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स्पर्म काउंट बढ़ाने के आसान देसी उपाय (Super Foods That Increase Sperm Count)

एक स्वस्थ पुरुष के शरीर में प्रति सेकेंड 1,500 स्पर्म्स यानी शुक्राणु बनते हैं, लेकिन आजकल की भागदौड़ भरी तनावपूर्ण ज़िंदगी व आधुनिक जीवनशैली के कारण बहुत से पुरुष शुक्राणुओं की कमी की समस्या का सामना कर रहे हैं. इतना ही नहीं, शुक्राणुओं की गुणवत्ता भी घट रही है. स्पर्म काउंट कम होने से उनकी फर्टिलिटी पर बुरा असर पड़ता है. एक अध्ययन के अनुसार, पुरुषों की फर्टिलिटी से जुड़ी 90 फ़ीसदी समस्याएं शुक्राणुओं की कमी के कारण होती हैं.  आपको यह जानकर आश्‍चर्य होगा कि आपके स्पर्म काउंट का सीधा संबंध आपके खानपान से है. आपकी डायट जितनी अच्छी होगी, स्पर्म काउंट उतना बेहतर ही होगा. इसी बात को ध्यान में रखते हुए हम आपको कुछ ऐसे खाद्य पदार्थों की जानकारी दे रहे हैं, जो  शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ आपकी सेक्सलाइफ बेहतर बनाने में मददगार सिद्ध होंगे. यदि आप अपना परिवार बढ़ाने की सोच रहे हैं तो अपने मेनू में इन चीज़ों को शामिल कीजिए.

Foods That Increase Sperm Count

स्पर्म प्रोडक्शन के लिए ऑयस्टर
शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने में ज़िंक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. ऑयस्टर यानी घोंघा ज़िंक का उत्तम स्रोत है. यह स्पर्म प्रोडक्शन यानी शुक्राणुओं का उत्पादन बढ़ाने में मदद करता है. अतः रोज़ाना 50 ग्राम ऑयस्टर का सेवन करें.

स्वस्थ स्पर्म के लिए अंडे
प्रोटीन व विटामिन ई से भरपूर अंडे स्वस्थ शुक्राणुओं के उत्पादन में मदद करते हैं. स़िर्फ इतना ही नहीं, यह स्पर्म काउंट बढ़ाने के साथ-साथ प्रजनन क्षमता को कम करने वाले फ्री रैडिकल्स से लड़ने में भी मदद करते हैं. इसलिए रोज़ाना दो अंडे खाएं.

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एंटीऑक्सीडेंट्स के लिए डार्क चॉकलेट
डार्क चॉकलेट्स में अमीनो एसिड्स पाए जाते हैं जो स्पर्म काउंट को दोगुना करने के साथ ही सीमन (वीर्य) को गाढ़ा बनाने में भी मदद करते हैं. इसके अलावा डार्क चॉकलेट में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो पुरुषों की फर्टिलिटी को प्रभावित करने वाले फ्री रैडिकल्स को दूर करने में मददगार होते हैं. लेकिन बहुत ज़्यादा चॉकलेट नहीं खाना चाहिए, क्योंकि इससे वज़न बढ़ सकता है, जिसकी वजह से शरीर में टेस्टोस्टेरॉन नामक सेक्स हार्मोन कासंतुलन बिगड़ जाता है, नतीजतन स्पर्म काउंट कम होता है. दिनभर में एक टुकड़ा डार्क चॉकलेट काफ़ी है. चॉकलेट जितना डार्क होगा, स्पर्म काउंट बढ़ाने में उतना ही फ़ायदेमंद होगा.

शुक्राणुओं की गतिशीलता के लिए लहसुन
अगर लहसुन की तेज़ महक से आपको कोई परेशानी नहीं है तो इसका सेवन शुरू कर दीजिए. इसमें दो जादुई तत्व पाए जाते हैं- पहला है एलिसिन, जो पुरुषों के सेक्सुअल ऑर्गन में ब्लड फ्लो को बढ़ाता है और स्पर्म को क्षतिग्रस्त होने से बचाता है और दूसरा है सेलेनियम- यह एक प्रकार का एंटीऑक्सिडेंट है, जो शुक्राणुओं की गतिशीलता को बढ़ाता है. प्रतिदिन दो लहसुन की कलियां खाना पर्याप्त होगा.

कामेच्छा के लिए केला

Banana
यह फल पुरुषों के सेक्सुअल हेल्थ के लिए अच्छा होता है. केले में ब्रोमेलिन नामक एंज़ाइम पाया जाता है, जो पुरुषों की कामेच्छा बढ़ाने व सेक्स हार्मोन्स को नियंत्रित करने में मदद करता है. इसके अलावा इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन सी, ए और बी 1 पाया जाता है, जो पुरुषों के शरीर में शुक्राणु पैदा करने की क्षमता को बढ़ाता है.

