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शादी के दिन दूल्हा-दुल्हन न करें ये 18 ग़लतियां (18 Common Mistakes Brides And Grooms Must Avoid)

शादी (Wedding) का दिन हर किसी के लिए ख़ास होता है. उस दिन के लिए न जाने कितने सपने, कितनी उम्मीदें और न जानें कितनी आकांक्षाएं जोड़ रखी होती है सबने, ऐसे में छोटी-छोटी ग़लतियां (Mistakes) शादी के सारे उत्साह-उमंग को फीका कर सकती हैं. अगर आपकी भी शादी होनेवाली है, तो ज़रूरी बातों के साथ-साथ इन बातों का भी ध्यान रखें, ताकि शादी के दिन की ख़ुशियां ताउम्र आपके चेहरे पर मुस्कुराहट लाने का कारण बन सकें.

Brides And Grooms Mistakes

दुल्हन बचे इन ग़लतियों से

रितु की बारात आनेवाली थी. शादी के हॉल में घरवाले तैयारियों में लगे थे, पर रितु को कभी डेकोरेशन में कमी नज़र आ रही थी, तो कभी ब्यूटीशियन की तैयारी में कमी दिख रही थी, जिसके कारण उसे बहुत ग़ुस्सा आ रहा. ग़ुस्से में वो अपने मेकअप पर भी ध्यान नहीं दे रही थी. ब्यूटीशियन ने तो उसे तैयार कर दिया, पर लहंगे की मैचिंग चूड़ियां घर पर ही छूट गई थीं, जिससे उसका पारा और चढ़ गया. भाई ने आनन-फानन में चूड़ियां लाकर दीं, पर तब तक रितु ने सबका मूड ख़राब कर दिया था. जिसकी ख़ुशी के लिए सबने इतनी मेहनत की, अगर वही नाख़ुश रहे, तो सोचें कि घरवालों का क्या हाल होगा. शादी के दिन दुल्हन ऐसी कुछ ग़लतियों से बचे, तो वह ख़ूबसूरत दिन उसके साथ-साथ सभी के लिए ख़ास बन जाए.

1. लास्ट मोमेंट के लिए तैयारियां छोड़कर रखना

अक्सर कुछ दुल्हन कपड़े, ज्वेलरी, एक्सेसरीज़, अंडर गार्मेंट्स और स्पेशल ओकेज़न की स्पेशल ड्रेसेज़ या साड़ियां आदि लास्ट मोमेंट यानी शादीवाले दिन की पैकिंग के लिए छोड़कर रखती हैं, जिसके कारण जल्दबाज़ी में कुछ न कुछ छूट जाता है. आप अपनी पैकिंग शादी के 2-3 दिन पहले ही करके रख लें. शादी वाले दिन के लिए ये तैयारियां कभी भी न रखें, क्योंकि उस दिन व़क्त कैसे निकल जाएगा आपको पता भी नहीं चलेगा.

2. मन मुताबिक काम न होने पर ग़ुस्सा करना

माना कि आपने डेकोरेशन या म्यूज़िक अरेंजमेंट के लिए पहले से बात कर ली थी, पर अगर आख़िरी व़क्त पर किसी कारण उसमें कुछ बदलाव हो गए हैं, तो तिल का ताड़ न बनाएं. ग़ुस्सा करके अपना व घरवालों का मूड ख़राब न करें. ख़ुशी के इस मौ़के को ख़ुशगवार बनाए रखें.

3. रिश्तेदारों से ससुरालवालों की बुराई

अक्सर शादी के दिन दुल्हन के क़रीबी रिश्तेदार ससुरालवालों के बारे में जानने-समझने को आतुर रहते हैं, ऐसे में आपको ध्यान रखना चाहिए कि ससुरालवालों के बारे में आपको सकारात्मक ही बोलना है, क्योंकि किसी भी तरह की नकारात्मक सोच के साथ नए घर जाना सही नहीं. किसी भी तरह की नकारात्मक टिप्पणी मामले को बिगाड़ सकती है. क्या पता उन्हीं रिश्तेदारों में कोई ऐसा हो, जिसका कनेक्शन ससुराल पक्ष से हो.

