covid19

कोविड-19 के खिलाफ जंग में इस समय स्कूल और पैरेंट्स दोनों साथ मिलकर लड़ रहे हैं और इस बात का पूरा ध्यान रख रहे हैं कि महामारी के इस दौर में बच्चों की शिक्षा में कोई कमी न आए. इस महामारी ने एजुकेशन का पैटर्न भी बदल दिया है. ई-लर्निंग अब बच्चों को क्लासरूम का अनुभव दे रहा है. लेकिन लॉकडाउन के बाद बच्चों को स्कूल के लिए कैसे तैयार करें, इसके बारे में जानने के लिए हमने बात की रायन इंटरनेशनल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस की मैनेजिंग डायरेक्टर मैडम ग्रेस पिंटो से, उन्होंने हमें ई-लर्निंग और लॉकडाउन के बाद स्कूल खुलने को लेकर विस्तृत जानकारी दी. आप और आपके बच्चों के लिए ये जानकारी बहुत जरूरी है.

Grace Pinto

1) अगस्त के मध्य तक स्कूलों के फिर से खुलने की उम्मीद है, ऐसे में रायन ग्रुप ऑफ स्कूल्स द्वारा सुरक्षा मानकों और दिशानिर्देशों का पालन किस तरह किया जाएगा?
महामारी के इस दौर में छात्रों का स्वास्थ्य और सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी प्राथमिक है, इसलिए एक बड़े स्कूल नेटवर्क होने के नाते हमने हेल्थकेयर स्पेशलिस्ट से कंसल्ट किया है, साथ ही हम डब्लूएचओ (WHO), यूनिसेफ (UNICEF), सीडीसी CDC स्कूल गाइडलाइन का भी पालन कर रहे हैं तथा भारत में स्वास्थ्य और शिक्षा अधिकारियों द्वारा जारी किए गए सभी दिशानिर्देशों की भी समीक्षा की है. एसओपी और हमारे छात्रों की सुरक्षा के लिए हमने स्टाफ (वेंडर स्टाफ सहित) के लिए विभिन्न ट्रेनिंग वर्कशॉप भी आयोजित किए हैं.

2) जब स्कूल फिर से शुरू होंगे, तो पैरेंट्स को स्कूल को सपोर्ट करने के लिए अपनी तरफ से क्या सावधानियां बरतनी चाहिए? आप पैरेंट्स को क्या सलाह देंगी?
कोविड-19 के खिलाफ इस जंग में स्कूल और पैरेंट्स दोनों साथ मिलकर लड़ेंगे, तो हम इसे आसानी से हरा सकते हैं. पैरेंट्स के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वे सबसे पहले स्थिति को समझें और फिर अपने बच्चों को खासतौर पर मास्क पहनना, नियमित रूप से हाथ साफ करना, सैनिटाइजर का उपयोग आदि के बारे में समझाएं. यदि बच्चे को सर्दी-खांसी, बुखार आदि की शिकायत है, तो पैरेंट्स को चाहिए कि वे उस समय बच्चे को स्कूल न भेजें. पैरेंट्स को स्कूल का पार्टनर बनकर दिए गए गाइडलाइन का पालन करना चाहिए और बच्चों के स्वास्थ्य व सुरक्षा का पूरा ध्यान रखना चाहिए.

3) स्कूल के संचालन को आगे बढ़ाने के लिए आप दिन-प्रतिदिन कैसे कदम उठाएंगे? क्या स्कूल फिर से खोलने की योजना तैयार हो चुकी है?
स्कूल के संचालन के दौरान हेल्थ और हाइजीन, एमरजेंसी आदि के बारे में व्यापक योजना तैयार की गई है. स्कूल में बच्चों की सुरक्षा को लेकर हम हर चीज़ का बारीकी से निरिक्षण कर रहे हैं. महामारी के इस मुश्किल समय में हमने अपने स्कूलों में सभी आवश्यक उपकरण रखे हुए हैं, ताकि बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा में कोई कमी न रहने पाए. हमारी आगे की प्रक्रिया सरकारी अधिकारियों द्वारा प्राप्त निर्देशों के अनुसार तय होगी.

4) लॉकडाउन के दौरान बच्चों ने बहुत से बदलाव देखे हैं खासकर पढ़ाई को लेकर, ऐसे बच्चों के भावनात्मक स्वास्थ्य को जानने-समझने के लिए मांओं के लिए कोई सलाह देना चाहेंगी आप?
बच्चों के दिमाग पर कोरोनोवायरस के प्रकोप के जबरदस्त प्रभाव को समझना बहुत जरूरी है. माता-पिता और अभिभावकों को चाहिए कि वे इस स्थिति को समझते हुए अपने बच्चों की भावनाओं को समझें, बच्चों को चिंता, तनाव आदि से दूर रखें और उनके शारीरिक-मानसिक स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें. ये माता-पिता दोनों की जिम्मेदारी है कि वे इस समय धैर्य से काम लें और अपने बच्चे को घर में विभिन्न गतिविधयों में बिज़ी रखें. स्कूल भी ऑनलाइन क्लासेस के माध्यम से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाहन कर रहे हैं, लेकिन पैरेंट्स को भी बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान देना चाहिए.

