covid19

इस महामारी के दौरान हममें से ज़्यादातर लोगों के लिए मास्क पहनना, सोशल डिस्टेंस बनाए रखना, हाथों की हाइजीन आदि दिनचर्या का हिस्सा बन गई है. वैसे तो ये तरीक़े कोरोना वायरस से संक्रमित होने से बचने के लिहाज़ से बेहद प्रभावी हैं और प्रतिरक्षा बनाए रखने तथा संक्रमण से लड़ने की शरीर की शक्ति को बेहतर करने के लिए बेहद प्रभावी भी हैं. लेकिन टीका लगवाना ऐसा करने का एक तरीक़ा है और दूसरा तरीक़ा पूरी तरह आपके नियंत्रण में है; अपने फेफड़े पर ध्यान देकर इसकी शुरुआत कीजिए. इस पर डॉ. पुनीत खन्ना, विभागाध्यक्ष और कंसल्टेंट, रेसपायरेट्री मेडिसिन के, ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां दीं.
हवा से भरे शरीर के अंगों की यह स्पांजी (खांखर) जोड़ी सीने के दोनों तरफ़ होती है और शरीर में इसकी बड़ी भूमिका है. ये हवा का ऑक्सीजन खून के प्रवाह (लाल रक्त कोशिकाएं) में शामिल करते हैं, जो बाद में पूरे शरीर में प्रवाहित होकर बहता रहता है. जब आप सांस छोड़ते हैं, तब ये शरीर को कार्बन डाइऑक्साइड से छुटकारा पाने में सहायता करते हैं.
ज़्यादातर स्वस्थ लोग अपने शरीर के अंगों, जैसे- लंग्स या फेफड़े के बारे में नहीं जानते है, क्योंकि वे आसानी से सांस ले पाते हैं और अपने दैनिक कार्य बिना किसी परेशानी या प्रयास के कर लेते हैं. लेकिन शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को नुक़सान पहुंचा रहे हैं इन अंगों को नुक़सान होने से गंभीर स्थिति हो सकती है और कभी-कभी तो यह स्थिति घातक भी हो सकती है.
उम्र बढ़ने और समय के साथ-साथ हमारे फेफड़े कम लचीले हो जाते हैं और ऑक्सीजन के स्तर को आदर्श बनाए रखने की उनकी क्षमता ख़त्म हो जाती है. इसके अलावा, तंबाकू का सेवन करनेवाले यानी बीड़ी, सिगरेट, हुक्का आदि पीनेवाले अपने फेफड़ों को नुक़सान पहुंचा सकते हैं, क्योंकि तंबाकू के धुएं में कार्बन मोनोऑक्साइड होता है, जो खून में ऑक्सीजन की जगह ले लेता है. इससे शरीर का यह अंग आवश्यक ऑक्सीजन से वंचित रहता है. यह समझना महत्वपूर्ण है कि फेफड़ों को शरीर के बाकी हिस्सों की तरह रोज़मर्रा की देखभाल की आवश्यकता होती है और इसका प्रबंध किया जा सकता है. हर साल आज के दिन दुनियाभर में विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाता है, अतः आइए आज के दिन फेफड़े यानी लंग्स को स्वस्थ रखने से जुड़े प्रभावशाली ट्रिक्स के बारे में जानते हैं.

World No Tobacco Day

शराब और सिगरेट से बचें
फेफड़ों से संबंधित किसी भी मुश्किल से बचने का यह सबसे अच्छा तरीक़ा है. सिगरेट के धुएं के साथ फेफड़ों में कई रसायन प्रवेश करते हैं. यह वायुमार्ग को संकरा कर देता है और सांस लेने में कठिनाई का कारण बनता है. धूम्रपान फेफड़ों में स्थायी क़िस्म के सूजन का कारण बन सकता है, जो आगे चलकर ब्रोंकाइटिस का कारण बन सकता है. समय के साथ, धूम्रपान फेफड़ों के ऊतकों को नष्ट कर देता है और कैंसर में बढ़ने वाले परिवर्तनों को ट्रिगर कर सकता है. यदि आप धूम्रपान करते हैं और ख़ुद छोड़ने में असमर्थ हैं, तो स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता की मदद ले सकते हैं.

World No Tobacco Day

एक्सरसाइज़ है ज़रूरी
इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता कि आप युवा हैं या बुज़ुर्ग, दुबल-पतले हैं या भारी-भरकम, कोई पुरानी बीमारी है या नहीं. शारीरिक गतिविधियां आपके फेफड़ों को स्वस्थ रखती हैं. व्यायाम करते समय दिल तेज़ी से धड़कता है और फेफड़े ज़्यादा काम करते हैं. आपकी मांसपेशियों को ईंधन देने के लिए शरीर को अधिक ऑक्सीजन की ज़रूरत होती है. इसके लिए फेफड़े ज़्यादा काम करते हैं. इस तरह आप जितना काम करेंगे आपके फेफड़े भी उतना ही काम करेंगे और स्वस्थ्य रहेंगे.

प्रदूषण से दूर रहें
दूसरे की सिगरेट का धुंआ पीना या प्रदूषण भी फेफड़े के लिए नुक़सानदेह है. कार से निकलनेवाली गैस हो या निर्माण स्थल की नुक़सानदेह होती हैं. ऐसी जगहों से बचें जहां प्रदूषण होने की आशंका हो. अगर इनसे बचना मुश्किल हो, तो जहां तक संभव हो अपने फेफड़ों को राहत दें और वैसी जगह में कम समय रहें.

World No Tobacco Day

संक्रमण से बचें
संक्रमण से फेफड़ों को ख़तरा हो सकता है, ख़ासकर उम्र बढ़ने के साथ. संक्रमित होने से बचने के कई उपाय हैं. स्वच्छता बनाए रखकर आप आसपास के परिवेश में मौजूद हो सकनेवाले वायरस या कीटाणुओं से बच सकते हैं. साबुन से हाथ धोना और अल्कोहल आधारित सैनिटाइजर का उपयोग आपके लिए अच्छा है. मुंह के कीटाणुओं को संक्रमण फैलाने से रोकने के लिए मुंह की स्वच्छता ज़रूरी है. अगर आप बीमार होते रहते हैं, तो संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए दूसरों से दूरी बना कर रखें.

पौष्टिकता से भरपूर संतुलित भोजन करें
संतुलित आहार से आपको स्वस्थ और फिट रहने में मदद मिलेगी, साथ ही संक्रमण को भी रोका जा सकेगा. अच्छा पोषण आपके लक्षणों को भी नियंत्रित करेगा. ब्रिटिश लंग फाउंडेशन के मुताबिक, आपको और आपके फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए पांच प्रमुख खाद्य समूहों को मिलाकर एक अच्छा संतुलित आहार लेना चाहिए. अपने भोजन में इन खाद्य समूहों को शामिल करें- फल और सब्ज़ियां , स्टार्च कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, डेयरी खाद्य पदार्थ और तेल, ताकि आपको स्वस्थ और फिट रहने के लिए आवश्यक सभी पोषक तत्वों का मिलना सुनिश्चित हो.

