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Personal Problems: क्या ब्रेस्टफीडिंग के दौरान गर्भनिरोधक का इस्तेमाल करना चाहिए? (Contraception During Breastfeeding)

Contraception During Breastfeeding
मैं 27 वर्षीया महिला हूं और मेरा पांच महीने का एक बेटा भी है. मैं उसे ब्रेस्टफीडिंग कराती हूं. मेरे पीरियड्स अभी तक शुरू नहीं हुए हैं. क्या मुझे गर्भनिरोधक का इस्तेमाल करना चाहिए?
– चंचल शुक्ला, नोएडा.
आमतौर पर ब्रेस्टफीडिंग करानेवाली महिलाओं को क़रीब 3-4 महीने तक गर्भनिरोधक की ज़रूरत नहीं होती. पर अगर आपने बच्चे को ऊपरी पोषण देना शुरू कर दिया है या आप उसका दूध छुड़ाना चाहती हैं, तो भले ही आपके पीरियड्स नहीं आए हैं, फिर भी आपको गर्भनिरोधक का इस्तेमाल करना चाहिए. आप गायनाकोलॉजिस्ट से मिल सकती हैं, जो आपको गर्भनिरोधक के कुछ ऑप्शन्स बता सकते हैं. ब्रेस्टफीडिंग के दौरान प्रोजेस्टेरॉन युक्त पिल्स का इस्तेमाल सेफ रहता है. इससे बच्चे व दूध दोनों पर कोई असर नहीं होता. इसके अलावा गायनाकोलॉजिस्ट आपको इंट्रायूटेराइन डिवाइस या फिर कंडोम के इस्तेमाल की सलाह दे सकते हैं.

यह भी पढ़ें: कंडोम के इस्तेमाल से प्राइवेट पार्ट में खुजली व जलन क्यों होती है?

Contraception During Breastfeeding
मैं 38 वर्षीया महिला हूं. पिछले कुछ समय से मुझे बाएं ब्रेस्ट में गांठ महसूस हो रही है, जबकि मेरे परिवार में आज तक किसी को ब्रेस्ट कैंसर नहीं हुआ है. कृपया, मार्गदर्शन करें.
– राजी मल्होत्रा, भोपाल.
अपने ब्रेस्ट का सेल्फ इक्ज़ामिनेशन बहुत हेल्दी आदत है. हर महीने पीरियड्स ख़त्म होने के 5-10 दिनों के भीतर ब्रेस्ट्स को हल्के हाथों से दबाकर चेक करना चाहिए. जैसाकि आपको गांठ महसूस हुई है, तो आपको तुरंत स्पेशलिस्ट को दिखाना चाहिए. शुरुआती जांच के आधार पर डॉक्टर आपको मैमोग्राफी की सलाह दे सकते हैं. यह अच्छी बात है कि आपके परिवार में कभी किसी को ब्रेस्ट कैंसर नहीं था, पर इसका यह मतलब नहीं कि आप डॉक्टर को न दिखाएं.

यह भी पढ़ें: पर्सनल प्रॉब्लम्स: गर्भधारण नहीं कर पा रही हूं, क्या मुझमें कोई प्रॉब्लम है?

 

 डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
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पर्सनल प्रॉब्लम्स: क्या पीरियड्स न आना प्रेग्नेंसी की निशानी है? (Missed Periods This Month, Am I Pregnant?)

Missed Periods
मैं 25 वर्षीया शादीशुदा महिला हूं. मेरे पति को गर्भनिरोधक (Contraceptives) का इस्तेमाल करना पसंद नहीं. इस महीने मेरे पीरियड्स (Periods) नहीं आए. क्या मैं प्रेग्नेंट (Pregnant) हूं?
– शांति वर्मा, सूरत.

सेक्स के दौरान कोई न कोई गर्भनिरोधक ज़रूर इस्तेमाल करना चाहिए. ऐसा न करने से आप अनचाही प्रेग्नेंसी या सेक्सुअली ट्रांसफर होनेवाले इंफेक्शन्स की शिकार हो सकती हैं. ऐसी स्थिति में प्रेग्नेंसी का पता लगाने के लिए आपको यूरिन प्रेग्नेंसी टेस्ट करना चाहिए. अगर फिर भी आपको कोई संदेह है, तो आपको डॉक्टर को दिखाना चाहिए. आप डॉक्टर से गर्भनिरोधक के बेहतर विकल्पों के बारे में जानकारी हासिल कर सकती हैं. किसी भी तरह के गर्भनिरोधक के साथ संबंध स्थापित करते समय हमेशा कंडोम का इस्तेमाल करें, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति सामने न आए.

