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विंटर हेल्थ केयरः विंटर हेल्थ प्रॉब्लम्स से बचने के लिए Effective होम रेमेडीज़(Effective home remedies for winter health problems)

home remedies for winter health problems

विंटर सीज़न को बनाएं हेल्दी, हैप्पी और एक्टिव. ट्राई करें ये होम रेमेडीज़ और रहें हेल्थ प्रॉब्लम्स से दूर.
विंटर सीज़न कोल्ड और फ्लूवाला मौसम कहलाता है. इस मौसम में जहां कुछ लोग नई बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं, वहीं बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए समस्याएं और बढ़ जाती हैं. सर्दियों के इस मौसम में स्वस्थ व सेहतमंद रहने के लिए यहां हमने दी हैं कुछ ईज़ी होम रेमेडीज़.

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सर्दी-ज़ुकाम

सर्दी-ज़ुकाम कभी भी हो सकता है, पर सर्दियों में इसकी संभावना काफ़ी बढ़ जाती है. ख़ासतौर से कमज़ोर इम्यून सिस्टमवालों को सर्दी जल्दी होती है. सर्दी-ज़ुकाम काफ़ी संक्रामक होता है, इसलिए सर्दी के मौसम में लोग संभलकर रहें. बहती नाक, सीने में जकड़न, छींकें आना, सिरदर्द, गले में ख़राश और हल्का बुख़ार इसके आम लक्षण हैं.
डॉक्टर की सलाह
सर्दी से बचने का सबसे सरल उपाय है, अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मज़बूत करना. जिन्हें बार-बार सर्दी हो जाती है, उन्हें सर्दियों में आंवले का मुरब्बा खाना चाहिए, इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता मज़बूत होती है.
होम रेमेडीज़
– सर्दी से छुटकारा दिलाने में लहसुन काफ़ी कारगर है. 4-5 लहसुन की कलियां पीसकर कच्चा ही खाएं.
– पानी उबालकर उसमें थोड़ी-सी अदरक, 1 नींबू का रस और 1 टेबलस्पून शहद मिलाएं और काढ़ा बनाकर पीएं.
– आधे टेबलस्पून शहद में 1 टेबलस्पून दालचीनी का पाउडर मिलाकर तीन दिनों तक लें.
– 1 ग्लास गुनगुने पानी में 2 टीस्पून हल्दी मिलाकर पीएं.

फ्लू

बुख़ार, सिरदर्द, बदनदर्द और थकान फ्लू के आम लक्षण हैं.
कुछ लोगों को सर्दी के लक्षण, जैसे- गले में ख़राश, सीने में जकड़न, छींकें आना आदि भी होते हैं.
डॉक्टर की सलाह
टीकाकरण ही इसका सबसे बढ़िया उपाय है. एंटीबैक्टीरियल सोप से हाथ धोते रहें. फ्लू से संक्रमित लोगों के संपर्क में आने से बचें.
होम रेमेडीज़
– समान मात्रा में शहद और प्याज़ का रस मिलाकर दिन में तीन बार फ्लू जाने तक लें.
– 1 टीस्पून शहद में 10-12 तुलसी की पत्तियों का रस मिलाकर दिन में एक बार लेने से भी राहत मिलती है.
– 1 ग्लास उबलते पानी में 1 नींबू काटकर डालें और इसकी भाप लें. दिन में 3-4 बार ऐसा करें.
– सीने की जकड़न को दूर करने के लिए आधी बाल्टी गरम पानी में एक टेबलस्पून राई पाउडर मिलाकर उसमें पैर डालकर थोड़ी देर बैठें. यह उपाय दिन में 2 बार करें.

जोड़ों मेें दर्द

सर्दियों में अक्सर जोड़ों का दर्द उभर जाता है. ऑस्टियोपोरोसिस और आर्थराइटिस के मरीज़ों की मुश्किलें और भी बढ़ जाती हैं. इसमें जोड़ों में लगातार दर्द, ऐंठन व जकड़न बनी रहती है. दर्द को कम करने के लिए फिज़िकली एक्टिव रहना बहुत ज़रूरी है.
डॉक्टर की सलाह
विटामिन डी और सप्लीमेंट्स लेने से कुछ राहत मिलती है, पर कुछ भी लेने से पहले अपने डॉक्टर को कंसल्ट करें. ओमेगा 3, विटामिन ङ्गकेफ और ङ्गसीफ के गुणों से भरपूर डायट लें.
हल्की-फुल्की एक्सरसाइज़ करें. सुबह सोकर उठने पर अंगड़ाई लें
और स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज़ करें.
होम रेमेडीज़
– रोज़ाना सुबह 1 टीस्पून मेथी पाउडर फांककर 1 ग्लास गुनगुना पानी पीएं.
– 1 ग्लास गुनगुने दूध में थोड़ा-सा हल्दी पाउडर और 1 टीस्पून शहद मिलाकर कुछ दिनों तक रोज़ाना लें.
– 1 कप गुनगुने पानी में 1 टीस्पून एप्पल साइडर विनेगर और थोड़ी-सी शहद मिलाकर दिन में दो बार खाने से पहले लें.
– गुनगुना नारियल तेल, ऑलिव ऑयल, सरसों के तेल या एरंडी के तेल से मसाज करें.

