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Personal Problems: क्या ब्रेस्टफीडिंग के दौरान गर्भनिरोधक का इस्तेमाल करना चाहिए? (Contraception During Breastfeeding)

Contraception During Breastfeeding
मैं 27 वर्षीया महिला हूं और मेरा पांच महीने का एक बेटा भी है. मैं उसे ब्रेस्टफीडिंग कराती हूं. मेरे पीरियड्स अभी तक शुरू नहीं हुए हैं. क्या मुझे गर्भनिरोधक का इस्तेमाल करना चाहिए?
– चंचल शुक्ला, नोएडा.
आमतौर पर ब्रेस्टफीडिंग करानेवाली महिलाओं को क़रीब 3-4 महीने तक गर्भनिरोधक की ज़रूरत नहीं होती. पर अगर आपने बच्चे को ऊपरी पोषण देना शुरू कर दिया है या आप उसका दूध छुड़ाना चाहती हैं, तो भले ही आपके पीरियड्स नहीं आए हैं, फिर भी आपको गर्भनिरोधक का इस्तेमाल करना चाहिए. आप गायनाकोलॉजिस्ट से मिल सकती हैं, जो आपको गर्भनिरोधक के कुछ ऑप्शन्स बता सकते हैं. ब्रेस्टफीडिंग के दौरान प्रोजेस्टेरॉन युक्त पिल्स का इस्तेमाल सेफ रहता है. इससे बच्चे व दूध दोनों पर कोई असर नहीं होता. इसके अलावा गायनाकोलॉजिस्ट आपको इंट्रायूटेराइन डिवाइस या फिर कंडोम के इस्तेमाल की सलाह दे सकते हैं.

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Contraception During Breastfeeding
मैं 38 वर्षीया महिला हूं. पिछले कुछ समय से मुझे बाएं ब्रेस्ट में गांठ महसूस हो रही है, जबकि मेरे परिवार में आज तक किसी को ब्रेस्ट कैंसर नहीं हुआ है. कृपया, मार्गदर्शन करें.
– राजी मल्होत्रा, भोपाल.
अपने ब्रेस्ट का सेल्फ इक्ज़ामिनेशन बहुत हेल्दी आदत है. हर महीने पीरियड्स ख़त्म होने के 5-10 दिनों के भीतर ब्रेस्ट्स को हल्के हाथों से दबाकर चेक करना चाहिए. जैसाकि आपको गांठ महसूस हुई है, तो आपको तुरंत स्पेशलिस्ट को दिखाना चाहिए. शुरुआती जांच के आधार पर डॉक्टर आपको मैमोग्राफी की सलाह दे सकते हैं. यह अच्छी बात है कि आपके परिवार में कभी किसी को ब्रेस्ट कैंसर नहीं था, पर इसका यह मतलब नहीं कि आप डॉक्टर को न दिखाएं.

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 डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
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Personal Problems: बच्चे को कितने समय तक ब्रेस्टफीडिंग करानी चाहिए? (How Long You Should Breast Feed Your Baby?)

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दो माह पूर्व ही मेरी डिलीवरी हुई है और मैं अपने बच्चे को स्तनपान कराती हूं. मैं जानना चाहती हूं कि मुझे कितने समय तक बच्चे को स्तनपान कराना चाहिए? मैं एक कामकाजी महिला हूं, इसलिए कृपया यह भी बताएं कि मैं काम पर कब से जा सकती हूं?
– राधिका मेहता, रायपुर.

जन्म के बाद के 4-5 महीनों तक बच्चे के लिए मां का दूध अनिवार्य होता है. यह मां व बच्चे दोनों के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है. इससे बच्चे के शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी और साथ ही यह सुपाच्य भी है. स्तनपान कराने का फ़ायदा यह है कि इससे आपका वज़न भी जल्दी ही कम हो जाएगा. मां व बच्चे के बीच इससे एक अटूट बंधन का निर्माण होता है. चूंकि आप कामकाजी महिला हैं, इसलिए अपने दूध को सुरक्षित तरी़के से किसी अन्य बर्तन में निकालकर रख सकती हैं, जो आपकी अनुपस्थिति में भी आपके बच्चे को पिलाया जा सकता है. फिर भी आपको सलाह दी जाती है कि कम-से-कम चार माह तक अपने बच्चे को स्तनपान अवश्य कराएं.

