Dadi Ma Ka Khazana

रोज नींबू पानी पीने के ये 10 हेल्थ बेनिफिट्स जानकर हैरान रह जाएंगे आप. आपके किचन में मौजूद नींबू आपके लिए कितना फायदेमंद है, इसका आपको अंदाजा भी नहीं होगा. नींबू पानी से आप अपनी सुंदरता और स्वास्थ्य दोनों को बढ़ा सकते हैं. हम आपको नींबू पानी के 10 फायदे बता रहे हैं, जिन्हें जानकर आप भी रोज नींबू पानी पीना शुरू कर देंगे.

Lemon Juice

1) नींबू पानी इम्युनिटी बढ़ाता है
जिन लोगों का इम्यून सिस्टम कमज़ोर है उन्हें रोज़ाना नींबू पानी पीना चाहिए, इससे उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यून सिस्टम) मज़बूत होगी. कोरोना वायरस से बचने के लिए भी नींबू पानी पीना फायदेमंद है.

2) नींबू पानी वजन कम करने में मदद करता है
यदि आप अपना बढ़ा हुआ वजन कम करना चाहते हैं, रोज सुबह नींबू पानी पीएं. वजन घटाने के साथ ही नींबू पानी शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकाल देता है, जिससे शरीर का डिटॉक्सिफिकेशन भी हो जाता है.

3) नींबू पानी मुंहासों से राहत देता है
जिन लोगों को मुंहासे की समस्या ज़्यादा होती है उन्हें नींबू पानी का सेवन करना चाहिए, इससे उनके शरीर में मुंहासे पैदा करने वाले बैक्टीरिया मर जाएंगे और स्किन ग्लो करेगी. नींबू पानी को आप फेसवॉश की तरह भी इस्तेमाल कर सकते हैं, इससे डेड स्किन और एक्स्ट्रा ऑयल निकल जाता है.

4) नींबू पानी भूख बढ़ाता है
यदि आपको भूख नहीं लगती, तो नींबू पानी पीएं. इससे भूख तेज़ी से लगती है.

5) नींबू पानी किडनी स्टोन में फ़ायदेमंद
किडनी स्टोन यदि शुरुआती दौर में है, तो नींबू पानी पीना बहुत फ़ायदेमंद होगा. नींबू पानी में प्राकृतिक साइट्रेट होता है, जो स्टोन को तोड़ देता है या उसे बनने से रोकता है.

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Lemon
Lemon

6) नींबू पानी सर्दी/फ्लू से बचाता है
जिन्हें सर्दी और फ्लू अक्सर होता रहता है, उन्हें नींबू पानी का सेवन करना चाहिए. इससे उन्हें जकड़न नहीं होगी और शरीर भी डिहाइड्रेट नहीं होगा. नींबू पानी में एक चम्मच शहद मिलाकर पीना ज़्यादा फ़ायदेमंद होता है.

7) नींबू पानी सूजन व सांस संबंधी समस्या से राहत देता है
यदि किसी व्यक्ति को कहीं भी सूजन है तो नींबू पानी लाभदायक होता है. साथ ही अस्थमा के मरीज़ों के लिए भी नींबू पानी फ़ायदेमंद है. इसके सेवन से जोड़ों में दर्द व सूजन की समस्या दूर होती है.

8) नींबू पानी हैंगओवर दूर करता है
जिन लोगों को अल्कोहल की लत है और सुबह उठने पर चलना भी मुश्किल हो जाता है, तो उनके लिए नींबू पानी लाभदायक होगा. आधे ग्लास नींबू पानी से ही आंखें खुल जाती हैं और सिर घूमना बंद हो जाता है.

9) नींबू पानी फूड पॉइज़निंग में फायदेमंद है
फूड पॉइज़निंग होने पर नींबू पानी का सेवन करें, इसमें मौजूद एसिड शरीर को लाभ पहुंचाते हैं और मरीज़ को ठीक होने में मदद करते हैं.

10) नींबू पानी पेट संबंधी समस्या से छुटकारा देता है
यदि आप भी अक्सर गैस, कब्ज़, अपच जैसी पेट संबंधी समस्या से परेशान रहते हैं, तो नींबू पानी का सेवन शुरू कर दीजिए.

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विटामिन सी से भरपूर नाशपाती वज़न कम करने में मददगार है. नाशपाती में अधिक मात्रा में फाइबर पाया जाता है, जो शरीर में कोलेस्ट्रोल की मात्रा को कम करता है और हार्ट अटैक से भी बचाता है. यह पौष्टिकता से भरपूर फल है और इसे रोज़ाना डाइट में शामिल करके आप अपने शरीर की प्रतिरोधक क्षमता आसानी से बढ़ा सकते हैं. नाशपाती मधुर, रसीली अम्लीय गुणोंवाली, ठंडे तासिर की, वात-पित्त को कम करती है. यह स्पर्म काउन्ट और क्वालिटी को बढ़ाने में भी सहायक है. यह पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में मदद करती है. कैंसर, त्वचा की समस्या, आंखों आदि के लिए उपयोगी है. स्किन प्रॉब्लम और कई तरह की बीमारियों को ठीक करने के लिए भी नाशपाती का उपयोग औषधि के रुप में किया जाता है. यह अतिसार या दस्त में लाभदायक है. इन सभी फ़ायदों को देखते हुए हर रोज़ नाशपाती ज़रूर खाना चाहिए.

घरेलू नुस्खे़

  • यदि सिरदर्द हो, तो एक ग्लास नाशपाती के रस में शक्कर, बेलगिरि चूर्ण, बेर चूर्ण, सेंधा नमक, कालीमिर्च पाउडर और भुना हुआ जीरा मिलाकर पिएं. इस जूस को पीने से सिरदर्द दूर होने के अलावा यूरिन करते समय होनेवाली जलन या दर्द, रक्त की उल्टी तथा खाने में अरुचि जैसे समस्याओं में भी काफ़ी लाभ होता है.
  • आंखों में जलन या दर्द जैसे किसी भी तरह की तकलीफ़ हो, तो नाशपाती को पीसकर आंखों के बाहर चारों तरफ़ लगाने से आराम मिलता है.

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  • नाशपाती का सेवन करने से यकृत व प्लीहा संबंधी बीमारियों के अलावा पाचनतंत्र संबंधी समस्या भी दूर होती है. ये फेफड़े के बीमारी में भी फ़ायदेमंद होता है, इसलिए हर रोज़ नाशपाती खाना सेहत के लिए फ़ायदेमंद होता है.
  • डाइजेस्टिव टैक्ट में सूजन या इंफेक्शन होने पर पेट में सूजन हो जाता है, जिसके कारण बदहजमी, एसिडिटी जैसी समस्याएं होने लगती है. ऐसे में दो टेबलस्पून नाशपाती के जूस में 500 मि. ग्रा. पिप्पली चूर्ण मिलाकर पीने से अपच की समस्या से निजात मिलता है और भूख भी अच्छी तरह से लगती है.
  • नाशपाती के मुरब्बे में 250 मि. ग्रा. नागकेशर चूर्ण मिलाकर सेवन करने से बवासीर की परेशानी से छुटकारा मिलता है.
  • किडनी में स्टोन हो, तो 2 टेबलस्पून नाशपाती के रस को सुबह-शाम भोजन के पहले सेवन करने से स्टोन टूट-टूटकर निकल जाता है.
  • चेहरे पर दाग़-धब्बे या झांइयां हों, तो इसे नाशपाती के पौधे के रस से इसे ठीक किया जा सकता है. इसके रस से मेलानिन का बनना नियंत्रित होता है, जिसके कारण दाग़-धब्बे का होना कम हो जाता है.
  • यदि सांप काट लें, तो नाशपाती के पत्तों को पीसकर पिलाने से जिस जगह पर काटा है, उस जगह का विषाक्त प्रभाव कम होता है.

