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Shahid Kapoor and Mira Kapoor

शाहिद कपूर ने अपनी पत्नी मीरा को बड़े ही रोमांटिक अंदाज़ में जन्मदिन की बधाई दी. साथ ही उन्होंने अपने दिल की बात भी खास अंदाज़ में कहीं. इसमें कोई दो राय नहीं कि शाहिद और मीरा एक आइडियल कपल हैं. लोग उन्हें काफी पसंद करते हैं. यह पावर कपल जहां भी जाता है, अपनी छाप छोड़ जाता है. और जिस अंदाज में शाहिद अपनी पत्नी को प्यार करते हैं और खास मौके इजहार करते रहते हैं, इससे यह पता चलता है कि वह अपनी पत्नी मीरा से कितना प्यार करते हैं.

शाहिद ने आज अपनी पत्नी मीरा को उनके जन्मदिन की बधाई देते हुए बहुत ही प्यारी बातें कहीं. न केवल मुस्कुराहट में हम दोनों एक दूसरे के साथ रहे, बल्कि हमारे आंसुओं में भी हमने एक-दूसरे की बांहों का साथ रहा. उन्होंने कहा कि हम खुशियों में ही नहीं साथ है,बल्कि दुख में भी हम एक-दूसरे के साथ हैं. तुम मेरी दुनिया हो, मेरी जिंदगी हो.. तुम्हारे बगैर मैं कुछ भी नहीं… शाहिद ने पत्नी से जुड़े अपनी भावनाओं को शब्दों में पिरो के प्रस्तुत किया अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर. उन्होंने दो प्यारी सी तस्वीर भी मीरा के साथ शेयर की. एक में मीरा को शाहिद कसकर बांहों में भरे हुए हैं और मीरा थोड़ी सी शरमा भी रही हैं और दूसरे फोटो में दोनों ही बड़े ही स्टाइलिश अंदाज़ में खड़े हैं.

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इशान खट्टर ने भी अपनी भाभी को बड़े ही मजेदार अंदाज में जन्मदिन की मुबारकबाद दी. वही मीरा ने भी हस्बैंड ऑफ ड्रीम्स आई लव यू… कहकर अपने प्यार का इज़हार किया.
शाहिद कपूर चाहे तीज-त्योहारों हो, कोई खास मौका हो या फिर फैमिली गेट-टुगेदर हो, मीरा के साथ हमेशा खूबसूरत अंदाज में और स्टाइल में दिखाई देते है.

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दोनों ही पति-पत्नी शाहिद और मीरा अपने जबर्दस्त फिटनेस के लिए भी जाने जाते हैं. मीरा तो अक्सर ही अपने योगा और एक्सरसाइज़ की वीडियो अपने सोशल मीडिया पर डालती रहती हैं. शाहिद और मीरा जब एक-दूसरे से दूर रहते हैं, तब अपने प्यार का इजहार भी खूब करते हैं. जब कभी शाहिद फिल्म की शूटिंग के सिलसिले में बाहर रहते हैं, तो अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर मिस करते हुए तस्वीर डालते हैं और उनका अंदाज भी निराला रहता है. कह सकते हैं कि दोनों एक-दूसरे को बेइंतहा चाहते हैं. जब पास रहते हैं, तो उनका प्यार देखने काबिल रहता है. जब दूर रहते, तब भी उनका मिस यू का अंदाज़ भी कुछ कम दिलचस्प नहीं रहता.

Shahid Kapoor and Mira Kapoor

आज मीरा के जन्मदिन पर शाहिद कपूर और मीरा की प्यारी तस्वीरें गजब ढा रही हैं. जहां पर प्यार भी है, थोड़ा शरारत है, तो थोड़ा अंदाज भी निराला है दोनों का. आइए मीरा राजपूत के जन्मदिन पर शाहिद कपूर और मीरा की प्यार भरी तस्वीरें देखते हैं, जहां पर इस पावर कपल का दिलकश अंदाज भी नजर आता है.

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Photo Courtesy: Instagram

अनिल कपूर रॉकिंग स्टार होने के साथ एक ख़ुशमिज़ाज ज़बर्दस्त कलाकार हैं. उनकी स्टाइल और फिटनेस के सभी दीवाने है. आज उनकी शादी की 37 सालगिरह है, जिस पर उन्होंने पत्नी सुनीता को बड़े ही मज़ेदार और लाजवाब अंदाज़ में बधाई दी और पत्नी की जमकर तारीफ़ की. उनके अनुसार, सभी प्रेम कहानियां और कोट्स फीके पड़ जाते हैं उनकी प्रेम कहानी के सामने. उन्होंने पत्नी का आभार प्रकट किया अपने जीवन में आने और उनके घर-परिवार सभी को संभालने के लिए. उन्होंने अपनी पत्नी सुनीता को अपने जीवन का आधार बताया और यह एहसास कराया कि उनके बिना वह कितने अधूरे हैं. उनकी इस बात से कोरियोग्राफर और डायरेक्टर फराह खान भी सहमत हैं. इसे लेकर उन्होंने अनिल की चुटकी भी ली.
बधाई के साथ अनिल कपूर ने पत्नी सुनीता से इस बात की कसम भी खाई की कि वह ताउम्र उन्हें ख़ुश रखेंगे… प्यार करेंगे… हैप्पी एनिवर्सरी…
अनिल कपूर ने सुनीता के साथ के अपने कई ख़ूबसूरत यादगार तस्वीरों को भी साझा किया, जिसमें वे परिवार के साथ में ख़ुशियां भी मना रहे हैं.. और सेलिब्रेशन कर रहे हैं.. इसी पर तभी तो अनिल कपूर कहते हैं कि उनके संयुक्त परिवार को जोड़े रखने में उनकी पत्नी की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका रही है… और ये बातें उनकी शेयर की गई तस्वीरों में दिखती है.. झलकती भी है… अनिल कपूर को उनके सभी को-स्टार और दोस्तों ने भी ढेर सारी बधाइयां दीं.
रितेश देशमुख ने तो उन्हें एवरग्रीन कपल का ख़िताब देते हुए मुबारकबाद दी. अनुपम खेर, महीप कपूर अपूर्वा मेहता, सुनील शेट्टी, एकता कपूर, जोया अख्तर, तमाम लोगों ने उन्हें सालगिरह की बधाइयां दी. एक्ट्रेस मुक्ति मोहन ने तो यहां तक कह दिया कि आप दोनों की जोड़ी बहुत ही प्यारी और आप दोनों में ग़ज़ब की बॉन्डिंग है.
बेटी एक्ट्रेस सोनम कपूर ने भी अपने माता-पिता को बधाई दी और कहा कि वह उन्हें बहुत मिस कर रही हैं, क्योंकि आज के दिन वे उनके पास नहीं है. उन्होंने यह सीक्रेट भी खोला कि उनकी शादी को भले ही 37 साल हुए हो, लेकिन 11 साल उनकी डेटिंग को जोड़ दिया जाए, तो उनका साथ 48 साल का है. लेकिन अनिल-सुनीता के साथ-प्यार को देख कर लगता ही नहीं की इतने साल बीत गए. यूं तो बस दो साल ही रह गए उनके गोल्डन जुबली सालगिरह मनाने को.
सोनम कपूर ने पैरेंट्स के साथ के यादगार लम्हों को शेयर किया. उनके साथ अपनी भी ख़ूबसूरत तस्वीरें साझा कीं.
आइए अनिल कपूर और सुनीता कपूर की बच्चों और परिवार के साथ की बेहतरीन तस्वीरों को देखते हैं…

Anil Kapoor

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सेक्स और रोमांस शादीशुदा ज़िंदगी का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता, लेकिन आजकल की लाइफस्टाइल ऐसी हो गई है कि न तो आप फिटनेस का ख़्याल रख पाते और न ही खानपान का जिसका सीधा असर आपकी सेहत पर और सेक्स लाइफ पर पड़ता है और बढ़ता तनाव भी कहीं न कहीं आपकी सेक्स और रोमांटिक लाइफ पर नकारात्मक असर डालता है. अगर आयुर्वेद की मानें तो बेटर सेक्स इक्स्पिरीयन्स के लिए आपको फ़िज़िकली फिट होना ज़रूरी है.
यहां हम आपको ऐसे सुपर फूड्स और गोल्डन रूल्स के बारे बताएंगे, जो आपकी सेक्स लाइफ को बेहतर बनाएंगे. 

