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स्तनों (Breast) को बड़ा और सुडौल बनाने 5 अचूक घरेलू उपाय (Breast Enhancement: 5 Home Remedies To Increase Breast Size)

Breast Enhancement

स्तनों (Breast) को बड़ा और सुडौल बनाने 5 अचूक घरेलू उपाय अपनाकर आप भी अपने स्तनों का आकार बढ़ा(Breast Enhancement) सकती हैं. स्तनों (Breast) के आकार को लेकर महिलाएं बहुत चिंतित रहती हैं. बड़े और सुडौल स्तन महिलाओं की ख़ूबसूरती को बढ़ाते हैं इसलिए महिलाएं अपने स्तनों के आकार को लेकर बहुत कॉन्शियस रहती हैं. महिलाओं के स्तनों (Breast) को बड़ा और सुडौल बनाने में ये 5 अचूक घरेलू उपाय बहुत लाभदायक हैं.

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स्तनों (Breast) को बड़ा और सुडौल बनाने 5 अचूक नुस्ख़े:
१) स्तनों के चारों ओर गोलाई में जैतून के तेल से दिन में दो बार, नहाने के पहले व रात में सोने से पहले दस मिनट तक मालिश कीजिए. इससे स्तन विकसित होने लगते हैं.
२) गर्म-शीत सेंक करने से भी उरोज़ पुष्ट होते हैं. पहले 5 मिनट तक गर्म पानी में भीगा कपड़ा, फिर 5 मिनट तक ठंडे पानी में भीगा कपड़ा उरोजों पर रखें.
३) रोज़ाना 3-4 कली लहसुन खाने से स्तनों का ढीलापन दूर होता है और वे दृढ़ बनते हैं.
४) बरगद के पेड़ की लटकती डाली की नरम टहनी तोड़कर उसे छाया में सुखा लें. इसे पानी के साथ पीसकर स्तनों पर लेप करने से लटकते हुए स्तन पुष्ट और कड़े हो जाते हैं.
५) अनार का छिलका पीसकर स्तनों पर लगातार सात दिन तक सोने से पूर्व लगाने से स्तनों का ढीलापन दूर होता है.

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महिलाओं के सौंदर्य का मुख्य आधार है पुष्ट और उन्नत स्तन (Breast). स्त्री का सौंदर्य, आकर्षण और मोहकता उसके सुडौल, स्वस्थ व उभरे हुए स्तनों में ही है. परंतु किन्हीं कारणों से कई युवतियों के स्तनों का आकार बहुत छोटा होता है. उनके स्तनों का वैसा विकास नहीं हो पाता जैसा कि सामान्य स्वस्थ स्त्री का होना चाहिए. यह एक बीमारी है, जिसे स्तन क्षय कहा जाता है. जिन लड़कियों को यह रोग होता है, वे एक तरह की हीनभावना से ग्रस्त हो जाती हैं.

स्तनों (Breast) को बड़ा और सुडौल बनाने 5 अचूक घरेलू उपाय जानने के लिए देखें ये वीडियो:

 

ब्रेस्ट कैंसर से छुटकारा पाने के 5 घरेलू उपाय (5 Best Home Remedies That Prevent Breast Cancer)

Prevent Breast Cancer

ब्रेस्ट कैंसर (Breast Cancer) की चपेट में आजकल कम उम्र की महिलाएं भी आ रही हैं. ब्रेस्ट कैंसर की सबसे बड़ी वजह है बदलती लाइफ स्टाइल. घरेलू उपचार से ब्रेस्ट कैंसर जैसी ख़तरनाक बीमारी से छुटकारा पाया जा सकता है. ब्रेस्ट कैंसर (Breast Cancer) से बचाव के लिए आप भी ये घरेलू नुस्ख़े जरूर आज़माएं.

Prevent Breast Cancer

स्तन कैंसर (Breast Cancer) के कारण
बासी खाना, ज़्यादा मांस, मछली, अंडे खाने और बीड़ी-सिगरेट पीने के कारण यह रोग पैदा होता है. शरीर के विपरीत कोशिश करने, टेढ़ी शैया पर सोने से भी स्तन कैंसर हो जाता है. दुग्ध वाहिनी में अवरोध हो जाने व चोट लगने से भी इस रोग के होने की संभावना रहती है.