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  • नाशपाती के सेवन से प्रेग्नेंट महिलाओं को कई प्रकार की बीमारियों से सुरक्षा मिलती है. इसके अलावा नाशपाती में उपलब्ध फॉलिक एसिड के कारण बच्चे को जन्म लेते समय कई प्रकार के दोषों से भी मुक्ति मिलती है.

सुपर टिप
नाशपाती के पत्तों को पीसकर त्वचा पर लगाने से त्वचा संबंधी समस्याएं दूर होती हैं और घाव पर लगाने से घाव जल्दी भरता है.

– ऊषा गुप्ता

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Benefits Of Pears

लौकी में विटामिन ए और सी, कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम और जिंक भरपूर मात्रा में पाया जाता है. इनसे न केवल शरीर की कई ज़रूरतों की पूर्ति होती है, बल्कि शरीर कई बीमारियों से सुरक्षित भी रहता है. लौकी की इन्हीं गुणों के कारण कई बीमारियों में औषधि के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है. घीया यानी लौकी शीतल व पौष्टिक होती है. यह पित्त व कफ़ को दूर करती है. यह एक बेहद फ़ायदेमंद सब्ज़ी है और हर मौसम में शरीर को फ़ायदा पहुंचाती है. लौकी में 96% तक पानी होता है. इसमें डायटरी फाइबर भी भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जबकि फैट और कोलेस्ट्राॅल बहुत ही कम मात्रा में होता है. लौकी में भरपूर मात्रा में थायमिन, राइबोफ्लेविन, मिनरल्स, फास्फोरस और सोडियम पाया जाता है, जो स्वस्थ रहने में मदद करता है. लौकी को छिलके सहित खाना अधिक लाभदायक होता है.

घरेलू नुस्ख़े

  • यदि शरीर की गर्मी के कारण सिरदर्द या फिर अपच होता है, तो लौकी के जूस में अदरक मिलाकर पिएं. इससे हाई ब्लड प्रेशर की समस्या भी ठीक होती है.
  • लौकी का जूस कब्ज़, दस्त, एसिडिटी और ख़राब पाचनशक्ति को ठीक करने में मदद करता है. पानी की भरपूर मात्रा होने से लौकी का नियमित इस्तेमाल सुबह आसानी से पेट साफ़ करने में मदद करता है.
  • लौकी के जूस में नमक डालकर पीने से शरीर में पानी की कमी से होनेवाली बहुत सारी समस्याएं दूर होती हैं.
  • लौकी को पैर के तलुवों पर मलने से पैर की गर्मी यानी जलन निकल जाती है.
  • ज्यादा तेल और मसालेवाला भोजन लीवर को नुक़सान पहुंचाता है, पर रोज़ाना लौकी के जूस का सेवन लीवर से संबंधित परेशानियों को ठीक करने में मदद करता है. लौकी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन सी लीवर में सूजन या दर्द जैसी समस्याओं को कम करते हैं.
  • बिच्छू के काटे हुए स्थान पर लौकी पीसकर लेप करें और इसका रस निकालकर पिलाएं. इससे बिच्छू का जहर उतर जाता है.
  • लौकी का रायता बनाकर दस्त में देने से दस्त का बार-बार आना बंद हो जाता है.

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Benefits Of Lauki
  • गुर्दे के दर्द में लौकी को पीसकर लेप करने से आराम मिलता है.
  • लौकी वज़न भी कम करता है. इसके लिए आप लौकी को हर रोज़ सब्ज़ी, जूस आदि रूप में लें. यदि चाहें तो बदलाव के लिए इसे उबालकर नमक डालकर लें.
  • लौकी में नेचुरल पानी होता है. ऐसे में इसके नियमित इस्तेमाल से प्राकृ‍तिक रूप से चेहरे की रंगत निखरती है. इसके जूस पीने के अलावा थोड़ा-सा हाथों में लेकर चेहरे पर मसाज करें. इसके स्लाइस को काटकर भी चेहरे पर मसाज कर सकते हैं. इससे स्किन ग्लो करती है.
  • शुगर के मरीजों के लिए लौकी बहुत ही फ़ायदेमंद है. इसलिए जिन्हें डायबिटीज़ है, उन्हें हर रोज़ सुबह खाली पेट लौकी का जूस ज़रूर पीना चाहिए.
  • लौकी के बीजों को पीसकर होंठों पर लगाने से जीभ और होंठों के छाले ठीक होते हैं.
  • यह पेट की गड़बड़ी को भी दूर करता है. दरअसल, लौकी का जूस काफ़ी हल्का होता है और इसमें ऐसे कई तत्व होते हैं, जो बदहजमी, कब्ज़ और गैस की समस्या से निजात दिलाते हैं.
  • लौकी नियमित रूप से खाने से हानिकारक कोलेस्ट्रॉल की समस्या कम होती है, जिससे हृदय संबंधी कई बीमारियों और बढ़ते कोलेस्ट्रॉल से होनेवाली तकलीफें नहीं होतीं.
  • मूत्र संबंधी परेशानियों में भी लौकी लाभदायक है. यह शरीर में सोडियम की अधि‍कता को कम करने में सहायक है, जो यूरिन के ज़रिए बाहर निकल जाता है. * प्रतिदिन तरोताजा बने रहने के लिए नमक या मसाले मिलाकर लौकी का जूस पीना बेहद उपयोगी है.
  • दांत के दर्द में भी उपयोगी है लौकी. 75 ग्राम लौकी में 20 ग्राम लहसुन पीसकर एक लीटर पानी में उबालें. जब आधा पानी रह जाए, तब छानकर इससे कुल्ला करने से दांत दर्द दूर होता है.

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  • लीवर की या फिर पेट की समस्या हो, तो लौकी को धीमी आंच पर हल्का-सा पकाकर इसका रस निकाल लें. फिर इसमें थोड़ा-सा मिश्री मिलाकर पीएं.
  • लौकी में ढेर सारा घुलनशील फाइबर पाया जाता है जो उसमें मौजूद ढेर सारे पानी के साथ मिलकर पाचन क्रिया को आसान बनाता है. इस जूस को नियमित पीने से एसिडिटी की तकलीफ़ नहीं होती.
  • लौकी के टुकड़ों को तलुओं पर मालिश करने से टायफाइड बुखार की जलन दूर होती है.
  • लौकी की गिरी खाने से कफ़-खांसी की तकलीफ़ दूर होती है.
  • लौकी या तुलसी के पत्तों को पानी के साथ पीसकर बवासीर के मस्से पर दिन में दो-तीन बार लगाएं. इससे दर्द व जलन कम होती है तथा मस्से भी नष्ट होते हैं.
    लौकी के पत्तों को पीसकर बवासीर के मस्सों पर लगाने से भी मस्से खत्म हो जाते हैं.
  • लौकी के छिलके को छाया में सुखाकर पीसकर पाउडर बना लें. इसे एक चम्मच हर रोज़ सुबह-शाम पानी के साथ लें. 6-7 दिन लगातार लेने से बवासीर में खून का आना बंद हो जाता है.
  • घीया के टुकड़ों से पैरों के तलुवों पर मालिश करने से लू के कारण होनेवाली जलन दूर हो जाती है.
  • लौकी को उबालकर खाने से नकसीर में राहत मिलती है.
  • यूरिन प्रॉब्लम में 10 मि.ली. लौकी के रस में 20-20 ग्राम मिश्री और कलमी शोरा को 250 मि. ली. पानी में मिलाकर दिन में दो बार सुबह-शाम लें.
  • घुटने के दर्द में कच्चे लौकी को काटकर उसकी लुगदी बनाकर घुटनों पर रखकर कपड़े से बांध लें. तुरंत आराम मिलता है.
  • चेहरे पर झांइयां हो तो लौकी के ताज़े छिलके को पीसकर चेहरे पर लेप करें.
  • यदि कभी बीमार नहीं पड़ना चाहते हैं, तो हर रोज़ सुबह खाली पेट एक ग्लास लौकी का जूस पिएं.

