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करियर में कामयाबी के लिए अपनाएं सही एटीट्यूड (5 Proven Tips For A Successful Career)

Tips For A Successful Career

किसी ने ख़ूब ही कहा है, नज़र बदलो, नज़ारे बदल जाएंगे, कश्ती बदलों, किनारे बदल जाएंगे. जी हां, ज़िंदगी के हर पहलू को देखने का हमारा नज़रिया ही हमें दूसरों से अलग बनाता है. यह नज़रिया, व्यवहार का तरीक़ा ही एटीट्यूड है, जो जॉब (Job) में हमारी अलग पहचान बनाता है और सफलता (Success) की बुलंदियों तक पहुंचाता है. इतना ही नहीं, एक्सपर्ट्स की मानें तो, सही एटीट्यूड करियर के साथ-साथ ज़िंदगी के क़दम पर आपको कामयाबी ही दिलाता है.

हर व्यक्ति अपनी ज़िंदगी का लगभग 30% समय जॉब पर बिताता है, इसलिए जॉब देते व़क्त एम्प्लॉयर्स हमेशा व्यक्ति के एटीट्यूड को प्राथमिकता देते हैं. हर कोई चाहता है कि उनके साथ काम करनेवाले व्यक्ति का एटीट्यूड सही हो, क्योंकि काम की सफलता के लिए सही एटीट्यूडवाले लोग और सही माहौल दोनों मायने रखते हैं. तो देर किस बात की, आज ही अपने एटीट्यूड पर गौर फरमाएं और देखें कि क्या आपमें है सही एटीट्यूड?

समझें एटीट्यूड की परिभाषा?
द एडवांस्ड लर्नर्स डिक्शनरी ऑफ करंट इंग्लिश के अनुसार, ‘एटीट्यूड हर किसी का ज़िंदगी को देखने का नज़रिया है. यह सोचने, महसूस करने और व्यवहार करने का तरीक़ा है. दूसरे शब्दों में कहें, तो एटीट्यूड का मतलब स़िर्फ यह नहीं कि हम किस तरह सोचते हैं, बल्कि यह हमारे समझने की शक्ति, हमारे एहसासात और काम करने के तौर-तरीक़ों के साथ ही जीवन के प्रति हमारे रवैये को भी दर्शाता है.

एटीट्यूड बदलने के 5 बेसिक ट्रिक्स
एटीट्यूड को समझने के बाद अगर आपको लग रहा है कि आपका एटीट्यूड भी सही नहीं है, तो एटीट्यूड बदलने के लिए अपनाएं 5 बेसिक ट्रिक्स.

Tips For A Successful Career
1. अपने एटीट्यूड को बदलने के लिए सबसे पहले ईमानदारी के साथ अपना आत्म-विश्‍लेषण करें और अपनी कमज़ोरियों को पहचानें. इससे आपको पता चलेगा कि क्या बदलना या इंप्रूव करना है?

2. अपने लिए एक ऐसा रोल मॉडल तलाशें, जिसकी तरह आप बनना चाहते हैं. उसके जैसा एटीट्यूड अपनाकर आप अपनी कमज़ोरियों को दूर कर सकते हैं.

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3. इस बात पर गौर करें कि आपका बदला हुआ एटीट्यूड आपके करियर को किस प्रकार प्रभावित करेगा. अगर आपको लगता है कि ऐसा करने से ऑफिस में आपकी पोज़ीशन अच्छी होगी, आपका रुतबा बढ़ेगा और बॉस की नज़रोंमेंे एक अच्छी ईमेज बनाने में आप कामयाब होंगे, तो बेहिचक आगे बढ़ें. अपने माइंड को पहले से ही सेट करने से इस दौर से गुज़रने व़क्त होनेवाली चुनौतियों को आप बख़ूबी निभा पाएंगे.

Successful Career Guide
4. आपकी संगति का आपके जीवन पर गहरा प्रभाव होता है. अगर आपके दोस्त आपके
सुधरने की राह में रोड़ा साबित हो रहे हैं, तो उनसे दूरी बनाएं और किसी आशावादी और जीवन के प्रति सही एटीट्यूड रखनेवाले व्यक्ति से मेलजोल बढ़ाएं. इससे आपके बदलाव की राह और आसान हो जाएगी.

