Corona Alert

अभिनेत्री रेखा के मुंबई स्थित बंगले ‘सी स्प्रिंग्स’ को बीएमसी द्वारा सील कर दिया गया है. इसकी वजह ये है कि रेखा के बंगले का एक सुरक्षाकर्मी कोरोना वायरस से संक्रमित हो गया है. अभिनेत्री रेखा के बंगले की सुरक्षा में हमेशा दो सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं. इनमें से एक सुरक्षाकर्मी कुछ दिन पहले कोविड-19 से संक्रमित हो गया है. इसी कारण बीएमसी द्वारा अभिनेत्री रेखा का बंगला सील कर दिया गया है. फिलहाल रेखा के बंगले के सुरक्षाकर्मी का इलाज बांद्रा के बीकेसी स्थित कोविड फैसिलिटी में चल रहा है. हालांकि रेखा या उनके प्रवक्ता ने अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है. एक नोटिस डालने के बाद बीएमसी ने पूरे क्षेत्र को भी साफ कर दिया है.

Actress Rekha

इन बॉलीवुड सेलिब्रिटीज़ के घर पर भी मिले हैं कोरोना पॉजिटिव के मामले
कोरोनावायरस से पूरी दुनिया लड़ रही है और बॉलीवुड इंडस्ट्री भी इससे अछूती नहीं है. बॉलीवुड इंडस्ट्री के कई सेलिब्रिटीज़ भी कोविड-19 का सामना कर चुके हैं. इन बॉलीवुड सेलिब्रिटीज़ के घर पर भी मिले हैं कोरोना पॉजिटिव के मामले:

  • म्यूजिक डायरेक्टर वाजिद खान का इस संक्रमण से निधन हो गया है.
  • ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ फेम अभिनेत्री और रीवा की राजकुमारी मोहिना कुमारी भी कोरोना की चपेट में आ चुकी हैं. मोहिना कुमारी ही नहीं उनके फैमिली के चार और सदस्य भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए गए हैं, जिनमें मोहिना के अलावा उनके ससुर और कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, मोहिना के पति सुयश, जेठानी आराध्या और उनके पांच साल के बेटे श्रेयांश शामिल हैं.
  • रॉक ऑन, वो लम्हे, एयर लिफ्ट फिल्मों के एक्टर पूरब कोहली का पूरा परिवार कोरोना से संक्रमित हुए थे.
  • चेन्नई एक्सप्रेस और रा वन जैसी फिल्मों को प्रोड्यूस करनेवाले प्रोड्यूसर करीम मोरानी की बेटी शज़ा मोरानी कोरोना से संक्रमित हो गई हैं.
  • बोनी कपूर के घर काम करने वाला भी Covid-19 पॉजिटिव पाया गया था.
  • अभिनेता आमिर खान ने भी खुलासा किया था कि उनके सात घरेलू स्टाफ सदस्यों ने कोरोनावायरस के लिए सकारात्मक परीक्षण किया गया था.
  • अभिनेता कुणाल कोहली की चाची और वरुण धवन की चाची का भी वायरस के कारण निधन हो गया.

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कोविड-19 के खिलाफ जंग में इस समय स्कूल और पैरेंट्स दोनों साथ मिलकर लड़ रहे हैं और इस बात का पूरा ध्यान रख रहे हैं कि महामारी के इस दौर में बच्चों की शिक्षा में कोई कमी न आए. इस महामारी ने एजुकेशन का पैटर्न भी बदल दिया है. ई-लर्निंग अब बच्चों को क्लासरूम का अनुभव दे रहा है. लेकिन लॉकडाउन के बाद बच्चों को स्कूल के लिए कैसे तैयार करें, इसके बारे में जानने के लिए हमने बात की रायन इंटरनेशनल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस की मैनेजिंग डायरेक्टर मैडम ग्रेस पिंटो से, उन्होंने हमें ई-लर्निंग और लॉकडाउन के बाद स्कूल खुलने को लेकर विस्तृत जानकारी दी. आप और आपके बच्चों के लिए ये जानकारी बहुत जरूरी है.

Grace Pinto

1) अगस्त के मध्य तक स्कूलों के फिर से खुलने की उम्मीद है, ऐसे में रायन ग्रुप ऑफ स्कूल्स द्वारा सुरक्षा मानकों और दिशानिर्देशों का पालन किस तरह किया जाएगा?
महामारी के इस दौर में छात्रों का स्वास्थ्य और सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी प्राथमिक है, इसलिए एक बड़े स्कूल नेटवर्क होने के नाते हमने हेल्थकेयर स्पेशलिस्ट से कंसल्ट किया है, साथ ही हम डब्लूएचओ (WHO), यूनिसेफ (UNICEF), सीडीसी CDC स्कूल गाइडलाइन का भी पालन कर रहे हैं तथा भारत में स्वास्थ्य और शिक्षा अधिकारियों द्वारा जारी किए गए सभी दिशानिर्देशों की भी समीक्षा की है. एसओपी और हमारे छात्रों की सुरक्षा के लिए हमने स्टाफ (वेंडर स्टाफ सहित) के लिए विभिन्न ट्रेनिंग वर्कशॉप भी आयोजित किए हैं.

2) जब स्कूल फिर से शुरू होंगे, तो पैरेंट्स को स्कूल को सपोर्ट करने के लिए अपनी तरफ से क्या सावधानियां बरतनी चाहिए? आप पैरेंट्स को क्या सलाह देंगी?
कोविड-19 के खिलाफ इस जंग में स्कूल और पैरेंट्स दोनों साथ मिलकर लड़ेंगे, तो हम इसे आसानी से हरा सकते हैं. पैरेंट्स के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वे सबसे पहले स्थिति को समझें और फिर अपने बच्चों को खासतौर पर मास्क पहनना, नियमित रूप से हाथ साफ करना, सैनिटाइजर का उपयोग आदि के बारे में समझाएं. यदि बच्चे को सर्दी-खांसी, बुखार आदि की शिकायत है, तो पैरेंट्स को चाहिए कि वे उस समय बच्चे को स्कूल न भेजें. पैरेंट्स को स्कूल का पार्टनर बनकर दिए गए गाइडलाइन का पालन करना चाहिए और बच्चों के स्वास्थ्य व सुरक्षा का पूरा ध्यान रखना चाहिए.