स्तन कैंसर (Breast Cancer) के लक्षण
स्तन कैंसर में कभी-कभी असहनीय दर्द होता है और कभी-कभी तो दर्द बिल्कुल नहीं होता. कभी-कभी स्पर्श करने से ही दर्द होता है. स्तन फूला हुआ (बड़ी गांठ के समान फूला हुआ), गरम गोल अथवा चपटा, कड़ा और दर्दयुक्त होता है. इससे तेज़ बेचैनी और सुस्ती रहती है. स्तन कैंसर की प्रारंभिक अवस्था में निम्न नुस्ख़े लाभकारी सिद्ध हो सकते हैं.

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स्तन कैंसर (Breast Cancer) की समस्या से छुटकारा पाने के 5 आसान घरेलू उपाय जानने के लिए देखें वीडियो:

ब्रेस्ट कैंसर (Breast Cancer) से छुटकारा पाने के घरेलू नुस्ख़े:
* हर रोज़ अंगूर या अनार का जूस पीने से कैंसर से बचाव होता है.
* प्रतिदिन लहसुन का सेवन करने से स्तन कैंसर की संभावनाओं को रोका जा सकता है.
* नमक, सोंठ, शमी, मूली, सरसों और सहिजन के बीज सममात्रा में लेकर खट्टे छाछ में पीसकर स्तनों पर लेप करें. एक घंटे के बाद नमक की पोटली से 10-15 मिनट तक सेंक करें.
* पोई के पत्तों को पीसकर पिण्ड बनाकर लेप करने तथा पत्तों द्वारा अच्छी तरह ढंककर पट्टी बांधने से शुरुआती अवस्था का स्तन कैंसर अच्छा हो जाता है.
* एक ग्लास पानी में हर्बल ग्रीन टी को आधा होने तक उबालें और फिर पीएं.

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ब्रेस्ट कैंसर (Breast Cancer) होने पर इन चीज़ों से परहेज़ करें:
* जिस स्त्री को स्तन कैंसर हुआ हो, उसे ज़्यादा हाथ हिलाने-डुलाने वाले काम नहीं करने चाहिए.
* आहार में दूध, पनीर, फल एवं इनके रस, दूध, मूंगफली, गेहूं का दलिया, हरी सब्ज़ी आदि का सेवन करना चाहिए.
* रोगी को चाय, कॉफी, सिगरेट, शराब का सेवन बंद कर देना चाहिए.
* उड़द, सेम, मसूर, अंडे, मांस आदि के सेवन से बचना चाहिए.

 

उम्र के अनुसार ब्रेस्ट केयर (Breast Care According To Age)

Breast Care According To Age

Breast Care According To Age

बदलती लाइफस्टाइल के कारण आजकल कम उम्र में ही महिलाएं ब्रेस्ट कैंसर की चपेट में आ रही हैं. इस ख़तरनाक बीमारी से बचाव के लिए हर उम्र में ब्रेस्ट की सही देखभाल कैसे की जानी चाहिए? जानने के लिए हमने बात की लीलावती हॉस्पिटल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रंजना धानू से.

20 की उम्र में 
क्या पहनें?
इस उम्र में ब्रेस्ट का आकार आकर्षक होता है. इसमें कसाव भी अधिक होता है. दिन में ब्रेस्ट सपोर्टिव ब्रा एवं एक्सरसाइज़ करते समय स्पोर्ट्स ब्रा पहनें.

30 की उम्र में 
प्रेग्नेंसी में ब्रेस्ट का साइज़ बढ़ जाता है एवं स्ट्रेच मार्क्स भी आ जाते हैं. प्रेग्नेंसी के बाद एक्सरसाइज़ करके वेट मेंटेन करें. जब तक स्तनपान करा रही हैं तब तक मैटरनिटी ब्रा पहनें, बाद में सपोर्टिव ब्रा पहनें.

40 की उम्र में 
उम्र बढने के साथ साथ ब्रेस्ट के लोब्युल्स और मिल्क ग्लैंडस सिकुड़ने लगती है, जिससे स्तन शिथिल होकर लटक जाते हैं. पुशअप ब्रा पहने इससे ब्रेस्ट में कसाव दिखेगा. यदि स्थायी इलाज चाहती हैं तो सर्जिकल ब्रेस्ट लिफ्ट कराएं.

