couple romance

मैं अपनी चचेरी बहन के पास अस्पताल में बैठी थी. उसका छोटा-सा एक्सीडेंट हुआ था और पांव में फ़्रैक्चर हो जाने कीवजह से वह तीन-चार दिनों के लिए एडमिट थी. मैं उसके पास कुर्सी पर बैठी कोर्स की किताब पढ़ रही थी कि तभी उसकेस्कूल के दोस्त उससे मिलने आए. दो लड़कियां और तीन लड़के. कुछ ही देर में बाकी सब तो चले गए लेकिन रश्मि काएक दोस्त, जिसका नाम जतिन था रुक गया. हम तीनों बातें करने लगे. बातों के सिलसिले में पूरी दोपहर कब निकल गईपता ही नहीं चला. दूसरे दिन फिर आने का वादा करके वह घर चला गया.

 उसके जाने के बाद मैं यूं ही उसके बारे में सोचने लगी… बिखरे बालों वाला वह बहुत सीधा-सादा, भोला-सा लगा मुझे. रात में चाची रश्मि के पास रुकी और मैं घर चली गई. सुबह नहाकर जब वापस आई तो देखा जतिन महाराज पहले से ही वहां बैठे थे. चाची के चले जाने के बाद हम तीनों फिर गप्पे मारने लगे. एक आम और साधारण-सा चेहरा होने के बाद भीएक अजब-सी, प्यारी-सी रूमानियत थी जतिन के चेहरे पर और उसकी बातों में कि दिल और आंखें बरबस उसकी ओर खींची चली जाती थी. चार दोपहरें कब निकल गई पता नहीं चला. रश्मि को अभी डेढ़ महीना घर पर ही रहना था. इस बीच उसके बाकी दोस्तों के साथ ही जतिन भी घर आता रहा. वह स्कूल में होने वाली पढ़ाई की जानकारी रश्मि को देकर उसकी मदद करता और खाली समय में हम तीनों खूब बातें करते और मस्ती करते. अब तो जतिन से मेरी भी बहुत अच्छी दोस्ती हो गई थी. जिस दिन वह नहीं आता वो दिन खाली-खाली-सा लगता और मैं बेसब्री से उसका इंतजार करती. रश्मि भी हंसी-हंसी में उसे ताना मारती, “तुम मुझसे मिलने थोड़े ही आते हो, तुम तो चेतना से मिलने आते हो…”

तब जतिन एक शर्मीली-सी हंसी भरी नज़र मुझ पर डाल कर सिर झुका लेता.

बारहवीं पास होते ही मैं डेंटल कॉलेज में पढ़ने दूसरे शहर चली गई और जतिन भी आगे की पढ़ाई करने दूसरे शहर चला गया, लेकिन फोन पर हम बराबर संपर्क में बने रहते. कभी-कभी रात की ट्रेन से सफर करके जतिन मुझसे मिलने आता. दिन भर हम साथ में घूमते, लंच करते और रात की ट्रेन से वह वापस चल आ जाता. पढ़ाई खत्म होने तक हम दोनों को ही इस बात का एहसास हो चुका था कि हम दोस्ती से आगे बढ़ चुके हैं. हम एक-दूसरे से प्यार करने लगे हैं और अब अलग नहीं रह सकते. हम दोनों ही अपनी एक अलग रूमानी दुनिया बसा चुके हैं, जहां से लौटना अब संभव नहीं था. कितनी खूबसूरत थी वह दुनिया, बिल्कुल जतिन की दिलकश मुस्कुराहट की तरह और उसकी आंखों में झलकते प्यार सेसराबोर जिसमें मैं पूरी तरह भीग चुकी थी.

