corona

टीवी एक्टर और ‘बिग बॉस कंटेस्टेंट’ गौरव चोपड़ा के पिता स्वतंत्र चोपड़ा का कोरोना वायरस से निधन हो गया है. 10 दिन पहले हीगौरव की मां का भी कोरोना वायरस से निधन हो गया था. पिता के निधन के बाद गौरव चोपड़ा ने सोशल मीडिया पर मां और पिता की फोटोज शेयर करते हुए बेहद इमोशनल मैसेज के साथ इस बात की जानकारी दी है.

Gaurav Chopra's Father


गौरव ने पिता की तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा- स्वतंत्र चोपड़ा…मेरे हीरो… मेरे आइडियल…मेरी प्रेरणा… मैं शायद ही कभी उनके जैसा बन पाऊं. मुझे नहीं लगता बन पाऊंगा. एक आदर्श इंसान, आदर्श बेटा, आदर्श भी, एक ऐसे इंसान जिनके लिए परिवार सबसे बड़ा रहा. एक आदर्श फादर….मुझे 25 साल ये समझने में लग गए कि सभी फादर्स मेरे फादर जैसे नहीं होते… कि वो स्पेशल थे. मैं सौभाग्यशाली था… उनका बेटा होने के नाते मुझे जो कुछ भी विरासत में मिला. उनकी वजह से जो प्यार और रेस्पेक्ट मुझे मिली, वो अब शायद ही कभी मिले. वो सच में सेलेब्रिटी थे. एक बच्चे के रूप में, मुझे सड़क या मार्केट में उनके बेटे के रुप में जाना जाता था. हर दुकानदार मुझे उनके बेटे के रुप में जानता था और कम पैसे लेता क्योंकि मैं उनका बेटा था … तो उनका बेटा होने का ये मतलब था, इतना प्यार और इतनी इज़्ज़त. और ये सब तब था जब उन्हें अपने अस्तित्व का अंदाज़ा भी नहीं था.”

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Shri Swatantra Chopra My Hero. My idol. My inspiration. . Will I ever manage to be a millionth of a man that he was ? Don't think so.. The ideal man , the ideal son,the ideal brother, a man who always put family above EVERYTHING else. An ideal father …it took me 25 years to even come to terms with the fact that all fathers are not like him.. That he was special .. I was blessed..and as his son that's the legacy I have inherited…loved and respected so so much more than I ever will be..a celebrity in its true terms. As a child , me walking down the street or the market always knew that I was recognised as his son. By all. That the shopkeeper will greet me and take lesser money because I was his son…was something that i was used to.. This : when he didn't even know of their existence. It was a regular affair to find some unknown person at our gates bringing along a guest who was looking for our house. All you had to say was "Chopra Saab's house? " And anybody in that vast radius would bring you to the correct place. The love ,warmth and generosity that he had .. the idealism, the strength… An ideal husband..devoted his entire existence towards making my mother better in these last four years. To the point of getting a disease trying to protect her and then leaving all of us to keep her company.. She left us on the 19th and he did on the 29 th.. 10 days ..and they're both gone.. A void , vacuum that no amount of time will ever fill… #MerePapa

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अपनी मम्मी को याद करते हुए उन्होंने लिखा- ‘मेरी मां ने हमें 19 तारीख को अलविदा कहा और पिता ने 29 तारीख को. 10 दिन में वे दोनों चले गए. उनके जाने से जो खालीपन जिंदगी में आ गया है वो कभी नहीं भरने वाला.’

Gaurav Chopra' Family



मम्मी को था कैंसर

Gaurav Chopra' mom and dad

गौरव की मम्मी को पिछले साढ़े तीन साल से चौथे स्टेज का पैनक्रिएटिक कैंसर था. इसके बाद वह कोरोना संक्रमित भी हो गईं थीं. गौरव ने कहा- ‘उम्रदराज लोगों के लिए कोरोना से लड़ना बहुत मुश्किल है और कैंसर के मरीजों के लिए ये और रिस्की हो जाता हैं.’ उन्होंने आगे लिखा, मेरे पिता हमेशा मेरी मम्मी के साथ थे और दोनों साथ ही इस वायरस की चपेट में आ गए.’ बता दें कि गौरव के पिता काफी वक्त से वेंटिलेटर पर थे, लेकिन आखिरकार वो कोरोना से ज़िंदगी की लड़ाई हार गए.