5. अक्सर हमारे और हमारे लक्ष्य के बीच हम ही बाधा बनकर खड़े रहते हैं, क्योंकि हमें लगता है कि शायद यह हमसे नहीं होगा. इस निगेटिव एटीट्यूड को दूर कर आपको ख़ुद में पॉज़ीटिव एटीट्यूड लाना होगा, वरना हर मोर्चे पर आपको अपनी कमज़ोरियों के कारण मात खानी पड़ेगी. इसलिए ख़ुद पर विश्‍वास रखें कि आप यह कर सकते हैं.

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ऐसे पढ़ाई के साथ करें कमाई भी (Earn While You Learn)

Earn While You Learn

Earn While You Learn
अगर आप आज की परिस्थिति पर ग़ौर फ़रमाएं, तो पाएंगे कि 16 से 19 साल तक के युवाओं में पढ़ाई के साथ-साथ काम करने का रुझान काफ़ी बढ़ा है. कॉलेज जानेवाले, पढ़ाई करनेवाले ये बच्चे कई प्रकार के पार्ट टाइम कामों से जुड़े हुए हैं. ये काम के साथ-साथ अपनी पढ़ाई भी कर रहे हैं. काम करने की वजह सबकी अपनी-अपनी और अलग-अलग है, पर उद्देश्य सबका एक ही है- आत्मनिर्भर बनना.

क्यों पार्ट टाइम जॉब की ओर बढ़ा युवाओं का रुझान?

एक इंटरनेट सर्वे से यह पता चलता है कि कॉलेजों में पढ़नेवाले लगभग 40 फ़ीसदी बच्चे किसी ना किसी पार्ट टाइम जॉब से जुड़े हुए हैं. इसके कई सारे कारण हैं- पॉकेटमनी, आत्मनिर्भरता, कुछ व्यावहारिक ज्ञान पाना चाहते हैं, कुछ अपने विषय से जुड़े क्षेत्र की जानकारी पाना चाहते हैं, तो कुछ अपनी कमज़ोर आर्थिक स्थिति के चलते काम करना चाहते है. कारण चाहे कुछ भी हो, पर हमें एक बात तो माननी पड़ेगी कि ये बच्चे छोटी उम्र में अपनी ज़िम्मेदारियों को समझने का प्रयास कर रहे हैं.

जॉब ऑप्शन्स

शायद कुछ साल पहले पार्ट टाइम जॉब के विकल्प नहीं थे या थे भी तो बहुत कम, पर आज इसमें कोई कमी नहीं है. एक्सपर्ट्स कहते हैं कि आज कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं रह गया है, इसलिए काम के विकल्प भी बढ़े हैं. छात्र हर तरह के काम कर रहे हैं. कोई कॉफी शॉप में वेटर है, कोई सेल्समैन, तो कोई जिम इंस्ट्रक्टर. यह अच्छा भी है. ऐसे में आप ऐसे काम का चुनाव कर सकते हैं, जो आपका करियर तो नहीं है, पर आपको रुचिकर लगता है. जिसे आप पसंद करते हैं. ऐसे छात्र, जो पार्ट टाइम जॉब करना चाहते हैं, उनके लिए कई तरह के ऑनलाइन जॉब्स भी उपलब्ध हैं. इनमें से अधिकतर जॉब्स के लिए किसी प्रकार की डिग्री या प्रोफेशनल ट्रेनिंग की ज़रूरत नहीं होती और सबसे अच्छी बात, आप अपने काम के साथ अपनी पढ़ाई और बाकी काम भी आराम से कर सकते हैं, क्योंकि ये जॉब्स टाइम कंज़्यूमिंग नहीं होते. इनमें से कुछ काम तो ऐसे भी होते हैं, जिनमें आप काम करते हुए काम की जगह पर ही अपनी पढ़ाई भी कर सकते हैं, जैसे- लाइब्रेरी मैनेजर या कहीं रिसेप्शनिस्ट का काम.