3) स्कूल के संचालन को आगे बढ़ाने के लिए आप दिन-प्रतिदिन कैसे कदम उठाएंगे? क्या स्कूल फिर से खोलने की योजना तैयार हो चुकी है?
स्कूल के संचालन के दौरान हेल्थ और हाइजीन, एमरजेंसी आदि के बारे में व्यापक योजना तैयार की गई है. स्कूल में बच्चों की सुरक्षा को लेकर हम हर चीज़ का बारीकी से निरिक्षण कर रहे हैं. महामारी के इस मुश्किल समय में हमने अपने स्कूलों में सभी आवश्यक उपकरण रखे हुए हैं, ताकि बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा में कोई कमी न रहने पाए. हमारी आगे की प्रक्रिया सरकारी अधिकारियों द्वारा प्राप्त निर्देशों के अनुसार तय होगी.

4) लॉकडाउन के दौरान बच्चों ने बहुत से बदलाव देखे हैं खासकर पढ़ाई को लेकर, ऐसे बच्चों के भावनात्मक स्वास्थ्य को जानने-समझने के लिए मांओं के लिए कोई सलाह देना चाहेंगी आप?
बच्चों के दिमाग पर कोरोनोवायरस के प्रकोप के जबरदस्त प्रभाव को समझना बहुत जरूरी है. माता-पिता और अभिभावकों को चाहिए कि वे इस स्थिति को समझते हुए अपने बच्चों की भावनाओं को समझें, बच्चों को चिंता, तनाव आदि से दूर रखें और उनके शारीरिक-मानसिक स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें. ये माता-पिता दोनों की जिम्मेदारी है कि वे इस समय धैर्य से काम लें और अपने बच्चे को घर में विभिन्न गतिविधयों में बिज़ी रखें. स्कूल भी ऑनलाइन क्लासेस के माध्यम से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाहन कर रहे हैं, लेकिन पैरेंट्स को भी बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान देना चाहिए.

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Prepare Children For School After Lockdown

5) जब स्कूल फिर से शुरू होंगे तो हर बच्चे की लिए डिस्टेंसिंग मेन्टेन करना बहुत जरूरी है. ऐसे में बच्चे अपने दोस्तों और सहपाठियों के साथ खुलकर घुलमिल नहीं सकेंगे, आपको क्या लगता है, इससे बच्चों के मन पर प्रभाव पड़ेगा? इस स्थिति में बच्चे कैसे एडजस्ट करेंगे, पैरेंट्स और टीचर्स इसमें बच्चों की मदद कैसे कर सकते हैं?
स्कूल खुलने के बाद छात्रों के लिए स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करना हमारी पहली प्राथमिकताओं में से एक होगा. इसके लिए स्कूल के शिक्षकों और अभिभावकों को एक साथ काम करना होगा, ताकि छात्रों के साथ जुड़ने और बातचीत करने के लिए एक माहौल तैयार किया जा सके, साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग को भी मेन्टेन किया जा सके. टीचर्स को सिर्फ पाठ्यक्रम पूरा करने पर ध्यान देने की बजाय इस बात पर भी ध्यान देना होगा कि बच्चे क्या सीख रहे हैं. पैरेंट्स और टीचर्स को काउंसलर्स के साथ मिलकर बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और सर्वांगीण विकास पर ध्यान देना होगा. साथ ही बच्चों को इस परिस्थिति में सामंजस्य करना सिखाकर उन्हें अपनी पढ़ाई को एंजॉय करना भी सिखाना होगा.

6) बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए कई स्कूलों द्वारा ई-एजुकेशन शुरू की गई थी? ऐसे में आपको पैरेंट्स और बच्चों के दृष्टिकोण से ई-लर्निंग के क्या फायदे देखने को मिले?
लॉकडाउन के दौरान स्कूलों ने ई-लर्निंग के माध्यम से बच्चों की पढ़ाई जारी रखी, ताकि बच्चे अपने घर में सुरक्षित रहते हुए अपनी पढ़ाई कर सकें. ई-लर्निंग छात्रों को आत्मनिर्भर होकर पढ़ाई करना सिखाता है. इससे बच्चों की खुद से पढ़ाई करने की क्षमता बढ़ती है और वे नई टेक्नीक को भी सीख पाते हैं. ई-लर्निंग बच्चों को क्लासरूम का एक्सपीरियंस देते हुए उन्हें स्वतंत्र रूप से पढ़ने का कॉन्फिडेंस देता है, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ता है. लॉकडाउन पीरियड में पैरेंट्स को भी ई-एजुकेशन की झलक मिली है, जिससे वे भी एजुकेशन के इस नए माध्यम की अपार संभावनाओं के बारे में समझ पाए होंगे.

7) बच्चों के लिए ई-एजुकेशन को और ज्यादा रोचक कैसे बनाया जा सकता है?
न्यू नॉर्मल के इस दौर में ई-एजुकेशन द्वारा स्कूल बच्चों की पढ़ाई में उनका सहयोग किया जाएगा और उनकी पढ़ाई में रुचि बरकरार रखी जाएगी. शिक्षा के क्षेत्र में टेक्नोलॉजी एक महत्वपूर्ण टूल है, जो शिक्षा को आसान बनाती है. इसके अलावा, ई-लर्निंग की स्ट्रेटेजी में भी काफी विकास हो रहा है, ये बच्चों के लिए सीखने का एक नया अनुभव है. ई-लर्निंग की स्ट्रेटेजी बिल्कुल नई और दिलचस्प है, ये बच्चों को उनकी पढ़ाई में बहुत मदद करेगी और उन्हें आत्मनिर्भर व ज़िम्मेदार बनाएगी.

8) बहुत सारे पैरेंट्स को अपने बच्चे को पढ़ाई में मदद करने में मुश्किल हो रही है? क्या आप उनके लिए कोई सुझाव देंगी, जो उन्हें अपने बच्चों का बेहतर मार्गदर्शन करने में मदद कर सकता है?
लॉकडाउन ने निश्चित रूप से पैरेंट्स को अपने बच्चों के साथ क्वालिटी टाइम बिताने और उनके बीच एक मजबूत बॉन्डिंग बनाने में मदद की है. न्यू नॉर्मल के इस दौर में पैरेंट्स को चाहिए कि वे अपने बच्चों को पढ़ाई की ज़िम्मेदारी लेना सिखाएं. ऐसा करके आप अपने बच्चों को आत्मनिर्भर और कॉन्फिडेंट बना सकते हैं. इस समय बच्चों के साथ ज्यादा से ज्यादा बात करना और उनके साथ क्वालिटी टाइम बिताना बहुत जरूरी है, साथ ही बच्चों को उनके डे टु डे के काम करने की जिम्मेदारी लेना भी सिखाएं. बच्चे अपने सभी काम नियम से करें, इस बात का ध्यान पैरेंट्स को रखना चाहिए. पैरेंट्स की निगरानी में जब बच्चे स्वतंत्र रूप से ई-लर्निंग करेंगे, तो इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा और बच्चे आत्मनिर्भर बन सकेंगे. बच्चे अपने पैरेंट्स को देखकर सीखते हैं इसलिए पैरेंट्स को अपने बच्चे का रोल मॉडल बनकर ई-लर्निंग के माध्यम से उन्हें भविष्य के लिए तैयार करना होगा.