अभिनेत्री नताशा सूरी का कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आया है. उन्हें इस बात का बेहद दुख है कि वह 14 अगस्त को मैक्स प्लेयर पर रिलीज होनेवाली उनकी फिल्म ‘डेंजरस’ का प्रमोशन अब नहीं कर पाएंगी. नताशा के साथ इस फिल्म में बिपाशा बसु और करण सिंह ग्रोवर भी मुख्य भूमिका में हैं. लंबे अरसे के बाद दोनों साथ दिखाई देंगे.
नताशा का यह मानना है कि वे पुणे से संक्रमित हुई हैं. दरअसल, कुछ दिन पहले ज़रूरी काम से वे पुणे गई थीं. शायद वहीं से उन्हें इस वायरस ने अपनी चपेट में लिया. उन्हें अपनी दादी और बहन की भी चिंता होने लगी है, जो उनके साथ रहती हैं. अब वे उनका भी कोरोना टेस्ट करवाने वाली हैं.
बकौल उनके जब वे पुणे से आई थीं, तब उन्हें हल्का-सा बुखार, गले में खराश और थकान-सी थी. तीन दिन पहले उन्होंने अपना Covid-19 का टेस्ट करवाया, जो पॉजिटिव निकला. उन्हें इस बात का बेहद अफ़सोस है कि कल से डेंजरस फिल्म के प्रमोशन शुरू हो जाएंगे, जिसमें वे बिपाशा बसु और करण सिंह ग्रोवर के साथ हिस्सा लेनेवाली थी, जो अब ऐसा नहीं कर पाएंगी. उन्हें इस फिल्म के प्रमोशन का बेसब्री से इंतज़ार था, जिसे लेकर काफ़ी उत्साहित थीं, पर अब ऐसा नहीं हो पाएंगी.
नताशा दवाइयों के साथ इम्यूनिटी बूस्टर भी ले रही हैं. उन्हें काफ़ी कमज़ोरी भी महसूस हो रही है. फ़िलहाल होम क्वारंटाइन होकर अपनी देखभाल कर रही हैं. वे चाहती हैं कि जल्द-से-जल्द ठीक हो जाएं, ताकि आगे के प्रोजेक्ट पर काम कर सकें.
नताशा ने की पहली फिल्म साल 2016 में ‘किंग लायर’ आई थी, जो मलयालम में थी. वे मिस वर्ल्ड इंडिया भी रह चुकी हैं.

देश पर जब भी कोई मुसीबत आती है, तो बॉलीवुड मदद के लिए हमेशा देश के साथ खड़ा रहता है. आज जब कि पूरा देश कोरोना से लड़ रहा है और सरकार कोरोना से लड़ने की हर मुमकिन कोशिश कर रही है, तो ऐसे में बॉलीवुड सेलेब्स भी सरकार के इस काम में पूरी मदद कर रहे हैं. इस मुश्किल घड़ी में हमारे स्टार्स न सिर्फ दिल खोलकर फाइनेंसियल हेल्प कर रहे हैं, बल्कि जागरूकता लाने के लिए वीडियोज़ बनाकर या मैसेज के ज़रिए अपनी बात भी लोगों तक पहुंचा रहे हैं.

asha bhosle


अक्षय कुमार ने कोरोना से लड़ रहे मेडिकल वर्कर्स के सम्मान में सॉन्ग ‘तेरी मिट्टी….’ को रिक्रिएट करके डेडिकेट किया था, तो अजय देवगन ने भी गाना ‘ठहर जा’ के जरिए देशवासियों को संदेश दिया था कि वह इस खतरनाक बीमारी के दौरान सभी अपने-अपने घरों में ही रहें और अपने परिवार के बीच प्यार बांटें. और भी बॉलीवुड स्टार्स इस कठिन समय में लोगों की हौसलाअफजाई कर रहे हैं और उनमें जागरूकता लाने के लिये सोशल मीडिया के ज़रिये लगातार सन्देश दे रहे हैं.

