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बचपन से लेकर अब तक क्या आप भी वीडियो गेम, कंप्यूटर गेम आदि पर घंटों समय बिताते हैं, तो आप इस क्षेत्र में करियर बनाकर अच्छी कमाई कर सकते हैं. नए-नए गेम्स बनाकर पैसे कमाने के साथ ही आप बच्चों के चेहरे पर मुस्कान भी बिखेर सकते हैं. इस क्षेत्र में कैसे बढ़ें आगे? आइए, जानते हैं.

शैक्षणिक योग्यता
इस फील्ड में करियर बनाने की चाह रखनेवालों के लिए ग्रैज्युएट होना ज़रूरी है. इसके बाद ही आप आगे की पढ़ाई के लिए आवेदन भर सकते हैं.

प्रकार
खेल की दुनिया में करियर बनाना चाह रहे हैं, तो सबसे पहले उसके बारे में अच्छी तरह जान लें, उसके बाद ही आगे बढ़ें. आइए, हम आपको बताते हैं कि किस तरह के काम आप कर सकते हैं.

गेम प्रोड्यूसर
इसके लिए डिज़ाइनिंग की जानकारी के अलावा, 3डी मॉड्यूलिंग और 2डी सॉफ्टवेयर का नॉलेज होना ज़रूरी है. वहीं ऑडियो इंजीनियर के लिए ल++, साउंड इंजीनियरिंग के अलावा अन्य भाषा की जानकारी भी ज़रूरी है.

क्या करते हैं?
वीडियो गेम प्रोड्यूसर का काम पूरे प्रोडक्शन के काम पर नज़र रखना होता है.

गेम डिज़ाइनर
गेम डिज़ाइनर बनने के लिए आपको लेटेस्ट टेक्नोलॉजी को अपना दोस्त बनाना होगा. दुनिया में कब क्या नया हो रहा है, ये आपको पता होना चाहिए. इसमें समय की चिंता किए बग़ैर आपको काम करते रहना होगा.

क्या करते हैं?
गेम डिज़ाइनिंग के साथ गेम को फनी बनाना, गेम राइटिंग और डायग्राम तैयार करना होता है. एक तरह से इनके ऊपर बहुत सारी ज़िम्मेदारियां होती हैं.

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एनिमेटर
एनिमेशन की दुनिया में मस्त रहनेवालों के लिए ये फील्ड बेहतरीन है. इसके लिए आपको 2डी कॉन्सेप्ट आर्ट के माध्यम से 3डी मॉडल्स और 2डी टेक्स्चर मैप तैयार करना आना चाहिए.

क्या करते हैं?
एनिमेटर आमतौर पर प्रोग्रामर और सीनियर आर्टिस्ट के साथ गेम के कैरेक्टर के हर पहलू पर काम करते हैं.

ऑडियो प्रोग्रामर
आवाज़ से लोगों को अपनी ओर आकर्षित करनेवालों के लिए ये क्षेत्र बेहतरीन हैै. अलग-अलग गेम कैरेक्टर की तरह-तरह की आवाज़ें जनरेट करने की कला इस फील्ड में आपको आगे ले जाएगी. वैसे यह फील्ड कंप्यूटर इंजीनियर के लिए बेहतरीन माना जाता है. ऑडियो प्रोग्रामर को गेम में स्पेशल इफेक्ट के इस्तेमाल के लिए साउंड के बारे में अच्छी नॉलेज रखना ज़रूरी है.

क्या करते हैं?
इस तरह के प्रोग्रामर गेम के लिए ऑडियो तैयार करने के अलावा साउंड इंजीनियरिंग का भी काम करते हैं.

ग्राफिक प्रोग्रामर
गेम को डेवलप करने में ग्राफिक प्रोग्रामर टेक्निकल सपोर्ट देता है, लेकिन इसके लिए ग्राफिक प्रोग्रामर को ल, ल++, डायरेक्ट एक्स, ओपन जीएल, विंडो प्रोग्रामिंग, 3डी पैकेज आदि के बारे में मालूम होना चाहिए.

क्या करते हैं?
गेम का ग्राफिक डिज़ाइन करते हैं.

अट्रैक्टिव सैलरी पैकेज
देश में गेमिंग की दुनिया में 2डी और 3डी डेवलपमेंट प्रोफेशनल्स की मांग है. इस हाईटेक गेम वर्ल्ड में शुरुआती दौर में ही आपकी सैलरी 2 लाख सालाना हो सकती है.

रोज़गार
मॉडर्न ज़माने में इस क्षेत्र में कई स्कोप हैं. देश से लेकर विदेश तक आप इस फील्ड में करियर बना सकते हैं. कई गेमिंग कंपनियां भारत में अपना सेटअप तैयार करवा रही हैं, लेकिन अच्छे गेम डेवलपर्स की बहुत कमी है. ऐसे में आपके लिए ये बेहतरीन विकल्प हो सकता है.

प्रमुख संस्थान

  • नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ डिज़ाइन पाल्दी, अहमदाबाद
  • सेंटर फॉर इलेक्ट्रॉनिक्स डिज़ाइन एंड टेक्नोलॉजी ऑफ इंडिया, चंडीगढ़
  • फॉरच्यून इंस्टिट्यूट ऑफ कम्युनिकेशन, नई दिल्ली
  • महात्मा गांधी विश्‍वविद्यालय, केरल
  • माया एकेडमी ऑफ एडवांस सिनेमेटिक्स, मुंबई

इस फील्ड में कंप्यूटर के साथ-साथ मोबाइल गेमिंग का क्रेज़ भी बढ़ रहा है. ऐसे में आप घर बैठे मोबाइल गेम्स बनाकर भी बड़ी-बड़ी कंपनियों को अप्रोच कर सकते हैं. आप इसमें मन मुताबिक़ सैलरी की डिमांड भी कर सकते हैं.

नेम-फेम दोनों
ये एक ऐसा क्षेत्र है, जहां पैसे के साथ-साथ नाम भी होता है. आपको इंटरनेशनल मार्केट तक में जाना जाता है. आप चाहें, तो अपने नाम से गेम बनाकर देश-दुनिया में मशहूर हो सकते हैं.

– श्वेता सिंह