नेसुरल टॉनिक्स हैं ये सुपर फूड्स
– प्याज़ न स़िर्फ सेक्स की इच्छा जगाता है, बल्कि सेक्सुअल ऑर्गन्स को भी मज़बूती प्रदान करता है. 
– लहसुन में कई ऐसे गुण होते हैं, जो न स़िर्फ सेक्स की इच्छा की कमी को दूर करते हैं, बल्कि इरेक्शन की समस्या से भी निजात दिलाते हैं.
– लहसुन, प्याज़ दोनों ही काफ़ी लाभकारी हैं, बेहतर परिणाम के लिए इन्हें देसी घी में पकाकर खाएं.
– सेब सेक्सुअल स्टैमिना को बढ़ाता है, तो इसे ज़रूर अपने डायट का हिस्सा बनाएं.
– तरबूज़ सेक्स एनर्जी, सेक्स की इच्छा और इरेक्शन को बेहतर करता है. तरबूज़ इरेक्शन की समस्या से निजात दिलाता है, क्योंकि इसमें मौजूद सिट्रूलाइन, एक तरह का अमीनो एसिड है, जो इरेक्शन को बेहतर बनाता है और पेनिस की तरफ़ ब्लड फ्लो को तेज़ करता है.
– गाजर सेक्सुअल एनर्जी के लिए काफ़ी                                                            यह फ़ायदेमंद है.
– अनार में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो सेक्स ड्राइव को बेहतर बनाता है. 
शिलाजीत, अश्‍वगंधा, स्वर्णभस्म काफ़ी शक्तिवर्धक पदार्थ हैं. लेकिन ये विशेषज्ञ की सलाह से ही लें.
– तिल में भौजूद ज़िंक सेक्स की इच्छा बढ़ाने में कारगर है.
– अंडे में मौजूद अमीनो ऐसिड इरेक्टायल डिसफ़ंक्शन को ठीक करने में मदद करता है.
– बादाम, अखरोट, पिस्ता, काजू, किशमिश आदि में भी सेक्स बूस्टर तत्व होते हैं. मूंगफली, अखरोट और पिस्ता में मौजूद अमीनो एसिड इरेक्टाइल डिसफंक्शन को ठीक करता है. अखरोट स्पर्म की क्वालिटी बढ़ने में मदद करता है.
बादाम रक्त संचार को बेहतर करता है और रक्त धमनियों को रिलैक्स करता है, जिससे इरेक्शन को बेहतर करने में मदद मिलती है. बादाम में ज़िंक, सेलेनियम और विटामिन ई होता है, जो बेहतर सेक्स के लिए ज़रूरी होते हैं. सेलेनियम इंफर्टिलिटी से भी बचाता है और ज़िंक पुरुषों में सेक्स हार्मोंस के निर्माण को बेहतर बनाता है. 
– छुहारा सेक्स के लिए आपको ऊर्जा प्रदान करता है.
– ऐवोकैडो में फ़ॉलिक ऐसिड और विटामिन बी 6 होता है जो हेल्दी सेक्स ड्राइव के लिए बहुत फायदेमंद रहता है.
– डार्क चॉकलेट्स भी सेक्स बूस्टर फूड है. इसमें मौजूद कोको में मूड बूस्टिंग हर्मोंस को बढ़ाने की क्षमता होती है. 
– केसर सेक्स ऊर्जा को बढ़ाता है, क्योंकि इसमें प्राकृतिक रूप से सेक्स ड्राइव को बेहतर करने के गुण होते हैं.
– ग्रीन वेजीटेबल्स यानी हरी सब्ज़ियों में सेक्स बूस्टर तत्व भी होते हैं. ये इरेक्शन को लंबे समय तक बनाए रखने में बेहद कारगर हैं, क्योंकि इनमें आर्जिनाइन नामक अमीनो एसिड भरपूर मात्रा में होता है. 
– पालक में फोलेट की भरपूर मात्रा होती है, जो रक्त संचार को बेहतर करने का महत्वपूर्ण तत्व है. इसमें मौजूदफ़ॉलिक ऐसिड सेक्स की क्रिया को बेहतर करने के लिए ज़रूरी है क्योंकि इसकी कमी से इरेक्शन की समस्या हो सकती है.
– बीटरूट, शकरकंद, पालक, कद्दू, भिंडी, सहेजन आदि देसी घी में पकाकर खायें.

Golden Rules For Better Love Life

अपनी किचन में मौजूद इन नेचुरल टॉनिक्स को भी न भूलें…
– अजवायन, हल्दी, लौंग, जीरा जैसे मसाले भी सेक्स बूस्टर हैं, इनका इस्तेमाल करें. अजवायन में एंडोस्टेरोन नाम का सेक्स हार्मोन होता है, जो सेक्स इच्छा को बढ़ाता है. 
– आम, केला, अनार, कटहल, ख़रबूज़ा, तरबूज़, ऐवोकैडो, आडू, आलूबुखारा, नाशपाती जैसे फ्रूट्स नेचुरल टॉनिक्स हैं, जो आपकी सेक्स लाइफ को बेहतर बनाते हैं. 
– शहद, टमाटर, किशमिश, मुनक्का, खजूर भी बेतरीन टॉनिक्स हैं. 
– दूध में शहद मिलाकर पीने से सेक्स पावर बढ़ती है. 
– चावल, गेहूं, उड़द दाल, गन्ना, गुड़, दूध, दही, चीज़, देसी घी, पनीर, ड्राई फ्रूट्स और नट्स. 
– चुटकीभर दालचीनी पाउडर को दूध मेंमिलाकर सुबह-शाम लें, ये सेक्स पावर को बढ़ाता है. 
– इसी तरह जायफल भी बेहतरीन सेक्स टॉनिक है, इसके चुटकीभर पाउडर को पानी के साथ सुबह-सुबह लें. 

बेटर सेक्स एक्सपीरियंस के इन चीज़ों को अवॉइड करें…
– हल्का, हेल्दी और सुपाच्य भोजन लें. 
– मसालेदार, तला-भुना, तेल वाला भोजन खाने से बचें. 
– नशा, अल्कोहल, शराब, तम्बाकू व स्मोकिंग  अवॉइड करें.
– इसी तरह बहुत ज़्यादा कोल्ड ड्रिंक्स या चाय आदि भी ना पियें.
– समय से सोएं, समय से जागें, बहुतदेर रात तक ना जागें. 
– टीवी, मोबाइल और कम्प्यूटर का ज़रूरत से ज़्यादा इस्तेमाल ना करें.
– एक ही जगह पर बहुत देर तक बैठे ना रहें. 
– बहुत ज़्यादा पोर्न द देखें, वरना इसकी लत लग जाएगी, जो आपकी सेक्स लाइफ पर नकारात्मक असर दिखाएगी, क्योंकि पोर्न में जो भी दिखाया जाता है, वो असामान्य होता है, लेकिन अक्सर लोग गलत जगह से सेक्स संबंधी बातें सीखने की कोशिश करके अपने पार्टनर से भी वैसी ही उम्मीद करने लगते हैं, जैसा इस तरह की फिल्मों में दिखाया जाता है. 

Golden Rules For Better Love Life

सेक्स के गोल्डन रूल्स…
सुपर फूड्स के बाद अब बात करते हैं गोल्डन रूल्स की, बेहतर सेक्स के लिए सेक्स के समय, सेक्स से पहले भी और बाद में भी इन रूल्स को नज़रअंदाज़ न करें.
– रखें हाइजीन का ख़्याल. सेक्स के बेहतर अनुभव के लिए अपने प्राइवट पार्ट्स क्लीन रखने ज़रूरी हैं. बिकिनी हेयर नियमित रूप से क्लीन करें, ताकि इंफेक्शन से भी बचे रहें और पसीने व दुर्गंध से भी. 
– ओरल हाइजीन और ओरल हेल्थ का ख़याल भी रखें. सांस में बदबू, शरीर से पसीने की दुर्गंध सेक्स अनुभव को ख़राब कर सकती है. 
– अंडरआर्म्स को क्लीन रखें. 
– पिरीयड्स के दौरान सेक्स अवॉइड करें और ओवर ऑल हाइजीन पर ध्यान दें.
– अपने वज़न को नियंत्रण में रखें. बढ़ा हुआ वज़न सेक्स लाइफ पर बुरा असर डालता है, क्योंकि इससे आपकी ओवरऑल हेल्थ भी ख़राब होती है, एनर्जी लेवल कम होता है, थकान जल्दी आती है, जिससे सीधे-सीधे आपकी सेक्स लाइफ प्रभावित होती है. 
– खाली पेट सेक्स ना करें, इससे थकान, कमज़ोरी, सिर दर्द और चक्कर आने की समस्या हो सकती है.
– इसी तरह खाना खाने के फ़ौरन बाद भी सेक्स ना करें, क्योंकि खाने के बाद सेक्स करने से गैस, एसिडिटी, सीने में जलन, हृदय में भारीपन, अपच व सेक्स के दौरान भी थकान और सांस लेने में तकलीफ़ हो सकती है.
– सेक्स के लिए सबसे सही वक्त है खाने के 2-3 घंटे बाद. 
– फ़ोरप्ले और आफ़्टरप्ले ज़रूरी है, क्योंकि जब तक दोनों तैयार ना हों सेक्स ना करें. बिना तैयार हुए सेक्स करना महज़ एक मशीनी क्रिया बनकर रह जाएगी, इसे आप एंजॉय नहीं कर सकेंगे. 
– समय के साथ-साथ मौसम का भी सेक्स लाइफ़ पर प्रभाव होता है. मॉन्सून और गर्मी में शरीर को शक्ति कम होती है, इस दौरानकम सेक्स करना सही होता है और सर्दियों में शरीर को शक्ति बेहतर होती है, इसलिए यह बेस्ट सीज़न है रोज़ सेक्स करने का. हालांकि हर किसी को क्षमता अलग होती है और वो खुद इसे बेहतर जानते हैं.
– बहुत ज़्यादा वाइल्ड न हों सेक्स के समय, अपने पार्टनर की भी इच्छा-अनिच्छा का ख़्याल रखते हुए दोनों ही कोई बीच का रास्ता अपनाएं. 
– मल्टीपल पार्टनर्स के साथ सेक्स न करें. सेक्स भावनाओं से जुड़ा होता है, इसलिए अपने पार्टनर के अलावा किसी और के साथ फिज़िकल होने से बचें. 
– किसी भी तरह की सेक्स समस्या के लिए एक्सपर्ट राय लेने से हिचकें नहीं और नीम हकीमों के चक्कर में ना पड़ें.

– भोलू शर्मा 

वर्तमान समय में लोग कुछ अधिक ही अधीर होते जा रहे हैं. एक तरह से कह सकते हैं कि हम सभी दूसरों को सुनने की क्षमता खो रहे हैं. साथ ही हमेशा ख़ुद को सही साबित करने की होड़ लगी रहती है. हमने दूसरों की भावनाओं को समझना भी बंद कर दिया है, जिससे हमारे रिश्तों में खटास पैदा होती जा रही है. यही कारण है कि हम बहुत सारे विवाहित जोड़ों को तलाक़ लेते हुए देखते हैं और कई युवा जोड़े टूट रहे हैं. रिश्तों में बहस या फिर वाद-विवाद अधिक हो रहा है. छोटी-छोटी बहस बढ़ते हुए बड़ा रूप ले लेती है और पति-पत्नी के रिश्ते बिखर जाते हैं. इसी संबंध में काउंसलर और टैरो कार्ड रीडर जीविका शर्मा ने कई उपयोगी बातें बताई.