asha bhosle pm modi

और अब जब पीएम नरेंद्र मोदी ने लॉकडाउन की चुनौती से निपटने के लिए ‘आत्‍मनिर्भर भारत’ बनाने का आह्वान किया है, तो उनके इस अभियान से भी बॉलीवुड जुड़ रहा है.
दरअसल मोदीजी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ को सपोर्ट करने के लिए और कोरोना की स्थिति में भी लोगों में नया उत्साह जगाने के लिए हमारे 211 मशहूर गायकों ने मिलकर आत्मनिर्भर थीम पर एक गाना बनाया है. इस गाने का शीर्षक है ‘वन नेशन वन वॉइस- जयतु जयतु भारतम’. इस गीत के लेखक हैं प्रसून जोशी. इस गीत को 12 भाषाओं में बनाया गया है, ताकि ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक सन्देश पहुंचे.

211 singers


इस गीत को स्वरकोकीला लता मंगेशकर जी ने खुद अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट के जरिए शेयर किया है. ये गीत इतना अच्छा बना है कि इस गीत की तारीफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी की है.

लगा जी ने ये गीत प्रधामनंत्री मोदी जी को अर्पित करते हुए ट्वीट में लिखा है, ‘नमस्कार। हमारे ISRA (इंडियन सिंगर्स राइट्स असोसिएशन) के बहुत गुणी 211 कलाकारों ने एक होकर आत्मनिर्भर भारत की भावना से प्रेरित होकर इस गीत का निर्माण किया है, जो पूरे भारत की जनता को और हमारे आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्रभाई मोदीजी को हम अर्पण करते हैं. जयतु भारतम्.’
लता जी के इस ट्वीट को रिट्वीट करते हुए पीएम मोदी जी ने भी इस गीत और इन कलाकारों की प्रशंसा की और रिट्वीट करते हुए लिखा, ‘यह गीत हर किसी को उत्साहित और प्रेरित करने वाला है. इसमें आत्मनिर्भर भारत के लिए सुरों से सजा उद्घोष है.’


‘जयतु जयतु भारतम’ गीत को देशभर के प्रसिद्ध गायकों और गीतकारों ने मिलकर बनाया है. गाने की शुरुआत आशा भोसले से होती है और आगे उनके साथ एसपी बालसुब्रमण्यम, सोनू निगम, शंकर महादेवन, कैलाश खेर, अनूप जलोटा, अनुराधा पौडवाल, कविता कृष्णमूर्ति, शान जैसे गायक जुड़ते हैं.

कोरोना वायरस को लेकर लोग चीन से वैसे ही बहुत नाराज़ हैं. चीन में ही सबसे पहले कोरोना वायरस की शुरुआत हुई और चीन ने कोरोना वायरस की बात छुपाई. आज पूरा विश्व कोरोना वायरस के कहर से जूझ रहा है. चीन में अब कोरोना वायरस के मामले कम होने लगे हैं और वहां का जनजीवन सामान्य होने लगा है. ऐसे में चीन की सरकार ने वहां के बाज़ार और दुकानों को खोलने की अनुमति दे दी है. चीन में अब पहले की तरह ही अन्य मार्केट की तरह वहां का मीट मार्केट भी खुल गया है. आपको याद होगा कि कोरोना वायरस को लेकर शुरुआत में ये ख़बरें आई थीं कि इसकी शुरुआत चमगादड़ या इसी तरह के किसी जीव के कारण हुआ था, हालांकि इसकी कोई पुष्टि नहीं हुई थी. खबरों के अनुसार, चीन के मीट मार्केट में चमगादड़, मगरमच्छ, मेंढक, कुत्ते, बिल्ली आदि का मांस मिलता है. चीन की खानपान की आदतें कई लोगों को पसंद नहीं हैं. चीन की खानपान की आदतों को न पसंद वालों में बॉलीवुड एक्ट्रेस रवीना टंडन और संध्या मृदुल भी हैं, इन दोनों एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया पर चीन के खानपान की जमकर बुराई की है.

