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BCCI, Dravid's Demand For Equal Pay In Cash Rewards
राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) अपनी सादगी और टैलेंट के दम पर अपनी अलग पहचान तो कबके बना चुके हैं, पर हर बार वो एक नई मिसाल देकर कुछ ऐसा कर जाते हैं कि उनका सम्मान और बढ़ जाता है. हाल ही में बीसीसीआई (BCCI) ने अंडर-19 विश्व कप (Under 19 World Cup) जीतने के बाद मुख्य कोच (Coach), सहायक कोच और टीम के खिलाड़ियों के लिए इनामी रकम की घोषणा की थी, जिसमें राहुल द्रविड़ को सबसे ज़्यादा 50 लाख दिए जाने का ऐलान हुआ था. लेकिन इनामी रकम की असमानता को लेकर द्रविड़ ने नाखुशी जाहिर की. राहुल का कहना है कि सबने उतनी ही मेहनत की है तो इनाम में असामनता क्यों? राहुल ने अपनी इनामी राशि कम करके सपोर्टिंग स्टाफ के लिए भी समान रकम की मांग की और बीसीसीआई ने इस मांग को स्वीकार करते हुए विश्व कप ही नहीं, बल्कि अंडर-19 टीम से एक साल पहले तक जुड़े स्टॉफ के हर सदस्य को इनामी रकम देने का फैसला किया है. सभी को समान राशि दी जाएगी. यहाँ तक कि उस ट्रेनर के परिवार को भी उतनी ही रकम मिलेगी, जिसका पिछले साल टीम के साथ ऑन ड्यूटी निधन हो गया था.

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राहुल द्रविड़ के इस क़दम ने उनके फैंस के बीच उनका सम्मान और बढ़ा दिया और सभी ने ट्वीट्स करके अपने मन की बात कही. आप भी पढ़ें ये ट्वीट्स

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आमिर की फिल्म दंगल बॉक्स ऑफिस पर कमाई करने के साथ-साथ दर्शकों का प्यार भी जीत रही है, लेकिन कोई है, जो इस फिल्म से बहुत निराश है. ग़ुस्सा इस क़दर है कि वो आमिर स्टारर इस फिल्म को कोर्ट में भी घसीट सकता है. आख़िर कौन है वो और क्यों दंगल को असली अखाड़े में खींचना चाहता है.

दंगल वालों ने चीटिंग की!
जी हां, वो कोई और नहीं, बल्कि गीता फोगट के रियल लाइफ कोच प्याराराम सोंधी हैं. दंगल देखने के बाद सोंधी आमिर ख़ान समेत फिल्म के बाकी मेकर्स से काफ़ी नाराज़ दिखे. सोंधी का कहना है कि फिल्म की शूटिंग पर गए थे, लेकिन इस तरह के किसी सीन की बात मेकर्स ने नहीं की. इस तरह से फिल्म में दिखाए गए कई सीन पूरी तरह से ग़लत हैं.

आख़िर किस सीन को लेकर भड़के सोंधी?
दरअसल, फिल्म के एक सीन में गीता फाइनल खेलने जाती हैं, तो कोच गीता के पिता महावीर फोगट को कमरे में बंद करवा देते हैं. कोच नहीं चाहते थे कि गीता की सफलता का श्रेय उनके पिता को मिले. सोंधी की माने, तो ऐसा कुछ भी नहीं था. फोगट परिवार से उनका रिश्ता बहुत अच्छा है और इस तरह की बात नहीं थी. ऐसा फिल्म को और रोचक बनाने के लिए दिखाया गया है. इसी तरह फिल्म के एक सीन में गीता फोगट के कोच के रूप में प्रमोद कदम को दिखाया गया है, जबकि सोंधी की माने, तो उस समय वो ही फोगट के कोच थे.

फोगट फैमिली क्या कहती है?
अगर बात फोगट सिस्टर्स और फैमिली की की जाए, तो उनका कहना अलग है. वो तो फिल्म देखने के बाद ही कहने लगे थे कि फिल्म का 99% भाग उनकी रियल लाइफ से जुड़ा है. उनकी ज़िंदगी में जो हुआ, वही दिखाया गया है.

