contraceptive pills

मैं 27 वर्षीया शादीशुदा महिला हूं. मेरी एक फ्रेंड कह रही थी कि गर्भनिरोधक गोलियों के सेवन से वज़न बढ़ता है. मैं यह जानना चाहती हूं कि क्या यह सच है?
– रश्मि पांडे, जयपुर.

कई स्टडीज़ में यह बात साबित हो चुकी है कि गर्भनिरोधक गोलियों के कारण वज़न नहीं बढ़ता. दरअसल, बहुत-सी महिलाएं गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल शादी के बाद लगभग 23-24 की उम्र से करना शुरू करती हैं. आमतौर पर इस उम्र में लड़कियों का वज़न थोड़ा बढ़ता ही है. स्टडीज़ में यह बात भी सामने आई है कि दुर्लभ मामलों में ही सही अगर किसी महिला का वज़न बढ़ा भी होगा, तो वह महज़ फ्लूइड रिटेंशन की वजह से हुआ होगा, जिसका प्रभाव टेम्प्ररी ही रहता है. कुछ महिलाओं को शुरुआत में थोड़ी द़िक्क़त हो सकती है, जैसे- जी मिचलाना, सिरदर्द आदि, पर ज़रूरी नहीं कि यह आपके साथ भी हो. कभी-कभार डेली रूटीन में बदलाव के कारण भी वज़न थोड़ा-बहुत बढ़ सकता है, इसलिए यह कहना मुश्किल है कि गर्भनिरोधक गोलियों के कारण वज़न बढ़ता है.

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Contraceptive Pills

मैं 23 वर्षीया कॉलेज स्टूडेंट हूं. मैं जानना चाहती हूं कि सेक्सुअली एक्टिव होना किसे कहते हैं? क्या हस्तमैथुन (मास्टरबेशन) करना सेक्सुअली एक्टिव होना माना जाएगा?
– कोमल सारंगी, कटक.

मेडिकल साइंस की भाषा में कहें, तो अगर आप एक या मल्टीपल पार्टनर्स के साथ सेक्सुअली इन्वॉल्व हैं, तो इसे सेक्सुअली एक्टिव होना माना जाएगा. इस परिभाषा में स़िर्फ वेजाइनल इंटरकोर्स ही शामिल नहीं है, बल्कि ओरल सेक्स, उंगलियों का इस्तेमाल और ऐनल सेक्स भी शामिल है. अगर आम बोलचाल की भाषा में कहें, तो हस्तमैथुन करनेवालों को सेक्सुअली एक्टिव नहीं माना जाता. इसका एक फ़ायदा यह भी है कि आपके साथ कोई पार्टनर जुड़ा हुआ नहीं होता, इसलिए सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिसीज़ का कोई ख़तरा भी नहीं रहता.

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Dr. Rajshree Kumar

डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
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मेरी उम्र 26 साल है. अगले महीने मेरी शादी है. दरअसल, शादी के दिन से एक-दो दिन पहले ही मेरे पीरियड्स की डेट है. क्या मैं अपने पीरियड्स की डेट आगे या पीछे कर सकती हूं?
– हिमानी जोशी, रामनगर.

आप गायनाकोलॉजिस्ट से संपर्क करें, जो आपकी शादी के दिन और पीरियड्स की डेट को एडजस्ट करने के लिए हार्मोनल टैबलेट देंगे. शादी के कुछ महीनों बाद तक यदि आप कंट्रासेप्शन का प्रयोग करना चाहती हैं, तो ओरल कंट्रासेप्शन का इस्तेमाल करें. ओरल कंट्रासेप्शन आपके मासिक धर्म को रेग्युलर रखेगा और प्रेग्नेंसी को भी रोकेगा.

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 Prepone Or Postpone Periods
मेरी उम्र 17 साल है. पिछले कुछ दिनों से मेरे राइट ब्रेस्ट में गांठ-सी महसूस हो रही है, जिसमें दर्द तो बिल्कुल नहीं होता, पर सूजन बनी हुई है. मुझे डर है, कहीं ये गांठ कैंसर की तो नहीं है?
– वंदना मैथ्यू, दिल्ली.

