Dangal

Dangal

सलमान खान करते हैं आमिर खान से नफ़रत. आपको ये जानकर बेहद आश्चर्य हो रहा होगा, लेकिन सलमान ने ये एेलान ख़ुद किया है. दरअसल, सलमान खान के परिवार ने दंगल फिल्म देखी और उन्हें लगता है कि दंगल फिल्म सलमान की सुल्तान से ज़्यादा अच्छी है. सलमान ने अपने परिवार की इस बात को इंस्टाग्राम पर आमिर की फिल्म दंगल के पोस्टर के साथ शेयर करते हुए लिखा, ”मेरे परिवार ने दंगल फिल्म देखी और उन्हें लगता है ये फिल्म सुल्तान से बढ़िया है. आमिर मैं तुम्हें पर्सनली प्यार करता हूं, लेकिन प्रोफेशनली नफ़रत करता हूं!” वैसे ये बात सलमान ने मज़ाक में कही है, लेकिन इससे अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि सलमान और आमिर कितने अच्छे दोस्त हैं. सलमान आमिर की फिल्म दंगल का प्रमोशन फिल्म के रिलीज़ होने के बाद तक कर रहे हैं.

– प्रियंका सिंह

aamir-khan-7591

आमिर खान (Aamir Khan) की दमदार आवाज़ में एक बार फिर रिकॉर्ड हुआ दंगल (Dangal) का धाकड़ (Dhakad)… गाना. इस प्रमोशनल वीडियो में आमिर खान आखों में काजल लगाए काफ़ी टफ़ लग रहे हैं. गीता और बबीता का रोल निभाने वाली सान्या और फातिमा भी अखाड़े में पहलवानों से भिड़ती हुई दिख रही हैं.

ये फिल्म का प्रमोशनल वीडियो होगा. इससे पहले इसी गाने को रफ़्तार ने अपनी आवाज़ में गाया था, जबकि आमिर की आवाज़ में ये गाना और भी धाकड़ लग रहा है. 23 दिसंबर को दंगल रिलीज़ होगी. आप भी देखें ये दमदार वीडियो.

Sakshi Tanwar

दंगल फिल्म का हिस्सा बनकर साक्षी तंवर बेहद ही ख़ुश हैं. जब उन्हें पहली बार इस फिल्म का ऑफर आया तो उन्हें यक़ीन ही नहीं हुआ था. आपको जानकर आश्चर्य होगा कि आमिर खान ने इस रोल के लिए साक्षी का नाम सजेस्ट किया था. आमिर की मम्मी सीरियल्स देखती हैं और साक्षी की ऐक्टिंग उन्हें बेहद पसंद थी. उन्होंने आमिर से कहा था कि वो साक्षी को इस फिल्म में चांस दें. साक्षी फिल्म दंगल में आमिर खान की पत्नी का किरदार निभा रही हैं. क्या कह रही हैं साक्षी अपने किरदार दया कौर के बारे में, आइए देखते हैं इस वीडियो में.

Dangal Title Songदंगल (Dangal) का दमदार टाइटल ट्रैक (Title track) रिलीज़ हो गया है. दंगल के दो गाने हानिकारक बापू… और धाकड़… पहले ही काफ़ी पसंद किए जा रहे हैं. अब दलेर मेहंदी की आवाज़ में ये नया टाइटल ट्रैक भी दमदार लग रहा है. पहले इस गाने का केवल ऑडियो रिलीज़ हुआ था, अब पूरा वीडियो रिलीज़ हुआ है. आप भी देखें ये गाना.

Dangal

धाकड़ बनना इतना आसान नहीं. धाकड़ बनने के लिए पसीना बहाना पड़ता है. दंगल फिल्म में आमिर की छोरियों ने दंगल मचाने के लिए बहुत मेहनत की है.

गीता फोगट और बबीता कुमारी के बचपन का किरदार निभा रही ज़ायरा वसीम व सुहानी भटनागर और युवा अवस्था का रोल निभा रही फातिमा सना शेख व सान्या मल्होत्रा इन चारों ने ही पहलवानी की बारीक़ियां सीखने के लिए दिन-रात एक कर दिया था. लगभग 8 से 9 महीने लगातार हफ़्ते में 6 दिन पहलवानी सीखते थे. इनकी मेहनत फिल्म के प्रोमोज़ में नज़र भी आ रही है. आइए, देखते हैं पूरा वीडियो.

dangal songs

रिलीज़ से पहले ही आमिर ख़ान की फिल्म दंगल ख़ूब सुर्खियां बटोर रही है. हानिकारक बापू… और धाकड़… गाने के बाद अब दंगल का तीसरा गाना गिलहरियां… रिलीज़ हुआ है. ये पहले के दोनों गानों से थोड़ा अलग है.

