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Ratan Tata

बिज़नेस वर्ल्ड की मशहूर हस्ती रतन टाटा को जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएं. नमक से लेकर कार बनाने वाले टाटा समूह को कामयाबी की बुलंदियों तक पहुंचाने में यदि किसी शख़्स का सबसे ज़्यादा योगदान है, तो वो रतन टाटा हैं. उनके जन्मदिन के मौ़के पर आइए, आपको बताते हैं उनसी जुड़ी कुछ इंट्रेस्टिंग बातें.

* 1991 में टाटा समूह के चेयरमैन का पद संभालने से लेकर अब तक अपनी कंपनी को बुलंदियों पर पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी.

* भारत के सबसे सम्मानित और सफल उद्योगपतियों में एक रतन टाटा बेहद सादगी पसंद हैं.

* क़िताबों से उन्हें खासा लगाव है. लोगों की सक्सेस स्टोरीज़ पढ़ना उन्हें बहुत पसंद है.

* उन्हें बचपन से ही कम बातचीत पसंद है. अपने सहयोगियों से भी स़िर्फ औपचारिक बात ही करते हैं.

* उन्हें कारों से बेहद लगाव है. उनके पास व्हाइट 508 बीएचपी जगुआर XFR स्पोर्ट्स सलून है. Cadillac XLR उनकी फेवरेट कार है. 2009 में  टाटा  ने फरारी कैलिफोर्निया से मंगवाई थी. उनके कलेक्शन में माजराती क्वात्रोपोर्ते (Maserati Quattroporte), मर्सडीज़ एसएल 500 और लैंड रोवर  फ्रीलैंडर भी शामिल है.

* रतन टाटा डॉग लवर हैं. फ्री टाइम में वो अपने दोनों डॉग्स के साथ घंटों खेलते हैं. इतना ही नहीं, वे फ्री टाइम में मुंबई की सड़कों पर फरारी दौड़ाना भी  पसंद करते हैं.

* एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने बताया कि उन्हें चार बार प्यार हुआ. हालांकि, हर बार अंत में शादी नहीं हो सकी. उनकी चार लव स्टोरी में सबसे ज़्यादा  सीरियस लव स्टोरी उनके अमेरिका में रहने से जुड़ी है.

* जब वे अमेरिका में काम करते थे, उन्हें एक लड़की से प्यार हो गया था. उस व़क्त 1962 का भारत-चीन युद्ध चल रहा था. टाटा और उनकी प्रेमिका ने  शादी का फैसला किया.

* रतन टाटा भारत आ गए, लेकिन उनकी प्रेमिका युद्ध के दौरान बने तनावपूर्ण माहौल के कारण भारत नहीं आ सकीं और आख़िरकार उसने किसी  और से शादी कर ली.

* 2016 में बिज़नेस जगत के तीन सबसे चर्चित लोगों में रतन टाटा भी शामिल हैं.

* रतन टाटा ने नैनो जैसी लखटकिया कार बनाकर आम आदमी का कार का सपना साकार किया. वे इंडिका जैसी कार भी बाज़ार में लाए.

* उन्हें साल 2000 में पद्मभूषण और 2008 में पद्मविभूषण से सम्मानित किया गया.

मेरी सहेली (Meri Saheli) की तरफ़ से उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं.

– कंचन सिंह

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फेंगशुई के अनुसार ऑफिस में कौन-सा लकी चार्म रखने से व्यापार में तरक्क़ी हो सकती है? आइए, जानते हैं.

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ड्रैगन
ड्रैगन ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है. यह व्यक्ति की क्रियाशीलता एवं सृजनात्मक क्षमता कोभी सकारात्मक रूप से प्रभावित करता है.

महत्व
ड्रैगन की मौज़ूदगी से सफलता और संपन्नता की प्राप्ति होती है. इसे ऑफिस में रखने से व्यवसाय में वृद्धि होती है.

