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ViralPics: रणबीर-आलिया की डिनर डेट, हाथों में हाथ डाले नज़र आए… (Alia Bhatt Goes On Dinner Date With Ranbir Kapoor & His Family)

Alia Bhatt, Dinner Date, Ranbir Kapoor

Alia Bhatt, Dinner Date, Ranbir Kapoor

ViralPics: रणबीर-आलिया की डिनर डेट, हाथों में हाथ डाले नज़र आए… (Alia Bhatt Goes On Dinner Date With Ranbir Kapoor & His Family)

इन दिनों रणबीर और आलिया के इश्क़ के चर्चे ज़ोरों पर हैं और रणबीर ने तो डेटिंग की बात भी क़बूली… दोनों की शादी की चर्चा भी ख़ूब चल रही है और इसी चर्चा को हवा देने का काम कर रही हैं ये तस्वीरें…

जी हां, शनिवार की शाम आलिया ने रणबीर की फ़ैमिली के साथ डिनर किया और इस दौरान वो दोनों हाथों में हाथ डाले भी नज़र आए… आप भी देखें ये तस्वीरें… 

डिनर में नीतू कपूर भी मौजूद थीं

Alia Bhatt, Dinner Date, Ranbir Kapoor

Alia Bhatt, Dinner Date, Ranbir Kapoor

Alia Bhatt, Dinner Date, Ranbir Kapoor

जाह्नवी-ईशान की डेब्यू फिल्म धड़क की आ गई है रिलीज़ डेट… (New Dhadak Poster: Release Date Revealed)

Dhadak Movie Release Date

Dhadak Movie Release Date

फिल्म धड़क (Dhadak) से अपना डेब्यू करने जा रही जाह्नवी कपूर (Janhvi Kapoor) को लेकर सभी एक्साइटेड हैं. फिल्म के पोस्टर रिजलीज़ के साथ ही अब फिल्म की रिलीज़ डेट भी आ चुकी है. जी हां, फिल्म रिलीज़ होने जा रही है इस साल 20 जुलाई को. पोस्टर से ही साफ़ हो रहा है कि ईशान खट्टर (Ishaan Khatter) और जाह्नवी की केमिस्ट्री ज़बर्दस्त होगी. फिल्म इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि यह मराठी ब्लॉकबस्टर सैराट की हिंदी रिमेक है. तो बस अब 20 जुलाई तक इंतज़ार करें, तब तक जाह्नवी की ये ख़ूबसूरत तस्वीरें देखें-

Dhadak Movie Release Date

Dhadak Movie Release Date

Dhadak Movie Release Date

Dhadak Movie Release Date

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क्या प्यार की भी होती है एक्सपायरी डेट? (Does Love Have An Expiry Date?)

Does Love Have An Expiry Date

बचपन से ही हमारी कंडीशनिंग इस तरह की जाती है कि हमें लगता है कि प्यार केवल युवा दिलों का एहसास होता है और समय के साथ-साथ उसका एहसास फीका पड़ता जाता है. जबकि प्यार करने की और उसे महसूस करने की कोई उम्र नहीं होती. वह हमेशा दिल में बसा होता है, बस, उसे देखने की नज़र होनी चाहिए. इसीलिए यह कहा जा सकता है कि प्यार की कोई एक्सपायरी डेट नहीं होती. love

Does Love Have An Expiry Date

माया और मनहर लॉन में बैठे चाय पी रहे थे. चाय पीते-पीते वे एक-दूसरे की तरफ़ इस तरह देख रहे थे मानो कोई युवा जोड़ा हो. उनकी बहू नेहा को अपने सास-ससुर को देख हमेशा हैरानी होती थी. वे दोनों घंटों बैठे बातें करते रहते और अगर चुप भी रहते, तो उनके बीच की ख़ामोशी भी इस तरह बातें करती, मानो वे बिना कहे एक-दूसरे की बातें समझ रहे हों. उसे अजीब लगता कि इस उम्र में जब उनके नाती-पोते हो चुके हैं, उनका इस तरह प्यार में डूबे रहना, एक-दूसरे की छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना क्या शोभा देता है? जहां जाते एक-दूसरे के साथ जाते और हमेशा एक साथ ही खाना खाते. ऐसा नहीं था कि उनमें बहस नहीं होती थी, पर इसके बावजूद उनके रिश्ते में न तो नेहा ने कभी कोई तनाव देखा था, न ही किसी तरह की झुंझलाहट. उनके आपसी प्यार को देख अक्सर उसे जलन ही होती थी कि आख़िर बुढ़ापे में ये लोग कैसे इस तरह अपने प्यार के एहसास को जीते हैं. बुढ़ापे तक आते-आते क्या प्यार  इतना गहरा रह सकता है?