 Breast Feeding
मैं 50 वर्षीया महिला हूं और पिछले साल ही मेरे पीरियड्स बंद हुए हैं. पिछले दो महीने से मुझे अक्सर योनि में खुजली व डिस्चार्ज हो रहा है. क्या मुझे डॉक्टर से मिलना पड़ेगा?
– तुलिका कमानी, हैदराबाद.

आपका मेनोपॉज़ हो चुका है और आपके द्वारा बताए लक्षणों से लग रहा है कि आपको इंफेक्शन है. सबसे पहले आपको चेकअप कराना पड़ेगा, ताकि पता चल सके कि आपको किस तरह का इंफेक्शन है, जिससे सही इलाज किया जा सके. इसके अलावा आपको पैप स्मियर टेस्ट और ब्लड शुगर चेकअप (फास्टिंग और पोस्ट लंच) ज़रूर कराना चाहिए.

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 डॉ. राजश्री कुमार
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पर्सनल प्रॉब्लम्स: क्या ब्रेस्टफीडिंग से बच्चे को इंफेक्शन ट्रांसफर हो सकता है? (Can Infection Be Transmitted Through Breastfeeding?)

Can Infection Be Transmitted Through Breastfeeding
प्रेग्नेंसी के पांचवें महीने में रूटीन चेकअप के दौरान मुझे पता चला है कि मैं एचआईवी पॉज़ीटिव हूं. इसलिए मुझे एंटीरेट्रोवाइरल (एआरवी) थेरेपी देने की सलाह दी गई है. मैं अपने बच्चे को स्तनपान कराना चाहती हूं, पर क्या इसके ज़रिए भी उसे इंफेक्शन ट्रांसफर हो सकता है?
– एकता पटेल, गुड़गांव.

स्तनपान से इंफेक्शन ट्रांसफर होने का रिस्क तो है, पर मां का दूध बच्चे के संपूर्ण विकास के लिए बहुत ज़रूरी है. इसमें मौजूद पोषक तत्व नवजात को बहुत-सी बीमारियों से बचाते हैं. हाल ही में वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइज़ेशन ने एक रिपोर्ट के द्वारा यह स्पष्ट किया है कि एआरवी थेरेपी एचआईवी पॉज़ीटिव मां से उसके बच्चे को इंफेक्शन ट्रांसफर होने की संभावना को बहुत हद तक कम कर देता है. एआरवी और स्तनपान की मदद से बच्चा एचआईवी से सुरक्षित रहता है. आपके डॉक्टर आपको एचआईवी क्लीनिक जाने की सलाह दे सकते हैं, जो इस तरह के मामलों के लिए ख़ासतौर पर बनाए गए हैं. आप उनसे स्तनपान आदि से जुड़ी सभी शंकाओं के समाधान पा सकती हैं.

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Can Infection Be Transmitted Through Breastfeeding
मेरी 13 वर्षीया बेटी के चेहरे, पैरों व पीठ पर बहुत बाल हैं, जिसके कारण उसे बहुत शर्मिंदगी महसूस होती है. कृपया बताएं, मैं क्या करूं?
– इशिता सेठी, रोहतक.

इस स्थिति को हर्सूटिज़्म कहते हैं, जिसके कई कारण हो सकते हैं. सबसे आम कारण है पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम, जिसमें टेस्टोस्टेरॉन
हार्मोन की अधिकता के कारण ऐसा होता है. इसके अलावा कुशिंग्स डिसीज़, लंबे समय तक स्टेरॉइड का इस्तेमाल और इंडोमिटिरियोसिस की दवा का सेवन भी इसके कारण हो सकते हैं. अपनी बेटी का टेस्टोस्टेरॉन लेवल चेक करवाएं. अगर वह ज़्यादा है, तो डॉक्टर आपको दवा, लेज़र ट्रीटमेंट या इलेक्ट्रोलिसिस की सलाह दे सकते हैं.

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डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
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यह पिक्चर शेयर करके लीज़ा ने मनाया ब्रेस्टफीडिंग वीक(Lisa celebrate BreastFeeding Week With Bold Picture)

लीज़ा ने मनाया ब्रेस्टफीडिंग वीक

फिल्म क्वीन के जरिए लोकप्रिय हुई अभिनेत्री लीज़ा हेडन इन दिनों मदरहुड एंजॉय कर रही हैं.वे अपने बेटे जैक के साथ पिक्चर्स शेयर करती रहती हैं.  हाल ही में लीज़ा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर दो फोटोज़ शेयर की. एक फोटो में वे अपने बेटे के साथ सो रही हैं  और दूसरे फोटो में वे अपने बेटे को दूध पिला रही हैं. उन्होंने इस पिक्चर के माध्यम से लोगों को स्पनपान की इम्पॉर्टेन्स को समझाने की कोशिश की.