नौकरी मिलते ही जतिन ने अपने घर में इस बारे में बात की. उसके माता-पिता अपने इकलौते बेटे की खुशी के लिए सहर्षतैयार हो गए, लेकिन मेरे पिताजी ने दूसरी जाति में शादी से साफ इनकार कर दिया. यहां तक कि जतिन के घर आने पर अपनी बंदूक तान दी. महीनों घर में तनाव बना रहा, लेकिन मैं जतिन के अतिरिक्त किसी और से शादी करने के लिए किसी भी हालत में तैयार न थी. महीनों बाद सब के समझाने पर पिताजी थोड़े नरम हुए. उन्होंने पंडित जी से कुंडली मिलवाई तोपंडित जी ने मुझे मंगली बता कर कहा कि यदि यह शादी हुई, तो लड़की महीने भर में ही विधवा हो जाएगी. साथ ही लड़के की कुंडली में संतान योग भी नहीं है.

घर में सब पर वज्रपात हो गया. अब तो शादी की बिल्कुल ही मनाही हो गई. चार-पांच पंडितों ने यही बात की. अलबत्ता जतिन के घर वाले अब भी अपने बेटे की खुशी की खातिर इस शादी के लिए तैयार थे. बहुत संघर्षों और विवादों के बाद आखिरकार हमारी शादी हो ही गई.

आज कुंडली के सभी ग्रह-नक्षत्रों को, मंगल-अमंगल को परास्त करके हमारी शादी को 14 साल हो गए हैं और हमारी 12 साल की एक बहुत ही प्यारी बिटिया भी है. प्यार सच्चा हो तो हर मंगल को हराकर अंधेरे में भी रिश्ते का दीया जला देता है. जतिन आज भी उसी प्यारी रूमानी मुस्कुराहट के साथ मुझे बाहों में लेकर गुनगुनाता है, “तेरा साथ है तो मुझे क्या कमीहै अंधेरों में भी मिल रही रोशनी है…”

 – विनीता राहुरीकर

कॉम्प्लिमेंटस किसे पसंद नहीं! हर कोई चाहता है कि उसके लुक्स, बिहेविअर, फैशन सेंस या फिर उनके एफ़र्ट्स के लिए उन्हें कॉम्प्लिमेंटस मिले. ऐसा होता भी है पुरुष महिलाओं की तारीफ करने से पीछे नही हटते.लेकिन महिलाएं उन्हें कॉम्प्लिमेंट देने में कंजूसी कर जाती हैं.

हम आपको बता रहे हैं 6 ऐसे कॉम्प्लिमेंट जो आप उन्हें दे सकती हैं.उन्हें स्पेशल फील करा सकती हैं.उनके और करीब आ सकती हैं. उनका दिल जीत सकती हैं.

1. आई  फील सेफ विद यू- ये अपने पार्टनर  को देने वाला बेस्ट कॉम्प्लिमेंट है. आप उन्हें ये कह कर अपना प्यार जता सकते हैं.आप उनके साथ महफूज़ फील करते हैं. उनका साथ आप में एक अलग ऊर्जा का संचार करता है.

2. लकी टू हैव यू- अपने पार्टनर  को बार बार ये बताते रहे कि उनका आपकी लाइफ में होना कितना मैटर करता है और अगर वो ना हो तो आप की जिंदगी कितनी खाली होती. आप बहुत खुश हैं उन्हे पाकर. ये समय समय पर उन्हें बताते रहिये . ये सुनकर उन्हें बहुत खुश मिलेगी.

3. यू आर सच ए ग्रेट किसर-  पुरुषों को कॉम्प्लिमेंट बहुत कम मिलते हैं. लेकिन क्युंकि अब आप एक रिलेशनशिप में है तो आपका उन्हें कंप्लिमेंट करना बनता है. आपका इस तरह से किया गया कंप्लिमेंट .उनमें  एक नई स्फुर्ति पैदा कर देगा. एक बार ट्राय करे.

Compliments For Men

4. इट्स अमेजिंग हाओ हार्ड यू वर्क – महिलाओं और गर्लफ्रेंड्स  अपने पार्टनर को हमेशा काम के ताने देती रहती हैं.  उन्हें उनके काम से हमेशा  शिकायत रहती है. लेकिन वो आपके लिए, घर के लिए हर रोज़ कितनी मेहनत करते हैं अगर  इसके लिए शिकायत की बजाय उनकी  तारीफ कर. आप उनका दिन बना सकती हैं.

