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कंडोम से जुड़े 10 Interesting मिथ्स और फैक्ट्स (10 Interesting Myths And Facts Related To Condoms)

यह सच है कि आज भी समाज में सेक्स और सुरक्षित यौन संबंधों को लेकर ज़्यादा बात नहीं होती और न ही इसे अधिक तवज्जो दी जाती है, जिसके परिणाम गंभीर हो सकते हैं और होते भी हैं. दरअसल, लोगों में आज भी कंडोम को लेकर बहुत-सी भ्रांतियां और ग़लतफ़हमियां हैं, जिन्हें दूर करना ज़रूरी है, ताकि आप सुरक्षित यौन संबंध बना सकें और कई तरह के यौन रोगों से बचे रहें.

Myths And Facts Related To Condoms

1. दो कंडोम एक साथ यूज़ करना ज़्यादा सुरक्षित रहता है.

ये सबसे बड़ी ग़लतफ़हमी है. एक साथ दो कंडोम का इस्तेमाल करने से आपको किसी भी तरह से अधिक सुरक्षा नहीं मिलेगी, बल्कि उससे असुविधा अधिक होगी. बेहतर होगा एक ही कंडोम यूज़ करें.

2. अगर मेरी पार्टनर कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स ले रही है, तो कंडोम यूज़ करना ज़रूरी नहीं.

कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स आपको अनचाहे गर्भ से कुछ हद तक सुरक्षा प्रदान तो करती हैं, लेकिन सेक्सुअली ट्रान्समिटेड डिसीज़ से नहीं. बेहतर होगा कि सुरक्षित यौन संबंधों के लिए कंडोम भी यूज़ करें.

3. कंडोम से मेरी सेंसिटिविटी कम हो जाती है और सेक्स सुख उतना अधिक नहीं मिल पाता.

यह महज़ एक ग़लत धारणा है. कंडोम से आपकी सेक्सुअल क्रिया अपेक्षाकृत लंबी चल सकती है. आजकल अलग-अलग फ्लेवर्स और प्रकार के कंडोम उपलब्ध हैं, आपको अपनी सुविधानुसार सही कंडोम सिलेक्ट करना है.

4. कंडोम आसानी से फट जाते हैं.

नहीं, आपको स़िर्फ उन्हें सही ढंग से पहनने की ज़रूरत है. पहनते व़क्त यह ध्यान रहे कि टिप पर कोई एयर बबल न हो.

5. कंडोम्स की एक्सपायरी डेट नहीं होती.

जी नहीं, उनकी भी एक्सपायरी डेट होती है. आप पैकेट पर तारीख़ चेक करें और एक्सपायर्ड कंडोम यूज़ न करें, क्योंकि उससे खुजली, जलन, रैशेज़ जैसी समस्या हो सकती है. वो फट सकता है, क्योंकि उसकी फ्लैक्सीबिलिटी और इलास्टिसिटी ख़त्म हो चुकी होती है.

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6. एक्स्ट्रा लुब्रिकेशन की ज़रूरत होती है कंडोम के साथ.

कंडोम्स लुब्रिकेटेड ही होते हैं, लेकिन यदि आप और लुब्रिकेशन चाहते हैं, तो वॉटर या सिलिकॉन बेस्ड लुब्रिकेंट्स ही यूज़ करें, क्योंकि ऑयल बेस्ड लुब्रिकेंट्स से कंडोम फट सकता है. दरअसल ऑयल में कंडोम का रबर घुलने लगता है, जिससे वो फट सकता है.

7. लैटेक्स एलर्जी आपको कंडोम के इस्तेमाल से रोकती है.

लैटेक्स एलर्जी आपको अनप्रोटेक्टेड सेक्स करने के लिए बाध्य नहीं कर सकती. नॉन लैटेक्स कंडोम भी बाज़ार में मिलते हैं. आप इनके बारे में पता करें और यूज़ करें.

8. ओरल या ऐनल सेक्स के लिए कंडोम यूज़ करना ज़रूरी नहीं.

बहुत-सी सेक्सुअल बीमारियां और इंफेक्शन्स ओरल व ऐनल सेक्स से भी फैलते हैं, इसलिए कंडोम को नज़रअंदाज़ न करें.

9. कंडोम ख़रीदने के लिए आपको 18 साल का होना ज़रूरी है.

आप किसी भी उम्र में कंडोम ख़रीद सकते हैं. इसके लिए उम्र की बंदिश नहीं है.

10. मैं स़िर्फ अच्छे और डीसेंट पार्टनर के साथ ही सेक्स करता/करती हूं, जिसमें कंडोम यूज़ करने की ज़रूरत नहीं.