एक व्यक्ति को अपने रिश्ते को बचाने के लिए क्या करना चाहिए?
व्यक्ति को एक प्रयास ज़रूर करना चाहिए, यदि वो वास्तव में अपने रिश्तों को बचाना चाहते हैं. साथ ही व्यक्ति को अपने रिश्ते को लेकर गंभीर होना चाहिए.
निम्न बातों को ध्यान रखते हुए एक व्यक्ति अपने रिश्ते को बचा सकता है-

  • अपना ही तर्क चलाने की कोशिश ना करें. माना रिश्ते में बहस, वाद-विवाद, तर्क आदि सामान्य हैं, क्योंकि कोई भी दो व्यक्ति बिल्कुल समान नहीं होते. और जब मतभेद होते हैं, तो तर्क भी होंगे ही. इसलिए यदि आप जब कभी भी अपने पार्टनर के साथ बहस करते हैं, तो आपको इसे अपने साथी को बेहतर तरीक़े से सीखने के अवसर के रूप में देखने की ज़रूरत है. सकारात्मक बातचीत करें. परिस्तिथियों से भागे नहीं, बल्कि आपसी बातचीत से समस्या हमेशा के लिए हल हो जाएगी.
Smart Ways To End An Argument
  • जब भी अपने साथी के साथ किसी बात पर बहस होती है, तो आपको अपने क्रोध पर नियंत्रण रखना चाहिए. अगर आप ग़ुस्सा दिखाते हैं, तो आप जीवनसाथी को कभी नहीं सुन सकते और ना ही समझ सकते हैं. और जब आप सुन नहीं सकते, तो आप बहस के मूल कारण तक नहीं पहुंच पाएंगे. ऐसे में यदि आप दोनों यह नहीं जानते हैं कि आप दोनों किस बारे में बहस कर रहे हैं, तो भला कोई समाधान कैसे निकल सकता है? इसलिए यदि आप वास्तव में हमेशा के लिए वाद-विवाद को समाप्त करना चाहते हैं, तो अपने क्रोध को नियंत्रित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है.


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  • अपने गुस्से को नियंत्रित करने के बाद आप अपने साथी के साथ विनम्रता से बात करें. ध्यान रहे विवाद को नियंत्रित करने और इसे हल करने के लिए आपको वास्तव में उस टोन की जांच करने की आवश्यकता है जो आप उपयोग कर रहे हैं यानी कठोर और व्यंग्यात्मक लहजे का प्रयोग ना करें. ऐसा करने से आपके साथी के मन में ग़ुस्सा पैदा होगा, जिससे बात बनते-बनते बिगड़ जाएगी. विनम्रता एक तर्क को शांति से हल करने की कुंजी है. यह आपके साथी के ग़ुस्से को कम करने में भी मदद करेगा.
  • अपने पार्टनर के साथ बहस के दौरान विद्रोही तरीक़े से कार्य न करें. इसका मतलब है कि अगर आपका जीवनसाथी कुछ विषय लाता है या उस पर बात करता है, तो उन पर हमले के अंदाज़ में जवाब न दे. आपको एक आरोप का दूसरे आरोप से सामना नहीं करना चाहिए. यह समझने की कोशिश करें कि आपका साथी अपनी बात के साथ क्या कहना चाहता है. यदि आप स्थिति को उनके दृष्टिकोण से देख सकते हैं, तो क्या आप तर्क के बेयरिंग तक नहीं पहुंच पाएंगे. इस तरह आप मुद्दे को बेहतर ढंग से समझ पाएंगे.
    एक बार जब आप उनकी बात समझ जाते हैं, तो आप परिस्थिति को भी अच्छी तरह देख पाएंगे. यदि आपका साथी ग़लत भी है, तो एक शांतिपूर्ण तरीक़े से बात को समझा और समझाया जा सकता है.
Argument With Your Partner
  • आपको स्थिति को नियंत्रित करने की आवश्यकता है और इसे वहां से जाने न दें, जहां से वापस नहीं आ सके. क्योंकि एक बार स्थिति नियंत्रण से बाहर हो जाने पर समाधान थोड़ा मुश्किल हो जाता है. और आमतौर पर यही वह समय होता है, जब अधिकांश रिश्ते टूट जाते हैं.
    उपर्युक्त सावधानियां बरतने से आपको अपने रिश्ते को बचाने में मदद मिलेगी, जो आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है. हम अक्सर कुछ ऐसा कहते हैं जिसे हम कहना नहीं चाहते, ना ही कभी ऐसा इरादा होता है, पर हो जाता है और बाद में पछतावा होता है. यह पूरी तरह से सामान्य बात है और ऐसा कुछ नहीं है, जिसके बारे में आपको शर्म आनी चाहिए. लेकिन अपनी ग़लती को स्वीकार न करने और जब भी कुछ ग़लत होता है, तो अपने साथी को दोष देने की आदत रिश्ते को तोड़ देती है. ऐसा ना करें.


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उपर्युक्त बातों पर ध्यान देते हुए आप तर्क को नियंत्रित कर सकते हैं. आप एक-दूसरे को बढ़ने में मदद कर सकते हैं. यह विवाहित जोड़ों के साथ-साथ उन लोगों पर भी लागू होता है जो डेटिंग कर रहे हैं. इसलिए यदि कोई रिश्ता आपके लिए मायने रखता है, तो आपको यह सुनिश्चित करने की ज़रूरत है कि वह कभी भी टूटे या बिखरे नहीं.

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क्या आपको याद है आपने अपने अपनों के लिए आख़िरी बार कब और क्या स्पेशल किया था? क्या आपको याद है कि कब आपने उन्हें इत्मीनान से बैठकर बात की थी? कब उनकी तारीफ़ की थी, कब उन्हें थैंक्यू कहा था और कब केयरिंग और प्यारभरे मीठे शब्द कहे थे? नहीं याद आ रहा न… याद आएगा भी कैसे, क्योंकि आप तो यह समझकर बैठे हैं कि सब कुछ तो ठीक ही चल रहा है, तो कुछ ख़ास क्या करना और इसकी ज़रूरत भी क्या है… आप यह भी सोचते होंगे कि जब सामनेवाला कुछ कहना ही नहीं, उसे शिकायत ही नहीं, तो सब ख़ुश ही होंगे या फिर यह भी हो सकता है कि आप अपने रिश्तों के बारे में अब सोचते ही नहीं, क्योंकि आपको न तो ये ज़रूरी लगता और न ही आपको होश है इस बात का… जब आपकी सोच और ज़िंदगी इस मुकाम पर आ जाए, तो समझ जाएं कि आप कुछ खो रहे हैं… आप अपने रिश्तों को लेकर बेहद कैज़ुअल हो रहे हैं… और अगर ऐसा ही चलता रहा, तो एक दिन रिश्ते भी कैज़ुअल होकर दम तोड़ देंगे और आप रिश्तों में होकर भी ख़ुद को तन्हा ही पाएंगे. 
बेहतर होगा अपने रिश्तों को लेकर यह लापरवाही भरा रवैया समय रहते ठीक कर लें, वरना बाद में बहुत देर हो जाएगी… 

Relationship Repair


– अक्सर ऐसा होता है कि शुरू-शुरू में रिश्तों में गर्माहट रहती है, सब कुछ नया लगता है और हम एक्स्ट्रा एफर्ट लेते हैं अपने पार्टनर को ख़ुश करने के लिए, लेकिन समय के साथ-साथ ये सब कम होता जाता है और ज़िम्मेदारियों में या ज़िंदगी की भागदौड़ में हम अपने रिश्तों को भी बेपरवाही व लापरवाही से लेने लगते हैं. 
– हमें लगता है कि सब तो ठीक ही है और इसी के चलते हम आपस में क्वालिटी टाइम तक बिताने का मौका नहीं ढूंढ़ते. 
– ख़ास मौकों पर भी हम ठंडे ही रहते हैं और इसी के चलते हमारे रिश्तों में भी ठंडापन पसरने लगता है. आपको अंदाज़ा भी नहीं हो पाता कि कब आपका वो रिश्ता असंतुलित हो गया, जिसे आप अब तक परफेक्ट समझ रहे थे. 
– अगर हम बेवजह ग़ुस्सा हो जाते हैं, तो अगले दिन सॉरी कहने की भी ज़रूरत नहीं समझते, क्योंकि हमें लगता है कि छोटी-सी ही तो घटना थी, सॉरी कहने की क्या ज़रूरत. 
– आप अपने रिश्ते के प्रति इतने लापरवाह न हो जाएं कि एक-दूसरे की तरफ़ ध्यान ही न दें और धीरे-धीरे रिश्ते में से रोमांस ही गायब हो जाए.
– आजकल हम स्पेस भी चाहते हैं रिश्तों में, लेकिन स्पेस का मतलब रिश्ते के प्रति बेपरवाह हो जाना नहीं होता. 
– आसपास होते हुए भी अगर हम आपस में बातचीत ही न करें, तो वो स्पेस नहीं, बेपरवाही है. या तो आपकी इच्छा ही नहीं होती अब आपस में शेयरिंग की, हालचाल जानने की, तबीयत या किसी तकलीफ़ पर बात करने की, क्योंकि आप सभी अपनी-अपनी दुनिया में व्यस्त हैं. एक-दूसरे के सुख-दुख को जानने-समझने की ़फुर्सत ही नहीं रह गई. धीरे-धीरे रिश्तों में ख़ामोशी पसर जाती है और न जाने कब एक-दूसरे से दूर हो जाते हैं. 
– हमारे इसी कैज़ुअल रवैये के चलते हमें पता भी नहीं चलता और हमारे बीच कम्यूनिकेशन गैप हमारे इस हद तक बढ़ जाता है कि यदि आगे चलकर हम कुछ सवाल करते भी हैं, तो सामनेवाले को वो दख़लअंदाज़ी लगने लगता है, क्योंकि उसको आदत ही नहीं इसकी. 
– एक और वजह है कि हम अपने रिश्तों के प्रति लापरवाह हो रहे हैं, वो यह कि अब सोशल साइट्स के रिश्ते ज़्यादा भाने लगे हैं. डिजिटल वर्ल्ड की 
रंगीन दुनिया हसीन लगने लगती है. डिनर टेबल पर सब अपने मोबाइल फोन्स के साथ बैठते हैं. कहने को साथ खाना खा रहे हैं, पर कनेक्टेड कहीं और ही रहते हैं… लेकिन ध्यान रहे कि ये रिश्ते हमें ठगते ज़्यादा हैं और संबल कम देते हैं. उनके आकर्षण इतना न खो जाएं कि रियल रिश्ते बोझ लगने लगें या आप उनके प्रति बेपरवाह होने लगें. 
– आप अगर यह समझते हैं कि हमारे बीच प्यार है, तो उसके इज़हार की ज़रूरत ही क्या है या फिर इतना अरसा हमने साथ गुज़ार लिया तो अब फॉर्मैलिटी क्यों करना, लेकिन यह सोच ग़लत है, प्यार जताना फॉर्मैलिटी नहीं है. प्यार है, तो उसका इज़हार भी ज़रूरी है. 
– अगर आप अपनों के लिए कुछ ख़ास नहीं करते या उनकी दिनचर्या व रोज़मर्रा की बातों में दिलचस्पी ही नहीं लेते, तो उन्हें यही लगेगा आपको तो उनकी किसी भी बात से कोई फ़र्क़ ही नहीं पड़ता और दूसरी तरफ़ यह भी हो सकता है कि वो ग़लत राह पर भी चले जाएं, क्योंकि उन्हें यही लगने लगता है कि अब आपको कोई दिलचस्पी नहीं इस रिश्ते में तो भला वो ही क्यों वन वे ट्रैफिक चलाएं.
– क्या कभी समय से पहले घर आकर स़िर्फ अपनों के साथ बातें करने और उनका हालचाल जानने के लिए व़क्त निकाला है? शरीर से तो साथ रहते हैं, लेकिन मन दूर होते चले जाते हैं. 
– कहीं ऐसा तो नहीं कि आप अपने पार्टनर के साथ एक बेड पर तो होते हो, लेकिन आप दोनों ही अपने-अपने फोन में बिज़ी रहते हो. आप दोनों को परवाह नहीं कि कौन, किससे बात कर रहा है, न ही इस बात की फिक्र है कि आपस में इतनी देर से आप दोनों के बीच कोई बातचीत क्यों नहीं हो रही? जब इस तरह का ठंडापन आने लगता है, तो वो आपके कैज़ुअल रवैये का ही नतीजा होता है. इसका सीधा असर आपकी सेक्स लाइफ पर भी पड़ता है, इसलिए इतने भी बेपरवाह न हो जाएं कि रिश्ते से रोमांस और फिर सेक्स गायब होने लगे. 