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  • लौकी का जूस बनाने के लिए 250 या 300 ग्राम लौकी, आधा चम्मच जीरा पाउडर, चुटकीभर कालीमिर्च पाउडर, 4-5 पुदीने के पत्ते, नमक स्वादानुसार लें. लौकी को छीलकर धोकर टुकड़े करके पुदीने के पत्ते डालकर मिक्सी में पीस लें. जूस बन जाने पर जीरा, कालीमिर्च और नमक मिला लें. इस जूस को नियमित पीने से भूख कंट्रोल में रहती है.

सुपर टीप

  • यदि आप तनाव में रहते हैं और नींद भी ठीक से नहीं आती है, तो लौकी का जूस हर रोज़ पिएं. सावधानियां
  • दमे के मरीज़ लौकी न खाएं.
  • पुरानी पकी लौकी से कब्ज होने की संभावना रहती है, इसलिए इसका इस्तेमाल न करें.
  • कडवी लौकी विषैली होती है, अतः इसका उपयोग भी न करें.

ऊषा गुप्ता

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आमतौर पर हम दालचीनी को मसाले के रूप में इस्तेमाल करते हैं, लेकिन ये हमारे सेहत के लिए बहुत उपयोगी है. इसमें विटामिन ए, विटामिन बी, कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम और फाइबर होता है.
साथ ही दालचीनी में एंटीफंगल, एंटीबैक्टीरियल, एंटीऑक्सीडेंट व एंटीइन्फ्लेमेटरी तत्व भी पाए जाते हैं. ये ब्रेन पावर को बढ़ाने के अलावा स्मरणशक्ति को भी मज़बूत बनाता है. दालचीनी ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में भी मदद करता है.

  • उल्टी की समस्या होने पर एक ग्लास पानी में एक चम्मच दालचीनी पाउडर और आधा चम्मच शहद मिलाकर धीरे-धीरे चाय की तरह पिएं.
  • अस्थमा यानी दमा जैसे रोग में दालचीनी पाउडर को गुड़ के साथ गुनगुने पानी से लेने से फ़ायदा होता है.
  • सिरदर्द होने पर दालचीनी पाउडर में थोड़ा-सा गर्म पानी मिलाकर पेस्ट बना लें. अब इस पेस्ट को माथे पर लगा लें. 10 मिनट बाद पानी से धो लें. इससे सिरदर्द में काफ़ी राहत मिलती है.
  • यदि कान में दर्द हो रहा हो, तो दालचीनी के तेल की कुछ बूंद डालें. इससे सुनने की क्षमता भी बढ़ती है.
  • गैस की समस्या होने पर एक चम्मच दालचीनी के पाउडर में एक चम्मच शहद मिलाकर पानी के साथ लें. ये ना केवल गैस की तकलीफ़ दूर करेगा, बल्कि पेट की समस्या से भी छुटकारा देगा.
  • जॉइंट की प्रॉब्लम होने पर दालचीनी से मालिश करना लाभदायक होता है. इसके लिए गुनगुने पानी में एक चम्मच दालचीनी पाउडर और आधा चम्मच शहद मिलाकर पेस्ट बना लें. इससे मालिश करें. जोड़ों के दर्द के लिए यह उपयोगी घरेलू उपचार है. इसके अलावा एक कप पानी में एक चम्मच शहद और आधा चम्मच दालचीनी पाउडर मिलाकर पीने से भी जोड़ों के दर्द में चमत्कारी लाभ मिलता है.
  • त्वचा की समस्या होने पर भी दालचीनी इस्तेमाल किया जा सकता है. खाज-खुजली होने पर दालचीनी पाउडर और शहद बराबर मात्रा में लेकर पेस्ट बना लें. इसे खाज-खुजलीवाले स्थान पर लगाएं.
  • पिंपल यानी कील-मुंहासे की प्रॉब्लम हो, तो दालचीनी पाउडर में एक छोटा चम्मच नींबू का रस मिलाकर इसे चेहरे पर लगाएं.
  • दालचीनी फैट्स को कम करने में भी सहायता करता है. इसके लिए हर रोज़ सुबह-सवेरे दालचीनी की चाय बनाकर एक कप पिएं. साथ ही एक ग्लास पानी में दालचीनी पाउडर उबाल लें. फिर इसे ठंडा करके इसमें दो बड़े चम्मच शहद मिलाकर सुबह नाश्ते से क़रीब आधा घंटा पहले लें. यही प्रक्रिया रात को सोने से पहले भी करें. ये शरीर की अनावश्यक फैट्स को ख़त्म करता है.
  • दिल कमज़ोर है, तो उसकी मज़बूती के लिए हर रोज़ दालचीनी में शहद मिलाकर खाने से लाभ होता है.
  • दालचीनी कोलेस्ट्रॉल लेवल को भी नियंत्रित करने में लाभदायक है. इसके लिए तीन चम्मच दालचीनी पाउडर में दो चम्मच शहद मिलाकर एक ग्लास पानी के साथ लें.
  • ऊषा गुप्ता
Amazing Health Benefits Of Cinnamon

आमतौर पर दही (Curd) सभी खाते हैं, लेकिन बहुत कम लोगों को इसके फ़ायदों के बारे में जानकारी होती है. दही में भरपूर मात्रा में विटामिन्स, प्रोटीन, कैल्शियम व मिनरल्स होते हैं. इसके अलावा इसमें लैक्टोज़, आयरन व फास्फोरस भी होता है. लो फैटवाले दही का सेवन करने से वज़न नियंत्रण में रहता है. इसके सेवन से रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है. दही का नियमित रूप से सेवन करने से त्वचा, बाल व चेहरे की रंगत अच्छी होती है यानी ख़ूबसूरती के लिए भी दही लाभदायक है.

Curd Health Benefits

* दही में सेंधा नमक व भुना हुआ जीरा पाउडर मिलाकर पीने से पेट संबंधी बीमारियों से छुटकारा मिलता है.

* दही पाचन के लिए बेहद फ़ायदेमंद है. दही में अजवायन मिलाकर खाने से कब्ज़ की समस्या दूर हो जाती है.

* मुंह में छाले होने पर दही से कुल्ला करें. इससे छाले में आराम मिलता है.