लीज़ा हेडन ने अपने बेटे को दूध पिलाते हुए अपनी एक फोटो शेयर करते हुए लिखा, ‘मुझसे बहुत सी पोस्ट में यह पूछा गया कि बच्चे के  जन्म के बाद मेरी जिंदगी में क्या बदलावा आए हैं. खासतौर से वजन और फिटनेस को लेकर. इस ब्रेस्टफीडिंग वीक में कुछ क्रेडिट उसे देना चाहूंगी जो इसका असली हकदार है. जैक को जन्म देने के बाद ब्रेस्ट फीडिंग ने मुझे वापस शेप में आने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. स्तनपान करवाना काफी चुनौतीपूर्ण और समय लेने वाला है. रोजाना कई घंटे बच्चे को दूध पिलाने के लिए तैयार करने में व्यतीत हो जाते हैं,  लेकिन यह अपने बच्चे के साथ करने का बहुत खूबसूरत जरिया है इसके अलावा इससे आपके बच्चे को पोषण मिलता है. मेरे ब्लॉग mycityforkids.com पर स्तनपान के बारे में पढ़िए. हैप्पी ब्रेस्टफीडिंग वीक.

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पर्सनल प्रॉब्लम्स: क्या ब्रेस्टफीडिंग के दौरान गर्भनिरोधक की ज़रूरत नहीं पड़ती? (Do I Need Birth Control While Breastfeeding?)

family planning
मैं 29 वर्षीया महिला हूं. पिछले महीने ही मेरी सीज़ेरियन डिलीवरी हुई है. फैमिली प्लानिंग के बारे में सलाह देने के लिए डॉक्टर ने छह हफ़्ते बाद बुलाया है, पर मेरी सहेली का कहना है कि चूंकि मैं ब्रेस्टफीडिंग (breastfeeding) करा रही हूं, तो ऐसे में किसी गर्भनिरोधक की ज़रूरत नहीं पड़ती. क्या यह सच है? कृपया बताएं.
– राधिका तारे, मुंबई.

आपके लिए यह समझना बहुत ज़रूरी है कि आपकी सीज़ेरियन डिलीवरी हुई है और आपके सीज़ेरियन घाव को भरने में समय लगेगा, इसीलिए डॉक्टर ने आपको फैमिली प्लानिंग के लिए बुलाया है. आपके लिए गर्भनिरोधक इस्तेमाल करना बहुत ज़रूरी है, क्योंकि अगर घाव भरने से पहले ही आप प्रेग्नेंट हो गईं, तो कई तरह की कॉम्प्लीकेशन्स हो सकती हैं, जो आपके लिए ठीक नहीं है. आपके बच्चे को भी आपके प्यार, समय और देखभाल की ज़रूरत है, जो तभी संभव है, जब आप 2-3 साल तक प्रेग्नेंसी से बची रहेंगी.

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Breast Feeding
मैं 32 वर्षीया महिला हूं. मेरा एक साल का बेटा भी है. मेरे पति विदेश में रहते थे, इसलिए मैंने कभी कोई फैमिली प्लानिंग (Family Planning) नहीं की थी, लेकिन पिछले महीने मेरे पति विदेश से लौटे, तो मैंने कंसीव कर लिया था, पर चूंकि मेरा बेटा बहुत छोटा है, इसलिए मैंने एबॉर्शन करा लिया. अभी मैं एक साल और कंसीव नहीं करना चाहती. कृपया, मुझे फैमिली प्लानिंग की सही सलाह दें.
– कविता गुप्ता, इंदौर.

एबॉर्शन के 10-12 दिनों बाद ही महिलाओं में फर्टिलिटी लौट आती है, इसलिए आपको कोई गर्भनिरोधक विकल्प ज़रूर अपनाना चाहिए. आज मार्केट में कई प्रकार के गर्भनिरोधक मिलते हैं. आपकी मेडिकल हिस्ट्री, सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिसीज़ की हिस्ट्री आदि देखने के बाद ही आपका डॉक्टर आपको सही सलाह दे पाएगा. इसलिए तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें और अपनी सुविधानुसार सही विकल्प चुनें.

