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होली में सावधान रहें केमिकल रंगों के अटैक से… (Holi Special: Play Safe Holi)

Play Safe Holi

होली (Holi) मस्ती का, रंगों का और प्यार का त्योहार होता है. गिले-शिकवे भुलाने का और सबको अपना बनाने का इससे बेहतर मौक़ा शायद दूसरा नहीं होता. लेकिन इस रंग में भंग भी पड़ सकता है, अगर आपने सावधानी नहीं बरती तो. एक समय था, जब फूलों से या प्राकृतिक रंगों से होती खेली जाती थी. लेकिन जबसे केमिकलवाले रंगों (Chemical Colours) का चलन बढ़ा है, तब से स्किन प्राब्लम्स (Skin Problems) भी बढ़ी हैं. के. जे. सोमाया हॉस्पिटल (K J Somaya Hospital) के डर्मैटोलॉजी डिपार्टमेंट की प्रोफेसर और हेड डॉ. शीतल पुजारे बता रही हैं स्किन प्रॉब्लम्स से जुड़ी ज़रूरी बातें.

 

Play Safe Holi

– आर्टिफिशियल कलर्स में काफ़ी केमिकल्स होते हैं, जैसे- ब्लैक में लेड ऑक्साइड, ग्रीन में कॉपर सल्फेट, सिल्वर में एल्युमीनियम ब्रोमाइड, ब्लू में कॉबाल्ड नाइट्रेट, ज़िंक सॉल्ट्स और रेड में मरक्यूरि सल्फेट.
– इसके अतिरिक्त उनकी चमक बढ़ाने के लिए उनमें माइका डस्ट और ग्लास पार्टिकल्स भी मिलाए जाते हैं.
– ये तमाम चीज़ें त्वचा पर काफ़ी बुरा प्रभाव डालती हैं. आपको खुजली, त्वचा की ऊपरी परत निकलना, त्वचा का ड्राई होना और स्किन अल्सर तक हो सकता है.
– ये रंग आसानी से नहीं छूटते और स्किन पर व बालों में जम जाते हैं.
– अगर आपको पहले से ही त्वचा की कोई समस्या है, तो वो भी बढ़ सकती है. पिंपल्स से लेकर एक्ज़िमा की तकलीफ़ गंभीर हो सकती है.
– स्काल्प में जमा होने पर ये रंग हेयर फॉल को बढ़ा सकते हैं.
– आंखों में जलन-खुलजी हो सकती है. सांस की तकलीफ़ बढ़ सकती है.

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कैसे बचें इन रंगों के प्रभाव से?
– सबसे बेहतर उपाय है कि नेचुरल रंगों का प्रयोग करें.
– यदि यह संभव न हो, तो होली खेलने से पहले त्वचा और बालों पर तेल लगा लें.
– नाख़ूनों को छोटा रखें, ताकि रंग उनमें न जम सकें और नेल इनामिल लगाएं, जिससे रंगों से बचाव हो सके.
– आई वेयर आंखों को बचाने का बेहतर तरीक़ा है, यदि आंखों में रंग चला जाए, तो फ़ौरन पानी से आंख धोएं.
– कलर को छुड़ाने के लिए त्वचा को ज़ोर-ज़ोर से न रगड़ें. धीरे-धीरे रंग हल्के पड़ते जाएंगे.

किन स्थितियों में लें एक्सपर्ट की मदद?
– यदि आपको अत्यधिक स्किन एलर्जी, रेडनेस और खुजली बढ़ गई हो.
– अगर चेहरे पर सूजन आ गई हो.
– अगर सांस लेने में तकलीफ़ हो रही हो.
– बाल बहुत ज़्यादा झड़ने लगें या एक्ने एकदम से बढ़ जाएं.
– होंठों व नाख़ूनों का रंग नीला पड़ गया हो.

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Cute! करण जौहर के बच्चों का कमरा कुछ ऐसा है! (Karan Johar shares Pictures Of Babies Nursery Designed By Gauri Khan)

Karan Johar

Karan Joharकरण जौहर एक अच्छे पापा बनने की पूरी कोशिश कर रहे हैं. करण ने अपने जुड़वां बच्चों रूही और यश के लिए एक ख़ास नर्सरी डिज़ाइन करवाई है. करण के लिए इस नर्सरी को डिज़ाइन किया है शाहरुख खान की वाइफ गौरी खान ने.

करण ने गौरी खान के साथ नर्सरी की पिक्चर्स शेयर करते हुए लिखा है, “बच्चों की नर्सरी की डिटेलिंग, प्यार और देखभाल के साथ बनाया गया है.” आप भी देखें ये क्यूट पिक्चर्स.

The detailing of the baby nursery….designed with love and care by @gaurikhan

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बुज़ुर्गों का समाज में महत्व (Why It Is Important to Care For Our Elders)

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बुज़ुर्गों का समाज में महत्व (Why It Is Important to Care For Our Elders)

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चेहरे पर अनुभवों की सिल्वटें जब झुर्रियों के रूप में उभर आती हैं, तब ज़िंदगी काफ़ी बदल जाती है. एक लंबा अनुभव साथ होता है, लेकिन उन अनुभवों को बांटने के लिए उनके अपनों के पास ही व़क्त नहीं होता. ऐसे में बुज़ुर्ग ख़ुद को महत्वहीन समझने लगते हैं. जबकि सच यही है कि उनका महत्व समाज व परिवार दोनों ही के लिए बहुत ज़्यादा है.

  • हमें अपने रीति-रिवाज़ व संस्कार उन्हीं से मिलते हैं.
  • जब ज़िंदगी कठिन मोड़ से गुज़रती है, तो उन्हीं की सलाह व प्रेरणा काम आती है.
  • समाज को सही राह पर चलने की शिक्षा उन्हीं से मिलती है.
  • आज की पीढ़ी व समाज में भी फ़िज़ूलख़र्ची और ज़िंदगी को लापरवाह अंदाज़ में जीने के तरी़के बढ़ रहे हैं, ऐसे में वो ही हमें सही राह दिखाते हैं.
  • ज़िंदगी को अनुशासन से जीना कितना ज़रूरी है, समय की पाबंदी, पानी व बिजली की बचत, कम सुविधाओं में भी कैसे गुज़ारा किया जा सकता है आदि वो अच्छी तरह से जानते व समझा सकते हैं.
  • विनम्रता का महत्व व सकारात्मकता से जीने का अंदाज़ उन्हीं से हम सीख सकते हैं.
  • उन्होंने किस तरह से अभावों के बीच भी जीना व संघर्ष करना सीखा, जबकि हमें वो सारी सुविधाएं प्रदान करते हैं, ऐसे में हमें ज़िंदगी से शिकायतें क्यों हैं? हम अपने घर के बड़े-बुज़र्गों को देखकर उनसे सबक ले सकते हैं.
  • बेहतर होगा कि उनकी कांपती ज़िंदगी का दर्द हम समझें और उन्हें अपना व़क्त देकर उनका क़ीमती आशीर्वाद लें, ताकि ज़िंदगी आसान व ख़ुशगवार हो.

स्किन केयर मिस्टेक्स

हेल्दी और ग्लोइंग स्किन पाना चाहती हैं, तो अपने स्किन केयर रूटीन में हमेशा बचें इन ग़लतियों से.
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बार-बार चेहरा धोना या बिल्कुल नहीं धोना

चेहरे से धूल-मिट्टी साफ़ करने के लिए रोज़ाना दो बार चेहरा धोना ज़रूरी होता है, पर ज़्यादातर लड़कियां दिन में कई बार अपना चेहरा धोती हैं. इससे त्वचा का नेचुरल ऑयल निकल जाता है और त्वचा को एक्स्ट्रा ऑयल प्रोड्यूस करना पड़ता है, जिससे कील-मुंहासों की समस्या होने लगती है. साथ ही चेहरे पर अतिरिक्त ऑयल दिखाई देता है.

स्किन केयर टिप: रोज़ाना दो बार फेसवॉश से चेहरा धोएं.

अधिक गरम पानी से नहाना

शावर हमेशा ठंडे पानी से लेना चाहिए, पर अगर आपको ठंडे पानी की आदत नहीं, तो गुनगुना पानी इस्तेमाल करें, क्योंकि अधिक गरम पानी से स्किन ड्राय हो जाती है और रोमछिद्र भी खुल जाते हैं. इसका असर सीधे चेहरे पर दिखाई देता है.

स्किन केयर टिप: नहाने के लिए हमेशा गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें.

कील-मुंहासों को फोड़ना-नोचना

कील-मुंहासे चेहरे की ख़ूबसूरती को बिगाड़ देते हैं, पर इसका यह बिल्कुल मतलब नहीं कि आप उन्हें नोचें या फोड़ें. ऐसा करके आप अपने लिए ही मुश्किलें बढ़ाती हैं, क्योंकि मुंहासों को फोड़ने व नोचने से उनके दाग़-धब्बे चेहरे पर हमेशा के लिए बन जाते हैं. अपने चेहरे को हमेशा दाग़रहित बनाए रखना चाहती हैं, तो ऐसा बिल्कुल न करें.

स्किन केयर टिप: पिंपल्स होने पर रात को सोते समय टूथपेस्ट लगा लें.

सोने से पहले मेकअप रिमूव न करना

मेकअप ख़ूबसूरती में चार चांद लगाता है, पर अगर उसी मेकअप को रात को चेहरे से उतारा न गया, तो वह दाग़ भी दे सकता है. दरअसल, सोते व़क्त हमारी त्वचा ख़ुद को रिजुवनेट करती है और अगर त्वचा साफ़-सुथरी न हो, तोकील-मुंहासे, डल स्किन व प्री-मैच्योर एजिंग जैसी स्किन प्रॉब्लम्स होने लगती हैं. मेकअप चेहरे की त्वचा को सांस नहीं लेने देता, इसलिए रोज़ाना रात को सोने से पहले क्लींज़र से मेकअप रिमूव करें.

स्किन केयर टिप: बाहर से घर आने पर धूल-मिट्टी और मेकअप साफ़ करने के लिए आप कच्चे दूध में थोड़ा-सा नमक डालकर भी चेहरा साफ़ कर सकती हैं. क्लींज़र के साथ-साथ टोनर और मॉइश्‍चराइज़र का इस्तेमाल हेल्दी व ग्लोइंग स्किन के लिए ज़रूरी है.

ओवर या अंडर एक्सफोलिएशन

जब बात आती है एक्सफोलिएशन की, तो इसमें दो तरह के लोग हैं, एक वो जो शायद ही कभी एक्सफोलिएट करते हों और दूसरे वो जो अक्सर करते रहते हैं. स्क्रब से स्किन के डेड सेल्स के साथ-साथ बैक्टीरिया से भी छुटकारा मिलता है. इससे चेहरा क्लीन व हेल्दी दिखाई देता है. पर याद रहे, हफ़्ते में केवल दो बार ही स्क्रब करें.

स्किन केयर टिप: एक्सफोलिएशन या स्क्रबिंग के लिए माइल्ड स्क्रब यूज़ करें. चेहरे पर सर्कुलर मोशन में हल्के हाथों से मसाज करते हुए स्क्रब करें, न कि ज़ोर से रगड़ें.

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तकिए और बेडशीट्स को साफ़ न रखना

हमारे तकिए और बेडशीट कवर्स पर रोज़ाना धूल-मिट्टी, डस्ट माइट्स, जर्म्स आदि जमा होते रहते हैं. सोते व़क्त हमारी स्किन से डेड स्किन सेल्स निकलते हैं, जो डस्ट माइट्स और जर्म्स को अट्रैक्ट करते हैं और हमें पता भी नहीं चलता कि हमारे कील-मुंहासों का कारण तकिए और बेडशीट्स हैं. इसलिए हर हफ़्ते तकिए और बेडशीट्स के कवर्स साफ़ करें.