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Prepare Children For School After Lockdown

5) जब स्कूल फिर से शुरू होंगे तो हर बच्चे की लिए डिस्टेंसिंग मेन्टेन करना बहुत जरूरी है. ऐसे में बच्चे अपने दोस्तों और सहपाठियों के साथ खुलकर घुलमिल नहीं सकेंगे, आपको क्या लगता है, इससे बच्चों के मन पर प्रभाव पड़ेगा? इस स्थिति में बच्चे कैसे एडजस्ट करेंगे, पैरेंट्स और टीचर्स इसमें बच्चों की मदद कैसे कर सकते हैं?
स्कूल खुलने के बाद छात्रों के लिए स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करना हमारी पहली प्राथमिकताओं में से एक होगा. इसके लिए स्कूल के शिक्षकों और अभिभावकों को एक साथ काम करना होगा, ताकि छात्रों के साथ जुड़ने और बातचीत करने के लिए एक माहौल तैयार किया जा सके, साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग को भी मेन्टेन किया जा सके. टीचर्स को सिर्फ पाठ्यक्रम पूरा करने पर ध्यान देने की बजाय इस बात पर भी ध्यान देना होगा कि बच्चे क्या सीख रहे हैं. पैरेंट्स और टीचर्स को काउंसलर्स के साथ मिलकर बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और सर्वांगीण विकास पर ध्यान देना होगा. साथ ही बच्चों को इस परिस्थिति में सामंजस्य करना सिखाकर उन्हें अपनी पढ़ाई को एंजॉय करना भी सिखाना होगा.

6) बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए कई स्कूलों द्वारा ई-एजुकेशन शुरू की गई थी? ऐसे में आपको पैरेंट्स और बच्चों के दृष्टिकोण से ई-लर्निंग के क्या फायदे देखने को मिले?
लॉकडाउन के दौरान स्कूलों ने ई-लर्निंग के माध्यम से बच्चों की पढ़ाई जारी रखी, ताकि बच्चे अपने घर में सुरक्षित रहते हुए अपनी पढ़ाई कर सकें. ई-लर्निंग छात्रों को आत्मनिर्भर होकर पढ़ाई करना सिखाता है. इससे बच्चों की खुद से पढ़ाई करने की क्षमता बढ़ती है और वे नई टेक्नीक को भी सीख पाते हैं. ई-लर्निंग बच्चों को क्लासरूम का एक्सपीरियंस देते हुए उन्हें स्वतंत्र रूप से पढ़ने का कॉन्फिडेंस देता है, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ता है. लॉकडाउन पीरियड में पैरेंट्स को भी ई-एजुकेशन की झलक मिली है, जिससे वे भी एजुकेशन के इस नए माध्यम की अपार संभावनाओं के बारे में समझ पाए होंगे.

7) बच्चों के लिए ई-एजुकेशन को और ज्यादा रोचक कैसे बनाया जा सकता है?
न्यू नॉर्मल के इस दौर में ई-एजुकेशन द्वारा स्कूल बच्चों की पढ़ाई में उनका सहयोग किया जाएगा और उनकी पढ़ाई में रुचि बरकरार रखी जाएगी. शिक्षा के क्षेत्र में टेक्नोलॉजी एक महत्वपूर्ण टूल है, जो शिक्षा को आसान बनाती है. इसके अलावा, ई-लर्निंग की स्ट्रेटेजी में भी काफी विकास हो रहा है, ये बच्चों के लिए सीखने का एक नया अनुभव है. ई-लर्निंग की स्ट्रेटेजी बिल्कुल नई और दिलचस्प है, ये बच्चों को उनकी पढ़ाई में बहुत मदद करेगी और उन्हें आत्मनिर्भर व ज़िम्मेदार बनाएगी.

