cooking habits

प्यूरी बनना, बैटर तैयार करना, ग्रीस करना… ये सब रेसिपी के कुछ ऐसे शब्द हैं, जिनका प्रयोग विधि-सामग्री में कई बार किया जाता है, लेकिन कई महिलाएं इनका अर्थ नहीं समझ पातीं. आपकी सुविधा के लिए हम बता रहे हैं कुकिंग के दौरान अक्सर प्रयोग किए जाने वाले शब्द और उनका अर्थ. 

Language Of Cooking

चॉपिंग करना
सब्ज़ी, सलाद को काटना ही चॉपिंग कहलाता है.

स्लाइस करना
किसी सब्ज़ी या फ्रूट्स को पतला/लंबा एक समान काटना स्लाइस करना कहलाता है. उदाहरण के लिए- पोटैटो चिप्स बनाने के लिए आलू के गोलाकर स्लाइस करना.

बॉइल करना
उबालने की प्रक्रिया को बॉइल करना कहते हैं, जैसे- पानी, चाय, दूध उबालना.

बैटर बनाना
चीला, इडली, डोसा आदि बनाने के लिए तैयार किए जाने वाला घोल को बैटर कहते हैं, जैसे- बेसन के बैटर में लपेटकर पकौड़े तलना.

गोल्डन ब्राउन
प्याज़, पकौड़े आदि को सुनहरा भूरा होने तक भूनने या तलने को गोल्डन ब्राउन होने तक भूनना/तलना कहते हैं.

बेक करना
अवन में किसी चीज़ को दोनों तरफ़ सेंकने का मतलब होता है उसे बेक करना, जैसे- केक या पिज़्ज़ा बेस को अवन में बेक करना.

ब्लांच करना
उबलते हुए पानी में सब्ज़ी डालकर उसे अधपका करना ब्लांच करना कहलाता है, जैसे- पालक पनीर बनाने के लिए पालक को पानी में ब्लांच किया जाता है.

फोल्ड करना
भरावन रखने के लिए रोटी, ब्रेड आदि को मोड़ने की प्रक्रिया को फोल्ड करना कहते हैं, जैसे- मैदे की रोटी को दो भागों में काटकर फोल्ड करके समोसे तैयार करना.

ग्राइंड करना
किसी भी चीज़ को पीसने की प्रक्रिया को ग्राइंड करना कहते हैं, जैसे- ग्रेवी तैयार करने के लिए प्याज़ या गीला मसाला पीसना या चटनी पीसना.

बीट करना
दही, अंडा, बटर आदि को फेंटने का मतलब उसे बीट करना होता है.

चर्न करना
लस्सी बनाने के लिए दही, लोनी निकालने के लिए मलाई को मथना उसे चर्न करना कहलाता है.

मेरिनेट करना
पनीर, आलू आदि को मसाले, दही या किसी ख़ास घोल में कुछ देर के लिए लपेटना उसे मेरिनेट करना कहलाता है, जैसे- पनीर पकौड़ा बनाने से पहले पनीर को कुछ देर मसाले के घोल में मेरिनेट किया जाता है.

पील करना
छीलने को पील करना कहते हैं, जैसे- आलू या सब्ज़ी को काटने से पहले उसे पील करना.

स्टीम करना
किसी भी चीज़ को भाप में पकाने का मतलब है स्टीम करना, जैसे- ढोकला, इडली आदि को स्टीम करना.

प्यूरी बनाना
किसी भी चीज़ का गाढ़ा घोल तैयार करना प्यूरी बनाना कहलाता है, जैसे- टमाटर या कश्मीरी मिर्च को पीसकर उसकी प्यूरी बनाना.

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Cooking Tips

स्टफ करना
भरावन की प्रक्रिया को ही स्टफ करना कहते हैं, जैसे- भरवां करेला बनाते समय उसमें मसाला स्टफ करना या स्टफ्ड चीज़ टोमैटो बनाते समय टमाटर में चीज़ स्टफ करना.

मैश करना
मसलने को मैश करना कहते हैं, जैसे- आलू परांठा बनाते समय आलू को मैश करना.

फ्राई करना
किसी चीज़ को तलना ही फ्राई करना कहलाता है, जैसे- तेल में पकौड़े, पूरियां फ्राई करना.

ड्रीप फ्राई करना
ज़्यादा देर तक तलने की प्रक्रिया को ड्रीप फ्राई करना कहते हैं.

क्रश करना
चूरा करने को क्रश करना कहते हैं, जैसे- ब्रेड को क्रश करना.

ग्रेट करना
कद्दूकस करने को ग्रेट करना कहते हैं, जैसे- कटलेट बनाने के लिए किसी सब्ज़ी को ग्रेट करना या नारियल ग्रेट करना.

मिक्स करना
दो या दो से अधिक सामग्री को आपस में मिलाने को मिक्स करना कहते हैं, जैसे- पकौड़े बनाने के लिए बेसन में प्याज़, हरी मिर्च, नमक आदि मिलाना.