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9) आप देश में K-12 एजुकेशन के लीडर्स में से एक हैं, आपको क्या लगता है, कोविड के बाद भारत में K12 शिक्षा का भविष्य क्या होगा?
कोविड-19 के इस युग में अब स्कूलों का ध्यान ऑनलाइन एजुकेशन पर होगा. ई-लर्निंग आज की जरूरत है, इसलिए स्कूलों द्वारा ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म पर फोकस किया जा रहा है. ई-लर्निंग के माध्यम से क्लासरूम का अनुभव दिए जाने की पूरी कोशिश की जा रही है. एजुकेशनिस्ट समुदाय होने के नाते इस न्यू नॉर्मल में खुद को ढालते हुए आगे बढ़ना आज समय की मांग है. इसमें कई चुनौतियां होंगी, जिनका सामना करने के लिए तैयार रहना होगा.

  • शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के शिक्षकों को नई टेक्नोलॉजी की ट्रेनिंग देना एक बड़ी चुनौती है, लेकिन शिक्षक हमेशा सीखने के लिए तैयार रहते हैं इसलिए हम ये उम्मीद करते हैं कि वे शिक्षा के इस नए पैटर्न को सीख जाएंगे.
  • इस महामारी से उत्पन्न मानसिक स्वास्थ्य के बारे में कर्मचारियों और छात्रों को गाइड करना और उन्हें न्यू नॉर्मल को सामान्य रूप से अपनाने और भविष्य का सामना करने के लिए बहुत सावधानी, देखभाल और समझदारी से तैयार करना होगा.
  • बुनियादी ढांचे और सुविधाओं की कमी के कारण, खासकर ग्रामीण इलाकों में जहां इंटरनेट की कनेक्टिविटी एक समस्या है, वहां पर बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ सकता है. लेकिन हमें ई-लर्निंग को एक मौका जरूर देना चाहिए और इसमें सुधार के प्रयास करने चाहिए. उम्मीद है, इस कमी को भी जल्दी पूरा कर लिया जाएगा.

‘अगले जनम मोहे बिटिया ही कीजो’ सीरियल की लाजो यानी रतन राजपूत आजकल लॉकडाउन की वजह से गांव में फंसी हुई हैं. टीवी एक्ट्रेस रतन राजपूत आजकल गांव का सादा जीवन जी रही हैं और सोशल मीडिया पर पॉज़िटिव वीडियो शेयर कर रहे हैं. रतन राजपूत के फैंस को उनका ये नया अंदाज़ बहुत पसंद आ रहा है. रतन राजपूत अपने वीडियोज़ के माध्यम से ये बता रही हैं कि समय और परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, आप यदि चाहें, तो हर हाल में ख़ुद को खुश और बिज़ी रख सकते हैं.

TV Actress Ratan Rajput Is Stuck In The Village In Lockdown

टीवी एक्ट्रेस रतन राजपूत के गांव में सुविधाएं बहुत कम हैं
भारत के अधिकतर गांवों की तरह टीवी एक्ट्रेस रतन राजपूत के गांव में सुविधाएं बहुत ज़्यादा नहीं हैं. रतन ने अपने वीडियो के माध्यम से बताया कि जिस घर में वो रहती हैं, वहां टीवी नहीं है, जिसके कारण वो ख़बरों से कट गई हैं. रतन ने वीडियो में अपना बाथरूम दिखाया, जहां कोई गेट ही नहीं है. बाथरूम के बाहर सिर्फ कपड़े लटके हुए हैं. गांव में रतन अपना सारा काम खुद करती हैं, खाना बनाती हैं, कपड़े धोती हैं. आप भी देखिए टीवी एक्ट्रेस रतन राजपूत का ये नया रूप-

टीवी एक्ट्रेस रतन राजपूत ऐसे एंजॉय कर रही हैं गांव का सादा जीवन
रतन राजपूत लॉकडाउन की वजह से गांव में फंसी हुई हैं, लेकिन वो अपनी परिस्थिति पर चिढ़ नहीं रही हैं, बल्कि वो गांव का सादा जीवन एंजॉय कर रही हैं. पहले रतन राजपूत को लगा कि ये कुछ दिनों की बात है और जल्दी ही वो शहर चली जाएंगी, लेकिन अब जबकि लॉकडाउन पीरियड बढ़ गया है, तो रतन उस जगह को अपने रहने लायक बना रही हैं और गांव का सादा जीवन एंजॉय कर रही हैं.

Ratan Rajput Is cooking In The Village In Lockdown
TV Actress Ratan Rajput Is doing medication In The Village In Lockdown

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आपको टीवी एक्ट्रेस रतन राजपूत का गांव का सादा जीवन और उनकी पॉजिटिविटी कैसी लगी, हमें कमेंट करके ज़रूर बताएं.

रॉक ऑन, वो लम्हे, एयर लिफ्ट फिल्मों के एक्टर पूरब कोहली का पूरा परिवार कोरोना से संक्रमित हुआ. पूरब कोहली ने इस बात का खुलासा इंस्टाग्राम पर किया. पूरब कोहली ने इंस्टाग्राम पर शेयर किया है कि किस तरह उनका पूरा परिवार कोरोना का शिकार हुआ. बता दें कि पूरब कोहली इस समय लंदन में रह रहे हैं. पूरब कोहली ने इंस्टाग्राम पर इस बात का खुलासा किया कि वो और उनका पूरा परिवार कोरोना वायरस पॉजिटिव था.

Purab Kohli with his children

ऐसे हुई एक्टर पूरब कोहली और उनके परिवार के कोरोना पॉज़िटिव होने की पुष्टि

पूरब कोहली ने सोशल मीडिया पर बताया कि उनके जनरल फिजिशयन ने पूरब को बताया था कि वो और उनका परिवार कोरोना वायरस से संक्रमित हो गया है. उनके परिवार में सबसे पहले आम फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने लगे, लेकिन बाद में इस बात की पुष्टि हो गई कि पूरब कोहली और उनका परिवार कोरोना वायरस से संक्रमित हैं. पूरब और उनके परिवार के सभी सदस्य पिछले दो हफ्ते से लंदन में सेल्फ आइसोलेशन में रह रहे हैं.