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Missed Periods
मैं 50 वर्षीया महिला हूं. आजकल पीरियड्स (Periods) के दौरान मुझे हैवी ब्लीडिंग और बहुत दर्द होता है, जबकि पहले ऐसा नहीं होता था. मेरी सहेलियां कहती हैं कि यह मेनोपॉज़ (Menopause) के कारण है. क्या मुझे डॉक्टर के पास जाना चाहिए?
– रजनी सोनी, पटना.

पीड़ादायक हैवी ब्लीडिंग का आम कारण फायब्रॉइड्स है. ये कैंसरयुक्त नहीं होते, पर आपकी जैसी स्थिति में इनका इलाज करवाना ज़रूरी है. मेनोपॉज़ के कारण माहवारी अनियमित होना, अधिक रक्तस्राव होना आम बात है, पर इसमें कभी इतना दर्द नहीं होता. हैवी ब्लीडिंग के कारण कहीं आप एनीमिया की शिकार न हो जाएं, इसलिए आयरन सप्लीमेंट्स लेना शुरू कर दें. आपको किसी अच्छे गाइनाकोलॉजिस्ट से मिलना चाहिए. वो आपको प्रोजेस्टेरॉन टैबलेट्स या हिस्टेरेक्टॉमी की सलाह दे सकते हैं. आजकल नया हार्मोन डिलीवरी सिस्टम आया है, जिसे मिरेना इंट्रा युटेराइन सिस्टम कहते हैं. अगर आप हिस्टेरेक्टॉमी नहीं कराना चाहतीं, तो इसका चुनाव कर
सकती हैं.

यह भी पढ़ें: शारीरिक संबंध के बाद १-२ दिन तक ब्लीडिंग क्यों होती है?

 

 

डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
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पर्सनल प्रॉब्लम्स: कंडोम के इस्तेमाल से प्राइवेट पार्ट में खुजली व जलन क्यों होती है? (Can Condoms Cause Itching & Burning Sensation?)

Condoms Cause Itching. Burning Sensation
हाल ही मेरी शादी हुई है. गर्भनिरोध के लिए हम कंडोम का इस्तेमाल करते हैं, पर जब भी हम कंडोम इस्तेमाल करते हैं, मेरे प्राइवेट पार्ट्स एकदम लाल हो जाते हैं और उनमें खुजली व जलन होती है. मैं क्या करूं?
– प्रिया मल्होत्रा, नोएडा.

आपकी बातों से लग रहा है कि आप लैटेक्स एलर्जी से परेशान हैं, जिससे कंडोम बनता है. लैटेक्स रबड़ के पेड़ से बननेवाला एक प्राकृतिक व फ्लेक्सिबल रबड़ होता है. कुछ लोगों को इसके कारण एलर्जी हो सकती है, पर अगर यह बार-बार हो रहा है, तो नुक़सानदेह भी हो सकता है. जिन्हें केला, अनन्नास, पीच, कीवी, अंगूर, पपीता, एवोकैडो, स्ट्रॉबेरी, काजू, गेहूं आदि से एलर्जी होती है, उन्हें लैटेक्स एलर्जी की संभावना अधिक होती है. तुरंत अपने डॉक्टर से मिलें, ताकि वो आपकी सही जांच कर सकें. फैमिली प्लानिंग के लिए कोई और उपाय अपनाएं.

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Condoms Cause Itching. Burning Sensation

मैं 17 वर्षीया कॉलेज स्टूडेंट हूं. हाल ही मैंने नोटिस किया कि मेरे दोनों ब्रेस्ट में निप्पल्स नहीं हैं. मेरे पैरेंट्स ने कभी मुझे इस बारे में नहीं बताया और जब मैंने उन्हें इस बारे में बताया, तो उन्होंने कहा कि सब नॉर्मल है, पर मैं नॉर्मल महसूस नहीं कर रही हूं. कृपया, मेरी मदद करें.
– रश्मि तोमर, अजमेर.

दोनों ब्रेस्ट्स में या एक ब्रेस्ट में निप्पल का न होना या एरोओला यानी निप्पल के आसपास के गहरे रंग की त्वचा का न होना अदेलिया कहलाता है. यह एक दुर्लभ बीमारी है, जो जन्मजात होती है. आनुवांशिक बीमारियां, क्रोमोज़ोमल डिफेक्ट्स या प्रोजेरिया (फिल्म ङ्गपाफ में दिखाई गई बीमारी) इसके कारण हो सकते हैं. हालांकि कॉस्मेटिक सर्जरी की मदद से निप्पल्स तो बनवाए जा सकते हैं, पर वो सामान्य निप्पल्स की तरह काम नहीं कर पाएंगे.