ब्रॉन्कायटिस

सर्दियों में नवजात शिशुओं, बच्चों और जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमज़ोर होती है, वे ब्रॉन्कायटिस की चपेट में आ जाते हैं. इसमें फेफड़ों के छोटे एयरवेज़ में सूजन और जलन होती है, जिससे सांस लेने में तकलीफ़ होती है. इसके लक्षण सर्दी-खांसी जैसे ही होते हैं. इसके अलावा लगातार खांसी, सांसों का तेज़ हो जाना और हल्का बुख़ार भी इसके लक्षण हैं.
डॉक्टर की सलाह
ऐसे में जल्द से जल्द डॉक्टर से मिलें. साथ ही किसी भी तरह के धुएं, पटाखों, सिगरेट आदि से दूर रहें.
होम रेमेडीज़
– आधा-आधा टीस्पून कुटी हुई अदरक, लौंग और दालचीनी को 1 कप गरम पानी में मिलाकर कुछ दिन तक पीएं.
– 1 ग्लास दूध में लहसुन की 2-3 कलियां मिलाकर उबालें और रात को सोने से पहले पीएं.
– 1 ग्लास दूध में 1 टीस्पून हल्दी पाउडर मिलाकर उबालें और खाली पेट दिन में 2-3 बार लें. गॉल ब्लैडर स्टोन, हाइपर एसिडिटी, स्टमक अल्सर और जॉन्डिस के मरीज़ इसे न लें.
– कुछ बूंदें नीलगिरी के तेल की उबलते हुए पानी में डालकर भाप लें. इससे काफ़ी राहत मिलती है. इसके अलावा थोड़ा-सा नीलगिरी तेल सीने पर लगाएं.
– नमक के पानी से गरारे करना भी इसमें काफ़ी फ़ायदेमंद होता है.

अस्थमा

अस्थमा के मरीज़ों के लिए सर्दियों का मौसम मुश्किलोें भरा होता है. कभी सांसों का तेज़ होना, तो कभी सांस लेने में तकलीफ़ इसके लक्षण हैं. अन्य लोगों की तुलना में इन्हें अपना ज़्यादा ध्यान रखना पड़ता है.
डॉक्टर की सलाह
ख़ुद को अच्छी तरह ढंककर रखें. बाहर निकलते समय नाक व मुंह को स्कार्फ से अच्छी तरह ढंक लें. अपनी दवाइयां नियमित लें और अपना इनहेलर हमेशा कैरी करें.
होम रेमेडीज़
– समान मात्रा में अदरक का रस, अनार का रस और शहद मिलाकर दिन में 2-3 बार 1-1 टेबलस्पून लें.
– 1 कप पानी में 1 टेबलस्पून मेथी उबालें और उसमें 1-1 टीस्पून अदरक का रस और शहद मिलाकर सुबह-शाम लें.
– सरसों के तेल में कपूर मिलाकर गरम करें. हल्के हाथों से सीने और पीठ में लगाएं. दिन में कई बार दोहराएं.
– 3 अंजीर रातभर भिगोकर रखें, सुबह अंजीर खाकर पानी पी लें.

हार्ट प्रॉब्लम्स

मौसम में ठंड के कारण हमारा ब्लडप्रेशर बढ़ जाता है और कोरोनरी आर्टरीज़ सिकुड़ने लगती हैं, जिससे रक्तसंचार धीमा हो जाता है. डॉक्टर्स के मुताबिक़ यही कारण है कि सदिर्र्यों में हार्ट अटैक के मामले बढ़ जाते हैं.
डॉक्टर की सलाह
बॉडी में वॉटर रिटेंशन न बढ़े, इसलिए खाने में नमक की मात्रा कम कर दें. फ्लू का टीका ज़रूर लगवाएं. एकदम सुबह-सुबह वॉक पर न जाएं, बल्कि धूप निकलने पर या शाम को जाएं. दो बार में हैवी खाने की बजाय 4-5 बार में थोड़ा-थोड़ा खाएं. अपने वज़न को नियंत्रित रखें. अगर वज़न अचानक से बढ़ने लगे, तो डॉक्टर को बताएं.
होम रेमेडीज़
– 1 ग्लास गुनगुने पानी में आधा टीस्पून अर्जुन की छाल का पाउडर और शहद मिलाकर लें. इससे आपको काफ़ी राहत मिलेगी.
– सर्दियों में रोज़ाना 2-3 लहसुन की कलियां खाएं. अगर लहसुन का स्वाद कसैला लगता है, तो उसके बाद 1 ग्लास दूध पीएं.
– हल्दी आपके लिए काफ़ी फ़ायदेमंद है. रोज़ाना 1 ग्लास दूध में आधा टीस्पून हल्दी पाउडर मिलाकर लें.