* गर्मी व ख़ुश्की से हुए सिरदर्द में दही खाने से और दही से सिर पर मालिश करने से दर्द दूर होता है.

* यदि पेट की तकलीफ़ हो, तो दही में पानी मिलाकर शहद के साथ लेने से पेट की तकलीफ़ दूर होती है.

* स्किन प्रॉब्लम्स यानी दाग़-धब्बे होने पर इसे दूर करने के लिए हर रोज़ स्नान करने से पहले शरीर पर दही लगाएं. फिर थोड़ी देर बाद स्नान करें.

* जी मिचलाने व भोजन में अरुचि होने पर दही में पुदीना मिलाकर खाएं.

* पित्त होने और धूप के कारण शारीरिक व मानसिक थकान होने या चक्कर आने पर दही की लस्सी बनाकर पीना फ़ायदेमंद होता है.

* जैतून के तेल में दही और नींबू का रस मिलाकर लगाने से चेहरे का रूखापन दूर होता है.

* दही में नींबू का रस मिलाकर चेहरे पर लगाने से झुर्रियां कम होती हैं.

* सनबर्न होने पर उस जगह दही लगाएं. इससे सनबर्न नहीं होता और स्किन टैन भी नहीं होती.

* दही में बादाम का तेल व शहद मिलाकर पेस्ट बनाकर चेहरे पर लगाएं. 15 मिनट बाद चेहरा धो लें. इससे डेड स्किन निकल जाती है और त्वचा खिल उठती है.

* हल्दी व गुलाबजल दही में मिलाकर चेहरे पर लगाने से त्वचा नर्म-मुलायम होती है.

* दही की छाछ बनाकर पीने से पेट की गर्मी में आराम मिलता है और पाचन क्रिया भी बेहतर रहती है. साथ ही भूख भी अधिक लगती है.

* हर रो़ज़ एक चम्मच दही खाने से रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है. इसमें मौजूद गुड बैक्टीरिया इम्यून सिस्टम को सही रखते हैं.

यह भी पढ़ेदर्दनिवारक नमक (Health Benefits Of Salt)

स्टडी

हाल में हुई स्टडी के अनुसार, दही खाने से दिल की बीमारियों के होने का ख़तरा दस प्रतिशत तक कम हो जाता है. दही में मौजूद तत्व शरीर को कई तरी़के से फ़ायदा पहुंचाते हैं. यह प्रो-बायोटिक फूड कैल्शियम से भरपूर होता है, इससे हड्डियों व दांतों को मज़बूती मिलती है. दही खाने का सीधा संबंध मस्तिष्क से भी है. आपको यह जानकर हैरानी होगी कि दही का सेवन करनेवालों को तनाव व अवसाद की समस्या कम होती है.

हेल्थ अलर्ट

* रात में दही न खाएं. यदि खाना ज़रूरी हो, तो कालीमिर्च पाउडर या शक्कर मिलाकर खाएं.

* खट्टी दही को गर्म करके न खाएं.

* दही में नमक मिलाकर न खाएं. इसकी बजाय गुड़ या मिश्री मिलाकर खाना फ़ायदेमंद रहता है.

* दही में फैट्स होने के कारण यह दिल की बीमारी व डायबिटीज़ टाइप 2 में नुक़सानदायक हो सकता है.

यह भी पढ़ेचोट-मोच, सूजन के लिए उपयोगी घरेलू नुस्ख़े (Useful Home Remedies For Injury, Swelling)

सुपर टिप

दही में संतरे के छिलके का पाउडर मिलाकर लगाने से रंगत गोरी हो जाती है.

– ऊषा गुप्ता

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नमक (Salt) हमारे जीवन में बहुपयोगी भूमिका निभाता है. एक तरफ़ जहां यह भोजन के स्वाद के लिए ज़रूरी है, वहीं इसमें कई औषधीय गुण भी हैं, जिससे कई तरह के दर्द और समस्याओं से छुटकारा मिलता है.

Benefits Of Salt

नमक कई प्रकार के होते हैं, जैसे- सेंधा नमक, काला नमक, समुद्री नमक, सामान्य नमक आदि. नमक के कई फ़ायदे हैं. यह कब्ज़ दूर करने, कोलेस्ट्रॉल कम करने, हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने, दिल के दौरे की संभावना को कम करने में सहायक है. आइए, दर्दनिवारक नमक के बहुपयोगी नुस्ख़ों के बारे में जानते हैं.

* अपच होने पर नींबू के रस में नमक मिलाकर पीएं. तुरंत आराम मिलेगा.

* यदि आधासीसी यानी माइग्रेन की तकलीफ़ हो, तो लहसुन में नमक मिलाकर पीस लें और माथे पर इसका लेप लगाएं.

* यदि पेटदर्द हो, तो केले का जूस बना लें और उसमें काला नमक मिलाकर पीएं.

* खट्टी डकार की समस्या होने पर आधा-आधा टीस्पून पुदीना, बड़ी इलायची, कालीमिर्च, अजवायन, सेंधा व काला नमक लेकर पीस लें. दो-दो घंटे पर सौंफ के पानी के साथ ये चूर्ण एक टीस्पून लेते रहें.

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* गठिया की शिकायत हो, तो नमक और राई बराबर मात्रा में लेकर पीस लें. अब इसे हल्का गर्म करके दर्दवाली जगह पर लेप करके पट्टी बांध लें.

* ज़ुकाम होने पर तुलसी के रस में थोड़ा-सा नमक घोलकर नाक में कुछ बूंद टपकाएं.

* तिल के तेल में नमक को अच्छी तरह से भूनकर जोड़ों के दर्द में मालिश करने से आराम मिलता है.

* चेहरे पर दाग़-धब्बे व झाइयां हों, तो खीरे को सिरे से काटकर उस पर नमक लगाकर खाएं.

* छाले होने पर नमकवाले गुनगुने पानी से कुल्लाकरने से लाभ होता है.

* शरीर में थकान हो और बदन टूट रहा हो, तो एक खुले बर्तन या बाल्टी में गर्म पानी डालकर दो-तीन चम्मच नमक मिला लें. फिर घुटनों तक पैरों को अच्छी तरह से धोएं. बाद में काफ़ी देर तक पैर को डुबोएं रखें.

* दांत में कीड़े लग गए हों, तो आधा ग्लास गर्म पानी में आधा चम्मच नमक मिलाकर अच्छी तरह से घोल लें. फिर इसे घूंट-घूंट भरकर कुल्ला करें.

* नज़ले की समस्या होने पर गुनगुने नमकवाले पानी से नथुनों से पानी खींचें और छोड़ें, जैसे जलनेती करते हैं.

* पेशाब की रुकावट की समस्या हो, तो नमक पीसकर नाभि में डालें और बूंद-बूंद पानी डालें. जल्द ही समस्या दूर हो जाएगी.

* भूख न लगने की परेशानी हो, तो भोजन से आधे घंटे पहले एक चम्मच अदरक के रस में थोड़ा-सा नमक मिलाकर पीएं.

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* सिरदर्द होने पर घी में नमक डालकर गुनगुना गर्म करें और इसे माथे पर और कनपटियों पर मलें.

* हिचकी की समस्या हो, तो सेंधा व काला नमक पीसकर उसमें नींबू का रस मिलाएं और आधा कप पानी में घोलकर पीएं. इससे हिचकी से तुरंत आराम मिलेगा.