यह भी पढ़ें: क्या कंसीव करने की संभावना को जानने के लिए कोई टेस्ट है?

यह भी पढ़ें: बार-बार वेजाइनल इंफेक्शन क्यों होता है?

 

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पर्सनल प्रॉब्लम्स: शारीरिक संबंध के बाद १-२ दिन तक ब्लीडिंग क्यों होती है? (Why Am I Bleeding 2 Days After Sexual Relationship?)

Bleeding 2 Days After Sexual Relationship
मैं 47 वर्षीया महिला हूं. पिछले कुछ दिनों से मैंने ग़ौर किया है कि पति से शारीरिक संबंध (Sexual Relationship) के बाद मुझे 1-2 दिन ब्लीडिंग (Bleeding) होती है, फिर रुक जाती है. ऐसा पहले कभी नहीं हुआ. मैं क्या करूं?
– ख़ुशबू मलिक, अलीगढ़.

पहली बात तो आप घबराएं नहीं. यह अच्छी बात है कि इस ओर आपका ध्यान गया. आप तुरंत अपने गायनाकोलॉजिस्ट से मिलें. आपकी जांच करके ही डॉक्टर आपको बता पाएंगे कि कहीं किसी तरह की असामान्यता तो नहीं. अगर ऐसा हुआ, तो वे आपको पैप स्मियर टेस्ट या अल्ट्रासाउंड करने की सलाह दे सकते हैं. जांच के बाद ही इसका कारण पता चल पाएगा. इसलिए आप तुरंत डॉक्टर से मिलकर ज़रूरी टेस्ट करवाएं.

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Bleeding 2 Days After Sexual Relationship
मैं 35 वर्षीया महिला हूं. हाल ही में पता चला कि मुझे ट्युबरकुलॉसिस (टीबी) है, इसलिए डॉक्टर ने गर्भनिरोधक गोलियों की बजाय कोई और उपाय करने की सलाह दी है. मुझे समझ में नहीं आ रहा है कि मैं क्या करूं? कृपया, उचित सलाह दें.
– वनिता झा, भागलपुर.

जब आप टीबी की दवाइयां लेती हैं, तो लिवर को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है, जिससे गर्भनिरोधक गोलियों का असर कम हो जाता है. यही कारण है कि आपके डॉक्टर ने गर्भनिरोध के किसी और उपाय को अपनाने की सलाह दी है. इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप अपने गायनाकोलॉजिस्ट से मिलें. आपकी पेल्विक जांच के बाद वो आपको इस बारे में सही सलाह दे पाएंगे.

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डॉ. राजश्री कुमार
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पर्सनल प्रॉब्लम्स: एग्स को कितने सालों तक फ्रीज़ करवाकर रख सकते हैं? (How Long Can I Freeze Eggs For?)

How Long Can I Freeze Eggs For
मैं 37 वर्षीया अविवाहित महिला हूं. 2 साल पहले ही मैंने अपने एग्स फ्रीज़ करवाकर रखे हैं. अभी तक मेरे जीवनसाथी की तलाश जारी है और यही सोचकर मैंने अपने एग्स फ्रीज़ करवाए हैं कि भविष्य में अपनी प्रेग्नेंसी के लिए उनका इस्तेमाल कर सकूं. पर मुझे यह पूछना है कि कितने सालों तक एग्स को सुरक्षित फ्रीज़ करके रखा जा सकता है? 
– मोनाली दुबे, मुंबई.

फ़िलहाल जो वैज्ञानिक दावे हैं उनके मुताबिक, 10 सालों तक एग्स को फ्रीज़ करके रखा जा सकता है. हो सकता है कि भविष्य में यह आंकड़ा और बदले, फिर भी आपको
40-45 या 50 जैसी बड़ी उम्र में प्रेग्नेंसी से जुड़े रिस्क फैक्टर्स के बारे में भी पता होना चाहिए, क्योंकि जैसे-जैसे व्यक्ति की उम्र बढ़ती है, वह हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज़ जैसी बीमारियों की चपेट में आने लगता है. इन सभी समस्याओं के बारे में आपको अपने फर्टिलिटी एक्सपर्ट से बात करनी चाहिए. आपने 30 की उम्र में अपने एग्स फ्रीज़ करके रख दिए हैं, इसका यह बिल्कुल मतलब नहीं कि कंसीव करने के लिए अभी आप 10-15 साल और इंतज़ार कर सकती हैं.