आपको फाइब्रोएडेनोमा की शिकायत हो सकती है, जो टीनएजर लड़कियों में अधिक देखी जाती है. फाइब्रोएडेनोमा में होनेवाली सूजन व गांठ कैंसर की नहीं होती. आप किसी गायनाकोलॉजिस्ट या जनरल सर्जन से संपर्क करें, जो आपका मार्गदर्शन कर सही इलाज करेंगे. अगर सूजन नॉर्मल है तो चिंता की कोई बात नहीं. लेकिन अगर यह सूजन अधिक दिनों तक बनी रहती है, तो हो सकता है कि सर्जन इससे संबंधित कोई टेस्ट कराएं और सर्जरी की सलाह दें.

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मैं 27 वर्षीया महिला हूं. पिछले महीने मेरी डॉक्टर ने मुझे गर्भनिरोधक गोलियां (Birth Control Pills) लेने की सलाह दी. गोलियां शुरू करने के बाद भी बीच-बीच में मुझे ब्लीडिंग हो रही है. इस बारे में मेरी गायनाकोलॉजिस्ट ने कुछ बताया नहीं था. क्या मैं गर्भनिरोधक गोलियां लेना बंद कर दूं?
– काशी मौर्या, मुंबई.

आमतौर पर गर्भनिरोधक गोलियों के सेवन से ब्लीडिंग अनियमित हो जाती है और इसे नियमित होने में कम-से-कम तीन महीने का समय लगता है. इस दौरान आपको ब्रेस्ट में भारीपन महसूस होना, चक्कर आना और सिरदर्द जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं. अगर तीन महीने बाद भी ये लक्षण दिखाई दें, तो अपनी गायनाकोलॉजिस्ट से संपर्क करें.

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Birth Control Pills
मेरी बेटी की उम्र 20 साल है. उसकी शादी अभी नहीं हुई है. मेरी कुछ सहेलियां कह रही थीं कि भले ही कोई समस्या न हो, फिर भी एक बार गायनाकोलॉजिस्ट को मिल लेना चाहिए. क्या मैं अपनी बेटी को गायनाकोलॉजिस्ट के पास ले जाऊं?
– मयूरी यादव, नैनीताल.

आजकल बहुत-सी महिलाएं अपनी टीनएज बेटियों को गायनाकोलॉजिस्ट के पास लेकर आती हैं, ताकि वो उन्हें प्यूबर्टी के दौरान होनेवाले
हार्मोनल बदलावों, मेंस्ट्रुअल प्रॉब्लम्स, फैमिली प्लानिंग, सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिसीज़ेस आदि के बारे में समझा सकें. गायनाकोलॉजिस्ट को मिलना, न मिलना आपका व्यक्तिगत मामला है, लेकिन अगर आपकी बेटी को कोई मेंस्ट्रुअल या फीमेल प्रॉब्लम नहीं है, तो उसे डॉक्टर के पास ले जाने की ज़रूरत नहीं. ज़्यादातर जागरूक मांएं किसी समस्या के आने से पहले उसके बारे में बेटी को आगाह करना सही समझती हैं. वैसे देखा जाए, तो अपनी सेहत के प्रति जागरूक रहना अच्छी बात है.

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डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
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मेरी उम्र 23 साल है. मैं पिछले तीन सालों से गर्भनिरोधक गोलियों (Contraception Pill) का सेवन कर रही हूं. मैं जानना चाहती हूं कि गर्भनिरोधक गोलियों के लंबे समय तक इस्तेमाल से आगे चलकर मुझे गर्भधारण में तो कोई समस्या (Problems) नहीं आएगी?
– चांदनी सक्सेना, अल्मोड़ा.