8) बहुत सारे पैरेंट्स को अपने बच्चे को पढ़ाई में मदद करने में मुश्किल हो रही है? क्या आप उनके लिए कोई सुझाव देंगी, जो उन्हें अपने बच्चों का बेहतर मार्गदर्शन करने में मदद कर सकता है?
लॉकडाउन ने निश्चित रूप से पैरेंट्स को अपने बच्चों के साथ क्वालिटी टाइम बिताने और उनके बीच एक मजबूत बॉन्डिंग बनाने में मदद की है. न्यू नॉर्मल के इस दौर में पैरेंट्स को चाहिए कि वे अपने बच्चों को पढ़ाई की ज़िम्मेदारी लेना सिखाएं. ऐसा करके आप अपने बच्चों को आत्मनिर्भर और कॉन्फिडेंट बना सकते हैं. इस समय बच्चों के साथ ज्यादा से ज्यादा बात करना और उनके साथ क्वालिटी टाइम बिताना बहुत जरूरी है, साथ ही बच्चों को उनके डे टु डे के काम करने की जिम्मेदारी लेना भी सिखाएं. बच्चे अपने सभी काम नियम से करें, इस बात का ध्यान पैरेंट्स को रखना चाहिए. पैरेंट्स की निगरानी में जब बच्चे स्वतंत्र रूप से ई-लर्निंग करेंगे, तो इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा और बच्चे आत्मनिर्भर बन सकेंगे. बच्चे अपने पैरेंट्स को देखकर सीखते हैं इसलिए पैरेंट्स को अपने बच्चे का रोल मॉडल बनकर ई-लर्निंग के माध्यम से उन्हें भविष्य के लिए तैयार करना होगा.

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9) आप देश में K-12 एजुकेशन के लीडर्स में से एक हैं, आपको क्या लगता है, कोविड के बाद भारत में K12 शिक्षा का भविष्य क्या होगा?
कोविड-19 के इस युग में अब स्कूलों का ध्यान ऑनलाइन एजुकेशन पर होगा. ई-लर्निंग आज की जरूरत है, इसलिए स्कूलों द्वारा ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म पर फोकस किया जा रहा है. ई-लर्निंग के माध्यम से क्लासरूम का अनुभव दिए जाने की पूरी कोशिश की जा रही है. एजुकेशनिस्ट समुदाय होने के नाते इस न्यू नॉर्मल में खुद को ढालते हुए आगे बढ़ना आज समय की मांग है. इसमें कई चुनौतियां होंगी, जिनका सामना करने के लिए तैयार रहना होगा.

  • शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के शिक्षकों को नई टेक्नोलॉजी की ट्रेनिंग देना एक बड़ी चुनौती है, लेकिन शिक्षक हमेशा सीखने के लिए तैयार रहते हैं इसलिए हम ये उम्मीद करते हैं कि वे शिक्षा के इस नए पैटर्न को सीख जाएंगे.
  • इस महामारी से उत्पन्न मानसिक स्वास्थ्य के बारे में कर्मचारियों और छात्रों को गाइड करना और उन्हें न्यू नॉर्मल को सामान्य रूप से अपनाने और भविष्य का सामना करने के लिए बहुत सावधानी, देखभाल और समझदारी से तैयार करना होगा.
  • बुनियादी ढांचे और सुविधाओं की कमी के कारण, खासकर ग्रामीण इलाकों में जहां इंटरनेट की कनेक्टिविटी एक समस्या है, वहां पर बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ सकता है. लेकिन हमें ई-लर्निंग को एक मौका जरूर देना चाहिए और इसमें सुधार के प्रयास करने चाहिए. उम्मीद है, इस कमी को भी जल्दी पूरा कर लिया जाएगा.

कोरोना महामारी की मार पूरे देश में पड़ रही है, लेकिन सबसे ज़्यादा बुरी हालत मुम्बई की है. मुम्बई जैसे बड़े शहर में अनेक राज्यों से आनेवाले मजदूरों की मुसीबतें सबसे ज़्यादा हैं. बड़ी संख्या में मजदूर मुंबई शहर में फंसे हैं ऐसे में बॉलीवुड एक्टर सोनू सून उनके लिए आगे आए हैं. सोनू ने प्रवासी मजदूरों को उनके गांव पहुंचाने के लिए बस की सुविधा की. इसके साथ ही सोनू सूद ने खाने पीने की व्यवस्था की और ट्रांसपोर्ट का पूरा खर्च उठाया.

सोनू सूद ने मुंबई से कर्नाटक के लिए कुल 10 बसों का इंतज़ाम किया. मजदूरों को मुंबई से कर्नाटक के गुलबर्ग ले जाने के लिए उन्होंने महाराष्ट्र सरकार और कर्नाटक सरकार से सारी ज़रूरी कार्यवाही पूरी की. सारा डॉक्यूमेंटेशन हो जाने के बाद उन्होंने 10 बसों से प्रवासी मजदूरों को रवाना किया. सोनू सूद ने कहा कि इस वैश्विक महामारी और संकट की घड़ी में मुझे लगता है हर किसी को अधिकार है कि वह अपने परिवार के साथ रहे. इसीलिए उन्होंने मजदूरों को उनके घर पहुंचाने में मदद की.