4. सब कुछ ख़ुद करने की कोशिश करना

शादी के दिन रीति-रिवाज़ों की तैयारी, ख़ुद को तैयार रखना, नाते-रिश्तेदारों से मिलना-जुलना, घरवालों के छोटे-मोटे कई काम होते हैं, ये सब आप ख़ुद करने के चक्कर में न पड़ें. सभी को काम की ज़िम्मेदारियां पहले ही बांट दें. शादी के दिन दुल्हन को मेंटली और फिज़िकली रिलैक्स रहना बहुत ज़रूरी है, ऐसे में किसी भी तरह का फिज़िकल या मेंटल स्ट्रेस आपके ब्राइडल लुक के लिए सही नहीं होगा.

5. कुछ ज़्यादा ही हुकुम चलाना

शादी की गहमागहमी में अक्सर कुछ चीज़ें लोग भूल जाते हैं, ऐसे में सब की क्लास न लेती फिरें. हर कोई आपकी शादी को यादगार बनाने की कोशिश में लगा है, इसका ख़्याल रखें. उन्हें कुछ ऐसा न कह दें, जिससे उन्हें बुरा लगे.

6. दूल्हे से बहस करना

शादी की रस्मों के दौरान अगर दूल्हे राजा ने आपके मनमुताबिक कुछ नहीं किया, तो उनसे बहस करने न बैठ जाएं. ध्यान रखें कि शादी की रस्मों में आपके साथ-साथ उनके रिश्तेदार भी मौजूद हैं, अपने बेटे के साथ होनेवाली बहू का ऐसा व्यवहार उनपर आपका ग़लत इंप्रेशन डाल सकता है.

7 हर बात की शिकायत करना

किसी रिश्तेदार ने साड़ी या लहंगे के लिए कुछ कहा, किसी ने वेन्यू के लिए कुछ कहा या फिर किसी ने मेन्यू के बारे में कुछ कंपैरिज़न करके ताना मारा हो, तो उसे अवॉइड करें. शादियों में रिश्तेदार ऐसा करते ही हैं. इन बातों पर न तो ख़ुद परेशान हों और न ही ये बातें पैरेंट्स को
बताकर उन्हें परेशान करें. याद रखें आप हर किसी को ख़ुश नहीं रख सकतीं, इसलिए सब भूलकर अपना वेडिंग डे एंजॉय करें.

– कुछ भी न खाने की ग़लती

शादी के दिन काम की भागदौड़, लास्ट मोमेंेट की तैयारियों और एक्साइटमेंट के बीच अक्सर लड़कियां खाने पर ध्यान नहीं देतीं, जिसके कारण शाम तक उन्हें गैस-एसिडिटी हो जाती है या फिर चक्कर आने लगते हैं. आप ऐसा न करें. खाना समय से खाएं और पानी भी पर्याप्त पीएं, ताकि आप हाइड्रेटेड रहें और आपका चेहरा
खिला-खिला दिखे.

– सहेलियों के साथ मिलकर ससुरालवालों की ख़िंचाई करना

शादी की रस्मों के दौरान हंसी-मज़ाक अच्छा है, पर सहेलियों के साथ मिलकर ससुराल वालों की ख़िंचाई करना या मज़ाक बनाना ठीक नहीं.
ससुराल के लोग अब आपका परिवार हैं, ऐसे में उन पर आपका अच्छा प्रभाव नहीं पड़ेगा. हो सकता है, उसके लिए आपको बाद में सुनना भी पड़े, इसलिए जो भी करें, मर्यादा में रहकर करें.

– बहुत ज़्यादा हैवी लहंगा या साड़ी सिलेक्ट करना

शादी के दिन कई रस्में और विधि-विधान होते हैं और ऐसे में अगर आपका लहंगा और ज्वेलरी इतनी हैवी या चुभनेवाली है कि आप बहुत असहज महसूस कर रही हैं, तो शादी का सारा मज़ा किरकिरा हो जाएगा. कुछ लड़कियां तो इतने हैवी लहंगे पहन लेती हैं कि उठने-बैठन के लिए भी मदद की ज़रूरत पड़ती है. शादी का मतलब हैवी लहंगा या ज्वेलरी पहनना नहीं है. यह आपके लिए काफ़ी स्पेशल दिन है, तो आपका कंफर्टेबल रहना बहुत ज़रूरी है, इसलिए ऐसे कपड़े और ज्वेलरी पहनें, जो आप आसानी से कैरी कर सकें.

