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इन 10 daily habits से बढ़ता है मोटापा(10 daily habits that are making you fat)

weight loss tips

फिट रहने के लिए हम क्या नहीं करते- योगा, एक्सरसाइज़, हेल्दी डायट… लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद यदि वज़न कम नहीं हो रहा, बल्कि बढ़ता ही जा रहा है, तो अपनी कुछ आदतों पर ध्यान दें, क्योंकि कुछ बुरी आदतें भी मोटापा बढ़ाती हैं.

weight loss
1. टीवी देखते हुए खाना

यदि आप भी ऐसा करती हैं, तो आप कितना और क्या खा रही हैं? इस बात पर आपका ध्यान नहीं रहता, जिसके कारण अक्सर आप ज़्यादा खा लेती हैं और वज़न बढ़ जाता है.
नुक़सान
– एक दिन में दो घंटे से ज़्यादा टीवी देखने से मोटापा बढ़ने की संभावना 20 प्रतिशत बढ़ जाती है.
– टीवी पर लगातार रोने-धोने वाले सीरियल्स देखने से हार्ट और ब्लड प्रेशर से संबंधित समस्याएं भी हो सकती हैं.
क्या करें?
टीवी देखते समय बीच-बीच में जॉगिंग, स्ट्रेचिंग, ब्रीदिंग एक्सरसाइज़ आदि करने से मोटापा घटाया जा सकता है.

2. लंबे समय तक भूखे रहना

जल्दी-जल्दी में घर से निकलते वक़्त कई बार हम भूखे पेट ही निकल जाते हैं. घर पर रहकर भी कई बार हम लंबे समय तक भूखे रहते हैं. ऐसे में लंबे अंतराल के कारण शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो जाती है.
नुक़सान
– शरीर में ब्लड शुगर की मात्रा कम होने की संभावना बढ़ जाती है.
– ब्रेन को सही समय पर ग्लूकोज़ न मिलने के कारण स्वभाव चिड़चिड़ा हो जाता है.
– लंबे समय तक खाली पेट रहने के बाद ढेर सारा खाना खाने से एसिडिटी, आलस्य आदि की शिकायत भी हो सकती है.
क्या करें?
समय पर भोजन करें और एक निश्‍चित डायट लें.

3. जल्दी-जल्दी खाना

खाने को बिना चबाए या जल्दी-जल्दी खाने से भी मोटापा बढ़ने की संभावना रहती है. ऐसा करने से पेट तक यह मैसेज नहीं पहुंच पाता कि आप क्या खा रही हैं? इससे पाचन क्रिया प्रभावित होती है. इसके अलावा पेट भर गया है या नहीं? इसकी सूचना भी दिमाग़ तक देर से पहुंचती है और आप ज़रूरत से ज़्यादा खा लेती हैं.
नुक़सान
– पाचन शक्ति कमज़ोर हो जाती है.
– पेट दर्द की शिकायत भी हो सकती है.
क्या करें?
भूख के अनुसार सीमित मात्रा में खाएं. खाना खाते समय कोई और काम न करें. अगर थोड़ी देर बाद फिर भूख लगे तो फल या हेल्दी स्नैक्स खा सकती हैं.

4. ब्रेकफास्ट न करना

रात के भोजन और ब्रेकफास्ट के बीच 8 से 12 घंटों का अंतराल दिमाग़ और मसल्स को कमज़ोर कर देता है. ऐसे में सुबह का नाश्ता न करना या स़िर्फ एक कप चाय या कॉफी पीना मोटापा बढ़ाता है.
नुक़सान
– पाचन शक्ति कमज़ोर हो जाती है.
– कैलोरीज़ घटने की बजाय बढ़ जाती हैं.
– ऐसा करने से आप ऐनेमिक भी हो सकती हैं.
– शरीर में एनर्जी कम हो जाती है.
क्या करें?
हेल्दी ब्रेकफास्ट ज़रूर लें. दिनभर के अन्य भोजन की तुलना में ब्रेकफास्ट में हेल्दी चीज़ों की मात्रा ज़्यादा रखें.

5. पर्याप्त नींद न लेना

रात को देर से सोना और सुबह जल्दी उठ जाना भी मोटापे का कारण है.
नुक़सान
– रात को खाया गया खाना पचता नहीं है.
– इंसोम्निया (अनिद्रा) की शिकार हो सकती हैं.
– शरीर का एनर्जी लेवल कम हो जाता है.
– दिमाग़ विचलित होने के कारण डिप्रेशन भी हो सकता है.
क्या करें?
अपना हर काम सही समय पर करने की कोशिश करें, ताकि आप समय पर सो और उठ सकें. प्रतिदिन 7-8 घंटे की नींद ज़रूर लें.