स्किन केयर टिप: अगर हर हफ़्ते सफ़ाई मुमकिन नहीं, तो 15 दिन में करें. बीच-बीच में तकिए, बेडशीट और गद्दे को धूप में सुखाएं, ताकि डस्ट माइट्स और जर्म्स मर जाएं.

सनस्क्रीन लोशन न लगाना

गर्मी के मौसम में सूरज की हानिकारक किरणों से बचने के लिए तो हर कोई सनस्क्रीन लोशन लगाता है, पर अन्य मौसम में इसे अनदेखा करते हैं. अगर आप भी सनटैन, स्किन एजिंग और स्किन कैंसर से बचना चाहती हैं, तो रोज़ाना घर से निकलते व़क्त सनस्क्रीन ज़रूर लगाएं.

स्किन केयर टिप: सनस्क्रीन लोशन लगाना जितना ज़रूरी है, उससे कहीं ज़्यादा ज़रूरी है सही सनस्क्रीन लगाना. अगर आप सही एसपीएफ युक्त सनस्क्रीन लोशन नहीं लगा रही हैं, तो वह आपकी स्किन की सुरक्षा नहीं कर पाएगा.

गंदे मेकअप ब्रश इस्तेमाल करना

महिलाओं का ध्यान मेकअप पर तो होता है, पर मेकअप ब्रशेज़ पर उनका ध्यान बहुत ही कम जाता है. बहुत-सी महिलाओं को तो पता भी नहीं कि लगातार एक ही मेकअप ब्रश इस्तेमाल करने से उसमें मेकअप की एक परत जम जाती है, जो जर्म्स व बैक्टीरिया को अपनी ओर आसानी से अट्रैक्ट करते हैं. यानी मेकअप के साथ-साथ आप जर्म्स को भी अपने चेहरे तक पहुंचा देती हैं. हर एक-दो महीने में गर्म पानी में माइल्ड सोप डालकर ब्रशों को साफ़ करें.

स्किन केयर टिप: ब्रश के अलावा अपने कॉम्पैक्ट पाउडर के पफ को भी नियमित रूप से बदलती रहें.

अनहेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना

आजकल हमारी लाइफस्टाइल काफ़ी अनहेल्दी हो गई है, जिसका सीधा असर हमारी स्किन पर दिखाई देता है. हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने के लिए भरपूर नींद लें, हेल्दी खाएं, पर्याप्त पानी पीएं, स्ट्रेस न लें और धूम्रपान से दूर रहें.

स्किन केयर टिप: हेल्दी स्किन के लिए एंटीऑक्सीडेंट्स बहुत ज़रूरी हैं. अपने खाने में मौसमी फल व हरी सब्ज़ियां शामिल करें. 6-8 घंटे की नींद न लेने से आपको अंडर आई सर्कल हो सकते हैं, इसलिए सुकूनभरी नींद लें.

स्किन टाइप के अनुसार प्रोडक्ट्स न लेना

बहुत-सी महिलाओं को पता ही नहीं होता कि उनकास्किन टाइप क्या है और वो कोई भी ब्यूटी प्रोडक्ट इस्तेमाल करने लगती हैं. जबकि उन्हें पता भी नहीं होता कि उन्हें उसकी ज़रूरत है भी या नहीं. अपनी स्किन टाइप यानी ड्राय, ऑयली, नॉर्मल, सेंसिटिव के अनुसार प्रोडक्ट्स ख़रीदें.

स्किन केयर टिप: कोई भी स्किन केयर या ब्यूटी प्रोडक्ट ख़रीदते व़क्त उसका लेबल चेक करें कि वह किस तरह की त्वचा के लिए बना है. उसमें मौजूद तत्वों को भी देखें, बहुत ज़्यादा केमिकल युक्त प्रोडक्ट्स अवॉइड करें.

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ब्यूटी प्रोडक्ट्स की एक्सपायरी डेट चेक न करना

जिस तरह हर चीज़ की एक्सपायरी डेट होती है, उसी तरह स्किन केयर और मेकअप प्रोडक्ट्स भी एक्सपायरी डेट के साथ आते हैं. कुछ महिलाएं ब्यूटी प्रोडक्ट्स सालों तक रखे रहती हैं और उसकी एक्सपायरी डेट की ओर ध्यान ही नहीं देतीं.

स्किन केयर टिप: समय-समय पर प्रोडक्ट्स की एक्सपायरी डेट चेक करती रहें और अपने ब्यूटी बॉक्स में नए प्रोडक्ट्स ऐड करती रहें.

डर्मेटोलॉजिस्ट से कंसल्ट न करना

किसी भी तरह की स्किन प्रॉब्लम का ख़ुद इलाज करने की बजाय डर्मेटोलॉजिस्ट को दिखाना ज़रूरी होता है. बहुत-सी महिलाएं यहां-वहां से टिप्स बटोरकर काम चलाने की कोशिश करती हैं, पर ज़रूरी नहीं कि वो हर बार सफल हों. अगर घरेलू इलाज से कोई समस्या हल नहीं हो रही है, तो तुरंत डर्मेटोलॉजिस्ट से मिलें.

स्किन केयर टिप: रिंकल्स, एजिंग या चेहरे पर मौजूद दाग़-धब्बे इनसे छुटकारा दिलाने में एक्सपर्ट ही आपकी मदद कर सकते हैं. ख़ुद इलाज करने की बजाय उनसे कंसल्ट करें.

– संतारा सिंह

बालों को करें डिटॉक्सीफाई

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बालों को डैमेज करनेवाली आम वजहें

– बालों को भी सही देखभाल की ज़रूरत होती है. इसमें लापरवाही बालों को नुक़सान पहुंचा सकती है.

– हेयर वॉश के बाद भी हेयर प्रोडक्ट बालों में ही रह जाते हैं, जो बालों को डैमेज करने की वजह बनते हैं. इसलिए अच्छी तरह वॉश करें.

– पॉल्यूशन और धूल-मिट्टी से भी बालों को नुक़सान पहुंचता है.

– बालों में केमिकल बेस्ड प्रोडक्ट और टूल्स का इस्तेमाल करने से बचें.

– बालों को डिटॉक्सीफाई करें. इससे आपके बाल प्रॉब्लम फ्री रहेंगे.

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कैसे करें डिटॉक्सीफाई?

स्काल्प को क्लीन रखेंः हफ़्ते में दो-तीन बार हेयर वॉश करें. केमिकल फ्री शैंपू का इस्तेमाल करें. इसके अलावा शैंपू सीधे स्काल्प में न लगाएं. जड़ों से लगाना शुरू करें और फिर बालों में लगाएं. अच्छी तरह वॉश करें.

बालों को टूल्स से दूर रखेंः यानी हॉट आयरनिंग, कर्लिंग या ब्लो ड्राई से बचें. ये बालों को नुक़सान पहुंचाते हैं. बहुत ज़रूरी हो तभी इनका इस्तेमाल करें, वो भी मीडियम हीट पर.

मॉइश्‍चराइज़ करेंः बालों को भी मॉइश्‍चराइज़र की ज़रूरत होती है. इसलिए हेयर वॉश से पहले बालों को मॉइश्‍चराइज़ ज़रूर करें. इसके लिए बालों में ऑयल मसाज करें और 15 मिनट बाद शैंपू करें. शाइनी हेयर के लिए कैमोमाइल ऑयल, सॉफ्ट हेयर के लिए कोकोनट ऑयल और स्ट्रेट हेयर के लिए जिरेनियम ऑयल यूज़ करें.

हफ़्ते में एक बार डीप ट्रीटमेंट देंः हेयर क्यूटिकल्स केराटिन नामक प्रोटीन सेल्स से बना है, जो बालों की रक्षा करते हैं, लेकिन धूप और प्रदूषण से ये सेल्स प्रभावित होते हैं. इसलिए हफ़्ते में एक बार बालों को डीप प्रोटीन

ट्रीटमेंट दें. इससे बालों को एक्स्ट्रा प्रोटेक्शन मिलेगा.

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एक्स्ट्रा टिप्स

– बेकिंग सोडा बेहतरीन क्लींज़र है. शैंपू में एक टेबलस्पून बेकिंग सोडा मिक्स करके बाल धोएं.

– ऑलिव ऑयल में ऐसे फैटी एसिड्स होते हैं, जो बालों को मॉइश्‍चराइज़ तो करते ही हैं, उन्हें डैमेज से प्रोटेक्ट भी करते हैं. ऑलिव ऑयल गर्म करके बालों में लगाएं. 15-20 मिनट बाद बाल धो लें.

– अंडा एमिनो एसिड और प्रोटीन से भरपूर होता है, जो बालों को शाइन, स्ट्रेंथ और वॉल्यूम देता है. हेयर वॉश से पहले एग हेयर पैक लगाएं.

– 2 टेबलस्पून एप्पल साइडर विनेगर को एक कप पानी में मिलाकर इससे बालों को फाइनल रिंस करें. बालों में ख़ूबसूरत शाइन नज़र आएगी.

 

रिश्तों को बेहतर बनाएं हेल्दी हैबिट्स से (Make relationships better by healthy habits)

Make relationships healthy

रिश्तों की मिठास एक तरफ़ जहां पति-पत्नी के व्यक्तित्व को संवारती है, वहीं दूसरी तरफ़ जब रिश्ते (Make relationships healthy) में कड़वाहट आने लगती है, तो ऐसा लगने लगता है कि जीवन का संतुलन बिगड़ गया है. इससे फिज़िकली तो स्त्री-पुरुष आहत होते ही हैं, कई बार मानसिक संतुलन भी बिगड़ जाता है. ऐसे में उन्हें डिप्रेशन घेर लेता है. कई बार पार्टनर की ग़लत आदतें या व्यवहार इसके लिए ज़िम्मेदार होता है. इसलिए रिश्ते को बेहतर बनाने के लिए ज़रूरी है हेल्दी हैबिट्स अपनाना. हेल्दी हैबिट्स का मतलब सेहत से नहीं है, बल्कि हमारी बेसिक हैबिट्स से है.

Make relationships healthy

ईगो न रखें

– तुमने ऐसा क्यों किया, मुझसे पूछा क्यों नहीं, क्या मेरी कोई वैल्यू नहीं है या तुम मुझे इस क़ाबिल नहीं समझते, असल में तुम्हें तो मुझसे प्यार ही नहीं है आदि जैसे सवाल जब हम अपने साथी से करते हैं, तो इसकी वजह होता है हमारा ईगो.

– ईगो को पाले रखना धीरे-धीरे हमारी आदत बन जाती है.

– हेल्दी रिलेशन(Make relationships healthy) में इसकी कोई जगह नहीं होती है.

– ईगो को दूर फेंक दें और रिश्ते को बेहतर बनाएं.

अपने साथी का सम्मान करें

– यदि आप एक हेल्दी मैरिड लाइफ चाहते हैं, तो आपको अपने पार्टनर को यह एहसास कराना होगा कि वह आपके समान ही महत्वपूर्ण है. ऐसे में कोई भी ज़रूरी निर्णय लेते समय उनकी भी राय ज़रूर लें.

– यदि आप अपने जीवनसाथी से ऐसा व्यवहार करते हैं कि उनकी सलाह से कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता या हमेशा अंतिम निर्णय आपका ही होगा, तो निश्‍चित रूप से आपके शादीशुदा जीवन में असंतुलन पैदा होगा.

– जीवनसाथी के विचारों को भी उतनी ही गंभीरता से लें, जितना आप स्वयं के विचारों को लेते हैं.

– जीवनसाथी की बात सुनने के लिए समय निकालें और उन्हें एहसास कराएं कि आप उनकी परवाह करते हैं.