दुनियाभर में करोड़ों महिलाएं कंट्रासेप्टिव पिल्स का सालों तक इस्तेमाल करती हैं. अगर आप स्वस्थ हैं, स्मोकिंग नहीं करतीं और केवल उसी गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करती हैं, जो आपको सूट करती हैं तो भविष्य में आपको कोई भी समस्या नहीं होनी चाहिए. इन गोलियों से बांध्यपन का ख़तरा नहीं होता. इनका सेवन बंद कर देने के बाद आप तत्काल गर्भधारण कर सकेंगी.

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Effects Of Birth Control

मैं 24 साल की युवती हूं. हाल ही में मैंने अपने मंगेतर के साथ असुरक्षित सेक्स किया. हालांकि इसके दूसरे ही दिन मैंने इमरजेंसी पिल्स ले लिया था, लेकिन मुझे अब भी यह डर लग रहा है कि कहीं मैं प्रेग्नेंट तो नहीं हो जाऊंगी?
– विनीता रामचंद्र, हैदराबाद.

असुरक्षित सेक्स संबंध बनाने के बाद इमरजेंसी पिल्स खाने के बावजूद गर्भधारण का ख़तरा 20 से 25 प्रतिशत तक बना रहता है, ख़ासकर तब, जब आपने अपने ओव्यूलेशन पीरियड के आसपास सेक्स किया हो. अब अगर आपकी माहवारी अनियमित हो गई हो, तो तुरंत प्रेग्नेंसी टेस्ट कराएं. अनचाहे गर्भ के लिए आप एबॉर्शन पिल्स का प्रयोग भी कर सकती हैं.

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डॉ. राजश्री कुमार
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मैं 25 वर्षीया स्वस्थ महिला हूं और मुझे कोई हेल्थ प्रॉब्लम (Health Problem) भी नहीं है. मैं गर्भनिरोधक गोलियों (Contraceptive Pills) का इस्तेमाल करना चाहती हूं, पर क्या इसके लिए मुझे किसी गायनाकोलॉजिस्ट से मिलना पड़ेगा.
– आशा मल्होत्रा, दिल्ली.

आप बिना किसी डॉक्टर की सलाह के ख़ुद से गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन बिल्कुल न करें. एक ओर जहां सभी गर्भनिरोधक गोलियां अलग-अलग होती हैं, वहीं हर महिला की ज़रूरत भी अलग होती है. इसलिए गर्भनिरोधक गोली शुरू करने से पहले डॉक्टर का प्रिस्क्रिप्शन बहुत ज़रूरी है. प्रिस्क्रिप्शन से पहले डॉक्टर आपका बेसिक एक्ज़ामिनेशन करते हैं और उस गोली के फ़ायदे और गोली लेने का सही तरीक़ा भी बताते हैं. साथ ही अगर उस गोली से कोई साइड इफेक्ट हो सकता है, तो वो भी बता देते हैं.

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Birth Control

मैं 32 वर्षीया महिला हूं. मेरी एक बार सीज़ेरियन डिलीवरी हो चुकी है. अब मेरे गर्भाशय में 6 सें.मी. का फायब्रॉइड है, पर मुझे उससे कोई तकलीफ़ नहीं है. ऐसे में मुझे क्या करना चाहिए?
– रागिनी यादव, लखनऊ.

महिलाओं में फायब्रॉइड्स का होना आम बात है. फायब्रॉइड्स कैंसर रहित होते हैं, इसलिए इसमें डरनेवाली कोई बात नहीं है. ये बहुत ही धीमी गति से बढ़ते हैं, इसलिए महिलाओं को कंसीव करने में कोई प्रॉब्लम नहीं होती. अगर आपको इससे कोई तकलीफ़ नहीं है, तो आपको इस बारे में चिंता करने की कोई ज़रूरत नहीं है. पर हां, अपने गायनाकोलॉजिस्ट को ज़रूर कंसल्ट करें. वो आपको साल में एक बार सोनोग्राफी के ज़रिए उसे मॉनिटर करने की सलाह दे सकते हैं.