6. फास्ट फूड का सेवन

मोटापा बढ़ने का यह भी एक मुख्य कारण है. फास्ट फूड में कैलोरीज़ की मात्रा बहुत ज़्यादा होने के कारण इनका सेवन करने से मोटापा बढ़ता है.
नुक़सान
– हार्ट संबंधित बीमारियां हो सकती हैं.
– डायबिटीज़ होने का डर रहता है.
क्या करें?
हफ़्ते में स़िर्फ एक बार फास्ट फूड खाएं और एक्स्ट्रा चीज़ का सेवन न करें. तले हुए फास्ट फूड की बजाय रोस्टेड या बेक्ड फास्ट फूड खाएं.

7. खाना खाने के तुरंत बाद सो जाना

रात को भोजन देर से करना, ज़्यादा मात्रा में खाना व खाने के तुरंत बाद सो जाना भी मोटापे का एक कारण है. ऐसा करने से भोजन पच नहीं पाता और शरीर में फैट बढ़ता है.
नुक़सान
– खाना ठीक से न पचने के कारण गैस की शिकायत हो सकती है.
– तोंद निकलने लगती है.
क्या करें?
खाना खाने के बाद थोड़ा टहलना खाने को पचाने में मदद करता है. खाने के बाद हल्की-फुल्की एक्सरसाइज़ करना भी फायदेमंद है.

8. तनाव में ज़्यादा खाना

मानसिक रूप से परेशान होने पर ज़्यादा खाना खाकर अपने ग़ुस्से को ज़ाहिर करना भी मोटापा बढ़ाता है.
नुक़सान
– हाई कोलेस्ट्रॉल, हाई ब्लड प्रेशर और गैस्ट्रोएनटाइटिस होने की संभावना बढ़ जाती है.
क्या करें?
तनाव की स्थिति में ज़्यादा खाना खाकर ग़ुस्सा निकालने से अच्छा है वही ग़ुस्सा एक्सरसाइज़ करके निकाला जाए.

9. अल्कोहल (शराब) का सेवन

कभी-कभी हेल्दी डायट लेने और एक्सरसाइज़ करने के बावजूद वज़न घटने की बजाय बढ़ जाता है. इसका एक कारण हाई कैलोरीज़ युक्त अल्कोहल का सेवन हो सकता है.
नुक़सान
– लिवर में इंफेक्शन हो सकता है.
– हार्ट अटैक भी हो सकता है.
– ब्रेन से संबंधित बीमारियां हो सकती हैं.
क्या करें?
अल्कोहल का सेवन न करें.

10. दिनभर बैठकर काम करना

ऑफिस में लगातार बैठकर काम करने से भी वज़न बढ़ता है.
नुक़सान
– शरीर में फैट की मात्रा बढ़ जाती है.
– डायबिटीज़ होने की संभावना बढ़ जाती है.
– हृदय संबंधी रोग हो सकते हैं.
– ज़्यादा वज़न के कारण बैक बोन कमज़ोर हो सकती है.
क्या करें?
काम के बीच में 2-3 बार कॉफी या बाथरूम जाने के बहाने उठकर अपने शरीर को रिलैक्स करें. लिफ्ट की बजाय सीढ़ियों का इस्तेमाल करें और फोन पर बात करते समय वॉक करें.

कौन-सी 12 आदतें बिगाड़ रही हैं आपकी फर्टिलिटी ?(These 12 habits can kill your fertility)

habits can kill your fertility

हमारी लाइफस्टाइल से ही जुड़ी कुछ ऐसी ग़लत आदतें हैं, जिनका फर्टिलिटी पर काफ़ी बुरा असर पड़ता है. इन आदतों को अगर समय रहते सुधारा न गया, तो आप माता-पिता बनने के सुख से वंचित हो सकते हैं, इसलिए समय रहते इनमें सुधार लाएं और फिट रहें.

habits can kill your fertility

1. ग़लत खानपान: शरीर को ठीक प्रकार से काम करने के लिए कई तरह के पौष्टिक तत्वों की आवश्यकता होती है. अगर आप सही प्रकार का आहार नहीं लेते हैं, तो इसका असर फर्टिलिटी पर पड़ सकता है. तीखे, खट्टे, गर्म और नमकीन पदार्थों का ज़्यादा सेवन करने से पित्त कुपित होकर वीर्य व अण्डाणु का क्षय करता है, जिससे नपुंसकता पैदा होती है.