उम्र नहीं रखती मायने
प्यार में तो वह शक्ति होती है, जो आम आदमी को भी शायर बना देती है. प्यार की ताक़त तमाम चुनौतियों को झेलने की क्षमता देती है. प्यार समर्पण है, त्याग है और हर पल जीने का प्रतीक है. सब जानते हैं कि प्यार के अलग-अलग चेहरे और पहलू होते हैं, यही वजह है कि दुनिया के चाहे किसी भी कोने में चले जाएं, एक प्रेम कहानी पल्लवित होती दिखाई व सुनाई देती है. उस कहानी के लोगों को उम्र से कोई सरोकार नहीं होता है. वे बस प्यार करते हैं और उसी में डूबे रहते हैं.

रिमझिम बरसती बूंदें, चिड़ियों का चहचहाना, कोयल की कूक, पपीहे की गूंज, मोर का नृत्य, हवा की गुनगुनाहट से शरीर में उपजती सिहरन, फूलों की कोमल पंखुड़ियों का रेशमी एहसास, हर वह चीज़ जो दिल के तारों को छेड़कर मस्त बयार के साथ अठखेलियां करती हुई जब मन में समाती है, तो प्यार के असंख्य तार झनझना उठते हैं. समुद्र की लहरों पर नौका पर मंद हवाओं के झोंकों के साथ डूबते-उतराते एक दूसरे किनारे पर पहुंचने की ख़्वाहिश है प्यार. फिर ऐसे ख़ूबसूरत एहसास की भी भला क्या एक्सपायरी डेट हो सकती है? वह तो दिल में हमेशा बसा रहता है, दिमाग़ पर हमेशा छाया रहता है. बेशक जीवन की विभिन्न प्राथमिकताओं के चलते उस पर ज़िम्मेदारियों के बादल छा जाते हैं, पर इसका अर्थ कदापि नहीं कि वह धुंधला जाता है. बादलों के नीचे भी हौले-हौले तैरता प्यार कायम रहता है.

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ज़िम्मेेदारियों के बीच खिल सकता है प्यार
प्यार एक हवा की तरह होता है, जिसे न तो किसी ने देखा है, न छुआ है, स़िर्फ उसे महसूस किया है. वह न तो किसी तरह की इच्छाओं पर निर्भर करता है, न चाह पर. हां, केवल अपने साथी के लिए कुछ करने की भावना या समर्पित हो जाने का एहसास अवश्य बना रहता है.
हालांकि कुछ लोग मानते हैं कि बच्चे हो जाने के बाद प्यार के लिए समय ही कहां बचता है? उन्हीं की ख़्वाहिशें पूरी करने के चक्कर में प्यार कहीं हवा हो जाता है. रह जाती हैं, तो बस ज़िम्मेदारियां. लेकिन यह सच नहीं है. दरअसल साथी तब ख़ुद ही प्यार के इस एहसास से अपने को दूर कर लेते हैं. उन्हें लगता है कि बच्चों के बाद उनकी ज़िंदगी पर केवल बच्चों का हक़ रह जाता है और केवल कर्त्तव्य और ज़िम्मेदारियां ही ज़िंदगी का लक्ष्य. प्यार के लिए समय निकालना उन्हें या तो मूर्खता लगती है या बचकानी बात. अक्सर आपने पति-पत्नी को यह कहते सुना होगा कि अब ये चोंचले अच्छे नहीं लगते, बच्चे बड़े हो गए हैं, वे क्या सोचेंगे कि मम्मी-पापा इश्क़ फरमा रहे हैं.

एक ख़ुशबू है प्यार
जब आप आपस में विश्‍वास का रिश्ता कायम कर साथ चल सकते हैं, तो समय-समय पर प्यार का इज़हार करने में क्या बुराई है? बिना प्यार के जीवन मृत समान है. आप जीवित भी हों और आपके चेहरे पर कोई हंसी-ख़ुशी न हो, किसी के साथ आप अपने दुख-सुख न बांट सकेें, कोई आपके आंसू न पोंछ सके, किसी के साथ आप चल न सकेें, रात को आसमान के नीचे बैठ तारे न गिन सकेें या चांदनी रात का मज़ा न ले सकें, तो जीवन में रिक्तता ही रहेगी.