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मैं ट्रैवेलिंग पर जानेवाली हूं, इसलिए अपने पीरियड्स प्रीपोन या पोस्टपोन करना चाहती हूं. पिछले 4 सालों से मैं बर्थ कंट्रोल पिल्स ले रही हूं और मेरा पीरियड साइकल 30-32 दिनों का है. ऐसे में मुझे क्या करना चाहिए?
– रंजना कुमार, नई दिल्ली.

पीरियड्स प्रीपोन करने की बजाय पोस्टपोन करना ज़्यादा अच्छा होगा. जैसा कि आपने बताया कि आप बर्थ कंट्रोल पिल्स लेती हैं, तो 7 दिन का जो पिल फ्री वीक का ब्रेक होता है, उसे नज़रअंदाज़ करें और बिना किसी ब्रेक के आप अपनी पिल्स लगातार लेती रहें. पिल्स बंद करते ही कुछ ही दिनों में आपके पीरियड्स आ जाएंगे. बेहतर होगा कि अपने गायनाकोलॉजिस्ट सेे मिलें, वो आपको बेहतर गाइड कर पाएंगे.

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How Can I Postpone My Periods

मैं 16 वर्षीया लड़की हूं. मेरी बाकी सहेलियों की तरह मुझे पीरियड्स नहीं आते, जबकि 14 साल की उम्र से ही हर महीने मुझे पेटदर्द होता है. अल्ट्रासाउंड से पता चला है कि मेरे गर्भाशय और योनि में खून जमा है. डॉक्टर के मुताबिक़ पीरियड्स के लिए मुझे एक छोटा-सा ऑपरेशन करवाना होगा. क्या ऐसा होता है?
– प्रगति सिन्हा, रायपुर.

आमतौर पर 11 से 14 साल के बीच लड़कियों के पीरियड्स आ जाते हैं, पर आपकी जो स्थिति है उसे हेमाटोकोल्पोस और हेमाटोमेत्रा कहते हैं, जिसमें ब्लड वेजाइना और यूटरस में जमा होता रहता है. आपकी वेजाइनल ओपनिंग बंद है, जिसके कारण ब्लड वेजाइना और यूटरस में जमा हो रहा है. जैसा कि आपने बताया कि 14 साल की उम्र से ही आपको हर महीने दर्द होता है, पर पीरियड्स नहीं होते, दरअसल तभी से आपके पीरियड्स शुरू हो गए हैं, पर वेजाइनल ओपनिंग के बंद होने के कारण ब्लड बाहर नहीं निकल पाया. आपको डरने की कोई ज़रूरत नहीं. बस, एक छोटे-से ऑपरेशन से सब ठीक हो जाएगा और आपके पीरियड्स नॉर्मल हो जाएंगे.

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डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
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अक्सर महिलाएं इमर्जेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स (Emergency Contraception Pills) का इस्तेमाल तो करती हैं, मगर इसे लेकर उनके मन में कई तरह की ग़लतफहमियां रहती हैं. आइए जानते हैं, इससे जुड़े कुछ आम मिथकों की सच्चाई.

Emergency Contraception Pills

 

1. इमर्जेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स ख़रीदने के लिए प्रिस्क्रिप्शन (डॉक्टर की पर्ची) की ज़रूरत पड़ती है.
अधिकांश महिलाएं ऐसा समझती हैं, लेकिन ये सच नहीं है. आपको किसी भी मेडिकल स्टोर पर कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स आसानी से मिल जाएगी और इसके लिए प्रिस्क्रिप्शन की ज़रूरत नहीं होती.

2. इमर्जेंसी कान्ट्रासेप्टिव पिल्स आसानी से नहीं मिलती.
ये सच नहीं है. इमर्जेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव कई जगहों पर मिलती है, जैसे- मेडिकल स्टोर, कॉन्ट्रासेप्टिव क्लिनिक, हॉस्पिटल और स्त्रीरोग विशेषज्ञ के पास.