Sonu Sood Arranges Transport For Mumbai's Migrant Workers

सोनू सूद ने यह भी बताया कि इस पूरी प्रक्रिया को पूरा करने में महाराष्ट्र और कर्नाटक दोनों सरकारों की तरफ़ से उन्हें काफ़ी सहयोग मिला. राज्य सरकारों ने अपने स्तर पर सभी कागज़ी कार्यवाही जल्दी की, वहीं कर्नाटक सरकार ने उन प्रवासी मजदूरों का खुले दिल से स्वागत किया. इसके अलावा सोनू सूद ने मुंबई के डॉक्टरों को 1500 पीपीई किट डोनेट किए. सोनू सूद ने मुंबई स्थित अपने होटल को भी मजदूरों और हेल्थ वर्कर्स के लिए खोल दिया था. हेल्थ वर्कर्स इनके होटल में आराम करने के लिए आ रहे हैं. रमजान के पाक महीने में उन्होंने भिवंडी के बहुत से ज़रूरतमंद लोगों को खाना भी खिलाया. कोरोना महामारी के इस संकट की घड़ी में सोनू सूद औरों के लिए एक मिसाल हैं. सभी मजदूरों ने उनकी नेकदिली के लिए उन्हें ढेरों आशीर्वाद और शुभकामनायें दीं.

– अनीता सिंह

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बॉलीवुड की बेबीडॉल सनी लियोनी ने अपने बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारत छोड़कर अमेरिका जाने का फ़ैसला लिया. अपने इस फैसले के बारे में सनी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से सभी को यह जानकारी दी. सभी को मदर्स डे की बधाई देते हुए सनी ने इस बारे में कहा कि मेरी मां भी यही चाहतीं कि बच्चों की सुरक्षा के लिए हम उन्हें सुरक्षित जगह पर ले जाएं.

सनी लियोनी करीब साल 2000 से ही मुंबई में रह रही हैं. उन्होंने अमेरिका पहुंचकर वहां के अपने गार्डन में बैठकर अपने तीनों बच्चों निशा, नोआ और अशर के साथ की फोटो शेयर की. इस पोस्ट में उन्होंने सभी को मदर्स डे की बधाई देते हुए लिखा कि जब आपकी ज़िन्दगी में बच्चे आ जाते हैं, तो आपकी अपनी प्राथमिकताएं बदल जाती हैं. मुझे और मेरे पति को अपने बच्चों को इस अदृश्य हत्यारे कोरोना वायरस से बचाने का मौका मिला और हम उन्हें ऐसी जगह ले आए, जहां हमें लगा कि वो ज़्यादा सुरक्षित रहेंगे. लॉस एंजेलिस में घर से दूर एक और घर जहां एक सीक्रेट गार्डन भी है. मैं जानती हूं कि मेरी मां भी यही चाहतीं कि हम ऐसा करें. आपको बहुत याद करती हूं मां. हैप्पी मदर्स डे.

Sunny Leone with her boyfriend and kids

सूत्रों की मानें तो सनी कुछ दिन पहले ही अपने परिवार के साथ लॉस एंजेलिस शिफ्ट हुई हैं. उनके पति डैनियल वेबर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, क्वारंटीन पार्ट 2, अब इतना बुरा नहीं है. नए माहौल में ढल रहे हैं.

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आपको बता दें कि सनी लियोनी केएलएम गवर्नमेंट फ्लाइट से लॉस एंजेलिस पहुंची. इससे पहले सनी यहां डिजिटल मीडिया पर लॉक्ड अप विद सनी चैट शो कर रही थीं, जिसमें वो अपने बच्चों के साथ फोटोज़ और वीडियोज़ शेयर करती थीं. आप भी देखें सनी के घर की झलकियां.

Sunny Leone and boyfriend  in  Los Angeles
Sunny Leone house in  Los Angeles
Sunny Leone with her boyfriend in Los Angeles
Sunny Leone with her boyfriend

– अनीता सिंह

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कोरोना महामारी के चलते पूरे देश में इस समय लॉकडाउन चल रहा है. लोग अपने अपने घरों में बंद हैं. बहुत से लोग वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं. ऐसे में बहुत से कपल्स के मन में सेक्स और कोरोना महामारी को लेकर कई सवाल हैं. क्या ऐसे सेक्स करना सेफ है? क्या यह सेक्सुअली ट्रांसफर होता है? रिकवरी के कितने दिनों बाद सेक्स कर सकते हैं? आदि. सेक्स और कोरोना से जुड़े ऐसे ही सवालों के जवाब ढूंढ़ने की हमने यहां कोशिश की है.