– सुनीता सिंह

विंटर हेल्थः 12 होम रेमेडीज़ गले के इंफेक्शन से बचने के लिए (Winter health: 12 Home Remedies for throat infection)

Home Remedies for throat infection

अक्सर मौसम बदलने या सर्दी-खांसी होने पर गला ख़राब हो जाता है. गले में दर्द व ख़राश महसूस होने लगती है, लेकिन इसके लिए हर बार डॉक्टर के चक्कर लगाने की ज़रूरत नहीं है. कुछ होम रेमेडीज़ अपनाकर फौरन राहत पाई जा सकती है.

 

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गरम पानी से गरारा
गला ख़राब होने पर तुरंत दवाई खाने की आदत ठीक नहीं है. पहले कुछ घरेलू उपाय कर लें, वरना शरीर को हर छोटी-बड़ी बीमारी में दवाई खाने की आदत पड़ जाएगी.
– गला ख़राब होने पर सबसे पहले गरम पानी में थोड़ा-सा नमक मिलाकर गरारा करें. दिन में कई बार ऐसा करने पर जल्द राहत मिलेगी.
– गरम पानी में लहुसन का रस मिलाकर गरारा करें.
– गुनगुने पानी में नींबू का रस और नमक मिलाकर गरारा करने से भी राहत मिलती है.
– आधा ग्राम हींग गरम पानी में मिलाकर उससे गरारा करें.

हल्दी-गुड़
– हल्दी और गुड़ को मिलाकर गरम पानी से निगल लें. जुकाम से बैठा हुआ गला खुल जाएगा.

अजवायन भी है फायदेमंद
– गला बैठ गया है तो अजवायन और शक्कर मिलाकर पीएं. गला खुल जाएगा.

कालीमिर्च
– तीन-चार कालीमिर्च शक्कर के साथ चबाकर खाएं.

एंटी इन्फ्लेमेटरीज़
गला ख़राब होने पर एंटी इन्फ्लेमेटरीज़ दवाएं बहुत कारगर होती हैं. ये दर्द से राहत दिलाने के साथ ही सूजन भी कम करती हैं.

हर्बल टी
गरम पानी पीकर अगर बोर हो गए हों, तो हर्बल टी पीएं. गला ख़राब होने पर हर्बल टी बहुत फ़ायदा करती है. दिन में 3-4 कप हर्बल टी पीने से आपको राहत महसूस होगी.

कालीमिर्च और घी
कालीमिर्च भी गला ख़राब होने पर बहुत फ़ायदा पहुंचाती है. खाना खाने के बाद कालीमिर्च को कूटकर एक चम्मच घी में मिलाकर खाएं. इससे दबी आवाज़ भी ठीक हो जाती है और जल्द राहत मिलती है.

हल्दी वाला दूध
रात में खाना खाने के बाद दूध में हल्दी डालकर उबालें और गरम-गरम पीएं. इससे आपका इम्यून सिस्टम बढ़ेगा और आपको जल्दी राहत मिलेगी.

तरल पदार्थों का सेवन
शरीर में तरल पदार्थों की कमी आपकी परेशानी और बढ़ा सकती है, इसलिए पानी की कमी न होने दें. हर दो घंटे में गरम पानी पीते रहें. इससे गला सूखेगा नहीं, साथ ही बैक्टिरिया से लड़ने में मदद भी मिलेगी.

चिकन सूप
अगर आप नॉनवेज के शौक़ीन हैं, तो चिकन सूप आपके लिए बहुत फ़ायदेमंद रहेगा. गरम-गरम चिकन सूप पीने से गले को राहत मिलेगी.

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16 असरदार घरेलू उपाय आज़माएं ज़ुकाम से झट राहत पाएं (16 Effective Home Remedies For Cold)

Home Remedies For Cold

Home Remedies For Cold

मौसम बदलने पर क्या आप भी ज़ुकाम से परेशान हो जाते हैं? तो अब टेंशन छोड़िए और अपनाइए ये आसान घरेलू तरी़के. (Home Remedies For Cold)

* 1 शहद और अदरक का रस एक-एक टेबलस्पून मिलाकर सुबह-शाम पीने से ज़ुकाम ठीक हो जाता है.

* पान के दो-चार पत्ते चबाने से सर्दी-ज़ुकाम में आराम मिलता है.