3. इमर्जेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स लेना अबॉर्शन की तरह है.
रिसर्च बताती है कि लगभग 50% महिलाएं ये विश्‍वास करती हैं कि इसे लेना अबॉर्शन की तरह है. जबकि ऐसा कुछ नहीं है. मेडिकल रिसर्च से पता चलता है कि यह केवल प्रेग्नेंसी से बचाव है, अबॉर्शन नहीं. अबॉर्शन प्रेगनेंसी खत्म करने के लिए तब किया जाता है, जब यूटरस (गर्भाशय) में फर्टीलाइज एग स्थापित हो जाता है. इमर्जेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स 3 तरह से काम करती है. एग को निकलने से, इसे फर्टिलाइज होने से और गर्भाशय में स्थापित होने से रोकती है. अतः यह अबॉर्शन नहीं है.

4. इमर्जेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स अनप्रोटेक्टेड सेक्स होने के 24 घंटे के अंदर लेनी पड़ती है, अन्यथा फ़ायदा नहीं होता.
इमर्जेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स, अनप्रोटेक्टेड सेक्स के बाद 3 दिन तक असर करती है, परंतु जल्दी लेने पर ज़्यादा असरदार होती है.

5. इमर्जेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स लेने के बाद ब्रेस्टफीड (स्तनपान) नहीं कराना चाहिए.
विशेषज्ञों की राय है कि इन पिल्स को लेने के बाद 1 हफ्ते तक ब्रेस्टफीड नहीं कराना चाहिए.

6. क्या इन पिल्स को 1 से अधिक बार एक ही साइकल (चक्र) में लिया जा सकता है?
आप चाहें तो इनका प्रयोग 1 ही साइकल (चक्र) में 1 से अधिक बार कर सकती हैं, मगर विशेषज्ञ इसकी सलाह नहीं देतें. याद रखिए कॉन्ट्रासेप्शन के कई अन्य विकल्प भी हैं.
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7. क्या नियमित रूप से इमर्जेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स लेने से महिलाएं इन्फर्टाइल (बांझ) हो जाती हैं.
नियमित रूप से इन पिल्स का इस्तेमाल करने से मेनस्ट्रल साइकल (मासिक चक्र) अनियमित हो जाता है, लेकिन ये इन्फर्टाइल नहीं बनाता. एक बात हमेशा ध्यान रखें कि ये पिल्स रोज़ाना इस्तेमाल के लिए नहीं है, इमर्जेंसी में लेने वाली कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स हैं. अतः बेहतर होगा इनका प्रयोग इमर्जंेसी में ही करें. नियमित कॉन्ट्रासेप्शन के दूसरे विकल्पों के लिए डॉक्टर से सलाह लें.

मिथ- इमर्जेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स में केवल ‘मॉर्निंग आफ्टर पिल’ का ऑप्श्‍न (विकल्प) ही उपलब्ध है.
फैक्ट- ऐसा नहीं है. मार्केट में 3 तरह की इमर्जेंसी कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स उपलब्ध है. ये पिल्स प्रेग्नेंसी से बचने के लिए ली जाती हैं. इनके अलावा खणऊ (इन्ट्रायूटेराइन डिवाइस) का विकल्प भी है. खणऊ का आकार बहुत छोटा होता है. यह प्लास्टिक और कॉपर से बना होता है, जिसे अनप्रोटेक्टेड सेक्स (असुरक्षित यौन संबंध) के 5 दिन तक यूट्रस (गर्भाशय) में लगाया जा सकता है. सामान्य खणऊ 5 से 10 वर्ष तक के लिए भी लगाया जा सकता है. इसे हमेशा अनुभवी डॉक्टर से ही लगवाएं.
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मेरी कई सहेलियां गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल करती हैं, पर उनके अनुसार इसके ज़्यादा सेवन से ब्रेस्ट कैंसर होने की संभावना बढ़ जाती है. क्या यह सच है?
– रश्मि भूषण, रोहतक.