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क्या कोरोना सेक्सुअली ट्रांसफर होता है?

आपको बता दें कि कोरोना और सेक्स पर अब तक बहुत ज़्यादा स्टडी नहीं हुई है. हाल ही में इससे जुड़े कुछ पहलुओं पर रिसर्च हुई, जिसके बाद इससे जुड़े मामलों के बारे में पता चला. हालांकि अब तक की जांच में यही सामने आया है कि कोरोना सेक्सुअली ट्रांसफर नहीं होता. दरअसल, चीन में 34 कोरोना पेशेंट्स के पॉज़िटिव होने के 31 दिन के भीतर सीमेन टेस्ट लिए गए, जिसमें वायरस का कोई नामो निशान नहीं मिला. इससे यह साबित होता है कि कोरोना सेक्सुअली ट्रांसफर नहीं होता. लेकिन अगर आपने संक्रमित व्यक्ति के साथ सम्बन्ध बनाये तो आपके भी संक्रमित होने की सम्भावना है, क्योंकि किसिंग के दौरान ड्रॉप्लेट्स के ज़रिये यह फैलता है.

घर में एक साथ रह रहे कपल्स सेक्स कर सकते हैं?

अगर आप दोनों ही घर में बंद हो और कहीं बाहर नहीं जाते तो आपको कोई खतरा नहीं है, ऐसे में सेक्सुअल रिलेशन रखने में कोई परेशानी नहीं है, लेकिन अगर आप या आपके पार्टनर हेल्थ वर्कर हैं या इस समय एसेंशियल सर्विसेज़ की ड्यूटी पर हैं या फिर आप में से एक भी घर से बाहर सामान लेने जाता है तो आपको यही सलाह दी जायेगी कि सेक्स से दूरी बनाकर रखें.

जिसे कोरोना नहीं उसके साथ संबंध बनाना तो सुरक्षित है ना?

इस समय आप सोच समझकर ही किसी व्यक्ति के साथ सेक्सुअल रिलेशन बनाएं, क्योंकि अभी फ़िलहाल उसमें लक्षण नहीं दिख रहे हैं, पर क्या पता वो इंफेक्शन का शिकार हो, क्योंकि इसके लक्षण दिखने में 2 हफ़्तों का समय लग जाता है और अब तक की जांच में यही सामने आया है कि 80% मामलों में लक्षण दिखाई ही नहीं देते.

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कोरोना रिकवरी के कितने समय बाद सेक्स कर सकते हैं?

अगर आप कोरोना पॉज़िटिव थे और अभी रिकवर हो गए हैं, तो अपने डॉक्टर से इस बारे में बात करें. वो आपको सही सलाह दे सकते हैं. क्योंकि बहुत से मामलों में देखा गया है कि इंफेक्शन से रिकवर हुए लोगों में दोबारा लक्षण नज़र आते हैं और वो दोबारा पॉज़िटिव पाए गए.

क्या लॉकडाउन के बाद सेक्सुअल रिलेशन रख सकते हैं?

लॉकडाउन का मकसद सोशल डिस्टेंसिंग है, लेकिन अभी तक कोरोना की वैक्सीन नहीं बनी है और इसे बनने में 12-18 महीनों का समय लगेगा, इसलिए लॉकडाउन के ख़त्म होने के बाद भी कुछ महीनों तक वायरस इंडिया में मौजूद रहेगा, जिसका हमें ध्यान रखना होगा.

– अनीता सिंह

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इस समय जहां पूरी दुनिया कोरोना से जंग लड़ रही है, ऐसे में बॉलीवुड और टीवी सेलिब्रिटीज़ भी कोरोना के कहर से अछूते नहीं हैं. मुंबई में कोरोना वायरस के बढ़ते मामले बॉलीवुड और टीवी सेलिब्रिटीज़ भी को भी डराने लगे हैं. कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए अब मुंबई में ग्लैमर इंडस्ट्री के साक्षी तंवर, सुशांत सिंह, अंकिता लोखंडे से लेकर शज़ा मोरानी तक कई सितारों की इमारतें सील हो रही हैं.