यह भी पढ़ें: क्या कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स से सर्वाइकल कैंसर हो सकता है?

How Long Can I Freeze Eggs For
हाल ही में मेरी शादी हुई है. गर्भनिरोध के लिए हम कंडोम का इस्तेमाल करते हैं, पर जब भी हम कंडोम इस्तेमाल करते हैं, मेरे प्राइवेट पार्ट्स एकदम लाल हो जाते हैं और उनमें खुजली व जलन होती है. मैं क्या करूं?
– सोनिया गोयल, पुणे.

आपकी बातों से लग रहा है कि आप लेटेक्स एलर्जी से परेशान हैं, जिससे कंडोम बनता है. लेटेक्स रबर के पेड़ से बननेवाला एक प्राकृतिक व फ्लेक्सिबल रबर होता है. कुछ लोगों को इसके कारण एलर्जी हो सकती है, पर अगर यह बार-बार हो रहा है, तो नुक़सानदेह भी हो सकता है. जिन्हें केला, अनन्नास, पीच, कीवी, अंगूर, पपीता, एवोकैडो, स्ट्रॉबेरी, काजू, गेहूं आदि से एलर्जी होती है, उन्हें लेटेक्स एलर्जी की संभावना अधिक होती  है. तुरंत अपने  डॉक्टर से मिलें, ताकि वो आपकी सही जांच कर सकें. फैमिली प्लानिंग के लिए कोई और उपाय अपनाएं.

यह भी पढ़ें: क्या प्रेग्नेंसी के दौरान ब्रेस्ट कैंसर हो सकता है?

जानें कंडोम से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें

– हर साल 100 में से 18 महिलाएं स़िर्फ इसलिए कंसीव कर लेती हैं, क्योंकि उनके पार्टनर सही तरी़के से कंडोम इस्तेमाल नहीं करते, इसलिए आप इस बात का ध्यान रखें कि आपके पार्टनर सही तरीक़ा जानते हों.

– बाज़ार में मिलनेवाले कलरफुल कंडोम्स की बजाय सिंपल कंडोम्स इस्तेमाल करें, क्योंकि ज़्यादातर मामलों में देखा गया है कि ऐसे कंडोम्स सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिसीज़ेस से आपको नहीं बचा पाते, जिसके लिए ख़ासतौर पर उनका इस्तेमाल किया जाता है.

– अगर आपको या आपके पार्टनर को लेटेक्स कंडोम की एलर्जी है, तो आप फीमेल कंडोम इस्तेमाल कर सकती हैं.

– कोशिश करें कि सेक्सुअल रिलेशन के दौरान कंडोम ज़रूर इस्तेमाल करें.

यह भी पढ़ें: ब्रेस्ट में गांठ के लिए क्या बार-बार मैमोग्राफी करानी होगी?

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डॉ. राजश्री कुमार

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पर्सनल प्रॉब्लम्स: इंट्रायूटेराइन कॉन्ट्रासेप्टिव (IUD) का इस्तेमाल कितने सालों तक कर सकते हैं? (How Long Can I Keep IUD?)

How Long Can I Keep IUD

मैं 31 वर्षीया दो बच्चों की मां हूं. 3 साल पहले गर्भनिरोधक के तौर पर मैंने इंट्रायूटेराइन कॉन्ट्रासेप्टिव डिवाइस (IUD) चुना था. डॉक्टर के मुताबिक़ 10 सालों तक मुझे कोई परेशानी नहीं होगी, पर हाल ही में मेरी एक सहेली, जिसने मेरे जैसा ही डिवाइस इस्तेमाल किया था, उसे 3 साल बाद बदलवाने की सलाह दी गई है. मैं दुविधा में हूं कि इसे कितने साल तक इस्तेमाल कर सकते हैं, 3 या 10? 

– नैना सक्सेना, कानपुर.

मार्केट में कई तरह के इंट्रायूटेराइन कॉन्ट्रासेप्टिव डिवाइस उपलब्ध हैं. अगर आपकी सहेली ने मल्टीलोड 250 इस्तेमाल किया होगा, तो उन्हें 3 साल बाद बदलवाना होगा, क्योंकि वह 3 सालों तक ही प्रभावशाली होता है, उसके बाद कंसीव करने का ख़तरा बढ़ जाता है. हो सकता है कि आप कॉपर टी 380 इस्तेमाल कर रही हों, जो 10 सालों तक काम करता है. बेहतर होगा कि आप अपनी मेडिकल फाइल में चेक करें, ताकि कंफ्यूज़न दूर हो सके.

