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5 चमत्कारी घरेलू गर्भनिरोधक रोकते हैं गर्भधारण (Pregnancy) और इन होममेड गर्भनिरोधक (Homemade Contraceptives) का कोई साइड इफेक्ट भी नहीं है. यदि आप भी गर्भधारण रोकने का कोई घरेलू उपाय ढूंढ़ रही हैं, तो आप 5 चमत्कारी घरेलू गर्भनिरोधक का प्रयोग कर सकती हैं. अनचाहे गर्भ से बचने के लिए महिलाएं हर मुमकिन उपाय करती हैं, ताकि आगे चलकर कोई परेशानी न हो. ऐसे में 5 चमत्कारी घरेलू गर्भनिरोधक आपके बहुत काम आ सकते हैं. अनचाहे गर्भ से बचने के लिए आप ये 5 5 चमत्कारी घरेलू गर्भनिरोधक ट्राई कर सकती हैं.

Home Remedies To Avoid Pregnancy

यदि हम बाज़ार में उपलब्ध गर्भनिरोधक की बात करें, तो गर्भनिरोधक का चुनाव इस बात इस बात पर भी निर्भर करता है कि आपको कौन सा गर्भनिरोधक सूट करता है. यदि आपको समझ नहीं आ रहा कि कौन-से गर्भनिरोधक का चुनाव किया जाए, तो इसके लिए आप अपने डॉक्टर से भी संपर्क कर सकते हैं.

कौन-से 5 चमत्कारी घरेलू गर्भनिरोधक रोकते हैं गर्भधारण, जानने के लिए देखें वीडियो:

 

अन्य चमत्कारी घरेलू गर्भनिरोधक
* माहवारी ख़त्म होने के बाद तुलसी के पत्तों का काढ़ा तीन-चार दिन तक लगातार पीएं. इससे गर्भ नहीं ठहरेगा.
* मासिक धर्म के समय चंपा के फूलों को पीसकर पीने से गर्भधारण की संभावना नहीं रहती. जब तक बच्चा न चाहें, तब तक यह प्रयोग हर महीने मासिक के समय करें.
* केले का पेड़ जिस पर फल न लगा हो या फलहीन पेड़ हो उसकी जड़ उखाड़कर सुखा लें. उसका चूर्ण बनाकर रख लें. मासिक के समय 4-5 ग्राम की मात्रा में सेवन करने से गर्भ नहीं ठहरता.

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आजकल बर्थ कंट्रोल पिल्स (Birth Control Pills) बहुत कॉमन हो गई हैं. आपने भी कभी न कभी गर्भनिरोधक गोलियों (Contraceptive Pills) का प्रयोग ज़रूर किया होगा. पर क्या आप जानती हैं किगर्भनिरोधक गोलियों का आविष्कार (Invented) किसने किया था? आपको जानकर हैरानी होगी कि गर्भनिरोधक गोलियों का आविष्कार किसी पुरुष ने नहीं, बल्कि एक महिला (Woman) ने किया है. जी हां, आपको यह जानकर ख़ुशी होगी कि बर्थ कंट्रोल पिल्स का आविष्कार मार्गरेट हिगिन्स सेंगर (Margaret Sanger) नामक एक महिला ने किया था. दरअसल, मार्गरेट हिगिन्स सेंगर ख़ुद अपने माता-पिता की ग्यारहवीं संतान थी, इसीलिए शायद उसे गर्भनिरोधक गोलियों की अहमियत अच्छी तरह पता थी. हां, आपको यह जानकर दुख होगा कि बर्थ कंट्रोल क्लीनिक चलाने के आरोप में सन् 1917 में मार्गरेट सेंगर (Margaret Sanger) को जेल की सज़ा हुई थी.