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 Brides And Grooms

दूल्हा बचे इन ग़लतियों से

– शेरवानी या सूट गाड़ी में न रखना

मुंबई में रहनेवाले किशोर की पिछले महीने शादी हुई. शादी का हॉल लड़कीवालों के घर के नज़दीक था, जो कि किशोर के घर से काफ़ी दूर था. जब किशोर की बारात हॉल पहुंची और शादी की विधि-विधान के लिए उसने शेरवानी ढूंढ़नी शुरू की, तो पता चला शेरवानी घर पर ही छूट गई. घर जाकर शेरवानी लाने में काफ़ी व़क्त निकल जाता, इसलिए पास में ही रह रहे किशोर के एक दोस्त ने उसे अपनी शादी की शेरवानी लाकर दी, जिससे फेरों की रस्म पूरी हुई. घरवाले एक-दूसरे के भरोसे रह गए और अच्छी-ख़ासी शेरवानी यूं ही रह गई. इससे सभी दूल्हों को सबक लेना चाहिए और शादी के कपड़े गाड़ी में रखना न भूलें.

– देर रात तक जागना

अक्सर देखा गया है कि शादी के ठीक पहले वाली रात दूल्हा भाई-बंधुओं और दोस्तों के साथ बैचलर पार्टी मनाने में इतना व्यस्त रहता है कि ठीक से सो नहीं पाता. एंजॉयमेंट के चक्कर में उसकी नींद पूरी नहीं होती, जिसके कारण शादी वाले दिन उसकी फोटोज़ उतनी अच्छी नहीं आती, जितनी फ्रेश फेस के साथ आ सकती थीं. इस बात का ख़ास ख़्याल रखें और अच्छी तरह नींद लें.

– एक्सेसरीज़ भूल जाना

शादी के लिए सब सूट या शेरवानी को ध्यान से ख़रीदते हैं, पर मोज़े, बेल्ट, कफलिंक्स, हैंकी आदि पर उतना ध्यान नहीं देते, जिससे बारात निकलने से पहले पता चलता है कि मोज़े नहीं हैं या फिर बेल्ट ख़रीदना भूल गए थे. आपके साथ ऐसा न हो, इसलिए इन बातों का ध्यान रखें.

– लास्ट मिनट की भाग-दौड़ ख़ुद करना

शादी के दिन सभी को समय से बुलाना, सभी वेंडर्स के साथ कोऑर्डिनेट करना, नाते-रिश्तेदारों को लाना-ले जाना, जैसे कई काम होते हैं, अगर आप ये सब काम ख़ुद करेंगे, तो थक जाएंगे. लास्ट मिनट की इस भाग-दौड़ की बजाय रिलैक्स करें, दूसरों में काम बांट दें.

– शादी की गाड़ी समय से न बुलाना

बारात निकलने के लिए सबसे ज़रूरी है, दूल्हे की गाड़ी. घर पर गाड़ी आने के बाद भी उसे सजाने में काफ़ी व़क्त लगता है, जिसके कारण ज़्यादातर बारातें लेट हो जाती हैं. अगर आप ऐसा नहीं चाहते, तो बारात निकलने के 2-3 घंटे पहले ही गाड़ी बुला लें.

– बिना बोले समझने की उम्मीद करना

आज आपकी शादी है, आप अपने लिए कुछ स्पेशल करवाना चाहते हैं या कुछ ख़ास करने की इच्छा है, तो आपको बोलना पड़ेगा. बिना बोले घरवालों से यह उम्मीद करना की वो अपने आप समझ जाएंगे, बेव़कूफ़ी है. अपने ख़ास दिन को और ख़ास बनाने के लिए जो चाहते हैं करें, घरवालों को भी अच्छा लगेगा.