कैसे करें चुनाव?
* लकड़ी, मिट्टी या क्रिस्टल से बने हुए ड्रैगन ख़रीदें. धातु से बना हुआ ड्रैगन न लें, क्योंकि पूर्व दिशा का तत्व काष्ठ है और ऐसे ड्रैगन को पूर्व दिशा में रखना अशुभ होता है.
* आप चाहें तो ड्रैगन की पेंटिंग या ड्रॉइंग भी लगा सकते हैं. ये भी असरदार होते हैं.

कहां रखें?
* पूर्व दिशा और ड्रैगन का आपस में बहुत गहरा संबंध है.
इस दिशा का तत्व काष्ठ है. अतः लकड़ी पर नक्काशी द्वारा बनाए हुए ड्रैगन ऑफिस की पूर्व दिशा में रखें. इससे व्यापार में तरक्क़ी होगी.
* रेस्टॉरेंट, दुकान, डिपार्टमेंटल स्टोर जैसी जगहों पर अधिक एनर्जी की आवश्यकता होती है. ऐसी जगहों की पूर्व दिशा में ड्रैगन का चित्र लगाना बेहद शुभ होता है.

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* अगर आप घर में ड्रैगन की प्रतिमा रखना चाहते हैं, तो बेडरूम में ड्रैगन न रखें, क्योंकि बेडरूम आराम करने की जगह है और यहां ड्रैगन रखना उचित नहीं माना जाता.
* ध्यान रहे, घर के हर एक कमरे में ड्रैगन की प्रतिमा न रखें केवल एक ही प्रतिमा काफ़ी है.
* बाथरूम, अलमारी या गैराज जैसी कम एनर्जी वाली जगहों पर ड्रैगन न रखें.

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सोने के सिक्कोंवाला पोत (सुमद्री जहाज़)
फेंगशुई के अनुसार सोने के सिक्कों से भरा समुद्री जहाज़ व्यवसाय में सफलता का प्रतीक माना जाता है.

महत्व
इसकी मौज़ूदगी से व्यापार में वृद्धि होती है और संबंधित व्यक्ति का करियर ग्राफ़ तेज़ी से ऊंचाई की ओर बढ़ता जाता है.

कैसे बनाएं सोने के सिक्कों से भरा समुद्री जहाज़?
* बाज़ार में सोने के सिक्कों से भरे जहाज़ की कई प्रतिमाएं मिलती हैं. आप चाहें तो उन प्रतिमाओं को भी ऑफिस में रख सकते हैं या फिर ख़ुद ही सोने के सिक्कों से भरा जहाज़ बना सकते हैं.
* इसके लिए बाज़ार से सामान्य-सा पानी वाला जहाज ख़रीदकर ले आएं.
* इसमें कुछ नकली सुनहरे सिक्के, तो कुछ असली सिक्के व रुपए भर दें. इससे सिक्कों से भरा जहाज़ तैयार हो जाएगा.

कहां रखें सोने के सिक्कों से भरा समुद्री जहाज़?
सोने के सिक्के से भरे समुद्री जहाज़ को ऑफिस में इस तरह रखें, जिससे लगे कि जहाज़ बाहर से ऑफिस के अंदर की तरफ़ आ रहा है, न कि बाहर की तरफ़ जा रही है. ऐसा करने से आनेवाला सौभाग्य उल्टे पैर वापस जा सकता है और व्यापार में भारी नुक़सान हो सकता है. इसे भूल से भी ऑफिस के मुख्य द्वार के ठीक सामने न रखें, वरना सारी संपत्ति दरवाज़े से होकर बाहर जा सकती है.

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टाइटैनिक या किसी डूबते हुए जहाज़ का प्रतिरूप भूल से भी ऑफिस में न रखें, वरना टाइटैनिक जहाज़ की तरह ही आपकी व्यवसायिक ज़िंदगी भी डूब सकती है. अतः हमेशा सफल एवं प्रभावशाली जहाज़ का ही प्रतिरूप रखें.

ऑफिस में आपके बैठने की स्थिति
ऑफिस में अपनी कुर्सी के पीछे पर्वत यानी पहाड़ का चित्र लगाएं. फेंगशुई के अनुसार, अपनी कुर्सी के पीछे पर्वत की पेंटिंग लगाना अत्यंत शुभ होता है. पर्वत मज़बूती का प्रतीक माना जाता है, नतीजतन व्यवसाय को भी मज़बूती मिलती है.