COVID-19:Buildings Of These Artists Sealed In Mumbai

मुंबई में इन कलाकारों के घर भी बढ़ा कोरोना का ख़तरा

  • मालाड, मुंबई स्थित एक कॉम्प्लेक्स, जिसमें छह बिल्डिंग हैं और उन बिल्डिंग में साक्षी तंवर, अंकिता लोखंडे, आदित्य रेडिज, मस्कट वर्मा, शिविन नारंग, आशिता धवन, नताशा शर्मा, शैलेश गुलबाणी जैसे कई कलाकार रहते हैं. इस कॉम्प्लेक्स में कोरोना का एक मरीज मिलने के बाद इसे सील कर दिया गया है. बताया जा रहा है कि कोरोना पॉज़िटिव पाया गया व्यक्ति हाल ही में स्पेन से लौटा था. ख़बरों के अनुसार, उस व्यक्ति का जब एयरपोर्ट पर टेस्ट किया गया, तो वह कोरोना नेगेटिव आया, लेकिन उसे 15 दिनों के लिए सेल्फ क्वारंटाइन में रहने की हिदायत दी गई थी. पहले तो कुछ पता नहीं चला, लेकिन 12वें दिन उसमें कोरोना वायरस के लक्षण दिखाई देने लगे. इसके बाद उस व्यक्ति को हॉस्पिटल ले जाया गया. उस व्यक्ति के कोरोना पॉज़िटिव आने के कारण मालाड के इस कॉम्प्लेक्स को सील कर दिया गया है.
  • मालाड की तरह ही अंधेरी, मुंबई में भी एक व्यक्ति के कोरोना पॉज़िटिव पाए जाने के बाद उस बिल्डिंग को सील करना पड़ा, जी बिल्डिंग में अभिनेता सुशांत सिंह और अभिनेत्री अहाना कुमरा रहती हैं.

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  • इसके अलावा ‘रा वन’ और ‘चेन्नई एक्सप्रेस’ जैसी फिल्मों के निर्माता करीम मोरानी के बंगले को भी सील कर दिया गया है. इसकी वजह है करीम मोरानी की बेटी शज़ा मोरानी. खबरों के अनुसार, शज़ा मोरानी हाल ही में श्रीलंका गई थीं. फिलहाल शज़ा का मुंबई के एक हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है. ख़बरों के अनुसार, मोरानी के पूरे घर को लॉकडाउन कर दिया गया है. इस बिल्डिंग में कुल नौ लोग रहते हैं और अब उन सभी लोगों का कोरोना टेस्ट किया जाएगा.
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पूरे देश में इस समय 21 दिन लॉकडाउन चल रहा है. हर कोई अपने अपने घरों में सुरक्षित बैठा है, पर 21 दिन बाद का क्या, क्या किसी ने सोचा है कि 22वां दिन कैसा होगा, क्या होगा? 21 दिन घरों में एहतियात के तौर पर रहनेवाले लोग जिस 22वें दिन का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं, आख़िर क्या नज़ारा होगा उस 22वें दिन का क्या आपने सोचा है? नहीं न, तो हम आपको बताते हैं, क्या हो सकता है 22वें दिन और दरअसल क्या होना चाहिए.

Aftermath Of Covid 19

यूं समझें कि ये बातें एक मेडिकल प्रोफेशनल बता रहा है, जो सभी की सुरक्षा और सलामती चाहता है, इसलिए इन बातों को समझें और दूसरों को भी समझाएं. जागरूकता एयर एहतियात ही इस महामारी से हमें बचा सकता है.

क्या हो सकता है 22वें दिन?

– 21 दिन घरों में रहने के बाद 22वें दिन सब इस तरह से घर से बाहर सड़कों पर आ जाएंगे, जैसे हमने कोई जंग जीत ली है, जैसा कि कुछ लोगों ने जनता कर्फ्यू वाले दिन किया था. सड़कों पर तिरंगा फहराकर, देशभक्ति नारे लगाये जाएंगे. हमारा देश कितना महान है और हम कितने अच्छे इसका बखान शुरू कर देंगे. शायद लोग ये भूल जाएं कि जिस कोरोना वायरस के खिलाफ ये जंग छिड़ी है, हमसे उसे हराया नहीं है, बल्कि सिर्फ़ उसकी गति को धीमा करने की कोशिश की है.

बहुत से पढ़े-लिखे समझदार लोग जो घर पर रहकर बहुत बड़ा त्याग कर रहे हैं, वो 22वें दिन ही रेस्टोरेंट, मॉल, सिनेमाघर, पार्क जैसे पब्लिक प्लेसेस पर टूट पड़ेंगे. हो सकता है, जिस सोशल डिस्टेंसिंग को हम फॉलो कर रहे हैं, वो उसे एकदम से अनदेखा कर दें. ज़रूरी नहीं कि आप जहां जाएं वहां वो वायरस मौजूद हो, पर सावधानी को एकदम से नकारा नहीं जा सकता.

– सभी छोटे-बड़े बिज़नेस और कार्पोरेट ऑफिसेज़ 22वें दिन अपने रोज़ के समय पर शुरू हो जायेंगे. कंपनी में अधूरा काम पूरा करने के लिए हो सकता है, लोग डबल शिफ्ट में काम करें या फिर, देरी तक बैठकर काम करें और इस बीच हाइजीन को पूरी तरह अनदेखा कर दें, जिससे संक्रमण बड़े पैमाने पर फैल सकता है.