– घरवालों की भावनाओं का ख़्याल न रखना

आज आपकी शादी है, इसका यह मतलब नहीं कि आप जो चाहें, बोलें, जो चाहें करें. सब आपको पैंपर करने के लिए वैसे ही कुछ न कुछ ख़ास करते रहते हैं. उनकी भावनाओं का ख़्याल रखें. मुझे यह पसंद नहीं या मुझे यह अच्छा नहीं लगता बोलकर उनका दिल न दुखाएं. माता-पिता के साथ-साथ बुआ, मौसी, चाची, दादी, नानी आदि की भी कई इच्छाएं होती हैं. इस दिन को अपने साथ-साथ उनके लिए भी ख़ास बनाएं और उन्हें हमेशा के लिए ढेरों ख़ुशियां दें.

– तैयारियों में कमी के लिए दुल्हन या घरवालों को सुनाना

कुछ दूल्हे ऐसे भी होते हैं, जो तैयारियों से नाख़ुश होने पर शादी के व़क्त ही नाराज़गी व्यक्त करने के लिए या तो मुंह फुला लेते हैं या फिर दुल्हन को सुनाते हैं. यह बहुत ही ग़लत है. ऐसा करके न स़िर्फ आप अपने ख़ास दिन को बर्बाद करते हैं, बल्कि दुल्हन व उसके घरवालों का भी मूड ख़राब कर देते हैं. इस बेकार-सी ग़लती से बचें.

घरवाले बचे इन ग़लतियों से

– लड़केवाले और लड़कीवाले दोनों के लिए सबसे ज़रूरी है कि वो शादी के हॉल में समय से पहुंचे, क्योंकि अगर वो लेट हो गए, तो सारे कार्यक्रम देरी से होंगे और रिश्तेदार देरी के कारण पूरी शादी एंजॉय नहीं कर पाएंगे.

– बारात पहुंचते ही पटाखों का शोर हर किसी को बता देता है कि बारात आ गई है, लेकिन कभी-कभार इससे हादसे भी हो जाते हैं. पटाखे जलाते समय इस बात का ध्यान रखें कि
नाचनेवालों के पास पटाखे उड़कर न जाएं, वरना किसी को चोट भी लग सकती है. दूल्हा-दुल्हन की गाड़ी में फर्स्ट एड बॉक्स ज़रूर रखें.

– रस्मों की चीज़ों के बैग संभालकर साथ रखें, वरना भीड़-भाड़ में बैग कहीं छूट सकते हैं.

– अरेंजमेंट का बैकअप ज़रूरी है. सभी वेंडर्स को पहले से इतल्ला कर दें कि किसी भी चीज़ की कमी के लिए शादी के व़क्त तैयार रहें.

– सबसे ज़रूरी बात इस गहमागहमी में यह न भूलें कि यह आपके बच्चे के लिए ख़ास दिन है, इसलिए किसी भी तरह की कमी के बावजूद ख़ुश रहें और माहौल को ख़ुशगवार बनाए रखें.

– अनीता सिंह

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मायके की तरह ससुराल में भी अपनाएं लव डोज़ फॉर्मूला (Love Dose Formula For Happy Married Life)

Love Dose Formula

कहते हैं लड़कियों से घर गुलज़ार रहता है और उनकी चहक से ही घर में रौनक बनी रहती है, पर यही लड़कियां जब ससुराल जाती हैं, तब क्यों ख़ुद को इतना क्यों बदल लेती हैं कि ससुराल में वही रौनक नहीं दिखाई देती? माना कि यह आपका ससुराल है, यहां कुछ मर्यादाएं हैं, पर इसका यह मतलब नहीं कि आप मायकेवाली नादानियां-शरारतें, लविंग-केयरिंग नेचर यानी अपना लव डोज़ पूरी तरह भूल जाएं. अपने नए घर को भी ख़ुशहाल रखना चाहती हैं, तो मायकेवाला लव डोज़ यहां भी आज़माएं.    