पार्टनर की बात सुनें

– अपने साथी की बात सुनना एक हेल्दी हैबिट है.

– जब आपका पार्टनर अपनी दिनचर्या के बारे में बात कर रहा हो, तो कुछ और न सोचते रहें.

– उस समय इस बात का इंतज़ार न करें कि कब वो अपनी बात ख़त्म करे, ताकि आप वो कह सकें, जो आप कहना चाहते हैं.

– पार्टनर को सचमुच सुनने का प्रयास करें और वो आपको जो बता रहा है, उसे भी रिस्पेक्ट दें.

– जब आप बातचीत कर रहे हों, तो मोबाइल को दूर रख दें.

– कभी-कभी एक मुश्किलभरे दिन के बाद आपके पार्टनर को स़िर्फ किसी सुननेवाले की ज़रूरत होती है.

हंसने में दें पार्टनर का साथ

– इससे आपका रिश्ता और भी मज़बूत होगा.

– पार्टनर के हंसने में उसका साथ दें.

– नॉर्थ कैरोलिना यूनिवर्सिटी के सायकोलॉजिस्ट लाउरा कुर्ट्ज ने पहली बार एक रिसर्च से रिश्तों में हंसी की भूमिका को जानने की कोशिश की है.

– कुर्ट्ज की स्टडी के अनुसार, रिश्ते की बेहतरी में एकल हंसी की बजाय साझा हंसी कहीं अधिक फ़ायदेमंद है.

– यदि आपका पार्टनर हंस रहा हो और उसके साथ आप भी हंसते हों, तो इससे वह संबंधों के बारे में बेहतर महसूस करता है.

– रिसर्चर्स ने पाया कि एक साथ हंसनेवाले कपल्स एक-दूसरे के प्रति अधिक समर्पित रहते हैं और अधिक संतुष्ट महसूस करते हैं.

– जबकि पार्टनर की हंसी में खुलकर साथ नहीं देनेवाले जोड़ों के मामले में ऐसा नहीं होता.

– नए रिसर्च से साबित हुआ है कि पार्टनर के साथ हंसना रिश्तों की गहराई व अपनापन बढ़ाने के लिए एक कारगर टॉनिक है.

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आई लव यू कहना ना भूलें

– ऐसा कभी भी ना सोचें कि आपको ‘आई लव यू’ कहने की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि आपके साथी को पहले से पता होना चाहिए कि आप क्या महसूस करते हैं.

– दिन में कम-से-कम एक या दो बार अपने पार्टनर से यह कहने की कोशिश करें कि आप उससे कितना प्यार करते हैं.

– अपने पार्टनर को यह समझाने का समय निकालें कि वो सचमुच आपके लिए कितना मायने रखता/रखती है.

ओपिनियन न देना

– यदि आपका पार्टनर हमेशा आपकी हां में हां मिलाता है और अपनी बात नहीं रखता है, तो यह हेल्दी हैबिट नहीं है.

– एक ही बात पर दोनों का अपना ओपिनियन यानी राय रखना ज़रूरी है.

– हर बात पर दोनों का एक ही पक्ष होना अच्छी बात है, पर केवल एक की ही हुकूमत चलना रिश्ते में बढ़ती दूरियों का प्रतीक है.

– लेकिन हर बात में बहस करना भी ठीक नहीं है और केवल इसलिए कि आपकी बात सुनी जाए, बेवजह साथी की बात काटने की हैबिट से बचें.

फ्लर्ट करें

– आपका विवाह हुए कितना ही समय क्यों न हो गया हो, पार्टनर के साथ फ्लर्ट करें.

– उसे यह याद दिलाते रहें कि आपको वह अभी भी बहुत अट्रैक्टिव लगता है और उसमें अभी भी आकर्षण है.

– फ्लर्ट करने का अपना एक अलग ही एहसास होता है और फ्लर्टिंग से कुछ हेल्दी फ़ायदे भी होने लगें, तो इसका मज़ा दोगुना हो जाता है.

– मनोवैज्ञानिक रीमा सहगल का मानना है कि फ्लर्टिंग एक ऐसा टूल है, जिससे आप दूसरों को अपने बारे में अच्छा महसूस करवा सकते हैं.

– यही नहीं, फ्लर्टिंग से आपकी सेक्स लाइफ रिवाइव होती है.

– बेहतरीन रिलेशनशिप के लिए लिखी गई क़िताब के लेखक स्यू ऑस्टर कहते हैं, “फ्लर्टिंग से न स़िर्फ किसी इंसान को अच्छा महसूस होता है, बल्कि उसका स्ट्रेस भी कम होता है. ज़ाहिर है, आजकल की बिज़ी व तनावभरी ज़िंदगी में इस तरह की स्ट्रेस भगानेवाली चीज़ों की बेहद ज़रूरत है.”

– मैरिड कपल जब एक-दूसरे के साथ फ्लर्टिंग करते हैं, तो उनकी बोरिंग हो चुकी मैरिड लाइफ को ख़ुशगवार बनाने में मदद मिलती है.

साथ खाना बनाएं

– दांपत्य जीवन में पति-पत्नी एक ही गाड़ी के दो ऐसे पहिए होते हैं, जिसमें अगर एक भी नीरस हो, तो जीवन की मिठास कम होती जाती है.

– इसलिए अपनी व्यस्त ज़िंदगी में से कुछ लम्हे एक-दूसरे के लिए चुराएं.

– इसके लिए कभी-कभी किचन में पार्टनर के साथ मिलकर खाना बनाएं.

– खाना बनाते समय बीच-बीच में थोड़ी-सी शरारत करते रहें, जैसे- कभी अचानक साथी की गर्दन पर प्यारभरा किस करना या फिर कभी उन्हें अचानक पीछे से जाकर छू लेना.

– इसके बाद किचन में बहुत सारे प्यार के साथ जो कुछ भी पकेगा, उसे साथ बैठकर खाने का मज़ा ही कुछ और होगा.

कुछ रोमांचक करें

– किसी भी रिश्ते को लंबे समय तक बरक़रार रखने के लिए यह ज़रूरी है कि उसमें नीरसता न आने दी जाए.

– इसके लिए ज़रूरी है कि समय-समय पर रिश्तोें में रोमांच लाया जाए.

– कभी-कभी अचानक बाहर जाने का प्लान बनाएं.

– अचानक से आप ऑफिस से घर जल्दी पहुंचकर न स़िर्फ अपने साथी को चौंका सकते हैं, बल्कि बाहर घूमने की प्लानिंग कर पार्टनर को ख़ुश कर सकते हैं.

– बोरियत को दूर कर बातचीत को दिलचस्प बनाएं, जिससे आपका साथी आपकी बातों में रुचि ले व उत्साह से बातचीत में अपनी भागीदारी भी दिखाए.

– कोई रोमांटिक मूवी देखने की प्लानिंग करें.

– संबंधों को रोमांटिक बनाने के लिए कभी कैंडल लाइट डिनर भी कर सकते हैं.

पर्सनल हाइजीन का रखें ख़्याल

– रिश्ते को अगर बेहतर बनाना चाहते हैं, तो पर्सनल हाइजीन की हैबिट को अपनाना बहुत ज़रूरी है, ख़ासकर सेक्स संबंधों में.

– हो सकता है हाइजीन का ख़्याल न रखने की वजह से साथी आपके पास आने से कतराए या अपना प्यार ठीक से आपसे व्यक्त न कर पाए.

– सुमन बाजपेयी

डैंड्रफ से छुटकारा पाने की ईज़ी रेसिपीज़

कभी तन्हा से ये मोड़ कुछ सिमट जाते हैं, कभी सूने ये रास्ते गुलज़ार हो जाते हैं… जब तेरी ज़ुल़्फें बिखरती हैं, तो हर लम्हा महक उठता है… हर तरफ़ फूल बिखर जाते हैं… रेशमी रातें कैद होकर इनमें ख़ुद पर इतराती हैं… नर्म उजाले इन्हें छूकर ख़ुद पर गुमान करते हैं… ख़ुशबू के डेरे हैं इनमें, मखमली अंधेरे हैं… गुलों की नर्मी भी है… ये बादल घनेरे हैं…

दही और कालीमिर्च

रिसर्च: बॉडी में यीस्ट की मात्रा जब बढ़ जाती है, तो उससे इंफ्लेमेशन बढ़ जाता है. ऐसे में फ्रेंडली बैक्टीरिया इंफ्लेमेशन से लड़ने में सहायक होते हैं. दही इन्हीं हेल्दी बैक्टीरिया को बढ़ाने में मदद करता है, जिससे स्काल्प पर यीस्ट की परत नहीं जमती और डैंड्रफ से छुटकारा मिलता है. जबकि कालीमिर्च एंटीफंगल होती है.

रेमेडी: 2 टेबलस्पून कालीमिर्च को पीसकर एक कप दही में मिला लें. इस मिश्रण को स्काल्प पर लगाएं. ध्यान रहे कि यह स्काल्प पर ही लगे, बालों पर नहीं. एक घंटे बाद रिंस करके माइल्ड शैंपू से वॉश करें.

फ़ायदा: दही और कालीमिर्च का मिश्रण डैंड्रफ के लिए बहुत ही प्रभावी उपाय है, लेकिन ध्यान रखें कि दही और कालीमिर्च ताज़ा हो.

ऑलिव ऑयल

रिसर्च: ऑलिव ऑयल दो तरी़के से डैंड्रफ को ट्रीट करता है. पहला, यह स्काल्प के ड्राय हिस्से को मॉइश्‍चराइज़ करके पपड़ी नहीं जमने देता. दूसरा, ऑलिव ऑयल पपड़ी की मोटी परत में भी एब्ज़ॉर्ब हो जाता है, जिससे डैंड्रफ की समस्या धीरे-धीरे ख़त्म होने लगती है.

रेमेडी: सोने से पहले रोज़ाना ऑलिव ऑयल को हल्का गर्म करके उससे स्काल्प मसाज करें. बालों को कवर करके सोएं, ताकि धूल-मिट्टी के कण चिपके नहीं. सुबह शैंपू कर लें.

फ़ायदा: ऑलिव ऑयल को गर्म करने पर उसकी कंसिस्टेंसी बेहतर हो जाती है, जिससे वो ड्राय हिस्से को आसानी से ट्रीट कर सकता है.

विनेगर

रिसर्च: विनेगर में स्काल्प के फंगस और बैक्टीरिया को ख़त्म करने की क्षमता होती है. इसके अलावा यह ड्राय स्किन को भी ठीक करता है, इसलिए जो डैंड्रफ फंगस के कारण नहीं होते, उन्हें भी ट्रीट करता है. इसमें मौजूद एसिड खुजली को कम करता है और स्काल्प फ्लेकी स्किन को ठीक करता है.

रेमेडी: विनेगर से स्काल्प मसाज करें. मसाज अच्छी तरह से होनी चाहिए, ताकि स्काल्प में विनेगर एब्ज़ॉर्ब हो सके. आप चाहें, तो एक टेबलस्पून विनेगर को पानी के मग में मिलाकर फाइनल रिंस के लिए इस्तेमाल कर सकती हैं. सबसे बेहतर तरीक़ा है कि पहले दो कप विनेगर को बॉइल कर लें. ठंडा होने पर उसका आठवां भाग 1 कप पानी में मिलाकर शैंपू से पहले बालों में डालें.

फ़ायदा: विनेगर का एसिड उन प्रोडक्ट्स के मुक़ाबले डैंड्रफ को बेहतर तरी़के से ठीक कर सकता है, जो डैंड्रफ ट्रीटमेंट का दावा करते हैं.