World No Tobacco Day

कोविड-19 में फेफड़े की क्षमता कैसे बढ़ाएं…

  • तेज चलना, दौड़ना, तैराकी या साइकिल चलाने की तरह कोई भी व्यायाम, जिससे आपकी सांस ठीक-ठाक फूलने लगे, फेफड़ों की क्षमता में सुधार करने में मामूली रूप से मदद करता है. फेफड़ों की क्षमता में सुधार के लिए व्यापक वज़न प्रशिक्षण या उच्च सघनता वाले एक्सरसाइज़ करने की आवश्यकता नहीं है.
  • व्यायाम प्रेरित अस्थमा (दमा) वाले लोगों को निर्धारित दवाओं के साथ व्यायाम करने से पहले उपयुक्त ढंग से वार्मअप करना चाहिए.
  • एम्फिसिमा, ब्रोंकाइटिस और अस्थमा के मरीजों को गहरी सांस लेने की तकनीक का अभ्यास करना चाहिए. जिन लोगों को ऐसी कोई समस्या नहीं है, उन्हें भी ऐसा करना चाहिए. डायाफ्रामेटिक ब्रीदिंग से गहरी सांस खींची जा सकती है, इससे पेट में फेफड़ों से अलग करनेवाली डायाफ्राम मांसपेशी को मज़बूती मिलती है.
  • प्रोटीन और एंटीऑक्सीडेंट की सही मात्रा के साथ संतुलित आहार लेने से श्वसन मांसपेशियों और फेफड़ों की प्रतिरक्षा को भी मज़बूत करने में मदद मिलती है.
  • हाइड्रेटेड रहने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं. यह फेफड़ों के लिए उतना ही महत्वपूर्ण है, जितना शरीर के बाकी हिस्सों के लिए है.
  • एलर्जी या फेफड़ों की किसी भी बीमारीवाले लोगों को सलाह के अनुसार नियमित रूप से निमोनिया और फ्लू का टीका लगवाना चाहिए.
  • घर के अंदर या बाहर का प्रदूषण फेफड़ों की क्षमता को भी नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है. हाल की घटनाओं के मद्देनज़र घर से निकलें, तो हर समय मास्क लगाकर रहें.
  • वजन बढ़ने से भी फेफड़ों की क्षमता कम होती है, क्योंकि पेट की चर्बी फेफड़ों को ठीक से फैलने नहीं देती है. सही भोजन, पर्याप्त व्यायाम और किसी भी रूप में विषाक्त सांस लेने से बचना फेफड़ों को स्वस्थ रखने का मूलमंत्र है.

Photo Courtesy: Freepik


यह भी पढ़ें: नवजात शिशुओं के लिए कंगारू केयर वरदान है… (7 Bonding Benefits Of Skin To Skin Kangaroo Care…)

World No Tobacco Day

कोरोना के कहर के बीच लोग अपने-अपने तरीके से मदद करने की कोशिश कर रहे हैं. बॉलीवुड स्टार्स ने भी लोगों की मदद के लिए आगे आए हैं. सलमान, अक्षय, सोनू सूद लोगों को इलाज के लिए ज़रूरी चीजें मुहैया करा रहे हैं तो अनुष्का शर्मा और प्रियंका चोपड़ा जैसे सेलेब्स ने जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए फंड रेजिंग अभियान शुरू किया है. कई दूसरे स्टार्स भी अपनी अपनी तरह से मदद में जुटे हुए हैं. बिग बी अमिताभ बच्चन भी इन दिनों कोरोना से पीड़ित और जरूरतमंद लोगों की मदद करने में लगे हुए हैं और जितना बन पड़ रहा है, उतनी मदद कर रहे हैं. और अब डोनेशन को लेकर बिग बी ने भी कुछ ऐसा कह दिया है कि फैंस उनकी जमकर तारीफ कर रहे हैं. 

मैंने पूछा नहीं.. मैंने दिया

Big B

बिग बी इन दिनों कोविड -19 के अपने राहत प्रयासों के बारे में डेली अपडेट देते रहते हैं. हाल ही में उन्होंने एक ब्लॉग लिखा, जिसमें उन्होंने बताया कि वे किस तरह लोगों की मदद कर रहे हैं. साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि वो किसी भी राहत काम के लिए लोगों से मदद क्यों नहीं मांगते. उन्होंने इस ब्लॉग में लिखा, ‘फंडरेजिंग का काम सच में काफी काबिले तारीफ है. लेकिन मैं इसे खुद ये कभी नहीं करुंगा, क्योंकि मुझे पैसे मांगना शर्मनाक लगता है और मैं बेहद सीमित साधनों’ से जो कुछ भी कर सकता हूं, वह करता हूं. कई बार मैंने व्यक्तिगत रूप से जो राशि दान की है, वह अभियानों से एकत्रित कुल राशि के बराबर होती है. मैंने पूछा नहीं.. मैंने दिया.’ अमिताभ ने बताया कि वे अब तक अकेले 25 करोड़ रुपए डोनेट कर चुके हैं.’

मेरे साधन बेहद सीमित हैं, मैं जहां जो भी दे सकता हूं देता हूँ…

Big B

अमिताभ ने आगे लिखा है, ‘मैं अपने ब्लॉग पोस्ट में अपने डोनेशन या अपने प्रयासों के बारे में इसलिए नहीं बताता हूं कि लोग मेरी तारीफ करें, बल्कि मैं इसके जरिए सबको आश्वस्त करना चाहता हूं कि सच में लोगों तक मदद पहुंच रही है और यहां केवल ‘कोरे वादे’ नहीं किये जा रहे हैं. मैं जहां जो भी दे सकता हूं .. मेरे साधन बेहद सीमित हैं .. ऐसा प्रतीत नहीं होता होगा, लेकिन वे हैं. मुझे लगता है कि किसी से धन मांगना मेरे लिए शर्मनाक है.’

पब्लिक वेलफेयर विज्ञापनों के लिए कभी पैसे नहीं मांगे

Big B

उन्होंने लिखा, ‘मैंने पब्लिक वेलफेयर के लिए जो भी विज्ञापन किए हैं, उसके लिए आज तक सीधे तौर पर मैंने कोई योगदान नहीं मांगा. अगर कभी ऐसी अनदेखी हो गई है तो मैं माफी मांगता हूं.’

कोविड रिलीफ फंड में कॉन्ट्रिब्यूट न करने को लेकर होते हैं ट्रोलर्स के निशाने पर

Big B

बता दें कि पिछले कुछ समय से बिग बी को कई बार इस बात के लिए लगातार ट्रोल किया जा रहा है कि उन्होंने कोविड रिलीफ फंड के लिए कोई योगदान क्यों नहीं दिया. हालांकि बिग बी इन ट्रोलर्स को जवाब दे चुके हैं कि वो कहने में नहीं करने में यकीन करते हैं. फिर भी शायद इन ट्रोलर्स को जवाब देने के लिए ही अमिताभ ने पहली बार अपने ब्लॉग में उन चीजों की लिस्ट शेयर की है, जो अब तक वो कोविड रिलीफ के लिए डोनेट कर चुके हैं.

