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sonam gupta

देश में डिमॉनिटाइज़ेशन के बाद जिस बात की सबसे अधिक चर्चा रही है, वो है- सोनम गुप्ता बेवफ़ा है! जी हां, सोशल मीडिया पर इन दिनों छाई हुई है सोनम गुप्ता की बेवफ़ाई! दरअसल ये सारा मामला शुरू हुआ दस रुपए के नोट पर लिखे एक वाक्य से और यह वाक्य था- सोनम गुप्ता बेवफ़ा है. बस फिर क्या था, देखते ही देखते ये नोट और उस पर लिखा यह वाक्य सोशल मीडिया का न्यू ट्रेंड बन गया. इसके बाद तो नए 2000 के नोट पर भी यही वाक्य लिखा हुआ पाया गया.

इंडियन करेंसी की बात तो छोड़िए, डॉलर्स तक को नहीं छोड़ा गया. कहीं पर ओबामा और मोदीजी की तस्वीरें वायरल हुईं, जिसमें सोनम गुप्ता के बारे में कानाफूसी हो रही थी, तो कहीं पर बॉलीवुड से संबंधित इसी तरह की बातें सामने आईं. फोटोशॉप का आलम यह रहा कि किसी भी देश और किसी भी करेंसी को सोनम गुप्ता के नाम से अछूता नहीं रखा गया.

sonam guptaबात यहीं नहीं रुकी, इन सबके बीच सोनम गुप्ता का जवाब भी आया और उसके प्रेमी के नाम का ख़ुलासा हुआ- बेवफ़ा तू है सोनवीर सिंह, मैं नहीं- सोनम गुप्ता. इन सबके बीच सोनम की मम्मी का रिप्लाई भी आया- मेरी बेटी ऐसी नहीं है- सोनम गुप्ता की मम्मी!

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लेकिन कहानी में अब ट्विस्ट आ गया, कुछ महिला संगठन इस तरह के मज़ाक का विरोध कर रहे हैं, क्योंकि उनके अनुसार किसी भी लड़की के नाम का इस तरह सरेआम मज़ाक बनाना बेहूदापन है. हालांकि लोग यही मानते हैं कि मज़ाक को मज़ाक की तरह ही लेना चाहिए, क्योंकि इस डिजिटल युग में मज़ाक के मायने बदल गए हैं, ऐसे में किसी का भी इरादा किसी को बदनाम करने का नहीं होता.

यही नहीं, सोनम गुप्ता नाम की कुछ लड़कियां भी इसे मज़ाक की तरह ही ले रही हैं, लेकिन यहां डिफरेंस ऑफ ओपिनियन हो सकता है. किसी को यह बदनामी लगती है, तो किसी का सोचना है कि बदनाम भी हुए, तो नाम ही होगा.

ट्विटर रिएक्शन: दिलचस्प ट्वीट्स

– गीता शर्मा