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* ऑफिस के मुख्य द्वार की ओर पीठ करके न बैठें.फेंगशुई के अनुसार ऐसे बैठने से संबंधित व्यक्ति के साथ विश्‍वासघात या धोखाधड़ी होने की संभावना होती है.
* ऑफिस में खिड़की की ओर पीठ करके न बैठें. फेगशुई के अनुसार, इस तरह बैठने से शरीर में निहित सकारात्मक ऊर्जा खिड़की से बाहर की ओर चली जाती है, जिससे आत्मविश्‍वास में कमी आती है और व्यवसायिक जीवन तनावपूर्ण बना रहता है.
* व्यवसाय में सफलता प्राप्ति के लिए खाली दीवार की ओर मुंह करके न बैठें. इससे व्यवसायिक लाभ प्राप्त होने में अड़चनें आती हैं.

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फीनिक्स पक्षी
फेंगशुई के अनुसार, व्यापार में तरक्क़ी के लिए
फीनिक्स पक्षी भी बेहद शुभ माना जाता है.

महत्व
ऑफिस की दक्षिण दिशा में फीनिक्स पक्षी की तस्वीर या पेंटिंग लगाने से व्यवसाय में सफलता प्राप्त होती है.

क्यों है लाभदायक?
* फेंगशुई के अनुसार फीनिक्स सौभाग्यवर्धक और
दूरदर्शिता का प्रतीक माना जाता है.
* फीनिक्स की उपस्थिति से शुभफल की प्राप्ति व
इच्छाओं की पूर्ति होती है.
* फीनिक्स की प्रतिमा बुद्धिमान व्यापारियों के लिए अत्यंत शुभ होती है. ऐसे में इसे ऑफिस में रखने से सुअवसरों की प्राप्ति होती है, साथ ही प्रसिद्धि व मान-सम्मान भी हासिल होता है.

कैसे करें पहचान?
* फीनिक्स एक तरह का काल्पनिक पक्षी है, इसलिए इसकी प्रतिमा भी पक्षी की तरह दिखाई देती है.
* फीनिक्स की यह प्रतिमा रेड या क्रिम्सन कलर की होती है.
* इसके दोनों पंख फैले हुए होते हैं, जिसे देखकर ऐसा प्रतीत होता है, जैसे यह पक्षी हवा में उड़ रहा है.

कहां रखें इसे?
फीनिक्स की प्रतिमा को रखने के लिए दक्षिण दिशा अत्यंत शुभ होती है. अतः शुभफल प्राप्ति के लिए इसे घर या ऑफिस की दक्षिण दिशा में रखें.

फोटोग्राफ्स
व्यवसाय में सफलता, यश और कीर्ति के लिए अपने ऑफिस की दक्षिण दिशा में लाल रंग के फ्रेम में अपना फोटो मंढ़वाकर टांग दें. ऐसा करने से व्यापार में सुअवसरों की प्राप्ति होती है.

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फेंगशुई के अनुसार, दक्षिण दिशा का संबंध अग्नि से होता है, इसलिए इस दिशा को लाल रंग से सजाना बेहद शुभ होता है. अतः फोटो की फ्रेम लाल रंग का हो, इस बात का ख़ास ध्यान रखें.

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फर्नीचर्स
व्यवसाय में उन्नति की इच्छा रखनेवाले भूल से भी अपने ऑफिस में नुकीले फर्नीचर्स न रखें, जैसेः त्रिकोण या चौकोर. फेंगशुई के अनुसार ऑफिस में गोलाकार फर्नीचर रखना शुभ होता है.

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ऑफिस के संपूर्ण फर्नीचर को चेंज करवाने की बजाय फर्नीचर्स के त्रिकोण या चौकोर कोणों को गोल आकार दे दें.

ऑफिस की बनावट
व्यापार में तरक्क़ी के लिए ऑफिस की बनावट पर ख़ास ध्यान दें, जैसेः

रिसेप्शन काउंटर
ऑफिस का रिसेप्शन काउंटर उत्तर दिशा में बनवाएं. यह दिशा बेहद शुभ होती है.