गिलहरियां… के बारे में आमिर ने कहा है कि ये गाना एक लड़की के जज्बातों को बेहद खूबसूरती से बयां कर रहा है. एक लड़की जो बड़ी हो रही है, जिसे थोड़ी-सी आज़ादी मिली है. उसके मन में बहुत सारे जज़्बात घूम रहे हैं.
इस गाने को लिखा है अमिताभ भट्टाचार्य ने है जबकि गाया है जोनिता गांधी ने. फिल्म 23 दिसंबर को रिलीज़ होगी.

 

 

FotorCreated-58

आमिर खान नहीं जाएंगे बिग बॉस के घर. सलमान खान के शो में नहीं होगा दंगल. जी हां ये ख़बर सच है, अपने सबसे प्यारे दोस्त सलमान के शो बिग बॉस में आमिर अपनी फिल्म दंगल को प्रमोट करने नहीं जाएंगे.

एक इवेंट में आमिर से जब पूछा गया बिग बॉस में प्रमोशन को लेकर सवाल, तो आमिर ने कहा, ”मैं फिल्म का प्रमोशन टीवी पर नहीं करूंगा. हमारी फिल्म के ट्रेलर और प्रोमो टीवी पर आ रहे हैं, लेकिन मैं प्रमोशन के लिए टीवी पर नहीं जा रहा हूं.”

पहलवानी के मामले में सलमान आमिर के सीनियर हैं और सुल्तान में पहलवानी का दम दिखा चुके हैं. जब आमिर से पूछा गया कि क्या उन्होंने सलमान से पहलवानी के टिप्स लिए हैं, तो आमिर ने कहा, ”नहीं, सलमान से कोई दांव-पेंच नहीं सीखे, पर रेसलिंग के कोच कृपाशंकर सिंह ने उन्हें काफ़ी कुछ सिखाया है.

 

http-%2F%2Fo.aolcdn.com%2Fhss%2Fstorage%2Fmidas%2Fe5736b8144ecbfa110c457f63ab9b134%2F204642941%2FScreen+Shot+2016-11-29+at+10.44.10+am

परफेक्शनिस्ट आमिर खान जो भी करते हैं, पूरी शिद्दत से करते हैं. अब उनकी फिल्म दंगल को ही ले लीजिए. इस फिल्म में पहलवान महावीर सिंह फोगट के किरदार के लिए आमिर ने 27 किलो वज़न बढ़ाया था और वो 96 किलो के हो गए थे. आमिर ने फिल्म में उनके मोटापे वाला हिस्सा पहले शूट किया, ताकि बाद में वो महावीर सिंह फोगट का यंग वाला लुक वज़न कम करके शूट कर सकें. आमिर ने बताया कि अगर वो यंग वाला पोर्शन पहले शूट करते और वज़न बढ़ाते, तो फिल्म ख़त्म होने के बाद उनके पास वेट कम करने के लिए कोई मोटिवेशन नहीं रह जाता. कितनी मेहनत की है आमिर ने देखें इस वीडियो में.

dhakaad_sm_fb_650_112316103057 (1)आमिर की छोरियां वाक़ई छोरों से कम ना हैं. आमिर की छोरियां तो धाकड़ हैं. अखाड़े में लड़कों को उठा-उठाकर पटक रही हैं. दंगल फिल्म का दूसरा गाना रिलीज़ हो गया है, जो पहले गाने हानिकारक बापू… की ही तरह काफ़ी दमदार है. पहले गाने में आमिर अपनी दोनों बेटियों को पहलवानी की ट्रेनिंग करवाते नज़र आए थे, जबकि इस गाने में उस ट्रेनिंग का असर नज़र आ रहा है. गाने के बीच-बीच में कई इंट्रेस्टिंग डायलॉग्स भी सुनने को मिलेंगे, जैसे बस, छोरी समझ के न लड़ियो… इस गाने को लिखा है अमित भट्टाचार्या ने, गाया है रफ़्तार ने और इसे कंपोज़ किया है प्रीतम ने. आप भी देखें दंगल का ये दमदार गाना.