अमिताभ का ये अंदाज भी उनके फैन्स और चाहनेवालों को बहुत पसंद आ रहा है और लोग उनके इस कदम की खूब सराहना कर रहे हैं.

कोरोना पैंडेमिक के दौरान हालांकि बॉलीवुड और टीवी वर्ल्ड के कई स्टार्स लोगों की मदद के लिए आगे आए हैं और हर तरह से लोगों की मदद कर रहे हैं. इसके बावजूद इस पैंडेमिक के दौरान लोगों की मदद न करने को लेकर अमिताभ बच्चन से लेकर शाहरुख खान तक को सोशल मीडिया यूज़र्स अक्सर ही निशाने पर लेते रहते हैं. इस बार एक यूज़र ने अक्षय कुमार और ट्विंकल खन्ना पर निशाना साधा तो ट्विंकल ने अपने अंदाज़ में उस यूज़र की बोलती बंद कर दी.

Akshay And Twinkle Khanna

दरअसल एक रिटायर्ड आईएएस ऑफिसर ने ट्वीट करके अक्षय कुमार पर कुछ मदद न करने और मदद का केवल दिखाना करने का आरोप लगाया है. उन्होंने लिखा, “ट्विंकल जी, आपके पतिदेव देश के सबसे अमीर कलाकारों में से हैं. चंदा जुटाकर मदद करने का ड्रामा करने की जगह बेहतर होता कि आपका परिवार थोड़ा और दिल बड़ा कर लेता. ये मदद मांगने का नहीं, मदद करने का वक्त है.” जैसे ही उस ऑफिसर ने ये ट्वीट किया, वैसे ही ये वायरल हो गया. लोग उस ऑफिसर के सपोर्ट में कमेंट्स करने लगे और अक्षय कुमार पर जमकर भड़ास निकालने लगे. आखिरकार ट्विंकल खन्ना अक्षय को सपोर्ट करने के लिए आगे आईं और ट्रोलर्स को ऐसा मुंहतोड़ जवाब दिया कि सबकी बोलती बंद हो गई.

Twinkle Khanna

ट्विंकल ने ट्रोलर्स को रिप्लाई करते हुए लिखा, ”हमने महामारी के दौरान 100 ऑक्सीजन कॉन्सन्ट्रेटर्स डोनेट किया है. साथ साथ और भी कई तरीके से लोगों मदद कर रहे हैं. मैं पहले भी कह चुकी हूँ. ज़िम्मेदारी सिर्फ मेरी या आपकी नहीं है, बल्कि सभी की है कि हम मिलकर उन लोगों की किस तरह मदद कर सकते हैं, जिन्हें वाकई में मदद की ज़रूरत है. लेकिन अफसोस कि ऐसे बुरे दौर में भी एक दूसरे का साथ देने की बजाय हम केवल एक दूसरे को नीचा ही दिखाने की कोशिशों में जुटे हैं.” इसके साथ ही ट्विंकल ने सभी से सुरक्षित रहने की अपील भी की.

Akshay And Twinkle Khanna

बता दें कि अक्षय कुमार ने कोरोना पीड़ितों की मदद के लिए हाल ही में गौतम गंभीर की संस्था को एक करोड़ रुपए दिए हैं, जिसके लिए हर किसी ने अक्षय की तारीफ की थी और दूसरे स्टार्स को भी अक्षय से सीखने की सीख दी थी. इसके अलावा पिछले साल भी अक्षय ने कोरोना के लिए बहुत मदद की थी. पिछले साल लॉकडाउन घोषित होने के बाद उन्होंने 25 करोड़ रुपए पीएम केअर फंड में डाले थे. इसके अलावा भी वो लगातार लोगों की मदद कर रहे हैं.

Akshay Kumar








कोरोना संकट के बीच देश में लोग अपनी सांसों के लिए लड़ रहे हैं और तमाम सेलेब्स भी अब उनकी मदद के लिए आगे आ चुके हैं. इससे पहले काफ़ी सेलेब्स छुट्टियाँ भी एंजॉय करते दिखे और कोई गोवा तो कोई मालदीव में समंदर किनारे तस्वीरें खिंचता नज़र आ रहा था. सेलेब्स के इस व्यवहार पर काफ़ी स्टार्स ने उनकी क्लास भी लगाई कि ऐसे माहौल में ऐसी तस्वीरें शेयर करना अशोभनीय है!

इसके बाद मालदीव सरकार ने भी भारतीय टुरिस्ट की एंट्री पर भी रोक लगा दी. अब जाह्नवी कपूर ने अपने इंस्टाग्राम पर मालदीव की बिकिनी पिक्चर शेयर की है जिसमें वो सिल्वर बिकिनी में एक मैगज़ीन के कवर के लिए पोज़ देती नज़र आ थक हैं. इस ट्रैवल मैगज़ीन के लिए किए गए इस शूट में जाह्नवी बेहद हसीन लग रही हैं लेकिन उन्होंने इस तस्वीर को शेयर करते समय एक सफ़ाई भी पेश की, उन्होंने कैप्शन में लिखा कि ये प्री कमिटेड पोस्ट है और यह लॉकडाउन से पहले शूट किया गया था. हम सभी पूरी तरह से सेफ और सतर्क हैं. उम्मीद है कि आप सब भी सुरक्षित और स्ट्रॉन्ग होंगे!

Janhvi Kapoor

ज़ाहिर है जाह्नवी को ये सफ़ाई इसलिए देनी पड़ी क्योंकि लोगों में रोष है और जिस तरह से देश के बुरे हालातों में सेलेब्स अपनी छुट्टियाँ एंजॉय कर रहे थे उससे फैंस ख़फ़ा भी हैं. साथ ही ये भी साफ़ हो गया कि जाह्नवी वहां अपने काम के सिलसिले में गई थी और इसी बीच उन्होंने थोड़ा एंजॉय भी किया… आप भी देखें जाह्नवी की ये लेटेस्ट वायरल तस्वीरें!
 

Janhvi Kapoor
pic credit: Instagram/aindrilamitra
Janhvi Kapoor
pic credit: Instagram/aindrilamitra
Janhvi Kapoor
pic credit: Instagram/aindrilamitra
Janhvi Kapoor
pic credit: Instagram/aindrilamitra
Janhvi Kapoor
pic credit: Instagram/aindrilamitra
Janhvi Kapoor
pic credit: Instagram/aindrilamitra
Janhvi Kapoor
pic credit: Instagram/aindrilamitra
Janhvi Kapoor
pic credit: Instagram/aindrilamitra
Janhvi Kapoor
pic credit: Instagram/aindrilamitra

फैंस को जाह्नवी की ये तस्वीरें और लुक बेहद पसंद आ रहा है, इनमें जाह्नवी अलग अलग बिकिनी और मोनोकिनी में नज़र आ रही हैं जो वाक़ई बेहद सिज़लिंग है!