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How Long Can I Keep IUD

मेरी पिछली प्रेग्नेंसी बहुत कष्टदायक थी. डिलीवरी के बाद नाल अपने आप नहीं निकली, इसलिए एनीस्थिसिया देकर निकालना पड़ा. इसके बाद खून की कमी हो गई और मुझे ब्लड चढ़ाना पड़ा. उसके बाद कई दिनों तक मुझे बहुत कमज़ोरी महसूस हुई. मैं दोबारा प्रेग्नेंट हूं और मुझे डर है कि कहीं पिछली बार वाली प्रॉब्लम दोबारा न हो जाए?

– ममता मेहता, चंडीगढ़.

जिस प्रकिया से आप गुज़री हैं, उसे नाल का मैन्युअल रिमूवल कहते हैं. इसका कारण गर्भाशय के आकार का असामान्य होना हो सकता है. असामान्य आकार के कारण नाल को निकलना मुश्किल हो जाता है, इसलिए उसे डॉक्टर को मैन्युअली निकालना पड़ता है. ऐसा दोबारा होने की भी संभावना है. अपने ऑब्सट्रेटीशियन को इस बारे में बता दें, ताकि वो पहले से ही ब्लड का इंतज़ाम कर सकें और ज़्यादा परेशानी न हो.

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आईयूडी (IUD) से जुड़े मिथ्स और फैक्ट्स

मिथ: आईयूडी से इंफेक्शन हो सकता है.
फैक्ट: द वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइज़ेशन ने इस विषय पर कई स्टडीज़ की हैं, जिन्होंने इस मिथ को ग़लत साबित किया है. पाया गया है कि यह महिलाओं की सेहत के लिए नुक़सानदेह नहीं है. डाटा में यह बात सामने आई है कि जो महिलाएं दूसरे बर्थ कंट्रोल अपनाती हैं, उनके मुकाबले आईयूडी का इस्तेमाल करनेवाली महिलाओं में किसी तरह का इंफेक्शन नहीं पाया गया.
मिथ: आईयूडी कई सालों के लिए करवाना पड़ता है.
फैक्ट: यही तो आईयूडी की सबसे बड़ी ख़ासियत है कि इसे आप 3-6 साल या फिर 12 सालों के लिए लगवा सकती हैं. लेकिन ऐसा ज़रूरी भी नहीं है. आप जब चाहे आईयूडी निकलवा सकती हैं. इसके लिए ऐसी कोई समय सीमा नहीं है.
मिथ: आईयूडी से पहले पैप स्मीयर करवाना पड़ता है.
फैक्ट: यह ज़रूरी नहीं है. अगर आपने बहुत दिनों से पैप स्मीयर टेस्ट नहीं करवाया, तो आईयूडी लगवाते समय आप यह भी करवा सकती हैं. अगर सबकुछ सामान्य लग रहा है, तो रिज़ल्ट का इंतज़ार करने की कोई ज़रूरत नहीं.

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डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
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पर्सनल प्रॉब्लम्स: शादी से पहले गर्भनिरोधक की जानकारी कितनी ज़रूरी है? (Pre Wedding Birth Control Guide For Every Bride)

Birth Control Guide
मैं 22 वर्षीया यूनिवर्सिटी छात्रा हूं. कुछ ही दिनों में मेरी शादी होनेवाली है, इसलिए मैं गर्भनिरोधक के बारे में जानना चाहती हूं. कृपया, मुझे सही गर्भनिरोधक के बारे में बताएं.
– आकृति महाजन, नासिक.

यह बहुत अच्छी बात है कि आप गर्भनिरोधक के बारे में सही जानकारी हासिल करना चाहती हैं. दरअसल, असुरक्षित यौन संबंधों के कारण एचआईवी/एड्स जैसे सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्शन्स (एसटीआई) का ख़तरा बढ़ जाता है. कुछ एसटीआई महिलाओं के फैलोपियन ट्यूब्स को स्थायी रूप से डैमेज भी कर सकते हैं. इसके अलावा आपको पेल्विक इंफ्लेेमेटरी डिसीज़ भी हो सकती है, जो आगे चलकर इंफर्टिलिटी का कारण बन सकती है. गर्भनिरोधक के साधनों में कंडोम काफ़ी इफेक्टिव माना जाता है और साथ ही यह आपको एसटीआई से भी बचाता है. तिमाही गर्भनिरोधक इंजेक्शन भी हैं, पर वो एसटीआई से सुरक्षा नहीं देते.