Relationship Repair Tips

क्या करें, क्या न करें?
– सबसे पहले अपना कैज़ुअल अप्रोच बदलें, थोड़ा सोचें और अगर आपको लग रहा है कि आपका रिश्ता पहले जैसा नहीं रहा, तो उसके कारणों पर आपस में बैठकर चर्चा करें और समाधान भी निकालें.
– रिश्ते की गर्मी बनाए रखने के लिए रोमांटिक बातें करें. 
– एक-दूसरे के लिए,  निजी पलों को जीने के लिए व़क्त समय निकालें, डेट्स प्लान करें, क्योंकि ऐसा न हो कि आप दोनों ही अपने-अपने फ्रेंड्स सर्कल के साथ ही पार्टी करते रह जाएं और यह भी याद न रहे कि आख़िरी बार आप दोनों ने साथ में व़क्त कब गुज़ारा था?
– छोटी-छोटी कोशिशें करें, आई लव यू और सॉरी कहें. गिफ्ट्स दें. सरप्राइज़ प्लान करें. 
– टेक्स्ट मैसेज करें, फोन पर रोमांटिक बातें करें. 
– अगर पार्टनर की तबीयत नासाज़ हो, तो ऑफिस से छुट्टी लेकर उनके साथ रहें, डॉक्टर के पास साथ जाएं. उन्हें कुछ बनाकर खिलाएं या बाहर से मंगवाएं. 
– तारीफ़ करें, क्योंकि प्रशंसा सभी को अच्छी लगती है. उनके प्रयास को सराहें और उन्हें एहसास कराएं कि आपकी ज़िंदगी में उनकी क्या और कितनी अहमियत है.
– अब तक जो उन्होंने आप के लिए किया उसके लिए उनसे कहें कि आप क्या महसूस करते हैं, उनके बिना आपका जीवन कितना अधूरा और बेरंग है. 
– उनकी पसंद का भी ख़्याल रखते हुए पहनें-ओढ़ें. 
– कॉम्प्लीमेंट्स दें… ये तमाम छोटे-छोटे प्रयास बड़ा असर दिखाते हैं, लेकिन इन प्रयासों को करने के लिए आपको यह महसूस तो होना ज़रूरी है कि हां, आप अपने रिश्तों को वाकई कैज़ुअली लेने लगे हैं. 
– न स़िर्फ पार्टनर बल्कि हर रिश्ते पर ये नियम लागू होता है, चाहे पैरेंट्स हों, भाई-बहन, दोस्ती या अन्य दोस्त… ज़रूरत से ज़्यादा कैज़ुअल अप्रोच आपके बीच दूरियां ही बढ़ाएगी.


– गोल्डी शर्मा 

कटरीना कैफ और विकी कौशल के बीच काफ़ी समय से कुछ तो चल रहा है और फैंस जानते हैं कि ये प्यार ही है, तभी तो दोनों अक्सर साथ में स्पॉट किए जाते हैं, लेकिन ये दोनों ही अपने रिश्ते को छुपाने में लगे रहते हैं. अभी भी माना जा रहा है कि दोनों साथ ही न्यू ईयर सेलिब्रेट कर रहे थे और अब तो कैट ने खुद ही इसका सबूत भी दे दिया.

हाल ही में कैट ने अपने इंस्टाग्राम पर एक पिक शेयर की थी जिसमें वो अपनी बहन इसाबेल के साथ स्वेटर पहनें नज़र आ रही थीं, वो पिक काफ़ी स्टाइलिश थी और दोनों काफ़ी एंजॉय करते नज़र आ रहे थे, लेकिन कुछ ही देर बाद कैट ने वो तस्वीर डिलीट कर दी, इसकी वजह थी कि कांच के रिफ़्लेक्शन में विकी कौशल नज़र आ रहे थे, जिसे फैंस ने झट से पकड़ लिया. कैट को जब इस बात का एहसास हुआ तो उन्होंने ये तस्वीर डिलीट कर दी लेकिन तब तक फैंस उसको वायरल कर चुके थे.

Katrina Kaif deletes Picture With Vicky Kaushal
Katrina Kaif With Vicky Kaushal

माना जा रहा है कि दोनों ने न्यू ईयर भी साथ ही सेलिब्रेट किया है क्योंकि दोनों ने अपने अपने इंस्टा पर जो तस्वीरें शेयर की हैं उनका बैकग्राउंड मिलता-जुलता है और दोनों ने अलीबाग़ के फार्म हाउस पर नए साल का जश्न मनाया है.

Katrina Kaif
Katrina Kaif
Vicky Kaushal
Katrina Kaif and Her Sister

कैट और विकी काफ़ी समय से रिलेशनशिप में बताए जाते हैं और कई इवेंट्स पर वो साथ में स्पॉट भी हुए हैं, लेकिन फ़िलहाल वो अपने रिश्ते को सबसे छुपाकर ही रखना चाहते हैं, इसकी वजह तो वो खुद ही बेहतर जानते हैं लेकिन फैंस की नज़र से वो बच नहीं पाते और उनकी चोरी पकड़ी ही जाती है.

Photo Courtesy: Instagram

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Anushka Sharma

“हमारे 3 साल.. जल्दी हम तीन हो जाएंगे.. मिस यू…” इन ख़ूबसूरत भावनाओं में डूबे गहरे शब्दों के साथ अनुष्का शर्मा ने पति विराट कोहली को शादी की सालगिरह की बधाई दी. आज विरुष्का की शादी की तीसरी सालगिरह है. इस मुबारक मौक़े पर विराट कोहली ने शादी की ख़ूबसूरत तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए अनुष्का शर्मा को बधाई दी. सालगिरह की इस ब्लैक एंड वाइट फोटो में जहां विराट कोहली मुस्कुरा रहे हैं, वही अनुष्का अपने खिलती मुस्कुराहट के साथ उन्हें प्यार से निहार रही हैं. बेहद ही ख़ूबसूरत तस्वीर! दोनों का भरपूर खिलता हुआ प्यार.
विराट ने कहा- 3 साल.. और ज़िंदगीभर का साथ… देखा जाए तो यूं लगता है जैसे विराट कोहली और अनुष्का शर्मा एक-दूजे के लिए ही बने हैं. दोनों की आपसी समझदारी और प्यार हमेशा ही छलकता रहता है. मीडिया में भी इस पावर कपल की जोड़ी काफ़ी मशहूर है.
आज विरुष्का की तीसरी सालगिरह पर जहां विराट कोहली ऑस्ट्रेलिया सीरीज़ खेलते हुए ऑस्ट्रेलिया में है, वहीं अनुष्का यहां अपने पैरेंट्स के साथ हैं और उन्हें ख़ूब मिस कर रही हैं. इसी का ज़िक्र उन्होंने अपनी सालगिरह पर प्यारी-सी तस्वीर, जिसमें वे विराट को गले लगाते हुए आसमान में निहार रही हैं शेयर करते लिखा- वे उन्हें कितना याद कर रही हैं.. कितना मिस कर रही हैं…
विरुष्का की बात करें, तो दोनों की शादी साल 2017 में 11 दिसंबर को इटली में हुई थी. इसमें परिवार के ख़ास लोग और कुछ दोस्त-मेहमान ही शामिल हुए थे. यह एक यादगार शादी रही, जो मीडिया में काफ़ी दिनों तक सुर्ख़ियों में रहीं.
अनुष्का शर्मा और विराट कोहली की लव स्टोरी भी कुछ कम दिलचस्प नहीं है. दोनों की पहली मुलाक़ात एक शैंपू के विज्ञापन की शूटिंग के समय हुई थी. विराट कोहली ने एक इंटरव्यू में बताया था कि कैसे उस पहली मुलाक़ात में वे थोड़े नर्वस थे. उन्हें काफ़ी घबराहट हो रही थी, जिसे दूर करने के लिए वे जोक मारने की कोशिश करने लगे. उन्होंने अनुष्का की हिल वाली फुटवेयर जिसके कारण वे विराट से लंबी दिख रही थीं, को देखकर कहा कि इससे लंबी हील नहीं मिली.. इस पर अनुष्का ने उन्हें नज़रभर देखते हुए एक्सक्यूज़ मी… कहा.
धीरे-धीरे बातें होती रहीं… मुलाकातें होती रहीं… वे क़रीब आए, पर मीडिया को अपने प्यार की भनक न लगने दी. आख़िरकार साल 2014 में ऑस्ट्रेलिया के साथ के मैच में विराट कोहली ने सेंचुरी मारने के बाद स्टेडियम में बैठी अनुष्का शर्मा की तरफ फ्लाइंग किस करते हुए अपनी ख़ुशी ज़ाहिर की. तब मीडिया में लोगों को उनके प्यार की गहराई का पता चला. फिर तो काफ़ी समय तक दोनों की प्यार-मुलाकातें सुर्ख़ियां बटोरती रही. इसी बीच में साल 2016 में दोनों के बीच दूरियां भी आईं. कई लोगों ने विराट कोहली के ख़राब फॉर्म को लेकर अनुष्का शर्मा को ज़िम्मेदार ठहराया. जिस पर विराट को बुरा भी लगा और उन्होंने इसकी सफ़ाई भी दी और लोगों से ऐसा ना कहने की गुज़ारिश भी की, ख़ासकर वर्ल्ड कप के समय. आख़िरकार उन दोनों के प्यार को रिश्ते का नाम मिला और 11 दिसंबर को शादी करके वे दो से एक हो गए.
जल्द ही उनके घर में एक नया मेहमान भी आनेवाला है. जनवरी में अनुष्का और विराट पेरेंट्स बनेंगे. जब अनुष्का ने अपने मां बनने की ख़बर दी थी, तब से विरुष्का के अपने और फैंस काफ़ी ख़ुश हैं. सभी ने ख़ूब बधाइयां दी थीं. फ़िलहाल विराट कोहली ऑस्ट्रेलिया के साथ पहले टेस्ट मैच, जो 17 दिसंबर को शुरू हो रहा है, खेलने के बाद पैटरनिटी लीव पर भारत आ जाएंगे. अपने पहले बच्चे के स्वागत के लिए वे चाहते हैं कि अपनी पत्नी के साथ रहे. दोनों मिलकर उस ख़ूबसूरत पल को साझा करें. दोनों को सालगिरह की ढेर सारी बधाई!