आप किसी को देखकर या महज़ अनुमान लगाकर यह पता नहीं लगा सकते कि उसकी सेक्स लाइफ कैसी है और वो किन-किन लोगों के साथ सेक्स कर चुका है. बेहतर होगा यौन रोगों से सुरक्षित रहने के लिए कंडोम यूज़ करें और महिलाएं भी अपने पार्टनर से बेझिझक कंडोम यूज़ करने को कहें.

– योगिनी भारद्वाज

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जानें कंडोम से जुड़े 10 मिथकों की सच्चाई (Top 10 Condom Myths & Facts)

Condom Myths & Facts, about Condom
भारत में सेक्स से जुड़ी जानकारी को लेकर लोग कई मिथकों के शिकार हैं. कंडोम और इसके इस्तेमाल को लेकर भी लोगों में कई तरह की ग़लतफ़हमियां हैं. हम सभी जानते हैं कि प्रभावी सुरक्षा कैसे की जानी चाहिए? लेकिन आगे जो हम बताने जा रहे हैं उसे पढ़े बिना  कोई मत न बनाएं. हम आपको बताने जा रहे हैं कंडोम से जुड़े मिथक और उनकी सच्चाई.

Condom Myths & Facts, about Condom

1. मिथकः कंडोम ख़रीदने के लिए 18 साल का होना ज़रूरी है.

सच्चाईः आप किसी भी उम्र में कंडोम ख़रीद सकते हैं. आप किसी कम्युनिटी कॉन्ट्रॉसेप्टिव क्लिनिक, सेक्सुअल ऐंड जेनिटोयोरिनरी मेडिसिन क्लिनिक या सेक्स संबंधी जागरूकता के लिए काम कर रही किसी संस्था से भी मुफ़्त में कंडोम ले सकते हैं.

2. मिथकः ओरल और ऐनल सेक्स में कंडोम की कोई ज़रूरत नहीं है.

सच्चाईः कंडोम के इस्तेमाल का उद्देश्य न स़िर्फ प्रेग्नेंसी को रोकना है, बल्कि सेक्सुअल ट्रांसमिटेड डिज़ीज़ यानी यौन संक्रमणों से भी सुरक्षित रखना है. अगर आप ख़ुद अपने या अपने पार्टनर के संक्रमित होने को लेकर आश्वस्त नहीं हैं तो कंडोम का ज़रूर इस्तेमाल करें. विशेषज्ञों के अनुसार, सेक्सुअल ट्रांसमिटेड डिज़ीज़ से बचाव में कंडोम महत्वपूर्ण है, ख़ासतौर पर जब लिंग पर खरोंचे हों या दांत से काटा हुआ हो.

3. मिथकः कंडोम कभी ख़राब नहीं होते.

सच्चाईः यह ग़लत है, कंडोम एक्सपायर होते हैं. कंडोम ख़रीदते व़क्त पैकेट को ध्यान से पढ़ें. उसमें उसकी एक्सपायरी डेट दी होती है. कुछ लोग कह सकते हैं कि बिना कंडोम के सेक्स करने से बेहतर है, पुराना कंडोम इस्तेमाल करें. ऐसी सलाह से सावधान रहें, क्योंकि इससे शरीर पर चकत्ते पड़ सकते हैं. एक प्रकार की चिड़चिड़ाहट भी हो सकती है. लचीलापन खत्म होने की वजह से कंडोम आसानी से फट सकता है. नया पैकेट ख़रीदने और कंडोम को सही ढंग से लगाने से पहले बेड पर जाने की जल्दबाज़ी न दिखाएं.

4. मिथकः कंडोम असुविधाजनक होते हैं और कम आनंद देते हैं.

सच्चाईः कई अध्ययनों में पाया गया है कि यह सच नहीं है. लोगों को इसका इस्तेमाल करने पर भी उतना ही आनंद का एहसास होता है जितना इसके बिना. हालांकि कुछ कंडोम इस तरह डिज़ाइन किए जाते हैं जिससे ऑर्गेज़्म तक पहुंचने में देरी हो, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि इससे सेंसिटिविटी भी कम हो जाती है.

5. मिथकः यदि महिला ने गर्भनिरोधक गोली (पिल) ली है तो कंडोम की ज़रूरत नहीं.

सच्चाईः गोली लेने से सेक्सुअली ट्रांस्मिटेड डिज़ीज़ या इंफेक्शन से सुरक्षा नहीं मिलती. कुछ केसेस में प्रेग्नेंसी रोकने को लेकर भी गोलियां असर नहीं करतीं. यानी इस मिथक से भी आपको बचना चाहिए.

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6. मिथकः दो कंडोम लगाना ज़्यादा सुरक्षित है.

सच्चाईः केवल एक कंडोम का इस्तेमाल ही अनचाहे गर्भ और यौन संक्रमणों से बचने के लिए काफ़ी है. दरअसल, दो कंडोम लगाने से घर्षण की संभावना बढ़ेगी. कंडोम फट भी सकते हैं. इसलिए व्यक्ति को दो कंडोम का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे रिसाव की संभावना बढ़ जाती है.