* सेंधा नमक और 3-4 काली मिर्च पीसकर गुनगुने पानी के साथ सेवन करें.

* 200 ग्राम साबूत धनिया लेकर पीसें. इसमें से 3-4 ग्राम लेकर गुड़ के साथ दिन में तीन-चार बार खाएं. कफ़ कम हो जाएगा.

* गुड़ को काली मिर्च के साथ मिलाकर पानी में उबालें और चाय की तरह गरम-गरम पीएं.

* एक बड़ा चम्मच अजवायन थोड़े-से सेंधा नमक के साथ मिलाकर गुुनगुने पानी के साथ फांक लेने से ज़ुकाम दूर होता है.

Home Remedies For Cold

* 1 मि.ली. तुलसी का रस, 1 ग्राम काली मिर्च का चूर्ण और 1 मि.ली. लहसुन का रस- तीनों को पानी में मिलाकर सुबह-शाम पीएं. दो-तीन दिन तक
इसका सेवन करने से ज़ुकाम से पूरी तरह से छुटकारा मिल जाएगा.

* अजवायन को पीसकर उसमें प्याज़ का रस मिलाकर शरीर पर मलने से पसीना आकर ज़ुकाम में राहत मिलती है.

* सोंठ के चूर्ण में गुड़ और थोड़ा-सा घी डालकर उसके 30-40 ग्राम के लड्डू बनाएं और सुबह-शाम खाएं.

* चार भाग देशी चीनी में 1 भाग सेंधा नमक मिलाकर रात को सोने से पहले गुनगुने पानी या गर्म दूध के साथ लें.

* गुनगुने पानी में चार-पांच चम्मच नमक मिलाकर उसमें कुछ देर पैर रख कर बैठें. ऐसा करते समय सिर को तौलिए से ढंक लें. 4-5 दिन मेेें आराम  आ जाएगा.

Home Remedies For Cold

* रोज़ाना थोड़े-से खजूर खाने के बाद चार-पांच घूंट गर्म पानी पीने से कफ़ पतला होकर निकल जाता है. फेफड़े भी साफ़ होते हैं.

* गुड़ की छोटी-सी डली के बीच ज़रा-सी पिसी हुई हींग और दो-चार काली मिर्च डालकर गोली बना कर सुबह-शाम खाएं.

* हल्दी और दूध गर्म कर उसमें गुड़ मिलाकर पीने से ज़ुकाम, कफ़ व शरीर दर्द से राहत मिलती है.

* काली मिर्च पाउडर, दही और गुड़ के साथ रोज़ सुबह-शाम खाने से ज़ुकाम ठीक हो जाता है.

* रात को सोते समय दोनों कानों में राई के हल्के गर्म तेल की दो-तीन बूंदें डालकर रुई का फाहा लगा लें.

 

यूं पाएं सर्दी-ज़ुकाम से निजात (Home Remedies for Cold and Cough)

Amazing Health Benefits: शुगर, कोलेस्ट्रॉल के साथ ही इन बीमारियों में भी फ़ायदेमंद है दालचीनी (Amazing Health Benefits of cinnamon)

Cinnamon Health Benefits

Cinnamon Health Benefits

सब्ज़ी का स्वाद बढ़ानेवाली दालचीनी सेहत के लिए भी बहुत फ़ायदेमंद है. (Amazing Health Benefits of cinnamon)

 

ब्लड शुगर को नियंत्रित करता है
दालचीनी के नियमित उपयोग से ब्लड शुगर कंट्रोल में रहता है. यह टाइप 2 डायबिटीज़ में बहुत उपयोगी साबित होती है.

कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल
बॉडी में एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा कम होने से कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ने लगता है. दालचीनी कोलेस्ट्रॉल लेवल को नियंत्रित करती है. 2 चम्मच शहद, 3 चम्मच दालचीनी पाउडर 1/2 लीटर गरम पानी के साथ ले. इससे कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रहता है.

उल्टी-दस्त में कारगर
बहुत ज़्यादा उल्टी-दस्त होने पर घरेलू उपचार में दालचीनी का उपयोग करें. इससे बहुत जल्द आराम मिलेगा. इसके लिए 1 ग्लास पानी में दालचीनी पाउडर उबालें फिर उसमें शहद मिलाएं और धीरे-धीरे पीएं. जल्द फ़ायदा मिलेगा.

Cinnamon Health Benefits

अस्थमा से राहत
अस्थमा की समस्या होने पर दालचीनी पाउडर को गुड़ के साथ मिक्स करके गर्म पानी के साथ लें. इससे आराम मिलेगा.

कोल्ड-कफ में राहत
दालचीनी में एंटी फंगल और एंटी बैक्टीरियल तत्व पाए जाते हैं, जो कोल्ड एंड कफ होने पर राहत पहुंचाते हैं. शहद के साथ दालचीनी पाउडर मिलाएं और गर्म पानी के साथ लें. जल्द आराम मिलेगा.