Anushka Sharma
Anushka Sharma


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वैवाहिक जीवन के शुरू के दो वर्षों में रिश्‍ते के भावी विकास का लय-ताल निर्धारित होता है, इसलिए नवविवाहित कपल इस समय का सदुपयोग करके स्‍वस्‍थ और ख़ुशहाल वैवाहिक जीवन के लिए मज़बूत नींव तैयार कर सकते हैं. वैसे दांपत्य जीवन का शुरुआती कुछ महीना, जो ‘हनीमून का समय” कहा जाता है, परंपरागत रूप से आनंद और ख़ुशियोंभरा समय होता है. इसी के साथ नवविवाहितों को तरह‍-तरह के संवेदनशील विषयों के बारे में परस्‍पर सहमति के लिए रास्‍ते भी तलाशने होते हैं, जैसे- पति-पत्नी का आपसी सामंजस्य, उनके परिजनों व दोस्‍तों के साथ व्यवहार, फाइनेंस के निर्णय, एक-दूसरे की भिन्‍नताओं को जानना और सही व्‍यवहार के ज़रिए समाधान निकालना. इस सन्दर्भ में डॉ. अपर्णा रामाकृष्‍णन, जो कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल में कंसल्‍टेंट साइकिएट्रिस्ट हैं ने कई उपयोगी बातें बताईं. आइए, नवविवाहित जोड़ों के रिश्तों को ख़ूबसूरत और मज़बूत बनाने से जुड़े सुझावों पर एक नज़र डालते हैं.

एक-दूसरे को समय दें…
दूसरे रिश्‍तों की तरह ही, सफल दांपत्य जीवन के लिए प्रयास, निरंतरता और सबसे महत्‍वपूर्ण रूप समय ज़रूरी होता है. काम और जीवन के बीच संतुलन बनाए रखना थोड़ा मुश्किल होता है. महामारी के चलते ‘वर्क फ्रॉम होम के इस मौजूदा समय में यह और भी कठिन हो गया है. ऑफिस तक अपने काम को सीमित रखने की बजाय हमें इसे घर पर आमंत्रित करना पड़ा है. हालांकि तमाम व्‍यस्‍तताओं के बीच एक-दूसरे के लिए समय निकालना बेहद ज़रूरी है.

  • घर पर साथ में काम करें. बीच-बीच में कम-से-कम 5-10 मिनट का भी ब्रेक लें और एक-दूसरे का हाल जानें.
  • ऐसा शैड्यूल बनाएं, जिससे साथ में भोजन कर सकें, ब्रेक ले सकें.
  • अपनी दैनिक गतिविधियों के बारे में ही नहीं, बल्कि अपने सपनों, अपने साहचर्यपूर्ण जीवन की योजनाओं के बारे में भी चर्चा करें.
  • घरेलू कार्यों में समान रूप से हाथ बंटाएं. कार्यों को आपस में इस प्रकार से बांट लें कि किसी एक पर बहुत अधिक बोझ न पड़े.
    इस महामारी की स्थिति में घरेलू कार्यों में हाथ नहीं बंटाने या सीमित सहायता करने से आपके जीवनसाथी की ज़िंदगी आसान होगी और आप दोनों के बीच गहरा रिश्ता बनने में मदद मिलेगी.

रिश्‍ते को मज़बूत बनानेवाले कार्य करें…

  • एक-दूसरे के साथ अच्‍छी तरह समय गुज़ारें.
  • यदि आपको घर पर ही रहना पड़े, तो भी रात के समय एक-दूसरे के साथ वक़्त बिताएं.
  • साथ बैठकर टीवी शोज़ या मूवीज देखें.
  • मिलकर खाना पकाएं. लंबी दूरी तक टहलने या ड्राइव्‍स पर साथ जाएं.
  • साथ में फिटनेस/एक्‍सरसाइज़ के लिए समय निकालें. स्‍वयं को शारीरिक रूप से तंदुरुस्‍त और संवारकर रखें.
  • एक-दूसरे की पसंद-नापसंद, शौक के बारे में जानने की कोशिश करें और एक-दूसरे की पसंदीदा गतिविधयों में साथ दें.
    अपनी, अपने पार्टनर की और अपने वैवाहिक जीवन की आवश्‍यकताओं पर ध्‍यान दें. इससे आप बेहतर दोस्‍त बन सकेंगे और आपसी अंतरंगता बढ़ाकर अधिक ख़ुशहाल कपल हो सकेंगे. हालांकि एक-दूसरे को अपनी-अपनी पसंदीदा गतिविधियों की छूट दें. व्‍यक्तिगत रूप से स्‍वयं का भी ख़्याल रखें. एक दंपत्ति के रूप में, स्‍वयं के लिए स्‍पेस और समय देना महत्‍वपूर्ण है, क्‍योंकि इससे आपको आपके व्‍यक्तिगत स्‍वास्‍थ्‍य, ख़ुशी और विकास में मदद मिलेगी और आपका दांपत्‍य जीवन अधिक ख़ुशहाल और सुखी हो सकेगा.


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सकारात्‍मक प्रशंसा…
आपके घर और जीवन को बेहतर बनाने हेतु आपके साथी द्वारा किए जानेवाले दैनिक कार्यों की प्रशंसा करें. आपके शब्‍दों और कार्यों से आपके प्‍यार, प्रशंसा एवं परवाह का पता चलना चाहिए. अपने जीवनसाथी को बताएं कि आप उनसे कितना प्यार करते हैं. उनके व्‍यक्तित्‍व की तारीफ़ करें. उन्‍हें बताएं कि उनके आ जाने से किस प्रकार आपका जीवन सुखमय हो गया है. शारीरिक भाव-भंगि‍माओं जैसे कि हाथ पकड़ लेने या गले लग जाने से तुरंत ख़ुशी मिलती है. अपने पार्टनर की छोटी-से-छोटी चीज़ों पर ध्‍यान दें और उसके लिए उनकी प्रशंसा करें. नकारात्‍मक चीज़ों को नज़रअंदा़ज़ करने की कोशिश करें. आभार प्रकट करें.

बातचीत करें…
आप दोनों दो अलग-अलग व्‍यक्ति हैं, जो अपनी स्‍वयं की अपेक्षाओं, उम्‍मीदों के साथ रिश्‍ते की डोरी में बंधे हैं. अपनी अपेक्षाओं को व्‍यावहारिक रूप दें. एक-दूसरे का पूरा आदर-सम्मान करते हुए इस बारे में चर्चा करें. अपने मतभेदों को लेकर समझौता करने को सहमत रहें.

  • वित्‍त, भविष्‍य के लक्ष्‍य या परिवार से जुड़े महत्‍वपूर्ण मामलों में सहमति बनाने की कोशिश करें. अपनी सोच को ‘मैं’ से ‘हम’ में बदलें.
  • अपने जीवनसाथी को बदलने की कोशिश मत करें. उनकी मर्यादाओं का सम्‍मान करें. परस्‍पर निर्भरता के साथ काम करते हुए अपनी स्‍वतंत्रता बनाए रखें. कभी एक-दूसरे की असहमतियों का भी आनंद लें.
  • बिना कुछ छिपाए या बिना किसी धारणा के अपनी शारीरिक और भावनात्‍मक आवश्‍यकताओं के बारे में बताएं. अपने पार्टनर से सहायता मांगें.

टकरावों का रचनात्‍मक निपटारा…
जब दो व्‍यक्ति साथ रहते हैं, तो उनमें टकराव होना स्‍वाभाविक है. टकरावों से बच पाना संभव नहीं है, लेकिन समय से और रचनात्‍मक तरीक़े से उनके निपटारे से रिश्‍ते पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है.