Purab Kohli with his children

सबसे पहले पूरब कोहली की बेटी इनाया को हुआ कोरोना

पूरब कोहली ने अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट के माध्यम से बताया कि सबसे पहले उनकी बेटी इनाया को कोरोना हुआ, उनकी बेटी को सबसे पहले कफ और सर्दी हुई थी. इसके बाद उनकी बीवी को सीने में दर्द होने लगा. फिर पूरब कोहली को सर्दी हो गई. इस तरह उनका पूरा परिवार कोरोना से संक्रमित हो गया.

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एक्टर पूरब कोहली और उनका पूरा परिवार कोरोना से कैसे संक्रमित हुआ, इसके बारे में पूरब कोहली ने इंस्टाग्राम पर शेयर की ये पोस्ट

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Hey guys, we’ve just had a flu and given our symptoms our GP says we were down with Covid 19. Pretty similar to a regular flu with a stronger cough and a feeling of breathlessness. Inaya got it first and very mild. A cough and a cold for two days. Then Lucy got it more in the chest, quite similar to the cough symptom everyone has been talking about. Then me, i got a solid cold for one day which was horrid then it vanished and this irritating cough set in for 3 days. Three of us had only mild 100-101 temperatures and fatigue. Osian got it last with a 104 fever for 3 nights. Also a runny nose and a slight cough. His fever disappeared only on his 5th day. We were constantly in touch with the GP on the phone. Apparently everyone in London is getting it and its rampant here, and a few people we know have gotten it. Just wanted to share it with you if it helps reduce the panic a little to know someone who has had it and is fine. On Wednesday last week we were out of self imposed quarantine and are not contagious any longer. We were doing 4 to 5 steams and salt water gargles a day, ginger haldi honey mixtures to sooth the throat really helped. Also warm water bottles on the chest really helped relax the chest. Hot baths helped the fluie feelings. And of course lots and lots of rest even now after two weeks we can feel our bodies still recovering. Please stay safe. I hope none of you get it but if you do, know that your body is strong enough to fight it. Seek proper advice from your doctors as intensity of each case is different as was in my household alone. And please stay home and rest the body as much as possible. Lots of love. #CoronaVirus #Covid19 #Recovery #DontPanic #Breathe #Calm

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पूरब कोहली और उनके परिवार का कोरोना संक्रमण अब ठीक हो गया है

पूरब कोहली ने बताया कि अब वो और उनका परिवार पूरी तरह से ठीक हो गया है. उनका क्वारनटीन पीरियड भी अब ख़त्म हो गया है. पूरब कोहली ने ये भी बताया कि इलाज के अलावा उन्होंने तथा उनके परिवार ने घरेलू नुस्खे, जैसे- अदरक, हल्की, शहद, गरम पानी का भी प्रयोग किया. पूरब कोहली ने सबसे घर पर रहने और अपने शरीर का ध्यान रखने को कहा है.

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आज वर्ल्ड हेल्थ डे(World Health Day) है, लेकिन इस साल ये दिन पूरे विश्व के लिए बहुत अलग है. इस समय जब पूरी दुनिया कोरोना महामारी से जूझ रही है, ऐसे में हेल्थ को लेकर सजग होना बहुत ज़रूरी है. आज यानी वर्ल्ड हेल्थ डे उन सभी लोगों को धन्यवाद कहने का दिन है जो हमारे स्वास्थ्य की रक्षा करने के लिए दिनरात मेहनत करते हैं. आज के दिन हमें उन सभी डॉक्टरों, नर्सों, चिकित्सा कर्मचारियों और स्वास्थ्य सेवा कर्मियों को तहे दिल से धन्यवाद कहना चाहिए, जो अपनी जान की परवाह किए बिना, अपने परिवार से दूर रहकर हम सब के स्वास्थ्य की रक्षा करने के लिए कोरोना वायरस से दिनरात जंग लड़ रहे हैं. आइए, वर्ल्ड हेल्थ डे के अवसर पर हम सब मिलकर उन सभी डॉक्टरों, नर्सों, चिकित्सा कर्मचारियों और स्वास्थ्य सेवा कर्मियों के लिए की प्रार्थना करें, जो हमारी जान की रक्षा करने के लिए इस समय कोरोना वायरस से दिनरात जंग लड़ रहे हैं.

World Health Day

वर्ल्ड हेल्थ डे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी डॉक्टरों, नर्सों, चिकित्सा कर्मचारियों और स्वास्थ्य सेवा कर्मियों के लिए की प्रार्थना और कहा ये

आज यानी वर्ल्ड हेल्थ डे के ख़ास अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके सभी डॉक्टरों, नर्सों, चिकित्सा कर्मचारियों और स्वास्थ्य सेवा कर्मियों के लिए प्रार्थना की.

Prime Minister Narendra Modi Praying For All The Doctors, Nurses, Medical Staff And Healthcare Workers Who Are Fighting Bravely From Corona

यह भी पढ़ें: कोरोना लॉकडाउन पीरियड में मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य का ध्यान रखना बेहद ज़रूरी है (How To Take Care Of Yourself, Your Children And The Elderly At Home In The Corona Lockdown Period)

प्रधानमंत्री मोदी ने आज ट्वीट करके कहा कि हमें आज न केवल एक-दूसरे के अच्छे स्वास्थ्य और कल्याण के लिए प्रार्थना करना है, बल्कि उन सभी डॉक्टरों, नर्सों, चिकित्सा कर्मचारियों और स्वास्थ्य सेवा कर्मियों के लिए भी प्रार्थना करना है जो, कोरोना वायरस से बहादुरी से लड़ रहे हैं.

वर्ल्ड हेल्थ डे से जुड़ी ज़रूरी बातें

* वर्ष 1948 में आज के दिन ही विश्व स्वास्थ्य संगठन की स्थापना हुई थी और इस दिन की शुरुआत विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा ही वर्ष 1950 में की गई थी. उसके बाद से हर साल 7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य संगठन के स्थापना दिवस की वर्षगांठ पर विश्व स्वास्थ्य दिवस यानी वर्ल्ड हेल्थ डे मनाया जाता है.

* विश्व स्वास्थ्य संगठन, जिसे हम शॉर्ट में डब्ल्यूएचओ के नाम से जानते हैं, यह यूनाइटेड नेशन यानी संयुक्त राष्ट्र का हिस्सा है. इसका मुख्य कार्य पूरे विश्व में स्वास्थ्य समस्याओं पर नज़र रखना और स्वास्थ्य सेवा को बेहतर बनाने तथा इसके निवारण में मदद करना है. 

* विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अब तक स्मॉल चिकेन पॉक्स जैसी गंभीर बीमारी को खत्म करने में बड़ी जिम्मेदारी निभाई है.

* इसी तरह डब्ल्यूएचओ टीबी, एचआईवी, एड्स जैसी जानलेवा बीमारियों की रोकथाम के लिए भी निरंतर रिसर्च कर रहा है. 

* भारत की बात करें तो, हमारे देश में अब तक पोलियो जैसी महामारी को खत्म किया गया है.

* इस समय डब्ल्यूएचओ कई देशों की सरकारों के साथ मिलकर कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है.

* डब्ल्यूएचओ ने सभी से नर्सिंग एवं मिडवाइफ कर्मियों को सशक्त बनाने के लिए सहयोग देने का आह्वान किया है, ताकि हर जगह और सभी लोगों को जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो सकें.

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कोरोना वायरस के डर से इस समय पूरी दुनिया लॉकडाउन हो गई है. सबके मन में डर, चिंता, तनाव, असमंजस, घबराहट, बेचैनी जैसे कई भावनाएं उमड़-घुमड़ रही हैं, जिससे लोगों का मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है. लेकिन इस समय लोगों पर शारीरिक, सामाजिक, आर्थिक समस्याएं इतनी हावी हो गई हैं कि कई लोग अपने मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान ही नहीं दे रहे हैं. बहुत से लोगों के मन में बहुत से सवाल हैं, कई लोगों को समझ नहीं आ रहा है कि इस समय वो अपने बच्चों और घर के बुज़ुर्गों का ध्यान कैसे रखें. ऐसी स्थिति में सभी के लिए ये बहुत ज़रूरी है कि वो अपने और अपने परिवार के मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें. इस समय व्यक्तिगत स्वच्छता और सुरक्षा के साथ सबसे ज़्यादा ज़रूरी है कि हम अपने मानसिक स्वास्थ्य का बैलेंस बनाए रखें. अपने मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य में संतुलन बनाने के बारे में विस्तार से बता रही हैं क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट, काउंसलिंग साइकोथेरेपिस्ट और मल्टीपल डिसएबिलिटीज (रेमेडियल स्पेशलिस्ट) की विशेषज्ञ रिया धीर, जिनके दिए गए कुछ उपायों का उपयोग करके आप सक्षम और सफल हो सक्ते हैं.

How To Take Care Of Yourself, Your Children And The Elderly At Home In The corona Lockdown Period

कोरोना लॉकडाउन अवसर की अवधि को आत्म-वृद्धि के लिए संशोधित करें

इस समय जब पूरे विश्व में डर और नकारात्मकता की दशा छाई हुई है, ऐसे में सकारात्मक सोच आपकी ज़िंदगी बदल सकती है. इस समय आपके मन में भी आनेवाले कल को लेकर असमंजस और डर की भावना घर कर रही होगी. दिनभर घर में बैठना बोझ लग रहा होगा, लेकिन इस समय को यदि आप अच्छे अवसर की तरह देखें, तो आपको कुछ भी नकारात्मक नहीं लगेगा. कोरोना लॉकडाउन पीरियड में नेगेटिव बातों और खबरों से बचने की कोशिश करें. सही सोर्स व स्पेशलिस्ट से जानकारी हासिल करें, ताकि आप उचित सावधानी बरतें और विपरीत परिस्थिति में सही निर्णय लें. दरअसल, परिस्थिति चाहे कितनी ही मुश्किल क्यों न हो, यदि हम उस स्थिति से बाहर निकलने की ठान लें, तो कुछ भी नामुमकिन नहीं. रात चाहे कितनी ही काली, कितनी ही गहरी क्यों न हो, रात के बाद सवेरा होता ही है. इसी तरह जीवन में चाहे कितनी ही तकलीफ क्यों न आए, दुःख के बादल छंट ही जाते हैं और ज़िंदगी खुशियों से मुस्कुराने लगती है.

स्वस्थ और सुरक्षित रहने के लिए जितना ज़रूरी शारीरिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना है, इस कठिन समय से जूझने के लिए उतना ही ज़रूरी है मानसिक रूप से स्वस्थ और संतुलित रहना. यदि आप मानसिक रूप से मज़बूत हैं, तो आप इस मुश्किल समय को भी पॉज़िटिव तरीके से देख सकेंगे. कई लोग मुंह से भले ही कुछ न कहें, लेकिन जाने-अनजाने उनके मन में डर, चिंता, तनाव बढ़ सकता है. इस मुश्किल दौर में जो लोग घर से काम कर रहे हैं तथा बड़े-बुज़ुर्गों व बच्चों के साथ घर में हैं, उनके लिए इस स्थिति को संभालना बहुत मुश्किल हो रहा है. इस स्थिति में वो घर और ऑफिस की ज़रूरतों को पूरा करते हुए इतना स्ट्रेस महसूस करते हैं कि मानसिक रूप से थक जाते हैं. शारीरिक रूप से भले ही वो एक्टिव नज़र आते हैं, लेकिन मानसिक रूप से वो थकान और तनाव महसूस करते हैं.

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How To Take Care Of Yourself, At Home In The corona Lockdown Period

कोरोना लॉकडाउन पीरियड में ये मनोवैज्ञानिक उपाय आपके बहुत काम आ सकते हैं 

जीवन के हर पड़ाव पर, फिर चाहे बचपन हो या बुढ़ापा, आपका मानसिक रूप से स्वस्थ होना बहुत आवश्यक है, तभी आप हर स्थिति का डटकर सामना कर सकते हैं. इसके लिए हम सब मिलकर प्रयास कर सकते हैं. आइए, इस वैश्विक संकट के समय में एक-दूसरे की मदद करें, इसका सामना करें और इससे साथ में बाहर निकलें.

* इस समय प्रसाशन द्वारा जारी नियमों का पालन करना बेहद ज़रूरी है. स्वच्छ रहें और अपने हाथों को अच्छी तरह से धोएं, अच्छी तरह से सोएं और अच्छी तरह से हाइड्रेटेड रहें, स्वस्थ पोषक तत्वों से भरपूर भोजन करें, शारीरिक स्वास्थ्य बनाए रखें और घर से बाहर केवल आवश्यक चीजों के लिए जाएं अन्यथा कृपया नियमों का पालन करें और बाहर जाने से बचें. ये न भूलें कि इस समय आपका घर में रहना समय की मांग है और इसमें ही आपकी और आपके परिवार की सुरक्षा है.