Raveena Tandon And Sandhya Mridul

पहले रवीना टंडन ने ट्वीट करके लिखा- “इंसानों ने अपने हिस्से के सबक नहीं सीखे, हालांकि इसकी बहुत बड़ी कीमत भी उन्हें चुकानी पड़ी है. उसने एक बार फिर अपनी बर्बर प्रथाओं की तरफ रुख़ किया है. दुनिया में चीन पशुओं के साथ दुर्व्यवहार और वन्यजीव अपराध के लिए सबसे बदतर देश है.”

यह भी पढ़ें: Corona Virus: कोरोना वायरस से डरें नहीं बचें, ये लक्षण दिखें तो हो जाएं सावधान (Corona Virus: Do Not Be Afraid Of Corona Virus, Be Careful If You See These Symptoms)

Actress Raveena Tandon

रवीना टंडन की तरह ही एक्ट्रेस संध्या मृदुल ने भी चीन में मीट मार्केट खुलने पर अपनी भड़ास इस तरह निकाली. संध्या मृदुल ने ट्वीट करके लिखा है- “क्या आप वाकई गंभीर है? खुद को खा जाओ यार.” संध्या मृदुल का ये ट्वीट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

इस समय चीन से सारी दुनिया नाराज़ है और उनकी खानपान की आदतें लोगों को और गुस्सा दिला रही हैं. आपका चीन के मीट मार्केट के बारे में क्या कहना है? हमें कमेंट करके ज़रूर बताएं.

कोरोना वायरस के डर से इस समय पूरी दुनिया लॉकडाउन हो गई है. सबके मन में डर, चिंता, तनाव, असमंजस, घबराहट, बेचैनी जैसे कई भावनाएं उमड़-घुमड़ रही हैं, जिससे लोगों का मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है. लेकिन इस समय लोगों पर शारीरिक, सामाजिक, आर्थिक समस्याएं इतनी हावी हो गई हैं कि कई लोग अपने मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान ही नहीं दे रहे हैं. बहुत से लोगों के मन में बहुत से सवाल हैं, कई लोगों को समझ नहीं आ रहा है कि इस समय वो अपने बच्चों और घर के बुज़ुर्गों का ध्यान कैसे रखें. ऐसी स्थिति में सभी के लिए ये बहुत ज़रूरी है कि वो अपने और अपने परिवार के मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें. इस समय व्यक्तिगत स्वच्छता और सुरक्षा के साथ सबसे ज़्यादा ज़रूरी है कि हम अपने मानसिक स्वास्थ्य का बैलेंस बनाए रखें. अपने मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य में संतुलन बनाने के बारे में विस्तार से बता रही हैं क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट, काउंसलिंग साइकोथेरेपिस्ट और मल्टीपल डिसएबिलिटीज (रेमेडियल स्पेशलिस्ट) की विशेषज्ञ रिया धीर, जिनके दिए गए कुछ उपायों का उपयोग करके आप सक्षम और सफल हो सक्ते हैं.

How To Take Care Of Yourself, Your Children And The Elderly At Home In The corona Lockdown Period

कोरोना लॉकडाउन अवसर की अवधि को आत्म-वृद्धि के लिए संशोधित करें

इस समय जब पूरे विश्व में डर और नकारात्मकता की दशा छाई हुई है, ऐसे में सकारात्मक सोच आपकी ज़िंदगी बदल सकती है. इस समय आपके मन में भी आनेवाले कल को लेकर असमंजस और डर की भावना घर कर रही होगी. दिनभर घर में बैठना बोझ लग रहा होगा, लेकिन इस समय को यदि आप अच्छे अवसर की तरह देखें, तो आपको कुछ भी नकारात्मक नहीं लगेगा. कोरोना लॉकडाउन पीरियड में नेगेटिव बातों और खबरों से बचने की कोशिश करें. सही सोर्स व स्पेशलिस्ट से जानकारी हासिल करें, ताकि आप उचित सावधानी बरतें और विपरीत परिस्थिति में सही निर्णय लें. दरअसल, परिस्थिति चाहे कितनी ही मुश्किल क्यों न हो, यदि हम उस स्थिति से बाहर निकलने की ठान लें, तो कुछ भी नामुमकिन नहीं. रात चाहे कितनी ही काली, कितनी ही गहरी क्यों न हो, रात के बाद सवेरा होता ही है. इसी तरह जीवन में चाहे कितनी ही तकलीफ क्यों न आए, दुःख के बादल छंट ही जाते हैं और ज़िंदगी खुशियों से मुस्कुराने लगती है.