बेकिंग सोडा

रिसर्च: बेकिंग सोडा डैंड्रफ पैदा करनेवाले फंगस की क्रियाशीलता को कम करता है. यह माइल्ड स्क्रब भी है, जो स्काल्प की डेड स्किन और अतिरिक्त ऑयल को निकाल देता है.

रेमेडी: अपने शैंपू में 1 टीस्पून बेकिंग सोडा मिलाकर हेयर वॉश करें. सिंगल वॉश से ही डेड स्किन और फ्लेक्स निकल जाएंगे.

फ़ायदा: चूंकि यह डेड स्किन को निकाल देता है, तो स्काल्प नेचुरल ऑयल्स का निर्माण सामान्य रूप से करने लगता है, जिससे बाल व स्काल्प हेल्दी रहते हैं.

नींबू और कोकोनट ऑयल

रिसर्च: डैंड्रफ होने का एक बड़ा कारण होता है स्काल्प के पीएच बैलेंस का असंतुलित होना. नींबू स्काल्प का पीएच बैलेंस बनाए रखने में मदद करता है और नारियल तेल में कंडीशनिंग और एंटीबैक्टीरियल प्रॉपर्टीज़ होती हैं.

रेमेडी: एक भाग नींबू के रस को पांच भाग नारियल के तेल में मिला लें. इससे स्काल्प में मसाज करें और आधे घंटे बाद हेयर वॉश करें.

फ़ायदा: नींबू के रस में जो एसिड होता है, वो डैंड्रफ को दूर रखता है और नारियल तेल के साथ मिलाने पर लाभ कई गुना बढ़ जाता है.
एलोवीरा

रिसर्च: एलोवीरा में एंटीफंगल और एंटी बैक्टीरियल प्रॉपर्टीज़ होती हैं. यह डेड स्किन सेल्स को भी निकालने में काफ़ी कारगर है.
रेमेडी: एलोवीरा जेल को सकाल्प में अप्लाई करें. 15 मिनट बाद शैंपू कर लें. यह नियमित रूप से करें, काफ़ी फ़ायदा होगा.

फ़ायदा: एलोवीरा में हीलिंग प्रॉपर्टीज़ भी होती हैं, तो यह न स़िर्फ स्काल्प को क्लीन करता है, बल्कि उसको हील और सूद भी करता है, जो डैंड्रफ को दूर रखने के लिए परफेक्ट है.

नीम

रिसर्च: नीम में एंटी इंफ्लेमेटरी, एंटी फंगल और एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं.

रेमेडी: नीम के पत्तों को आधा घंटा उबालें. इसका पेस्ट बना लें और स्काल्प पर लगाएं. आधे घंटे बाद बाल धो लें.

फ़ायदा: नीम के गुणों को सभी जानते हैं, वो स्काल्प को हेल्दी रखकर डैंड्रफ की समस्या दूर करने में काफ़ी फ़ायदेमंद है.

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सेब

रिसर्च: सेब का बालों से क्या लेना-देना यह सोचकर बहुत लोग हैरान होंगे, लेकिन कच्चे सेब में एक प्राकृतिक तत्व होता है, जो हेयर ग्रोथ में बहुत कारगर है.

रेमेडी: 2 टेबलस्पून सेब के रस में समान मात्रा में पानी मिलाकर स्काल्प में मसाज करें. 15 मिनट बाद बाल धो लें.

फ़ायदा: डैंड्रफ से हेयर फॉल की समस्या भी होती है, ऐसे में इस प्रयोग का नियमित इस्तेमाल बालों को हेल्दी रखने में बहुत कारगर है. यह ध्यान रहे, कि जूस में पानी बहुत ज़्यादा न मिलाया जाए.

जिंजर

रिसर्च: अदरक में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं और वो हेयर ग्रोथ में भी कारगर है. अदरक में मौजूद एक्टिव कंपोनेंट- वोलेटॉइल ऑयल डैंड्रफ को दूर करता है.

रेमेडी: अदरक को छीलकर कद्दूकस कर लें. 8 टेबलस्पून तिल का तेल लें. चीज़ क्लोथ में अदरक को रखकर निचोड़ लें और उसके तेल को तिल के तेल में मिला लें. इससे स्काल्म मसाज करें और कुछ देर बाद हेयर वॉश कर लें.

फ़ायदा: अदरक के तेल को जब तिल के तेल जैसे नेचुरल ऑयल में मिलाकर लगाया जाता है, तो डैंड्रफ को दूर करने में वो बहुत कारगर होता है.

टी ट्री ऑयल

रिसर्च: इसमें एंटी-फंगल गुण होते हैं. एक शोध में यह पाया गया कि जिन लोगों ने 4 हफ़्तों तक 5% टी ट्री ऑयल का इस्तेमाल किया उनकी डैंड्रफ की समस्या 41% तक कम हो गई.

रेमेडी: शैंपू करने से पहले स्काल्प में ऑयल से मसाज करें. यह हर दूसरे दिन करें.

फ़ायदा: यह डैंड्रफ की नेचुरल रेमेडी है. इसे आप तेल की तरह इस्तेमाल करने की बजाय शैंपू के तौर पर भी यूज़ कर सकते हैं. उससे डैंड्रफ काफ़ी हद तक दूर हो जाएगा.

हिना

रिसर्च: मेहंदी में केराटीन को बाइंड करने की क्षमता होती है, जिससे वो बालों पर एक सुरक्षा कवच चढ़ा देती है. यह स्काल्प के चिपचिपेपन को ख़त्म करने कंडीशनर का काम करती है और डैंड्रफ को दूर करती है.

रेमेडी: 1 टीस्पून मेहंदी में समान मात्रा में आंवला पाउडर, टी पाउडर, नींबू का रस और हेयर ऑयल मिलाएं. स्काल्प में इसे अप्लाई करें और कुछ देर बाद शैंपू कर लें.

फ़ायदा: यह मिश्रण न स़िर्फ डैंड्रफ को दूर करता है, बल्कि बालों को कंडीशन करके उनमें शाइन और बाउंस भी लाता है.

बेसिल लीव्स

रिसर्च: यह स्काल्प को हेल्दी बनाकर उसके स्ट्रेंथ बढ़ाते हैं और अपने एंटी-फंगल व एंटी-बैक्टीरियल गुणों के लिए जाने जाते हैं.

रेमेडी: बेसिल लीव्स को पीसकर आंवला पाउडर में मिला लें. इस पेस्ट को बालों में लगाएं. आधे घंटे बाद शैंपू कर लें.

फ़ायदा: आंवला पाउडर और बेसिल लीव्स डैंड्रफ को दूर करने के साथ-साथ स्काल्प को भी हेल्दी रखते हैं.

हेल्दी स्किन के लिए होम रेमेडीज़

हेल्दी व ग्लोइंग स्किन के लिए क्लींज़िंग, टोनिंग, मॉइश्‍चराइज़िंग के अलावा फेसपैक-फेसमास्क लगाना और एक्सफोलिएट करना भी बहुत ज़रूरी है. अगर आप भी चाहती हैं कि आपकी स्किन प्रॉब्लम फ्री और हेल्दी बनी रहे, तो अपनाएं ये होममेड ब्यूटी रेमेडीज़.

क्लींज़र

मिल्क क्लींज़र: दूध नेचुरल क्लींज़र है. यह सभी स्किन टाइप के लिए उपयुक्त है. आधा कप कच्चे दूध में कॉटन बॉल डुबोकर चेहरे और गले को अच्छी तरह क्लींज़ करें. सूखने पर दोहराएं और थोड़ी देर बाद धो लें.

योगर्ट-हनी क्लींज़र: ड्राई स्किनवालों के लिए दही बहुत ही अच्छा क्लींज़र है. 1 टेबलस्पून दही में 1 टीस्पून शहद मिलाकर चेहरा क्लींज़ करें और 2 मिनट बाद धो लें.

कुकुंबर क्लींज़र: कुकुंबर स्किन की क्लींज़िंग के साथ-साथ टोनिंग भी करता है. नॉर्मल स्किनवालों के लिए यह एक अच्छा ऑप्शन है. ककड़ी को कद्दूकस करके सर्कुलर मोशन में चेहरे पर रब करें. 5 मिनट तक रखें, फिर धो लें. आप चाहें, तो ककड़ी के रस में 1 टीस्पून दही मिलाकर भी चेहरे पर लगा सकती हैं. इसे भी 5 मिनट रखकर धो लें.

रोज़वॉटर क्लींज़र: हेल्दी व प्रॉब्लम फ्री स्किन के लिए यह सबसे ईज़ी टू यूज़ क्लींज़र है. रोज़ रात को सोने से पहले कॉटन को गुलाबजल में डुबोकर चेहरे व गर्दन को क्लींज़ करें.

बेसन-हल्दी क्लींज़र: ऑयली स्किनवालों के लिए यह एक अच्छा क्लींज़र है. 2 टेबलस्पून बेसन और 1 टीस्पून हल्दी में दूध मिलाकर पेस्ट बनाएं. चेहरे, माथे व गर्दन पर लगाएं. 2-3 मिनट बाद पानी से धो लें. बेसन स्किन से धूल-मिट्टी को साफ़ करता है और दूध उसे मॉइश्‍चराइज़ करता है.

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टोनर

विनेगर टोनरः व्हाइट विनेगर और पानी को समान मात्रा में मिलाकर एक बॉटल में भरकर रख लें. क्लींज़िंग के बाद इससे स्किन टोन करें.

रोज़वॉटर टोनर: सभी स्किनवालों के लिए यह अच्छा टोनर है. गुलाबजल की बॉटल में चुटकीभर कपूर मिलाकर इस्तेमाल करें. पिंपल्स,
दाग़-धब्बे और ऑयली स्किनवालों के लिए यह काफ़ी फ़ायदेमंद टोनर है.

एलोवीरा टोनर: एलोवीरा पल्प भी एक बेहतरीन टोनर की तरह काम करता है. स्किन को टोन करने के साथ-साथ सनबर्न और स्किन रैशेज़ को भी हील करता है. रेडीमेड पल्प लें या एलोवीरा से फ्रेश पल्प निकालकर इस्तेमाल करें.

लेमन टोनर: नींबू के रस या छिलके से चेहरे को मसाज करें. 10 मिनट तक रहने दें, फिर पानी से धो लें. यह चेहरे की रंगत को निखारने के साथˆसाथ चेहरे को ऑयल फ्री भी रखता है.

कोकोनट वॉटर टोनर: नारियल पानी एक बेस्ट नेचुरल टोनर का काम करता है. कॉटन बॉल को नारियल पानी में डुबोकर चेहरे पर लगाएं. यह स्किन को टोन करने के साथ-साथ डार्क स्पॉट्स को हल्का करके स्किन को नरिश भी करता है.

 

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मॉइश्‍चराइज़र

कोकोनट-लैवेंडर मॉइश्‍चराइज़र: आधा कप नारियल तेल में 1 टीस्पून लिक्विड विटामिन ई और 12 बूंदें लैवेंडर एसेंशियल ऑयल मिलाएं. कांच के जार में भरकर रखें. ज़रूरत के अनुसार इस्तेमाल करें.

एलोवीरा-आल्मंड मॉइश्‍चराइज़र: 4 टेबलस्पून एलोवीरा जेल में 2 टेबलस्पून नारियल तेल, 1 टीस्पून विटामिन ई ऑयल और 2 टेबलस्पून आल्मंड ऑयल मिलाएं. सारी सामग्री को अच्छी तरह मिलाएं और एक जार में भरकर रख दें. रोज़ाना टोनिंग के बाद इससे चेहरे को मॉइश्‍चराइज़ करें.

रोज़वॉटर-ग्लिसरीन मॉइश्‍चराइज़र: गुलाबजल और ग्लिसरीन को समान मात्रा में लेकर मिला लें. यह ईज़ी टू यूज़ और स्किन के लिए काफ़ी फ़ायदेमंद मॉइश्‍चराइज़र है.