सास को दें मम्मीवाला लव डोज़

सास-बहू का रिश्ता सबसे अनोखा होता है. लोगों की बरसों पुरानी सुनी-सुनाई बातों पर न जाएं, आज व़क्त बदल रहा है, हो सकता है आपकी सास सुलझे विचारों की महिला हो, इसलिए खुले दिल व दिमाग़ के साथ ससुराल जाएं और सास को अपनाएं.

– जिस तरह आप अपनी मम्मी को प्यार करती हैं, कोशिश करें की सास के बात-व्यवहार करते समय वही मां-बेटीवाली आत्मियता झलके.

– शादी से पहले ही जिस तरह होनेवाले पति से हमेशा बात करती हैं, उसी तरह कम से कम हफ़्ते में एक बार सास का हाल-चाल लेती रहीं.

– जिस तरह आप मम्मी को बालों में तेल लगाती हैं, नेल पेंट लगाती हैं, वो कौन-सी साड़ी पहनें यह डिसाइड करती हैं यही सब कुछ आपको अपनी सास के साथ भी तो करना है.

– जिस तरह खाना बनाते समय मम्मी से पूछकर काम करती हैं, उसी तरह सास से पूछकर करें. यहां अपना ईगो आड़े मत आने दें.

– हर स्त्री को सजना-संवरना पसंद होता है, तो कोशिश करें कि कभी-कभार उनके लिए कुछ कोई ब्यूटी प्रोडक्ट या कोई एक्सेसरी लेकर जाएं.

– अपने मम्मी और भाभी को देखकर आपके मन में जो भी आता है कि भाभी को मम्मी के लिए ऐसा करना चाहिए, वो सब आप अपनी सास के लिए ज़रूर करें.

– आपकी सास के लिए सबसे बेस्ट गिफ्ट होगा उनके बेटे का थोड़ा-सा ़फुर्सतवाला समय, तो कभी-कभार दोनों को कहीं शॉपिंग या यूं ही

पानीपूरी ट्रीट के लिए भेजें. दोनों के चेहरे की ख़ुशी आपकी मैरिड लाइफ में लव का डबल डोज़ लगाएगी.

– सास अपनी बहू से यही उम्मीद करती है कि वो उसे समझे, अगर आपको उनकी बात सही नहीं लग रही है, फिर भी तुरंत ना कहने की बजाय, थोड़ी देर बाद अपनी बात समझाकर कहें.

ससुरजी को दें पापावाला लव डोज़

ज़्यादातर घरों में ससुर और बहू का रिश्ता काफ़ी फॉर्मल होता है, लेकिन अगर आपके ससुरजी सुलझे हुए व मॉर्डन सोच के व्यक्ति हैं, तो आपके लिए बेस्ट मौक़ा है अपनी शादीशुदा ज़िंदगी को ख़ुशहाल बनाने का.

– पापा की लाडली बिटिया को ससुर की लाडली बहू बनने के लिए ज़्यादा मेहनत करने की ज़रूरत नहीं, बस ईमानदारी से अपने कर्त्तव्य निभाने होंगे.

– जिस तरह आप पापा के घर देर से आने पर उन्हें फोन लगा देती थीं कि कहां हैं और कब तक आएंगे, यही आपको ससुरजी के साथ भी करना है.

– जब भी वो दोस्तों के साथ कहीं बाहर घूमने जा रहे हों, तो उनके लिए स्नैक्स आदि का इंतज़ाम ख़द करके दें. उन्हें अच्छा लगेगा.

– शाम को घर लौटने पर उनकी तबीयत पूछें और कुछ तकलीफ़ होने पर डॉक्टर के पास ले जाएं. याद रखें, उन्हें अकेले डॉक्टर के पास न जाने दें. साथ में ख़ुद जाएं या फिर पति को भेजें. तकलीफ़ में अपनों का साथ सबसे बड़ी दवा है.

– अगर ससुरजी कभी शांत या परेशान दिखें, तो उनकी परेशानी का कारण पूछें. अक्सर पैरेंट्स कोई समस्या बच्चों से बताने में हिचकिचाते हैं कि कहीं वो भी परेशान न हो जाएं.