* ऐसी स्थिति में आमतौर पर मन में ये विचार आते हैं कि, “कहीं ये मुझे न हो जाए, कहीं मैं इसका शिकार न हो जाऊं, अगर मुझे ये हो गया तो क्या होगा, मैं कोरेन्टाइन नहीं होना चाहता, मुझे डर लग रहा है, मैं इसके बारे में सोचे बिना नहीं रह पा रहा हूं”. ऐसी स्थिति में मन में ऐसे विचार आना स्वाभाविक है, जिसके कारण गुस्सा और बेचैनी बढ़ने लगती है. जब हम सोशल डिस्टेंस या कोरेन्टाइन की बात करते हैं, तो इससे मानसिक रूप से उलझने के बजाय ये सोचना ज़रूरी है कि ये आपकी और आप जिन्हें प्यार करते हैं, उनकी सुरक्षा के लिए बहुत ज़रूरी है.

* घर में रहना कुछ लोगों को बंधन लग सकता है, कुछ लोगों के लिए ये फ़्रस्ट्रेशन या कैद हो जाना हो सकता है, लेकिन कई लोगों के लिए ये रिफ्रेशिंग और ‘मी-टाइम’ भी हो सकता है. ये इस बात पर निर्भर करता है कि आप अपने समय का कैसे प्रयोग करते हैं.

* जो लोग बहुत सक्रिय रहते हैं, उन्हें इस समय घबराहट, बेचैनी, चिंता, स्ट्रेस, प्रेशर महसूस हो सकता है, जिसके कारण उनका मूड खराब हो सकता है, वो डिप्रेस्ड हो सकते हैं. यदि आप इस स्थिति का सामना नहीं कर पाते, आपके मन में हर समय डर, घबराहट, चिंता रहती है, तो इससे आपकी मानसिक स्थिति पर जोर पड़ सकता है, जिससे आपका शारीरिक स्वास्थ्य भी प्रभावित हो सकता है, आपकी इम्यूनिटी प्रभावित हो सकती है, इसलिए इस स्थिति का डटकर सामना करें और पॉज़िटिव सोचें.

* गतिविधि जो आप घर पर कर सकते हैं: एक मूड मॉनिटरिंग जर्नल बनाएं, जहां आप एक दिन में अपने सभी नकारात्मक विचारों और प्रतिक्रियाओं पर ध्यान केंद्रित करते हैं, इसे लिखें. फिर दिन के अंत तक सुधार के साथ बैठें और उसी स्थिति के लिए अपना दृष्टिकोण बदलने के लिए सकारात्मक सुदृढीकरण का उपयोग करने का प्रयास करें.

* नए स्वास्थ्य नियम निर्धारित करें, योग करें, व्यायाम करें और कसरत करें, एक नया आहार चार्ट बनाएं और अपनी जीवनशैली में बदलाव करें. स्वास्थ्य के लिए ध्यान और प्राणायाम सांस लेना आपके श्वसन तंत्र को मजबूत करता है और प्रतिरक्षा का निर्माण करता है

* कोरोना लॉकडाउन पीरियड को अवसर में बदलें और इस समय वो सारे काम करें जो आप कई समय से नहीं कर पा रहे थे. इस समय को अच्छा अवसर मानकर आप इसका सदुपयोग अपनी क्रिएटिविटी बढ़ाने के लिए कर सकते हैं, अपनी कला को बाहर ला सकते हैं.

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कोरोना लोकडाउन में बच्चों और बुज़ुर्गों का ध्यान कैसे रखें

कोरोना के लॉकडाउन के दौरान बच्चों और बुज़ुर्गों के साथ रहना आपके लिए एक चुनौती हो सकती है क्योंकि वे बहुत संवेदनशील हैं, लेकिन ऐसे समय में उन्हें भावनात्मक रूप से समझना और उनकी मदद करना उनके और आपके लिए शांति बनाए रखने में मदद कर सकता है.

कोरोना लोकडाउन पीरियड में बच्चों का ध्यान कैसे रखें

कामकाजी माता-पिता को अपने बच्चों को समय देना चाहिए और उनकी गतिविधियों में शामिल होना चाहिए. आपके बढ़ते बच्चों के मन में कई सवाल होते हैं और बच्चे बहुत सवाल भी करते हैं. उनके मन में बहुत कुछ जान लेने की इच्छा होती है. कोरोना लोकडाउन की स्थिति में आपके बच्चे आपसे एक ही सवाल कई बार पूछ सकते हैं, वो बोर होने के कारण चिड़चिड़े भी हो सकते हैं, ओवर रिएक्ट भी कर सकते हैं. ऐसी स्थिति में आप उनके सवालों के जवाब किस तरह देते हैं, इससे उनके बालमन पर बहुत असर हो सकता है. बच्चों के सवालों का जवाब देते समय आपको बहुत ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि कभी-कभी आपके जवाब या आपकी प्रतिक्रिया उन्हें डर की ओर ले जाती है, बच्चे असुरक्षित भी महसूस कर सकते हैं, इसलिए आपको बच्चों के मासूम सवालों का जवाब बहुत सोच-समझकर देना चाहिए. ऐसी स्थिति में आप घर में क्या बातें करते हैं, इसका भी बच्चों पर बहुत असर होता है.

How To Take Care Of Yourself, Your Children  At Home In The corona Lockdown Period

* ऐसी स्थिति में बच्चों के सामने टीवी, फोन आदि पर कोरोना से जुड़ी ख़बरें ज़्यादा न देखें, बच्चों को ऐसी खबरें अकेले ना देखने दें, क्योंकि जानकारी के अभाव में बच्चे डर सकते हैं, असुरक्षित महसूस कर सकते हैं और बेचैन हो सकते हैं.

* इस समय बच्चों को हाइजीन का महत्व समझाएं और उन्हें वर्तमान स्थिति की सही जानकारी दें. बच्चों के साथ कोई मज़ेदार गेम खेलते हुए आप खेल-खेल उन्हें इसकी जानकारी दे सकते हैं.

* लॉकडाउन पीरियड में बच्चों के साथ बात करें, उनके मन को समझने की कोशिश करें, उनके साथ इनडोर गेम खेलें, उनके साथ किताबें पढ़ें, डांस, ड्रॉइंग जैसी गतिविधियों में बच्चों को बिज़ी रखकर उनकी क्रिएटिविटी बढ़ाएं.