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Birth Control Guide
मेरी शादी को 4 साल हो गए हैं और अब मैं मां बनना चाहती हूं. पर 6 साल पहले आए 2 एपिलेप्टिक सीज़र्स (न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर) के कारण मैं आज भी उसकी दवा ले रही हूं. मुझे डर है कि कहीं इससे मेरे बच्चे में जन्म से ही कोई दोष न आ जाए? क्या अब मुझे वो दवा बंद कर देनी चाहिए? कृपया, मेरी मदद करें.
– गुंजन यादव, कटक.

भले ही आप प्रेग्नेंसी के बारे में सोच रही हैं, पर अपनी दवाई बंद न करें. हालांकि जन्म से ही दोषवाली बात से पूरी तरह इंकार नहीं किया जा सकता, पर इस तरह की महिलाओं पर हुए शोध से पता चला है कि दवा लेते हुए भी उन्होंने स्वस्थ बच्चों को जन्म दिया है. वैसे भी सोनोग्राफी के ज़रिए किसी भी तरह की एब्नॉर्मिलिटी की जांच की जा सकती है.
इसलिए अपनी मर्ज़ी से दवा बंद न करें और कोई भी निर्णय लेने से पहले, जिस डॉक्टर से दवा ले रही हैैं, उनसे सलाह ज़रूर ले लें.

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महिलाओं के लिए ख़ास कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स 

हमारे देश में आज भी बहुत-सी महिलाएं गर्भनिरोधक के बारे में बहुत कम जानती हैं. आइए जानें महिलाओं  के लिए ख़ास कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स के बारे में-

कॉम्बिनेशन गोलियां

ज़्यादातर महिलाएं कॉम्बिनेशन गोलियां ही लेती हैं. इसमें एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरॉन होता है, जो फीमेल हार्मोन है. न्यू-जनरेशन और कंवेंशनल पिल्स हैं ये कॉम्बिनेशन टैबलेट्स. क़रीब 99 फ़ीसदी महिलाएं कॉम्बिनेशन गोलियों का ही इस्तेमाल करती हैं.

मिनी पिल्स

मिनी पिल्स में केवल प्रोजेस्टेरॉन हार्मोन होता है. इसे प्रोजेस्टेरॉन- ओनली पिल भी कहा जाता है. 28 गोलियों का एक पैक होता है, जिसमें 21 दिनों की गोलियों में प्रोजेस्टेरॉन हार्मोन होता है और बाकी की 7 गोलियों में कोई हार्मोन नहीं होता. आजकल आख़िरी 7 गोलियों में आयरन होता है, ताकि शरीर में इसकी कमी ना हो.

इमर्जेंसी पिल्स

इमर्जेंसी पिल्स को ममॉर्निंग आफ्टर पिल्सफ भी कहा जाता है. इसकी ख़ासियत ये हैं कि अनचाहे गर्भ को रोकने के लिए इसे अनसेफ सेक्स के 72 घंटों के भीतर ही लेना चाहिए.

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सेफ सेक्स के 20 + असरदार ट्रिक्स (20 + Effective Tricks For Safe Sex)

सेफ सेक्स न सिर्फ आपको सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिसीज़ से बचाता है, बल्कि आप अनवॉन्टेड प्रेग्नेंसी से भी सुरक्षित रहती हैं, इसलिए ज़रूरी कॉन्ट्रासेप्टिव का इस्तेमाल.