– पापा के लिए फादर्स डे पर, उनके बर्थडे पर कुछ ख़ास करती थीं, बस यहां भी यही ध्यान रखें कि उनका बर्थडे, उनकी एनीवर्सरी आदि पर उन्हें विश करने के साथ-साथ कुछ ख़ास करें.

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Love Dose Formula

ननद और जेठानी के लिए है बहनवाला लव डोज़     

ननद और जेठानी ससुराल में आपकी हमउम्र व सहेली हैं. उनके साथ आपको वही दोस्ताना रखना है, जो आप अपनी दीदी या छोटी बहन के लिए रखती हैं.

– आपकी शॉपिंग हो या मौज-मस्ती हर जगह ये आपको कंपनी देने के लिए तैयार रहेंगी, बस आपको उन्हें ननद या जेठानी न समझकर एक नई फ्रेंड और बहन समझना है.

– जैसे अपनी बहन के स्पेशल दिन को ख़ास बनाती हैं, उसी तरह इनके दिन को भी ख़ास बनाएं.

– जैसे बहन के लिए कुछ न कुछ लाती रहती हैं और उनके चेहरे की मुस्कान के लिए सरप्राइज़ देती हैं, वही सरप्राइज़ यहां भी जारी रखें.

– उन्हें आपकी पसंदीदा साड़ियां, ड्रेसेज़, झुमके, नेकलेस आदि पहनने के लिए दें. उन्हें अच्छा लगेगा.

– ननद को जो पसंद है, वो उन्हें ज़रूर खिलाएं. अगर वो पिज़्ज़ा खाना चाहती हैं, तो भले ही खाना बनाने में लेट हो जाए, पर उनका मन ज़रूर रखें.

– अपनी दीदी के बच्चों से जितना प्यार करती हैं, उतना ही लाड़-प्यार जेठानी के बच्चों को भी दें. जब भी आप उनके बच्चों के लिए कुछ करेंगी, वो भी बड़ी बहन की तरह आप पर ढेर सारा प्यार लुटाएंगी.

– कभी-कभार स़िर्फ लेडीज़ गैंग बनाकर आप तीनों कहीं घूमने, मूवी या फिर शॉपिंग के लिए जाएं और जैसे बहन से पैसे नहीं लेतीं, बल्कि टिकट ख़ुद ही ख़रीदती हैं, वैसा यहां भी करें.

देवर-जेठ को दें भाईवाला लव डोज़     

ससुराल में देवर और जेठ दो ऐसे लोग हैं, जो आपकी भाई की कमी पूरी करेंगे. जिस तरह भाई आपको जानबूझकर सताता है, चिढ़ाता है, इरिटेट करता है, वही रोल शायद देवर व जेठ निभाएं, तो याद रखें कि उन्हें भी भाईवाला प्यार देना है.

– देवर शरारती होते हैं, जानबूझकर भाभी को सताना, अपने काम उन्हें देना और बिज़ी रखने के लिए कुछ न कुछ करवाने में उन्हें बड़ा मज़ा आता है, ख़ैर इसकी तो आपको आदत है, क्योंकि भाई भी तो यही करता था. जैसे भाई को हैंडल करती थीं, वैसे इन्हें भी हैंडल करें.

– जेठजी को हैंडल करना देवर की तुलना में बहुत आसान है, क्योंकि ये न तो शरारतें करते हैं, न ही आपको सताते हैं, बस इन्हें एक चीज़ से मतलब होता है कि आप उनकी पत्नी को समझें. घर के कामों में हाथ बंटाएं और सबसे घुल-मिलकर रहे.

– जिस तरह आपको अपने भाई की हर पसंद-नापसंद पता होती है, उसी तरह देवर व जेठ की पसंद जानने की कोशिश करें.

– भाई के लिए कुछ करना बहनों को हमेशा ही अच्छा लगता है, तो यही नज़रियां यहां भी रखें और अपने भाइयों की लिस्ट में दो नाम और बढ़ा दें.