पूरी दुनिया के लिए मुसीबत बन चुके कोरोना ने कई बॉलीवुड और टीवी वर्ल्ड के लोगों को भी अपने चपेट में लिया. हालांकि इनमें से ज़्यादातर एक्टर्स रिकवर हो चुके हैं. यहां ऐसे ही कुछ एक्टर्स ने अपने अनुभव शेयर किए हैं. साथ ही लोगों से अपील भी की है कि कोरोना को हल्के में न लें और तमाम ज़रूरी एहतियात बरतें. साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि कोरोना से रिकवर होने के बाद क्या सावधानियां बरतना ज़रूरी है.

अर्जुन रामपाल

Arjun Rampal

कोरोना को मात दे चुके अर्जुन रामपाल ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट अपना अनुभव शेयर कर लिखा था, “मेरे डॉक्टर ने मुझे बताया कि मेरे जल्दी रिकवर होने की एक बड़ी वजह ये भी है कि मैंने वैक्सीन की पहली डोज़ ले ली थी. इस वजह से वायरस का असर मुझ पर कम हुआ. मैं लोगों से ये अपील करता हूं कि जितना जल्दी हो सके इसकी वैक्सीन लगवा लें. पॉजिटिव रहें लेकिन पॉजिटिव न हों. सुरक्षित रहें, ये वक्त भी गुज़र जाएगा.”


निक्की तंबोली

Nikki Tamboli

बिग बॉस 14 कंटेस्टेंट निक्की तंबोली खुद कोरोना को मात दे चुकी हैं. उन्होंने बताया कि ये उनके जीवन का एक बुरा अनुभव था. निक्की ने कहा कि, ‘जो लोग सोचते हैं कि वो कोरोना से रिकवर हो गए हैं और उन्हें दोबारा कोरोना नहीं होगा तो ये उनकी भूल है. उन्हें और ज़्यादा सतर्क रहने की ज़रूरत है. सभी को सतर्कता बरतना चाहिए. और अगर अगर आपकी रिपोर्ट पॉजिटिव आ भी जाए तो घबराने की जरूरत नहीं है.”


राजेश कुमार

Rajesh Kumar


‘साराभाई वर्सेस साराभाई’ के रोशेज़ फेम टीवी एक्टर राजेश कुमार को पिछले साल ही कोरोना हुआ था और वो भी इस वायरस को मात दे चुके हैं. उन्होंने भी लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग बनाए की अपील की. उनका कहना है कि वक्त की नजाकत को देखते हुए दूरी बनाए रखना सबसे ज्यादा जरूरी है. अगर बहुत जरूरी ना हो तो घर से बाहर ना निकलें. सावधान रहें, पर घबराएं नहीं. अपनी इम्यूनिटी का ख्याल रखें. खुश रहें और जब भी जरुरी हो तो डॉक्टर के पास जरूर जाएं. कोरोना को हल्के में ना लें.”


हिमानी शिवपुरी

Himani Shivpuri

सिनियर फ़िल्म और टेलीविजन एक्ट्रेस हिमानी शिवपुरी ने कहा कि, “ये न सोचें कि अगर आपको एक बार कोरोना हो गया है तो दोबारा नहीं होगा. आप कोरोना को हल्के में बिल्कुल न लें. सारे ज़रूरी एहतियात बरतें. घर से बाहर निकलते समय मास्क जरूर लगाएं. अगर हो सके तो डबल मास्क लगाएं ताकि आप और आपके आसपास के सभी लोग सुरक्षित रह सकें.”

आफताब शिवदसानी

Aftab Shivdasani

आफताब शिवदसानी भी कोरोना को हरा चुके हैं, उनका कहना है कि, ‘कोरोना से लड़ने के बाद भी मैं सारे एहतियात बरतता हूं. घर से बाहर निकलते समय मास्क जरूर लगाता हूं. हमेशा सैनिटाइजर अपने साथ रखता हूं. इस वायरस से सुरक्षित रहना आपके हाथों में है. हमारी कोशिश यही रहनी चाहिए कि हम दोबारा इसकी चपेट में ना आएं.”
 
सतीश कौशिक

Satish kaushik

फ़िल्म मेकर, एक्टर सतीश कौशिक ने भी अपना अनुभव साझा करते हुए बताया, “मैं, मेरी आठ साल की बेटी वंशिका और तीन सर्वेंट, घर में कुल पांच लोग कोरोना पॉजिटिव हो गए थे. सिर्फ मेरी वाइफ की रिपोर्ट नेगेटिव थी. एक महीने का यह टाइम बहुत टफ था हमारी फैमिली के लिए. मैं तो लोगों से यही कहूंगा कि सेफ रहें, अपने बच्चों का खयाल रखें. क्योंकि कोरोना की दूसरी लहर बच्चों को ज्यादा इफेक्ट कर रही है. हर एक घंटे में हाथ सैनिटाइज करते रहें. मास्क पहनें. ब्रेक द चैन को फॉलो करें, तभी जाकर हम कोरोना फ्री हो पाएंगे.”

राखी सावंत के बाद अब ‘साथ निभाना’ फेम देवोलिना भट्टाचार्जी ने भी कंगना रनौत की क्लास लगाई है और कहा है कि जब उन्हें हॉस्पिटल, ऑक्सीजन से लेकर बेड तक सबकी सच्चाई पता ही है तो वो सोनू सूद की तरह लोगों की मदद क्यों नहीं करतीं.

Devoleena

दरअसल देवोलिना भट्टाचार्जी कल अपने घर के बाहर स्पॉट की गईं, इस दौरान पैपराजी से बात करते हुए उन्होंने कोरोना के बढ़ते मामलों पर चर्चा की. साथ ही हॉस्पिटल्स में बेड और ऑक्सीजन की कमी पर भी चिंता जताई. इस पर एक पैपराजी ने उनसे कहा कि पर कंगना रनौत तो कह रही हैं कि ऑक्सीजन, बेड्स या दवाओं की कोई कमी नहीं है. इस पर देवोलिना ने कहा, हो सकता है उनके लिए सब कुछ उपलब्ध हो, लेकिन रोज़ाना लोग ऑक्सीजन और इंजेक्शन न मिलने से मर रहे हैं. देवोलिना ने आगे कहा कि अगर उन्हें पता है कि बेड, दवाइयां या ऑक्सीजन कहाँ उपलब्ध है, तो उन्हें सोनू सूद की तरह बाहर आकर लोगों की मदद करनी चाहिए.

Kangana Ranaut

देवोलिना ने कहा, ऑक्सीजन और इंजेक्शन कहां मिल रहा है लोगों को बताओ तो, जैसे इंडस्ट्री के और लोग कर रहे हैं. ”कंगना को बाहर आना चाहिए. अगर सब कुछ उपलब्ध है तो बताएं न कि ऑक्सीजन कहां मिल रही है, बेड कहां उपलब्ध है, उस इंजेक्शन की अरेंजमेंट कहां से हो सकती है. कंगना को बाहर निकलकर उन लोगों की मदद करनी चाहिए, जो लोग बेड या सही इलाज न मिलने की वजह से परेशान हैं और अपनों को खो रहे हैं. कंगना को इन सबकी मदद करनी चाहिए.