ब्लेंड करना
दो या दो से अधिक पतले घोल को आपस में मिलाना ब्लेंड करना कहलाता है, जैसे- फेंटा हुआ दही और पीसे हुए मसाले ब्लेंड करना.

फिल्टर करना
छानने को फिल्टर करना कहते हैं, जैसे- किसी सामग्री में से पानी निथारने के लिए उसे फिल्टर करना.

बारबेक्यू
किसी चीज़ को सींक में गोदकर सीधे आंच पर सेंकने को बारबेक्यू करना कहते हैं, जैसे- सींक में पनीर, आलू या मटन के टुकड़े गोदकर सेंकना.

नीड करना
गूंधने को नीड करना कहते हैं, जैसे- रोटी या परांठे के लिए आटा गूंधना.

रोस्ट करना
भूनने को रोस्ट करना कहते हैं, जैसे- मूंगफली, सूखे मसाले भूनना.

कैरामल
शक्कर को सुनहरा लाल होने तक भूनने या पकाने को कैरामल कहते हैं. कैरामल शब्द का इस्तेमाल ख़ासकर मिठाई की विधि में किया जाता है.

पिंच
पिंच का अर्थ है चुटकीभर, जैसे- चुटकीभर चाट मसाला या केसर डालना.

ब्रश करना
बेक करने से पहले ब्रेड, टोस्ट, पिज़्ज़ा आदि पर हल्का-सा तेल, दूध, आटा या बटर लगाने को ब्रश करना कहा जाता है.

स्प्रेड करना
फैलाने को स्प्रेड करना कहते हैं, जैसे- पिज़्ज़ा बेस पर चीज़ फैलाना, ब्रेड पर बटर लगाना आदि.

स्कूप करना
आलू, टमाटर जैसी सब्ज़ियों के मध्य भाग में चाकू घूमाकर उसे खोलला करने को स्कूप करना कहते हैं, जैसे- भरवां बैंगन, भरवां आलू बनाते समय उन्हें स्कूप किया जाता है.

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स्किम करना
मलाई, झाग, फेन आदि निकालने को स्किम करना कहते हैं, जैसे- उबले हुए दूध से मलाई निकालना.

ग्रीस करना
तेल या बटर से किसी खास सांचे या बर्तन में चिकनाई लगाने को ग्रीस करना कहा जाता है, जैसे- मोदक बनाने के लिए उसके सांचे को ग्रीस किया जाता है.

क्रिस्पी बनाना
किसी चीज़ को तलकर कुरकुरा बनाने को क्रीस्पी बनाना कहते हैं, जैसे- पकौड़े को तेज़ आंच पर क्रिस्पी होने तक तलना.

गार्निश करना
किसी भी डिश को सजाना उसे गार्निश करना कहलाता है. उदाहरण के लिए- सब्ज़ी परोसने से पहले उसे कटे हुए हरे धनिया या पावभाजी को प्याज़ व हरे धनिया से गार्निश करना.

सर्व करना
परोसने को सर्व करना कहते हैं.

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हेल्दी रहने के लिए हम क्या कुछ नहीं करते. तो क्यों न कुछ कुकिंग मिस्टेक्स (Unhealthy Cooking Habits) को टालें. इन अनहेल्दी कुकिंग की आदतों को बदलें, ताकि आप और आपकी फैमिली रहे हेल्दी और फिट. 

Unhealthy Cooking Habits

आदत नंबर 1

तेल को बहुत ज़्यादा गर्म करना
सब्ज़ियों को बनाते व़क्त अक्सर ऐसा होता है कि पैन में तेल को पहले गर्म किया जाता है और जब तक तेल गर्म होता है हम दूसरे काम करने लगते हैं. कई बार तेल इतना गर्म हो जाता है कि उसमें से धुआं निकलने लगता है. तेल को उसके स्मोक प्वॉइंट से ज़्यादा देर तक गर्म करना या दोबारा गर्म करना सेहत के लिए ख़तरनाक हो सकता है.
ज़्यादा गर्म करने से तेल के कई तत्व ब्रेकडाउन हो जाते हैं, जिससे तेल में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स नष्ट हो जाते हैं और कई नुक़सानदायक तत्व तेल में बन जाते हैं.
उपाय
– तेल को धुआं निकलने तक गर्म न करें.
– बचे हुए तेल को दोबारा गर्म न करें.

आदत नंबर 2

कच्चे और पके हुए मांस को एक ही प्लेट में रखना
मांस या मछली को जिस प्लेट में पकाने से पहले रखा है, उसी प्लेट में पकाने के बाद उसे न परोसें. कई बार ऐसा होता है कि जल्दबाज़ी में या किसी और कारण से जिस प्लेट में कच्चा मांस रखा होता है, उस प्लेट को धोए बगैर मांस को पकाकर उसी में रख देते हैं. लेकिन ये आदत आपको बहुत बीमार कर सकती है. दरअसल, कच्चे या रॉ मांस में कई तरह के बैक्टीरिया होते हैं, जो प्लेट में चिपके रह जाते हैं और पके मांस के साथ चिपक जाते हैं, इन्हें खाने से बीमार पड सकते हैं.
उपाय
– जिसमें कच्चा मांस रखा हो, उस प्लेट को दोबारा अच्छी तरह से धोकर इस्तेमाल करें या अलग प्लेट का इस्तेमाल करें.

