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स्लिम और जवां नज़र आने के प्रेशर में बिगड़ता महिलाओं का बजट (Weight Management: Myths And Facts About Weight Loss)

घर में शादी है, किसी ख़ास पार्टी-फंक्शन में जाना है, लड़के वाले देखने आ रहे हैं… ऐसे कई बहाने हैं जो महिलाओं को झटपट स्लिम नज़र आने के लिए उकसाते हैं… फिर शुरू होती है स्लिम नज़र आने के शॉर्टकट तरीफ़ों की तलाश… स्लिम नज़र आने के शॉर्टकट तरीके जितने लुभावने होते हैं, उतने ही महंगे भी होते हैं… लेकिन महिलाओं पर स्लिम और जवां नज़र आने का इतना प्रेशर होता है कि इसके लिए वो बजट से ज़्यादा ख़र्च करने के लिए भी तैयार रहती हैं… महिलाओं की झटपट स्लिम और जवां नज़र आने की चाहत के कारण ही स्लिमिंग इंडस्ट्री ख़ूब फल-फूल रही है… आइए, जानें फिटनेस के बाज़ार के सच-झूठ.

Weight Management

महिलाओं पर ख़ूबसूरत दिखने का प्रेशर हमेशा से रहा है. ख़ूबसूरत महिलाओं की ख़ातिर बड़े-बड़े युद्ध तक हुए हैं. आज भी ख़ूबसूरती की डिमांड कम नहीं है. शादी का रिश्ता तय होते समय आज भी ख़ूबसूरत लड़कियों को प्राथमिकता मिलती है. ख़ूबसूरती के मापदंड पर स्लिम बॉडी और ख़ूबसूरत-जवां त्वचा आज भी टॉप पर हैं, इसीलिए हर महिला स्लिम और जवां नज़र आना चाहती है. लेकिन ख़ूबसूरती की इस होड़ में कई महिलाएं अपने बजट और शरीर दोनों का नुक़सान कर रही हैं. झटपट स्लिम और जवां नज़र आने के क्या साइइ इफेक्टस हैं तथा प्राकृतिक तरीके से आप कैसे स्लिम और जवां बनी रह सकती हैं, इसके बारे में बता रही हैं डायटीशियन कंचन पटवर्धन.

स्लिम नज़र आने की वजहें
डायटीशियन कंचन पटवर्धन के अनुसार, पहले तो लड़कियां ही स्लिम बॉडी के लिए डायटिंग करती थीं, लेकिन अब महिलाएं भी पीछे नहीं हैं. महिलाएं भी स्लिम-ट्रिम नज़र आने के लिए कुछ भी करने के लिए तैयार रहती हैं. लुक्स और फिटनेस को लेकर इतनी कॉम्पटीशन की कई वजहें हैं, जैसे-

* आजकल मिस, मिसेस, मिस्टर… जैसे कई ब्यूटी पेजेंट्स शुरू हो गए हैं, इनमें हिस्सा लेने के लिए अब लड़कियां, महिलाएं, पुरुष सभी अपने लुक्स और बॉडी पर ख़ास ध्यान देने लगे हैं.
* सोशल मीडिया पर फोटोज़ अपलोड करने और लाइक्स-कमेंट्स की चाह में भी लोग महंगे कपड़े, कॉस्मेटिक्स और स्लिमिंग ट्रीटमेंट्स लेने गुरेज नहीं करते.
* कम समय में झटपट स्लिम-ट्रिम बनाने का प्रलोभन देने वाले विज्ञापनों को देखकर भी महिलाओं के मन में विज्ञापन में दिखाई जाने वाली परफेक्ट बॉडी पाने की इच्छा जागने लगती है. इसके लिए वो अपने बजट से ज़्यादा पैसे खर्च करने के लिए भी तैयार रहती हैं.