Devoleena

बता दें कि इस समय जहां तमाम एक्टर्स कोविड से जूझ रहे मरीजों के लिए फाइनेंशियल हेल्प से लेकर बेड और ऑक्सीजन तक के इंतजाम में लगे हैं, वहीं कंगना की ओर से अब तक कोई मदद सामने नहीं आई है. इसी बात के लिए कल राखी ने भी कंगना को नसीहत दी थी कि उनके पास करोड़ों रुपए हैं तो उन्हें ऑक्सीजन खरीदकर लोगों को बांटना चाहिए और लोगों ने भी राखी की इस बात सहमति जताई थी. और अब देवोलिना ने भी कंगना को इसी तरह की समझाइश दी है.



सेलिब्रिटी फैशन डिजाइनर मनीष मल्होत्रा, जो बॉलीवुड में कई बड़े स्टार्स के फेवरेट डिज़ाइनर हैं, ने एक हफ्ते में ही कोरोना को हरा दिया है. 54 वर्षीय मनीष मल्होत्रा की कोविड रिपोर्ट एक हफ्ते पहले ही पॉजिटिव आई थी और मात्र 7 दिन में वो कोरोना नेगेटिव हो चुके हैं.

Manish Malhotra

उन्होंने ये खुशखबरी खुद सोशल मीडिया पर शेयर की और जल्दी ठीक होने की वजह भी बताई. साथ ही उन्होंने सबको वैक्सीन लेने की भी सलाह दी.

Manish Malhotra

मनीष ने एक मास्क के साथ इंस्टाग्राम पर एक सेल्फी शेयर की और लिखा कि उनकी रिपोर्ट दो बार नेगेटिव आ चुकी है. फ़ोटो शेयर करते हुए उन्होंने कैप्शन में लिखा- ‘दो बार कोव‍िड टेस्ट न‍िगेट‍िव आया…आप सभी के दुआओं और प्रार्थनाओं के लिए आभार… मैं वैक्सीन लेने की वजह से इतनी जल्दी ठीक हो पाया…इसलिए वैक्सीनेशन सभी के लिए बहुत जरूरी है…सुरक्ष‍ित रहें’.

Manish Malhotra

मनीष मल्होत्रा के कोरोना से ठीक होने पर कई बॉलीवुड सेलेब्स ने खुशी जाह‍िर की है, जिसमें जाह्नवी कपूर, रिद्ध‍िमा कपूर साहनी, गौहर खान समेत और भी कई सेलेब्स शामिल हैं.

Manish Malhotra

बता दें कि मनीष ने 17 अप्रैल को कोरोना पॉज‍िट‍िव होने की न्यूज़ शेयर की थी और लिखा था- ‘मैं कोरोना पॉज‍िट‍िव हो गया हूं. मैंने आपको आइसोलेट कर लिया है और होम क्वारनटीन में रहूंगा. मैं डॉक्टर्स द्वारा दिए गए सभी सेफ्टी प्रोटोकॉल्स का पालन कर रहा हूं. प्लीज आप सब भी सुरक्ष‍ित रहें और अपना ख्याल रखें’. 

Manish Malhotra

बता दें कि वैक्‍सीन लगवाने के बाद भी कई लोगों के कोरोना पॉजिटिव होने की खबरों के बाद लोग वैक्सीन लगवाने से डरने लगे हैं और लोगों को लगने लगा है कि वैक्सीन के बाद भी अगर कोरोना होता है तो वैक्सीन लगाने का क्या फायदा. जबकि डॉक्टर्स बार बार कह रहे हैं कि वैक्सीन लगाने के बाद भी आपको कोरोना से जुड़े सभी नियमों का पालन करना पड़ेगा. और इसके बाद आप पॉजिटिव हो भी जाते हैं तो भी संक्रमण हल्का होगा और रिकवरी भी फ़ास्ट होगी. मनीष मल्होत्रा इस बात की बहुत अच्छी मिसाल हैं. इसलिए अगर कोरोना को हराना है तो सभी अपनी बारी आने पर वैक्सीन ज़रूर लें.



कोरोना वायरस का नया के फेफड़ों और रेस्पिरेटरी सिस्टम पर अटैक कर रहा है, जिस वजह से 60-65% लोगों का ऑक्सीजन लेवल एकदम कम हो जा रहा है और इमरजेंसी की नौबत आ जा रही है. ऑक्सीजन की कमी होने से कई मरीज जान से हाथ धो रहे हैं. तो क्यों न ऐसी नौबत ही न आने दें. घर में ही कुछ ऐसे योग प्राणायाम करें, जिससे शरीर का ऑक्सीजन लेवल बढ़ जाए. ये योगासन कोरोना संक्रमित भी करें, ताकि आपके शरीर में ऑक्सीजन लेवल कम होने ही न पाए.

1. ताड़ासन

Yoga Asanas To Improve Lung Health


– पैरों के बीच कुछ दूरी रखते हुए सीधे खड़े हो जाएं
– दोनों हाथों अपने शरीर के पास में सीधा रखें.
– अब डीप ब्रीदिंग करते हुए अपनी दोनों हाथों को सिर के ऊपर उठाएं. अपनी उंगलियों को आपस में इंटरलॉक कर लें.
– हाथों को सीधा रखें और स्ट्रेच करें. आपके शरीर में पैरों से लेकर हाथों की उंगलियों तक स्ट्रेच महसूस होना चाहिए.
– 10 सेकेंड के लिए इस स्थिति में रहें और गहरी सांस लेते रहें. अब सांस छोड़ते हुए अपनी शुरुआती अवस्था में आ जाएं.

2. तिर्यक ताड़ासन
– दोनों पैरों में अंतर रखते हुए सावधान की मुद्रा में खड़े हो जाएं. दोनों हाथों को सामने से उठाते हुए कंधे तक ले आएं. हाथों की उंगलियों को इंटर लॉक करें.
– डीप ब्रीदिंग करते हुए हाथों को ऊपर की तरफ स्ट्रेच करें और सांस छोड़ते हुए दाहिनी ओर झुकें.
– अब सांस लेते हुए हाथ ऊपर ले जाएं और सांस छोड़ते हुए बाई ओर झुकें.

3. स्कंध संचालन
यानी शोल्डर रोटेशन क्रिया करने के लिए उंगुलियों के ऊपरी सिरे को कंधे पर रखें. अब दोनों कुहनियों को आपस में मिलाकर हाथों को पीछे की ओर ले जाते हुए बड़ा चक्र बनाने का प्रयास करें. ये क्रिया क्लॉक वाइज और एंटी क्लॉक वाइज दोहराएं. शोल्डर रोटेशन के समय डीप ब्रीदिंग करते रहें.

4. मकरासन

Yoga Asanas To Improve Lung Health

– पेट के बल लेट जाएं और अपने दोनों हाथों को मोड़कर कोहनियों को जमीन पर टिकाएं.
– आरामदायक अवस्था के लिए अपनी ठुड्डी को अपनी दोनों हाथों की हथेलियों पर रखें.
– गहरी सांस लेते हुए अपने दाएं पैर को मोड़ें और फिर सांस को छोड़ते हुए इसे सीधा कर लें.
– इस प्रक्रिया को दूसरे पैर से भी इसी तरह दोहराएं.
– फिर कुछ मिनट बाद धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में आ जाएं।


5. विश्रामासन
– पेट के बल लेट कर किए जानेवाले इस आसन से ऑक्सीजन लेवल थोड़ी ही देर में नॉर्मल हो जाता है.
– पेट के बल लेटकर बाएं हाथ को सिर के नीचे ज़मीन पर रखें तथा गर्दन को दाई ओर घुमाते हुए सिर को हाथों पर रखें.
– दाएं पैर को घुटनों से मोड़कर जैसे बालक लेटता है, वैसे लेटकर विश्राम करें.
– डीप ब्रीदिंग करें. कुक देर इस अवस्था मे रहने के बाद पूर्व अवस्था में आ जाएं.