सिरदर्द से राहत
काम के प्रेशर से अगर सिर में अचानक से दर्द शुरू हो गया है, तो तुरंत दवाई खाने से बचें. दालचीनी पाउडर को गरम पानी में मिलाकर पेस्ट बनाएं और उसे माथे यानी फोरहेड पर लगाएं. 10 मिनट बाद बाद धो लें. आराम मिलेगा.

कान के दर्द से निजात
अगर कान में तेज़ दर्द हो रहा हो या कम सुनाई पड़ता हो, तो दालचीनी के तेल की कुछ बूंदें कान में लेने से बहुत फ़ायदा होता है.

गैस से राहत
गैस की समस्या हो तो दालचीनी का उपयोग फायदेमंद हैं. इसके लिए 1 चम्मच दालचीनी के पाउडर में 1 चम्मच शहद मिलाकर गर्म पानी के साथ इसका सेवन लाभप्रद होता है.

 

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जॉइंट पेन से राहत
जोड़ो के दर्द को कम करने के लिए दालचीनी बहुत ही फ़ायदेमंद है. गुनगुने पानी में दालचीनी पाउडर और थोड़े-सा शहद मिलाकर शरीर में दर्द वाले अंग पर लगाकर हल्के हाथों से मालिश करें. बहुत जल्द फ़ायदा होगा. एक कप गुनगुने पानी में एक चम्मच शहद और आधा चम्मच दालचीनी पाउडर मिलाकर पीने से भी जोड़ों के दर्द से निजात मिलती है.

स्किन प्रॉब्लम से छुट्टी
त्वचा की समस्या होने पर भी दालचीनी बहुत फायदेमंद है. त्वचा में खाज और खुजली होने पर दालचीनी पाउडर तथा शहद बराबर मात्रा में लेकर पेस्ट बनाएं. इस पेस्ट को लगाने से त्वचा की यह समस्या दूर होती है. दालचीनी के पाउडर में थोड़ा सा नीबूं का रस मिलाकर चेहरे पर लगाने से कील मुंहासे दूर होते हैं.

दिल को रखे सेफ
आजकल की बिज़ी और स्ट्रेस भरी लाइफ में हमारा दिल कमज़ोर होता जा रहा है. ऐसे में इसकी हिफाज़त के लिए दालचीनी का सेवन करें. रोज़ाना शहद में दालचीनी मिलाकर खाने से फ़ायदा होगा.

क्या होता है दालचीनी में?
– विटामिन ए
– विटामिन बी6
– कैल्शियम
– आयरन
– मैग्नीशियम
– फाइबर

डायबिटीज़ से निजात पाने के घरेलू उपाय (Home Remedies To Get Rid Diabetes)

जानें डॉक्टर्स के सीक्रेट हेल्थ मंत्र(Know health secret mantras of Doctors )

health secret mantras of Doctors

24 घंटे हमारे इलाज में तत्पर रहने वाले डॉक्टर्स क्या कभी बीमार नहीं होते? आख़िर वो ऐसी कौन-सी चीज़ खाते हैं कि 24/7 फिट और एनर्जेटिक दिखते हैं. आप भी जानें डॉक्टर्स के सीक्रेट हेल्थ मंत्र, जिसके बारे में बता रहे हैं डॉ. ए. के. मिश्रा.

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दर्द में क्या करते हैं डॉक्टर?

आपकी बीमारी को दवा के ज़रिए झट से दूर करने वाले डॉक्टर को भी दर्द होता है. ऐसे में वो दर्द को दूर करने के लिए क्या करते हैं? आइए, जानते हैं.
सिरदर्द
अमूमन सिर दर्द में लोग पेन किलर खाते हैं, लेकिन ज़्यादातर डॉक्टर दवाइयों के बदले कुछ और ही करते हैं. अपने हाथों के दोनों अंगूठों को भौंहों के नीचे रखकर ऊपर से नीचे की ओर प्रेस करें. इस तरह करते रहने से ऑर्बिटल नर्व स्ट्रेस लेवल को कम करके आपको सिरदर्द से राहत देती है.
कमरदर्द
हल्का कमर दर्द होने पर डॉक्टर किसी भी तरह की दवाई लेने के बजाय योगा पर भरोसा करते हैं. ख़ुद डॉ. ए. के. मिश्रा कहते हैं कि मामूली सा कमर दर्द होने पर योगा करना ज़्यादा अच्छा होता है. कमर दर्द के लिए सबसे कारगर योगा काउ एंड कैट योगा होता है. इसके लिए एक चटाई पर गाय की तरह अपने दोनों हाथों और पैरों के बल होकर, सांस अंदर की ओर खींचकर अपने चिन को नीचे की ओर झुकाएं और फिर धीरे-धीरे चिन को ऊपर उठाते हुए सांस को छोड़ें. ऐसा करने से बहुत जल्द ही आपको इस दर्द से छुटकारा मिल जाएगा.
चोट लगने पर
ज़्यादातर लोग चोट लगने पर उसपर बैंडेज लगा लेते हैं. जबकि ऐसा नहीं करना चाहिए. ख़ुद डॉक्टर कहते हैं कि ऐसा करने से उस घाव के किटाणु अंदर ही रह जाते हैं. डॉ. ए. के. मिश्रा कहते हैं, “चोट लगने पर उसे अच्छे से साफ़ करें. इससे उसके किटाणु बाहर चले जाते हैं और चोट जल्दी ठीक होती है.”