* चोट-मोच लगने पर घी गर्म करके उसमें नमक मिलाएं और चोटवाली जगह पर लगाएं.

* गर्दन में ऐंठन और मांसपेशियों में दर्द हो, तो नमक व हल्दी मिलाकर पोटली बना लें. इसे गुनगुने तेल में भिगोकर हल्के हाथों से मालिश करें.

* कब्ज़ में एक ग्लास गर्म पानी में आधा चम्मच सेंधा व काला नमक व आधा नींबू निचोड़कर खाली पेट पीएं. पंद्रह मिनट में पेट साफ़ हो जाएगा.

* तनाव दूर करने और तरोताज़गी के लिए भी नमक बेहद उपयोगी है. नहाने के गुनगुने पानी में दो कप सेंधा नमक मिलाकर स्नान करें. ऐसा हफ़्ते में कम-से-कम दो बार ज़रूर करें.

सुपर टिप

बदहज़मी होने पर प्याज़ के रस में नमक मिलाकर पीने से आराम मिलता है.

– रुचि ख़ुशी गुप्ता

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करीपत्ते को भोजन का स्वाद बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है. लेकिन इसके सेहत से जुड़े अनगिनत फ़ायदे भी हैं. पौष्टिक तत्वों से भरपूर करीपत्ते में प्रोटीन, आयरन, मैग्नीशियम, कैल्शियम और फास्फोरस होता है. इसे मीठी नीम भी कहते हैं. इसमें कई प्रकार के एंटीऑक्सीडेंट्स व फेनोल्स पाए जाते हैं, जिससे कैंसर जैसी ख़तरनाक बीमारी से भी बचने में मदद भी मिलती है. करीपत्ते में मौजूद ख़ास तत्व प्रोस्टेट, ल्यूकेमिया, कोलोरेक्टल कैंसर से बचाव करते हैं. इसके बेहतरीन फ़ायदे के लिए हमेशा ताज़े करीपत्ते का ही इस्तेमाल करें.

Curry Leaves Benefits

* जी मिचलाने पर 1/4 कप करीपत्ते के रस में चुटकीभर शक्कर व आधे नींबू का रस मिलाकर पीएं.

* पित्त की समस्या होने पर करीपत्ते को पीसकर इसका रस निकाल लें और इसे छाछ के साथ दिनभर में दो-तीन बार पीएं.

* चेहरे की रंगत निखारने में भी करीपत्ता उपयोगी है. करीपत्ते को सुखाकर पीसकर पाउडर बना लें. इसमें नारियल का तेल, गुलाबजल, मुलतानी मिट्टी व चंदन मिलाकर पैक तैयार कर लें. इसे चेहरे पर लगाकर आधे घंटे बाद धो लें.

* एनीमिया की तकलीफ़ हो, तो हर रोज़ सुबह खाली पेट दो करीपत्ते के साथ एक खजूर खाएं.

* यदि डायरिया की प्रॉब्लम हो, तो करीपत्ते के पाउडर को छाछ में मिलाकर दिन में दो बार पीएं. इससे जल्द ही आराम मिल जाएगा.

* यदि आप डायबिटीज़ के मरीज़ हैं, तो अपने डायट में करीपत्ते को ज़रूर शामिल करें. तीन महीने तक लगातार हर रोज़ सुबह खाली पेट करीपत्ता खाने से इसके चमत्कारिक लाभ मिलेंगे.

* यदि स़़फेद बालों की समस्य हो, बाल टूटते व गिरते हों, तो 10-12 करीपत्ते में रातभर भिगोए हुए 5-6 बादाम मिलाकर पेस्ट बना लें. इससे बालों व स्काल्प की मालिश करें. फिर माइल्ड शैंपू से बाल धो लें. ऐसा तीन-चार हफ़्ते तक करने से बाल मज़बूत, चमकदार व काले होते हैं.

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* नियमित रूप से 7-8 करीपत्ते का सेवन करना शरीर के लिए बेहद फ़ायदेमंद होता है. इससे वज़न कम होने, आंखों की रोशनी बढ़ने, बालों के काले होने में मदद मिलती है.

* पीरियड में दर्द की समस्या होने पर करीपत्ते का सेवन करना फ़ायदेमंद रहता है. इससे माहवारी में होनेवाले असहनीय दर्द में काफ़ी आराम मिलता है.

* करीपत्ते में एंटीबैक्टीरियल व एंटीफंगल गुण होने के कारण यह सूखी खांसी, कफ़ आदि में बलगम निकालने में मददगार साबित होता है.

* बवासीर की समस्या होने पर करीपत्ते का जूस पीएं. जूस के लिए करीपत्ते को पानी के साथ पीसकर उसका रस निकाल लें और इसे पीएं.

* वज़न कम करने के लिए करीपत्ते की चाय पीएं. इसके लिए पानी में करीपत्ता उबालकर उसमें नींबू का रस और शहद मिलाएं.

* अपच की परेशानी हो, तो एक टीस्पून घी को गर्म करके उसमें पांच-छह करीपत्ता, थोड़ा-सा सोंठ, जीरा, शहद व पानी मिलाकर उबाल लें. फिर इसे ठंडा करके पीएं.

* ब्लड प्रेशर से राहत के लिए सुबह लौकी के रस के साथ करीपत्ते का रस लें.

* खांसी-ज़ुकाम होने पर करीपत्ते के पाउडर में शहद मिलाकर लें.

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* चेहरे के जले-कटे निशान को दूर करने में भी करीपत्ता फ़ायदेमंद है. इसके लिए एक कप दूध को गर्म करके उसमें 5-6 करीपत्ते मिलाकर उबालें. जब यह गाढ़ा हो जाए, तब इसे आंच पर से उतारकर ठंडा कर लें. फिर इसे जले-कटे हुए जगहों पर लगाएं.

हमेशा चुस्त-दुरुस्त व सेहतमंद रहने के लिए अपने भोजन में नियमित रूप से करीपत्ते को ज़रूर शामिल करें.

सुपर टिप: उल्टी व घबराहट होने पर करीपत्ते के जूस में नींबू का रस व शक्कर मिलाकर पीएं.

– ऊषा गुप्ता

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आलू भला किसे पसंद नहीं. आमतौर पर आलू को स्नैक्स व भोजन के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, पर इसमें कई औषधीय गुण भी हैं. जहां यह आंतों में सड़न की प्रक्रिया को रोकता है, वहीं पाचन में सहायक बैक्टीरिया के विकास में भी मदद करता है. आलू में प्रचुर मात्रा में विटामिन, स्टार्च, कैल्शियम, पोटैशियम व फास्फोरस होता है. कब्ज़, ड्रॉप्सी, यूरिक एसिड व आतों से जुड़ी बीमारियों में आलू काफ़ी फ़ायदेमंद है. स्कर्वी जैसी बीमारी के लिए तो आलू आदर्श आहार औषधी है. आलू का छिलका भी उपयोगी होता है, इसमें फाइबर व विटामिन बी 3 अधिक मात्रा में होती है. आलू को छिलके सहित पकाना चाहिए, क्योंेकि इसके छिलके के नीचे के हिस्से में ही प्रचुर मात्रा में प्रोटीन व खनिज होते हैं.

Potato

* पाचन संबंधी समस्या होने पर एक टेबलस्पून कच्चे आलू का रस भोजन से आधे घंटे पहले दो या तीन बार लें.