सूजन/लंप क्या है?
13% महिलाओं में इस तरह का लंप दिखाई देता है जो 1 या 2 से.मी. का होता है. इसे दबाने पर यह इधर उधर सरकता है. लगभग 50% महिलाओं में यह मेनोपॉज़ के दौरान अपने आप गायब हो जाता है.

स्तनपान कराने वाली हर तीसरी महिला को ब्रेस्ट में लाल लंप (सूजन) हो जाते हैं और दर्दनाक पीड़ा होती है. एंटीबायोटिक्स से इसका समाधान हो जाता है, परंतु कई बार सर्जिकल ड्रेनेज करवाना ज़रूरी होता है.

इस उम्र में शरीर मेनोपॉज के लिए तैयार हो रहा होता है. इसमें ओव्युलेशन के पहले काफ़ी मात्रा में एस्ट्रोजन हार्मोन बनता है. यही 1-2 इंच चौड़े तरल पदार्थ भरी सिस्ट के रूप में ब्रेस्ट में दिखाई देता है. कई मामलों में डॉक्टर इस तरल पदार्थ को निकाल देते हैं.

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कैसे टेस्ट करें?
पीरियड्स के बाद स्वयं ब्रेस्ट परीक्षण करें. साल में 1 बार स्त्री रोग विशेषज्ञ से परीक्षण करवाएं.

महीने में 1 बार ख़ुद ब्रेस्ट परीक्षण करें. स्त्री रोग विशेषज्ञ से साल में एक बार जांच अवश्य करवाएं. यदि आपकी मां या बहन को ब्रेस्ट कैंसर था तो 35 वर्ष की उम्र में मेमोग्राम ज़रूर करवाएं.

महीने में 1 बार स्वयं व साल में 1 बार स्त्री रोग विशेषज्ञ से परीक्षण करवाएं. 40 साल की उम्र में पहला मेमोग्राम करवाएं. इसके बाद हर दूसरे साल इसे करवाएं.

ब्रेस्ट कैंसर रिस्क
100 में से 4
100 में से 6
100 में से 28

ब्रेस्ट का आकार

एसिमेट्रिक ब्रेस्ट
– अक्सर देखा गया है कि एक ब्रेस्ट दूसरे ब्रेस्ट की अपेक्षा आकार में बड़ा होता है, परंतु ऐसा होना सामान्य बात है. शरीर के अन्य अंगों की तरह दोनों ब्रेस्ट भी अलग-अलग अंगों की तरह विकसित होते हैं. दोनों ब्रेस्ट विभिन्न हार्मोन्स के साथ अलग-अलग तरह से प्रतिक्रिया देते हैं. जिससे दोनों ब्रेस्ट में टिशूज़ और फैट की मात्रा भी अलग होती है. इसलिए एक ब्रेस्ट दूसरे से बड़ा हो सकता है.

– यदि अचानक ही एक ब्रेस्ट आकार में दूसरे से बड़ा होने लगे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें, क्योंकि यह इंफेक्शन (संक्रमण) या प्यूमर का लक्षण हो सकता है.

ऑड (असंगत) ब्रेस्ट
– ब्रेस्ट का आकार नुकीला, गोलाकार चपटा या अजीब तरह का है तो इसमें घबराने की बात नहीं है. दरअसल, ब्रेस्ट का आकार महिलाओं के बॉडी टाइप और अनुवांशिकता पर निर्भर करता है.

– एक बात ध्यान रखें कि कोई भी ब्रेस्ट पूरी तरह नरम, मृदु व कोमल नहीं होता. इसमें लम्प्स पाए जाते हैं. कुछ ब्रेस्ट टाइप को फाइब्रो सिस्टक ब्रेस्ट कहते हैं. इसमें काफ़ी लम्प होते हैं, लेकिन यह नॉर्मल माना जाता है.

निपल का आकार
कई महिलाओं में निपल अंदर की ओर दबे हुए तो कुछ में बाहर ओर निकले हुए होते हैं. इनका आकार भी अनुवांशिक होता है. 5% महिलाओं के निपल इनवर्टेड होते हैं. यदि आपको ऐसा लगे कि निपल के आकार में अचानक परिवर्तन हो गया है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.

 

सुषमा श्रीराव

 

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