 

कोल्ड एंड प्लू में क्या करते हैं?

मौसम बदलते ही आपको ज़ुकाम, बदन दर्द आदि की शिकायत रहती है. हमारे डॉक्टर भी इस समस्या से परेशान होते हैं. ऐसे में वो क्या करते हैं? आइए, जानते हैं.
ज़ुकाम होने पर
ज़ुुकाम होने पर किसी भी तरह की कोल्ड एंड फ्लू मेडिसिन से डॉक्टर्स बचते हैं. दवा लेने की बजाय गुनगुने पानी में नमक डालकर गरारा करना ज़्यादा उचित समझते हैं.डेली डायट में फल और सब्ज़ियों को ज़्यादा वरियता देते हैं, जिससे बॉडी को कोल्ड एंड फ्लू से लड़ने की ताक़त मिलती है.
थकान
कोल्ड एंड फ्लू के कारण जब बॉडी में थकान होती है या फिर पूरी बॉडी दर्द होती है तो दवा के बदले डॉक्टर्स अपनी बॉडी की ज़रूरत को समझते हुए काम करते हैं. डॉक्टर्स की डायरी में इस तरह की सिचुएशन को हैंडल करने के लिए मेडिटेशन को महत्व दिया गया है. रोज़ाना 20 मिनट की एक्सरसाइज़, मेडिटेशन और योगा से दिमाग़ स्वस्थ रहता है और शरीर को आराम मिलता है.
हर्बल को देते हैं तरज़ीह
कोल्ड से बचने के लिए ख़ुद डॉक्टर्स भी आयर्वेद पर भरोसा करते हैं. आयुर्वेदिक दवाओं का यूज़ वो ख़ुद के लिए और अपनी फैमिली के लिए करते हैं. कुछ डॉक्टर्स ज़िंक को भी तरज़ीह देते हैं.
ग्रीन सब्ज़ियों का सेवन
बदलते मौसम में बीमारियों से बचने के लिए सबसे ज़रूरी होता है शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता का मज़बूत होना. इसके लिए डॉक्टर्स अपने घर में हरी सब्ज़ियों का भंडार रखते हैं. डॉ. ए. के. मिश्रा कहते हैं, उनकी फ्रिज में हरी और पत्तेदार सब्ज़ियां हमेशा रहती हैं.

डॉक्टर्स कैसे रखते हैं अपने वज़न को क़ाबू

एक्सरसा़इज
डॉक्टर ए. के. मिश्रा कहते हैं,” डॉक्टरों को फिट रहना बहुत ज़रूरी होता है. क्योंकि अगर हम ही फिट नहीं रहेंगे तो मरीजों को सलाह कैसे देंगे. फिट रहने के लिए रोज़ाना 20 मिनट तक की एक्सरसाइज़ बहुत ज़रूरी होती है. हर दिन मैं जंपिंग, रनिंग और बॉक्सिंग के साथ-साथ टेनिस भी खेलता हूं. ज़रूरी नहीं कि बहुत हार्ड एक्सरसाइज़ ही करें. आप को जो पसंद हो वो एक्सरसाइज़ कर सकते है.”
दूध है फिटनेस का राज़
एक ग्लास दूध हर दिन पीने से आप की बॉडी को सभी महत्वपूर्ण चीज़ें मिल जाती हैं. दूध पीने से आपको ज़्यादा खाने की भी ज़रूरत महसूस नहीं होती. भूख लगने पर थोड़ा बहुत स्नैक्स खाने से शरीर फिट महसूस करता है.

तनाव को कैसे रखते हैं बैकफुट पर?