विज़िटर्स सिटिंग अरेंजमेंट के लिए
ऑफिस में आनेवाले विज़िटर्स के सिटिंग अरेंजमेंट की सुविधा पश्‍चिम दिशा में करें. इससे लाभ होगा.

अकाउंट व एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट के लिए
ऑफिस के अकाउंट व एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट का पूर्व दिशा में मुंह करके काम करना अच्छा माना जाता है.

मार्केटिंग स्टाफ के लिए सिटिंग अरेंजमेंट
मार्केटिंग स्टाफ के सिटिंग अरेंजमेंट के लिए उत्तर-पश्‍चिम दिशा चुनें. इससे सकारात्मक परिणाम हासिल होंगे.

टॉप मैनेजमेंट के लिए
ऑफिस की दक्षिण-पश्‍चिम दिशा ऑफिस के टॉप मैनेजमेंट के सिटिंग अरेंजमेंट के लिए बेस्ट होती है.

स्टोरेज के लिए
ऑफिस के ज़रूरी दस्तावेज़ों को रखने के लिए दक्षिण दिशा का चुनाव करें. इन्हें रखने के लिए यह दिशा शुभ होती है.

टॉयलेट के लिए
ऑफिस की पूर्व या उत्तर दिशा में भूल से भी टॉयलेट न बनवाएं. वरना हानि निश्‍चित है.

लंबे समय से सरोगेसी को लेकर चल रही बहस पर विराम लगाते हुए कैबिनेट ने सरोगेसी बिल पास कर दिया है यानी अब हर किसी को आसानी से किराए की कोख उपलब्ध नहीं होगी. Surrogacy business

 

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सरोगेसी बिल

बिल में साफ़ कहा गया है कि विदेशियों को भारत में किराए की कोख नहीं मिल पाएगी. साथ ही भारतीय कपल्स को भी आसानी से ये सुविधा नहीं मिल सकती. सरोगेसी का सहारा लेने से पहले उन्हें साबित करना होगा कि वो नेचुरल तरी़के से बच्चा पैदा करने में असमर्थ हैं. मेडिकली अनिफट होने की बात साबित होने पर ही उन्हें सरोगेसी की इजाज़त मिलेगी, लेकिन अविवाहित, समलैंगिक दंपति और लिव इन में रहनेवाले कपल्स को सरोगेसी की इजाज़त नहीं होगी. बिल में कहा गया है कि किसी महिला को एक ही बार सरोगेसी की अनुमति होगी. सरोगेसी के लिए पुरुष की उम्र 26 से 55 के बीच और महिला की उम्र 23 से 50 साल के बीच होनी चाहिए. शादी के पांच साल बाद ही इसकी इजाज़त होगी और यह काम रजिस्टर्ड क्लीनिकों में ही होगा. सरकार ने सरोगेसी के बढ़ते व्यावसायिक इस्तेमाल पर रोक के मक़सद से ही सरोगेसी बिल पास किया. साथ ही सरोगेसी के मामलों की निगरानी के लिए एक बोर्ड बनाने का प्रस्ताव भी है.

ज़रूरत शौक़ बन गई है

बिल पास होने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि सरोगेसी कुछ सेलेब्रिटीज़ के लिए एक शौक़ बन गया है और जिनके पास बेटे और बेटियां हैं वे भी सरोगेसी का इस्तेमाल कर रहे हैं, क्योंकि उनकी पत्नियां प्रेग्नेंसी नहीं चाहती हैं. सरकार आगे से इसकी इजाज़त नहीं देगी. दरअसल, सरोगेसी का मकसद ज़रूरतमंद कपल्स की मदद करना था, मगर धीरे-धीरे ये पूरी तरह से व्यवसायिक बन गया है, इतना ही नहीं अब तो अधिकांश महिलाएं प्रेग्नेंसी के दर्द से बचने के लिए इस आसान रास्ते का इस्तेमाल करने लगी हैं.

बिल की अहम बातें

* स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में राष्ट्रीय सरोगेसी बोर्ड का गठन किया जाएगा.