* मुंह में छाले हों, तो उबले हुए आलू खाएं. इससे जल्द ही छाले ठीक हो जाएंगे.

* यदि गठिया हो, तो चार आलू भून कर इसका छिलका निकाल लें. इस पर नमक व लाल मिर्च पाउडर छिड़ककर हर रोज़ खाएं. इससे गठिया जल्द ही ठीक हो जाएगा. इसके अलावा भोजन से पहले एक टेबलस्पून आलू का रस लेना भी फ़ायदेमंद होता है.

* गुर्दे की पथरी में मरीज़ को नियमित रूप से आलू खिलाते रहें और भरपूर मात्रा में पानी पिलाएं.

* सिरदर्द होने पर आलू को तीन तरह से इस्तेमाल कर सकते हैं-

  1. आलू को छीलकर इसके पतले-पतले स्लाइस करके उसे सिर पर रखकर कपड़े से बांधकर शांत जगह पर लेट जाएं. कुछ देर में सिरदर्द से आराम मिल जाएगा.
  2. साफ़ कपड़े की पट्टी को आलू के रस में डुबोकर सिर पर रखें. जब पट्टी गर्म हो जाए, तब उसे बदल दें. कुछ देर तक ये प्रक्रिया करते रहने से सिरदर्द दूर हो जाएगा.
  3. आलू के मोटे छिलके को सिर पर रखकर बांध दें. इससे भी सिरदर्द में लाभ होता है.

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* आयरन की कमी होने पर एनीमिया से परेशान मरीज़ों के लिए आलू का छिलका काफ़ी लाभदायक है. अन्य सब्ज़ियों के साथ आलू के छिलके का सेवन करें. इसमें आयरन प्रचुर मात्रा में होता है. इसका नियमित रूप से सेवन करते रहने से एनीमिया की समस्या दूर हो जाती है.

* आलू में मैग्नीशियम होता है, जो हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में सहायक होता है. अतः नियमित रूप से उबले हुए आलू अवश्य खाएं.

* शरीर में कहीं जल गया हो, तो कच्चे आलू का रस निकालकर जले हुए स्थान पर लगाएं.

* छोटे बच्चों या बुज़ुर्गों को आलू के रस में शहद मिलाकर पिलाने से उन्हें ताक़त मिलती है और वे हेल्दी भी होते हैं.

* आंखों की जलन और सूजन के लिए कच्चे आलू को कद्दूकस कर उसका रस निकालकर आंखों में काजल की तरह लगाएं.

* सन बर्न होने पर आलू को स्लाइस में काटकर फ्रिज में रख दें. फिर ठंडे आलू को सन बर्न वाले हिस्से में लगाएं.

* झुर्रियां व चेहरे के दाग़-धब्बे को दूर करने व खिली त्वचा के लिए आलू के रस का इस्तेमाल करना फ़ायदेमंद रहता है.

* चेहरे की रंगत निखारने के लिए आलू के रस को चेहरे पर लगाकर आधे घंटे बाद चेहरा धो लें. इसके अलावा इसमें नींबू का रस मिलाकर भी लगा सकते हैं.

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* चेहरे के दाग़-धब्बे को दूर करने के लिए आलू को स्लाइस में काटकर इसे चेहरे पर धीरे-धीरे रगड़ते हुए मसाज करें.

* आलू एक नेचुरल क्लींज़र का काम भी करता है. इसमें ककड़ी मिलाकर चेहरे पर लगाएं.

सुपर टिप

आलू में केरोटिनॉयड्स नामक तत्व होता है, जो दिल व शरीर के अंदरूनी हिस्से के लिए उपयोगी होता है, इसलिए नियमित रूप से उबले हुए आलू खाएं.

ऊषा गुप्ता

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अमरूद (Guava) की तासीर ठंडी होती है. पेट संबंधित बीमारियों के लिए यह बहुत उपयोगी फल है. इसमें विटामिन सी भरपूर मात्रा में होता है. ये मेटाबॉलिज़्म को बेहतर बनाता है, जिससे शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर नियंत्रित रहता है. इसमें मौजूद लाइकोपीन नामक फाइटो न्यूट्रीएंट कैंसर व ट्यूमर के ख़तरे से बचाता है. साथ ही इसमें पाया जानेवाला बीटा कैरोटीन स्किन प्रॉब्लम्स को दूर करता है. अमरूद में प्रचुर मात्रा में फाइबर होता है, जो डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए फ़ायदेमंद है. थायरॉइड को नॉर्मल करने के लिए भी डॉक्टर अमरूद के सेवन की सलाह देते हैं. अमरूद में मौजूद पोटैशियम व मैग्नीशियम मांसपेशियों व दिल को मज़बूत रखते हैं और इससे जुड़ी कई बीमारियों से भी बचाते हैं. आइए इसके स्वास्थ्य संबंधी अन्य लाभ के बारे में जानते हैं.

Benefits Of Guava

* यदि कब्ज़ की समस्या हो, तो सुबह खाली पेट पका हुआ अमरूद खाना फ़ायदेमंद रहता है.

* आंखों की सूजन व आंखों के नीचे के काले घेरे यानी कालेपन को दूर करने के लिए अमरूद की पत्तियों को पीसकर उसका पेस्ट बनाकर लगाएं.

* दस्त की शिकायत होने पर अमरूद के पत्तों का रस निकालकर इसकी कुछ बूंदें एक कप गुनगुने पानी में मिलाकर पीएं.

* यदि मुंह से दुर्गंध आती है, तो अमरूद की कोमल पत्तियों को चबाना लाभदायक होता है. इससे दांतों का दर्द भी कम होता है.

* बच्चों के पेट में कीड़े हों, तो अमरूद खिलाएं, तुरंत फ़ायदा होगा.

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* अमरूद को काले नमक के साथ खाने से पाचन संबंधी समस्या दूर हो जाती है, इसलिए इसे पाचन क्रिया के लिए बेहतरीन फल माना जाता है.

* एक लीटर पानी में 10-15 अमरूद के पत्ते डालकर 15 मिनट तक उबाल लें. ठंडा होने पर इसे छानकर बालों की जड़ों में लगाने से बालों का गिरना-झड़ना दूर हो जाता है. साथ ही इसका नियमित रूप से इस्तेमाल करने से बाल ख़ूबसूरत, मज़बूत व चमकदार बनते हैं.

* पीरियड्स के समय होनेवाले असहनीय दर्द से राहत के लिए हर रोज़ छह मिलीग्राम अमरूद के रस का सेवन करें. इसके अलावा अमरूद के पत्ते का रस पीने से पीरियड्स में होनेवाली ऐंठन से भी आराम मिलता है.

* अध्ययन द्वारा यह साबित हुआ है कि डिप्रेशन के समय अमरूद का सेवन उपयोगी होता है. दरअसल, अमरूद में प्रचुर मात्रा में मैग्नीशियम होता है, जो तनाव व चिंता को दूर करने में अहम् भूमिका निभाता है.

* मितली या उल्टी की परेशानी होने पर अमरूद के पत्ते खाने से राहत मिलती है.

* नेचुरल ग्लो में भी अमरूद मदद करता है. यदि आप नियमित रूप से अमरूद खाते हैं, तो आपकी त्वचा खिली-खिली रहेगी.