स्वस्थ और सुरक्षित रहने के लिए जितना ज़रूरी शारीरिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना है, इस कठिन समय से जूझने के लिए उतना ही ज़रूरी है मानसिक रूप से स्वस्थ और संतुलित रहना. यदि आप मानसिक रूप से मज़बूत हैं, तो आप इस मुश्किल समय को भी पॉज़िटिव तरीके से देख सकेंगे. कई लोग मुंह से भले ही कुछ न कहें, लेकिन जाने-अनजाने उनके मन में डर, चिंता, तनाव बढ़ सकता है. इस मुश्किल दौर में जो लोग घर से काम कर रहे हैं तथा बड़े-बुज़ुर्गों व बच्चों के साथ घर में हैं, उनके लिए इस स्थिति को संभालना बहुत मुश्किल हो रहा है. इस स्थिति में वो घर और ऑफिस की ज़रूरतों को पूरा करते हुए इतना स्ट्रेस महसूस करते हैं कि मानसिक रूप से थक जाते हैं. शारीरिक रूप से भले ही वो एक्टिव नज़र आते हैं, लेकिन मानसिक रूप से वो थकान और तनाव महसूस करते हैं.

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कोरोना लॉकडाउन पीरियड में ये मनोवैज्ञानिक उपाय आपके बहुत काम आ सकते हैं 

जीवन के हर पड़ाव पर, फिर चाहे बचपन हो या बुढ़ापा, आपका मानसिक रूप से स्वस्थ होना बहुत आवश्यक है, तभी आप हर स्थिति का डटकर सामना कर सकते हैं. इसके लिए हम सब मिलकर प्रयास कर सकते हैं. आइए, इस वैश्विक संकट के समय में एक-दूसरे की मदद करें, इसका सामना करें और इससे साथ में बाहर निकलें.

* इस समय प्रसाशन द्वारा जारी नियमों का पालन करना बेहद ज़रूरी है. स्वच्छ रहें और अपने हाथों को अच्छी तरह से धोएं, अच्छी तरह से सोएं और अच्छी तरह से हाइड्रेटेड रहें, स्वस्थ पोषक तत्वों से भरपूर भोजन करें, शारीरिक स्वास्थ्य बनाए रखें और घर से बाहर केवल आवश्यक चीजों के लिए जाएं अन्यथा कृपया नियमों का पालन करें और बाहर जाने से बचें. ये न भूलें कि इस समय आपका घर में रहना समय की मांग है और इसमें ही आपकी और आपके परिवार की सुरक्षा है.

* ऐसी स्थिति में आमतौर पर मन में ये विचार आते हैं कि, “कहीं ये मुझे न हो जाए, कहीं मैं इसका शिकार न हो जाऊं, अगर मुझे ये हो गया तो क्या होगा, मैं कोरेन्टाइन नहीं होना चाहता, मुझे डर लग रहा है, मैं इसके बारे में सोचे बिना नहीं रह पा रहा हूं”. ऐसी स्थिति में मन में ऐसे विचार आना स्वाभाविक है, जिसके कारण गुस्सा और बेचैनी बढ़ने लगती है. जब हम सोशल डिस्टेंस या कोरेन्टाइन की बात करते हैं, तो इससे मानसिक रूप से उलझने के बजाय ये सोचना ज़रूरी है कि ये आपकी और आप जिन्हें प्यार करते हैं, उनकी सुरक्षा के लिए बहुत ज़रूरी है.

* घर में रहना कुछ लोगों को बंधन लग सकता है, कुछ लोगों के लिए ये फ़्रस्ट्रेशन या कैद हो जाना हो सकता है, लेकिन कई लोगों के लिए ये रिफ्रेशिंग और ‘मी-टाइम’ भी हो सकता है. ये इस बात पर निर्भर करता है कि आप अपने समय का कैसे प्रयोग करते हैं.