ज़िम्मेदारियां निभाते हुए भी आप सारी ज़िंदगी प्यार के मीठे एहसास को जी सकते हैं. स़िर्फ एक बार दिल के भीतरी कोनों में झांकने की आवश्यकता है. फिर उम्र की लंबी-लंबी सीढ़ियां आपसे आकर यह नहीं कहेंगी कि तुम इस पर चल नहीं सकते, क्योंकि तुम बूढ़े हो गए हो. प्यार का हाथ थामकर तो बीहड़ रास्तों को भी पार किया जा सकता है.

क्या प्रकृति ने प्यार को कभी किसी सीमा या उम्र में बांधा है? तो फिर इंसान क्यों सोचता है कि वह बूढ़ा हो रहा है या अब बच्चे बड़े हो गए हैं, इसलिए प्यार करने का हक़ उनसे छिन गया है. हाथों का मीठा स्पर्श या आंखों में प्रिय को देखते ही मन में उमड़ते चाहत के भाव किसी उम्र के मोहताज  नहीं होते.

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शक्कर के हेल्दी विकल्प ( Natural Substitutes for Sugar)

Natural Substitutes for Sugar

Healthy sugar

Natural Substitutes for Sugar

अक्सर लोग ख़ुशी के मौके पर कहते हैं कि कुछ मीठा हो जाए. लेकिन अगर आप मीठी खाने की सोच रहे हैं, तो सतर्क हो जाएं. शक्कर सेहत के लिए किसी मीठे ज़हर से कम नहीं है. लेकिन सवाल यह उठता है कि अगर शक्कर न खाएं तो फिर अपनी शुगर क्रेविंग्स को कैसे कंट्रोल करें. कौन से दूसरे विकल्प हैं शक्कर. चलिए, आपकी इस मुश्किल को हल करते हैं और जानते हैं चीनी के हेल्दी विकल्प (Natural Substitutes for Sugar).

 

खजूर
* खजूर एक नेचुरल स्वीटनर है और इसे न्यूट्रिशन का पावरहाउस माना जाता है.
* इसे आप शक्कर की जगह आसानी से इस्तेमाल कर सकते हैं. इसमें पोटैशियम, विटामिन बी6 व कैल्शियम होता है
* यह शुगर क्रेविंग्स आसानी से कम कर देता है. इसमें आयरन प्रचुर मात्रा में होती है, जिससे एनर्जी मिलती है.
* इसे खाना खाने के बाद मीठे के तौर पर भी खाया जा सकता है.
* इसे ब्राउन शुगर का अच्छा सब्सिट्यूट माना जाता है.
* मिल्क शेक, दही, बेकिंग, शुगर फ्री खीर, केक, पुडिंग आदि में चीनी की जगह खीर का इस्तेमाल किया जा सकता है.

Natural Substitutes for Sugar

गुड़
* गन्ने से बना गुड़ चीनी से बेहतर है, क्योंकि चीनी की तरह इसे कई रिफाइनिंग प्रोसेस से होकर नहीं गुज़रना पड़ता है और इसमें मौजूद मिनरल्स  बरकरार रहते हैं.
* गुड मीठी तो होती ही है, साथ ही यह शरीर की सफ़ाई भी करती है
* गुड़ से पाचन तंत्र दुरुस्त रहता है. चाय में शक्कर की जगह गुड़ का इस्तेमाल फ़ायदेमंद होता है.
* गुड में मौजूद कार्बोहाइड्रेट और फाइबर इसे एक स्वास्थ्यवर्धक स्वीटनर बनाता है.

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शहद
* इसमें फ्लेवोनॉइड होता है. इसके अलावा यह एंटीऑक्सीडेंट, एंटीबैक्टीरियल व एंटीफंगल गुणों से भरपूर होता है.
* यह दूसरे नेचुरल स्वीटनर से ज़्यादा फ़ायदेमंद होता है. इसमें फ्रक्टोज़
* चाय, दूध, नींबू पानी आदि में चीनी की जगह शहद का इस्तेमाल किया जा सकता है.
* चीनी खाने से वज़न बढ़ जाता है, जबकि शहद न केवल वज़न को कंट्रोल करता है, बल्कि इसे बढ़ने से भी रोकता है.