Romantic Couple Kiss
– सेफ सेक्स के लिए कंडोम को सबसे बेहतरीन उपाय माना जाता है. कंडोम न केवल आपको अनचाहे गर्भ से बचाता है, बल्कि इंफेक्शन, एचआईवी/एड्स या फिर अन्य सेक्सुअल डिसीज़ से भी आपका बचाव करता है.
– यदि सेक्सुअल रिलेशन में लुब्रिकेटेड कंडोम का इस्तेमाल करें, तो ज़्यादा अच्छा है. लुब्रिकेशन न केवल कंडोम को फटने से बचाता है, बल्कि इसे इस्तेमाल करना भी आसान होता है.
– ध्यान रहे कि एक समय में एक ही कंडोम पहनें, दो कंडोम पहनने से आपको नुक़सान हो सकता है.
– ओरल सेक्स से बचें, क्योंकि इससे कई तरह के इंफेक्शन्स होने का ख़तरा रहता है. कई ऐसे उदाहरण भी सामने आए हैं, जब ओरल सेक्स से व्यक्ति को कैंसर व सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिसीज़ हुई हैं.
– यदि आप गर्भनिरोधक के रूप में कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स ले रही हैं, तो इसे कभी भी मिस न करें. यानी इसे रेग्युलर नियत समय पर लेना न भूलें. हां, यदि कभी एक दिन मिस हो जाए, तो दूसरे दिन दो पिल्स एक साथ ले लें. फिर दोबारा नियमित रूप से पिल्स लेती रहें.
– आमतौर पर पीरियड्स के दौरान सेक्स करना सेफ माना जाता है, क्योंकि इस दौरान कंसीव करने के चांस कम होते हैं. लेकिन यह पूरी तरह से सुरक्षित नहीं होता है, ख़ासतौर से तब जब आपका मेन्स्ट्रुअल साइकल छोटा हो. इसलिए महिलाएं पीरियड्स के सर्कल को समझते हुए दिनों को कैलकुलेट करके अनचाहे गर्भ से सुरक्षित रह सकती हैं.
– सेफ सेक्स के रूप में कुछ कपल्स एक तरीक़ा ऐसा भी अपनाते हैं, जिसमें मेल पार्टनर ऑर्गेज़्म के समय बाहर ही डिस्चार्ज कर देता है. लेकिन यह तरीक़ा भी अधिक सुरक्षित नहीं है. कई बार पुरुष एक्साइटमेंट के समय यह जान ही नहीं पाते कि उनके प्राइवेट पार्ट के आगेवाले हिस्से पर वीर्य गिर चुका होता है व उसमें शुक्राणु हो सकते हैं, जिससे शायद प्रेग्नेेंसी भी हो सकती है.
– सेफ सेक्स के रूप में गर्भनिरोधकों के बारे में तो सभी बहुत कुछ जानते होंगे, पर कुछ ऐसे गर्भनिरोधक भी हैं, जिनका इस्तेमाल अनसेफ सेक्स के बाद भी प्रभावकारी होता है, जिसे इमर्जेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव कहते हैं.
हाल ही में हुए रिसर्च में 59% महिलाओं ने माना कि उन्हें इमर्जेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव की बहुत कम जानकारी है, जबकि 12% महिलाएं इनके बारे में जानती तक नहीं हैं.

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तो आइए, सेफ सेक्स के रूप में इमर्जेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव के बारे में जानते हैं.
– यूं तो अनसेफ सेक्सुअल रिलेशन के बाद गर्भनिरोध के रूप में सबसे अधिक भरोसा इमर्जेंसी कंट्रासेप्टिव पिल्स पर किया जाता है, पर इनके अलावा भी कुछ विकल्प हैं, जो पूरी तरह से सेफ हैं.
– ऐसे में इमर्जेंसी इंट्रायूटेराइन डिवाइस (आईयूडी) का इस्तेमाल भी बेहतर विकल्प हो सकता है.
– आईयूडी प्लास्टिक या तांबे का बना छोटा-सा उपकरण होता है, जिसे अनसेफ सेक्स के बाद भी महिलाएं यूटेरस में फिक्स करवा सकती हैं. एक बार लगाया गया आईयूडी कम से कम 5 से 10 साल तक गर्भनिरोध में मदद करता है.
– अक्सर हिलाएं यह सोचकर इमर्जेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव्स का सेवन नहीं करती हैं कि इससे उनकी फर्टिलिटी कम हो जाती है, जबकि ऐसा नहीं है. हां, यह ज़रूर है कि इमर्जेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स के इस्तेमाल से उस महीने के पीरियड्स प्रभावित हो सकते हैं, पर ये इंफर्टिलिटी की वजह नहीं होता है, अतः इनका इस्तेमाल सेफ समझा जाता है.
– ध्यान रहे कि इमर्जेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव पिल सामान्य इस्तेमाल के लिए नहीं है. इसका इस्तेमाल उसी स्थिति में करते हैं, जब सामान्य कॉन्ट्रासेप्टिव लेने से चूक जाएं. वैसे बेहतर तरीक़ा यह भी हैै कि आप किसी डॉक्टर से इनके इस्तेमाल से संबंधित जानकारी पहले ही ले लें.
– रिसर्च में पाया गया कि 50% महिलाओं के बीच यह मिथ है कि इमर्जेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव का इस्तेमाल एबॉर्शन के लिए किया जाता है, जो कि ग़लत है.
– इमर्जेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स का काम एबॉर्शन करना नहीं है. इनके सेवन से अंडाशय में बन रहे अंडकोष का निर्माण रुक जाता है या वो गर्भाशय में नहीं जाते, जिससे प्रेग्नेंसी हो ही नहीं सकती.
– इस बात का भी ख़ास ख़्याल रखें कि इमर्जेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव पिल केवल इमर्जेंसी में ही लें, क्योंकि इनका नियमित रूप से इस्तेमाल करना नुक़सानदायक हो सकता है.
– यह एक मिथ है कि असुरक्षित सेक्सुअल रिलेशन होने के तुरंत बाद या फिर 24 घंटों के अंदर ही इनका सेवन लाभदायक हो सकता है, जबकि हक़ीक़त में ऐसा नहीं है.
– असुरक्षित सेक्स के 72 घंटों यानी 3 दिनों के अंदर तक इसका इस्तेमाल प्रभावकारी होता है. वैसे आप जितनी जल्दी इसका इस्तेमाल करेेंगी फ़ायदा उतना ही जल्दी होगा.
– सेक्स के दौरान अनचाहे गर्भ से बचने के लिए न अब महिलाओं को कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स लेने की ज़रूरत है और न ही पुरुषों के लिए कंडोम ही एकमात्र विकल्प है, क्योंकि अब पुरुषों के लिए भी कॉन्ट्रासेप्टिव पिल तैयार किया जा रहा है, जो उनके पुरुषत्व को भी प्रभावित नहीं करेगी. ऑस्ट्रेलिया की मोनाश यूनिवर्सिटी के रिसर्चर ने फैमिली प्लानिंग के लिए पुरुषों की कॉन्ट्रासेप्टिव पिल को तैयार कर ली है, जो जल्द ही बाज़ार में उपलब्ध होगी.