Oral Contraceptives

IVF और गर्भनिरोधक गोलियों का आविष्कारक अमेरिकी बायोलॉजिस्ट और शोधकर्ता ग्रेगोरी गुडविन पिंकस (Gregory Goodwin Pincus) को भी माना जाता है. अमेरिकी बायोलॉजिस्ट और शोधकर्ता ग्रेगोरी गुडविन पिंकस बचपन से ही खोजी स्वभाव के थे, जिसके कारण उन्होंने एक ऐसी कॉट्रासेप्ट‍िव पिल बनाई, जिसकी मदद से महिलाएं गर्भवती होने से बच सकती हैं. ग्रेगोरी की उत्सुकता हार्मोनल चेंज और रिप्रोडक्शन प्रोसेस में होने वाले बदलाव में थी. रिप्रोडक्शन प्रक्रिया को क्या बीच में रोका जा सकता है, क्या गर्भधारण को रोका जा सकता है जैसे सवाल ग्रेगोरी के दिमाग में कौंधते रहते थे. अपने इन्हीं सवालों के जवाब के रूप में ग्रेगोरी गुडविन पिंकस (Gregory Goodwin Pincus) को 1934 में पहली बार इस क्षेत्र में बड़ी कामयाबी मिली, जब खरगोश में विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) प्रोड्यूस करने में वो कामयाब हुए. ग्रेगोरी ने कम्बाइंड कॉन्ट्रासेप्ट‍िव पिल्स का भी आविष्कार किया.ग्रेगोरी गुडविन पिंकस ने ‘द कंट्रोल ऑफ फर्टिलिटी’ और ‘द एग्स ऑफ मैमल्स’ नाम की किताबें भी लिखीं, जो आज भी इस क्षेत्र में होने वाले शोध में मददगार साबित होती हैं.

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व्हाइट डिस्चार्ज की समस्या के 5 आसान घरेलू उपाय जानने के लिए देखें वीडियो:

हाल ही मेरी शादी हुई है. गर्भनिरोध के लिए हम कंडोम का इस्तेमाल करते हैं, पर जब भी हम कंडोम इस्तेमाल करते हैं, मेरे प्राइवेट पार्ट्स एकदम लाल हो जाते हैं और उनमें खुजली व जलन होती है. मैं क्या करूं?
– प्रिया मल्होत्रा, नोएडा.

आपकी बातों से लग रहा है कि आप लैटेक्स एलर्जी से परेशान हैं, जिससे कंडोम बनता है. लैटेक्स रबड़ के पेड़ से बननेवाला एक प्राकृतिक व फ्लेक्सिबल रबड़ होता है. कुछ लोगों को इसके कारण एलर्जी हो सकती है, पर अगर यह बार-बार हो रहा है, तो नुक़सानदेह भी हो सकता है. जिन्हें केला, अनन्नास, पीच, कीवी, अंगूर, पपीता, एवोकैडो, स्ट्रॉबेरी, काजू, गेहूं आदि से एलर्जी होती है, उन्हें लैटेक्स एलर्जी की संभावना अधिक होती है. तुरंत अपने डॉक्टर से मिलें, ताकि वो आपकी सही जांच कर सकें. फैमिली प्लानिंग के लिए कोई और उपाय अपनाएं.

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Condoms Cause Itching. Burning Sensation

मैं 17 वर्षीया कॉलेज स्टूडेंट हूं. हाल ही मैंने नोटिस किया कि मेरे दोनों ब्रेस्ट में निप्पल्स नहीं हैं. मेरे पैरेंट्स ने कभी मुझे इस बारे में नहीं बताया और जब मैंने उन्हें इस बारे में बताया, तो उन्होंने कहा कि सब नॉर्मल है, पर मैं नॉर्मल महसूस नहीं कर रही हूं. कृपया, मेरी मदद करें.
– रश्मि तोमर, अजमेर.

दोनों ब्रेस्ट्स में या एक ब्रेस्ट में निप्पल का न होना या एरोओला यानी निप्पल के आसपास के गहरे रंग की त्वचा का न होना अदेलिया कहलाता है. यह एक दुर्लभ बीमारी है, जो जन्मजात होती है. आनुवांशिक बीमारियां, क्रोमोज़ोमल डिफेक्ट्स या प्रोजेरिया (फिल्म ङ्गपाफ में दिखाई गई बीमारी) इसके कारण हो सकते हैं. हालांकि कॉस्मेटिक सर्जरी की मदद से निप्पल्स तो बनवाए जा सकते हैं, पर वो सामान्य निप्पल्स की तरह काम नहीं कर पाएंगे.