  • वित्‍त, परिवार जैसी महत्‍वपूर्ण समस्‍याओं से कतराने या उनको लेकर आक्रामक तरीक़े से प्रतिक्रिया देने की बजाय, उन मसलों पर खुलकर चर्चा करें. उनके बारे में शांतिपूर्वक और विस्‍तार से चर्चा करें. याद रखें, एक-दूसरे का विरोध करने से नहीं, बल्कि साथ मिलकर समस्‍या का विरोध करने से हल निकलेगा.
  • गाली-गलौज न करें या एक-दूसरे को नीचा न दिखाएं. गंभीर चर्चा के दौरान, टीवी जैसी चीज़ों पर ध्‍यान न भटकने दें और यदि चीज़ें अस्‍पष्‍ट हैं, तो उसके बारे में स्‍पष्‍ट करने के लिए कहें. दूसरों के सामने कहासुनी न करें. अपने जीवनसाथी के प्रति उदारता और सहानुभूति रखें. आरोप-प्रत्‍यारोप से बचें. एक-दूसरे को ग़लत साबित करने की कोशिश न करें. यदि आप ग़लती करते हैं, बिना किसी किंतु-परंतु के माफ़ी मांग लें.
    वैवाहिक जीवन में समानता का अर्थ हमेशा यह नहीं होता कि हर स्थिति में फिफ्टी-फिफ्टी वाला नियम ही लागू हो. किसी दिन आप कोई काम ज़्यादा कर सकते हैं, जबकि किसी दूसरे दिन आपका पार्टनर कर सकता है. इसका टैली रखना ज़रूरी नहीं है, लेकिन एक संतुलन बनाए रखें.


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मेरा परिवार, तुम्हारा परिवार…
जब आप किसी से शादी करते हैं, तो आप अपने जीवनसाथी के परिवार के प्रति भी वचनबद्ध हो जाते हैं. स्‍वस्‍थ मर्यादाएं बनाए रखते हुए हार्दिक प्रेम के साथ रिश्‍ते निभाएं. यदि आपके दंपत्ति को परिवार के किसी सदस्‍य को लेकर समस्‍या है, तो स्‍वयं से स्थिति संभालने की कोशिश करें, क्‍योंकि आप अपने जीवनसाथी की तुलना में उन्‍हें बेहतर जानते/ती हैं.
धैर्य के साथ आकस्मिक चुनौतियों के लिए तैयार रहें.
हर दिन शानदार या फिर अच्‍छा ही गुज़रे, यह ज़रूरी नहीं है. समस्‍याओं के बारे में चर्चा करें. उनका सामना करें. उनका हल तलाशें. स्‍वयं को कष्‍ट न दें. हमेशा याद रखें, शादी मैराथन दोड़ होती है, फर्राटा नहीं. पति-पत्नी एक-दूसरे की भावनाओं का ख़्याल रखते हुए प्यार, सहयोग, साथ देंगे, तो ज़िंदगी ख़ूबसूरत हो जाएगी और जीना भी मज़ेदार हो जाएगा.

– ऊषा गुप्ता

Tips For Newly Married Couples

रिश्ते जीने का संबल, जीने का सबब, एक सहारा या यूं कहें कि एक साथ… रिश्तों को शब्दों के दायरे में परिभाषित नहींकिया जा सकता, उन्हें तो सिर्फ़ भावनाओं में महसूस किया जा सकता है. लेकिन बात आजकल के रिश्तों की करें तो उनमेंना भावनायें होती हैं और ना ही ताउम्र साथ निभाने का माद्दा, क्योंकि आज रिश्ते ज़रूरतों और स्वार्थ पर निर्भर हो चुके हैं. यही वजह है कि रिश्तों में बेहिसाब बोझ बढ़ते जा रहे हैं और हर रिश्ता बोझिल होता जा रहा है. ऐसे में इनके करणों को जानना बेहद ज़रूरी है.

सबसे पहले जानते हैं रिश्तों में आख़िर बोझ क्यों है? 

  • रिश्तों में बोझ होने की सबसे बड़ी वजह है कि रिश्ते अब दिल से नहीं जुड़े हुए हैं.
  • रिश्ते मजबूरी बन चुके हैं. 
  • रिश्तों में स्वार्थ सबसे ऊपर हो चुका है.
  • रिश्ते भावनाविहीन हो रहे हैं.
  • मशीनी हो रहे हैं एहसास.
  • संवेदना ग़ायब हो रही है.
  • हम से ज़्यादा मैं की सोच हावी हो रही है.
Relationship Problems

किस तरह के बोझ हैं और क्यों बोझिल हो गए हैं रिश्ते? 

  • ज़िम्मेदारी का बोझ: लोग ज़िम्मेदारियों से डरने लगे हैं और इन्हें निभाने से कतराते हैं. इन्हें लेने से बचते हैं. हर किसीको लगता है कि वो अपनी ज़िम्मेदारी किसी और को दे दे और खुद सिर्फ़ अपने लिए जिए. जहां इस तरह की सोचपनपने लगती है वहां रिश्ते बोझिल ही लगते हैं.
  • कमिटमेंट का बोझ: लोग कमिटमेंट से बचना चाहते हैं क्योंकि वो खुद नहीं जानते कि इन रिश्तों को वो कब तकनिभा सकेंगे और ना जाने कब वो रस्ता बदल दें. लोगों का स्वार्थ इस हद तक बढ़ चुका है कि वो वही रिश्ते निभानाचाहते हैं जिन रिश्तों से उन्हें किसी तरह का कोई फायदा हो. अगर पार्टनर से कोई फायदा होता नज़र नहीं आता तोवो उसको छोड़ दूसरे का दामन थामने से भी नहीं कतराते. इसी तरह अगर माता-पिता, भाई-बहन से भी लगाव नहीं हैतो वो भी उन्हें बोझ लगने लगते हैं और वो उनसे भी दूरी बनाने लगते हैं.
  • पैसों का बोझ: आर्थिक तंगी भी रिश्तों में बोझ बढ़ाती है और इस वजह से रिश्ते और बोझिल लगने लगते हैं. पैसासबकी ज़रूरत है और पैसों की तंगी से रिश्तों में भी मनमुटाव होने लगते हैं. तनाव बढ़ता है और सारे रिश्ते बोझिल हीलगने लगते हैं.
  • करियर का बोझ: कॉम्पटीशन के इस दौर में करियर को ऊपर ले जाना, वर्क और होम लाइफ को बैलेंस करनाआसान नहीं. जो लोग ऐसा नहीं कर पाते उनके रिश्तों में बोझ बढ़ता जाता है.
  • समाजिक दबाव का बोझ: हम जिस समाज में रहते हैं वहां समाज और आस पास के लोगों के बारे में कुछ ज़्यादा हीसोचा जाता है. ऐसे में हम चाहकर भी अपने मन का नहीं कर पाते क्योंकि हर बात और हर निर्णय पर हमको यहीसमझाया जाता है कि हमारे समाज में ऐसा नहीं चलता या फिर लोग क्या कहेंगे. इस तरह के माहौल में ज़ाहिर हैदम घुटता है और हर बात बोझिल ही लगती है.
  • स्टेटस का बोझ: आज की तारीख़ में कुछ हो ना हो स्टेटस होना बहुत ज़रूरी है. और जबसे सोशल मीडिया कीहमारी लाइफ़ में एंट्री हुई है तबसे तो यह बोझ बढ़ता ही जा रहा है. हर कोई इसी होड़ में रहता है कि हमारी लाइफ़कितनी कूल है, दूसरों को दिखाने के लिए अब हर चीज़ होती है. ब्रांडेड मोबाइल से लेकर हर बात का सेलिब्रेशनजैसे बस दिखावे की चीज़ ही बनकर रह गई. हर वक़्त खुश और हैपनिंग लाइफ़ का टैग लेकर घूमना आज कीसबसे बड़ी ज़रूरत बन गई. ये तमाम चीज़ें रियल लाइफ़ रिश्तों को खोखला बनाती हैं और आप उन्हें भूलकरडिजिटल रिश्तों की नक़ली दुनिया में खोते चले जाते हैं.
  • खुश दिखने का बोझ: आप खुश हों या ना हों लेकिन आज की तारीख़ में आपका खुश दिखना ज़रूरी है, क्योंकिकिसी को फ़ुर्सत भी नहीं आपके दुखों को जानने और समझने की. ऐसे में मन ही मन में घुटने के बाद भी आपको ढोंगकरना पड़ता है कि आप की ज़िंदगी बेहद हसीन है.
Relationship Problems

रिश्तों में बोझ को बढ़ाते हैं यह पहलू

  • पार्टनर या अन्य सदस्य जब साथ ना दें और सारी ज़िम्मेदारी किसी एक पर आ जाए.
  • ज़िम्मेदारी निभाने के बावजूद तारीफ़ या सहयोग ना मिले.
  • अपना दांव कुछ भूलकर भी अपने रिश्तों को सब कुछ देने के बाद भी किसी का सहयोग ना मिले.
  • अर्थिक रूप से आत्मनिर्भर ना होने पर भी बहुत कुछ बर्दाश्त करना पड़ता है जिससे रिश्तों में बोझ बढ़ता है.
  • अपनों से ही सम्मान ना मिलने पर भी बहुत कुछ बदल जाता है.
  • आपको निर्णय लेने की आज़ादी ना हो या आपकी राय को अहमियत ही ना दी जाए तब भी बोझिल लगता है हररिश्ता.
Relationship Problems

