Tag Archives: Child Birth

Personal Problems: योनि में ढीलापन महसूस होता है (Loose Vagina: What Causes It And How To Tighten Up?)

मैं 37 वर्षीय महिला हूं और मेरी दो सामान्य डिलीवरी हो चुकी है. कुछ दिनों से मुझे ऐसा लग रहा है जैसे मेरी योनि (Vagina) से कुछ बाहर आ रहा है. इसके अलावा मुझे योनि में ढीलापन भी महसूस होता है. क्या ऐसी कोई एक्सरसाइज़ (Exercise) है, जिससे इस स्थिति में सुधार हो सके?
– मनाली, छत्तीसगढ़

नॉर्मल डिलीवरी के बाद गर्भाशय का लटकना और योनि में ढीलापन दोनों ही सामान्य बातें हैं. इस स्थिति से उबरना मुश्किल है, बल्कि मेनोपॉज़ के बाद तो स्थिति और भी ख़राब होती चली जाती है. आप चाहें तो पेल्विक फ्लोर यानी कीगल एक्सरसाइज़ कर सकती हैं. यदि परमानेंट इलाज चाहती हैं तो सर्जरी ही सबसे अच्छा इलाज है. पेरीनियल रिपेयर विधि द्वारा योनि में कसाव लाया जा सकता है. यह बहुत ही छोटी व आसान-सी विधि है. इसके अलावा कीहोल सर्जरी द्वारा यूटेरस को फिक्स किया जा सकता है.

यह भी पढ़ें: Personal Problems: चॉकलेट सिस्ट से बहुत परेशान हूं (Chocolate Cyst: Causes, Symptoms And Treatment)

How To Tighten Up Vagina

मेरी उम्र 38 वर्ष है और मेरे दो बच्चे हैं. पिछले एक साल से मुझे माहवारी के समय बहुत ज़्यादा दर्द और रक्तस्राव होता है. सोनोग्राफ़ी करवाने पर मुझे पता चला कि मेरेे गर्भाशय में 1-2 बड़े फायब्रॉइड (गांठ) हैं. मुझे डॉक्टर ने सलाह दी है कि यूटेरस निकलवा दूं, पर मैं इसके लिए मानसिक तौर पर तैयार नहीं हूं. क्या इसके अलावा मेरे पास कोई विकल्प नहीं है?
– रंजीता, लखनऊ.

यदि गर्भाशय के बीच में अंदर की ओर फायब्रॉइड हो तो यह माहवारी के समय बहुत तकलीफ़ देता है. आधुनिक टेकनीक के चलते अब हीस्टिरोस्कोपिक व लेप्रोस्कोपिक सर्जरी (कीहोल सर्जरी) द्वारा फायब्रॉइड को आसानी से हटाया जा सकता है. आप चाहें तो इस ट्रीटमेंट का सहारा ले सकती हैं. ऐसे केस में यदि महिला की उम्र कम हो तो कोशिश की जानी चाहिए कि यूटेरस को बगैर हटाए फायब्रॉयड को निकाला जा सके.

यह भी पढ़ें: Personal Problems: पीरियड्स में होनेवाले दर्द के लिए क्या कोई ख़ास टेस्ट कराना होगा? (Menstrual Cramps- Diagnosis And Treatments)

Dr. Rajshree Kumar

डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
[email protected]

हेल्थ से जुड़ी और जानकारी के लिए हमारा ऐप इंस्टॉल करें: Ayurvedic Home Remedies

बच्चे के जन्म के साथ लें ये 7 फाइनेंशियल फैसले (7 Financial decisions Must Take With Birth of a Child)

बच्चे, जन्म, फाइनेंशियल फैसले, Financial, decisions, Birth, Child

बच्चे, जन्म, फाइनेंशियल फैसले, Financial, decisions, Birth, Childबच्चेे का जन्म होने के साथ ही दंपति की ज़िम्मेदारियां बढ़ जाती हैं. एक और जहां उसकी अच्छी देखभाल और परवरिश की ज़िम्मेदारियां बढ़ती हैं, वहीं दूसरी ओर उसके सुरक्षित भविष्य के प्रति चिंता भी बढ़ने लगती है. समझदार पैरेंट्स वही होते हैं, जो बच्चे के जन्म के साथ ही उसके सुरक्षित भविष्य के लिए निवेश संबंधी ़फैसले लेने शुरू कर देते हैं. सुरक्षित भविष्य यानी बच्चे की शिक्षा, करियर और शादी में होनेवाले बड़े ख़र्चों के लिए अच्छी ख़ासी जमाराशि का प्रबंध करना. यदि आप भी अपने लाडलेे के सुरक्षित भविष्य के लिए कोई वित्तीय फैसला लेने की सोच रहे हैं, तो यहां पर बताए गए वैकल्पिक निवेशों में से कुछ ऑप्शन का चुनाव कर सकते हैं. आइए जानें, फाइनेंशियल एडवाइज़र वामन पुजारी द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर कैसे करें बच्चे के सुरक्षित भविष्य के लिए वित्तीय फैसले?फिक्स डिपॉज़िट्स

पोस्ट ऑफिस और बैंक के फिक्स डिपॉज़िट्स बच्चों के लिए एक सुरक्षित निवेश हैं. शैड्यूल बैंक (जो आरबीआई एक्ट के दूसरे शेड्यूल की लिस्ट में शामिल होते हैं) फिक्ड डिपॉज़िट्स पर टैक्स डिडक्शन भी देते हैं. अलग-अलग बैंकों में फिक्स डिपॉज़िट्स की ब्याजदर अलग-अलग होती है. सामान्यत: फिक्स डिपॉज़िट्स पर अधिकतर बैंकों की ब्याज दर 7.5% से 9% तक के बीच में होती है. कुछ स्थितियों में इन फिक्स डिपॉज़िस्ट को लेने का एक नुक़सान भी होता है. वह है फिक्स डिपॉज़िट पर मिलनेवाला अधिक ब्याज टैक्सेबल होता है. यदि यह ब्याज की राशि बैंक द्वारा तय की गई ब्याज की राशि से अधिक होती है, तो उस पर टैक्स देना होगा. इसलिए फिक्स डिपॉज़िट्स कराने से पहले बैंककर्ता से सारी जानकारी हासिल कर लें.

और भी पढ़ें: शादी में दें फाइनेंशियल सिक्योरिटी का उपहार

पोस्ट ऑफिस मंथली इंकम स्कीम

शेयर, म्यूचुअल फंड और यूलिप आदि की तुलना में यह स्कीम सबसे सुरक्षित विकल्प है. इसमें शेयर की अपेक्षा हानि होने की संभावना न के बराबर होती है और रिर्टन्स भी अच्छा मिलता है. इस स्कीम के तहत दंपति को एक निर्धारित राशि 6 साल तक हर महीने पोस्ट ऑफिस में जमा करानी पड़ती है, जिस पर 8% की दर से वार्षिक ब्याज मिलता है. इसके साथ ही मेच्योरिटी डेट पूरा होने पर 5% का बोनस भी मिलता है. आवश्यकता पड़ने पर इस स्कीम को प्रीमेच्योर भी करा सकते हैं. 1-3 साल की अवधि में प्रीमेच्योर कराते हैं, तो जमाराशि पर 2% की पेनेल्टी काटने के बाद बची हुई रकम मिल जाती है. इसी तरह से यदि 3 साल के बाद प्रीमेच्योर कराते हैं, तो 1% पेनेल्टी काटने के बाद बची हुई रकम मिल जाती है.

नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट

ये सर्टिफिकेट्स एक विश्‍वनीय रिटर्न स्कीम हैं, जिसमें सेक्शन 80सी के तहत इसमें छूट भी मिलती है. इन सर्टिफिकेट्स पर दंपति 100 से लेकर इच्छानुसार अधिकतम राशि तक निवेश कर सकते हैं. ये सर्टिफिकेट्स 5 साल और 10 साल की अवधिवाले होते हैं. पांच साल की अवधिवाले सर्टिफिकेट में 8.5% की दर से ब्याज भी मिलता है और 10 साल वाले नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट में 8.8% की दर से ब्याज मिलता है. मेच्योरिटी डेट पर यह राशि मूलधन और ब्याज सहित वापस मिलती है. दंपति चाहें तो 5 साल या 10 साल अवधिवाले सर्टिफिकेट को आगामी सालों के लिए रिन्यू भी करा सकते हैैं. इसके अतिरिक्त आवश्यकता पड़ने पर दंपति इन सर्टिफिकेट्स को प्रीम्चोर विड्रॉ भी करा सकते हैं. ज़रूरत पड़ने पर इन सर्टिफिकेट्स को एक स्थान से दूसरे स्थान पर और एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को भी ट्रांसफर कर सकते हैं.

किसान विकास पत्र

एनएससी की तरह दंपति किसान विकास पत्र में भी निवेश कर सकते है. नाबालिग (बच्चे) के नाम से किसान विकास पत्र ख़रीदकर पैरेंट्स ख़ुद को नॉमिनी बनाकर इस योजना का लाभ उठा सकते हैं. इसमें दंपति 1 हज़ार रुपए से लेकर इच्छानुसार अधिकतम राशि तक निवेश कर सकते हैं. चाहें तो 8 साल 4 महीने के बाद वे इसे भविष्य के लिए रिन्यू भी करा सकते हैं या फिर चाहें तो 2 से ढाई साल के बाद विड्रॉ भी करा सकते हैं.

डेबट्स म्यूचुअल फंड और बैलेंस्ड म्यूचुअल फंड

चिल्ड्रन इंश्योरेंस प्लान की तरह दंपति डेबट्स म्यूचुअल फंड और बैलेंस्ड म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं. म्यूचुअल फंड्स में निवेश करने पर अच्छा रिर्टन्स मिलता है, लेकिन इसमें मिलनेवाला लाभ बाज़ार की स्थितियों पर निर्भर करता है. इसलिए इन म्यूचुअल फंड में निवेश करने से पहले दंपति अच्छी तरह से मार्केट रिसर्च कर लें, साथ ही इन म्यूचुअल फंड्स में निवेश करने के बाद भी दंपति लगातार बाज़ार के उतार-चढ़ाव पर नज़र बनाए रखें.
चिल्ड्रन सेविंग अकाउंट: बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए ‘चिल्ड्रन सेविंग अकाउंट’ सबसे अच्छा विकल्प है. दंपति अपने बजट के अनुसार एक तय रकम उसके खाते में जमा कराकर उसके भविष्य के लिए एक मोटी रकम जोड़ सकते हैं.

चिल्ड्रन इंश्योरेंस प्लान

प्रतियोगिता के दौर में सरकारी व निजी बैंकों की तरह लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया ने भी बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए अनेक पॉलिसी ज़ारी की हैं, जैसे- जीवन अनुराग, जीवन किशोर और जीवन अंकुर आदि. इन पॉलिसी में निवेश करके दंपति अपने बच्चे के भविष्य को सिक्योर कर सकते हैं. एलआईसी की तरह ही दंपति निजी बैंकों जैसे- एचडीएफसी-एसएल यंगस्टार सुपर प्रीमियम और यंगस्टार उड़ान आदि चिल्ड्रन इंश्योरेंस प्लान भी ले सकते हैं. इन इंश्योरेंस पॉलिसी को लेकर वे अपने बच्चों की पढ़ाई, करियर आदि शादी संबंधी ज़रूरतों को आसानी से पूरा कर सकते हैं.
पब्लिक प्रोविडेंट फंड: बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए यह भी एक बेहतरीन विकल्प है. इसके अंतगर्त दंपति कम से कम 15 तक हर महीने 500 से लेकर अपने बजटानुसार डेढ़ लाख रुपए तक जमा करा सकते हैं. इस योजना के तहत 8.5% की ब्याज़ मिलता है और आयकर की धारा 80सी के तहत डिडक्शन में छूट भी मिलती है.

लड़कियों के लिए विशेष ‘सुकन्या समृद्धि योजना’

वर्ष 2014-15 में ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान के अन्तर्गत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लड़कियों के सुनहरे भविष्य के लिए एक लघु बचत योजना शुरू है. इस योजना के तहत पैरेंट्स बेटी के जन्म के लेकर 10 साल तक की उम्र होने तक उसका अकाउंट खोल सकते हैं. तब तक पैरेंट्स उसके नॉमिनी रहेंगे. इस योजना की शुरुआत में न्यूनतम राशि 1 हज़ार रुपए जमा करानी होती है और अधिक से अधिक डेढ़ लाख रूपए तक जमा करा सकते हैं. यदि किसी साल, किसी कारण से यह रकम जमा नहीं कराई है, तो अगले वर्ष 50 रुपए की पैनेल्टी के 1 हज़ार रुपए जमा करा सकते हैं. पैरेंट्स अपने बजट के अनुसार हर महीने 100, 500, या 2,000 रुपए से लेकर डेढ़ लाख तक जमा कर सकते हैं. इस योजना की ख़ास बात यह है कि इसमें ब्याज़ स्थायी नहीं है, हर साल नई ब्याज दर की घोषणा की जाएगी.

और भी पढ़ें: फाइनेंशियली कितनी फिट हैं आप?

अधिक फाइनेंस आर्टिकल के लिए यहां क्लिक करें: FINANCE ARTICLES 

 – पूनम नागेंद्र शर्मा

 

[amazon_link asins=’B0711KX3JR,B072BZ21GJ,B071LJMB84′ template=’ProductCarousel’ store=’pbc02-21′ marketplace=’IN’ link_id=’e41997d7-b4a7-11e7-928f-8b09ec49211a’]

[amazon_link asins=’B01I1AZJ1K,B007Q83LVE’ template=’ProductCarousel’ store=’pbc02-21′ marketplace=’IN’ link_id=’f0b9dd44-b4a7-11e7-aad4-5b8ed26e2073′]