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योगेश्‍वर दत्त ने लंदन सिल्वर मेडल लेने से किया इंकार!-Hats off to yogeshwar

योगेश्‍वर के जज़्बे को सलाम !

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  • जैसाकि सब जानते हैं कि लंदन ओलिंपिक में योगेश्‍वर दत्त के कांस्य पदक को सिल्वर में अपग्रेड कर दिया गया था, क्योंकि सिल्वर मेडल विजेता रूस के पहलवान बेसिक कुदुखोव का डोप टेस्ट पॉज़िटिव पाया गया था, लेकिन योगेश्‍वर ने ट्विटर पर अपने विचार रखे कि वो चाहते हैं यह सिल्वर मेडल बेसिक के परिवार के पास ही रहे.
  • योगेश्‍वर ने अपने ट्वीट में कहा… अगर हो सके तो ये मेडल उन्हीं पे पास रहने दिया जाए. उनके परिवार के लिए सम्मानपूर्ण होगा.मेरे लिए मानवीय संवेदना सर्वोपरि है.
  • बेसिक कुदुखोव शानदार पहलवान थे. उनका मृत्यु के पश्‍चात डोप टेस्ट में फेल हो जाना दुखद है. मैं खिलाड़ी के रूप में उनका सम्मान करता हूं.

योगेश्‍वर का कांस्य पदक अब सिल्वर में तब्दील होगा!

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  • 2012 लंदन ओलिंपिक के दौरान भारतीय पहलवान योगेश्‍वर दत्त को जो कांस्य पदक हासिल हुआ था, वो अपग्रेड होकर सिल्वर में तब्दील होने जा रहा है.
  • इसकी वजह यह है कि जिस रूसी पहलवान ने उस दौरान सिल्वर मेडल हासिल किया था, उसका डोप टेस्ट पॉज़िटिव निकला.
  • 2012 में 60 किलोग्राम की फ्रीस्टाइल कुश्ती में रूस के बेसिक कुदुखोव ने सिल्वर मेडल जीता था, लेकिन उनका डोप टेस्ट पॉज़िटिव आया और अब योगेश्‍वर इस मेडल के हक़दार हैं.
  • ध्यान रहे, बेसिक कुदुखोव की वर्ष 2013 में कार दुर्घटना में मौत हो चुकी है, लेकिन इस माह रियो ओलिंपिक से पहले अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक समिति ने लंदन ओलिंपिक के दौरान एकत्र किए सैंपल्स का फिर से परीक्षण किया था. ये सैंपल्स 10 वर्ष तक सुरक्षित रखे जाते हैं और यह एक स्टैंडर्ड प्रैक्टिस है.

Sakshi Malik-रियो ओलिंपिक… जीत की साक्षी… महिला कुश्ती में भारत को मिला कांस्य पदक!

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छा गईं साक्षी मलिक!
  • फ्री स्टाइल महिला कुश्ती में 58 किलोग्राम की वेट केटेगरी में भारत की साक्षी मलिक ने बाज़ी मार ली और इस तरह से रियो ओलिंपिक में भारत को पहला पदक भी मिल गया.(Sakshi Malik)
  • 23 वर्षीय साक्षी(Sakshi Malik) ने बुधवार को हुए कुश्ती के मुकाबले में कज़ाकिस्तान की अइसुलू टाइबेकोवा के पराजित कर कांस्य पदक हासिल किया.

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  • एक समय था जब साक्षी इस मुकाबले में 0-5 से पिछड़ रही थीं, लेकिन साक्षी ने दूसरे राउंड में 8-5 से यह मुकाबला जीत लिया.
  • प्रेस कॉन्फ्रेंस में साक्षी ने कहा कि उनके मन में एक बार भी यह ख़्याल नहीं आया कि वो हार जाएंगी.
  • साक्षी का कहना था, “भले ही मैं पिछड़ रही थी, लेकिन मेरे मन में नकारात्मक ख़्याल नहीं आए. मुझे यही लग रहा था कि यह मेडल मेरा है और देखिए मेरे हाथ में मेडल आ गया. मेरे सपना था कि मैं अपने देश का झंडा लेकर ग्राउंड में सबके सामने गर्व से सिर ऊंचा करके दौड़ सकूं और आज मेरा यह सपना पूरा हो गया.”
  • साक्षी ओलिंपिक में कुश्ती में पदक हासिल करनेवाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं. हमें गर्व है देश की बेटी साक्षी पर!!!