इन दिनों हानिकारक बापू बने हुए हैं आमिर खान. जब से दंगल फिल्म का गाना बापू सेहत के लिए तू तो हानिकारक है… रिलीज़ हुआ है आमिर इसी नाम से जाने जा रहे हैं. यहां तक की जब आमिर ने चिल्ड्रेन्स डे पर विश करने के लिए एक वीडियो बनाया तो वहां भी उनकी ऑन स्क्रीन बेटियों ने उन्हें हानिकारक बापू बुला दिया. फातिमा सना शेख और सान्या मल्होत्रा दंगल फिल्म में गीता फोगट और बबीता कुमारी का किरदार निभा रही हैं, इन दोनों के साथ आमिर ने एक क्यूट-सा वीडियो बनाया है, जिसमें दोनों आमिर को बोलने का मौक़ा ही नहीं दे रही हैं और आमिर को हानिकारक बापू कह के चिढ़ा रही हैं. आप भी देखें ये वीडियो, जो आमिर ने शेयर किया है टि्वटर पर.

अगर आपने अब तक दंगल का हानिकारक बापू… गाना अब तक नहीं देखा है, तो यहां देख लीजिए ये गाना.

3

दंगल के ट्रेलर ने इतिहास रच दिया है. यह यूट्यूब पर एक दिन के अंदर ही सबसे अधिक देखा जानेवाला वीडियो बन गया है. केवल हफ़्तेभर में सबसे अधिक यानी 21 करोड़ से अधिक बार लोगों ने इसे देखा है. एक तरह से हम कह सकते हैं कि आमिर ख़ान के दंगल के ट्रेलर देखने के लिए उनके फैन्स के बीच भी दंगल हो रहा है.
जब सपनों को पंख लग जाते हैं, तो आसमान की ऊंचाई मायने नहीं रखती. कुछ दायरों को पार करना इतना सहज भी नहीं होता, लेकिन उनसे परे जाकर, जब सारे जहां को जीतने का जज़्बा दिल में घर कर जाता है, तो हर बंदिश को तोड़ना आसान लगने लगता है. कुछ ऐसी ही बंदिशों को तोड़कर दुनिया को अपने अस्तित्व का लोहा मनवाया है फोगट सिस्टर्स ने. महावीर सिंह फोगट ने अपनी बेटियों को दुनिया से लड़ने का हौसला दिया और उनकी बेटियों ने उनका सिर गर्व से ऊंचा कर दिया. यही वजह है कि महावीरजी से प्रभावित होकर कुश्ती जैसे विषय पर दंगल फिल्म बन रही है.
पहलवानी एक ऐसा क्षेत्र है, जहां मर्दों का ही दख़ल माना जाता रहा है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में गीता, बबीता, रितु, विनेश से लेकर साक्षी मलिक तक ने पहलवानी के जो दांव दिखाए हैं, उससे दुनिया स्तब्ध है. कुश्ती, पहलवानी, दंगल, महिलाओं का इसमें दख़ल… इन तमाम विषयों पर महावीर फोगट की बेटी रितु फोगट क्या कहती हैं, आइए जानते हैं-

2(2)

आपके पिताजी पर फिल्म बन रही है, क्या ख़ास व अलग महसूस कर रही हैं?
ज़ाहिर है कि अच्छा लग रहा है. हमारे पापा ने हमें बहुत हौसला दिया है. हमारे परिवार को कुश्ती को और ख़ासतौर से लड़कियों को इस क्षेत्र में बढ़ावा देने के लिए जो भी सकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं, उनसे गर्व महसूस होता है. इसके अलावा इस फिल्म में बाप-बेटी के रिश्ते को जिस तरह से दर्शाया जाएगा, वो भी काबिले तारीफ़ है. इससे बेटियों को काफ़ी हौसला भी मिलेगा और हमारे समाज में बेटियों के प्रति जो भी नकारात्मक सोच है, उसमें ज़रूर बदलाव आएगा. हम जैसे स्पोर्ट्स पर्सन के लिए आख़िर दंगल यानी कुश्ती ही पहचान है.

एक लड़की होने के नाते कितना मुश्किल था कुश्ती जैसे प्रोफेशन को अपनाना?
सच कहूूं तो मुझे इतनी मुश्किल नहीं हुई, क्योंकि हमारे पापा ने कोई मुश्किल आने ही नहीं दी. अगर समाज व परिवार के तानों की भी बात हो, तो उन्होंने सब कुछ ख़ुद सुना, ख़ुद झेला, ताकि हम पर कोई आंच न आए. सबसे वो ख़ुद लड़े. साथ में मेरी बड़ी बहनें भी थीं, तो उनका भी सपोर्ट था मुझे.