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Myths About Weight Loss

 

खतरनाक हो सकता है स्लिमिंग का शॉर्टकट फॉमूला
स्लिम नज़र आने के शॉर्टकट तरीके जितने महंगे होते हैं, उतने ही लंबे भी होते हैं. जब तक आप इस गणित को समझ पाती हैं, तब तक बहुत देर हो चुकी होती है. पहले आप झटपट स्लिम नज़र आने के लिए पैसे ख़र्च करती हैं, फिर उससे हुए नुक़सान की भरपाई करने के लिए ख़र्च करती हैं और ये सिलसिला चलता जाता है. ये एक तरह से साइकिल की तरह काम करता है, जिसके कारण स्लिमिंग इंडस्ट्री फल-फूल रही है. लोग डिमांड करते जा रहे हैं और स्लिमिंग इंडस्ट्री सप्लाई करती जा रही है और इसमें नुक़सान स़िर्फ आपका हो रहा है.

जानें फैट बर्नर के साइड इफेक्ट्स
स्लिमिंग इंडस्ट्री में आजकल फैट बर्नर फैशन में हैं. हर कोई फैट बर्नर का प्रयोग करके स्लिम बॉडी पाना चाहता है, लेकिन कई फैट बर्नर आपके मेटाबॉलिज़्म को इतना बढ़ा देने हैं कि इसके कारण ब्लडप्रेशर, स्ट्रोक्स जैसी बीमारी होने की संभावना तक बढ़ जाती है. कुछ फैट बर्नर इंटेस्टाइन में फैट के एब्ज़ॉर्शन को रोकते हैं, जिससे आपकी बॉडी में फैट एब्ज़ॉर्ब नहीं होता. इससे थोड़े दिनों तक तो सब ठीक चलता है, क्योंकि हमारी बॉडी सुपर कंप्यूटर की तरह होती है, वो अपनी ज़रूरत की चीज़ें कहीं न कहीं से निकाल ही देती है. लेकिन थोड़े समय बाद शरीर में फैट की डेफिशियंसी बढ़ने लगती है. धीरे-धीरे शरीर में फैट की इतनी कमी हो जाती है कि विटामिन ए, डी, ई और के की कमी हो जाती है. इससे आगे चलकर कई हेल्थ प्रॉब्लम्स शुरू हो जाती हैं. विटामिन ए की कमी से इम्यूनिटी कम हो जाती है, विटामिन डी की कमी हड्डियां कमज़ोर हो जाती हैं, विटामिन ई की कमी से फर्टिलिटी और मेमोरी प्रभावित होती है, स्किन प्रॉब्मल्म होने लगती हैं. विटामिन के की कमी से खूब में थक्के जमने की समस्या हो सकती है.

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Facts About Weight Loss

कितने हेल्दी हैं प्रोटीन शेक?
आजकल प्रोटीन शेक का सेवन भोजन के विकल्प के तौर पर किया जाने लगा है. कई मल्टीनेशनल कंपनियों के महंगे प्रोटीन शेक का प्रयोग अमीर घर की महिलाएं ही नहीं, बल्कि मध्यमवर्गीय महिलाएं भी कर रही हैं. ये कंपनियां कहती हैं कि आप स़िर्फ दिन में दो बार ये प्रोटीन शेक पीयो और खाना मत खाओ. एक ग्लास प्रोटीन शेक में करीब 190 कैलोरी होती हैं और ये एक ग्लास शेक पीकर आपका पेट भर जाता है. प्रोटीन शेक पीकर आपको खाने की संतुष्टि तो मिलती है, लेकिन आपके शरीर में फैट एब्ज़ॉर्ब नहीं होता. इटपट स्लिम नज़र आने के लिए महिलाएं इन्हें ख़रीदने के लिए अपने बजट से अधिक ख़र्च तो कर लेती हैं, लेकिन कुछ समय बाद जब ये महिलाएं अपना नॉर्मल खाना खाती हैं, तो इनका वज़न दुगुनी गति से बढ़ने लगता है. ऐसे में इन्हें फिर से वही डायट शुरू करनी पड़ती है और ये साइकिल चलता रहता है. इसके अलावा फिटनेस के इस शॉर्टकट प्रोसेस में फैट से ज़्यादा मसल लॉस होता है. जब आप कम समय में ज़्यादा वज़न घटाती हैं, तो आपके शरीर और चेहरे की त्वचा लूज़ हो जाती है, जिससे जल्दी झुर्रियां आ जाती हैं, चेहरा बेजान दिखने लगता है, डबल चिन की समस्या हो जाती है. बाद में आपको स्किन टाइटनिंग के लिए अलग से खर्च करना पड़ता है, महंगे फेशियल करवाने पड़ते हैं, स्किन टाइटनिंग पैकेज लेने पड़ते हैं.