2. नींद की कमी: अगर आप रोज़ाना 8 घंटे की पर्याप्त नींद नहीं लेते, तो शरीर में हार्मोंस का असंतुलन हो जाता है, जो इंफर्टिलिटी का कारण बनता है. आपकी देर रात तक जागने की आदत आपकी फर्टिलिटी के लिए ख़तरनाक साबित हो सकती है, इसलिए इस आदत को जल्द से जल्द छोड़ दें.
3. मोबाइल फोन या लैपटॉप का अत्यधिक इस्तेमाल: हाल में हुए कुछ शोधों के आधार पर पुरुष बांझपन और सेल फोन के बीच संबंध को लेकर कई रोचक बातें सामने आई हैं. इंफर्टिलिटी विशेषज्ञ डॉ. गौरी अग्रवाल के अनुसार, बांझपन की समस्या के लिए मोबाइल फोन और लैपटॉप का ठीक प्रकार से इस्तेमाल न करना भी बड़ा कारण है. शर्ट की जेब में दिल के पास और पैंट की जेब में रखने पर मोबाइल से निकलनेवाली रेज़ फर्टिलिटी के लिए ख़तरनाक साबित होती हैं. यह पुरुषों के शुक्राणुओं पर बुरा प्रभाव डालती हैं और उनकी संख्या व क्षमता में बीस से तीस प्रतिशत तक की कमी कर देती हैं. इसलिए बेहतर होगा कि अपनी गोद में रखने की बजाय लैपटॉप को मेज़ पर रखकर इस्तेमाल करें.
4. दिन-ब-दिन बढ़ता तनाव: एसीआई अस्पताल, दिल्ली के कंसल्टेंट यूरोलॉजिस्ट, एंड्रोलॉजिस्ट डॉ. गौतम बग्गा के अनुसार, अत्यधिक तनाव कुछ हार्मोंस पर प्रभाव डालता है, जो स्पर्म बनाने के लिए अनिवार्य होते हैं. तनाव पुरुष को मानसिक व शारीरिक रूप से शिथिल कर देता है, जिससे उनमें इंफर्टिलिटी का ख़तरा बढ़ जाता है. वहीं आईवीएफ एक्सपर्ट शैली गुप्ता के अनुसार, तनाव से महिलाओं के मस्तिष्क, पिट्यूटरी ग्लैंड और ओवरीज़ के बीच कम्यूनिकेशन बिगड़ जाता है. तनाव के दौरान शरीर में कई तरह के
न्यूरोकेमिकल परिवर्तन होते हैं, जो महिलाओं को इंफर्टिलिटी का शिकार बनाते हैं.
5. धूम्रपान: स्मोकिंग से शरीर का रक्तसंचार धीमा पड़ जाता है. जहां एक ओर यह पुरुषों के शुक्राणुओं पर बुरा प्रभाव डालता है, वहीं
महिलाओं में गर्भपात, अण्डाणुओं को नुक़सान पहुंचाना, सर्वाइकल कैंसर व फैलोपियन ट्यूब से जुड़ी समस्याएं आदि पैदा करता है. इसलिए स्मोकिंग करना छोड़ दीजिए, जिससे शरीर में अच्छी तरह से ब्लड सर्कुलेट होना शुरू हो सके और आप इंफर्टिलिटी से बच सकें.
6. अल्कोहल: बेबी जॉय, दिल्ली के आईवीएफ एक्सपर्ट डॉ. जगजीत सिंह के अनुसार, यदि आप 60 मि.ली. से अधिक मात्रा में
अल्कोहल लेते हैं, तो आप इंफर्टिलिटी के शिकार हो सकते हैं. ज़्यादा शराब पीने से अक्सर लोगों को कई गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ता है, परंतु उन बीमारियों में से इंफर्टिलिटी की जानकारी बेहद कम लोगों को होती है. शराब के कारण शरीर में टेस्टोस्टेरॉन का स्तर कम होने लगता है, जिसके कारण पुरुषों में शुक्राणु उत्पादन की क्षमता कम हो जाती है. वहीं एक रिसर्च में यह बात सामने आई है कि हफ़्ते में 3-4 बार अल्कोहल का सेवन करनेवाली महिलाओं को कंसीव करने में सामान्य से कहीं अधिक समय लग जाता है.
7. बहुत ज़्यादा एक्सरसाइज़ या वर्कआउट: फिट व हेल्दी रहने के लिए एक्सरसाइज़ बेहद ज़रूरी है, पर जिस तरह अति किसी भी चीज़ की हानिकारक होती है, ठीक उसी तरह बहुत ज़्यादा एक्सरसाइज़ आपकी फर्टिलिटी को बुरी तरह प्रभावित कर सकती है. रोज़ाना 1 घंटा और हफ़्ते में 7 घंटे से ज़्यादा एक्सरसाइज़ आपकी फर्टिलिटी के लिए ख़तरनाक हो सकती है. बहुत ज़्यादा एक्सरसाइज़ का ख़ामियाज़ा बहुत-से एथलीट्स को भुगतना पड़ता है, जो इंफर्टिलिटी की समस्या से जूझते हैं.