* स्पेशल बच्चे जिन्हें ज़्यादा देखभाल की ज़रूरत होती है, कृपया उनकी ख़ास देखभाल करें. यदि आपको किसी तरह की सहायता और गाइडेंस की ज़रूरत हो, तो कृपया अपने स्पेशलिस्ट या हम जैसे साइकोलॉजिस्ट और चाइल्ड स्पेशलिस्ट को कभी भी फोन कर लें. आपकी मानसिक ज़िम्मेदारियों में आपकी मदद करना हमारा कर्तव्य भी है. स्पेशल चाइल्ड को इस समय आपकी स्पेशल केयर की ज़रूरत होती है इसलिए उनका ख़ास ध्यान रखें.

* कोरोना लोकडाउन पीरियड में घर बैठे-बैठे आपकी और आपके बच्चों की मानसिक सुरक्षा आपके हाथ में है, अतः ये आपकी ज़िम्मेदारी है कि आप अपने बच्चों को आपका समय और प्रयास देकर बच्चे को भावनात्मक रूप से सुरक्षित महसूस कराएं.

कोरोना लोकडाउन पीरियड में बुज़ुर्गों का ध्यान कैसे रखें

* कोरोना लोकडाउन पीरियड में बुज़ुर्गों के लिए अलग से समय निकालें. वे भावनात्मक रूप से बहुत संवेदनशील हैं और कुछ मामलों में पहले से मौजूद स्वास्थ्य सम्मेलनों के आधार पर आपके लिए एक पूर्णकालिक जिम्मेदारी हो सकते हैं. ऐसी स्थिति में उनके मन में अनजाना डर बैठ सकता है, वो असुरक्षित महसूस कर सकते हैं, इसलिए आपका उन्हें समय देना बहुत ज़रूरी है. इस समय अपने घर के बुज़ुर्गों से बात करके आप न सिर्फ उनका डर दूर कर सकते हैं, बल्कि उन्हें सुरक्षित महसूस करा सकते हैं और उनके साथ अपने रिश्ते को और ज़्यादा मज़बूत बना सकते हैं.

How To Take Care Of Yourself, Your Children And The Elderly At Home In The corona Lockdown Period

* उन्हें स्थिति से अवगत कराएं, उन्हें बताएं कि इस समय उन्हें अपना और ज़्यादा ध्यान रखने की ज़रूरत है. अपने घर के बुज़ुर्गों को बताएं कि उनके लिए सोशल डिस्टेंस क्यों ज़रूरी है. आपकी बातों से वो डर सकते हैं, चिढ़ सकते हैं, आपसे कई तरह के सवाल या बहस कर सकते हैं. ऐसे में उनके साथ शांति से पेश आएं. उन्हें डेली ब्रीदिंग एक्सरसाइज़ कराएं, उन्हें पौष्टिक भोजन दें, उनकी दवाओं पर नज़र रखें, उन्हें समग्र अभ्यास का अनुभव दें, ताकि उनके मन की शांति बनी रहे. उनके मन के डर को हटाने के लिए उन्हें स्वस्थ बातचीत में शामिल करें और उनसे उनके जीवन के अनुभवों के बारे में पूछें जो उन्हें खुश करते हैं, उन्हें प्रेरित महसूस करने के लिए उनकी उपलब्धियों पर चर्चा करें. उनके साथ वो चीज़ें करें जो उन्हें पसंद हैं.  

* हर किसी को यह मौका नहीं मिलता, तो अपने माता-पिता को आप आज वो समय दें जो उन्होंने आपकी परवरिश, आपकी ज़रूरतों पर दिया था. उन्हें भी आज आपकी जरूरत है.

सरकार अपने काम को सही तरीक़े से निभा रही है. आपको सही जानकारी से अवगत करा रही है. इस जागरूकता को समझना आवश्यक है और ये समझना ज़रूरी है कि लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंस आपकी मजबूरी नहीं, परंतु आपका सामाजिक कर्तव्य है, ताकि आप अपने परिवार को और अपने समाज को सुरक्षित रखें. ऐसा करके आप अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा कर सकते हैं, प्रसाशन और देश को सहयोग कर सकते हैं और एक ज़िम्मेदार नागरिक होने का फर्ज़ निभा सकते हैं.

“अपनी समस्याओं के बारे में सोचकर दुखी होते समय, हम ये भूल जाते हैं कि हमें जो ज़िंदगी मिली है, कई लोगों ने अपनी जान गंवाई और जीवन का वो अवसर भी खो दिया है, इसलिए हमें अपने जीवन के प्रति हमेशा आभारी होना चाहिए. मेरी तरफ से मैं आप सभी के लिए टेलीफोन पर किसी भी तरह के रिकमन्डेशन और सलाह के लिए उपलब्ध हूं. जो लोग अपने बच्चों, घर के बुज़ुर्गों के बारे में चिंतित हैं, जो लोग अपनी लाइफस्टाइल में आए बदलावों, मनोवैज्ञानिक परिवर्तनों में संतुलन नहीं बना पा रहे हैं, जो लोग डर, चिंता, चिड़चिड़ापन, स्ट्रेस, डिप्रेशन महसूस कर रहे हैं, ऐसे सभी लोगों की मदद करने की मैं पूरी कोशिश करूंगी. आप मुझे अपनी समस्याएं बता सकते हैं, आपकी समस्याओं को दूर करने में मैं आपकी हर संभव सहायता करूंगी.”
– रिया धीर
मुंबई स्थित क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट, काउंसलिंग साइकोथेरेपिस्ट और मल्टीपल डिसएबिलिटीज (रेमेडियल स्पेशलिस्ट) की विशेषज्ञ
Contact: (+91) 750-608-8917

ज्योतिष के अनुसार, यदि आप अपने जीवन में इन बातों और नियमों को शामिल कर लेंगे, तो कोरोना वायरस के प्रकोप से बच सकते हैं. कोरोना वायरस का कहर पूरी दुनिया पर भारी पड़ रहा है. कोरोना वायरस के प्रकोप से अब तक हज़ारों जानें जा चुकी हैं. कोरोना वायरस के प्रकोप पर ज्योतिष क्या कहता है. ज्योतिष के अनुसार भारत और पूरा विश्व कोरोना वायरस के प्रकोप से कब मुक्ति पा सकेगा, ये जानने के लिए हमने बात की ज्योतिष शिरोमणि पंडित राजेंद्र जी से. पंडित राजेंद्र जी के अनुसार, कोरोना वायरस के प्रकोप से बचने के लिए आपको अपने जीवन में कुछ बदलाव करने होंगे. उन्होंने हमें भारत और पूरे विश्व के कोरोना वायरस के प्रकोप से बचने के संभावित समय के बारे में भी बताया. आप भी जानिए, कोरोना वायरस के प्रकोप से बचने के उपाय.