इनके अलावा आप इन क्षेत्रों में भी काम कर सकते हैं- अकाउंट राइटर, ट्यूटर, फ्रीलांसर, जिम इंस्ट्रक्टर, रिसेप्शनिस्ट, वेटर, डांस टीचर, म्यूज़िक टीचर, लाइब्रेरी मैनेजर, किसी भी क्षेत्र में इनटर्न, टूर गाइड, ईवेंट मैनेजमेंट, कॉल सेंटर, रिसर्च राइटर आदि. ऐसे कई सारे और जॉब्स आपको जॉब सर्च वेबसाइट्स पर भी उपलब्ध हैं.

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जॉब करने से पहले यह सोचें

  •  काम करने का निर्णय लेने से पहले ख़ुद से यह ज़रूर पूछें कि यह काम क्यों करना चाहते हैं.
  • स़िर्फ दिखावे या फैशन के लिए काम ना करें.
  • हर काम की अपनी ज़िम्मेदारी होती है, इसका ध्यान रखें.
  • कहीं काम करने से पहले यह तय कर लें कि यह काम आपकी पढ़ाई को प्रभावित ना करे.
  • काम करने से पहले उस काम में अपनी रुचि का ध्यान ज़रूर रखें.
  • कहीं भी काम करने से पहले उस काम की, उस जगह की पूरी पूछताछ कर लें. किसी भी संशयित जगह पर काम ना करें. याद रखें आपकी सुरक्षा सर्वोपरि है.
  •  कहीं भी काम करने से पहले अपने पैरेंट्स को उसकी पूरी जानकारी दें. उन्हें विश्‍वास में लें. उनसे कोई भी बात ना छुपाएं.
  •  पैरेंट्स के लिए भी ज़रूरी है कि अगर आपके बच्चे इस तरह का कोई काम करना चाहते हैं, तो उन्हें प्रोत्साहित करें. उनकी पूरी मदद करें. आज समय बदल गया है, उसे स्वीकार करें. उन्हें यह कहकर हतोत्साहित ना करें कि पढ़ाई के समय स़िर्फ पढ़ाई करो. हां, पर इस बात का ध्यान ज़रूर रखें कि वे काम के चलते पढ़ाई को नज़रअंदाज़ न करें.

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कैसे-कैसे पार्ट टाइम जॉब्स?

कॉफी शॉप 

आजकल कई सारे हाई प्रोफा इल कॉफी शॉप्स लोकप्रिय हैं. छात्रों का ऐसी जगहों पर काम करने का रुझान भी काफ़ी बढ़ा है. ऐसी जगहों पर महज़ 5 से 6 घंटे की शिफ्ट में काम करने के रुपये 6000 से 10000 कमाए जा सकते हैं.

पिज़्ज़ा शॉप 

किसी भी पिज़्ज़ा शॉप में अगर आप 5 से 6 घंटे की शिफ्ट करते हैं, तो आप रुपये 5000 से 8000 कमा सकते हैं.

रिसेप्शनिस्ट

किसी प्राइवेट ऑफिस या हॉस्पिटल या कंपनी में पार्ट टाइम रिसेप्शनिस्ट का काम करने के आपको रुपये  3000 से 8000 मिल सकते हैं. इसके लिए आपको 4 से 5 घंटे का समय देना पड़ेगा.

कॉल सेंटर या बीपीओ

आजकल युवाओं में इसका सबसे ज़्यादा क्रेज़ है. कॉल सेंटर्स में डेटा एंट्री का काम भी होता है. इसमें कई तरह के टाइमिंग्स हैं, जिसमें कुछ शिफ्ट्स रात को भी होती हैं. आप चाहें, तो आप यह काम ऑन लाइन घर पर बैठकर भी कर सकते हैं. इस काम के लिए आपको 2 से 6 घंटे देने पड़ सकते हैं,  जिसके आपको रुपये 4000 से 12000 भी मिल सकते हैं.

इवेंट प्लानर

इसके लिए आप किसी भी बड़ी इवेंट कंपनी के साथ जुड़ सकते हैं, जिसके लिए आप 4 से 6 घंटे काम करके रुपये 4000 से 12000 तक कमा सकते हैं.

सॉफ्टवेयर टेस्टर 

अगर आप सॉफ्टवेयर फील्ड में ही शिक्षा ले रहे हैं, तो आप अपने घर से ही सॉफ्टवेयर टेस्टिंग का काम कर सकते हैं, जिसमें आपको अपने क्लाइंट की मांग के अनुसार समय देना होगा. इसमें आप रुपये 6000 से 13000 तक कमा सकते हैं.