आदत नंबर 3

खाना पूरी तरह से ठंडा होने पर ही रेफ्रिजरेट करना
कई लोगों का ऐसा मानना है कि खाना ठंडा होने के बाद ही फ्रिज में स्टोर करना चाहिए पर ये आदत भी सही नहीं. दरअसल, अगर रूम टेंपरेचर पर खाना 2 घंटे से ज़्यादा बाहर रखा है, तो उसमें बैक्टीरिया पनपने के चांसेस ज़्यादा रहते हैं.
उपाय
– 2 घंटे के भीतर ही खाना ठंडा होते ही, उसे फ्रिज में रख दें.
– पूरी तरह से ठंडा या दो घंटे से ज़्यादा बाहर रखा हुआ खाना फ्रिज में न रखें.
– गरम खाना फ्रिज में बिल्कुल न रखें, इससे फ्रिज का टेंपरेचर बढ़ सकता है और फ्रिज बिगड़ सकता है.

आदत नंबर 4

नॉनस्टिक पैन को तेज़ आंच पर इस्तेमाल करना या पैन पर स्टील और मेटल के चम्मच, कड़छी का इस्तेमाल करना
तेज़ आंच पर नॉनस्टिक पैन रखने से उस पर लगी कोटिंग से परफ्लूरोकार्बन धुआं बनकर निकलता है. यह शरीर के विकास पर असर डालता है, साथ ही लिवर को भी नुक़सान पहुंचा सकता है. मेटल के चम्मच या कड़छी के इस्तेमाल की वजह से इस पर लगी कोटिंग निकलकर खाने के साथ पेट में जाकर बीमार कर सकती है.
उपाय
– नॉनस्टिक ख़रीदते समय उस पर लिखे निर्देशों को एक बार पढ़ लें. कई कंपनियां पैन के कवर पर उसे कितने टेंपरेचर पर गर्म करना है इसकी जानकारी देती हैं.
– मेटल की जगह नॉनस्टिक के लिए ख़ास डिज़ाइन किए गए लकड़ी या हीट सेफ रबर की कड़छी का इस्तेमाल करें.

आदत नंबर 5

खाने को बहुत ज़्यादा चलाना या घोलना
कई बार गैस पर रखी सब्ज़ी या खाद्य पदार्थों को लोग देर तक कड़छी से चलाते रहते हैं, यह सोचकर की सारे मसाले अच्छी तरह से मिक्स हो जाएंगे या खाना पैन की सतह पर लगकर कहीं जल ना जाए, लेकिन ये आदत भी सही नहीं. इसके अलावा पकौड़े या बेकिंग वाले आइटम बनाते व़क्त घोल को बहुत ज़्यादा नहीं घोलना चाहिए. आटे को बहुत देर तक घोलने से उसमें ग्लूटेन बन जाता है, जो पाचन तंत्र में गड़बड़ी ला सकता है.
उपाय
– अगर रेसिपी की डिमांड है, तभी उसे देर तक चलाएं, नहीं तो धीमी आंच पर पकाते रहें, जिससे खाने के जलने का ख़तरा नहीं होता है.
– कई बार बैटर को ज़्यादा इसलिए घोलना पड़ता है, ताकि वो फूल जाए और डिश अच्छी बने. इसके लिए दूसरा तरीक़ा यह है कि बैटर को बनाकर उसे आधे से एक घंटे के लिए रख दें. ऐसा करने से बैटर ख़ुद-ब-ख़ुद फूल जाएगा.

इन बातों का भी रखें ख़्याल

– खाना पकाने से पहले हाथों को अच्छी तरह से लगभग 20 सेकंड तक धोएं.
– फल, सब्ज़ियां, मीट-मछली अच्छी तरह से धोकर इस्तेमाल करें.
– कटिंग या चॉपिंग बोर्ड को भी इस्तेमाल करने से पहले धो लें.
– किसी भी आहार को चखकर ये पता लगाने की कोशिश न करें कि वह आहार ख़राब हुआ है या नहीं.
– किचन के बर्तनों को हल्के गर्म पानी से डिश धोनेवाले साबून से साफ़ करें और अच्छे से पोंछकर बर्तनों को सुखा लें. याद रखें कि जिस स्पंज से आप बर्तन को धो रहे हैं, उसे हर महीने बदल दें.
– खाना पकाते व़क्त उसमें हाथ को डिप करके उसे बार-बार टेस्ट न करें. अगर खाने का स्वाद चखना है, तो चम्मच का इस्तेमाल करें.
–  किचन के नल और सिंक की नियमित सफ़ाई करें. ख़ासकर तब जब सिंक में आपने मीट या मछली को साफ़ किया हो, क्योंकि इनसे निकले बैक्टीरिया पानीवाली जगह पर तेज़ी से फैलते हैं.