– जो दिहाड़ी मज़दूर या घरों में काम करनेवाले लोग अपने-अपने गांवों में चले गए हैं, सब तुरंत शहर के लिए रवाना हो जाएंगे, ताकि जल्द से जल्द काम पर लौटकर अपनी बदहाली को सुधार सकें. उनमें से अगर एक को भी वायरस के लक्षण हुए और जो शायद चेकअप आदि से किसी तरह बच गया होगा, अगर वो बस या ट्रेन से आएगा, तो डालने साथ 50 और संक्रमित व्यक्तियों को शहर लाएगा.

– सभी पब्लिक ट्रांसपोर्ट के एक साथ शुरू हो जाने से अचानक से सब जगह भीड़ ही भीड़ नज़र आएगी. पूरे देश में एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए लोग टूट पड़ेंगे और नतीजा ये होगा कि बड़े पैमाने पर संक्रमण दोबारा तेज़ी से फैलने की संभावना बहुत बढ़ जायेगी.

– आपको बता दें कि ठीक 22वें दिन भारत में सभी भूल जाएंगे कि हम अभी भी महामारी के बीच मौजूद हैं और अभी ग्लोबल लेवल पर हाहाकार मचा ही हुआ है. हर कोई अपने रोज़मर्रा के काम पर लग जायेगा. मास्क, सैनेटाइज़र और पर्सनल हाइजीन को अनदेखा कर देंगे, क्यों? क्योंकि हमने तो वायरस का तोड़ निकाल लिया है, जी हम 21 दिनों तक घरों में थे. अब इसे भूल जाएं और आगे बढ़ें.

यहां हमें यह समझना ज़रूरी है कि अगर 22वें दिन हमनें ये ग़लतियां की, तो 21 दिनों का हमारा लॉकडाउन बेकार हो जायेगा और शायद हमें फिर से एक और लॉकडाउन का सामना करना पड़े. अगर हम नहीं चाहते कि दोबारा देश लॉकडाउन में जाये, तो हमें कुछ बातों पर ध्यान देना होगा.

After 21 Days Lockdown, What Will Happen On 22nd Day?

क्या कर सकते हैं हम?

– हम सभी को समझदारी से काम लेना होगा. 22वें दिन जश्न न मनाने लगें, बल्कि पिछले चार हफ़्ते से जो एहतियात बरत रहें हैं, उन्हें जारी रखें. याद रखें कि अभी वायरस का अंत नहीं हुआ है, बस अंत की शुरुआत है.

– अगर हमने ये ग़लती की, तो उसका नतीजा कितना भयानक हो सकता है, इसकी जानकारी उन सभी लोगों तक पहुंचाएं, जो ये लेख नहीं पढ़ सकते.

हम चाहते हैं कि सरकार इन बातों पर ध्यान दे और इस लेख को एक पेटीशन की तरह ट्रीट करते हुए, लॉकडाउन के बाद के सभी फ़ैसले उसके अनुसार ही ले.

हम सरकार से निवेदन करते हैं कि लॉकडाउन को धीरे-धीरे ख़त्म करें. उदहारण के लिए-

  • 22वें दिन से एक हफ़्ते तक सिर्फ़ ज़रूरी चीज़ों की ही शुरुआत हो, जैसे कि बैंक, किराना की दुकानें और पब्लिक ट्रांसपोर्ट भी बेहद कम हो.
  • उसके अगले हफ़्ते में हालात को देखते हुए, इन चीज़ों की संख्या बढ़ाई जा सकती है, फिर भी बड़ी संख्या में लोगों को जमा होने से रोकें और सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ख़्याल रखा जाये.
  • थियेटर, मॉल और पार्क जैसे सार्वजानिक स्थान सबसे अंत में खोले जाएं.

अगर हम सच में स्थिति की गंभीरता को समझ जाएं और मुसीबत की इस घड़ी में एक साथ खड़े रहें, तो सवा सौ करोड़ भारतीयों की ज़िंदगी में बहुत बड़ा बदलाव आ जायेगा.