5. यू आर सच अ गुड कुक – असल में पुरुष अच्छे कुक होते हैं और बहुत स्वादिष्ट खाना भी बनाते हैं. वाइफ के वर्किंग होने पर किचन में उनकी मदद भी करते हैं. लेकिन उन्हें इस बात के लिए  अप्रेसीएशन कम ही मिलता है अगर आपके पार्टनर में ये स्किल है तो उन्हें जरूर ‘यू आर सच ए गुड कुक’ वाला कॉम्प्लिमेंट दीजिये. फिर देखिये जादू.

6. यू आर ए ग्रेट फादर- हालाँकि ये अधितर महिलाओं के लिए यूज़ किया जाता है कि आप बहुत अच्छी माँ है, लेकिन बदलते समय और जरूरत के अनुसार पुरुष भी बच्चों के पालन पोषण में अपनी भूमिका निभाते हैं. एफॉर्ट लगाते हैं और अच्छे पिता बनने की कोशिश भी  करते हैं. इसके लिए उन्हें एपरीसीएशन दिया जाना चाहिए.आप ये कहकर उन्हें स्पेशल फील करा सकती हैं.  आपके साथ जिम्मेदारी बाँटने के लिए थैंकयू कह सकती हैं.

शिखा शिप्रा

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ये भीगता मौसम, ये बरसती फ़िज़ा… मन के किसी कोने में तुम्हारी यादों की सोंधी महक को फिर हवा दे जाते हैं… जब-जब ये बारिश होती है, तन के साथ-साथ मन को भी भिगो देती है… कैसी अजीब सी कशिश थी तुम्हारी उस सादगी में भी, कैसी रूमानियत थी तुम्हारी आंखों की उस सच्चाई में भी… मेरा पहला जॉब वो भी इतने बड़े बैंक में. थोड़ा डर लग रहा थालेकिन तुमने मुझे काफ़ी कम्फ़र्टेबल फील कराया था.

हर वक्त मेरी मदद की और न जाने कैसे धीरे-धीरे एक दिन अचानक मुझे ये एहसास हुआ कि कहीं मैं प्यार में तो नहीं? 

कुछ दिन अपने दिल को समझने और समझाने में ही बीत गए और उसके बाद मैंने निर्णय ले लिया कि तुमसे अपनीफ़ीलिंग्स का इज़हार कर दूंगी क्योंकि घर में भी मेरी शादी को लेकर बात चलने लगी थी. 

मैंने देर करना ठीक नहीं समझा और कहीं न कहीं मुझे भी ये लगने लगा था कि तुम्हारा भी खिंचाव और लगाव है मेरीतरफ़. मैंने लंच में तुमसे बिना झिझके साफ़-साफ़ अपने दिल की बात कह दी. तुमने भी बड़े सहज तरीक़े से मुझसे कहाकि तुम भी मुझसे प्यार करने लगे हो लेकिन एक सच है जो तुम मुझे बताना चाहते हो, लेकिन शाम को फ़ुर्सत में… 

‘निशांत, कहो क्या कहना चाहते हो?’

‘निधि मैंने तुमको अपने घर इसलिए बुलाया कि बात गंभीर है और मैं तुमको अंधेरे में नहीं रखना चाहता. निधि ये तस्वीर मेरी 3 साल की बेटी किट्टू की है.’ 

‘तुम शादीशुदा हो? तो तुमने मुझे अपने घर क्यों बुलाया? तुम्हारी पत्नी और बेटी कहां हैं?’

‘निधि, यही सब बताने के लिए तो बुलाया है तुम्हें! मेरी पत्नी और मैं अलग रहते हैं. हमने तलाक़ का फ़ैसला लिया है. किट्टू भी राधिका के साथ ही है. मेरी पत्नी राधिका को मेरी सादगी और सहजता पसंद नहीं थी. उसको शुरू से लगता था कि मैंऔरों की तरह स्मार्ट नहीं. उसकी ख्वाहिशें भी बहुत बड़ी थीं जो मैं पूरी न कर सका, इसलिए हमने अलग होने का फ़ैसला किया है.’