क्या किया जाए कि रिश्ते बोझिल ना लगें

  • बात करें: कम्यूनिकेट करना किसी भी रिश्ते के लिए सबसे ज़रूरी और सबसे अहम् है. बात ना करना किसी भीसमस्या का समाधान नहीं. इससे परेशानी और बढ़ेगी. बेहतर होगा कि आपसी बात चीत से मन का बोझ हल्का करें, अपनी परेशानियों को अपनो से साझा करें. उनकी परेशानियों को जाने. 
  • स्वार्थी ना बनें: रिश्तों में सिर्फ़ अपने बारे में नहीं सोचा जाता, रिश्तों का मतलब ही है एकजुट होकर सबके लिएसोचना. स्वार्थ की भावना भले ही आपको कुछ समय के लिए ख़ुशी दे देगी लेकिन आगे चलकर आप एकदम अकेलेपड़ जायेंगे. स्वार्थ छोड़कर देखें, आपको अपने रिश्ते ही इतने प्यारे लगेंगे कि बोझ अपने आप हल्का लगने लगेगा.
  • शेयर करें: शेयरिंग की भावना से रिश्ते गहरे और मज़बूत बनते हैं. सुख-दुःख हो, कामयाबी या असफलता सब कुछशेयर करें. इससे आपकी ख़ुशियाँ और हौसला दोनों बढ़ेंगे और रिश्ते बोझ कम संबल अधिक लगेंगे.
  • जिम्मेदारियाँ साझा करें: ज़िम्मेदारियों से भागने की बजाए उन्हें साझा करें. रिश्तों में सबकी जिम्मेदारियाँ बनती हैंऔर जो कुछ भी निभाना होता है मिलकर ही बेहतर तरीक़े से निभाया जा सकता है. सामने से खुद आगे बढ़कर कहेंकि यह काम मुझ पर छोड़ दें, फिर देखिए रिश्तों से बोझ अपने आप कम होगा और रिश्ते बोझिल नहीं प्यारे लगेंगे.
  • काम बांट लें: घर या बाहर दोनों जगह का काम बांट लें. सब मिलकर करेंगे तो ज़िंदगी और रिश्ते दोनों आसान लगनेलगेंगे. जो काम आप बेहतर कर पायें वो आप लें और दूसरों को भी उनकी क्षमता के अनुसार काम दें.
  • आर्थिक ज़िम्मेदारी भी बांटे: रिश्तों में ज़रूरी है कि आर्थिक ज़िम्मेदारियों का भी बंटवारा हो. आप अगर यह सोचरखेंगे कि मैं अपने पैसे बचा लूं और सामने वाला ही अकेला खर्च करे तो यह सही नहीं. आपको कुछ ख़र्चों कीज़िम्मेदारी खुद ब खुद ख़ुशी ख़ुशी लेनी चाहिए. इससे अपनापन बढ़ेगा और रिश्ते बोझ नहीं लगेंगे.
Relationship Tips
  • दिल को खोल लें: दिल को खुला रखें ताकि ज़िंदगी जी खोल के जी सकें. अगर आपको किसी चीज़ की कमी भीहोगी तो अपनों के साथ वो कमी महसूस नहीं होगी. चाहे पैसों की कमी हो या सुविधाओं की अगर अपने साथ हैं तोज़िंदगी की राह आसान हो जाती है. अगर आप अपने रिश्तों का ख़याल रखेंगे तो बुरे समय में रिश्ते आपका ख़यालरखेंगे.
  • अपनी सोच बदलें, फ़ायदे-नुक़सान के तराज़ू में रिश्तों को ना तोलें: रिश्तों में कभी भी फ़ायदा या नुक़सान की सोचके साथ आगे नहीं बढ़ा जा सकता. रिश्तों को सिर्फ़ प्यार से ही सींचा जा सकता है वर्ना हर रिश्ता बोझ ही लगेगा. किसने क्या किया इस सोच से ऊपर उठकर यह सोचें कि अपनों को कैसे और क़रीब लाया जाए.
  • चीट ना करें, सबको सम्मान दें: सम्मान देंगे तो सम्मान मिलेगा. चीटिंग की रिश्तों में कोई जगह नहीं होती. पार्टनर कोधोखा ना दें. घर में भी सबकी राय को महत्व दें. सबसे राय लें. किसी को कम ना आंके. कई बार एक बच्चा भी बड़ीसे बड़ी समस्या का आसान रास्ता सुझा देता है.
  • ईगो ना रखें: अहंकार हर रिश्ते को मिटा देता है. अपनों से भला कैसा ईगो? खुद को सर्वश्रेष्ठ और दूसरों को मूर्खसमझने की गलती ना करें. आप अकेले रहेंगे तो बोझ बढ़ेगा, बेहतर है सबको साथ लेकर चलें. नकारात्मक सोचऔर भावनाओं को त्याग दें.

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आप पिछले कुछ दिनों से अपने पति के बर्ताव में बहुत बदलाव महसूस कर रही हैं. कहीं ऐसा तो नहीं कि वे किसी और से प्यार करने लगे हैं? जी हां, किसी के प्रति भरोसेमंद रहने के लिए बहुत प्रयासों की ज़रूरत होती है, लेकिन किसी को धोखा देने के लिए बस थोड़ा-सा बहक जाना ही काफ़ी है. यदि आपको यह डर सता रहा है तो अपने पति में आए बदलाव पर ग़ौर कीजिए और समय रहते ही संभाल लीजिए उन्हें. यदि आपको इस बात का अंदेशा सता रहा है कि आपके पति किसी और के प्यार में पड़ गए हैं, तो इन बातों पर ग़ौर फ़रमाइए. यदि ये बातें उन पर सही बैठती हैं, तो व़क़्त है आपके संभलने का, साथ ही, उन्हें भी संभालकर सही ट्रैक पर लाने का.

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1) क्या आपकी सेक्स लाइफ अब पहले जैसी नहीं है?
पहले आपकी सेक्स लाइफ़ बहुत रोमांटिक थी, लेकिन आजकल उन्हें सेक्स में कोई ख़ास दिलचस्पी नहीं है. पहले आपकी पहल पर वे रोमांटिक हो जाते थे, पर आजकल जब आप पहल करती हैं तो भी वे कहते हैं कि मैं थका हुआ हूं, तनाव महसूस कर रहा हूं, काम का बोझ बहुत है… या फिर ऐसा ही कोई और बहाना. कई बार  इसका कारण होता है वो गिल्ट जो दूसरे अ़फेयर की वजह से होता है. तो सतर्क हो जाइए और पता कीजिए कि उनके ये सेक्स से बचने के बहाने कितने सही हैं?

2) क्या आपके पति घर पर रेस्टलेस हो जाते हैं?
पहले तो वे घर पर आपके साथ व़क़्त बिताने में एंजॉय करते थे, लेकिन आजकल उनकी बॉडी लैंग्वेज और व्यवहार से आपको लगता है कि वे बहुत रेस्टलेस (व्यग्र) हो रहे हैं. आपके साथ बाहर जाना तो उन्होंने लगभग बंद ही कर दिया है, लेकिन जब घर पर भी रहते हैं तो बड़ा बोर फ़ील करते हैं और अकेले बाहर जाने के मौ़के चूकना ही नहीं चाहते.  उनकी आदतों में आए इस बदलाव को नज़रअंदाज़ न करें और इसकी वजह ढूंढ़ने में ज़रा भी देर न लगाएं.

3) क्या आपके पति इन दिनों हमेशा महकते रहते हैं?
वो फैशन कॉन्शियस तो कभी नहीं थे. दिन में एक बार डियो या पऱफ़्यूम लगाना ही उनकी आदत में था, लेकिन अब वे सुबह-शाम, यहां तक कि रात में भी महकते रहते हैं यानी मामला नाज़ुक है… आप को चौकन्ना होना होगा.

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4) क्या आपके पति इन दिनों नए ट्रेंड्स के बारे में जानने लगे हैं?
पहले तो उन्हें ब्रान्ड्स और फैशन का कोई ख़ास आइडिया ही नहीं होता था, पर इन दिनों अचानक ही वे अपने कपड़ों को ले कर ट्रेंडी हो चले हैं. बात यहीं तक सीमित नहीं है, बल्कि अब तो वे आपको भी लेटेस्ट ट्रेंड्स के बारे में मश्‍वरा देने लगे हैं. ये आप के लिए ख़तरे का साइन है और ज़रूरत है कि आप मामले की तह तक जाएं.

5) क्या आपके पति आजकल बनठन कर ऑफिस जाते हैं?
पहले सैटरडे को ऑफ़िस जाना हो तो मुंह बन जाता था, पर आजकल साहब सैटरडे को भी बहुत बनठन कर निकलते हैं. बाज़ार जा रहे हों या जिम… पहले तो कपड़े सलेक्ट करने में इतना टाइम नहीं लगता था जितना अब लगता है. घर से निकलने के पहले बनने-संवरने में इतना समय पहले तो नहीं लगाते थे. तो… अब ये तैयारी किस लिए? जी हां, आपके कान खड़े हो जाने चाहिए, क्योंकि दाल में कुछ तो काला ज़रूर है.

6) क्या आपके पति आजकल कुछ ज्यादा ही एक्सक्यूज़ेस देने लगे हैं?
अक्सर ही वो रात देर से घर आते हैं और आते ही ऑफ़िस कलीग्स, ऑफ़िस कल्चर को कोसना शुरू कर देते हैं. ऑफ़िस की लेट नाइट पार्टीज़ के सिर देर से आने का ठीकरा तो फोड़ देते हैं, लेकिन जब आप उनसे पार्टी के वेन्यू के बारे में पूछती हैं तो उनकी याददाश्त कुछ कमज़ोर-सी हो जाती है और वे अपनी थकान की आड़ लेते हुए आपको सोने की सलाह दे कर ख़ुद झट से गहरी नींद में सो जाते हैं. जितना लंबा एक्सक्यूज़ होगा, उनकी पोल खुलने का ख़तरा भी तो उतना ही ज़्यादा होगा यानी अब आपके डिटेक्टिव बनने का समय आ गया है.

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Heartbreak

7) क्या आपके पति आजकल बात-बात पर चौंक जाते हैं?
जैसे ही आप बेडरूम में एंटर होती हैं, जनाब चौंक कर अपने लैपटॉप की विंडोज़ को बंद कर देते हैं. उनका मोबाइल ऑपरेट करने के लिए लगने वाला पासवर्ड या पिन नंबर अचानक ही बदल गया है. एक तो उन्होंने आपको अपना पिन नंबर बताया नहीं है और यदि बता दिया है तो उसे दोबारा बदल दिया है… यदि अचानक ही उन्होंने एक और मोबाइल ले लिया है और उसके बारे में पूछने से पहले आपको बताया ही नहीं तो समझ जाइए कि आपका शक़ बेबुनियाद नहीं है. ये जो इन दिनों वो आपसे सीक्रेट्स रखने लगे हैं, आपके  सतर्क होनेे के लिए इतना बहुत है. अपने जासूसों का जाल फैलाइए और उनकी इन नई आदतों की वजह जानने की ईमानदार कोशिश कीजिए.