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डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
[email protected]

 

 

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मैं 29 वर्षीया महिला हूं. पिछले महीने ही मेरी सीज़ेरियन डिलीवरी हुई है. फैमिली प्लानिंग के बारे में सलाह देने के लिए डॉक्टर ने छह हफ़्ते बाद बुलाया है, पर मेरी सहेली का कहना है कि चूंकि मैं ब्रेस्टफीडिंग (breastfeeding) करा रही हूं, तो ऐसे में किसी गर्भनिरोधक की ज़रूरत नहीं पड़ती. क्या यह सच है? कृपया बताएं.
– राधिका तारे, मुंबई.

आपके लिए यह समझना बहुत ज़रूरी है कि आपकी सीज़ेरियन डिलीवरी हुई है और आपके सीज़ेरियन घाव को भरने में समय लगेगा, इसीलिए डॉक्टर ने आपको फैमिली प्लानिंग के लिए बुलाया है. आपके लिए गर्भनिरोधक इस्तेमाल करना बहुत ज़रूरी है, क्योंकि अगर घाव भरने से पहले ही आप प्रेग्नेंट हो गईं, तो कई तरह की कॉम्प्लीकेशन्स हो सकती हैं, जो आपके लिए ठीक नहीं है. आपके बच्चे को भी आपके प्यार, समय और देखभाल की ज़रूरत है, जो तभी संभव है, जब आप 2-3 साल तक प्रेग्नेंसी से बची रहेंगी.

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Breast Feeding
मैं 32 वर्षीया महिला हूं. मेरा एक साल का बेटा भी है. मेरे पति विदेश में रहते थे, इसलिए मैंने कभी कोई फैमिली प्लानिंग (Family Planning) नहीं की थी, लेकिन पिछले महीने मेरे पति विदेश से लौटे, तो मैंने कंसीव कर लिया था, पर चूंकि मेरा बेटा बहुत छोटा है, इसलिए मैंने एबॉर्शन करा लिया. अभी मैं एक साल और कंसीव नहीं करना चाहती. कृपया, मुझे फैमिली प्लानिंग की सही सलाह दें.
– कविता गुप्ता, इंदौर.

एबॉर्शन के 10-12 दिनों बाद ही महिलाओं में फर्टिलिटी लौट आती है, इसलिए आपको कोई गर्भनिरोधक विकल्प ज़रूर अपनाना चाहिए. आज मार्केट में कई प्रकार के गर्भनिरोधक मिलते हैं. आपकी मेडिकल हिस्ट्री, सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिसीज़ की हिस्ट्री आदि देखने के बाद ही आपका डॉक्टर आपको सही सलाह दे पाएगा. इसलिए तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें और अपनी सुविधानुसार सही विकल्प चुनें.

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ब्रेस्टफीडिंग व गर्भनिरोध का क्या है कनेक्शन?

अगर कोई महिला ब्रेस्टफीड नहीं करती, तो ओव्यूलेशन (फर्टिलिटी) जल्दी शुरू हो जाता है, पर इसका यह भी मतलब नहीं है कि अगर आप बच्चे को ब्रेस्टफीड कराती हैं, तो आप प्रेग्नेंट नहीं हो सकतीं. अगर आप छह महीने तक बच्चे को अपने दूध के अलावा कुछ और नहीं खिलाती-पिलाती हैं, तो हो सकता है ओव्यूलेशन आने में थोड़ा समय लगे. सीज़ेरियन डिलीवरी के बाद यह बहुत ज़रूरी है कि प्रेग्नेंसी के लिए 2-3 साल का अंतर रखा जाए. सीज़ेरियन डिलीवरी के बाद एबॉर्शन कराना सेफ नहीं होता है, इसलिए गर्भनिरोधक का इस्तेमाल ज़रूर करें. ब्रेस्टफीडिंग करानेवाली मांओं के लिए आजकल हार्मोनल कॉन्ट्रासेप्शन भी उपलब्ध है, जिसे आप अपने डॉक्टर की मदद से ले सकती हैं. इसके अलावा कई अन्य विकल्प भी हैं, जिन्हें आप अपनी सुविधानुसार ले सकती हैं.