ये है स्लिम और जवां नज़र आने का प्राकृतिक तरीक़ा
आप अपने मोटापे और बढ़ती उम्र के संकेतों को प्राकृतिक तरी़के से आसानी से रोक सकती हैं. इसके लिए आपको अलग से कुछ भी ख़र्च करने की ज़रूरत नहीं है. आइए, हम आपको स्लिम और जवां बने रहने के आसान और असरदार प्राकृतिक उपाय बताते हैं. स्लिम नज़र आने के शॉर्टकट तरीके अपनाने के बजाय प्राकृतिक तरीके से वज़न घटाएं, जिससे आप हमेशा स्लिम और सुंदर बनी रहेंगी.

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Myths And Facts About Weight Loss

* हेल्दी डायट का पहला मंत्र है दिनभर में थोड़ा-थोड़ा खाना इसलिए पूरे दिनभर में 5 बार खाएं. साथ ही यह भी देखें कि आप किस समय क्या खा रही हैं.
* रोज़ सुबह उठकर सबसे पहले नींबू का रस और शहद मिला गरम पानी पीएं. अगर आपको अपना कोलेस्ट्रॉल कम करना है, तो गरम पानी में दालचीनी मिला सकती हैं, डायबिटीज़ कम करना है तो मेथी दाना भिगोकर मिला सकती हैं, सर्दी है तो पानी में हल्दी मिला सकती हैं. इन चीज़ों से सेहत अच्छी रहती है, वज़न घटना है और ख़ूबसूरती बढ़ती है.
* अंकुरित अनाज, गाय का दूध, अंडे, नट्स आदि को अपने सुबह के नाश्ते में शामिल करें. इडली, डोसा, पोहा आदि भी ले सकती हैं.
* नाश्ता व दोपहर के खाने के बीच में जब थोड़ी भूख होती है, उस समय मौसमी फल खाने चाहिए. ये आपको एनर्जी के साथ-साथ विटामिन्स और मिनरल्स भी प्रदान करते हैं, जिससे रोग-प्रतिरोधक शक्ति भी बढ़ती है. फलों के नियमित सेवन से आपको कम कैलोरी में सभी न्यूट्रीएंट्स मिल जाते हैं और ये वज़न कम करने में मददगार होते हैं.

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* दोपहर के खाने में ज्वारी, बाजरा, नाचनी से बनी रोटी खाएं. साथ ही हरी सब्ज़ियां व सभी प्रकार की दालें खा सकती हैं. भोजन के साथ सलाद भी खाएं. कैलोरीज़ कम करने के लिए रोटी में घी न लगाएं. सब्ज़ियों व दाल में भी कम घी/तेल का तड़का लगाएं. मसाले जैसे- हल्दी, कालीमिर्च, हींग आदि के प्रयोग से भोजन को स्वादिष्ट बनाया जा सकता है. इन मसालों से शरीर का मेटाबॉलिज़्म भी बढ़ता है, जिससे वज़न कम होने में मदद मिलती है.
* शाम के नाश्ते में नारियल पानी, छाछ या दही लिया जा सकता है. भूने हुए चने, ब्राउन ब्रेड सैंडविच, फ्रूट आदि भी ले सकती हैं.
* रात को हल्का खाना जैसे- सूप, सलाद, खिचड़ी आदि लेने से वज़न कम होता है. रात के खाने और सोने में लगभग 3 घंटे का अंतर होना चाहिए.
* स्लिम और जवां नज़र आने के लिए हेल्दी डायट के साथ-साथ वर्कआउट भी बेहद ज़रूरी है. इसके लिए रोज़ाना एक घंटा मॉर्निंग वॉक, जॉगिंग, एक्सरसाइज़, योग, मेडिटेशन आदि के लिए ज़रूर निकालें.