* सरोगेसी बोर्ड में दो सांसद सदस्य होंगे.

* स़िर्फ भारतीय नागरिकों को सरोगेसी का अधिकार होगा.

* यह अधिकार एनआरआई और ओसीआई होल्डर को नहीं मिलेगा.

* सिंगल पैरेंट्स, होमोसेक्सुअल जोड़े, लिव इन में रहनेवालों को सरोगेसी की इजाज़त नहीं होगी.

* सरोगेसी के अनैतिक इस्तेमाल पर रोक लगेगी, गरीब महिलाओं की कोख किराए पर लेना गुनाह होगा.

* सरोगेसी के व्यावसायिक इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगेगा.

* सरोगेसी का प्रावधान केवल निःसंतान दंपतियों के लिए.

* निःसंतान दंपति को भी केवल एक बार ही सरोगेसी की इजाज़त होगी.

* एक महिला एक ही बार सरोगेट मदर बन सकेगी. उसका विवाहित होना और एक स्वस्थ बच्चे की मां होना ज़रूरी है.

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बॉलीवुड सेलिब्रेटी ने भी ली सरोगेसी की मदद

* हाल ही में तुषार कपूर सरोगेसी के ज़रिए एक बेटे के पिता बनें, जबकि अभी तक उन्होंने शादी नहीं की है.

* शाहरुख़ ख़ान के तीसरे बेटे अब्राहम ख़ान का जन्म आईवीएफ तकनीक के ज़रिए सरोगेसी से हुआ है.

* आमिर ख़ान व किरण राव के बेटे आज़ाद राव ख़ान का जन्म भी आईवीएफ तकनीक के ज़रिए सरोगेसी से ही हुआ है.

* फराह ख़ान ने भी अपने तीनों बच्चे के आईवीएफ तकनीक से होने की बात सार्वजनिक रूप से कही थी.

क्या है सरोगेसी?

गर्भधारण में दिक्क़त होने की वजह से जो लोग मां-बाप नहीं बन पाते, वे किराए की कोख से बच्चा पैदा करते हैं. यही सरोगेसी है. पैरेंट्स के स्पर्म और एग को बाहर फर्टिलाइज़ करके सरोगेट मदर के गर्भ में पहुंचा दिया जाता है.

तेज़ी से बढ़ता सरोगेसी कारोबार

पिछले कुछ सालों से भारत में सरोगेसी का कारोबार बहुत तेज़ी से बढ़ रहा था. आकड़ों के अनुसार हर साल विदेशों से आए दंपतियों के 2000 बच्चे यहां होते हैं. क़रीब 3000 क्लीनिक इस काम में लगे हुए हैं, लेकिन नए क़ानून के बाद इसमें मजबूर महिलाओं के शोषण की गुंजाइश नहीं रहेगी. सरकार देश में सरोगेसी को रेग्यूलेट करने के लिए एक नया क़ानूनी ढांचा तैयार करना चाहती है. अब अगली चुनौती बिल के प्रारूप पर राजनीतिक सहमति बनाकर इसे संसद के शीतकालीन सत्र में पारित कराने की होगी.

सरोगेसी के लिए भारत क्यों है विदेशियों की पसंद?

– अमेरिका में सरोगेसी की लागत 1.20 लाख डॉलर (54.67 लाख रु.) तक हो सकती है, जबकि भारत में इसका खर्च 10 से 25 लाख रुपए के बीच ही है. सिंपल सरोगेसी की लागत गुजरात के आणंद में 7 लाख रुपए है.

– भारत में सरोगेसी पर किसी तरह की पाबंदी लगाने वाला कोई क़ानून नहीं है. ब्रिटेन और कुछ अन्य देशों में सरोगेट मदर को मां का दर्जा मिलता है, जबकि भारत में इच्छुक पैरेंट्स का नाम बर्थ सटिर्फिकेट पर होता है.

– फ्रांस, नीदरलैंड और नॉर्वे जैसे यूरोपीय देशों में कमर्शियल सरोगेसी की इजाज़त नहीं है.

 

– कंचन सिंह