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उम्र बढ़ानी है तो ब्रिस्क वॉक करिए (Morning Brisk Walk Benefits)

Morning Brisk Walk Benefits

सुबह की ताज़ी हवा में दौड़ना (Brisk Walk) सेहत के लिए अत्यंत लाभदायक माना जाता है. यह एक ऐसा व्यायाम है, जिसके लिए ट्रेनिंग की आवश्यकता नहीं होती. मोटापा घटाने के लिए ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य से संबंधित अन्य परेशानियों को दूर करने के लिए भी जॉगिंग बेस्ट है.

Morning Brisk Walk Benefits

स्ट्रेस को दूर करता है

जॉगिंग या तेज़ चलने से स्ट्रेस दूर होता है, क्योंकि दौड़ने के कुछ ही सेकंड के भीतर दिमाग़ एक हार्मोन रिलीज़ करने लगता है, जिससे नेचुरल तरी़के से मूड फ्रेश हो जाता है.Morning Brisk Walk Benefits

 

स्मोकिंग की लत से छुटकारा

दौड़ने से आत्मविश्‍वास बढ़ता है. सोच पॉज़िटिव होती है और स्मोकिंग जैसी बुरी लत से मन हटने लगता है.

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डायबिटीज़ का रिस्क हो जाएगा कम

हफ़्ते में 4-5 दिन तक 30 मिनट की दौड़ डायबिटीज़ का रिस्क 12 फ़ीसदी तक कम कर देती है.

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वज़न पर कंट्रोल

दौड़ना एक बेस्ट कैलोरी बर्नर है. हफ़्ते में कम से कम 5 दिनों तक 30 मिनट दौड़ने या तेज़ चलने से 340 कैलोरी बर्न होती है.weight loss

याददाश्त होगी तेज़

कई रिसर्च कहते हैं कि हफ़्ते में 4 दिन अगर 30 मिनट दौड़ा जाए, तो न स़िर्फ याददाश्त तेज़ होती है, बल्कि एकाग्रता भी बढ़ती है.improve-memory

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दिल का ख़्याल

एक रिसर्च कहती है, जो लोग हफ़्ते में 6 किलोमीटर चलते हैं, उन्हें दिल की बीमारी का ख़तरा 45 फ़ीसदी तक कम रहता है.healthy-heart

हड्डियों को देता है मज़बूती

दौड़ने से हड्डियों पर दबाव पड़ता है, जिसकी वजह से ज़रूरी मिनरल्स हड्डियों तक पहुंचते हैं और हड्डियां मज़बूत बनती हैं.Calcium-and-Strong-Bones

उम्र बढ़ेगी

रिसर्च के मुताबिक़ हफ़्ते में एक घंटे की दौड़ जीवनकाल का औसतन तीन साल बढ़ा देती है.positive_life_long_Live_long_healthy

कोलेस्ट्रॉल पर नियंत्रण

दौड़ने या तेज़ चलने से गुड कोलेस्ट्रॉल का लेवल बढ़ता है.

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ब्लड प्रेशर पर नियंत्रण

दौड़ते व़क्त धमनियां फैलती व संकुचित होती हैं. इससे धमनियां स्वस्थ रहती हैं और ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है.

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आराम की नींद

दौड़ने से नींद झट से आ जाती है. नींद की गुणवत्ता में भी इज़ाफ़ा होता है.

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नोट

जिन्हें घुटनों में दर्द है, उन्हें दौड़ने की बजाय आराम से चलना चाहिए.

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गेट, सेट, जॉग ?(Running, Jogging Health Benefits of Better Health Channel)

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कई बार लोग जॉगिंग को केवल इसलिए नज़रअंदाज़ करते हैं, क्योंकि वे सुबह उठ नहीं पाते या उनका मन नहीं करता जॉगिंग पर जाने का. इसलिए पहले ख़ुद को प्रेरित करना ज़रूरी है. एक्सरसाइज़ के इस सेशन को रोचक और परफेक्ट बनाने के लिए आज़माइए ये टिप्स और रेडी हो जाइए दौड़ने के लिए.Jogging_running_Health_couple

जॉगिंग की तैयारी

– घर के कपड़ों में जॉगिंग करना बोरिंग है. जॉगिंग सूट की शॉपिंग करें. जॉगिंग सूट पहनने से मनोबल बढ़ता है और दौड़ने का मन करता है.
– कपड़ों की तरह ही जूतों का भी सही चुनाव करना ज़रूरी होता है. जॉगिंग के लिए कंफर्टेबल स्पोर्ट्स शूज़ ख़रीदें, ताकि पैर और टखने पर चोट न लगे.
– जॉगिंग करते हुए हमेशा अपने साथ पानी की बॉटल रखें व बीच-बीच में पानी पीते रहें. इससे आप डिहायड्रेशन से बचे रहेंगे.
– पैडोमीटर साथ रखें. इससे गति, समय, दिशा आदि की सही जानकारी मिलती है. पैडोमीटर में आप जॉगिंग का रिकॉर्ड रख सकते हैं.
– मोबाइल पर संगीत सुनने के लिए हेडफोन भी लगा सकते हैं, पर ध्यान रहे कि वॉल्यूम बहुत ज़्यादा न हो. हमेशा अलर्ट रहें.
– मोबाइल को अपनी बाजू पर आर्मबैंड केस कवर के ज़रिए बांध लें.
– जॉगिंग के व़क्त पसीना बहुत आता है. इसलिए कलाई पर कॉटन बैंड ज़रूर पहन लें.
– हो सके, तो कंपनी के लिए अपने किसी दोस्त को भी साथ ले लें.

जॉगिंग के स्मार्ट टिप्स

– जो बिगनर्स हैं, वो जॉगिंग की शुरुआत दौड़ने के साथ नहीं, बल्कि वॉक के साथ करें.
– शुरुआत में अपनी क्षमता के अनुसार टाइम सेट करें. धीरे-धीरे टाइम बढ़ाएं.
– सीधे दौड़ना शुरू न कर दें. वॉर्मअप एक्सरसाइज़ करना ज़रूरी है. इसके लिए कुछ मिनट पैदल चल कर शरीर को गर्म कर लें.
– दौड़ने से पहले कुछ देर तक धीरे-धीरे चलें. फिर अपनी गति बढ़ाएं.
– जब रुकना हो, तो एकदम से न रुक जाएं. पहले अपनी गति को धीमा करें.
– समतल जगह पर दौड़ें. ऊबड़-खाबड़ ज़मीन पर दौड़ने से गिरने का डर रहता है.
– अगर जॉगिंग न कर पाए हों, तो उस दिन स्ट्रैंथनिंग एक्सरसाइज करें.
– जिस तरह जॉगिंग से पहले वार्मअप ज़रूरी है, उसी तरह जॉगिंग के बाद रिलैक्सेशन भी ज़रूरी है. इसलिए शरीर की थकावट को दूर करने के लिए स्ट्रेचिंग करें.
– अगर जॉगिंग को रूटीन बना लिया है, तो प्रोटीन व कार्बोहाइड्रेट से भरपूर आहार लेना ज़रूरी है. इससे शरीर को ऊर्जा मिलती है.
– दौड़ते समय अपने शरीर को रिलैक्स और सीधा रखें.
– बहुत तेज़ न दौड़ें. इससे शरीर पर दबाव पड़ेगा और आप जल्दी थक जाएंगे.
– हफ़्ते में 5 दिन काफ़ी हैं दौड़ने के लिए. दो दिन शरीर को आराम भी दें.
– अगर शरीर में किसी प्रकार का दर्द है, तो पहले डॉक्टर से सलाह ले लें.