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सेक्स अलर्ट

– गर्भनिरोध के लिए प्रचलित तरीक़ों में जो महिलाएं गर्भनिरोधक इंजेक्शन का इस्तेमाल कर रही हैं, वे अलर्ट हो जाएं, क्योंकि हाल ही में हुए एक रिसर्च के अनुसार, जो महिलाएं
कॉन्ट्रासेप्टिव इंजेक्शन का इस्तेमाल अधिक करती हैं, उन्हें दूसरों की अपेक्षा एचआईवी इंफेक्शन का ख़तरा 40% अधिक होता है.
– दुनियाभर में 14.4 करोड़ महिलाएं हार्मोनल कॉन्ट्रासेप्शन को अधिक महत्व देती हैं, जिनमें क़रीब 4.1 करोड़ महिलाएं कंट्रासेप्टिव इंजेक्शन का इस्तेमाल करती हैं, जबकि 10.3 करोड़ महिलाएं गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करती हैं.
– पुरुष प्रजनन क्षमता को अवरोध कर उन्हें कंट्रोल कर सकनेवाली मेडिसिन एच2-गैमेंडाजोल व जेक्यू1 पर भी रिसर्च चल रहा है. ये मेडिसिन शरीर में स्पर्म बनाने की प्रक्रिया को ब्लॉक कर देंगी और भविष्य में सेफ सेक्स के रूप में इनका भी इस्तेमाल किया जा सकेगा.
– अपने पार्टनर के साथ ईमानदार रहकर न केवल आप अपनी सेक्सुअल लाइफ अच्छी तरह से एंजॉय कर सकते हैं, बल्कि सेक्सुअल डिसीज़ के ख़तरों को भी कम कर सकते है.

कुछ दिलचस्प बातें

– अक्सर पुरुष नसबंदी कराने से कतराते हैं, जिसका सबसे बड़ा कारण यह मिथ है कि इससे उनमें कमज़ोरी आ जाती है, जबकि ऐसा नहीं है.
– स्पर्म की संख्या पूरे वीर्य में 1 फ़ीसदी से भी कम होती है. 99 फ़ीसदी वीर्य प्रोस्टेट (30%) व शुक्राशय (69%) से ही बनता है.
– कई पुरुषों को ऐसा लगता है कि उनके पुरुषत्व का प्रमाण प्रजनन क्षमता पर ही आधारित है. ऐसे लोगों को अपना शक दूर करने के बाद ही नसबंदी करानी चाहिए.
– नसबंदी कराने के बाद वीर्य की दो रिपोर्ट स्पर्म निगेटिव होनी ज़रूरी है. इसके बाद आप नॉर्मल सेक्स लाइफ एंजॉय कर सकते हैं.

– रेषा गुप्ता

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