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ब्रेस्टफीडिंग व गर्भनिरोध का क्या है कनेक्शन?

अगर कोई महिला ब्रेस्टफीड नहीं करती, तो ओव्यूलेशन (फर्टिलिटी) जल्दी शुरू हो जाता है, पर इसका यह भी मतलब नहीं है कि अगर आप बच्चे को ब्रेस्टफीड कराती हैं, तो आप प्रेग्नेंट नहीं हो सकतीं. अगर आप छह महीने तक बच्चे को अपने दूध के अलावा कुछ और नहीं खिलाती-पिलाती हैं, तो हो सकता है ओव्यूलेशन आने में थोड़ा समय लगे. सीज़ेरियन डिलीवरी के बाद यह बहुत ज़रूरी है कि प्रेग्नेंसी के लिए 2-3 साल का अंतर रखा जाए. सीज़ेरियन डिलीवरी के बाद एबॉर्शन कराना सेफ नहीं होता है, इसलिए गर्भनिरोधक का इस्तेमाल ज़रूर करें. ब्रेस्टफीडिंग करानेवाली मांओं के लिए आजकल हार्मोनल कॉन्ट्रासेप्शन भी उपलब्ध है, जिसे आप अपने डॉक्टर की मदद से ले सकती हैं. इसके अलावा कई अन्य विकल्प भी हैं, जिन्हें आप अपनी सुविधानुसार ले सकती हैं.

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डॉ. राजश्री कुमार
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पर्सनल प्रॉब्लम्स: क्या ब्रेस्टफीडिंग से बच्चे को एचआईवी ट्रांसफर हो सकता है? (Can HIV Be Transmitted Through Breastfeeding?)

HIV Be Transmitted Through Breastfeeding
मेरी 4 महीने की प्रेग्नेंसी है. मैं और मेरे पति दोनों ही एचआईवी (HIV) पॉज़ीटिव हैं. हालांकि मैंने एंटीरेट्रोवायरल (एआरवी) लेना शुरू कर दिया है, फिर भी जानना चाहती हूं कि क्या ब्रेस्टफीडिंग से ये बच्चे को ट्रांसफर हो सकता है?
– रोशनी जायसवाल, रोहा.

ब्रेस्टफीडिंग से एचआईवी (HIV) के ट्रांसफर होने की संभावना रहती है, पर क्योंकि आपने चौथे महीने से ही एआरवी लेना शुरू कर दिया है, इसलिए ब्रेस्टफीडिंग के कारण इसकी संभावना अब कम है. एआरवी की मदद से बे्रस्टफीडिंग के बावजूद आपका बच्चा एचआईवी के संक्रमण से बच सकता है. आमतौर पर बच्चे के जन्म के बाद एचआईवी का टेस्ट किया जाता है, ताकि इसका पता चल सके.

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मेरी उम्र 35 साल है. शादी को 5 साल हो गए हैं, पर अभी तक मैं कंसीव नहीं कर पाई हूं. मेरी और मेरे पति की सभी रिपोर्ट्स नॉर्मल हैं, फिर भी डॉक्टर ने मुझे डायग्नॉस्टिक लैप्रोस्कोपिक की सलाह दी है, क्या मुझे इस टेस्ट की ज़रूरत है?
– रजनी जोगी, भागलपुर.

मैं समझ सकती हूं कि आप ऑपरेशन की प्रक्रिया को लेकर परेशान हैं. डायग्नॉस्टिक लैप्रोस्कोपिक टेस्ट एनीस्थिसिया की मदद से किया जाता है, जिसमें पेट, गर्भाशय, ट्यूब्स, ओवरीज़, पिछला कोई पेल्विक इंफेक्शन या फिर एंडोमिटिरियोसिस की संभावना की जांच की जाती है. कुछ मामलों में देखा गया है कि ओवरीज़ में एग तो बनते हैं, पर किसी इंफेक्शन के कारण ट्यूब्स के सिकुड़न या टेढ़ेपन की वजह से महिलाएं कंसीव नहीं कर पातीं. इसलिए यह टेस्ट ज़रूरी है, ताकि सही तरी़के से आपकी जांच हो सके.