* जो लोग बहुत सक्रिय रहते हैं, उन्हें इस समय घबराहट, बेचैनी, चिंता, स्ट्रेस, प्रेशर महसूस हो सकता है, जिसके कारण उनका मूड खराब हो सकता है, वो डिप्रेस्ड हो सकते हैं. यदि आप इस स्थिति का सामना नहीं कर पाते, आपके मन में हर समय डर, घबराहट, चिंता रहती है, तो इससे आपकी मानसिक स्थिति पर जोर पड़ सकता है, जिससे आपका शारीरिक स्वास्थ्य भी प्रभावित हो सकता है, आपकी इम्यूनिटी प्रभावित हो सकती है, इसलिए इस स्थिति का डटकर सामना करें और पॉज़िटिव सोचें.

* गतिविधि जो आप घर पर कर सकते हैं: एक मूड मॉनिटरिंग जर्नल बनाएं, जहां आप एक दिन में अपने सभी नकारात्मक विचारों और प्रतिक्रियाओं पर ध्यान केंद्रित करते हैं, इसे लिखें. फिर दिन के अंत तक सुधार के साथ बैठें और उसी स्थिति के लिए अपना दृष्टिकोण बदलने के लिए सकारात्मक सुदृढीकरण का उपयोग करने का प्रयास करें.

* नए स्वास्थ्य नियम निर्धारित करें, योग करें, व्यायाम करें और कसरत करें, एक नया आहार चार्ट बनाएं और अपनी जीवनशैली में बदलाव करें. स्वास्थ्य के लिए ध्यान और प्राणायाम सांस लेना आपके श्वसन तंत्र को मजबूत करता है और प्रतिरक्षा का निर्माण करता है

* कोरोना लॉकडाउन पीरियड को अवसर में बदलें और इस समय वो सारे काम करें जो आप कई समय से नहीं कर पा रहे थे. इस समय को अच्छा अवसर मानकर आप इसका सदुपयोग अपनी क्रिएटिविटी बढ़ाने के लिए कर सकते हैं, अपनी कला को बाहर ला सकते हैं.

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कोरोना लोकडाउन में बच्चों और बुज़ुर्गों का ध्यान कैसे रखें

कोरोना के लॉकडाउन के दौरान बच्चों और बुज़ुर्गों के साथ रहना आपके लिए एक चुनौती हो सकती है क्योंकि वे बहुत संवेदनशील हैं, लेकिन ऐसे समय में उन्हें भावनात्मक रूप से समझना और उनकी मदद करना उनके और आपके लिए शांति बनाए रखने में मदद कर सकता है.

कोरोना लोकडाउन पीरियड में बच्चों का ध्यान कैसे रखें

कामकाजी माता-पिता को अपने बच्चों को समय देना चाहिए और उनकी गतिविधियों में शामिल होना चाहिए. आपके बढ़ते बच्चों के मन में कई सवाल होते हैं और बच्चे बहुत सवाल भी करते हैं. उनके मन में बहुत कुछ जान लेने की इच्छा होती है. कोरोना लोकडाउन की स्थिति में आपके बच्चे आपसे एक ही सवाल कई बार पूछ सकते हैं, वो बोर होने के कारण चिड़चिड़े भी हो सकते हैं, ओवर रिएक्ट भी कर सकते हैं. ऐसी स्थिति में आप उनके सवालों के जवाब किस तरह देते हैं, इससे उनके बालमन पर बहुत असर हो सकता है. बच्चों के सवालों का जवाब देते समय आपको बहुत ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि कभी-कभी आपके जवाब या आपकी प्रतिक्रिया उन्हें डर की ओर ले जाती है, बच्चे असुरक्षित भी महसूस कर सकते हैं, इसलिए आपको बच्चों के मासूम सवालों का जवाब बहुत सोच-समझकर देना चाहिए. ऐसी स्थिति में आप घर में क्या बातें करते हैं, इसका भी बच्चों पर बहुत असर होता है.

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* ऐसी स्थिति में बच्चों के सामने टीवी, फोन आदि पर कोरोना से जुड़ी ख़बरें ज़्यादा न देखें, बच्चों को ऐसी खबरें अकेले ना देखने दें, क्योंकि जानकारी के अभाव में बच्चे डर सकते हैं, असुरक्षित महसूस कर सकते हैं और बेचैन हो सकते हैं.