6. भुजंगासन

Yoga Asanas To Improve Lung Health


– जमीन पर पेट के बल लेट जाएं. हथेलियों को सीने के पास कंधों की सीध में रखें.
– गहरी सांस लेते हुए अपनी अपर बॉडी को ऊपर की तरफ उठाएं.

– सिर को जितना हो सके, ऊपर की तरफ उठाएं।
– इस स्थिति में 15-30 सेकेंड के लिए रूकें. गहरी सांस लेते हुए सामान्य अवस्था में आ जाएं.

7. उष्ट्रासन
– घुटनों के बल या वज्रासन में बैठ जाएं.
– ध्यान रहे जांघ तथा पैरों को एक सीधा में हों.
– अब अपने घुटनों पर खड़े हो जाएं और गहरी सांस लेते हुए पीछे की ओर झुकें और दाईं हथेली को दाईं एड़ी पर तथा बाईं हथेली को बाईं एड़ी पर रखें.
– शरीर का वजन बांहों तथा पांवों पर समान रूप से होना चाहिए.
– धीरे-धीरे सांस ले और धीरे धीरे छोड़ें.
– लंबी गहरी सांस छोड़ते पूर्व अवस्था में आ जाएं।

8. धनुरासन

Yoga Asanas To Improve Lung Health

– पेट के बल लेट जाएं. पैर सटे हुए हों और हाथ पैरों के पास रखें.
– धीरे-धीरे घुटनों को मोड़ें और हाथों से टखने को पकड़ें.
– गहरी सांस लेते हुए सीने को उठाएं और जांघों को भी जमीन से ऊपर उठाएं.
–  शरीर धनुष की तरह खिंचा हुआ रहे. सांस सामान्य गति से लेते रहें.
– कुछ सेकंड इस अवस्था में रुकें फिर पूर्व अवस्था में आ जाएं.

9. शलभासन
– पेट के बल लेट जायें.
– अपने दोनों पैरो को सीधा रखें और पैर के पंजे ऊपर की ओर रखें.
– अपने दोनों पैरों को एक-एक कर ऊपर की ओर उठाने की कोशिश करें. जितना हो सकता है उतना अपनी अधिकतम ऊंचाई तक पैरों को ऊपर करें.
– धीरे धीरे सांस को छोड़ते हुए पैरों को नीचे करते जाएं.

10. त्रिकोणासन

Yoga Asanas To Improve Lung Health

– ज़मीन पर सीधा खड़े हो जाएं.
– दोनों पैरों के बीच 2 फुट की दूरी रखें.
– दाएं पैर को दाईं तरफ़ मोड़ें.
– दोनों हाथों को कंधों के समांतर फैलाएं.
– सांस लेते हुए धीरे-धीरे दाईं ओर झुकें. ध्यान रखें झुकते समय नज़र सामने की ओर हो.
– दाएं हाथ से दाएं पैर को टच करें.
– बायां हाथ ऊपर की तरफ सीधा रखें और नजर बाएं हाथ की उंगलियों की तरफ़ हो.
– इसी प्रक्रिया को बाएं हाथ से दोहराएं.


11. प्राणायाम

Yoga Asanas To Improve Lung Health

इसके अलावा डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज करें, भस्त्रिका, अनुलोम विलोम, कपालभांति. ये सारे प्राणायाम लंग्स को ताकत देंगे और ऑक्सीजन का लेवल मेंटेन रखेंगे.





कोरोना काल में जहां लोग घर से निकलने से डर रहे हैं, ऐसे में छत्तीसगढ़ की 5 महीने की प्रेग्नेंट DSP शिल्पा साहू कोरोना काल में भी कर रही हैं ड्यूटी, सड़क पर उतरकर लोगों को दे रही हैं मास्क पहनने की हिदायत.

DSP Shilpa Sahu

जो लोग फ़र्ज़ को धर्म समझते हैं, उनके सामने हर कठिनाई आसान हो जाती है. 5 महीने की प्रेग्नेंट DSP शिल्पा साहू कोरोना काल में भी चिलचिलाती धूप में अपना फ़र्ज़ निभा रही हैं और सड़क पर उतरकर लोगों को मास्क पहनने की हिदायत दे रही हैं

हाथ में लाठी लिए छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले की डीएसपी शिल्पा साहू चिलचिलाती धूप में सड़क पर उतरकर बेवजह घर से निकलने वालों को समझाती हैं कि ऐसा न करें, ऐसा करने से आप संक्रमित हो सकते हैं. जो लोग सीधी तरह बात नहीं मानते, शिल्पा साहू उनके चालान भी काटती हैं. बहादुरी की मिसाल शिल्पा साहू का ये जज़्बा देखकर लोग दांतों तले उंगली दबा लेते हैं.

कोरोना काल में जहां लोग अपने घर की औरतों को बाहर नहीं निकलने देते, ऐसे में 5 महीने की प्रेग्नेंट DSP शिल्पा साहू कोरोना काल में भी चिलचिलाती धूप में अपना फ़र्ज़ निभा रही हैं. DSP शिल्पा साहू लोगों से कहती हैं कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए फेस मास्क लगाना, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना और सैनिटाइजेशन करना बहुत जरूरी है. डीएसपी शिल्पा साहू लोगों से कहती हैं कि हम सड़क पर इसलिए हैं, ताकि इलाके में कानून व्यवस्था बनी रहे. वो लोगों को अपने घरों में सुरक्षित रहने के लिए कहती हैं और बेवजह घर से बाहर न निकलने की हिदायत देती हैं.

यह भी पढ़ें: कोरोना से संक्रमित डॉक्टर ने फेसबुक पर लिखा, शायद ये आखिरी गुड़ मॉर्निंग हो, 36 घंटे बाद दुनिया को कहा अलविदा (Mumbai Doctor Dies Of Covid 19 After Saying Goodbye On Facebook)

DSP शिल्पा साहू के काम और साहस की तारीफ़ करते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि उन्होंने समाज के सामने एक अच्छा उदाहरण प्रस्तुत किया है. दंतेवाड़ा की डीएसपी शिल्पा साहू से हम सभी को प्रेरणा लेनी चाहिए और अपने आसपास के लोगों को कोरोना से बचाव के लिए जागरूक करना चाहिए. यदि हम सब मिलकर अपनी ज़िम्मेदारी निभाएंगे, तो कोरोना को जरूर हरा पाएंगे. आप सब भी स्वस्थ और सुरक्षित रहें.