भागदौड़ भरी लाइफ और 24/7 मरीज़ों के लिए काम करते हुए डॉक्टर भी तनाव से ग्रस्त होते हैं. ऐसे में वो ख़ुद को कैसे रखते हैं ठीक? आइए, जानते हैं.
लंबी सांस
स्ट्रेस लेवल बढ़ने पर ख़ुद को शांत रखने के लिए डॉक्टर लंबी-लंबी सांसे लेते और छोड़ते हैं. इससे उनका तनाव कम होता है. डॉ. ए. के. मिश्रा कहते हैं कि रोज़ाना नये-नये पेशेंट उनकी परेशानी और भागदौड़ भरी ज़िंदगी इन सब से डॉक्टरों को भी तनाव होता है, लेकिन उसके लिए वो एक शांत जगह पर बैठ कर आंखें बंद करके सांस की एक्सरसाइज़ करते हैं.
संगीत सुनना
किसी भी तरह के तनाव को दूर करने का ये सबसे आसान और कारगर तरीक़ा है. घर से ऑफ़िस जाते समय पसंदीदा संगीत सुनना डॉक्टरों की सीक्रेट डायरी में है. गाना सुनने से हमारा दिमाग़ रिलैक्स होता है और नया काम करने के लिए बिलकुल फिट होता है.
पसंदीदा काम
बहुत ज़्यादा तनाव होने पर लोगों को अपना पसंदीदा काम करना चाहिए. इस तरह से वो ख़ुद को तनाव से दूर रखने में सहायक होते हैं और धीरे-धीरे समस्या से बाहर निकलते हैं.

 

कोलेस्ट्रॉल लेवल तेज़ी से घटाने के 10+ असरदार व आसान उपाय (10+ Natural Ways to Lower Your Cholesterol Levels)

बच्चों की छोटी-छोटी बीमारियां कहीं बन न जाएं परेशानियां (Natural Health Remedies for Children Causes, Treatment, & Home Remedies)

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पेटदर्द, सर्दी-ज़ुकाम और त्वचा संबंधी संक्रमण आदि बच्चों में होनेवाली छोटी व आम बीमारियां हैं, जिन्हें पैरेंट्स छोटी-छोटी तकली़फें समझकर नज़रअंदाज़ कर देते हैं. लेकिन ऐसा करना ठीक नहीं है. आगे चलकर यही छोटी-छोटी बीमारियां उनके लिए परेशानियां बन सकती हैं.

 

सर्दी-ज़ुकाम: मौसम बदलने पर बच्चों में सर्दी-ज़ुकाम होना आम बात है. बड़े लोगों की तुलना में दो से पांच साल तक के बच्चों को ज़ुकाम अधिक होता है. नाक बहना, छींकना, थकान महसूस होना, कफ, गले में ख़राश, हल्का-सा बुखार आदि इसके प्रमुख लक्षण हैं.
होम रेमेडीज़: लहसुन की 2 कलियां और 1 टेबलस्पून अजवायन को तवे पर भून लें. ठंडा होने पर कपड़े में बांधकर पोटली बना लें. इस पोटली को सोते समय बच्चों के सिरहाने रखें. इससे बंद नाक खुलती है और छाती में जमा कफ में भी आराम मिलता है.
प्याज़ की 4-5 स्लाइस काटकर बच्चे के कमरे में रख दें, इससे बंद नाक खुलती है.
3-4 बूंद अदरक का रस और आधा टीस्पून शहद मिलाकर खिलाने से गले में खराश और कफ में आराम मिलता है.
3 टेबलस्पून राई में थोड़ा-सा पानी मिलाकर पीस लें. इस पेस्ट को बच्चे की छाती पर लगाएं. इससे छाती में जमा कफ में राहत मिलती है और बंद नाक भी खुलती है.
बच्चों को थोड़ी-थोड़ी देर बाद गुनगुना पानी पिलाएं. इससे बंद नाक और गले में होने वाली खराश में आराम मिलता है.
नाक बंद होने पर नीलगिरी ऑयल की कुछ बूदें बच्चों के कपड़े पर लगाएं.
सर्दी-जुक़ाम होने पर उनके गले, छाती और पीठ पर गुनगुने घी से हल्के हाथों से मसाज करें.
नाक बंद होने पर बच्चों को सांस लेने में परेशानी होती है, इसलिए सोते समय उनके सिर के नीचे 2 सॉफ्ट तकिए रखें.
सावधानियां: यदि बच्चों को सर्दी-जुक़ाम है, तो उनके सामने धूम्रपान न करें.
6 महीने से कम उम्र के शिशुओं को सर्दी-ज़ुकाम हुए यदि 2 सप्ताह से अधिक समय हो गया है, तो घरेलू उपचार करने की बजाय तुरंत चाइल्ड स्पेशलिस्ट को दिखाएं.