स्टडीज़ में यह बात साबित हो चुकी है कि जो महिलाएं गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल करती हैं, उनमें बाकी महिलाओं के मुक़ाबले बे्रस्ट कैंसर, लिवर व सर्वाइकल कैंसर की संभावना थोड़ी ज़्यादा बढ़ जाती है. वैसे कई और कारण हैं, जो ब्रेस्ट कैंसर के रिस्क को बढ़ा देते हैं, जैसे- कम उम्र में पीरियड्स की शुरुआत, हार्मोनल कारण, देरी से मेनोपॉज़ होना, पहली प्रेग्नेंसी ज़्यादा उम्र में होना, बच्चे न होना आदि.

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 Contraceptive Pills, Risk Of Breast Cancer
मैं 41 वर्षीया महिला हूं और कमरदर्द से परेशान हूं. पेनकिलर्स लेने पर आराम हो जाता है, पर फिर स्थिति वही हो जाती है. डॉक्टर ने मुझे विटामिन डी3 लेवल चेक कराने की सलाह दी है. क्या यह ज़रूरी है?
– ज्योति पांडे, भोपाल.

विटामिन डी दो प्रकार के होते हैं, डी2 और डी3. जहां डी2 भोजन और सप्लीमेंट से प्राप्त होता है, वहीं डी3 भोजन के अलावा सूरज की रोशनी से भी मिलता है. कैल्शियम मेटाबॉलिज़्म और बोन रिमॉडलिंग में इसका इस्तेमाल होता है. विटामिन डी हमारे इम्यून सिस्टम को मज़बूत बनाने के साथ-साथ, बे्रन को डेवलप करने और हार्ट को हेल्दी बनाने का काम करता है. हड्डियों की मज़बूती के लिए यह बहुत ज़रूरी है, इसलिए अपना डी3 लेवल चेक कराएं, ताकि पता चल सके कि कहीं आपमें इसकी कमी तो नहीं.

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डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
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मैं 47 वर्षीया महिला हूं. पिछले कुछ दिनों से मैंने ग़ौर किया है कि पति से शारीरिक संबंध (Sexual Relationship) के बाद मुझे 1-2 दिन ब्लीडिंग (Bleeding) होती है, फिर रुक जाती है. ऐसा पहले कभी नहीं हुआ. मैं क्या करूं?
– ख़ुशबू मलिक, अलीगढ़.

पहली बात तो आप घबराएं नहीं. यह अच्छी बात है कि इस ओर आपका ध्यान गया. आप तुरंत अपने गायनाकोलॉजिस्ट से मिलें. आपकी जांच करके ही डॉक्टर आपको बता पाएंगे कि कहीं किसी तरह की असामान्यता तो नहीं. अगर ऐसा हुआ, तो वे आपको पैप स्मियर टेस्ट या अल्ट्रासाउंड करने की सलाह दे सकते हैं. जांच के बाद ही इसका कारण पता चल पाएगा. इसलिए आप तुरंत डॉक्टर से मिलकर ज़रूरी टेस्ट करवाएं.

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Bleeding 2 Days After Sexual Relationship
मैं 35 वर्षीया महिला हूं. हाल ही में पता चला कि मुझे ट्युबरकुलॉसिस (टीबी) है, इसलिए डॉक्टर ने गर्भनिरोधक गोलियों की बजाय कोई और उपाय करने की सलाह दी है. मुझे समझ में नहीं आ रहा है कि मैं क्या करूं? कृपया, उचित सलाह दें.
– वनिता झा, भागलपुर.

जब आप टीबी की दवाइयां लेती हैं, तो लिवर को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है, जिससे गर्भनिरोधक गोलियों का असर कम हो जाता है. यही कारण है कि आपके डॉक्टर ने गर्भनिरोध के किसी और उपाय को अपनाने की सलाह दी है. इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप अपने गायनाकोलॉजिस्ट से मिलें. आपकी पेल्विक जांच के बाद वो आपको इस बारे में सही सलाह दे पाएंगे.

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डॉ. राजश्री कुमार
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मैं 22 वर्षीया यूनिवर्सिटी छात्रा हूं. कुछ ही दिनों में मेरी शादी होनेवाली है, इसलिए मैं गर्भनिरोधक के बारे में जानना चाहती हूं. कृपया, मुझे सही गर्भनिरोधक के बारे में बताएं.
– आकृति महाजन, नासिक.