कोरोना वायरस से पूरा देश जंग लड़ रहा है, ऐसे में धार्मिक स्थल भी इस जंग में मदद के लिए आगे आ रहे हैं. बता दें कि मुंबई के श्री स्वामी नारायण मंदिर ने परिसर को कोविड अस्पताल में बदल दिया है. इन मंदिरों की इमारतों में देश के सभी धर्मों के लोगों के अलावा दूसरे देशों के नागरिकों का भी इलाज किया जा रहा है.

Religious Bodies

कोरोना के प्रकोप देशभर में रोगियों की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है, मरीजों की बढ़ती संख्या के चलते बीएमसी के प्रमुख अस्पतालों में बेड मिलना एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है, ऐसे में धार्मिक स्थल अपनी नैतिक ज़िम्मेदारी को समझते हुए मानव कल्याण के लिए आगे आ रहे हैं. महामारी के इस कठिन दौर में ये सभी धार्मिक स्थल ये संदेश दे रहे हैं कि मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं होता.

Covid Hospital

कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में मदद के लिए देशभर से कई धार्मिक स्थल आगे आ रहे हैं. इसी कड़ी में हाल ही में नोएडा के सेक्टर 18 में स्थित गुरुद्वारा साहिब ने तय किया है कि उन लोगों तक मुफ्त में खाना पहुंचाया जाएगा, जो कोरोना से पीड़ित और घर पर खाना नहीं पका सकते. इसी तरह वडोदरा में स्वामीनारायण मंदिर में 500 बेड की सुविधा की गई.

Covid Hospital

मंदिरों की तरह ही देशभर में मस्जिदों की तरफ से भी मदद के लिए हाथ आगे बढ़ रहे हैं. ख़बरों के अनुसार, वडोदरा की जहांगीरपुरा मस्जिद को मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कोविड सेंटर में तब्दील कर दिया गया है. इस मस्जिद में करीब 50 बेड ऑक्सीजन के साथ उपलब्ध हैं. स्वामीनारायण मंदिर और जहांगीरपुरा मस्जिद के अलावा दारुल उलूम में भी कोरोना संक्रमितों की मदद के लिए 120 बेड का इंतजाम किया गया है.

Covid Hospital

महामारी से इस मुश्किल समय में जब पूरा देश कोरोना से जंग लड़ रहा है, ऐसे में देशभर में धार्मिक स्थलों का इस भारी तादाद में मदद के लिए आगे आना इस बात की तसल्ली देना है कि हमारे सभी धार्मिक स्थल मानवता को ही सबसे बड़ा धर्म समझते हुए बिना कोई भेदभाव किए आम जन मानस की मदद के लिए भारी तादाद में आगे आ रहे हैं.

कोरोना महामारी के दौरान लंबे समय तक काम करना और घर से काम करने यानी वर्क फ्रॉम होम में महिलाओं को सबसे ज्यादा काम करना पड़ा. उन्हें कामकाजी यानी प्रोफेशनल के साथ-साथ हाउस वाइफ़ और घर पर सबका ख़याल रखने की भूमिका भी निभानी पड़ी. भारत में 80% से ज्यादा कामकाजी महिलाओं पर कोविड-19 के दौरान नकारात्मक प्रभाव पड़ा है. कामकाजी जीवन को संतुलित करना बेहद मुश्किल हो गया है. भारत के औपचारिक क्षेत्र में महिला कामगारों पर कोविड-19 के प्रभाव से संबंधित एक रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है.

एस्‍पायर फॉर हर और सस्‍टेनेबल एडवांसमेंट ‘वुमेन@वर्क’ रिपोर्ट जारी की है, इसके अनुसार सर्वेक्षण में भाग लेने वाली कामकाजी महिलाओं में 38.5% ने कहा कि घर का काम बढ़ जाने, बच्चों की देखभाल के साथ बुजुर्गों का ख्याल रखने जैसे कामों से उनपर प्रतिकूल असर हुआ. 43.7% ने कहा कि कामकाजी जीवन से संतुलन बनाना सबसे मुश्किल हो गया है.

Women's Day Special

इस रिपोर्ट पर एक वर्चुअल पैनल चर्चा का भी आयोजन किया गया था, जिसमें कई जाने-माने पैनेलिस्ट थे. ये हैं – सुश्री मधुरा दासगुप्ता सिन्हा (एस्‍पायर फॉर हर की संस्थापक और सीईओ), डॉ. नयन मित्रा (सस्‍टेनेबल एडवांसमेंट्स के संस्थापक), सुश्री निष्ठा सत्यम (डिप्टी कंट्री रिप्रेजेंटेटिव, यूएन वूमेन) और सुश्री नव्या नवेली नंदा (संस्थापक, प्रोजेक्ट नवेली और सह-संस्थापक तथा सीएमओ आरा हेल्थ). हमिंगबर्ड एडवाइजर्स की सीईओ सुश्री पूर्णिमा शेनॉय ने इसका संचालन किया.

इस रिपोर्ट के अनुसार जो सबसे आम प्रतिक्रिया मिली वह यह कि महामारी के समय उन्हें ज्यादा समय तक ज्यादा परिश्रम के साथ काम करना पड़ा. इस तरह काम और जीवन के बीच संतुलन बिगड़ गया. मिड करियर यानी 16-20 साल काम करने का अनुभव रखनेवाली महिलाओं में 50.4% ने इसका कारण बताया, घर के बढ़े हुए काम के कारण यह बोझ बढ़ा. इनमें बच्चों और बुजुर्गों की देखभाल शामिल है.

Women's Day Special

रिपोर्ट पर चर्चा करते हुए एस्पायर फॉर हर की संस्थापक और सीईओ सुश्री मधुरा दासगुप्ता सिन्हा ने कहा, इस महामारी का महिलाओं पर बहुत ही गहरा असर हुआ है और ये अलग-अलग क्षेत्रों में काम करनेवाली महिलाओं ने खुद महसूस किया है. इस रिसर्च से हमें रणनीति में बनाने में काफी मदद मिलेगी, जिससे हम करियर में आगे बढ़ने की चाह रखनेवाली महिलाओं को मानसिक रूप से संबल दे पाएंगे और उनकी मनःस्थिति को बेहतर बना पाएंगे. इस रिसर्च से हमें पांच पॉइंट्स पर बदलाव लाने में सहायता मिली है, इनमें मेनटॉर और रोल मॉडल, सीखने और रीस्किलिंग के मौके, करियर की समीक्षा और मौके तथा मजबूत टीम व सपोर्ट की आवश्यकता शामिल है. ये रिसर्च 800 महिलाओं पर हुआ है, जिसमें मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु, दिल्ली, चेन्नई, हैदराबाद, भुवनेश्‍वर, रांची, जयपुर, पुणे और अहमदाबाद जैसे शहरों को शामिल किया गया.