– कमला बडोनी

जानें महिलाओं की 10 बुरी आदतें (10 Bad Habits Of Women)

Bad Habits Of Women

अनजाने में ही महिलाएं कुछ ऐसी बुरी आदतों (Bad Habits Of Women) की शिकार होती हैं, जिनका उनकी सेहत पर बहुत बुरा असर पड़ता है. ऐसी कई ज़रूरी बातें हैं, जिन्हें महिलाएं गंभीरता से नहीं  लेती. कभी लापरवाही बस, तो कभी यूं ही टालने की आदत से मजबूर ये अपना ही नुक़सान कर बैठती हैं. कहीं आप भी किसी बुरी आदत की शिकार तो नहीं? आइए, जानें महिलाओं की कुछ ऐसी ही बुरी आदतों के बारे में.

 

1. बिना सोचे-समझे अंडरगारमेंट्स का चुनाव

अंडरगारमेंट्स का सही चुनाव बहुत महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इसका आपके स्वास्थ्य पर सीधा असर पड़ता है. ज़्यादातर महिलाओं इसे इतनी गंभीरता से नहीं लेती, पर आप ज़रूर इस पर ध्यान दें.

– ग़लत साइज़ की ब्रा पहनना- महिलाओं को अपने ब्रा का सही साइज़ पता होना बहुत ज़रूरी है, क्योंकि न स़िर्फ ये आपको अच्छा सपोर्ट व शेप देता है, बल्कि इससे आपके कपड़ों की फिटिंग भी अच्छी रहती है. ग़लत साइज़ का ब्रा पहनने से आपके ब्रेस्ट्स को सही सपोर्ट नहीं मिलता, जिसके कारण आपको गर्दन व पीठ में दर्द हो सकता है. इसके अलावा इससे ब्लड सर्कुलेशन में भी प्रॉब्लम  आ सकती है, इसलिए सही साइज़ व फिटिंग का ब्रा ही पहनें.

– सिंथेटिक अंडरवेयर पहनना- अक्सर महिलाएं प्राइवेट पार्ट्स की साफ़-सफ़ाई को उतना महत्व नहीं देेतीं, जितना देना चाहिए. यही कारण है कि वे अंडरवेयर्स पर भी उतना ध्यान नहीं देतीं. सिंथेटिक अंडरवेयर्स पसीना नहीं सोख पाते, जिसके कारण गीलापन बना रहता है और इंफेक्शन व खुजली हो सकती है. याद रहे, यूरिनरी इंफेक्शन कई बार किडनी इंफेक्शन का कारण भी बन सकता है, इसलिए हमेशा कॉटन के अंडरवेयर्स का ही इस्तेमाल करें. कभी-कभार चेंज के लिए स्टाइलिश सिंथेटिक अंडरवेयर्स पहनने में कोई हर्ज़ नहीं, पर रोज़ाना के लिए कॉटन के अंडरवेयर्स का चुनाव ही सही है.

2. बहुत ज़्यादा हाई हील्स पहनना

माना कि महिलाओं को हाई हील्स पहनना बहुत पसंद है, पर अपनी सेहत की क़ीमत पर नहीं. फैशन को फॉलो करने का यह मतलब कतई नहीं कि आप अपनी सेहत को ही अनदेखा कर दें. हाई हील्स के कारण पैरों को पूरा सपोर्ट नहीं मिलता और शरीर का पूरा ज़ोर पैरों की उंगलियों पर पड़ता है. इससे एड़ियों, घुटनों व कूल्हे पर बुरा प्रभाव पड़ता है. हाई हील्स के कारण कई बार ऑस्टियोआर्थराइटिस की समस्या भी हो सकती है. इसलिए पैरों के कंफर्ट को ध्यान में रखकर ही  फुटवेयर्स ख़रीदें.