* डेंगू के बुख़ार में अमरूद के पत्तों का उपयोग लाभप्रद होता है. पांच कप पानी में अमरूद के दस पत्ते डालकर तब तक उबालें जब तक पानी तीन कप न रह जाए. फिर इस मिश्रण को ठंडा करके मरीज़ को दिनभर में तीन बार एक-एक कप दें.

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* रिसर्च से यह पता चला है कि अमरूद के पत्तों की चाय बनाकर नियमित रूप से तीन महीने तक पीने से शरीर में मौजूद बैड कोलेस्ट्रॉल दूर होता है व ट्राइग्लिसराइड्स कम होते हैं.

* यदि पित्त की समस्या हो जाए, तो उसके लिए भी अमरूद का सेवन करना उपयोगी होता है.

* मुंह में छाले हों, तो अमरूद की पत्तियों को चबाने से आराम मिलता है.

* यदि आप नियमित रूप से अमरूद खाते हैं, तो आपका ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है. रिंकल व अन्य त्वचा संबंधी परेशानियां कम होती हैं.

सुपर टिप

हर रोज़ अमरूद खाने से सर्दी-ज़ुकाम जैसी मौसमी बीमारियां कम होती हैं.

– ऊषा गुप्ता

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हिंदू धर्म में पूजा के बाद कपूर जलाकर आरती करने की परंपरा है. पूजन, आरती जैसे धार्मिक कार्यों में कपूर का विशेष महत्व है. पूजा में प्रयोग किया जानेवाला कपूर हमारे स्वास्थ्य के लिए भी बेहद फ़ायदेमंद है.

Benefits Of Camphor

वैज्ञानिक शोधों से सिद्ध हुआ है कि कपूर की सुगंध से जीवाणु, विषाणु इत्यादि बीमारी फैलानेवाले जीव नष्ट हो जाते हैं, जिससे वातावरण शुद्ध हो जाता है व बीमारियां नहीं फैलती हैं.

* त्वचा संबंधी रोगों के इलाज में कपूर बेहद फ़ायदेमंद होता है. नारियल के तेल में कपूर व गंधक का पाउडर मिलाकर दाद, खाज, खुजली वाले स्थान पर लगाने से फ़ायदा मिलता है. मुहांसों पर भी कपूर का तेल लगाने की सलाह दी जाती है.

* फटी एड़ियों को ठीक करने में कपूर बहुत उपयोगी होता है. इसके लिए टब में गर्म पानी लें और उसमें कपूर मिलाकर पैर डालकर 10-15 बैठें. ऐसा करने से एड़ियां ठीक होती हैं.

* कपूर की टिकिया को रूमाल में लपेटकर सूंघते रहने से सर्दी-ज़ुकाम से राहत मिलती है.

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* कपूर व चंदन को तुलसी के रस में घिसकर लेप बनाकर सिर पर लगाने से सिरदर्द में आराम मिलता है. इसके अलावा कपूर को नींबू के रस के साथ मिलाकर सिर पर मलें. यह सिरदर्द का अचूक इलाज है. जोड़ों का दर्द या कमर दर्द होने पर कपूर के तेल से उस स्थान की मालिश करें. तुरंत आराम मिलेगा. शरीर के किसी भी अंग में दर्द होने पर आप इस तेल से मालिश कर सकते हैं. कपूर गठिया के रोगियों के लिए फ़ायदेमंद होता है. मांसपेशियों में दर्द होने पर इसे लगाने पर तुरंत आराम मिलता है.

* नारियल के तेल में कपूर डालें. इस तेल से बालों की जड़ों में हल्के हाथों से मालिश करें. इससे बाल स्वस्थ व मज़बूत होते हैं. रूसी, जुएं, बालों का गिरना इत्यादि समस्या होने पर सरसों के तेल में कपूर मिलाकर बालों पर लगाएं. इससे काफ़ी फ़ायदा होगा. इसके अलावा सौ ग्राम नारियल के तेल में चार ग्राम कपूर मिलाकर बॉटल में रखें. इस तेल को रात में सोने से पहले बालों में लगाकर मालिश करें. कुछ दिनों के अंदर रूसी गायब हो जाएगी.

* हींग और कपूर के पाउडर को  बराबर मात्रा में मिलाकर दांत के बीच दबाकर रखें. दर्द से तत्काल आराम मिलेगा. पान में देसी कपूर डालकर दिन में तीन-चार बार चबाने से पायरिया की शिकायत दूर हो जाती है. मसूड़ों में किसी तरह की समस्या होने पर कैस्टर ऑयल में कपूर मिलाकर मसूड़ों पर मलने से बहुत फ़ायदा मिलता है.

* आग से जलने या चोट के कारण त्वचा पर दाग़ पड़ने पर थोड़ा-सा कपूर पानी में मिलाकर प्रभावित स्थान पर नियमित रूप से कुछ दिनों तक लगाने से निशान मिट जाता है.

* देसी घी में कपूर मिलाकर रात को सोते समय पैरों के तलवों पर मालिश करने से अच्छी नींद आती है.

* मिश्री को बारीक पीसकर उसमें थोड़ा-सा कपूर पाउडर मिलाकर छालों पर लगाएं. यह नुस्ख़ा बच्चों के मुंह के छालों के लिए बेहद लाभकारी होता है.

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* ऊनी या रेश्मी कपड़े रखते समय छोटी-सी पोटली में कपूर बांधकर कपड़ों के बीच में रख दें. इससे कीड़े नहीं लगेंगे. तकिये के नीचे व पलंग के चारों तरफ़ कपूर की पोटली बांधकर रखने से खटमल नहीं आते हैं.

– आभा जैन

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कालीमिर्च (Black Pepper) वातनाशक व पित्तकारक है. इसमें पेपराइन नामक केमिकल होता है, जिसके कारण इसका स्वाद तीखा होता है. इसी कारण यह पाचन क्रिया में भी उपयोगी होता है. इससे पाचन क्षमता बढ़ती है. कालीमिर्च में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो कैंसर से लड़ते हैं, ख़ासकर ब्रेस्ट कैंसर से. कालीमिर्च का उपयोग कफ़, खांसी, फोड़े-फुंसी, पेट संबंधी समस्या आदि के इलाज में भी किया जाता है.

Black Pepper Benefits

* ज़ुकाम के साथ हल्का बुख़ार भी हो, तो 5-6 साबूत कालीमिर्च, 7-8 तुलसी के पत्ते, 2-3 लौंग, एक इंच अदरक का टुकड़ा, एक इलायची- इन सभी को पानी में उबाल लें. फिर इसमें दूध डालकर चाय की तरह गरम-गरम दिन में तीन बार पीएं. इससे पसीना आकर शरीर हल्का होता है और बुख़ार उतर जाता है.

* आधा टीस्पून कालीमिर्च पाउडर और आधा टीस्पून शहद मिलाकर दिन में तीन-चार बार चाटें. इससे खांसी ठीक हो जाती है.

* पाचनशक्ति कमज़ोर हो और भोजन डायजेस्ट न होता हो, तो जीरा, सोंठ, सेंधा नमक, पीपरि, कालीमिर्च- सब समान मात्रा में लेकर चूर्ण बनाकर रख लें. भोजन के बाद एक चम्मच चूर्ण पानी से लें. भोजन शीघ्र पचने लगेगा.

* गैस की शिकायत होने पर एक कप पानी में आधे नींबू का रस, आधा चम्मच कालीमिर्च का चूर्ण व आधा चम्मच काला नमक मिलाकर नियमित रूप से कुछ दिनों तक सेवन करने से गैस की शिकायत दूर हो जाती है.