7. मिथकः चिकनाहट के लिए कोई भी तैलीय पदार्थ यूज कर सकते हैं

सच्चाईः अधिकतर कंडोम इस्तेमाल के लिए पर्याप्त रूप से चिकने होते ही हैं. अगर आपको और चिकनाहट की ज़रूरत हो तो पानी या सिलिकन से बनी किसी वस्तु का इस्तेमाल करें, तेल से बनी किसी वस्तु का इस्तेमाल न करें. तेल रबर को नष्ट कर देता है जिससे कंडोम फट सकता है.

8. मिथकः कहीं भी स्टोर करें.

सच्चाईः कंडोम को बहुत ज़्यादा या बहुत कम तापमान वाली जगह पर स्टोर करके नहीं रखना चाहिए. ऐसी जगह (उदाहरण के लिए आपकी जेब) जहां घर्षण होता हो, कंडोम को नुकसान हो सकता है. इससे स्पर्म के कंडोम से बाहर निकलने का ख़तरा बढ़ जाता है.

9. मिथकः लेटेक्स (क्षीर) से एलर्जी होने पर यूज नहीं कर सकते.

सच्चाईः ऐसा नहीं है. लेटेक्स से एलर्जी होना आपको सेक्स नहीं करने या असुरक्षित सेक्स करने पर मजबूर नहीं करता. इस समस्या से बचने के लिए मार्केट में लेटेक्स कंडोम उपलब्ध हैं जिनका इस्तेमाल किया जा सकता है. इनमें लैंब्स्किन से बने कंडोम प्रेग्नेंसी तो रोकते हैं, लेकिन संक्रमण से बचाव नहीं करते.

10. मिथकः केवल हेट्रोसेक्सुअल ही इस्तेमाल करते हैं.

सच्चाईः यह हमेशा याद रखें कि कंडोम प्रेग्नेंसी ही नहीं रोकते, बल्कि संक्रमणों से भी बचाव करते हैं, इसलिए होमोसेक्सुअल कपल को भी इनकी अनदेखी नहीं करनी चाहिए.

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पर्सनल प्रॉब्लम्स: कंडोम के इस्तेमाल से प्राइवेट पार्ट में खुजली व जलन क्यों होती है? (Can Condoms Cause Itching & Burning Sensation?)

Condoms Cause Itching. Burning Sensation
हाल ही मेरी शादी हुई है. गर्भनिरोध के लिए हम कंडोम का इस्तेमाल करते हैं, पर जब भी हम कंडोम इस्तेमाल करते हैं, मेरे प्राइवेट पार्ट्स एकदम लाल हो जाते हैं और उनमें खुजली व जलन होती है. मैं क्या करूं?
– प्रिया मल्होत्रा, नोएडा.

आपकी बातों से लग रहा है कि आप लैटेक्स एलर्जी से परेशान हैं, जिससे कंडोम बनता है. लैटेक्स रबड़ के पेड़ से बननेवाला एक प्राकृतिक व फ्लेक्सिबल रबड़ होता है. कुछ लोगों को इसके कारण एलर्जी हो सकती है, पर अगर यह बार-बार हो रहा है, तो नुक़सानदेह भी हो सकता है. जिन्हें केला, अनन्नास, पीच, कीवी, अंगूर, पपीता, एवोकैडो, स्ट्रॉबेरी, काजू, गेहूं आदि से एलर्जी होती है, उन्हें लैटेक्स एलर्जी की संभावना अधिक होती है. तुरंत अपने डॉक्टर से मिलें, ताकि वो आपकी सही जांच कर सकें. फैमिली प्लानिंग के लिए कोई और उपाय अपनाएं.

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Condoms Cause Itching. Burning Sensation

मैं 17 वर्षीया कॉलेज स्टूडेंट हूं. हाल ही मैंने नोटिस किया कि मेरे दोनों ब्रेस्ट में निप्पल्स नहीं हैं. मेरे पैरेंट्स ने कभी मुझे इस बारे में नहीं बताया और जब मैंने उन्हें इस बारे में बताया, तो उन्होंने कहा कि सब नॉर्मल है, पर मैं नॉर्मल महसूस नहीं कर रही हूं. कृपया, मेरी मदद करें.
– रश्मि तोमर, अजमेर.