8) क्या आपके पति का डिफेंस दिनोंदिन मज़बूत हो रहा है?
उनके देर से आने को ले कर आप हमेशा ही शिक़ायत करती रही हैं और दस में से पांच बार वे आपको इसका कारण भी बताते रहे हैं, लेकिन इन दिनों एक तो वे अक्सर ही देर से आ रहे हैं और आपकी शिक़ायत पर उनका ड़िफेंस बहुत स्ट्रॉन्ग होता है. वे आपसे कहने लगे हैं कि एक तो वे इतना काम कर के, थक के आते हैं और आप से उन्हें हमेशा शिक़ायत ही मिलती है, प्रोत्साहन कभी नहीं. या फिर वे आप से ही प्रश्‍न करने लगते हैं कि तुम इतनी ओवर पज़ेसिव क्यों हो? या फिर तुम थोड़ा प्रैक्टिकल क्यों नहीं बन जातीं? ऐसे जवाब मिलने पर आपके सेंसर्स को मैसेज मिल जाना चाहिए कि मामला गड़बड़ है.

9) क्या आप दोनों के बीच अब टच थैरेपी अब नहीं रही?
पहले आप सप्ताह में एक बार साथ बैठ कर ढेर सारी बातें करते थे. एक-दूसरे के हाथों का वो स्पर्श किसी टच थैरेपी-सा काम करता था. अब उनके पास समय ही नहीं है कि वे आपके लिए समय निकाल सकें. तो ज़रूरी है कि आप इसकी वजह ढूंढ़ें और उन्हें खोने से पहले ही दोबारा पा लें.

Pahla Affair

पहला अफेयर: तुम कभी तो मिलोगे (Pahla Affair: Tum Kabhi To Miloge)

आज फिर मेघों से रिमझिम वर्षा रूपी नेह बरस रहा है. दूर-दूर तक मेरी प्रिय तन्हाई पसरी हुई है. एकाएक रेडियो पर बज रहे गीत पर ध्यान चला गया-
छोटी-सी ये दुनिया पहचाने रास्ते, तुम कहीं तो मिलोगे, कभी तो मिलोगे..

मेरा दिल यूं ही भर आया. कितने साल गुज़र गए आपसे बिछड़े हुए, पर मेरा पागलपन आज भी आपके साथ गुज़ारे उन सुखद पलों की अनमोल स्मृतियां संजोए हुए है.

अल्हड़ उम्र के वो सुनहरे भावुक दिन… चांदनी रात में जागना, अपनी ही बनाई ख़यालों की दुनिया में खो जाना, यही सब कुछ अच्छा लगता था तब. शरत्चंद,विमल-मित्र, शिवानी आदि के उपन्यासों को प़ढ़ना तब ज़रूरी शौक़ों में शामिल थे. को-एज्युकेशन के बावजूद अपने अंतर्मुखी स्वभाव के कारण मैं क्लास में बहुत कम बोलती थी.

उन दिनों कॉलेज में सांस्कृतिक कार्यक्रम चल रहे थे. आप तब मेरे पास आए थे और एक फ़िल्मी गीत के दूसरे अन्तरे को पूरा करने का आग्रह किया था. उसी गीत को गाने पर आपको प्रथम पुरस्कार मिला था. मेरे बधाई देने पर आपने कितनी आसानी से कह दिया था कि यह गीत तो मैंने तुम्हारे लिए ही गाया था. उसके बाद तो मैं आपसे नज़रें चुराती ही फिरती थी. लेकिन अक्सर ऐसा लगता जैसे आपकी ख़ामोश निगाहें हमेशा मेरा पीछा करती रहती हैं.

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फिर परीक्षा के दिनों में जब मुझे एकाएक बुखार हो गया था, तो आपने बिना परीक्षा की चिंता किए मुझे अस्पताल में भर्ती करवाया था और मेरे माता-पिता के आने तक मेरी पूरी देखभाल की थी.

और जाड़ों में जब हमारी पिकनिक गई थी और मुझे आपके स्कूटर पर पीछे बैठना पड़ा था, उस दिन आपकी पीठ की ओर उन्मुख हो, मैंने जी भर कर बातें की थीं. हम पिकनिक स्पॉट पर सबसे देर से पहुंचे थे, आपका वाहन उस दिन चींटी की ऱफ़्तार से जो चल रहा था.

लेकिन तभी आपके चिकित्सक पिता की विदेश में नियुक्ति हुई और आपका परिवार विदेश चला गया. आपने अपनी मां से आपको यहीं छोड़ने के लिए बहुत अनुरोध भी किया, लेकिन आपका प्रयास असफल रहा. अपने मां-बाप के सामने अपनी पसंद ज़ाहिर करने की आपकी उस व़क़्त न उम्र थी न हालात. और आप अनेक सुनहरे सपने मेरी झोली में डाल सात समंदर पार के राजकुमार बन गए. कुछ वर्षों तक आपके स्नेहिल पत्र मुझे ढा़ंढस बंधाते रहे. फिर एकाएक इस छोटी-सी दुनिया की विशाल भीड़ में आप न जाने कहां खो गये. आपके परिवार की भी कोई खोज-ख़बर नहीं मिली. उन दिनों गल्फ वार (खाड़ी युद्ध) चल रहा था. अनेक प्रवासी-भारतीय गुमनामी के अंधेरे में खो
चुके थे.

मैं अपने प्यार की अजर-अमर सुधियों की शीतल छांव तले जीवन गुज़ारती रही. मुझे ऐसा रोग हो चुका है जिसको प्रवीण चिकित्सक भी समझ पाने में असमर्थ हैं. मुझे अटूट विश्‍वास है कि मेरे जीवन के मंदिर की लौ बुझने से पहले आप ज़रूर मिलेंगे और आपका उजला, हंसता- मुस्कुराता चेहरा ही मेरे जीवन के इंतज़ार को सार्थक बनाएगा. मेरे जीवन का सार बच्चन जी की इन पंक्तियों में है-

स्वागत के साथ ही विदा की होती देखी तैयारी
बंद लगी होने खुलते ही मेरी जीवन मधुशाला

– डॉ. महिमा श्रीवास्तव

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Pahla Affair

पहला अफेयर: काश, तुम समझे होते (Pahla Affair: Kash Tum Samjhe Hote)

कभी-कभी अचानक कहे शब्द ज़िंदगी के मायने बदल देते हैं. इसका एहसास पहली बार मुझे तब हुआ जब अचानक एक दिन आदित्य को अपने सामने मेरे जवाब के इंतज़ार में खड़े पाया. मेरी हालत देखकर बोला, ङ्गङ्घदया, ऑफ़िस से जाने के पूर्व सारी औपचारिकताएं होते-होते एक-दो दिन तो लग ही जाएंगे, जाने से पहले तुम्हारा जवाब सुनना चाहता हूं.फफ कहने के साथ वह मुड़ा और मेरे मन-मस्तिष्क में झंझावत पैदा कर गया.

वो तो चला गया, लेकिन मेरी आंखों के सामने वह दृश्य दौड़ गया, जब एक दिन ऑफ़िस में अंतर्जातीय विवाह को लेकर हो रही चर्चा के दौरान मैंने भी घोषणा कर दी थी कि यूं तो मेरे घर में अंतर्जातीय विवाह के लिए सख़्त मनाही है, लेकिन मैं घरवालों के विरुद्ध जा सकती हूं, बशर्ते लड़का क्लास वन ऑफ़िसर हो.

मुझे सपने में भी इस बात का गुमान न था कि आदित्य मेरे कहे को इतनी संजीदगी से ले लेगा. यूं तो मुझे इस बात का मन-ही-मन एहसास था कि आदित्य के मन में मेरे लिए एक ख़ास जगह है और सच कहूं तो मैं भी उसके सौम्य, सरल व परिपक्व व्यक्तित्व के चुंबकीय आकर्षण में बंधने लगी थी. लेकिन जैसे ही घरवालों के दृष्टिकोण की याद आती, मैं अपने मन को समझा देती कि हमेशा मनचाही मुराद पूरी नहीं होती. इसीलिए आदित्य की लाख कोशिश के बावजूद मैं उससे एक निश्‍चित दूरी बनाए रखती और बातों के दौरान उसे घरवालों के विरोध से सचेत करती रहती.

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लेकिन होनी को भला कौन टाल सकता था. जब मुझे पता लगा कि उसने ज़ोर-शोर से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी है तो एक अनजाने भय से मैं कांप उठी. उसकी मेहनत रंग लाई और पी. सी. एस. की परीक्षा को अंतिम रूप से पास कर, जब उसने हाथ मांगा तो मैं एक अजीब-सी उलझन में फंस गई. बड़ी कशमकश में थी मैं- मेरे सामने भावी जीवन का निर्णय पत्र था, उसमें हां या ना की मुहर लगानी थी.

ऑफ़िस वालों से विदा लेने से पूर्व वो मेरे पास आया, लेकिन मेरी आंखों से छलकते आंसुओं ने उसके प्रश्‍न का जवाब स्वयं दे दिया. मैं बहुत कुछ कहना चाह रही थी, पर ज़ुबां साथ नहीं दे रही थी. मेरी ख़ामोशी वो बर्दाश्त न कर सका. आख़िरकार वह छटपटा कर कह उठा, दया, मुझे कमज़ोर मत बनाओ, तुम तो मेरी शक्ति हो. आज मैं जो कुछ भी हूं, स़िर्फ तुम्हारी वजह से हूं. हमेशा ख़ुश रहना. ईश्‍वर करे, कोई दुख तुम्हारे क़रीब भी न फटके. इतना कह कर वह थके क़दमों से बाहर निकल गया. उसे जाते हुए देखती रही मैं. चाहती थी उससे कहना कि जीवन पर सबसे पहले जीवन देनेवाले का अधिकार होता है, इस फलसफे को कैसे झुठला सकती थी. लेकिन कहते हैं ना- कभी किसी को मुकम्मल जहां नहीं मिलता कहीं ज़मीं तो कहीं आसमां नहीं मिलता.

आज माता-पिता की इच्छा के फलस्वरूप अपने आशियाने में ख़ुश भी हूं, पर सीने में दबी पहले प्यार की चोट आज भी ये एहसास कराती है कि पहले तोलो, फिर बोलो. आज भी लगता है जैसे पहले प्यार की दस्तक अब भी मन- मस्तिष्क में अपनी गूंज दे रही हो.

– दया हीत

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