* इस समय बच्चों को हाइजीन का महत्व समझाएं और उन्हें वर्तमान स्थिति की सही जानकारी दें. बच्चों के साथ कोई मज़ेदार गेम खेलते हुए आप खेल-खेल उन्हें इसकी जानकारी दे सकते हैं.

* लॉकडाउन पीरियड में बच्चों के साथ बात करें, उनके मन को समझने की कोशिश करें, उनके साथ इनडोर गेम खेलें, उनके साथ किताबें पढ़ें, डांस, ड्रॉइंग जैसी गतिविधियों में बच्चों को बिज़ी रखकर उनकी क्रिएटिविटी बढ़ाएं.

* स्पेशल बच्चे जिन्हें ज़्यादा देखभाल की ज़रूरत होती है, कृपया उनकी ख़ास देखभाल करें. यदि आपको किसी तरह की सहायता और गाइडेंस की ज़रूरत हो, तो कृपया अपने स्पेशलिस्ट या हम जैसे साइकोलॉजिस्ट और चाइल्ड स्पेशलिस्ट को कभी भी फोन कर लें. आपकी मानसिक ज़िम्मेदारियों में आपकी मदद करना हमारा कर्तव्य भी है. स्पेशल चाइल्ड को इस समय आपकी स्पेशल केयर की ज़रूरत होती है इसलिए उनका ख़ास ध्यान रखें.

* कोरोना लोकडाउन पीरियड में घर बैठे-बैठे आपकी और आपके बच्चों की मानसिक सुरक्षा आपके हाथ में है, अतः ये आपकी ज़िम्मेदारी है कि आप अपने बच्चों को आपका समय और प्रयास देकर बच्चे को भावनात्मक रूप से सुरक्षित महसूस कराएं.

कोरोना लोकडाउन पीरियड में बुज़ुर्गों का ध्यान कैसे रखें

* कोरोना लोकडाउन पीरियड में बुज़ुर्गों के लिए अलग से समय निकालें. वे भावनात्मक रूप से बहुत संवेदनशील हैं और कुछ मामलों में पहले से मौजूद स्वास्थ्य सम्मेलनों के आधार पर आपके लिए एक पूर्णकालिक जिम्मेदारी हो सकते हैं. ऐसी स्थिति में उनके मन में अनजाना डर बैठ सकता है, वो असुरक्षित महसूस कर सकते हैं, इसलिए आपका उन्हें समय देना बहुत ज़रूरी है. इस समय अपने घर के बुज़ुर्गों से बात करके आप न सिर्फ उनका डर दूर कर सकते हैं, बल्कि उन्हें सुरक्षित महसूस करा सकते हैं और उनके साथ अपने रिश्ते को और ज़्यादा मज़बूत बना सकते हैं.

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* उन्हें स्थिति से अवगत कराएं, उन्हें बताएं कि इस समय उन्हें अपना और ज़्यादा ध्यान रखने की ज़रूरत है. अपने घर के बुज़ुर्गों को बताएं कि उनके लिए सोशल डिस्टेंस क्यों ज़रूरी है. आपकी बातों से वो डर सकते हैं, चिढ़ सकते हैं, आपसे कई तरह के सवाल या बहस कर सकते हैं. ऐसे में उनके साथ शांति से पेश आएं. उन्हें डेली ब्रीदिंग एक्सरसाइज़ कराएं, उन्हें पौष्टिक भोजन दें, उनकी दवाओं पर नज़र रखें, उन्हें समग्र अभ्यास का अनुभव दें, ताकि उनके मन की शांति बनी रहे. उनके मन के डर को हटाने के लिए उन्हें स्वस्थ बातचीत में शामिल करें और उनसे उनके जीवन के अनुभवों के बारे में पूछें जो उन्हें खुश करते हैं, उन्हें प्रेरित महसूस करने के लिए उनकी उपलब्धियों पर चर्चा करें. उनके साथ वो चीज़ें करें जो उन्हें पसंद हैं.  

* हर किसी को यह मौका नहीं मिलता, तो अपने माता-पिता को आप आज वो समय दें जो उन्होंने आपकी परवरिश, आपकी ज़रूरतों पर दिया था. उन्हें भी आज आपकी जरूरत है.

