Breast Lump

मैं 31 वर्षीया महिला हूं और मेरी दाहिनी छाती में एक गांठ है. डायग्नॉसिस के लिए डॉक्टर ने मैमोग्राफी की बजाय अल्ट्रासोनोग्राफी करवाई. सही नतीजे पर पहुंचने के लिए बायोप्सी भी करवाई, जिसमें पता चला कि मुझे फाइब्रोइडोनोमा (Fibroadenoma) है. डॉक्टर ने मुझे कुछ भी न करने की सलाह दी है. क्या यह सही है?
– मेघा वर्मा, लुधियाना.

यह बहुत अच्छी बात है कि आपने बायोप्सी करवा ली है और रिपोर्ट में महज़ फाइब्रोइडोनोमा पाया गया है. इस उम्र में यह बहुत-सी महिलाओं को होता है, इसमें घबरानेवाली कोई बात नहीं. आपको मैमोग्राफी की बजाय अल्ट्रासोनोग्राफी कराने के लिए इसलिए कहा गया, क्योंकि आप 35 साल से कम उम्र की हैं. कम उम्र में मैमोग्राफी की बजाय सोनोग्राफी से ज़्यादा अच्छी तरह से जांच होती है और इसमें रेडिएशन का असर भी कम होता है, इसलिए डॉक्टर ने यह टेस्ट करवाया. एक बात का ख़ास ख़्याल रखें कि महीने में एक बार सेल्फ एक्ज़ामिनेशन ज़रूर करें.

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Fibroadenoma

 

मेरी कज़िन 16 साल की है और 13 साल की उम्र से ही उसके पीरियड्स शुरू हो गए थे, पर पिछले एक साल से उसके पीरियड्स अनियमित हैं. क्या यह सामान्य है?
– प्रिया सेठी, बरेली.

आमतौर पर 12 से 14 साल की उम्र में लड़कियों के पीरियड्स शुरू हो जाते हैं, पर पीरियड्स को नियमित होने में कुछ साल लग जाते हैं. इस अवस्था को हाइपोथैलामिक पिट्यूटरी ओवेरियन एक्सिस डिस्फंक्शन कहते हैं. इस उम्र में ज़्यादातर लड़कियां अपने वज़न को लेकर काफ़ी सचेत रहती हैं, इसलिए अंडरवेट और ओवरवेट दोनों ही तरह की लड़कियों के पीरियड्स पर इसका प्रभाव पड़ता है. इसके अलावा अगर कोई बहुत ज़्यादा एक्सरसाइज़ करती है या उसे पॉलिसिस्टिक ओवरीज़ या थायरॉइड जैसे हार्मोनल प्रॉब्लम्स हैं, तो भी उसके पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं.

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 Dr. Rajshree Kumar

डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
[email protected]

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मैं 18 वर्षीया युवती हूं. हर महीने पीरियड्स के पहले मेरे ब्रेस्ट्स में बहुत दर्द होता है और गांठ भी आ जाती है, जिसके लिए मुझे पेनकिलर लेनी पड़ती है. पर पीरियड्स के बाद न दर्द रहता है और न ही कोई गांठ. मुझे गायनाकोलॉजिस्ट के पास जाने में डर लग रहा है. कहीं ये कैंसर तो नहीं?
– कशिश शुक्ला, इंदौर.

हर महीने चलनेवाले इस चक्र को साइकलिकल मस्ताल्गिया कहते हैं. पीरियड्स के सेकंड हाफ में प्रोजेस्टेरॉन हार्मोन के कारण शरीर में वॉटर रिटेंशन बढ़ जाता है, जिसके कारण ब्रेस्ट्स में भारीपन और दर्द होता है. यह एक सामान्य प्रक्रिया है, जो ज़्यादातर महिलाएं महसूस करती हैं. पर अगर दर्द ज़्यादा है, तो डॉक्टर को दिखाएं. आत्मसंतुष्टि के लिए एक बार डॉक्टर से ब्रेस्ट चेकअप ज़रूर करवाएं.

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 Cyst In The Breast
मेरी शादी को तीन साल हो गए हैं, पर अभी तक मैं कंसीव नहीं कर पाई हूं. हम दोनों ने सारे टेस्ट्स करवाए, पर मेरे पति का स्पर्म काउंट कम है, इसलिए डॉक्टर ने तीन महीने की दवा दी है. क्या यह 1-2 महीने में नहीं हो सकता?
– सुमन मिश्रा, मेरठ.

स्पर्म की कमी पुरुषों में आम समस्या है. दवाई का नियमित सेवन, किसी तरह का ट्रॉमा या इंफेक्शन, कोई सर्जरी, डायबिटीज़, कीमो थेरेपी या रेडियो थेरेपी आदि स्पर्म काउंट कम होने के कारण हैं. इस स्थिति को ओलिगो स्पर्मिना कहते हैं. दरअसल, स्पर्म का साइकल 72-90 दिनों का होता है, जिसमें स्पर्म मैच्योर होते हैं. इसीलिए आपके डॉक्टर ने 3 महीने की दवा दी है. 3 महीने बाद टेस्ट ज़रूर करवाएं.

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डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
[email protected]

 

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