, पुरुषों की वजह से ही लॉन्जरी स्टोर्स में लॉन्जरीज़ (अंडरगार्मेन्ट्स) के डिस्प्ले की शुरुआत हुई. ऐसा क्यों हुआ, आइए हम आपको बताते हैं. दरअसल, भारतीय पुरुष जब अपने देश से बाहर जाते हैं तो उनकी शॉपिंग लिस्ट में सबसे ऊपर लॉन्जरीज़ का ही नाम होता है. वे अपनी पत्नी या प्रेमिका को लॉन्जरीज़ ग़िफ़्ट करना पसंद करते हैं, लेकिन दुनिया के हर पुरुष की तरह ही भारतीय पुरुष भी लॉन्जरी स्टोर में जाकर अलग-अलग स्टाइल्स के बारे में पूछने से हिचकिचाते हैं. यह बात जल्दी ही लॉन्जिरी स्टोर्स के मालिकों को समझ आ गई. उन्होंने पुरुषों की समस्या को समझते हुए और लॉन्जरीज़ की बिक्री बढ़ाने के लिए एक तरकीब निकाली और हर पैटर्न की बेहतरीन लॉन्जरीज़ को स्टाइलिश ढंग से डिस्प्ले करना शुरू कर दिया. इससे पुरुष डिस्प्ले की गई लॉन्जरीज़ को पसंद कर उसे ख़रीदने लगे. इस तरह पुरुषों की वजह से हुई लॉन्जरी स्टोर्स में लॉन्जरीज़ (अंडरगार्मेन्ट्स) के डिस्प्ले की शुरुआत!

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Astrology: किस दिन कौन-सा रंग पहनना होता है शुभ, जानने के लिए देखें वीडियो: