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jayalalitha

अन्नाद्रमुक पार्टी का कहना है कि जयललिता (Jayalalitha) की बीमारी व उनके निधन के सदमे में अब तक 77 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. हालांकि केंद्र की एजेंसी की मानें, तो यह आंकड़ा 30 के आसपास है. दरअसल, जयललिता को लोग अपना भगवान मानते थे और उनकी पूजा की जाती थी. यही वजह है कि वो इतनी पॉप्युलर थीं कि लोग अब उनके जाने का ग़म बर्दाश्त नहीं कर पा रहे.
राज्य सरकार ने जान गंवा चुके लोगों के परिवारों के लिए 3 लाख रुपए के मुआवज़े का भी ऐलान किया है. इसके अलावा कुछ लोगों ने ख़ुद को आग लगाने व अपनी उंगली काटने की भी कोशिश की थी, जिन्हें 50 हज़ार का मुआवज़ा दिया जाएगा.

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जयललिता (jayalalitha) आयंगर थीं, इसके बावजूद उनका अंतिम संस्कार आयंगर प्रथा के अनुसार नहीं हुआ. उनका दाह संस्कार न करके उन्हें मरीना बीच पर दफनाया गया. उनके अंतिम संस्कार से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी दी कि दिवंगत मुख्यमंत्री हमारे लिए आयंगर नहीं थीं. वो किसी भी जाति व धर्म से परे थीं. इससे पहले भी पेरियार, अन्ना दुरई व एमजीआर जैसे नेताओं को भी दफनाया ही गया था. इन्हें चंदन व गुलाबजल के साथ दफनाते हैं और दफनाए जाने से इनके समर्थकों को एक स्मारक के तौर पर इन्हें याद रखने में सहायता मिलती है.
इसके अलावा कुछ अन्य वजहें भी बताई जा रही हैं, जिसमें सबसे प्रमुख यह है कि जयललिता का कोई भी क़रीबी रिश्तेदार नहीं था सिवाय उनकी भतीजी दीपा के. ऐसे में उन्हें दफनाए जाने पर किसी को भी आपत्ति नहीं थी. हिंदू समाज में यह भी मान्यता है कि संत, पवित्रजन व 3 साल से कम उम्र के बच्चों का दाह संस्कार न करके उन्हें दफनाया जाता है. उनके चाहनेवाले उन्हें संत व पवित्रता के प्रतीक के रूप में भी देखते थे. यह भी एक वजह मानी जा रही है कि जयललिता को दफनाया गया.

Jayalalitha

  • तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता (Jayalalitha) नहीं रहीं. चेन्नई के अपोलो हॉस्पिटल में ली आखिरी सांस.
  • जयललिता को रविवार को हार्ट अटैक आया था, इसलिए उन्हें सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया था.
  • ग़ौरतलब है कि जयललिता 22 सितंबर से ही अस्पताल में भर्ती थीं.
  • उन्हें बुख़ार, डिहाइड्रेशन और कंजेशन की समस्या के बाद अस्तपताल लाया गया था,  जहाँ सोमवार को उनका निधन हो गया.
  • पूरे राज्य में हाई अलर्ट घोषित किया गया. बड़ी तादाद में पुलिसकर्मी तैनात किये गए.

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चेन्नई के अपोलो अस्पताल में भर्ती जयललिता (Jayalalitha) की सेहत के बारे में अपडेट करते हुए अस्पताल की तरफ़ से यही कहा गया कि दुआ करें. जयललिता को रविवार को हार्ट अटैक आया था, इसलिए अब उन्हें सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया है. ग़ौरतलब है कि जयललिता 22 सितंबर से ही अस्पताल में भर्ती हैं. उन्हें बुख़ार, डिहाइड्रेशन और कंजेशन की समस्या के बाद अस्तपताल लाया गया था.
उनके लिए लोगों ने ट्वीट्स करके दुआएं मांग रहे हैं, ताकि वे जल्द स्वस्थ हों.