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गन्ने का जूस
* शक्कर से बेहतर है गन्ने का जूस, क्योंकि इसे शक्कर की तरह रिफाइनिंग प्रोसेस से होकर नहीं गुज़रना पड़ता है. इसकी वजह से इसमें मौजूद  पोषक तत्व, जैसे- विटामिन बी,सी, कैल्शियम आयरन और मैगनीज़ इसमें बरकरार रहते हैं.
* गर्मियों के मौसम में गन्ने का एक ग्लास जूस आपको स्फूर्ति देगा.

Natural Substitutes for Sugar

फल
* सभी तरह के फलों में भी प्राकृतिक मिठास होती है.
* मिल्क शेक बनाना हो या जूस नेचुरल स्वीटनर होने की वजह से इनमें शक्कर डालने की ज़रूरत नहीं होती है.
* एप्पल खीर के अलावा फलों से अलग-अलग तरह के डेज़र्ट्स भी बनाए जा सकते हैं, जिनमें शक्कर डालने की बिल्कुल भी ज़रूरत नहीं होती है.
* अंगूर भी ग्लूकोज़ अच्छा स्रोत माना जाता है.

Natural Substitutes for Sugar

स्टेविया
* यह एक पौधा होता है, जिसकी पत्तियां मीठी होती है. इस पौधे को मीठी पत्तियां भी कहा जाता है.
* इस पौधे की पत्तियों में शक्कर से 300 गुना ज़्यादा मिठास है.
* इसमें कार्ब्स और कैलोरी भी कम होती है.

Natural Substitutes for Sugar

क्यों ख़तरनाक है शक्कर?
* चीनी में कोई पोषक तत्व नहीं होते हैं. चीनी बनाने में रासयनिक प्रक्रिया के दौरान उसमें मौजूद सारे पौष्टिक तत्व नष्ट हो जाते हैं और केवल कैलोरी रह जाती है.
* ज़्यादा शक्कर इम्यून सिस्टम पर असर डालता है.
* चीनी को पचाने में शरीर को काफ़ी मेहनत करनी पड़ती है.
* एक रिसर्च के मुताबिक़, फ्रक्टोज और ग्लूकोज का ज़्यादा मात्रा में सेवन करने से लिवर पर टॉक्सिक असर होता है.
* ज़्यादा मीठा खाने से मोटापा तो बढ़ता ही है साथ ही टाइप-2 डायबिटीज़ और हाई ब्लडप्रेशर का ख़तरा भी बढ़ जाता है.
* ज़्यादा मीठा दिमाग़ को नुक़सान पहुंचाता है, जिससे याद्दाश्त कमज़ोर हो जाती है.
* यह शरीर में अतिरिक्त इंसुलिन बनाती है, जिससे धमनियों में ब्लॉकेज का ख़तरा बढ़ जाता है और हार्टअटैक और स्ट्रोक का ख़तरा बढ़ जाता है.

Natural Substitutes for Sugar

क्या कहती है रिसर्च?

* वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइज़ेशन के दिशा निर्देशों के मुताबिक़, रोज़ाना ली जानेवाली कैलोरी में शक्कर की मात्रा 10 फ़ीसदी से ज़्यादा नहीं होनी चाहिए और भविष्य में इसे 5 फ़ीसदी तक लाने की कोशिश करनी चाहिए. ध्यान रखें की केवल चीनी ही नहीं, बल्कि रोज़ाना खाए जानेवाले ब्रेड, चावल, आलू, सोड़ा, कूकीज़, केक, फल आदि में भी मिठास होती है.
* अगर पूरे दिन में केवल 25 ग्राम शुगर का सेवन किया जाए तो स्वास्थ्य पर बूरा प्रभाव नहीं पड़ेगा. लेकिन ब्रेड, पैक्ड जूस, प्रोसेस्ड फूड, कोल्ड्रिंक्स आदि में शक्कर काफी होती है. इनका सेवन करते समय ध्यान रखें, ताकि अतिरिक्त चीनी न खा लें.
* डब्ल्यूएचओ के मुताबिक़ डायबिटीज़, हृदय रोग और कैंसर जैसी बीमारियों से बचना है तो शक्कर कम खाएं.
* एक रिसर्च में यह बात सामने आई है कि चीनी या मीठे का सेवन अल्कोहल और धूम्रपान की ही तरह एक नशा है.

चीनी की चेतावनी

कई विशेषज्ञों का मानना है कि जिन प्रोडक्ट्स में चीनी अधिक इस्तेमाल की गई हो, उसके पैकेट या बॉटल पर सिगरेट की पैकेट की तरह चेतावनी लिखी होनी ज़रूरी है कि चीनी की लत भी लगती है और यह स्वास्थ्य के लिए अच्छी नहीं.