दादा-दादी को दें बचपनेवाला लव डोज़

दादी सास हो या दादा ससुर अपने पोते वो जितना प्यार करते हैं, शायद ही कोई करता होगा. उनके लिए बस एक ही चीज़ मायने रखती है कि पोते की बहू भी पोते को उतना ही प्यार करे और पोते की तरह उनसे घुल-मिल जाए.

– दादा-दादी को अपने की शरारतें लुभाती हैं, उनके साथ थोड़ा दुलार दिखाएं, थोड़ी छेड़खानी करें. दादी की ख़ूबसूरती के लिए कॉम्प्लीमेंट दें, तो दादा को उनकी चुस्ती-फुर्ती के लिए.

– दादा-दादी के साथ बैठें, उनसे बातें करें, उनके समय के बारे में पूछें और उनकी सेवा का कोई भी मौका हाथ से जाने न दें.

– उनके लिए उनकी फेवरेट खाने की चीज़ें लाएं, उन्हें नई-नई चीज़ों के बारे में बताएं.

– अगर दादा-दादी कहीं किसी तीर्थस्थान जाना चाहते हैं या अपने दोस्तों की मंडली का आपके सामने अक्सर ज़िक्र करते हैं, तो उनकी उम्मीदों को पूरा करें.

– उनके दोस्तों को घर पर बुलाएं, उनका आदर-सत्कार करें और दादा-दादी की तरफ़ से कोई गिफ्ट ज़रूर दें. उनके साथ-साथ दादा-दादी की ख़ुशी देखने लायक होगी.

– उनसे लाड़-प्यार ही उनके लिए बेस्ट लव डोज़ है. वो हर किसी को पैंपर करते हैं, आप उन्हें पैंपर करें. फिर देखिएगा, कैसे खिल उठेगा उनका तन-मन.

– सुनीता सिंह  

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सुहागन स्त्रियां मांग में सिंदूर क्यों भरती हैं? (Why Indian Women Put Sindoor In Their Maang?)

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हमारे देश में सुहागन स्त्रियों के लिए मांग भरना अनिवार्य माना जाता है. शादी के समय भी मांग भरने की रस्म को ख़ास महत्व दिया जाता है. मांग भरने से न स़िर्फ महिलाओं की ख़ूबसूरती निखरती है, बल्कि इसके कई अन्य लाभ भी हैं. आइए, जानते हैं सुहागन स्त्रियों के मांग भरने के धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व.

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धार्मिक मान्यता
* हमारे देश में सिंदूर को सुहाग का प्रतीक माना जाता है इसलिए शादी के समय वर सिंदूर से वधू की मांग भरता है.
* सिंदूर सुहागन स्त्रियों के शृंगार में महत्वपूर्ण स्थान रखता है इसलिए शादी के बाद लगभग सभी महिलाएं मांग में सिंदूर भरती हैं.

वैज्ञानिक महत्व
* सिंदूर में पारा जैसी धातु की अधिकता होती है, जिससे चेहरे पर जल्दी झुर्रियां नहीं पड़तीं यानी सिंदूर लगाने से महिलाओं के चेहरे पर बढ़ती उम्र के संकेत जल्दी नज़र नहीं आते और उनका चेहरा ख़ूबसूरत नज़र आता है.
* इसके साथ ही सिंदूर लगाने से स्त्री के शरीर में स्थित वैद्युतिक उत्तेजना नियंत्रित रहती है.

क्यों बढ़ रही है मल्टीटास्किंग बहुओं की डिमांड? (Why Multitasking Brides are in Demand?)

