Cracked Heels

Home Remedies for Cracked Heels

स्त्रियां अपने चेहरे का तो ध्यान रखती हैं, पर पैर की एड़ियों और तलुवों की ओर अधिक ध्यान नहीं देतीं. पैर के तलुवों की सफ़ाई पर ध्यान न देने के कारण वहां मैल जमा हो जाती है, जिसके कारण वहां दरारें पड़ जाती हैं, इन्हें आम भाषा में ‘बिवाई’ भी कहते हैं. जब छोटी दरारें पड़ी हों, तब ऐसे दरारयुक्त पैर मिट्टी के संपर्क में आते हैं, तो वहां की त्वचा दूषित हो जाती है. निरंतर पानी के संपर्क से वहां की त्वचा सड़ जाती है, जिससे पैरों में दरारें पड़ जाती हैं और चलना-फिरना कठिन हो जाता हैे.
कभी-कभी दरारों से रक्तस्राव और अत्यधिक पीड़ा होती है. कई बार पैरों में जलन भी होती है. निम्न घरेलू नुस्ख़ों को आज़माकर एड़ियों व तलुवों की दरारों से छुटकारा पाया जा सकता है.

* तलुवों या एड़ियों में दरारें पड़ी हों, तो नारियल का तेल थोड़ा गर्म करके दिन में दो-तीन बार लगाएं और पैर को 10-15 मिनट तक गुनगुने पानी में डालकर रखें. इसके बाद इस पर कोई घरेलू मलहम लगाने से लाभ होता है.
* 15 मि.ली. ग्लिसरीन में एक काग़ज़ी नींबू का रस निचोड़कर अच्छी तरह मिला लें. इसे लगाने से बिवाई दूर होती है.
* तिल के तेल में मोम मिलाकर मलहम बना लें. इसे तलुवों की दरारों पर दिन में तीन बार लगाएं.
* 10-10 ग्राम तिल या तिल का फूल, सेंधा नमक, गोमूत्र और सरसों का तेल लेकर खरल कर या पीसकर धूप में सुखा लें. इसे तलुवों की दरारों में लगाने से रोग का शमन होता है.
* पिघला हुआ मोम, मदनफल, सेंधा नमक- सभी को समभाग लेकर उसमें मक्खन मिलाकर मलहम तैयार करें. इसको पैरों की बिवाइयों में लगाने से तुरंत आराम मिलता है और दरारें भर जाती हैं.
* सेंधा नमक, लाल चंदन, राल, शहद, घी, गुग्गुल, गुड़ और गेरू- इन सबको समान मात्रा में लेकर मलहम बनाकर रख लें. इसे नियमित एक हफ़्ते तक सुबह-शाम लगाने से बिवाई से छुटकारा मिल जाता है.
* खसखस, तोरई और नागरमोथा-सभी को समान मात्रा में लेकर एक साथ पीसकर घी में मिलाकर लेप करने से तलुवों की दरारों का दर्द दूर होता है और वहां की त्वचा भी मुलायम होती है.
* 5 ग्राम घी, 5 ग्राम मोम, 2-2 ग्राम गुग्गुल, गेरू, सेंधा नमक, शहद और कपूर- सभी को मिलाकर धीमी आंच पर पिघलाकर मलहम बना लें. बिवाईयुक्त पैर को गर्म पानी से धोकर इसे 2-3 बार लगाएं. यह एड़ियों व तलुवों की दरारों के लिए बेहतरीन घरेलू नुस्ख़ा है.

 

इन बातों का भी ध्यान रखें-
– दूध, घी, मक्खन आदि स्निग्ध पदार्थों का विशेष सेवन करें.
– पैरों में मोजे, जूते-चप्पल पहनें. नंगे पैर न घूमें.
– एड़ियों व तलुवों की दरारों को दूर करने में घरेलू लेप, मलहम आदि लाभदायक सिद्ध होते हैं.
– लेप लगाने से पहले तलुवों और दरारों को गुनगुने पानी से धोकर साफ़ कर लें.
– वातवर्द्धक आहार का सेवन नहीं करें.

 

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