हालांकि सोंधी की इस बात पर अभी आमिर ख़ान और फोगट फैमिली को ओर से कोई रिऐक्शन नहीं आया है. सोंधी फिल्म से इस क़दर नाराज़ हैं कि वो लीगल ऐक्शन लेने के बारे में भी सोच रहे हैं. वैसे हमें नहीं पता कि इस पूरे मामले की सच्चाई क्या है, लेकिन इतना तो ज़रूर है कि फिल्म के एक अन्य सीन को लेकर भी विवाद चल रहा था, जिसमें गीता फोगट के फाइनल फाइट को फिल्म में संघर्षपूर्ण बताया गया है, जबकि असल में वो शानदार तरी़के से जीत दर्ज करते हुए गोल्ड मेडल जीती थीं.

श्वेता सिंह 

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क्या आप भी अपने करियर को लेकर परेशान हैं. समझ नहीं आ रहा है कि किस दिशा में आगे बढ़ें? तो अब टेंशन की टोकरी को अपने सिर से उतार फेंकिए और बनिए करियर कोच. जी हां, इस फील्ड में करियर बनाकर आप न केवल अपना, बल्कि दूसरों का भविष्य भी सुधार सकते हैं. कैसे? आइए, हम बताते हैं.

क्या है ये करियर कोचिंग
आम बोलचाल की भाषा में इसे आप करियर कॉउंसलिंग कह सकते हैं. एक ऐसा कॉउंसलर जो लोगों को आगे बढ़ने की दिशा दिखता है. एक ऐसा टीचर जो आपके ही विकल्पों में से के ऐसा सुझाव देता है, जिससे आपके करियर की गाड़ी आगे बढ़ जाती है. तो आप भी अब इसमें करियर बनाकर बहुत कुछ हासिल कर सकते हैं.

एज्युकेशनल स्किल
इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए १२वीं पास होना बहुत ज़रूरी है. हो सके तो १२वीं में साइकोलॉजी ज़रूर लें. १२वीं करने के बाद साइकोलॉजी से ग्रेजुएशन करें। इसके बाद गाइडेंस और काउंसलिंग में पीजी डिप्लोमा करें। आगे आप पोस्ट ग्रेजुएट और डॉक्टरेट भी कर सकते हैं.

पर्सनल स्किल
शिक्षा जगत की पूरी जानकारी रखें। कब क्या नया हो रहा है, उसकी पूरी अपडेट रखे.
कम्युनिकेशन स्किल बेहतरीन होनी चाहिए.
पेशेंस का होना बहुत ज़रूरी है.
दूसरों को समझाने की कला आनी चाहिए.
अपनी पर्सनालिटी से लोगों को सम्मोहित करना आना चाहिए.
कॉन्फिडेंस का होना बहुत ज़रूरी है.

सैलरी पैकेज
स्टार्टिंग में आपको १२-१५ हज़ार मिलते हैं. कुछ ही महीनों में ये पैकेज बढ़कर ३५ हो जाता है. इतना ही नहीं अनुभव बढ़ने के साथ-साथ आप अपना ख़ुद का क्लिनिक शुरू करके ज़्यादा से ज़्यादा काम सकते हैं.

करियर ऑप्शन
करियर कोच के ऑप्शन बहुत है. कॉर्पोरेट कंपनी, मल्टी नेशनल कंपनी, इंस्टिट्यूट्स, स्कूल्स आदि जगहों पर आप नौकरी कर सकते हैं.

पैसे से ज़्यादा करियर पर करें फोकस
वैसे तो सभी ये चाहते हैं कि वो ऐसी नौकरी करें, जिसमें बहुत पैसा हो, ये सही भी है, लेकिन इस फील्ड में हमेशा एक बात का ध्यान रखें कि हो सकता है कि आपके पास कोई ऐसा भी स्टूडेंट आये, जो आर्थिक रूप से सक्षम नहीं है. ऐसे में आपका फ़र्ज़ बनता है कि आप पैसे की चिंता किए बग़ैर उसका करियर संवारें.

– श्वेता सिंह 

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