* कालीमिर्च पाउडर को घी और मिश्री के साथ मिलाकर चाटने से बंद गला खुल जाता है और आवाज़ सुरीली होती है.

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* कालीमिर्च को घी में बारीक़ पीसकर लेप करने से दाद, खाज, फोड़े-फुंसी आदि चर्म रोग दूर हो जाते हैं. छोटी फुंसियां भी दिन में दो बार लेप करने से तुरंत बैठ जाती हैं.

* 8-10 कालीमिर्च पानी में उबालकर इस पानी से गरारे करें. इससे गले का संक्रमण ठीक हो जाता है.

* मस्तिष्क में ताज़गी लाने तथा स्मरणशक्ति बढ़ाने के लिए कालीमिर्च का प्रयोग ब्राह्मी की पत्तियों के साथ मिलाकर किया जाता है. थोड़े-से घी में 3-4 ग्राम ब्राह्मी की पत्ती उबाल लें. इसमें पिसी कालीमिर्च तथा शक्कर मिलाकर चाटें.

* आधा चम्मच घी, आधा चम्मच पिसी हुई कालीमिर्च और आधा चम्मच मिश्री, तीनों को मिलाकर सुबह चाटें. इससे आंखों की कमज़ोरी दूर होती है व रोशनी भी बढ़ती है.

* बदहज़मी की शिकायत होने पर एक नींबू काटकर कालीमिर्च और काला नमक लगाएं. और उसे गरम करके चूसें.

* कालीमिर्च को उबालकर उसके पानी से गरारा करने से मसूड़ों की सूजन कम हो जाती है. मसूड़े स्वस्थ तथा मज़बूत होते हैं.

* कालीमिर्च का चूर्ण तुलसी के रस और शहद में मिलाकर सेवन करने से मलेरिया दूर हो जाता है.

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* अदरक और नींबू के रस में एक टीस्पून कालीमिर्च का चूर्ण मिलाकर पीने से पेटदर्द दूर होता है.

* कालीमिर्च का बारीक़ चूर्ण शहद के साथ चाटकर ऊपर से छाछ पीने से दीर्घकालीन पेचिश मिटता है. इस नुस्ख़े का सेवन दिन में तीन बार करें.

* कालीमिर्च का चूर्ण, शक्कर और घी एक साथ मिलाकर सेवन करने से सिर का चकराना दूर होता है.

* कालीमिर्च को दही और पुराने गुड़ में मिलाकर पीने से नकसीर (नाक में से ख़ून गिरना) बंद होता है.

सुपर टिप

पाचन क्रिया ठीक करने के लिए कालीमिर्च व सेंधा नमक पीसकर इसे भुनी हुई अदरक के बारीक़ टुकड़ों के साथ मिलाकर खाएं.

– ऊषा गुप्ता

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राह चलते, घर का कामकाज करते हुए, फिसल जाने पर या गिर जाने पर मोच, चोट या घाव हो जाए या फिर सूजन आ जाए, तो निम्न घरेलू नुस्ख़ों (Home Remedies) द्वारा इन्हें दूर किया जा सकता है.

Home Remedies For Swelling

* मोच के स्थान पर सरसों का तेल लगाकर उस पर हल्दी का पाउडर छिड़कें तथा छोटे तौलिए से ढंक दें. एक कपड़े में नमक की पोटली बांध लें. इसे तवे के ऊपर गर्म करके तौलिए के ऊपर से सहने योग्य सेंक करें.

* त्वचा या घाव से बहते ख़ून पर फिटकरी पीसकर बुरक दीजिए. इससे ख़ून का बहना रुक जाएगा.

* नीम की हरी पत्तियों को पीसकर उसकी लुगदी बनाकर घाव पर रखकर पट्टी बांध दें.

* गूलर के पत्तों को पीसकर घाव पर कुछ दिनों तक लगाने से घाव शीघ्र भर जाता है.

* चोटवाली जगह पर खानेवाला चूना व शहद मिक्स करके लगाने से चोट जल्द ठीक हो जाती है.

* हाथ-पैर में हुए फ्रैक्चर से सूजन व दर्द होने पर प्याज़ को कूटकर उसमें हल्दी व सरसों का तेल मिला लें. इसे हल्का गर्म करके चोटवाले स्थान पर बांधकर रातभर रहने दें.

* चोट के कारण घाव हो गया हो, तो वहां पर घी में कपूर मिलाकर लगाएं.

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* दूब को पीसकर चोट पर लगाने से भी लाभ होता है.

* 4 चम्मच सरसों के तेल में 4-5 लहसुन की कलियां व एक चम्मच हल्दी पाउडर मिलाकर धीमी आंच पर हल्का-सा गर्म कर लें. इसे चोटवाली जगह पर लगाकर कपड़े से बांध लें.

* घाववाली जगह पर फिटकरी को भूनकर लगाएं. इससे भी घाव जल्दी भरता है.

* हल्दी व सरसों को मिक्स करके हल्का गर्म कर लें. इसे चोट पर लगाकर उसके ऊपर एरंड के पत्ते लगाकर बांध देने से चोट में लाभ होता है.

* यदि पत्थर या लकड़ी की चोट से सूजन हुई हो, तो इमली के पत्तों को उबालकर चोटवाली जगह पर लगाकर बांधें. इसके अलावा चूना व हल्दी को गर्म करके लगाने से भी फ़ायदा होगा.

* जब कभी शरीर के किसी अंग पर चोट लग जाए, तब अदरक को कद्दूकस करके पानी में हल्का-सा उबालकर उस स्थान पर लगाएं.

* चोट के कारण घाव होने पर 20-25 नीम की ताज़ी पत्तियों को तोड़कर पानी के साथ पीस लें और साफ़ कपड़े से छान लें. इसमें चुटकीभर हल्दी डाल दें. फिर इस रस में रुई के फाहे को भिगोकर तवे पर थोड़ा-सा घी डालकर गर्म करें. जब रुई जलने लगे, तो उसे हटाकर थोड़ा-सा ठंडा कर घाव पर लगाकर पट्टी बांध दें.

* सेंधा नमक को पानी में डालकर इसमें कपड़े को भिगोकर चोटवाले स्थान पर सेंक करने से आराम मिलता है.

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* जहां चोट लगी हो, वहां पर अजवायन पीसकर लगाएं और कपड़े से बांध दें.

* यदि कोई अंदरूनी चोट लगी हो, तो एरंड के पत्ते पर सरसों का तेल लगाएं. इसे आग में हल्का सेंककर चोट पर लगाकर बांध दें.

* यदि चोट लगे हुए स्थान से लगातार ख़ून बह रहा हो, तो कपड़े को मिट्टी के तेल में भिगोकर बांधे. ख़ून का बहना रुक जाएगा.

* यदि मोच की वजह से सूजन हुई हो, तो सूजन को दूर करने के लिए गुनगुने पानी में फिटकरी मिलाकर मोचवाली जगह पर सिंकाई करें.

* चोट लग जाने पर गेहूं के आटे में सरसों का तेल मिलाकर चोट पर रखकर कपड़े से बांध दें.

सुपर टिप

तुलसी के पत्तों को पीसकर चोट पर लगाने से घाव जल्दी भर जाता है.

– ऊषा गुप्ता

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