पेट में दर्द, मरोड़, पेट फूलना और दस्त: बच्चे अक्सर गंदे हाथ या ज़मीन पर गिरी हुई चीज़ों को उठाकर मुंह में डाल लेते हैं, जिससे उन्हें पेट संबंधी समस्याएं हो जाती हैं.
होम रेमेडीज़: साढ़े चार कप पानी में 2 टेबलस्पून जीरा मिलाकर 5 मिनट तक उबाल लें. ठंडा होने पर छानकर रख लें और बच्चे को थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पिलाएं. इससेे भी दर्द में आराम मिलता है.
1 कप पानी में 1 टीस्पून सौंफ डालकर ढंककर 8-10 मिनट तक उबाल लें. छानकर रख लें. इस सौंफ टी को दिन में 3 बार पिलाएं. इससे पेट में होने वाले मरोड़ और दर्द में राहत मिलती है.

बच्चों का पेट फूलने पर हींग को थोड़े-से पानी में गलाकर नाभि के आसपास लगाने से राहत मिलती है.
दस्त होने पर आधा-आधा टीस्पून सौंफ और जीरे को तवे पर भूनकर पीस लें. इस पाउडर को दिन में 3-4 बार बच्चों को खिलाएं.
सावधानियां: दस्त होने पर बच्चों को दूध न दें.
दस्त के साथ-साथ यदि बच्चे को तेज़ बुख़ार, पेटदर्द या उल्टी हो रही है, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं.

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कब्ज़: बड़े लोगों को ही नहीं, नवजात और बड़े बच्चों में भी कब्ज़ की शिकायत होना एक आम बीमारी है. शरीर में फाइबर की कमी होने के कारण कब्ज़ की समस्या होती है.
होम रेमेडीज़: बच्चों को अधिक मात्रा में पानी पिलाएं.
आधा टीस्पून पिसी हुई शक्कर में 2-3 बूंद पानी (उबले हुए पानी को ठंडा करें) मिलाकर घोल बना लें. रोज़ाना दूध पिलाने से पहले बच्चे को शक्कर का घोल पिलाएं. ऐसा दिन में 3 बार करें.
कब्ज़ से परेशान बच्चे को गरम पानी से नहलाएं. नहलाने के बाद तौलिए से पोछें और हल्के हाथों से पेट पर मसाज करें. गरम पानी से पेट की मांसपेशियां रिलैक्स होती हैं और कब्ज़ में भी राहत मिलती है.
संतरे के जूस में थोड़ा-सा पानी मिलाकर बच्चे को पिलाएं.
सावधानियां: कब्ज़ की शिकायत होने पर बच्चों को डेयरी प्रोडक्ट्स न दें.
कब्ज़ की शिकायत होने पर बच्चों को गेहूं की रोटी, ब्रेड, चॉकलेट, मैदे से बनी हुई चीज़ें न खिलाएं.
डॉक्टर से बिना पूछे नवजात शिशु और छोटे बच्चों को एनीमा न दें.

त्वचा संबंधी संक्रमण: बच्चों की त्वचा बहुत संवेदनशील होती है, इसलिए उन्हें त्वचा संबंधी संक्रमण भी जल्दी हो जाता है. इसके अतिरिक्त यदि शारीरिक स्वच्छता का सही तरी़के से ध्यान न रखा जाए तो भी उन्हें त्वचा संबंधी संक्रमण हो जाता है.
होम रेमेडीज़: रैशेज़ होने पर ऑलिव ऑयल लगाएं.
♦ 1 टेबलस्पून दरदरे पिसे हुए खसखस में 1-1 टीस्पून पानी और नींबू का रस मिलाकर रैशेज़वाली जगह पर लगाने से तुरंत आराम मिलता है.
त्वचा पर इचिंग होने पर हल्के हाथों से ब़र्फ रब करें.
त्वचा पर फंगल इंफेक्शन होने पर रूई के फाहे को दही में डुबोकर संक्रमित जगह पर लगाकर 30 मिनट तक रखें. सूखने पर गुनगुने पानी से साफ़ कर लें. दिन में 2 बार ऐसा करने से फंगल इंफेक्शन ठीक हो जाता है.
रैशेज़ वाली जगह को कैमोमाइल टी से साफ़ करके ऑलिव ऑयल लगाएं.
आधा-आधा टीस्पून टी ट्री ऑयल, आल्मंड ऑयल और ऑलिव ऑयल को मिलाकर इंफेक्शन वाली जगह पर लगाएं. इस मिश्रण को दिन में 3-4 बार संक्रमित जगह पर लगाने से फंगल इंफेक्शन ठीक हो जाता है.
कीड़ों के काटने से यदि त्वचा पर संक्रमण हुआ है, तो संक्रमित जगह पर पुदीने का पेस्ट लगाएं.
त्वचा में जलन होने पर ऐलोवीरा जेल लगाएं.
सावधानियां: बिना डॉक्टरी सलाह के कोई क्रीम या लोशन संक्रमित जगह पर न लगाएं.
यदि त्वचा संबंधी संक्रमण बहुत अधिक दिन तक रहता है, तो तुरंत डर्मेटोलॉजिस्ट को दिखाएं.

– पूनम नागेंद्र शर्मा