‘निशांत मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं, मैं तुमसे बेहद प्यार करती हूं और तलाक़ तक तो क्या, ताउम्र तुम्हारा इंतज़ार कर सकती हूं!’ 

इसके बाद सब कुछ ठीक चल रहा था, मेरी शामों में रूमानियत घुलने लगी थी, दिन रंगीन हो ही रहे थे कि निशांत ने बताया उसकी बेटी किट्टू बहुत बीमार है और राधिका वापस घर लौट आई है क्योंकि किट्टू अपने मम्मी-पापा दोनों के साथ रहना चाहती थी. किट्टू की रिपोर्ट्स से पता चला कि उसको ब्रेन ट्यूमर है और सर्जरी करनी पड़ेगी, जो काफ़ी रिस्की है! 

मैंने निशांत को कहा कि फ़िलहाल वो किट्टू पर ध्यान दे. 

‘क्या बात है निशांत, तुम इतने उलझे-उलझे क्यों रहते हैं इन दिनों? किट्टू ठीक हो जाएगी, ज़्यादा सोचो मत!’

‘निधि किट्टू की फ़िक्र तो है ही लेकिन एक और बात है, राधिका काफ़ी बदल गई है. उसका कहना है कि किट्टू हम दोनों केसाथ रहना चाहती है और उसकी ख़ातिर वो खुद को बदलना चाहती है, लेकिन मैंने उसे अपने और तुम्हारे रिश्ते के बारे मेंबता दिया है, राधिका को कोई आपत्ति नहीं, पर किट्टू की ज़िद का क्या करूं. वो बस यही कहती है कि उसको मम्मी-पापा दोनों के साथ रहना है!

‘निशांत, किट्टू की ज़िद ग़लत नहीं है, हर बच्चा यही चाहता है और जब राधिका भी बदलने को तैयार है तो तुम्हें भी अपने रिश्ते को एक और मौक़ा ज़रूर देना चाहिए!’

‘कैसी बातें कर रही हो तुम? क्या हमने सपने नहीं देखे अपने प्यार के लिए, उनको कैसे तोड़ दूं?’

‘एक 3 साल की बच्ची का दिल और अपनी शादी को तोड़ने से तो बेहतर है हम अपनी ख्वाहिशों को एक कदम पीछे कर लें! रही बात मेरी, तो मैं सारी ज़िंदगी तुम्हारा इंतज़ार करूंगी और अपने प्यार की वजह से ही मैं तुमसे कह रही हूं कि किट्टूकी ख़ातिर एक चान्स ज़रूर दो अपनी शादी को.’

‘पर निधि मैं तुम्हारे बिना अपने जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकता.’

‘निशांत, इस वक़्त जो दो रास्ते हैं उनमें से एक को ही चुनना होगा और हमको सही रास्ता ही चुनना चाहिए वरना हमारा प्यार बदनाम होगा, वो प्यार नहीं स्वार्थ कहलाएगा!’

…बस ये आख़री मुलाक़ात थी हमारी, उस दिन खूब बारिश हुई थी बाहर भी और मन के भीतर भी. उसके बाद मैंने अपनी पोस्टिंग दूसरे शहर में करवा ली. ऐसा नहीं कि निशांत से संबंध ख़त्म कर लिए, हम फ़ोन और सोशल मीडिया के ज़रिए सम्पर्क में ज़रूर हैं लेकिन मैं रूबरू नहीं होना चाहती, क्योंकि सामने निशांत को देखूंगी तो अपनी भावनाओं को रोक नहीं पाऊंगी! 

किट्टू अब ठीक है और अपने मम्मी-पापा के साथ खुश भी है. उसको खुश देख कर मैं और निशांत अपने प्यार पर गर्व महसूस करते हैं. उसकी इसी ख़ुशी में हमारे प्यार की जीत छिपी है! यही है मेरा पहला प्यार, अधूरा रहकर भी मुकम्मल हो गया जो!