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फेसपैक और फेसमास्क

मिल्क एंड हनी पैक: 2 टीस्पून शहद को 2 टेबलस्पून दूध में मिलाकर चेहरे पर अप्लाई करें. 15 मिनट तक रहने दें, फिर धो लें. यह पैक आपकी स्किन को मॉइश्‍चराइज़ करने के साथ-साथ उसे हेल्दी भी बनाता है.

पोटैटो एंड लेमन पैक: 1 आलू को धोकर कद्दूकस कर लें और उसमें 1 नींबू का रस मिलाएं. इस पैक को चेहरे पर लगाकर 20 मिनट तक रहने दें, फिर धो लें. यह डार्क स्पॉट्स को दूर करके अंडर आई सर्कल्स को दूर करता है.

बनाना-आल्मंड पैक: 1 केले को मैश करके उसमें थोड़ा-सा बादाम का तेल मिलाएं. पैक को चेहरे पर लगाकर 15-20 मिनट बाद धो लें. विटामिन सी से भरपूर केला चेहरे की रंगत को निखारने के साथ-साथ स्किन को भी हेल्दी बनाता है.

पपाया-हनी पैक: 1/4 पपीते को मैश करके 2 टीस्पून शहद मिलाकर चेहरे व गर्दन पर लगाएं. पपीता स्किन को एजिंग से बचाता है और चेहरे पर हेल्दी ग्लो लाता है.

टोमैटो फेसपैक: पके हुए टमाटर को मैश करके 2 टीस्पून रस निकालें. उसमें 3 टीस्पून छाछ मिलाकर चेहरे पर लगाएं. 15-20 मिनट बाद धो लें. यह चेहरे में कसाव लाने के साथ-साथ मुंहासों से छुटकारा दिलाता है.

सनफ्लावर सीड्स फेसमास्क: 3 टेबलस्पून चिरौंजी को रातभर दूध में भिगोकर रखें. सुबह पीसकर उसमें थोड़ा-सा केसर मिलाएं. चेहरे पर लगाकर 15 मिनट तक रखें. फिर धो लें. रोज़ाना इस पैक का इस्तेमाल सांवले रंग को निखारने में मदद करता है.

कैरट-हनी मास्क: 1-2 गाजर को पीसकर उसमें आधा टेबलस्पून शहद मिलाकर चेहरे पर लगाएं. सूखने पर पानी से धो लें. ऑयली स्किन के लिए यह बेहतरीन फेसमास्क है. गाजर में मौजूद पोषक तत्व रिंकल्स को कम करके स्किन को सॉफ्ट रखते हैं.

ओटमील मास्क: 2 टेबलस्पून ओटमील को दूध में भिगोकर चेहरे पर लगाएं और 15 मिनट बाद धो लेें. ओटमील स्किन को एक्सफोलिएट करके डेड स्किन से छुटकारा दिलाता है. यह स्किन को हेल्दी बनाकर चेहरे पर ग्लो लाता है.

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स्क्रब

बनाना स्क्रब: आधे केले को मैश करके उसमें 2 टीस्पून पिसी हुई शक्कर मिलाएं. पेस्ट को स्मूद बनाने के लिए 1 टेबलस्पून शहद मिलाएं. इस पेस्ट से चेहरे और गर्दन पर हल्के हाथों से 5 मिनट तक मसाज करें, फिर धो लें.

कर्ड-पपाया स्क्रब: आधे कप पपीते को मैश कर लें. इसमें 2 टेबलस्पून फेंटा हुआ दही, 2-3 बूंदें नींबू का रस और 1 टेबलस्पून शहद मिलाएं. चेहरे पर सर्कुलर मोशन में मसाज करें और 5 मिनट बाद चेहरा धो लें.

राइस-कर्ड स्क्रब: 2 टेबलस्पून चावल को बारीक़ पीस लें. दही और 2-3 बूंदें रोज़ ऑयल की डालें, अच्छी तरह से मिलाकर पेस्ट को चेहरे पर स्क्रब करें. 5 मिनट रहने दें, फिर धो लें.

कॉफी स्क्रब: 5-6 कॉफी बींस को दरदरा पीसकर उसमें ऑलिव ऑयल और थोड़ी-सी शक्कर मिलाएं. चेहरे को हल्का-सा गीला करके 2-3 मिनट तक स्क्रब करके गुनगुने पानी से धो लें.

टोमैटो-शुगर स्क्रब: 1 टमाटर को दो टुकड़ों में काटकर एक टुकड़े को शक्कर के बाउल में रखें. टमाटर में शक्कर के दाने चिपक जाएंगे. थोड़ी देर बाद टमाटर के टुकड़े से चेहरे को स्क्रब करें, फिर पानी से धो लें.

ऑलिव ऑयल-सॉल्ट स्क्रब: 1 टीस्पून ऑलिव ऑयल में आधा टीस्पून सी सॉल्ट मिलाकर चेहरे व गर्दन को 5 मिनट तक स्क्रब करें, फिर पानी से धो लें. डेड स्किन को निकालने के साथ-साथ यह स्किन को मॉइश्‍चराइज़ भी करता है.

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फेयरनेस के लिए

मिल्क एंड आल्मंड पैक: 1-1 टेबलस्पून मिल्क पाउडर, नींबू का रस औैर शहद में आधा टेबलस्पून आल्मंड ऑयल मिलाएं. पैक को चेहरे पर लगाकर आधा घंटा रहने दें, फिर गुनगुने पानी से धो लें. ड्राई स्किनवालों के लिए यह एक बेस्ट रेमेडी है. स्किन टैन को दूर करके हेल्दी व इंस्टेंट ग्लो लाता है.

जैसमिन फेसमास्क: थोड़े-से जैसमिन फ्लावर्स लेकर क्रश कर लें. उसमें 2 टीस्पून दही और 1 टेबलस्पून शक्कर मिलाकर चेहरे पर लगाएं. 15 मिनट रहने दें, फिर धो लें. सेंसिटिव स्किनवालों के लिए यह बेस्ट फेयरनेस रेसिपी है.

वॉलनट-मिल्क पैक: 2 टेबलस्पून वॉलनट पाउडर में 1-1 टेबलस्पून मलाई, शहद और नींबू का रस मिलाकर पैक बनाएं. पेस्ट को चेहरे पर थोड़ी देर स्क्रब करें, फिर 15 मिनट के लिए रहने दें. दोबारा स्क्रब करके गुनगुने पानी से धो लें. डेड स्किन को रिमूव करके स्किन को ग्लोइंग व फेयर बनाता है.

कुकुंबर-वॉटरमेलन पैक: 2-2 टेबलस्पून ककड़ी और तरबूज़ के रस में 1-1 टीस्पून दही और मिल्क पाउडर मिलाकर चेहरे पर लगाएं. यह स्किन की क्लींज़िंग, टोनिंग व मॉइश्‍चराइज़िंग करके चेहरे को ग्लो देता है.

– सुनीता सिंह

स्किन टाइप के अनुसार ब्यूटी डायट

कभी शाम ढले तुम चली आती हो मेरे दिल के आंगन में… कभी सुबह को खिल जाती हो गुलमोहर की तरह मेरे दामन में… मेरी पलकों पर जब रख देती हो तुम अपनी पलकें, तो महक उठते हैं लाखों ख़्वाब मुहब्बत के चमन में…

हुस्न के तो कई रंग होते हैं, लेकिन ये हुस्न हमेशा जवां बना रहे, इसके लिए स़िर्फ ऊपरी देखभाल ही नहीं, इंटरनल केयर भी ज़रूरी है. आप जो खाएंगे, वही आपकी स्किन पर नज़र आएगा. इसीलिए बहुत ज़रूरी है कि हेल्दी स्किन के लिए हेल्दी खाया जाए. इसका पहला स्टेप यह है कि अपनी स्किन को पहचानें और उसकी ज़रूरत के अनुसार अपनी डायट सिलेक्ट करें.

ब्यूटी डायट से पाएं ग्लोइंग स्किन

अपनी स्किन को भीतर से रिस्टोर और रिपेयर करें, ताकि आप पाएं खिली-खिली त्वचा और बेपनाह हुस्न.
हेल्दी डायट न स़िर्फ अच्छी सेहत, बल्कि अच्छी स्किन के लिए भी ज़रूरी है. लेकिन यह भी ध्यान रखें कि सभी की स्किन अलग होती है. ऐसे में हर स्किन टाइप के लिए ब्यूटी डायट भी अलग ही होगी. हम यहां स्किन टाइप के अनुसार ब्यूटी डायट की चर्चा कर रहे हैं, जिसे अपनाकर आप भी अपनी स्किन की बेहतर देखभाल कर सकेंगी.

ड्राई स्किन

– मॉइश्‍चर की कमी के चलते ड्राई स्किन पर मौसम का असर भी जल्दी होता है.

– त्वचा हमेशा खिंची-खिंची रहती है और लिप्स भी ड्राई रहते हैं.

– ऐसे में सबसे ज़रूरी है पानी. जी हां, भरपूर पानी पीने से आप हाइड्रेटेड रहेंगी, जिसका सीधा असर आपकी स्किन पर नज़र आएगा.

– अपने दिन की शुरुआत करें गुनगुने पानी में आधे नींबू के रस से. इससे शरीर के विषैले तत्व निकल जाएंगे और आपको मिलेगी ग्लोइंग स्किन.

– ऐसे फल और सब्ज़ियां खाएं, जिनमें पानी की मात्रा अधिक हो, जैसे- ककड़ी, तरबूज़, सेलरी, सलाद के पत्ते, टमाटर आदि. इनके नियमित सेवन से आपको ज़रूरी मिनरल्स और विटामिन्स भी मिलेंगे.

– गुड फैट्स भरपूर मात्रा में लें. ओमेगा-3 फैटी एसिड्स मॉइश्‍चर प्रदान करता है. इसके लिए आप ऑयली फिश, एवोकैडोज़, फ्लैक्ससीड्स, नारियल का तेल और नट्स ले सकती हैं.

– अगर स्किन क्रैक्ड और फ्लेकी लगे, तो स्किन को रिपेयर करनेवाले फूड पर ध्यान दें. ज़िंक से भरपूर आहार त्वचा को हील और टिश्यूज़ को रिपेयर करते हैं, जैसे- ऑयस्टर, कद्दू के बीज, सी फूड, बीन्स और दालें.

अवॉइड करें: अल्कोहल, कैफीन और शुगर, क्योंकि ये स्किन को डीहाइड्रेट करते हैं.

ऑयली स्किन

– विटामिन बी6 के मुख्य स्रोत हैं- साबूत अनाज, टूना, सालमन मछली, पालक, शिमला मिर्च, ब्रोकोली, असपैरागस, नट्स और लहसुन.

– सीबम के अधिक रिसाव के कारण त्वचा पर ऑयल और शाइन नज़र आता है, ख़ासतौर से टी-ज़ोन पर.

– ऑयली स्किनवाली महिलाओं को मुंहासों की भी समस्या अधिक होती है.

– आप विटामिन बी6 से भरपूर डायट लें, क्योंकि यह सीबम को कंट्रोल करता है यानी सीबम के निर्माण को कम करता है.

– लैसिथिन भी फैट सेल्स को ब्रेक करके रोमछिद्रों में जमा तेल और ऑयल के अतिरिक्त निर्माण को नियंत्रित करता है. लैसिथिन के प्रमुख स्रोत हैं- अंडा, बीज, फलियां, फूलगोभी, सोयाबीन्स.