सेक्स हार्मोन्स के लिए कद्दू के बीज
इसमें मौजूद ओमेगा 3 फैटी एसिड मेल ऑर्गन्स में रक्त संचार बढ़ाते हैं. रोज़ाना एक मुट्ठी कद्दू के बीज खाने से शरीर में टेस्टोस्टेरॉन नामक सेक्स हार्मोन का स्राव व स्पर्म काउंट बढ़ता है.

ऐक्टिव शुक्राणुओं के लिए ब्रोकोली
शरीर में विटामिन ए की कमी से प्रजनन क्षमता कम होती है, क्योंकि इसकी कमी से स्पर्म्स सुस्त हो जाते हैं. इससे बचने के लिए अपने खाने में विटामिन ए से भरपूर ब्रोकोली शामिल करें. इसका सेवन करने से शुक्राणु ऐक्टिव व हेल्दी बनेंगे.

स्पर्म काउंट के लिए अखरोट
Walnuts for sperm count

ओमेगा 3 फैटी एसिड स्पर्म काउंट व मेल ऑर्गन्स में ब्लड फ्लो बढ़ाने में मदद करता है. अखरोट ओमेगा 3 फैटी एसिड का बढ़िया स्रोत है. रोज़ाना एक मुट्ठीअखरोट खाने से स्पर्म की संख्या बढ़ेगी और उनका आकार भी बेहतर होगा.

टेस्टोस्टेरॉन के लिए जिनशेंग
सालों से इनफर्टिलिटी की समस्या को दूर करने के लिए इस चमत्कारी पौधे का प्रयोग किया जा रहा है. यह शरीर में टेस्टोस्टेरॉन के लेवल को बढ़ाता है और पुरुषों के जननांगों में ब्लड सर्कुलेशन को तेज़ करता है. अतः जिनशेंग युक्त चाय पीएं या रात में सोने से पहले आधा टीस्पून जिनशेंग पाउडर ग्रहण करें.

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Personal Problems: क्या कभी मां नहीं बन सकूंगी? (How Can I Find Out If I Can Get Pregnant?)

मेरी उम्र 28 वर्ष है. मेरी शादी को पांच वर्ष हो गए हैं. शादी के दो साल के बाद ही मुझे 2 माह का गर्भपात हो गया. एक साल के बाद मैं फिर गर्भवती हुई, लेकिन फिर मुझे ढाई महीने का गर्भपात हो गया. मैं बहुत ही निराश हो गई हूं. क्या मैं अब कभी मां नहीं बन सकूंगी?
– मंजरी शिधोरे, नागपुर

सबसे पहले तो आपको अपना पूरा चेकअप करवाना चाहिए, ख़ासतौर पर तब, जब गर्भधारण करना हो. गर्भपात होने के कई कारण हो सकते हैं. कम समय में ही गर्भपात होने का कारण है बेबी में जेनेटिक प्रॉब्लम का होना. हो सकता है गर्भाशय में सेप्टम होने से, हार्मोन्स की कमी से, इंफेक्शन या इम्यूनोलॉजिकल प्रॉब्लम से भी गर्भपात हुआ हो. गर्भाशय के अंदर की प्रॉब्लम जानने के लिए हीस्टिरोस्कोपी करवा सकती हैं. आप मां बन सकती हैं, बशर्ते कि प्रॉब्लम का कारण जानकर उसका सही इलाज करवाया जाए.

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Pregnancy Test

मेरी उम्र 52 वर्ष है. 2 साल पहले ही मुझे मेनोपॉज़ हो गया था. मेरी समस्या यह है कि मुझे बहुत ज़्यादा गर्मी लगने लगी है, यहां तक कि फैन चालू रहने पर भी मैं पसीने में भीगी होती हूं. मुझे इन दिनों बहुत चिड़चिड़ाहट होने लगी है और ग़ुस्सा भी बहुत आने लगा है, जिसके कारण सब मुझसे परेशान रहने लगे हैं. क्या हर स्त्री ऐसे दौर से गुज़रती है? क्या मेरी समस्या का कोई उपाय है?
– रजनी मल्होत्रा, हिसार.