  • गोल्डी शर्मा 

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कभी कभार गुस्सा आना नॉर्मल बात है, लेकिन अगर गुस्सा आपके पार्टनर का स्वभाव बन जाए तो इसका असर रिश्ते पर भी पड़ने लगता है. ऐसे पार्टनर को हैंडल करने के लिए ज़रूरी है कि कुछ ख़ास बातों का ख़्याल रखना.

– ये जानने की कोशिश करें कि आपके पार्टनर किस बात से गुस्सा आता है. ज़ाहिर है बिना वजह तो कोई नहीं भड़कता. उन बातों और स्थितियों पर ग़ौर करें और उनका आकलन करें, ताकि आप जान सकें कि उनको कब और क्यों गुस्सा आता है. कोशिश करें कि वैसे हालात बनें ही न, जिनसे आपके पार्टनर को ग़ुस्सा आता है.

– हो सकता है आपकी कुछ आदतें और व्यवहार आपके पार्टनर को पसंद न हों और उससे वो बार बार गुस्सा होते हों. बेशक उन आदतों व व्यवहार को बदलें न, पर कोशिश करें कि पार्टनर के सामने वे काम या बातें न करें, जिनसे उन्हें गुस्सा आता हो.

Relationship Tips



– ऐसे लोगों की आदत होती है कि हमेशा दूसरों की कमियां गिनाते रहते हैं. दूसरों पर आरोप लगाना और कॉन्ट्रोवर्सी क्रिएट करना ऐसे लोगों की आदत होती है. बेहतर है कि आप उनकी गैरजरूरी बातों का कोई जवाब ना ही दें.

– उन्हें सुनें, भले ही वो गुस्से में खुद को व्यक्त करें तो भी उनकी बातों को अनदेखा न करें. कई लोग इसी वजह से डिप्रेशन में रहते हैं कि उन्हें सुनने-समझनेवाला कोई नहीं है. अगर आप जब वह गुस्से में हों तो मानसिक स्थिति को समझकर उनकी बात सुन लेंगे, तो हो सकता है कि धीरे धीरे उनका गुस्सा कम हो जाए.

– उनसे बात करें. उनके खराब व्यवहार के बारे में उनसे डिसकस करें. उन्हें बताएं कि उनका इस तरह के व्यवहार से आपको कितनी तकलीफ होती है. इससे उन्हें भी अपने खराब व्यवहार को समझने में मदद मिलेगी.

– गलती हो तो ग़लती मान लें. इससे भी आपके पार्टनर का गुस्सा कम हो जाएगा. जब भी बात ग़लती की हो, तो अपने ईगो को एक तरफ़ रख दें. इससे बात तुरंत संभल जाएगी.

– जब भी पार्टनर को गुस्सा आए तो रियेक्ट करने या उसे चुप कराने की कोशिश की बजाय उसे थोड़ा टाइम दें, ताकि वो खुद शांत हो सके. बीच में बोलने या रियेक्ट करने से बात और बढ़ेगी ही.

– वह जो भी कहना चाहते हैं, उन्हें वह कहने का मौक़ा दें, उनकी बातों को ध्यान से सुनें. उनकी ओपिनियन को महत्व दें, तो हो सकता है उन्हें गुस्सा आए ही न.

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– बेवजह के डिस्कशन में ना पड़ें. जब गुस्से में वो किसी तरह का डिस्कशन करना चाहें तो उस डिस्कशन का हिस्सा ही ना बनें. इससे आप उस पूरी स्थिति से अलग हो जाएंगे.

– धैर्य न खोएं. जब पार्टनर गुस्से में हो तो उसे रोकने या टोकने का मतलब होगा उसके ग़ुस्से को और बढ़ाना. बेहतर यही होगा कि अपना धैर्य न खोएं. हो सके तो उसके सामने से हट जाएं या दूसरे कमरे में चले जाएं.



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