सरकार अपने काम को सही तरीक़े से निभा रही है. आपको सही जानकारी से अवगत करा रही है. इस जागरूकता को समझना आवश्यक है और ये समझना ज़रूरी है कि लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंस आपकी मजबूरी नहीं, परंतु आपका सामाजिक कर्तव्य है, ताकि आप अपने परिवार को और अपने समाज को सुरक्षित रखें. ऐसा करके आप अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा कर सकते हैं, प्रसाशन और देश को सहयोग कर सकते हैं और एक ज़िम्मेदार नागरिक होने का फर्ज़ निभा सकते हैं.

“अपनी समस्याओं के बारे में सोचकर दुखी होते समय, हम ये भूल जाते हैं कि हमें जो ज़िंदगी मिली है, कई लोगों ने अपनी जान गंवाई और जीवन का वो अवसर भी खो दिया है, इसलिए हमें अपने जीवन के प्रति हमेशा आभारी होना चाहिए. मेरी तरफ से मैं आप सभी के लिए टेलीफोन पर किसी भी तरह के रिकमन्डेशन और सलाह के लिए उपलब्ध हूं. जो लोग अपने बच्चों, घर के बुज़ुर्गों के बारे में चिंतित हैं, जो लोग अपनी लाइफस्टाइल में आए बदलावों, मनोवैज्ञानिक परिवर्तनों में संतुलन नहीं बना पा रहे हैं, जो लोग डर, चिंता, चिड़चिड़ापन, स्ट्रेस, डिप्रेशन महसूस कर रहे हैं, ऐसे सभी लोगों की मदद करने की मैं पूरी कोशिश करूंगी. आप मुझे अपनी समस्याएं बता सकते हैं, आपकी समस्याओं को दूर करने में मैं आपकी हर संभव सहायता करूंगी.”
– रिया धीर
मुंबई स्थित क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट, काउंसलिंग साइकोथेरेपिस्ट और मल्टीपल डिसएबिलिटीज (रेमेडियल स्पेशलिस्ट) की विशेषज्ञ
Contact: (+91) 750-608-8917

सुनने में आया है कि एकता कपूर के सुपरहिट शो नागिन4 में अब होने वाली है हैंडसम हंक सिद्धार्थ शुक्ला की एंट्री. बिग बॉस 13 के विनर और लाखों दिलों की धड़कन सिद्धार्थ इस शो में बनने वाले हैं सपेरे, जो मनचली और ज़िद्दी नागिनों को वश में करेंगे.

Rashmi Desai Siddharth Shukla

ग़ौरतलब है कि रश्मि देसाई की पहले ही शो में एंट्री हो चुकी है और वो शलाका बन कर लीड नागिन का रोल प्ले कर रही बृंदा यानी निया शर्मा को चैलेंज करने आई हैं. रश्मि और सिद्धार्थ की दुश्मनी भी किसी से छिपी नहीं है और बिग बॉस में तो दोनों के बीच की अनबन काफ़ी खुलकर सामने भी आ गई थी. हालाँकि उनकी ऑन स्क्रीन केमिस्ट्री भी ग़ज़ब की है और उनके शो दिल से दिल तक में उनकी इसी केमिस्ट्री को दर्शकों ने काफ़ी पसंद भी किया था लेकिन दोनों की अनबन के चलते शो को ही बंद ही करना पड़ा.

अब मज़ेदार यह रहेगा कि नागिन में दोनों कैसे सामने सामने होते हैं. कहा जा रहा है कि इसमें भी दोनों का रील रोमांस सबको दिखाई देगा क्योंकि सिद्धार्थ इसमें सपेरा बनकर शलाका यानी रश्मि की मदद करेंगे और पर्दे पर उनसे रोमांस भी करेंगे.
हालाँकि अभी शूटिंग शुरू नहीं हुई है क्योंकि कोरोना के चलते फ़िलहाल सभी शूटिंग्स रुकी हुई हैं, जैसे ही देश इस वाइरस से निजात पा लेगा शूटिंग्स शुरू होंगी और आपको इन दो दुश्मनों का ऑन स्क्रीन रोमांस भी देखने को मिलेगा.

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