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योग्य वर के लिए योग्य कन्या की तलाश करते ज़्यादातर परिवारवालों की खोज आजकल मल्टीटास्किंग लड़कियों पर जाकर ठहर रही है. घर-गृहस्थी से लेकर ऑफिस व कारोबार तक सब बख़ूबी संभालनेवाली मल्टीटास्किंग लड़कियों की डिमांड इतनी क्यों बढ़ी है? और कैसे बदल रही है हमारे समाज की सोच? यह कौतूहल का विषय है. समाज के इसी बदलते स्वरूप को जानने व समझने की हमने यहां कोशिश की है.
समय के अनुसार बदली है डिमांड
कुछ साल पहले तक जहां लोग गोरी, लंबी, पतली व सुंदर लड़की की मांग किया करते थे, आज उसी के साथ पढ़ी लिखी, कमाऊ और घरेलू कामकाज जाननेवाली बहू की मांग बढ़ रही है. बदलते समय व बदलती लाइफस्टाइल ने वर्किंग बहुओं की डिमांड बहुत तेज़ी से बढ़ाई है. इस विषय पर हमें अधिक जानकारी दी मैट्रीमोनियल वेबसाइट में बतौर रिलेशनशिप एडवाइज़र काम करनेवाले सुजय सावंत ने. उनके मुताबिक, “समय के साथ चीज़ें बदलती रहती हैं. बहुओं के लिए जो डिमांड कल तक थी, आज वह बिल्कुल बदल गई है. ख़ासकर मेट्रोज़ में तो सबको वर्किंग बहू ही चाहिए और उसके साथ ही सुंदर, समझदार और केयरिंग तो होनी ही चाहिए. बाकी की योग्यताएं तो जैसी की तैसी ही हैं. ये देखते हुए हम कह सकते हैं कि मेट्रोज़ में वर्किंग लड़कियों की डिमांड बढ़ी है.”

कैसी बहू चाहते हैं लोग?

1. वर्किंग या कमाऊ
आज मेट्रोज़ व शहरों में रहनेवाले ज़्यादातर पैरेंट्स अपने बेटों के लिए वर्किंग या कमाऊ बहू की डिमांड करते हैं. उनके मुताबिक कामकाजी बहुएं ख़ुद के साथ-साथ घर का भी बख़ूबी ख़्याल रख सकती हैं. अपनी क्षमता और क़ाबीलियत के बल पर वे परिवार को एक बेहतर भविष्य की ओर ले जाने में अपने पति का बख़ूबी साथ निभाती हैं.

2. पार्ट टाइम वर्किंग-रेस्ट टाइम होममेकर
ख़ासकर संयुक्त परिवारों में इस तरह की बहुओं की डिमांड ज़्यादा होती है. इन्हें टीचर, ज्वेलरी डिज़ाइनर, फैशन डिज़ाइनर, कुकरी एक्सपर्ट आदि की तलाश होती है, जो पार्ट टाइम में काम करने के बाद घर व घरवालों का भी पूरा ध्यान रख सकें. इन सब में टीचर्स की डिमांड सबसे ज़्यादा है. इसी कैटेगरी में फैमिली बिज़नेसवाले भी हैं, जो ऐसी बहू घर लाते हैं, जो घर के साथ-साथ उनके बिज़नेस में भी सहयोग दे.

3. अच्छी पढ़ी-लिखी, पर घरेलू
आर्थिक स्थिति अच्छी होने की सूरत में ऐसे बहुत से लोग हैं, जो पारिवारिक दायित्वों को भली-भांति पूरा करनेवाली समझदार व पढ़ी-लिखी बहू की मांग करते हैं. संयुक्त परिवार के लोग बच्चों के बेहतर भविष्य व बुज़ुर्गों की सेवा के लिए पढ़ी-लिखी व घरेलू बहुओं की मांग करते हैं.

4. सर्वगुण संपन्न बहू
ऐसी बहुओं की डिमांड हमेशा से रही है और शायद हमेशा ही रहेगी. हर कोई ऐसी बहू घर लाना चाहता है, जो घर व बाहर दोनों बख़ूबी संभाले. अब हर बहू तो सर्वगुण संपन्न नहीं हो सकती, इसलिए इनकी कमी पूरी करने के लिए कमाऊ बहुओं की मांग तेज़ी से बढ़ रही है. पब्लिक सेक्टर में काम करनेवाले अमित शिंदे ने इस विषय पर अपनी बात कुछ इस तरह रखी. बकौल अमित, “मुझे लगता है कि मेट्रोज़ में बढ़ती महंगाई ने शादी-ब्याह के मामलों में वर्किंग लड़कियों की डिमांड बढ़ा दी है. जॉब स्ट्रेस और बढ़ते