जब 40 के बाद और 50 के पहले की उम्र में हार्मोन्स का स्तर गिरने लगता है, तब कई स्त्रियों में मेनोपॉज़ के लक्षण नज़र आने लगते हैं. इसी की वजह से ज़्यादा गर्मी महसूस होना, चिड़चिड़ापन, डिप्रेशन, ग़ुस्सा, नींद न आना जैसी समस्याएं होने लगती हैं. ऐसे में आपके लिए सबसे अच्छा उपाय है एस्ट्रोजन के साथ हार्मोनल ट्रीटमेंट. इसके अलावा आजकल नॉन हार्मोनल थेरेपी भी ली जा सकती है, जिसमें सोया एक्सट्रैक्ट व विटामिन्स लिए जा सकते हैं. इस समय ऑस्टियोपोरोसिस से बचाव भी ज़रूरी है. इसके लिए कैल्शियम सप्लीमेंट्स लें.

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Dr. Rajshree Kumar

डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
[email protected]

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पर्सनल प्रॉब्लम्स: फैलोपियन ट्यूब्स न होने पर भी क्या मैं मां बन सकती हूं? (Can I Get Pregnant Without Fallopian Tubes?)

Pregnant Without Fallopian Tubes
मैं 27 वर्षीया महिला हूं. मेरी शादी को चार साल हो गए हैं, पर अभी तक मैं कंसीव नहीं कर पाई हूं. डायग्नॉस्टिक लैप्रोस्कोपिक जांच में पता चला कि मेरे यूटेरस और ओवरीज़ तो नॉर्मल हैं, पर फैलोपियन ट्यूब्स नहीं हैं. क्या ऐसा हो सकता है? डॉक्टर ने बच्चे के लिए आईवीएफ की सलाह दी है. मैं क्या करूं, कृपया मार्गदर्शन करें. 
– दीपा नाइक, नागपुर.

फैलोपियन ट्यूब्स का न होना एक दुर्लभ अवस्था है, जो बहुत ही कम महिलाओं को होती है. इस समय आपको सकारात्मक सोच रखनी चाहिए कि आपका गर्भाशय और ओवरीज़ नॉर्मल हैं और आप अपने बच्चे को जन्म दे सकती हैं. दरअसल, आप हर महीने ओव्यूलेशन से गुज़रती हैं, पर ट्यूब्स न होने के कारण कंसीव नहीं कर पातीं.

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Pregnant Without Fallopian Tubes
18 साल की उम्र में मेरी शादी हो गई, पर शादी के बाद मेरे और मेरे पति के बीच शारीरिक संबंध नहीं बन पाए. जांच के बाद पता चला कि मेरा गर्भाशय व ट्यूब्स नहीं हैं, जबकि ओवरीज़ नॉर्मल हैं. शायद यही वजह थी कि बाकी लड़कियों की तरह मेरे पीरियड्स कभी नहीं आए. क्या किसी सर्जरी से यह ठीक हो जाएगा? क्या मैं कभी मां
बन पाऊंगी?
– जानकी पराशर, मेरठ.

आपकी स्थिति जानकर दुख हुआ. आमतौर पर ऐसी समस्याओं के बारे में टीनएज के दौरान ही पता लग जाता है, जब उन्हें बाकी लड़कियों की तरह पीरियड्स नहीं आते. ऐसे मामलों में अक्सर यूटेरस इतना छोटा होता है कि सही तरी़के से क्रियाशील नहीं होता. चूंकि आपकी ओवरीज़ हैं, इसलिए आप अपने बायोलॉजिकल बच्चे की मां बन सकती हैं, पर यूटेरस न होने के कारण आपको सरोगेट मदर की मदद लेनी पड़ेगी.

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क्या है मुलेरियन एप्लेसिया?

मुलेरियन एप्लेसिया ऐसी अवस्था है, जो महिलाओं के रिप्रोडक्टिव सिस्टम को प्रभावित करती है. इसमें यूटेरस, फैलोपियन ट्यूब्स, सर्विक्स या वेजाइना का ऊपरी हिस्सा पूरी तरह विकसित नहीं होता. यह एक असामान्य अवस्था है, पर इसे दुर्लभ नहीं कह सकते, क्योंकि लगभग 5000 में से 1 नवजात बच्ची इस समस्या के साथ पैदा होती है. इसके कारणों के बारे में अभी तक कुछ साफ़-साफ़ पता नहीं चल पाया है, पर इसे आनुवांशिकता से जोड़कर देखा जा सकता है. सर्जरी ही इसका सबसे सही इलाज है. इन मामलों में लड़कियों को पारिवारिक व भावनात्मक सपोर्ट की बहुत ज़रूरत होती है, क्योंकि अपनी सहेलियों से अलग होने के कारण इनमें आत्मविश्‍वास की कमी होती है.

 

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डॉ. राजश्री कुमार

स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
rajsh[email protected]

 

 

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