अवॉइड करें: फ्राइड और फास्ट फूड्स, क्योंकि अधिकतर फास्ट फूड्स हाइड्रोजनेटेड वेजीटेबल ऑयल का इस्तेमाल करते हैं, जो रोमछिद्रों को बंद करके फ्री रेडिकल्स को बढ़ाते हैं. इसके अलावा प्रोसेस्ड फूड भी अवॉइड करें, क्योंकि इनमें प्रिज़र्वेटिव्स और शुगर की अधिक मात्रा होती है.

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सेंसिटिव स्किन

– रैशेज़, ड्राईनेस, जलन, लालिमा, खुजली आदि सेंसिटिव स्किन की निशानी है.

– अमीनो एसिड्स और फैटी एसिड्स सेल्स रिन्यू करके सेंसिटिविटी को कंट्रोल करते हैं.

– सुबह अपने जूस या स्मूदी में इन्हें शामिल करें और कोशिश करें कि उन्हें अपने नेचुरल फॉर्म में लें.

अवॉइड करें: रेड मीट, कैफीन, सॉफ्ट ड्रिंक्स, अल्कोहल और स्पाइसी फूड. मोनोसोडियम ग्लूटामेट और इसके रिप्लेसमेंट्स, कलर्स, फ्लेवर्स और प्रिज़र्वेटिव्स को भी अवॉइड करें.

हेल्दी स्किन के लिए बेस्ट सुपर फूड्स

– ब्लूबेरीज़ नंबर वन फूड माना जाता है एंटीऑक्सीडेंट्स के मामले में. यह एजिंग प्रोसेस को कम करता है.

– वाइल्ड सालमन में सेलेनियम होता है, जो त्वचा का धूप से बचाव करता है. इसके अलावा सालमन में मौजूद विटामिन डी आपकी हड्डियों और दांतों को भी मज़बूती प्रदान करता है.

– पालक में मौजूद लूटीन आंखों को हेल्दी और शाइनी रखता है. पालक में विटामिन बी, सी, ई, पोटैशियम, कैल्शियम, आयरन, मैग्निशियम, ओमैगा 3 फैटी एसिड, एंटीऑक्सीडेंट्स और कई पोषक तत्व होते हैं, जो स्किन को ग्लोइंग और हेल्दी रखते हैं.

– ऑयस्टर्स में मौजूद ज़िंक सेल्स के निर्माण व रिपेयर को तेज़ करता है. इसके अलावा यह नाख़ून, बाल और आंखों को भी हेल्दी
बनाता है.

– टमाटर एंटीएजिंग एंटीऑक्सीडेंट- लाइकोपीन का बेहतरीन स्रोत है. पकने के बाद या प्रोसेस्ड टोमैटोज़ में भी लाइकोपीन नष्ट नहीं होता और हमारे शरीर द्वारा आसानी से एब्ज़ॉर्ब कर लिया जाता है.

– अखरोट विटामिन ई और ओमेगा 3 फैटी एसिड्स से भरपूर है. यह स्मूद स्किन, शाइनी हेयर, ब्राइट आईज़ और हेल्दी बोन्स देता है. मुट्ठीभर अखरोट अपने डायट में शामिल करें.

– कीवि फ्रूट विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स का अच्छा स्रोत है. यह झुर्रियों से बचाव करता है और त्वचा में कसाव लाता है.

– डार्क चॉकलेट स्किन को हाइड्रेटेड रखने में मदद करता है और धूप से भी बचाव करता है.

– दही कैल्शियम से भरपूर होता है और यह स्किन, दांत व नाख़ूनों को हेल्दी व शाइनी बनाता है.

– स्वीट पोटैटो में बीटा-कैरोटीन होता है, जो एक एंटीऑक्सीडेंट है और एजिंग प्रोसेस को धीमा करता है.

मुंहासोंवाली स्किन के लिए डायट

– जितना अधिक आपकी बॉडी अंदर से क्लीन होगी, उतनी ही आपकी स्किन भी क्लीन होगी.

– लिवर, पेट और आंतों को क्लीन रखने के लिए हाई फाइबरयुक्त फूड लें.

– सेब में पेक्टिन होता है. यह एक कार्बोहाइड्रेट कंपाउंड होता है, जो पेट के टॉक्सिन्स को बाहर निकालता है और आंतों को भी मज़बूत बनाता है.

– गाजर और सेलरी विटामिन सी से भरपूर होते हैं, जो त्वचा को क्लीन लुक देते हैं.

– ताज़े नींबू का रस पानी में मिलाकर सुबह पीएं. इससे सिस्टम क्लीन होता है.

मैच्योर स्किन के लिए डायट

– प्रोटीन से भरपूर आहार लें, जैसे- नट्स और ओट्स. ये ओमेगा 3 फैटी एसिड और फाइबर से भी भरपूर होते है, जो त्वचा को लूज़ होने से बचाते हैं.

– फिश बहुत ही हेल्दी होती है. आप सालमन फिश लें, जो एजिंग के प्रोसेस को धीमा करती है.

– कमलेश शर्मा

ब्यूटी विटामिन्स

विटामिन ए: एंटी एजिंग

हेल्दी स्किन और महत्वपूर्ण स्किन टिश्यू़ूज के रिपेयर और केयर के लिए विटामिन ए बहुत ज़रूरी है. इसकी कमी होने पर त्वचा ड्राई और पपड़ीदार हो जाती है. विटामिन ए को रेटिनॉइड्स नामक कंटेंट के तौर पर भी जाना जाता है. विटामिन ए से भरपूर डायट और रेटिनॉइड्स युक्त नाइट क्रीम व लोशन लगाकर हेल्दी त्वचा पाई जा सकती है.

बेस्ट ब्यूटी विटामिन फूड: ब्रोकोली, ऐवोकैडो, शकरकंद, गाजर, पालक, तरबूज़ और खरबूजा आदि.

ब्यूटी बेनीफिट्स: रोज़ाना विटामिन ए युक्त क्रीम व लोशन लगाने से फाइन लाइन्स और रिंकल्स को कम किया जा सकता है.

– ये क्रीम्स व लोशन दाग़ धब्बों को मिटाकर स्किन को स्मूद बनाते हैं.

– रेटिनॉइड्स बेस्ड क्रीम में मौजूद तत्व दिन में भी सूर्य की तेज़ धूप से होनेवाले नुक़सान से त्वचा की रक्षा करते हैं.

– ये क्रीम्स त्वचा पर तेज़ी से अपना असर दिखाती हैं. इनका असर चार से आठ सप्ताह के अंदर त्वचा पर देखा जा सकता है.

कैसे करें अप्लाई: रोज़ाना रात को सोने से पहले चेहरे पर रेटिनॉइड कंटेंट मिश्रित क्रीम से मसाज करें.

– पहली बार अप्लाई करते समय त्वचा पर बहुत थोड़ी मात्रा में क्रीम लगाएं और क्रीम का रिएक्शन चेक करें.

– पहली बार क्रीम अप्लाई करने पर त्वचा पर रेडनेस हो सकती है या स्किन की लेयर निकल सकती है, लेकिन दूसरे दिन से क्रीम का असर दिखने लगेगा. धीरे-धीरे त्वचा स्मूद होने लगेगी.

विटामिन बी3: रेडनेस

नायसिनअमाइड नामक तत्व को विटामिन बी3 के रूप में जाना जाता है. विटामिन बी3 बेस्ड क्रीम्स, लोशन्स और सीरम्स में नायसिनअमाइड नामक कंटेंट होता है, जो त्वचा की रेडनेस को कम करने और मुंहासों को जल्दी ठीक करने में मदद करता है. विटामिन बी3 त्वचा में हाइड्रेशन के स्तर को बूस्ट करता है, साथ ही त्वचा में सैरेमाइड के प्रोडक्शन और फैटी एसिड की मात्रा में वृद्धि करने में मदद करता है.

बेस्ट ब्यूटी विटामिन फूड: चिकन, टूना, सालमन, मूंगफली, ब्राउन राइस, एस्पेरागस, हरी मटर, जौ, मशरूम, खरबूजा, सनफ्लावर सीड आदि.

ब्यूटी बेनीफिट्स: विटामिन बी3 त्वचा के लिए रक्षात्मक कवच का काम करता है.

– ड्राई और सेंसिटिव स्किन के लिए विटामिन बी3 बहुत फ़ायदेमंद है.

– विटामिन बी3 युक्त क्रीम आदि लगाने से त्वचा में नेचुरल ग्लो आता है और स्किन सॉफ्ट होती है.

– रोज़ाना क्रीम व लोशन से मसाज करने पर त्वचा में कसाव आता है.

कैसे करें अप्लाई: रोज़ाना सुबह और शाम को विटामिन बी3 मिश्रित क्रीम या लोशन से 2 मिनट तक मसाज करें.

विटामिन सी: दाग़-धब्बे

विटामिन सी में स्किन ब्राइटनिंग प्रॉपटीऱ्ज होती हैं, जो दाग़-धब्बों को दूर करने में मदद करता है. यह विटामिन कोलैजन का निर्माण अधिक मात्रा में करता है, जो डैमेज्ड टिश्यूज़ को रिपेयर करने में मदद करता है. विटामिन सी युक्त मॉइश्‍चराइज़र, सीरम और ऑयल लगाने से दाग़-धब्बे दूर होते हैं.

बेस्ट ब्यूटी विटामिन फूड: एवोकैडो, ब्रोकोली, टमाटर, ककड़ी, लाल शिमला मिर्च, मोसंबी, संतरा और स्ट्रॉबेरी.

ब्यूटी बेनीफिट्स: विटामिन सी एजिंग प्रोसेस को धीमा करता है, जिससे स्किन रिंकल फ्री रहती है.

– यह फाइन लाइन्स और ड्राईनेस को दूर करता है.

– विटामिन सी की हीलिंग प्रॉपर्टीज़ डैमेज स्किन को हील करती हैं.

– विटामिन सी टिश्यूज़ की ग्रोथ को बढ़ाने में मदद करता है.

कैसे करें अप्लाई: त्वचा पर रोज़ सुबह विटामिन सी युक्त क्रीम से 2 मिनट तक मसाज करें.

– घर से बाहर निकलने से पहले विटामिन सी युक्तक्रीम लगाएं. फिर सनस्क्रीन लगाएं.

विटामिन ई: मॉइश्‍चराइज़ेशन

विटामिन ई फ्री रेडिकल्स (त्वचा को हानि पहुंचानेवाले कण) से त्वचा की रक्षा करता है, इसलिए इस विटामिन को त्वचा के लिए बहुत प्रभावी माना जाता है. विटामिन सी की तरह विटामिन ई भी कोलैजन का अधिक मात्रा में उत्पादन करता है, जो स्किन एजिंग के प्रोसेस को धीमा करता है.

बेस्ट ब्यूटी विटामिन फूड: बादाम, अंडे, सूखे मेवे, हरी सब्ज़ियां, साबूत अनाज, शकरकंद, शलजम, पपीता आदि.

ब्यूटी बेनीफिट्स: नियमित रूप से विटामिन ई युक्तऑयल या लोशन लगाने से झुर्रियों को कम किया जा सकता है.

– विटामिन ई मिश्रित ऑयल लगाने से त्वचा की रेडनेस दूर होती है.

– इस विटामिन में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा को प्रदूषण और अल्ट्रा वॉयलेट किरणों से होनेवाले नुक़सान से बचाते हैं.

– विटामिन ई युक्त ऑयल या सीरम ड्राई स्किन को न केवल नमी प्रदान करता है, बल्कि सॉफ्ट और स्मूद भी बनाता है.

– नियमित रूप से विटामिन ई युक्त क्रीम व ऑयल लगाने से स्ट्रेच मार्क्स और दाग़-धब्बे भी दूर होते हैं.

– विटामिन ई बेस्ड क्रीम त्वचा में होनेवाली जलन को कम करने में मदद करती है.