यह बहुत अच्छी बात है कि आप गर्भनिरोधक के बारे में सही जानकारी हासिल करना चाहती हैं. दरअसल, असुरक्षित यौन संबंधों के कारण एचआईवी/एड्स जैसे सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्शन्स (एसटीआई) का ख़तरा बढ़ जाता है. कुछ एसटीआई महिलाओं के फैलोपियन ट्यूब्स को स्थायी रूप से डैमेज भी कर सकते हैं. इसके अलावा आपको पेल्विक इंफ्लेेमेटरी डिसीज़ भी हो सकती है, जो आगे चलकर इंफर्टिलिटी का कारण बन सकती है. गर्भनिरोधक के साधनों में कंडोम काफ़ी इफेक्टिव माना जाता है और साथ ही यह आपको एसटीआई से भी बचाता है. तिमाही गर्भनिरोधक इंजेक्शन भी हैं, पर वो एसटीआई से सुरक्षा नहीं देते.

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Birth Control Guide
मेरी शादी को 4 साल हो गए हैं और अब मैं मां बनना चाहती हूं. पर 6 साल पहले आए 2 एपिलेप्टिक सीज़र्स (न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर) के कारण मैं आज भी उसकी दवा ले रही हूं. मुझे डर है कि कहीं इससे मेरे बच्चे में जन्म से ही कोई दोष न आ जाए? क्या अब मुझे वो दवा बंद कर देनी चाहिए? कृपया, मेरी मदद करें.
– गुंजन यादव, कटक.

भले ही आप प्रेग्नेंसी के बारे में सोच रही हैं, पर अपनी दवाई बंद न करें. हालांकि जन्म से ही दोषवाली बात से पूरी तरह इंकार नहीं किया जा सकता, पर इस तरह की महिलाओं पर हुए शोध से पता चला है कि दवा लेते हुए भी उन्होंने स्वस्थ बच्चों को जन्म दिया है. वैसे भी सोनोग्राफी के ज़रिए किसी भी तरह की एब्नॉर्मिलिटी की जांच की जा सकती है.
इसलिए अपनी मर्ज़ी से दवा बंद न करें और कोई भी निर्णय लेने से पहले, जिस डॉक्टर से दवा ले रही हैैं, उनसे सलाह ज़रूर ले लें.

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महिलाओं के लिए ख़ास कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स 

हमारे देश में आज भी बहुत-सी महिलाएं गर्भनिरोधक के बारे में बहुत कम जानती हैं. आइए जानें महिलाओं  के लिए ख़ास कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स के बारे में-

कॉम्बिनेशन गोलियां

ज़्यादातर महिलाएं कॉम्बिनेशन गोलियां ही लेती हैं. इसमें एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरॉन होता है, जो फीमेल हार्मोन है. न्यू-जनरेशन और कंवेंशनल पिल्स हैं ये कॉम्बिनेशन टैबलेट्स. क़रीब 99 फ़ीसदी महिलाएं कॉम्बिनेशन गोलियों का ही इस्तेमाल करती हैं.

मिनी पिल्स

मिनी पिल्स में केवल प्रोजेस्टेरॉन हार्मोन होता है. इसे प्रोजेस्टेरॉन- ओनली पिल भी कहा जाता है. 28 गोलियों का एक पैक होता है, जिसमें 21 दिनों की गोलियों में प्रोजेस्टेरॉन हार्मोन होता है और बाकी की 7 गोलियों में कोई हार्मोन नहीं होता. आजकल आख़िरी 7 गोलियों में आयरन होता है, ताकि शरीर में इसकी कमी ना हो.

इमर्जेंसी पिल्स

इमर्जेंसी पिल्स को ममॉर्निंग आफ्टर पिल्सफ भी कहा जाता है. इसकी ख़ासियत ये हैं कि अनचाहे गर्भ को रोकने के लिए इसे अनसेफ सेक्स के 72 घंटों के भीतर ही लेना चाहिए.