दोनों ब्रेस्ट्स में या एक ब्रेस्ट में निप्पल का न होना या एरोओला यानी निप्पल के आसपास के गहरे रंग की त्वचा का न होना अदेलिया कहलाता है. यह एक दुर्लभ बीमारी है, जो जन्मजात होती है. आनुवांशिक बीमारियां, क्रोमोज़ोमल डिफेक्ट्स या प्रोजेरिया (फिल्म ङ्गपाफ में दिखाई गई बीमारी) इसके कारण हो सकते हैं. हालांकि कॉस्मेटिक सर्जरी की मदद से निप्पल्स तो बनवाए जा सकते हैं, पर वो सामान्य निप्पल्स की तरह काम नहीं कर पाएंगे.

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डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
[email protected]

 

 

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पर्सनल प्रॉब्लम्स: एग्स को कितने सालों तक फ्रीज़ करवाकर रख सकते हैं? (How Long Can I Freeze Eggs For?)

How Long Can I Freeze Eggs For
मैं 37 वर्षीया अविवाहित महिला हूं. 2 साल पहले ही मैंने अपने एग्स फ्रीज़ करवाकर रखे हैं. अभी तक मेरे जीवनसाथी की तलाश जारी है और यही सोचकर मैंने अपने एग्स फ्रीज़ करवाए हैं कि भविष्य में अपनी प्रेग्नेंसी के लिए उनका इस्तेमाल कर सकूं. पर मुझे यह पूछना है कि कितने सालों तक एग्स को सुरक्षित फ्रीज़ करके रखा जा सकता है? 
– मोनाली दुबे, मुंबई.

फ़िलहाल जो वैज्ञानिक दावे हैं उनके मुताबिक, 10 सालों तक एग्स को फ्रीज़ करके रखा जा सकता है. हो सकता है कि भविष्य में यह आंकड़ा और बदले, फिर भी आपको
40-45 या 50 जैसी बड़ी उम्र में प्रेग्नेंसी से जुड़े रिस्क फैक्टर्स के बारे में भी पता होना चाहिए, क्योंकि जैसे-जैसे व्यक्ति की उम्र बढ़ती है, वह हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज़ जैसी बीमारियों की चपेट में आने लगता है. इन सभी समस्याओं के बारे में आपको अपने फर्टिलिटी एक्सपर्ट से बात करनी चाहिए. आपने 30 की उम्र में अपने एग्स फ्रीज़ करके रख दिए हैं, इसका यह बिल्कुल मतलब नहीं कि कंसीव करने के लिए अभी आप 10-15 साल और इंतज़ार कर सकती हैं.

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How Long Can I Freeze Eggs For
हाल ही में मेरी शादी हुई है. गर्भनिरोध के लिए हम कंडोम का इस्तेमाल करते हैं, पर जब भी हम कंडोम इस्तेमाल करते हैं, मेरे प्राइवेट पार्ट्स एकदम लाल हो जाते हैं और उनमें खुजली व जलन होती है. मैं क्या करूं?
– सोनिया गोयल, पुणे.

आपकी बातों से लग रहा है कि आप लेटेक्स एलर्जी से परेशान हैं, जिससे कंडोम बनता है. लेटेक्स रबर के पेड़ से बननेवाला एक प्राकृतिक व फ्लेक्सिबल रबर होता है. कुछ लोगों को इसके कारण एलर्जी हो सकती है, पर अगर यह बार-बार हो रहा है, तो नुक़सानदेह भी हो सकता है. जिन्हें केला, अनन्नास, पीच, कीवी, अंगूर, पपीता, एवोकैडो, स्ट्रॉबेरी, काजू, गेहूं आदि से एलर्जी होती है, उन्हें लेटेक्स एलर्जी की संभावना अधिक होती  है. तुरंत अपने  डॉक्टर से मिलें, ताकि वो आपकी सही जांच कर सकें. फैमिली प्लानिंग के लिए कोई और उपाय अपनाएं.

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जानें कंडोम से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें

– हर साल 100 में से 18 महिलाएं स़िर्फ इसलिए कंसीव कर लेती हैं, क्योंकि उनके पार्टनर सही तरी़के से कंडोम इस्तेमाल नहीं करते, इसलिए आप इस बात का ध्यान रखें कि आपके पार्टनर सही तरीक़ा जानते हों.

– बाज़ार में मिलनेवाले कलरफुल कंडोम्स की बजाय सिंपल कंडोम्स इस्तेमाल करें, क्योंकि ज़्यादातर मामलों में देखा गया है कि ऐसे कंडोम्स सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिसीज़ेस से आपको नहीं बचा पाते, जिसके लिए ख़ासतौर पर उनका इस्तेमाल किया जाता है.

– अगर आपको या आपके पार्टनर को लेटेक्स कंडोम की एलर्जी है, तो आप फीमेल कंडोम इस्तेमाल कर सकती हैं.

– कोशिश करें कि सेक्सुअल रिलेशन के दौरान कंडोम ज़रूर इस्तेमाल करें.

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डॉ. राजश्री कुमार

स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
[email protected]

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