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26 दिसंबर 2019 के सूर्यग्रहण का असर
जैसा कि आपको पता ही होगा, 26 दिसंबर 2019 के सूर्यग्रहण था, जहां पर गुरु की राशि प्रभावित हुई थी. गुरु ग्रह भी निर्बल हो गये थे. आपने देखा होगा कि इसके बाद से देश में क्या-क्या परेशानियां आईं. 26 दिसंबर 2019 के सूर्यग्रहण के बाद से देश में मार-पीट, दंगे- फसाद होते रहे, मौसम में अचानक बदलाव होते रहे. और अब पूरे विश्व की तरह भारत में भी कोरोना वायरस का प्रकोप छाया हुआ है.

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प्रकृति ने हमें सुधरने का एक और मौक़ा दिया है
हम मानें या ना मानें, जब भी हम प्रकृति के साथ अति करते हैं, तो प्रकृति भी हमें सबक सिखा देती है, क्योंकि प्रकृति अपना संतुलन खुद बनाना जानती है. प्रकृति ने हमें कई इशारे दिए, ताकि हम संभल जाएं, सुधर जाएं. ग्लोबल वॉर्मिंग, पानी की कमी, सुनामी, भूकंप… प्रकृति के हर इशारे को नज़रअंदाज़ करते हुए हम गलतियां करते चले गए. रोज़ बाहर जाना, रोज़ बाहर खाना, हर रोज़ मनोरंजन, पब, बार, मॉल्स, सिनेमा हॉल्स… ज़िंदगी के लिए हमें यही चीज़ें ज़रूरी लगने लगी थीं, जिसके चलते हम अपने शरीर को चौबीस घंटे चलने वाली मशीन और अपने पेट को कचरे का डिब्बा बना दिया था. अपने घर को तो जैसे हमने धर्मशाला मान लिया था, जहां सिर्फ कुछ समय विश्राम करके हम ज़िंदगी का लुत्फ़ उठाने फिर बाहर निकल जाते थे. इस सुंदर धरती को हमने कंक्रीट का जंगल और केमिकल का अंबार बना दिया था. अब प्रकृति ने हमें सुधरने का एक और मौक़ा दिया है. आज हमारे पास खुद को बचाने का सिर्फ यही विकल्प है कि हम अपने घर में रहें, सफाई का ध्यान रखें, घर का सादा खाना खाएं, प्रकृति के इशारे को समझें, प्रकृति से एकाकार ही जाएं, योग, ध्यान और प्रार्थना करें. प्रकृति ने हमें एक बार फिर अपनी जड़ों से जुड़ने का अवसर दिया है. यदि हमने ये अवसर गंवा दिया, तो फिर हमें कोई नहीं बचा सकता, इसलिए समय के अनुसार खुद को बदलें और ज़िंदगी को खूबसूरत बनाएं.

26 दिसंबर 2019 के सूर्यग्रहण के लिए पंडित राजेंद्र जी ने क्या भविष्यवाणी की थी और इस सूर्यग्रहण का आपकी राशि पर क्या असर होगा, जानने के लिए देखें ये वीडियो:

ये 3 महीने हैं मुश्किल भरे
30 मार्च 2020 को गुरु ग्रह अपनी नीच राशि मकर में प्रवेश कर रहे हैं, जहां पर पहले से ही शनि देव और मंगल 22 मार्च को आए हुए हैं. शनि-मंगल की युति बनी हुई है, जिसे शुभ नहीं कह सकते. गुरु ग्रह को धर्म-अध्यात्म, विद्या, धन का बड़ा कारक ग्रह माना गया है और इस समय गुरु जैसा बड़ा ग्रह नीच राशि में जा रहा है, उस पर शनि-मंगल की युति चल रही है, ऐसे में इस समय को शुभ नहीं कह सकते हैं. इसके साथ ही बुध ग्रह भी अपनी नीच राशि में जा रहे हैं यानी 7 अप्रैल 2020 को मीन में जा रहे हैं. ये तीन महीने आर्थिक हानि से भरे होंगे, कई लोग इसकी चपेट में आ सकते हैं. शेआर मार्केट पर भी इसका असर देखने को मिलेगा, व्यापारी वर्ग को शांति बनाए रखनी होगी और समझदारी दिखनी होगी, क्योंकि ये तीन महीने उनके लिए चिंताजनक हो सकते हैं. देश-विदेश में आर्थिक लेनदेन में कमी देखने को मिलेगी. ग्रहों की स्थिति को देखते हुए 9 मई तक का समय इतना शुभ नहीं कह सकते हैं. इसके बाद समय कुछ हद तक सुधरेगा और लोग राहत की सांस ले सकेंगे.

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corona virus

ज्योतिष के अनुसार ये करेंगे तो बच सकते हैं कोरोना वायरस के प्रकोप से
ग्रह साफ़ इशारा कर रहे हैं कि आनेवाले समय में आपको शांति, समझदारी और धैर्य से काम लेना होगा, वरना आप डिप्रेशन का शिकार हो सकते हैं. प्रकृति भी इशारा कर रही है कि आप कहीं न कहीं सबकुछ भूलकर माया की चपेट में आ गये हैं, उस माया की चपेट से निकालने के लिए समाज के लिए यह एक सीख भी है कि हमें अपने समाज और प्रकृति पर ध्यान देना होगा. इसीलिए आप अगर देखें तो आज ज़िंदगी की रफ़्तार जैसे थम-सी गई है. प्रकृति ने हमें ये एक अच्छा समय दिया है, जहां हम कुछ पल ठहरकर ख़ुद से मिलें, ख़ुद को जानें, बाहर की दुनिया में न जाकर अपने भीतर की दुनिया में प्रवेश कर सकें. इस समय का लाभ उठाइए और अपने भीतर की शक्ति को जगाइए. अपने लिए, अपने परिवार के लिए और पूरे विश्व के लिए प्रार्थना कीजिए. नवरात्रि भी आ रही है, यह एक साधक के लिए अच्छा समय है, इस समय का लाभ उठाइए. आर्थिक मंदी के इस दौर में आप पूजा, ध्यान, साधना, हवन करके आध्यात्मिक रूप से धनवान ज़रूर बन सकते हैं.

कोरोना के प्रकोप से डरने की बजाय ख़ुद को सशक्त बनाइए, प्रकृति की शरण में जाइए और योग-ध्यान-प्रार्थना से जीवन को सार्थक बनाइए. यकीन मानिए, इस ठहराव के बाद एक बेहतरीन इंसान के रूप में जैसे आपका पुनर्जन्म हो जाएगा.

– कमला बडोनी

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