अगर बात करें दंगल मूवी की, तो आमिर ख़ान को मिस्टर परफेक्शनिस्ट कहते हैं, आपके परिवार के साथ उन्होंने किस तरह समय बिताया और उनका कमिटमेंट देखकर आपको कैसा लगा?
उनसे पहली बार जब मुलाक़ात हुई, तो यह लगा ही नहीं कि हम इतने बड़े स्टार से मिल रहे हैं. बहुत ही सहज और सिंपल हैं. अपने काम के प्रति ग़ज़ब का समर्पण है उनमें. हालांकि हम तो ज़्यादा नहीं मिले उनसे, पापा के साथ ही अधिक बातचीत होती थी, लेकिन जितनी बार भी मिले, हमें उनकी सहजता ने बहुत प्रभावित किया, क्योंकि हमें वो बेहद कंफर्टेबल महसूस करवाते थे.

Capture

रेसलिंग जैसे खेल को बतौर प्रोफेशन चुनना कितना टफ होता है और कितने अनुशासन व ट्रेनिंग की ज़रूरत होती है?
ट्रेनिंग व अनुशासन बहुत ही ज़रूरी है और सच कहूं, तो पापा बहुत ही स्ट्रिक्ट होते हैं ट्रेनिंग के टाइम पर. सुबह 3.30 बजे उठना, एक्सरसाइज़ और प्रैक्टिस करना इतना थका देता है कि कभी-कभी उठने की भी हिम्मत नहीं रहती. लेकिन यह ज़रूरी है, ताकि हमें अपना स्टैमिना पता रहे और हम उसे बढ़ा सकें.

डायट और फिटनेस के लिए क्या ख़ास करना पड़ता है?
डायट तो नॉर्मल ही रहती है, जैसे- दूध, बादाम, रोटी… लेकिन टूर्नामेंट वगैरह से पहले थोड़ा कंट्रोल करना पड़ता है, जिसमें ऑयली, फैटी व स्वीट्स को अवॉइड करते हैं.

अपनी हॉबीज़ के बारे में बताइए?
मुझे तो कोई ख़ास शौक़ नहीं है, बस कुश्ती ही मेरा शौक़ भी है और जुनून भी. हां, खाली समय में पंजाबी गाने सुनती हूं या फिर कभी-कभार ताश भी खेल लेती हूं.

Capture 1

उन लड़कियों से क्या कुछ कहना चाहेंगी, जो इस क्षेत्र में या अन्य खेलों में अपना भविष्य तलाशने की चाह रखती हैं?
चाहे किसी भी क्षेत्र में हों या कोई भी हो, लगन व मेहनत का कोई पर्याय नहीं है. सबमें टैलेंट होता ही है, लेकिन उस टैलेंट को मंज़िल तभी मिलती है, जब आप मेहनत और लगन से अपने लक्ष्य को पाने में जुटते हैं.

कोई सपना, जो रोज़ देखती हैं या कोई अधूरी ख़्वाहिश?
एक ही ख़्वाहिश है- ओलिंपिक्स में गोल्ड!

अन्य खेलों के मुकाबले आप रेसलिंग को कहां देखती हैं?
यह सही है कि रेसलिंग को अब काफ़ी बढ़ावा मिल रहा है, लेकिन यदि अन्य खेलों की तरह पहले से ही इसे थोड़ा और गंभीरता से लिया जाता, तो इसमें अपना करियर बनाने की चाह रखनेवाली लड़कियों को काफ़ी प्रोत्साहन मिलता. लेकिन देर आए, दुरुस्त आए.

1(3)

आपकी बहनें आपको किस तरह से इंस्पायर करती हैं? क्या आप सबके बीच आपस में कोई कॉम्पटीशन की भावना है या इतने सारे स्टार्स एक ही परिवार में हैं, तो अपनी अलग पहचान बनाना चुनौतीपूर्ण लगता है?
जी नहीं, ऐसा कुछ भी नहीं है. मेरे पापा और सिस्टर्स ने हमेशा मुझे सपोर्ट किया है, उन्हीं को देखकर सीखा है सब. हम सब एक दूसरे का सपोर्ट सिस्टम हैं, परिवार से ही तो हौसला मिलता है.

– गीता शर्मा