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डॉ. राजश्री कुमार
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पर्सनल प्रॉब्लम्स: डिलीवरी के दूसरे ही हफ़्ते ब्रेस्ट्स में दर्द व सूजन है (Personal problems: why swelling in breasts after 2 weeks of delivery)

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मैं 31 वर्षीया महिला हूं. दो हफ़्ते पहले ही मेरी डिलीवरी हुई है. पहले हफ़्ते के अंत तक मुझे ब्रेस्टफीडिंग में थोड़ी तकलीफ़ हुई, जो दूसरे हफ़्ते में और बढ़ गई. मेरे दोनों ब्रेस्ट्स (breasts) में बहुत दर्द हो रहा है और उनमें सूजन भी आ गई है. मुझे बुख़ार भी आ गया है. पेनकिलर्स लेने के बावजूद यह कम नहीं हो रहा. मुझे क्या करना चाहिए?
– मुस्कान द्विवेदी, कानपुर.
आपको तुरंत डॉक्टर के पास जाकर अपनी जांच करवानी होगी. अगर यह मामूली सूजन होती, तो पेनकिलर्स से ठीक हो जाती, पर जैसा कि आपने बताया कि आपको बुख़ार भी है, तो हो सकता है कि आपके बे्रस्ट्स में पस हो गया हो. पस निकालने के अलावा इसका कोई और इलाज नहीं है. डॉक्टर को हल्का-सा चीरा लगाकर आपके बे्रस्ट्स से पस निकालना होगा, तभी ये ठीक होगा. आप जल्द से जल्द डॉक्टर को दिखाएं. ऐसी स्थितियों से बचने के लिए शुरुआत से ही बे्रस्टफीडिंग में सावधानी बरतें.

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मेरी बेटी का नौंवा महीना चल रहा है और अभी-अभी पता चला है कि उसे डेंगू है. मुझे डर लग रहा है, कहीं इससे मां-बच्चे को कोई ख़तरा तो नहीं. कृपया, मेरी मदद करें.
– बेला कुर्मी, हैदराबाद.
प्रेग्नेंसी के दौरान डेंगू मां व गर्भ में पल रहे बच्चे दोनों के लिए बहुत ही ख़तरनाक हो सकता है. इसके कारण महिलाओं में रक्तस्राव शुरू हो सकता है और प्री-मैच्योर डिलीवरी भी हो सकती है. कुछ गंभीर मामलों में बच्चे की जान को भी ख़तरा हो सकता है. डिलीवरी के नज़दीक डेंगू होने से मां से बच्चे में ट्रांसफर होने का ख़तरा भी बना रहता है.

 

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ब्रेस्टफीडिंग के स्मार्ट टिप्स 

  • जन्म के तुरंत बाद दूध पिलाते व़क्त बच्चे के सिर को अच्छी तरह पकड़ें. हाथों से ब्रेस्ट को इस तरह संभालें कि बच्चे के सिर पर भार न पड़े.
  • फीड करते व़क्त बच्चे को दोनों तरफ़ से 10-10 मिनट तक दूध पिलाएं, क्योंकि पहले 5 मिनट तक पतला दूध ही आता है. अगर आपने 5-5 मिनट ही दोनों तरफ़ पिलाया, तो बच्चे को जल्दी भूख लग जाएगी.
  • फीड करने से पहले ब्रेस्ट्स को वेट टिश्यू पेपर से पोंछकर साफ़ कर लें.
  • अगर निप्पल की स्किन रफ व ड्राय लग रही है, तो थोड़ा-सा अपना दूध लेकर उसमें ऑलिव ऑयल मिलाकर निप्पल्स पर लगाएं, स्किन सॉफ्ट हो जाएगी.

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डॉ. राजश्री कुमार
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नई मम्मियों के लिए ब्रेस्टफीडिंग टिप्स (Breastfeeding Tips for New Mothers)

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पहली बार मां बनने का एहसास ही बहुत ख़ूबसूरत होता है, लेकिन नई मांएं अपनी नन्हीं-सी जान को लेकर कई बार तब परेशान हो जाती हैं, जब उन्हें ब्रेस्टफीडिंग (Breastfeeding Tips) का सही तरीक़ा नहीं पता होता. चिंता न करें, ऐसा हर नई मां के साथ होता है. कुछ बातों का ध्यान रखकर आप आसानी से फीड करा पाएंगी.