सिुश्री पूर्णिमा शेनॉय, सीईओ – हमिंगबर्ड एडवाइजर्स ने कहा, दुनिया जब कोविड-19 वायरस के प्रभाव से जूझ रही थी तब एक और वायरस था जो सामाजिक संरचनाओं को प्रभावित कर रहा था. दुनिया भर में कामकाजी महिलाएं, सबसे ज्यादा प्रभावित हुईं और यह बढ़ती बेरोजगारी के कारण था. रिपोर्ट से पता चलता है कि महामारी के दौरान जेंडर के आधार पर असमानताएं और भेदभाव काफ़ी हावी था. महिलाओं के साथ भेदभाव वाला व्यवहार किए जाने या फिर घरेलू काम की जिम्मेदारी के बंटवारे का अनुपात ठीक नहीं होने से महिलाएं काफ़ी परेशान रहीं.

Women's Day Special

विभिन्न प्रोफ़ेशन व क्षेत्रों में पुरुषों-महिलाओं के बीच फ़र्क़ पर भी रिसर्च ने प्रकाश डाला है- कोविड-19 के कारण अपनी नौकरी गंवाने वाली 61.1% महिलाओं ने महसूस किया कि महिलाएं पुरुषों की तुलना में ज्यादा बुरी स्थिति में हैं, इसके बाद वो महिलाएं हैं जिन्होंने ब्रेक लिया (46.7%), फिर कामकाजी महिलाएं (42.3%) जबकि 35.6% छात्राएं और स्व रोजगार करने वाली 30.3% महिलाएं ऐसा मानती हैं.

स्वरोज़गार वाली महिलाएं बेहद प्रभावित हुईं: रिपोर्ट में कहा गया की स्वरोजगार करने वाली 41.6% महिलाओं ने बताया कि वे कोविड-19 से नकारात्मक रूप से प्रभावित हुई थीं. कोई नया बिज़नेस मॉडल अपनाने के मामले में सबसे बड़ी समस्या मार्केट में सप्लाई और डिमांड को समझने या अनुमान लगाने में अपर्याप्त जानकारी और आर्थिक संसाधनों की कमी रही है.

Women's Day Special

सुश्री नव्या नवेली नंदा, संस्थापक – प्रोजेक्ट नवेली और सह-संस्थापक तथा सीएमओ आरा हेल्थ ने कहा: कोविड महामारी के चलते स्व रोज़गार वाली महिलाओं के लिए कई चुनौतियाँ खड़ी हो गई, वो पूरी तरह से अकेली पड़ गईं, जबकि इसके लिए एक सामूहिक मंच aur प्रयास की आवश्यकता है – एक ऑनलाइन कम्यूनिटी होनी चाहिए जहां अपने अनुभव और स्ट्रगल स्टोरीज़ को शेयर किया जा सके और करियर के लिए संसाधन, सुविधाएं व अन्य तरह की मदद मुहैया कराए जा सकें. उस हिसाब से ये रिसर्च काफ़ी लाभकारी व आंखें खोलनेवाला है.
सस्टेनेबल एडवांसमेंट्स के संस्थापक और रिपोर्ट को लिखनेवाले डॉ. नयन मित्रा, सीएसआर के विशेषज्ञ हैं उनका मानना है कि यह रिपोर्ट भारत में महिलाओं और पुरुषों को सतर्क करने के लिए है. अगर हम ऐसा करते हैं जो हम पिछले 15 वर्षों से करते आए हैं तो देश उच्च शिक्षित, विविध क्षेत्रों में काम करने योग्य शानदार प्रतिभा के इस भंडार को खो देगा और खरबों डॉलर की अर्थव्यवस्था हाथ से निकल जाएगी.

Women's Day Special

– शिक्षा क्षेत्र में काम करने वाली 50.6% महिलाओं ने महसूस किया कि महामारी के दौरान पुरुषों की तुलना में महिलाएं अधिक खराब स्थिति में थीं. कई टीचर्स को ऑनलाइन वीडियो प्लेटफॉर्म की मदद लेनी पड़ी, लेकिन जो इतने टेक्नोसैवी नहीं थे उनके लिए ये जीवन का सबसे मुश्किल काम था. 21.8% महिलाओं ने महसूस किया कि उनपर नकारात्मक प्रभाव पड़ा और कहा कि उनमें से ज्यादातर (54.1%) को कठिन / लंबे समय तक काम करना पड़ा जबकि 41.8% ने कहा कि उनपर गृहकार्य / बच्चों की देखभाल / बुजुर्गों का ख्याल रखने का अतिरिक्त बोझ था.

Women's Day Special

पिछले 15 वर्षों से महिलाओं से संबंधितग्लोबल जेंडर गैप इंडेक्स में उनका खराब होता रैंक चिंता का एक बड़ा कारण है, जो महामारी से और बिगड़ा है. ऐसे में ye रिसर्च आंखें खोलनेवाला है जिससे महिलाओं की स्थिति को बेहतर करने की दिशा में कदम ज़रूर बढ़ाया जा सकता है! इंटरनेशनल विमन्स डे पर इतना तो किया और सोचा ही जा सकता है!

यह भी पढ़ें: मात्र 6 रुपये में मिलेगा ‘सेना जल’ जिसे तैयार किया है भारतीय सेना के परिवारों ने, बिक्री से होनेवाली कमाई इस नेक काम में होगी इस्तेमाल! (Get Sena Jal For Just 6 Rupees, Great Initiative By Army Wives)

महाराष्ट्र के पुणे में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के नए प्लांट में आग लग गई है, जिससे कोविड वैक्सीन बनाने वाली जगह को लेकर चिंता बढ़ी है. बता दें कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ही कोरोना वैक्सीन कोविशिल्ड बना रही है, जिसकी आपूर्ति भारत समेत कई देशों में की जा रही है. हालांकि आग लगने की वजह अभी साफ नहीं हो पाई है. दमकल विभाग की गाड़ियां आग बुझाने में जुटी हैं.

Serum Institute Of India

कोविड वैक्सीन बनाने वाली जगह को सुरक्षित बताया जा रहा है
महाराष्ट्र के पुणे में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के नए प्लांट में आग लग गई है, जिससे पूरे देश में चिंता की लहर है. बता दें कि पिछले साल ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने इस प्लांट का उद्घाटन किया था, लेकिन अभी इस प्लांट में वैक्सीन का उत्पादन नहीं शुरू हो पाया है, इसलिए फिलहाल कोरोना वैक्सीन कोविशिल्ड बनाने वाली जगह को सुरक्षित बताया जा रहा है. कोविशिल्ड बनाने वाली जगह सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की इस बिल्डिंग से एक किलोमीटर दूर है. सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला ने कहा है कि फंसे हुए लोगों को बाहर निकाल लिया गया है.

न्यूज़ एजेंसी ANI ने ट्वीट करके महाराष्ट्र के पुणे में स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) के टर्मिनल एक गेट में आग लगने की जानकारी दी है.

सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला ने ट्वीट करके बताया है कि सीरम इंस्टीट्यूट में लगी आग से किसी की भी जान को कोई नुक़सान नहीं हुआ है, हालांकि बिल्डिंग के कुछ फ्लोर की काफी क्षति हुई है.

पुणे के सीरम इंस्टीट्यूट में लगी आग की घटना के बाद उस इलाके की सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है, ताकि कोरोना वैक्सीन कोविशिल्ड बनाने वाली जगह की सुरक्षा में कोई कमी न आने पाए.

×