कैसे करें अप्लाई: ड्राई स्किन को मॉइश्‍चराइज़ करने के लिए रोज़ाना नाइट क्रीम से मसाज करें.

– देवांश शर्मा

कंप्लीट लोन गाइड ( Complete Loan Guide)

Loan Guide

Loan Guide

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अगर लोन लेने की सोच रहे हैं, तो ज़रूरी है बैंक से लोन संबंधी सभी ज़रूरी जानकारियां हासिल कर लें. लोन की ईएमआई, इंटरेस्ट रेट, प्रक्रिया आदि पहलुओं पर गौर कर लें, ताकि सही निर्णय ले सकें.

लोन संबंधी जनरल टिप्स

कोई भी लोन लेने से पहले मार्केट की पूरी रिसर्च कर लें, जैसे- बैंक की ब्याज दर, लोन की अवधि, किन-किन डॉक्यूमेंट्स की ज़रूरत होगी? महिलाओं के लिए कोई विशेष ऑफर हैं? इत्यादि.

  • लोन ऐसी संपत्ति के लिए लें, जिसे भविष्य में बेचने पर मुनाफ़ा मिले.
  • अपनी वार्षिक आय के 5 गुना से ज़्यादा लोन न लें.
  • लोन लेने में किसी तरह की जल्दबाज़ी न करें. सभी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त करने के बाद ही कोई निर्णय लें.
  •  डॉक्यूमेंट्स की सभी फोटोकॉपीज़ को अटेस्ट कराकर तैयार रखें.
  •  लोन संबंधी डॉक्यूमेंट्स जमा करते समय बैंक एग्ज़ीक्यूटिव को घर-कार आदि के ओरिजनल पेपर्स न दें.
  •  लोन के दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर करने से पहले सभी ज़रूरी सूचनाओं को अच्छी तरह पढ़ व समझ लें. किसी तरह का संदेह होने पर बैंक एग्ज़ीक्यूटिव से संपर्क करें.
  • यदि आप किसी चार्जेस या फी के संबंध में कोई चेक इश्यू कर रहे हैं, तो बैंक के नाम से चेक इश्यू करें, न कि एग्ज़ीक्यूटिव के नाम पर.
  • डॉक्यूमेंट्स जमा करने के बाद, यदि आपका लोन लेने का निर्णय बदलता है, तो तुरंत बैंक को सूचित करें.
  • एक अवधि के बाद यदि लोन के स्वीकृत और अस्वीकृत होने की सूचना बैंक से नहीं मिलती है, तो तुरंत संबंधित अधिकारी से संपर्क करें.
  •  कोई भी लोन लेने के लिए एक साथ एक से अधिक बैंकों में अप्लाई न करें.
  •  लोन लेने से पहले अपने क्रेडिट कार्ड के सभी बिलों का भुगतान कुछ महीने पहले ही कर दें.
  • लोन की राशि अधिक होने पर बैंक को गारंटर का प्रूफ देना होता है.

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होम लोन

* वित्तीय संस्थान या बैंक प्रॉपर्टी/घर की क़ीमत के 80% वैल्यू तक ही लोन
देते हैं.

* अधिकांश बैंकों में होम लोन को चुकाने की अवधि 20 साल तक की है, पर कुछ बैंकों ने इस अवधि को बढ़ाकर 30 साल तक भी कर दिया है.

* लोन की अवधि बढ़ने से ईएमआई की रक़म तो कम होती है, पर अतिरिक्त ब्याज की राशि भरने का नुक़सान भी होता है. इसलिए अपने ख़र्चों व बचत को ध्यान में रखकर लोन की अवधि का चुनाव करें.

* बैंक अपने क्लाइंट को आकर्षित करने के लिए कम ब्याज दर और स्पेशल स्कीम्स के साथ होम लोन की सुविधा उपलब्ध कराते हैं, इसलिए होम लोन लेने से पहले अनुबंध पर लिखे सभी नियम व शर्तों को अच्छी तरह पढ़ व समझ लें.

* विशेष स्कीम्स के बारे में किसी तरह का संदेह होने पर बैंक के लोन संबंधी अधिकारी से संपर्क करें.

* डील फाइनल होने से पहले बैंक के अधिकारी से एडमिनिस्ट्रेशन चार्जेस, सर्विस चार्जेस/प्रोसेसिंग फी के बारे में सारी जानकारियां प्राप्त कर लें.

* अपनी वर्तमान नौकरी व आय को ध्यान में रखकर होम लोन की ईएमआई की राशि तय करें. ईएमआई का भुगतान समय पर न करने पर पेनाल्टी भी
भरनी पड़ेगी.

* लोन एग्रीमेंट की सारी कार्यवाही पूरी करने के बाद और हस्ताक्षर करने से पहले एग्रीमेंट को अच्छी तरह से पढ़ लें, फिर हस्ताक्षर करें.

* होम लोन वेतनभोगी और व्यवसाय करनेवाले किसी भी व्यक्ति को मिल सकता है. यदि आप वेतनभोगी हैं, तो लोन लेने के लिए पहचान पत्र (ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर पहचान पत्र, पैन कार्ड या पासपोर्ट- इनमें से किसी एक की
फोटोकॉपी), इन्कम डॉक्यूमेंट्स (पिछले 2 महीने की सैलरी स्लिप, फॉर्म 16 (अगर मासिक वेतन 20 हज़ार रुपए से अधिक है तो), पिछले 3 महीने के बैंक स्टेटमेंट, कंपनी/कार्यालय का पहचान पत्र बैंक में जमा कराने होते हैं.

* जबकि व्यवसाय करनेवाले व्यक्ति को होम लोन लेने के लिए पहचान पत्र, रेसिडेंस प्रूफ और इन्कम डॉक्यूमेंट्स (सेविंग और करंट एकाउंट के पिछले 6 महीने की बैंक स्टेटमेंट, पिछले 2 साल की बैलेंस शीट और प्रॉफिट-एंड-लॉस एकाउंट की कॉपी, पिछले 2 साल की इन्कम टैक्स रिटर्न की कॉपी, कॉन्ट्रैक्ट की डिटेल्स आदि) जमा कराने होते हैं.

पर्सनल लोन

* हर बैंक के पर्सनल लोन की ब्याज दर अलग-अलग होती है. इसलिए अनेक बैंकों से ब्याज दर के अलावा प्री-पेमेंट चार्जेस, डॉक्यूमेंट्स, एग्रीमेंट के नियम व शर्तों के बारे में सारी जानकारियां हासिल करें.

* पर्सनल लोन की ब्याज दर अन्य लोन की तुलना में अधिक होती है, इसलिए लोन लेते व़क्त उसकी समय-सीमा और ईएमआई सोच-समझकर तय करें.

* लोन की अवधि कम से कम रखें. यदि लोन की अवधि अधिक होगी, तो ब्याज भी अधिक देना पड़ेगा.

* डॉक्यूमेंट्स के तौर पर पहचान पत्र, रेसिडेंस प्रूफ, सैलरी स्लिप, फॉर्म 16, पिछले 2 महीने के बैंक स्टेटमेंट की फोटोकॉपी की आवश्यकता होती है.

* यदि आप सेल्फ एंप्लॉइड हैं, तो पिछले 2 साल की बैलेंस शीट, प्रॉफिट एंड लॉस स्टेटमेंट और एग्रीमेंट की ज़रूरत होती है.

* लोन को चुकाने की अवधि अमूमन 1-5 साल तक की होती है. किसी वजह से ईएमआई न भर पाने या निर्धारित अवधि तक लोन का भुगतान न कर पाने, जैसे विषयों पर पहले से ही सारी जानकारी प्राप्त कर लें.

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कार लोन

कार की क़ीमत तय होेने के बाद ही लोन के लिए अप्लाई करें.

  • कार लोन को चुकाने की अवधि 5-7 साल तक होती है. इसलिए अपनी आय को ध्यान में रखकर कार की ईएमआई तय करें.
  • लोन अप्लाई करने से पहले कार एजेंसी से बैंक की विश्‍वसनीयता और साख के बारे में पूछताछ कर लें. फिर लोन की कार्यवाही शुरू करें.
  • बैंक कार की लागत का केवल 90% तक ही लोन देते हैं. एक्सेसरीज़ का ख़र्च स्वयं वहन करना पड़ता है.
  •  दस्तावेज़ के तौर पर बैंक में आईडी प्रूफ, रेसिडेंस प्रूफ, इन्कम डॉक्यूमेंट्स और कार के पेपर्स (परफॉर्मा इंवॉइस, फॉर्म 20, आरसी आदि) जमा कराने होते हैं.
  • बैंक में लोन संबंधी दस्तावेज़ों को जमा कराने से पहले कार की इंवॉइस डिटेल्स अच्छी तरह से चेक कर लें.
  • लोन लेते समय इंश्योरेंस कवर नोट और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) बैंक के फेवर में ही लें.
  • किसी भी व्यक्ति को नक़द भुगतान करने की बजाय बैंक के नाम से क्रॉस्ड या पोस्ट डेटेड चेक दें.
  • ऋण से जुड़ी सभी कार्यवाही पूरी होने के बाद बैंक से एनओसी लेना न भूलें.
  • सभी नियमों व शर्तों को पढ़ने के बाद ही दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर करें और उसकी फाइनल रसीद लेकर कार डीलर के पास जमा कराएं.

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एजुकेशन लोन

* एजुकेशन लोन लेने के लिए ऑनलाइन अप्लाई करना चाहिए. इससे बैंक और लोन होल्डर के बीच रिकॉर्ड मेंटेन रहता है.

* दस्तावेज़ के तौर पर बर्थ सर्टिफिकेट, आईडी प्रूफ, रेसिडेंस प्रूफ, एजुकेशन प्रूफ (जो कोर्स करने जा रहे हैं, उसके एंटेरेंस टेस्ट की मार्कशीट या ऑफर लेटर), पैरेंट्स का आईडी प्रूफ, सैलरी स्लिप, फॉर्म 16 आदि बैंक में जमा कराने पड़ते हैं.

* यदि पढ़ाई के लिए विदेश जा रहे हैं, तो इन डॉक्यूमेंट्स के साथ पासपोर्ट और वीज़ा की कॉपी भी जमा करानी होती है.

* एजुकेशन लोन की ब्याज दर अनेक कारणों पर निर्भर करती है. अधिकतर बैंकों में ब्याज दर 10-15% तक होती है. फिर भी लोन लेने से पहले 3-4 बैंकों से ब्याज दर सहित अन्य जानकारियां ज़रूर प्राप्त करें.

* एजुकेशन लोन का भुगतान कोर्स ख़त्म होने की अवधि के बाद सामान्यतया 7 साल तक करना होता है.

* लोन की राशि 4 लाख रुपए तक की होती है, जिसमें बैंक को किसी गारंटर या सिक्योरिटी की आवश्यकता नहीं होती.

* 4 लाख से साढ़े सात लाख तक के एजुकेशन लोन के लिए बैंक को गारंटर की आवश्यकता होती है.

* साढ़े सात लाख रुपए से अधिक लोन लेने पर बैंक में सिक्योरिटी, जैसे- फिक्स्ड डिपॉज़िट, घर, एलआईसी की रसीद या गोल्ड आदि जमा कराना होता है.

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कितना मैच्योर है आपका लाइफ पार्टनर (How mature is your life partner)

How mature is your life partner

जब दो लोग एक साथ ज़िंदगी गुज़ारने का निर्णय लेते हैं, तो बहुत-से एडजस्टमेंट्स करने पड़ते हैं. यदि वे मानसिक रूप से परिपक्व (How mature is your life partner) हैं, तो ये एडजस्टमेंट्स आसानी से करके अपने बंधन को और मज़बूत बनाने में सक्षम रहते हैं और यदि परिपक्वता की कमी है, तो इसका प्रभाव सीधे-सीधे आपसी संबंधों पर पड़ता है. ऐसे में यह जानने की कोशिश ज़रूर की जा सकती है कि आपका पार्टनर कितना मैच्योर है, ताकि आप बेहतर तरी़के से एडजस्ट करके अपने बंधन को भी मैच्योर व मज़बूत बना सकें.