3. अल्ट्रा टाइट जींस पहनना

स्किनी फिट जींस भले ही आपकी बॉडी को परफेक्ट शेप देकर आपको स्टाइलिश लुक देती हो, पर इसका लगातार इस्तेमाल आपकी सेहत को नुक़सान पहुंचा सकता है. इससे ब्लैडर इंफेक्शन, वेजाइनल यीस्ट इंफेक्शन और ब्लड सर्कुलेशन में प्रॉब्लम के कारण पैरों में खून जमना आदि हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं. इसके अलावा इससे नर्व डिसऑर्डर भी हो सकता है, इसलिए लगातार या लंबे समय तक टाइट जींस न पहनें.

4. भारी बैग्स उठाना

ऐसा कहा जाता है कि महिलाओं के हैंडबैग में उनकी पूरी दुनिया ही होती है. अपनी सारी ज़रूरी चीज़ें वे हमेशा अपने हैंडबैग में ही रखती हैं. ये हैंडबैग्स या स्लिंग बैग्स एक ही कंधे पर होने के कारण लगातार एक ही जगह पर दबाव डालते हैं. इसके कारण गले व पीठ की नसें खिंच जाती हैं, जो काफ़ी पीड़ादायक हो सकता है. इसके लिए सबसे ज़रूरी है कि आप अपने हैंडबैग में स़िर्फ ज़रूरत की चीज़ें ही रखें और हर हफ़्ते सफ़ाई कर सभी ग़ैरज़रूरी चीज़ें निकाल दें. अगर आपको लैपटॉप भी साथ ही रखना पड़ता है, तो स्लिंग बैग की बजाय बैग पैक का इस्तेमाल करें.

5. भारी ईयररिंंग्स पहनना

महिलाएं ईयररिंग्स की बहुत शौक़ीन होती हैं, पर कभी-कभी यह शौक़ उन पर भारी पड़ सकता है. दरअसल, लगातार या ज़्यादा समय तक भारी झुमके या लॉन्ग ईयररिंग्स पहनने से कान के छेद बड़े हो जाते हैं, जिसे ठीक कराने के लिए आपको डॉक्टर के पास जाना पड़ता है. इसलिए आप बेशक ख़ूबसूरत ईयररिंग्स पहनें, पर भारी ईयररिंग्स ज़्यादा समय तक न पहने रहें और न ही उन्हें पहनकर सोएं. रोज़ाना के लिए लाइट ईयररिंग्स ही पहनें. भारी ईयररिंग्स पहनना पसंद है, तो सपोर्ट के लिए उसमें चेन ज़रूर लगवाएं.

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Bad Habits Of Women
6. बच्चों का बचा खाना ख़त्म करना

बच्चों का बचा खाना ख़राब न हो जाए या फेंकना न पड़े, इसलिए ज़्यादातर महिलाएं अपने बच्चों का बचा खाना ख़त्म करती हैं. बच्चों का जूठा खाने से उन्हें कई बार मुंह में छाले आदि की समस्या भी जो जाती है. पर खाना ख़राब होगा, सोचकर वो ख़ुद को रोक नहीं पाती हैं. साथ ही इस चक्कर में वे एक्स्ट्रा कैलोरीज़ का सेवन भी कर लेती हैं, जिससे उनके वेट मैनेजमेंट पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है.