इंटर्न 

अगर आप कोई प्रोफेशनल कोर्स कर रहे हैं, तो आपको किसी प्रोफेशनल के ऑफिस में इंटर्न का काम मिल सकता है, जिसमें 4 से 6 घंटे काम करने के आपको रुपये 8000 से 15000 मिल सकते हैं.

लाइब्रेरी असिस्टेंट

अगर आपको क़िताबों की अच्छी जानकारी है, तो आपको इस काम के लिए 4 से 6 घंटे व्यतीत करने के रुपये 6000 से 8000 मिल सकते हैं.

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                                    – विजया कठाले निबंधे

ग्रैफोलॉजिस्ट: लिखावट से जानें व्यक्तित्व (Graphologist: What Handwriting says about you)

ग्रैफोलॉजिस्ट: लिखावट से जानें व्यक्तित्व

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अगर आप को अक्षरों से बहुत प्यार है. लिखावट से यदि आप किसी के व्यक्तित्व का आकलन करने लगते हैं, तो समझ जाइए कि आप आगे चलकर एक बेहतरीन लिपि विशेषज्ञ बन सकते हैं.

क्या है ग्रैफोलॉजी?

लिखावट का वैज्ञानिक और कलात्मक रूप से विश्‍लेषण करना ग्रैफोलॉजी यानी लिपि विज्ञान है. किसी भी व्यक्ति की लिखावट से आप उसके पूरे व्यक्तित्व के बारे में जान सकते हैं, जैसे- यदि कोई व्यक्ति लिखते समय बार-बार डॉट्स (बिंदियों) का प्रयोग करता है, तो उसके अंदर आत्मविश्‍वास की कमी है. इसी तरह अगर आप हिटलर के सिगनेचर (हस्ताक्षर) को ध्यान से देखें, तो पता चलेगा कि वो हमेशा ऊपर की ओर बढ़ते हुए दिखाई देंगे, जो उसकी शक्ति को दर्शाता है. ऐसे लोग हमेशा अपनी ताकत के बल पर आगे बढ़ते रहते हैं. वो दुनिया को जीत लेना चाहते हैं.

शैक्षणिक योग्यता

ग्रैफोलॉजिस्ट बनने के लिए किसी ख़ास तरह की पढ़ाई नहीं करनी पड़ती, बस, आप में सीखने की लगन, तेज़ दिमाग़ और लोगों को पढ़ना आना चाहिए. साथ ही आपमें चीज़ों को जानने की जिज्ञासा और अच्छी कम्यूनिकेशन स्किल होनी चाहिए.

संबंधित कोर्स

  • हैंडराइटिंग एनालिसिस फॉर बिगिनर्स.
  • इवैलुएटेड ट्रेट्स हैंडराइटिंग एनालिसिस कोर्स.
  • प्रीपेयरिंग ग्रैफोलॉजी स्टडीज एंड रिपोर्ट्स.
  • सॉफ्टवेयर रिक्वॉयर्ड फॉर ग्रैफोलॉजी. 
  • एडवांस हैंडराइटिंग एनालिसिस.

प्रमुख संस्थान

  • कोलकाता इंस्टीट्यूट ऑफ ग्रैफोलॉजी, कोलकाता.
  • इंटरनेशनल ग्रैफोलॉजिकल रिसर्च सेंटर (आई.जी.आर.सी.), बैंगलुरू.
  • पुणे इंस्टीट्यूट ऑफ ग्रैफ्रोलॉजी, पुणे.

और भी पढ़ें: कैसे ढूंढ़ें सोशल मीडिया पर नौकरी?

रोज़गार की संभावनाएं

  • बड़े-बड़े कॉर्पोरेट हाउस अपने कर्मचारियों को नौकरी पर रखने से पहले उनकी अच्छी तरह से थ्री डी स्क्रीनिंग ग्रैफोलॉजिस्ट से ही कराते हैं.
  • अच्छी जॉब की तलाश में भी लोग अच्छे ग्रैफोलॉजिस्ट की सलाह लेते हैं.प लीगल मैटर्स में भी ग्रैफोलॉजिस्ट की ज़रूरत होती है. 

करियर संबंधी आर्टिकल्स के लिए यहां क्लिक करें: Career-Education

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