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ब्रेस्टफीडिंग के टिप्स

ऐसे कपड़े पहनें, जिनमें आसानी से ब्रेस्टफीडिंग कराई जा सके, जैसे सामने से खुलनेवाली कुर्ती या स्ट्रेचवाली टीशर्ट पहनें, जिन्हें आसानी से उठाकर स्तनपान कराया जा सके.
कई मांएं ब्रेस्टफीडिंग के बाद ब्रा नहीं पहनतीं, क्योंकि फीड कराने में द़िक्क़त होती है, पर ऐसा न करें. इससे ब्रेस्ट ढीले और बेडौल हो सकते हैं. सही साइज़ की ब्रा पहनें. ब्रेस्टफीडिंग कराने के लिए कई तरह की नर्सिंग ब्रा भी मार्केट में मिलती हैं.
कई बार स्तनों से दूध टपकता रहता है, ऐसी स्थिति से निपटने के लिए डिसपोज़ेबल और वॉशेबल ब्रेस्ट पैड का भी इस्तेमाल कर सकती हैं.
एक स्कार्फ या दुपट्टा भी साथ रखें, ताकि दूध पिलाते व़क्त स्तन और बच्चे को ढंक सकें, पर ध्यान रखें कि शिशु आराम से सांस ले पाए.
घर पर अपना एक नर्सिंग स्टेशन बनाएं, यानी एक ऐसी जगह तय करें, जहां आराम से बैठकर आप शिशु को दूध पिला पाएं.
इस जगह पर पानी की बोतल, टीवी का रिमोट, बेबी वाइप्स, टिश्यूज़, शिशु के एक जोड़ी कपड़े और कुछ पसंदीदा क़िताबें लेकर बैठें, क्योंकि दूध पिलाने में कम से कम 40 मिनट का व़क्त तो लग ही जाता है, ऐसे में किसी चीज़ के लिए आपको बीच में उठना न पड़े.
हर बार हाथ धोकर आराम से बैठें.
हर बार दूध पिलाने से पहले अपने स्तनों को कपड़े या वेट टिश्यू पेपर से पोंछकर साफ़ कर लें.
तकिए को पीठ के पीछे रखकर आराम से बैठ जाएं.
यूं तो कई अलग-अलग पोज़िशन्स हैं ब्रेस्टफीडिंग कराने की, लेकिन वही तरीक़ा अपनाएं, जिसमें आप और बच्चा दोनों ही आराम महसूस करें.
गोद में एक और तकिया रखें. तकिया इतना ऊंचा हो कि बच्चे को उस पर लिटाया जाए, तो उसका मुख मां के स्तन के क़रीब हो, इससे शिशु को दूध पीने में आसानी होती है और मां को ज़्यादा झुकना भी नहीं पड़ता.
बच्चे के सिर, गला, पीठ को अपने हाथों से सहारा देकर रखें. शिशु को अपने नज़दीक ले आएं, ताकि वो आसानी से दूध पी सके.
कोशिश करें कि बच्चे के मुख में एरोओला (निप्पल के आसपास के गहरे रंग की त्वचा) का भाग भी जाए, इससे शिशु को दूध खींचने में आसानी होगी.
ध्यान रखें कि शिशु की नाक न दबे और वह आसानी से सांस ले पाए.
दूध पिलाने के बाद शिशु को गोद में कंधे से चिपकाकर डकार ज़रूर दिलाएं, ताकि शिशु के पेट में गैस न बने.

सी-सेक्शन के बाद ब्रेस्टफीडिंग

डिलीवरी अगर सी-सेक्शन या सर्जरी के ज़रिए हुई हो, तो ब्रेस्टफीडिंग डिलीवरी के तुरंत बाद करना थोड़ा मुश्किल होता है.
ऑपरेशन के दर्द की वजह से बैठकर फीड कराना आसान नहीं होता.
एनिस्थीसिया के असर की वजह से पांच से छह घंटे बाद ही नर्स और घर के सदस्यों की मदद से बच्चे को दूध पिलाना शुरू किया जा सकता है.
शिशु को दूध पिलाने के लिए अस्पताल में मौजूद नर्स और डॉक्टर की सहायता अवश्य लें.
सर्जरी के बाद मां को दी जानेवाली एंटीबायोटिक्स और पेनकिलर्स का बहुत ज़्यादा असर मां के दूध पर नहीं होता, इसलिए चिंता न करें.
बहुत ज़्यादा दर्द न हो, तो पेनकिलर अवॉइड करें.

अगर आप बच्चे के साथ बाहर हैं या सार्वजनिक स्थान पर हैं, तो ब्रेस्टफीडिंग के लिए शर्माएं न. बच्चे को दूध पिलाना आपकी प्राथमिकता होनी चाहिए.