अनीता सिंह

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कोरोना वायरस कर्फ्यू का असर पूरे देश में देखने को मिल रहा यही. पुलिस और प्रसाशन लोगों को 21 दिनों तक अपने घर में रहने की हिदायत दे रहे हैं. कोरोना वायरस से बचने का इस समय यही एकमात्र उपाय है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पुलिस और तमाम एक्सपर्ट्स व सेलिब्रिटीज़ के आगाह करने के बावजूद कई लोग कर्फ्यू का नियम तोड़ रहे हैं, जिससे कोरोना वायरस के बढ़ने का खतरा बढ़ सकता है. ऐसे लापरवाह लोग जब अपनी हरकतों से बाज़ नहीं आ रहे हैं, तो पुलिस ऐसे लोगों पर जमकर डंडे भी बरसा रही है. कोरोना वायरस कर्फ्यू के चलते सुनील ग्रोवर को भी पुलिस के डंडे पड़े हैं. कॉमेडियन सुनील ग्रोवर को दर्शक गुत्थी, रिंकु भाभी, डॉ. मशहूर गुलाटी जैसे मज़ेदार किरदारों के नाम से भी जानते हैं. कर्फ्यू के नियम तोड़ने पर सुनील ग्रोवर को कैसे पड़े पुलिस के डंडे, आइए हम आपको बताते है.

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कर्फ्यू के नियम तोड़ने पर सुनील ग्रोवर को पड़े पुलिस के डंडे
कोरोना वायरस कर्फ्यू के चलते सभी सेलिब्रिटीज़ अपने-अपने अंदाज़ में अपने फैंस को कोरोना से बचने और कोरोना को रोकने की सलाह दे रहे हैं. ऐसे में कॉमेडियन सुनील ग्रोवर ने चुटीले अंदाज़ में अपने फैंस को कोरोना से बचने और कोरोना को रोकने के लिए घर से बाहर न निकलने की सलाह और हिदायत भी दी है. कॉमेडियन सुनील ग्रोवर सोशल मीडिया पर अपनी ये मज़ेदार फोटो शेयर करके एक मज़ेदार मीम के माध्यम से लोगों को हंसाते हुए 21 दिनों तक कोरोना वायरस कर्फ्यू का सख्ती से पालन करने को कहा है. कॉमेडियन सुनील ग्रोवर का ये मीम सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है.

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Ha ha Stay at home for God sake.

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कॉमेडियन सुनील ग्रोवर ने सोशल मीडिया पर अपनी बढ़ी हुई दाढ़ी की ये मज़ेदार फोटो शेयर करके भी अपने फैंस को खूब हंसाया है.

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कोरोना पॉजिटिव पाई गईं बॉलिवुड सिंगर कनिका कपूर पहले से ही कोरोना के संक्रमण को बढ़ावा देने के लिए सुर्ख़ियों में हैं. बता दें कि लखनऊ में कनिका कपूर के कारण कोरोना वायरस के संक्रमण के बढ़ने का खतरा न सिर्फ लखनऊ, बल्कि संसद तक पहुंच गया था. कोरोना पॉजिटिव पाई गईं बॉलिवुड सिंगर कनिका कपूर का अब लखनऊ के संजय गांधी पीजीआई हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है, लेकिन हॉस्पिटल में भी कनिका कपूर के नखरे कम नहीं हो रहे हैं. एक वेबसाइट को दिए इंटरव्यू में कनिका कपूर ने कहा कि हॉस्पिटल में वो जेल जैसा महसूस कर रही हैं. उनका कहना है कि उनके कमरे में धूल भरी हुई है और मच्छर भी हैं. जब उन्होंने डॉक्टर से इसे साफ करवाने को कहा, तो वो कहते हैं कि ये कोई फाइव स्टार होटल नहीं है. कनिका कपूर का ये आरोप सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है.

Kanika kapoor

कोरोना पॉजिटिव पाई गईं बॉलिवुड सिंगर कनिका कपूर के नखरों से परेशान हॉस्पिटल
वहीँ संजय गांधी पीजीआई हॉस्पिटल के प्रशासन का कहना है कि कनिका कपूर का व्यवहार एक पेशंट की तरह नहीं है. हॉस्पिटल प्रशासन के अनुसार, उन्होंने कनिका कपूर को सबसे बेस्ट सुविधाएं मुहैया कराई हैं, उन्हें एयरकंडीशनर कमरा दिया है, जिसमें टॉयलेट अटैच्ड है. उनके कमरे में टीवी भी लगा रखा है. उनके रूम में साफ़-सफ़ाई का पूरा ध्यान रखा जा रहा है. कनिका कपूर की मांग पर उन्हें हॉस्पिटल में ग्लूटन फ्री फूड दिया जा रहा है, जो सिर्फ उनके लिए अलग से तैयार किया जाता है. हॉस्पिटल प्रशासन का कहना है कि कनिका कपूर को ये बात समझनी चाहिए कि हॉस्पिटल में वो एक मरीज हैं, यहां पर वो कोई स्टार नहीं हैं.

कनिका कपूर और लखनऊ के संजय गांधी पीजीआई हॉस्पिटल के इस वाद-विवाद पर आपका क्या कहना है, हमें कमेंट करके ज़रूर बताएं.

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