7. क्रैश डायट पर जाना

ज़ीरो साइज़ फिगर हर किसी को लुभाता है, तभी तो आजकल इसे पाने की चाहत में लड़कियां व महिलाएं डाइटिंग के नए-नए फंड अपनाती ही रहती हैं. पर सबसे बुरा है, क्रैश डाइटिंग, जिसमें वो अचानक से स़िर्फ सूप-सलाद पर आ जाती हैं. क्रैश डायटिंग से शरीर को पर्याप्त पोषण नहीं मिलता, जिससे कई हेल्थ प्रॉब्लम्स शुरू हो जाती हैं. क्रैश डायट किसी भी हाल में सही नहीं है. वज़न कम करने या अच्छा फिगर पाने के लिए सही डायट, रेग्युलर एक्सरसाइज़ और पर्याप्त नींद ही सही तरीक़ा है.

8. स्वास्थ्य को नज़रअंदाज़ करना

महिलाओं की एक बुरी आदत यह भी है कि वे अपनी कोई तकलीफ़ जल्दी किसी को बताती नहीं. अगर उन्हें कहीं दर्द है, तो या तो ख़ुद कोई घरेलू नुस्ख़ा आज़मा लेंगी या फिर उसे तब तक नज़रअंदाज़ करती रहेंगी, जब तक समस्या बड़ी न हो जाए. कुछ महिलाएं तो अपने डायट का भी ठीक से ध्यान नहीं रखतीं. सुबह का नाश्ता, जो हर किसी के लिए बहुत ज़रूरी होता है, उसे ये अक्सर अनदेखा कर देती हैं. सुबह का नाश्ता नहीं करने से शरीर में ब्लड शुगर लेवल कम हो जाता है और दिमाग़ तक ज़रूरी पोषक तत्वों की आपूर्ति सही तरी़के से नहीं हो पाती. रोज़ाना सुबह का नाश्ता बहुत ज़रूरी है. अपनों के दिल का ख़्याल तो ये बख़ूबी रखती हैं, पर जब अपने दिल की बारी आती है, तो ये यहां भी वही रवैया अपनाती हैं, जो अक्सर ये अपने सेहत को लेकर करती हैं. पर दिल की ज़रूरतों को समझते हुए अपना डायट, एक्सरसाइज़ आदि का ख़्याल रखना ज़रूरी है. इसलिए अपनों के साथ-साथ अपनी सेहत को भी उतनी ही तवज्जों दें, तो बेहतर होगा.

9. ग़ैरज़रूरी शॉपिंग करना

शॉपिंग और महिलाओं का तो जैसे जनम-जनम का नाता है. इनकी इस आदत से बेेचारे पुरुष  भी हमेशा परेशान रहते हैं. ज़रूरी चीज़ों की शॉपिंग करना तो बहुत ज़रूरी है, लेकिन समस्या तो तब आती है, जब ये ग़ैरज़रूरी शॉपिंग करने में जुट जाती हैं. इनकी इस बुरी आदत से बेवजह फ़िज़ूलख़र्ची हो जाती है, जिससे कभी-कभी घर का बजट भी डगमगा जाता है. शॉपिंग के लिए सबसे ज़रूरी है, चीज़ों की लिस्ट बनाना. इससे न तो आप ज़रूरी चीज़ें भूलेंगी और न ही ग़ैरज़रूरी चीज़ें ख़रीदेंगी.

10. बहुत देर तक टीवी देखना

टीवी के शौक़ीन तो बहुत-से लोग होते हैं, पर महिलाएं इसकी कुछ ज़्यादा ही दीवानी होती हैं. अपने पसंदीदा डेली सोप देखने के चक्कर में ये घंटों टीवी के सामने बैठी रहती हैं. इससे टीवी से निकलनेवाली हानिकारक किरणों से इनकी आंखों की रोशनी पर असर तो पड़ता ही है, साथ ही ग़लत बॉडी पोश्‍चर में बैठने के कारण इन्हें कई हेल्थ प्रॉब्लम्स भी हो जाती हैं. लगातार टीवी न देखें, बीच-बीच में गैप लें. इंटरटेनमेंट के लिए और भी बहुत-से ऑप्शन हैं, उन्हें भी ज़रूर आज़माएं.

– अनीता सिंह

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