पार्टनर को पहले इन पहलुओं पर परखें (How mature is your life partner)

कितना धैर्य हैः किसी भी समझदार व मैच्योर इंसान की पहली निशानी होती है उसका धैर्य. चाहे बातचीत करने में हो या किसी भी काम को अंजाम देने में, यदि पार्टनर बेवजह अपना आपा नहीं खोता और धीरज से काम करता है, तो वो मानसिक रूप से काफ़ी प्रबल व मैच्योर है.
टिप्स: यदि पति-पत्नी दोनों में से ही किसी एक में धैर्य की कमी है, तो आपसी सहायता व स्वयं भी कोशिश करके अपनी इस आदत में बदलाव ला सकते हैं.
– ध्यान, योग व प्राणायाम करें. ब्रीदिंग एक्सरसाइज़ से बहुत मदद मिलेगी.
– अपनी सोच बदलें. नकारात्मक सोच और ऐसे लोगों से भी दूर रहें, जो नकारात्मकता बढ़ाते हों.
– पार्टनर की सोच बदलने के लिए उन्हें कुछ अच्छी क़िताबें भी गिफ्ट करें, जिससे उनमें पॉज़िटिव बदलाव आएं.

दूसरों से किस तरह का व्यवहार करता हैः अगर आपकी पत्नी आपसे बहुत अदब से पेश आती है, लेकिन आपके परिवारवालों या अन्य लोगों से उसका व्यवहार ठीक नहीं है, तो इसका अर्थ होगा कि वो संबंधों में परिपक्वता के महत्व को नहीं समझ रही.इसी तरह यदि आप भी अपनी पत्नी के घरवालों व रिश्तेदारों के साथ अदब से पेश नहीं आते, तो सजग हो जाइए.
टिप्स: स़िर्फ यह उम्मीद न करें कि आपकी पत्नी की ही ज़िम्मेदारी बनती है कि वो आपके परिवार को अपना परिवार माने, आपकी भी उतनी ही ज़िम्मेदारी है उसके रिश्तेदारों को उतने ही खुले दिल से स्वीकारने की.

फ्यूचर प्लानिंग नहीं करता: क्या आपका पार्टनर दूर की सोच नहीं रखता? चाहे बजट प्लानिंग हो, इंश्योरेंस हो या भविष्य को लेकर सुरक्षा की बात हो- यदि आपका पार्टनर इन चीज़ों को महत्वहीन मानता है या इन पर ध्यान ही नहीं देता, तो वो अपने रिश्ते को लेकर या तो गंभीर नहीं है या फिर वो इतना समझदार है ही नहीं कि इन चीज़ों की अहमियत समझ सके.
टिप्स: आप इस स्थिति को किस तरह हैंडल करते हैं, इससे भी इस बात का अंदाज़ा होगा कि आप ख़ुद कितनी समझदार और मैच्योर हैं. आपको शांति से उन्हें यह एहसास करवाना होगा कि ये तमाम बातें कितनी ज़रूरी हैं और उन्हें ज़िंदगी के इन पहलुओं पर भी ग़ौर करना होगा, क्योंकि आपके भविष्य की सुरक्षा अब उनकी भी ज़िम्मेदारी है.

अपनी ग़लती नहीं मानता: बहुत-से लोग इतने अपरिपक्व होते हैं कि अपनी ग़लतियों का दोष भी दूसरों पर डालने का प्रयास करते हैं. इसकी प्रमुख वजह यही होती है कि वो मानसिक रूप से कमज़ोर होते हैं. उनमें इतना साहस नहीं होता कि ग़लती होने पर मान लें और माफ़ी मांग लें.
टिप्स: यदि आपके पार्टनर में यह कमज़ोरी है, तो उन्हें कुछ लोगों के उदाहरण देकर समझाएं या उन्हें क़िताबों, फिल्मों या अन्य तरह से परोक्ष रूप से यह समझाएं कि अपनी ग़लती मानना भी बहुत बड़ी बात है.

बहुत ज़्यादा रोक-टोक करता है: बहुत-से पार्टनर्स यह भूल जाते हैं कि उनके साथी का एक अलग व्यक्तित्व है. वो उन्हें अपने जैसा बनाना चाहते हैं और यह सोचते हैं कि उनके विचार और उनका तरीक़ा ही सही है. यही वजह है कि वो बात-बात पर टोकते हैं.
टिप्स: आप उन्हें यह एहसास करवाएं कि जैसा व्यवहार वो आपके साथ करते हैं, यदि वैसा कोई उनके साथ करे, तो उन्हें कैसा महसूस होगा.
– उन्हें पॉज़ीटिव बनाएं कि दूसरों के गुणों पर ध्यान दें, तारीफ़ करना सीखें. चाहें तो आप दोनों ही पर्सनैलिटी ग्रूमिंग की क्लासेस जॉइन करें.

कितने खुले विचारों का हैः अगर आपका पार्टनर दक़ियानूसी व फ़िज़ूल की बातों पर मात्र परंपरा के नाम पर विश्‍वास करता है और आपको भी उन्हीं बातों पर विश्‍वास करने को कहता है, तो यह बेव़कूफ़ी है.
टिप्स: आप यह सोचकर उन्हें बेनिफिट ऑफ डाउट दे सकते हैं कि उनकी परवरिश अलग परिवेश में हुई होगी, जिससे उनकी ऐसी सोच बन गई. आप धीरे-धीरे उनकी सोच में परिवर्तन ला सकते हैं. जब वे बाहरी दुनिया में कुछ ऐसे लोगों के संपर्क में आएंगे, जिनके विचार काफ़ी खुले हैं, तो उन पर भी इसका प्रभाव पड़ेगा.

 

कितनी और किस तरह की अपेक्षाएं रखता हैः बहुत-से पार्टनर्स एक-दूसरे से ऐसी अपेक्षाएं रखते हैं, जिन्हें पूरा करना संभव नहीं. कोई भी परफेक्ट नहीं होता, इस तथ्य को स्वीकारें और फिल्मी दुनिया की कल्पनाओं से हटकर यथार्थ की ज़मीनी हक़ीक़त को स्वीकारें.
टिप्स: न आप सुपरमैन हैं और न ही आपकी पत्नी सुपरवुमन, तो फिर एक-दूसरे पर इतनी उम्मीदें क्यों लादें कि सामनेवाले का दम ही घुटने लगे.

How mature is your life partner

कितना फ्लेक्सिबल हैः आपका पार्टनर यदि हर चीज़ को सहजता से लेकर अपना रवैया आसानी से बदलने को तैयार हो जाता है, तो यह उसकी परिपक्वता को ही दर्शाता है.
टिप्स: आपकी समझदारी व व्यक्तित्व का सकारात्मक पहलू आपके पार्टनर को भाता है, इससे वो आपके और क़रीब आकर आपका सम्मान भी करने लगता है. इसलिए कोशिश करें कि हर बदलाव पर या कोई चीज़ न मिलने पर हर बार शिकायत ही न करें, कभी-कभी इसे सहजता से भी लें और ज़िंदगी से प्यार करें.

कितना ईमानदार हैः यदि साथी एक-दूसरे से बातें, अपनी समस्याएं व पैसों को लेकर सभी चीज़ें शेयर करते हैं, तो समस्या नहीं है, लेकिन जहां वो एक-दूसरे से बातें छिपाते हैं, वहां आपके रिश्ते में अपरिपक्वता साफ़ झलकती है.
टिप्स: आप दोनों को ही यह विश्‍वास हासिल करना होगा कि आप एक-दूसरे को समझते हैं, तभी आप दोनों एक-दूसरे से सारी बातें बेझिझक शेयर कर सकेंगे.

अपने रिश्ते को कितनी गंभीरता से लेता हैः क्या आपका पार्टनर आपकी चाहतों व आपकी राय को महत्व देता है? यदि नहीं, तो वो अपरिपक्व (How mature is your life partner) है.
टिप्स: उन्हें समझाएं कि जहां एक की राय है, वहां दो लोगों की राय सही निर्णय लेने में और भी मदद कर सकती है. आपकी ज़िंदगी अब उनसे ही जुड़ी है, तो उनके निर्णयों का असर आप पर भी पड़ता है.

प्रोफेशनल लाइफ में आगे बढ़ने की चाह नहीं है: कुछ लोग सोचते हैं कि जो नौकरी है, जो आमदनी है उसमें ठीक-ठाक गुज़ारा तो हो ही रहा है, तो अब ज़्यादा मेहनत करने से क्या फ़ायदा.
टिप्स: बात स़िर्फ पैसों या सुख-सुविधाओं की नहीं है, बल्कि अपनी क्षमताओं व गुणों के विकास की भी है, ऐसे में एक मैच्योर इंसान आगे की ही सोचेगा.

हीनभावना से ग्रस्त हैः क्या वो आपके गुणों व तऱक्क़ी से ईर्ष्या करता है? आपको बात-बात पर नीचा दिखाने की कोशिश करता है? यदि हां, तो यह भावना भी मानसिक रूप से अपरिपक्व लोगों की निशानी है.
टिप्स: आपको समझदारी से काम लेना होगा. आप उनकी बातों पर प्रतिक्रिया देना कम कर दें. उनके सामने अपनी तऱक्क़ी का बहुत ज़्यादा ढिंढोरा न पीटें. उनके गुणों की तारीफ़ करें और उन्हें सपोर्ट करें. अगर ऐसा करने से उनमें परिवर्तन आता है, तो समझें कि आपकी मेहनत रंग लाई है, वरना आपको पहले तो इस विषय पर उनसे खुलकर बात करनी होगी. ज़रूरत हो, तो काउंसलर की मदद भी लें.

दूसरों से तुलना करता हैः बहुत-से लोग इतने अपरिपक्व (How mature is your life partner) होते हैं कि वो अंजाने में ही अपने पार्टनर की तुलना हमेशा दूसरों से करते रहते हैं और यहां तक कह देते हैं कि उसकी ड्रेसिंग सेंस तुमसे अच्छी है या वो तुमसे अच्छा खाना बनाती है या पत्नी कह देती है कि आपका वो दोस्त कितना स्मार्ट है, उसका सेंस ऑफ ह्यूमर कितना अच्छा है आदि.
टिप्स: कभी भी भूलकर अकेले में भी और लोगों के सामने भी दूसरे की तारीफ़ न करके एक-दूसरे की ही तारीफ़ करें.

स्वार्थ की भावना: कुछ लोग इतने सेल्फ सेंटर्ड होते हैं कि अपने अलावा किसी और के बारे में सोचते ही नहीं. भले ही वो ये सब अंजाने में करते हों, लेकिन इससे क़रीबी लोग आहत होते हैं.
टिप्स: स्वार्थी होना एक नकारात्मक भाव है. यह आपको उन्हें एहसास करवाना होगा. आप उन्हें यह बता सकते हैं कि यदि आप भी इसी तरह स्वार्थी हो जाएं, तो उनकी क्या प्रतिक्रिया होगी?
– उनका कोई ऐसा व्यवहार, जो स्वार्थ के बिना किया गया हो, उसकी तारीफ़ करें, उन्हें गिफ्ट दें, इससे धीरे-धीरे उनमें बदलाव आने लगेगा.

– ब्रह्मानंद शर्मा

क्या करें जब सेक्स के लिए दिल कहे ना? (What Is Sexual Aversion Disorder?)