डॉ. जगजीत सिंह के अनुसार, जो पुरुष स्टेरॉयड का इस्तेमाल कर बॉडी बनाते हैं, उनके शुक्राणुओं पर उसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और परिणामस्वरूप उनके पिता बनने की संभावना न्यूनतम रह जाती है.
8. ओवरईटिंग या बहुत ज़्यादा जंक फूड का सेवन: ओवरईटिंग का सीधा असर मोटापे के रूप में दिखाई देता है, जो आपकी फर्टिलिटी के लिए बिल्कुल भी सही नहीं है. जंक फूड का सेवन शरीर में ब्लड शुगर की मात्रा बढ़ा देता है और यह समस्या का कारण इसलिए बन जाता है, क्योंकि इंसुलिन और फर्टिलिटी एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं.
9. अनसेफ सेक्स: अनसेफ सेक्स के कारण कई सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिसीज़ (एसटीडी) होने की आशंका बढ़ जाती है. महिलाओं में इंफर्टिलिटी का एक कारण एसटीडी भी है. पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिसीज़ के कारण महिलाओं की फैलोपियन ट्यूब्स ब्लॉक हो जाती हैं, जो उनकी फर्टिलिटी में बाधक बनती हैं. अनसेफ सेक्स पुरुषों की फर्टिलिटी को भी प्रभावित करता है, पर जल्द लक्षण दिखने के कारण उनका इलाज जल्दी हो जाता है, जो महिलाओं के मामले में देरी से होता है.
10. बहुत ज़्यादा कैफीन का सेवन: चाय, कॉफी, चॉकलेट का सेवन इंफर्टिलिटी का कारण नहीं बनता, पर अगर आप इनके आदी हैं और इनके बिना आपकी ज़िंदगी रुक जाती है, तो आपको इस बारे में थोड़ा सोचना होगा. कुछ स्टडीज़ में यह बात सामने आई है कि अत्यधिक कैफीन का सेवन करनेवाली महिलाओं को अन्य महिलाओं के मुक़ाबले कंसीव करने में अधिक समय लगता है यानी अगर आप जल्दी ही मां बनना चाहती हैं, तो कैफीन का सेवन कम कर दें.
11. बॉडी फिट कपड़े पहनना: यदि आप बहुत ज़्यादा टाइट कपड़े पहनते हैं, तो इसके कारण आपको फर्टिलिटी से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. बॉडी फिट कपड़े ब्लड सर्कुलेशन में परेशानी उत्पन्न करते हैं, जिसका असर नसों पर काफ़ी गहरा पड़ता है और इस कारण इंफर्टिलिटी की समस्या बढ़ जाती है.
12. बॉडी हीट: बहुत ज़्यादा टाइट कपड़े पहनना, ज़्यादा व लगातार बाइक चलाना या फिर बहुत गर्म पानी से नहाना आदि टेस्टिकल्स का तापमान बढ़ाता है, जिससे स्पर्म काउंट भी घटता है और उनकी गुणवत्ता भी प्रभावित होती है. महिलाओं के शरीर में अत्यधिक गर्मी उनकी फर्टिलिटी को प्रभावित करती है.

 

पुरुषों में बढ़ती इंफर्टिलिटी
आंकड़ों के मुताबिक भारत के 9 करोड़ पुरुष इंफर्टिलिटी के शिकार हो चुके हैं. इस आंकड़े को बढ़ते देख मेडिकल कंपनियां इन्हें एक बड़े उभरते हुए बाज़ार के रूप में देख रही हैं. अनुमान के आधार पर विशेषज्ञ कहते हैं कि देश में बांझपन के इलाज के लिए उपयोग होनेवाली दवा का कुल कारोबार क़रीब 90 करोड़ से एक अरब तक का हो चला है. दवा का यह बाज़ार फल-फूल रहा है. इसके साथ ही इसके उपचार का कारोबार हर साल 20 से 30 प्रतिशत की दर से आगे बढ़ रहा है.

– सुमन बाजपेयी

 

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