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डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
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मैं 37 वर्षीया महिला हूं. पहले बच्चे की डिलीवरी के बाद फैमिली प्लानिंग के लिए मैंने गर्भनिरोधक गोलियां (Contraceptive Pills) लेनी शुरू की थीं. पिछले पांच सालों से मैं गोलियां ले रही हूं. हाल ही में मेरी एक सहेली ने बताया कि मुझे छह महीने के लिए गोलियां बंद कर देनी चाहिए, उसके बाद फिर शुरू करनी चाहिए. क्या वो सही कह रही है? कृपया, सही सलाह दें. 

– रंजना श्रीवास्तव, गुवाहाटी.

अगर गर्भनिरोधक गोलियां (Contraceptive Pills) आपको नुक़सान नहीं कर रही हैं और इसके रिज़ल्ट्स से आप पूरी तरह संतुष्ट हैं, तो बेशक आप गोलियां लेना जारी रख सकती हैं. अभी तक ऐसा कोई मेडिकल एविडेंस नहीं मिला है, जिससे यह साबित हो कि आपको छह महीने का गैप देना होगा. जब तक आप फैमिली प्लानिंग की सर्जरी नहीं करा लेतीं या मेनोपॉज़ नहीं होता, तब तक आपको गोलियां लेते रहना चाहिए. वैसे आपको सालाना हेल्थ चेकअप करवाते रहना चाहिए. इसमें पेल्विक एक्ज़ामिनेशन भी ज़रूर करवाएं.

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Contraceptive Pills

मैं 16 वर्षीया स्कूल गर्ल हूं. बचपन से ही मेरे दाएं ब्रेस्ट का निप्पल नहीं है. जब डॉक्टर से मिले थे, तो उन्होंने कहा था कि प्यूबर्टी के बाद हार्मोनल बदलावों के कारण निप्पल अपने आप आ जाएगा, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हुआ है. मुझे समझ में नहीं आ रहा कि क्या करना चाहिए? कृपया, मेरी मदद करें.

– स्मिता शेठ, गांधीनगर.

सबसे पहले तो आप घबराएं नहीं. ब्रेस्ट्स में निप्पल का न होना एक दुर्लभ विकार है, जिसे अथीलिया कहते हैं. यह महिला या पुरुष किसी को भी हो सकता है. सबसे पहले आप किसी सर्जन को मिलें. वो आपका चेकअप करके देखेंगे कि आपको कोई और जन्मजात विसंगतियां तो नहीं. उसके बाद ही वो ज़रूरी इलाज की सलाह दे पाएंगे.

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कहीं आप भी गर्भनिरोधक गोलियां लेना भूल तो नहीं जातीं?

  • गर्भनिरोधक गोलियां हमेशा जिस दिन पीरियड्स ख़त्म होते हैं, उसके अगले दिन से शुरू करें.
  • गर्भनिरोधक गोलियां एक तरह का हार्मोन ट्रीटमेंट है, इसलिए डॉक्टर्स इसे रोज़ाना एक ही समय पर लेने की सलाह देते हैं. आप अपनी इच्छानुसार कोई भी समय चुन सकती हैं.
  • बहुत-सी महिलाओं को यह ग़लतफ़हमी रहती है कि गर्भनिरोधक गोलियां लेने से किसी और तरह के प्रोटेक्शन की ज़रूरत नहीं पड़ती, पर ऐसा है नहीं. ये गोलियां आपको प्रेग्नेंट होने से बचाती हैं, पर सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्शन्स के ख़तरे से नहीं बचा सकतीं.
  • गोलियों को आसानी से याद रखने के लिए समय निश्‍चित करें, सुबह नाश्ते के व़क्त या रात को खाने के बाद या फिर खाना बनाते व़क्त आदि. आप चाहें, तो मोबाइल में अलार्म या रिमांइडर लगाकर रखें.
  • आजकल ऐसे कई रिमाइंडर ऐप्स मौजूद हैं, जिन्हें आप अपनी सहूलियत के मुताबिक़ इस्तेमाल कर सकती हैं.
  • अगर किसी दिन गोली लेना भूल जाती हैं, तो अगले दिन दो गोली ले लें और उसके बाद का रूटीन नॉर्मल रखें.
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डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
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महिलाओं की ऐसी ही अन्य पर्सनल प्रॉब्लम्स पढ़ें

मेरा 2 साल का एक बच्चा है और फ़िलहाल मैं दूसरा बच्चा नहीं चाहती, इसलिए हार्मोनल इंट्रायूटेराइन कॉन्ट्रासेप्टिव (IUCD) इंसर्ट करवाया है. डॉक्टर के मुताबिक़ हैवी ब्लीडिंग के मामले में यह एक उचित गर्भनिरोधक है. पर अगर यह एक अच्छा गर्भनिरोधक है, तो सभी महिलाएं इसका इस्तेमाल क्यों नहीं करतीं?

– समीरा यादव, कानपुर.

इंट्रायूटेराइन कॉन्ट्रासेप्टिव डिवाइस (IUCD) काफ़ी लोकप्रिय गर्भनिरोधक है. प्रोजेस्टेरॉन हार्मोंसयुक्त यह डिवाइस हैवी ब्लीडिंग वाली महिलाओं को दिया जाता है. यह एक स्पेशल डिवाइस है, क्योंकि इसके टी शेप प्लास्टिक फ्रेम के साथ हार्मोंस भी होते हैं. आप 5 साल तक इसका इस्तेमाल कर सकती हैं. दरअसल, महंगा होने के कारण यह बहुत लोकप्रिय नहीं हुआ है.

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Hormonal Intrauterine Contraceptive

मेरी नौंवें महीने की प्रेग्नेंसी के शुरुआती चेकअप के बाद डॉक्टर ने तुरंत अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी. टेस्ट के बाद उन्होंने बताया कि मुझे ओलिगोहाइड्रामिनियॉस है और मुझे सीज़ेरियन डिलीवरी ही करवानी होगी. यह क्या है?

– ख्याति झा, रायपुर.

गर्भाशय में बच्चा पानी की थैली के भीतर रहता है, जिसे एम्नियॉटिक फ्लूइड कहते हैं. अल्ट्रासाउंड के ज़रिए उसकी जांच की जाती है. ओलिगोहाइड्रामिनियॉस इसी की कमी की अवस्था है. आम भाषा में कहें, तो गर्भाशय में पानी की कमी है. इसके कई कारण हो सकते हैं, जैसे पानी की थैली में दरार पड़ना, बच्चे की किडनी में एब्नॉर्मिलिटी के कारण यूरिन कम होना, जीन डिफेक्ट, मां को हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज़ आदि. पानी की कमी के कारण बच्चे को सांस लेने में तकलीफ़ हो सकती है. यही कारण है कि आपके डॉक्टर ने सीज़ेरियन डिलीवरी की सलाह दी है.

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क्या आप पहचानती हैं प्रेग्नेंसी के ये शुरुआती लक्षण?

– जिस प्रकार हर महिला अलग होती है, उसी प्रकार उसकी प्रेग्नेंसी के लक्षण भी अलग होते हैं. यहां तक कि एक ही महिला की  दो प्रेग्नेंसीज़ के लक्षण भी अलग-अलग हो सकते हैं. ज़रूरी नहीं जैसा वो पहली प्रेग्नेंसी में महसूस कर रही थी, वैसा भी दूसरी बार भी करे.

– पीरियड्स मिस होना इसका सबसे बड़ा लक्षण है, हांलाकि पीरियड्स मिस होने के पहले ही बहुत-सी

– कॉन्सेप्शन के बाद महिलाओं को हल्की-सी ब्लीडिंग होती है और पेट में मरोड़ भी होता है.

– शरीर में हो रहे बदलावों के कारण ब्रेस्ट हैवी लगने लगते हैं.

– थकान प्रेग्नेंसी के शुरुआती लक्षणों में से एक है.

– ज़्यादातर महिलाओं को सुबह-सुबह चक्कर आते हैं.

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डॉ. राजश्री कुमार
डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
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