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डॉ. राजश्री कुमार
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महिलाओं की ऐसी ही अन्य पर्सनल प्रॉब्लम्स पढ़ें

 

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 मैं 40 वर्षीया महिला हूं. हाल ही में मैं रूटीन चेकअप के लिए गई थी, तब डॉक्टर ने मुझे पैप टेस्ट की बजाय एचपीवी (ह्यूमन पैपीलोमा वायरस) डीएनए टेस्ट करवाने की सलाह दी. यह क्या है? इसके क्या फ़ायदे हैं? और क्या यह पैप टेस्ट से बेहतर है? 
– दीपा कुमार, सिकंदराबाद.
एचपीवी डीएनए पैप टेस्ट से बेहतर है, क्योंकि यह कैंसर का कारण बननेवाले कई प्रकार के ह्यूमन पैपीलोमा वायरस को डिटेक्ट कर सकता है, जो पैप टेस्ट से मुमकिन नहीं है. आपसे मिले सैंपल को डॉक्टर एक लिक्विड कंटेनर में रखेंगे, जिसे लैब में प्रोसेस कर टेस्ट किया जाएगा. इस टेस्ट के ज़रिए समय से पहले कैंसर का कारण बननेवाले सेल्स के बारे में पता लगाया जा सकता है. यही कारण है कि आपके डॉक्टर ने आपको इस टेस्ट की सलाह दी है.

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contraceptive pills cause cervical cancer
मैं 27 वर्षीया हूं. 4 महीने पहले ही मेरी शादी हुई है, पर फ़िलहाल कुछ सालों तक मैं कंसीव नहीं करना चाहती, इसलिए कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स (contraceptive pills) लेती हूं, पर कुछ दिनों पहले ही मेरी एक सहेली ने बताया कि इसका इस्तेमाल गर्भाशय के कैंसर का कारण बनता है. क्या यह सच है?
– लक्ष्मी राणे, कोल्हापुर.
ओरल कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स बहुत ही प्रभावशाली गर्भनिरोधक होते हैं. यह एक मिथक है कि इससे गर्भाशय का कैंसर होता है, बल्कि यह गर्भाशय के कैंसर से आपकी सुरक्षा करता है. कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स के हार्मोनल गुणों के कारण पिल्स लेनेवाली महिलाओं में गर्भाशय के कैंसर की संभावना, पिल्स न लेनेवाली महिलाओं के मुक़ाबले बहुत कम होती है. सर्वाइकल कैंसर के कई कारण हो सकते हैं, जैसे- सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिसीज़ (ह्यूमन पैपीलोमा वायरस), मल्टीपल सेक्सुअल पार्टनर्स, धूम्रपान, कम उम्र में सेक्सुअली एक्टिव होना आदि.
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सर्वाइकल कैंसर से बचने के लिए ज़रूरी टेस्ट्स

35 साल की उम्र के बाद सभी महिलाओं को सर्वाइकल स्क्रीनिंग ज़रूर करवानी चाहिए. चाहे आप पैप टेस्ट करवाएं, विनेगर टेस्ट या फिर एचपीवी डीएनए टेस्ट. इन टेस्ट्स की मदद से समय से पहले कैंसर की संभावना का पता लगाया जा सकता है. अगर आपकी रिपोर्ट निगेटिव आती है, तो आप पांच साल बाद टेस्ट रिपीट कर सकती हैं. लेकिन अगर इस बीच कभी आपको बेवजह ब्लीडिंग हो, तो ये टेस्ट्स ज़रूर करवाएं. सर्वाइकल कैंसर को होने में क़रीब 10-15 साल लगते हैं, इसलिए अगर आप नियमित रूप से अपने टेस्ट्स करवा रही हैं, तो इससे आसानी से बचा जा सकता है. जितनी जल्दी इसका पता चलेगा, उतनी जल्दी इसकी रोकथाम हो सकेगी, इसलिए 35 साल की उम्र के बाद सभी महिलाओं को ये टेस्ट्स ज़रूर करवाने चाहिए.

 

 

डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ

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