Death

एक्टर फराज़ खान काफ़ी समय से अस्पताल में भर्ती थे और कुछ समय पहले ही यह खबर आई थी कि उनके इलाज के लिए पच्चीस लाख की ज़रूरत है. उनके परिवार ने अपील भी की थी कि उन्हें इलाज के लिए मदद मिले तो बेहतर होगा, ऐसे में सलमान खान ने उनके अस्पताल का पूरा बिल चुकाया था जिसकी सभी ने तारीफ़ की थी लेकिन अफ़सोस कि यह मदद काम ना आ सकी और फराज़ की जान नहीं बच पाई. फराज़ जानेमाने एक्टर यूसुफ़ खान के बेटे थे और कई फ़िल्मों में काम कर चुके थे. वो बैंगलुरु के अस्पताल में लाइफ़ सपोर्ट सिसटम पर थे, उन्हें न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर की समस्या हो गई थी. सलमान की मदद की बात भी कश्मीरा शाह ने ही सोशल मीडिया पर शेयर की थी और उन्होंने कहा था कि सलमान इंडस्ट्री के सबसे अच्छे इंसान हैं और अगर लोगों को सलमान की तारीफ़ से समस्या है तो उन्हें परवाह नहीं.

बहरहाल बात फराज़ की करें तो उन्होंने मेहंदी में रानी मुखर्जी के साथ लीड रोल किया था, इसके अलावा वो दुल्हन बनूँ मैं तेरी, फ़रेब और चांद बुझ गया में भी काफ़ी दमदार भूमिका में नज़र आए थे. उनकी मृत्यु की खबर पूजा भट्ट ने ट्वीट के ज़रिए दी.

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सुशांत की आत्महत्या की खबर ने पूरे देश को सदमे में डाल दिया था लेकिन सुशांत के डिप्रेशन से जुड़ी ऐसी बातें सामने आने लगीं कि सबको लगा वो परेशान थे. पर उसके बाद मीडिया और सुशांत के परिवार ने यह ठान लिया कि सुशांत की मौत को पहेली नहीं बने रहने दिया जाएगा और सच सबके सामने आएगा. यही वजह है कि सबके प्रयास रंग लाए और अब CBI केस की जांच कर रही है और कई चौंकाने वाले खुलासे रोज़ सामने आ रहे हैं वर्ना यह मामला भी आत्महत्या का बनकर कबका दब जाता या दबा दिया जाता.

Sushant's suicide

सुशांत से पहले भी कई ऐसी मौतें हुईं जो आजतक एक अनसुलझी पहेली ही बनी हुई है.
दिव्या भारती को देखकर ही एक नई ऊर्जा और ताज़गी का एहसास होता था. बेपनाह हुस्न और टैलेंट भी था दिव्या के पास. वो अपने करियर में आगे भी बढ़ रही थीं लेकिन महज़ 19 साल की उम्र में ही वो इस दुनिया को अलविदा कह गईं. उन्होंने डायरेक्टर साजिद नाड़ियाड़वाला से शादी की और एक दिन खबर आई कि वो अपने फ़्लैट की पाँचवी मंज़िल से गिरकर मर गईं. यह बात किसी के गले से नहीं उतरी, सबको लगा कि दिव्या की हत्या की है. इस बीच उनके नशे में होने की बात और कई थ्योरी सामने आई. लेकिन आज भी सबका मानना है कि दिव्या बॉलीवुड और D कंपनी के संबंधों के बारे में कुछ ऐसा राज़ जान चुकी थीं जिसके चलते उनकी हत्या हुई और आज तक उनकी मौत एक पहेली ही बनी हुई है.

Divya Bharti

श्रीदेवी की अचानक मौत की खबर ने पूरी इंडस्ट्री को हिला दिया था. दुबई में यूं अचानक होटल के बाथ टब में उनका मृत पाया जाना संदेह भरा था. उस वक़्त श्री अकेली थीं और बोनी उनके साथ नहीं थे लेकिन कई लोगों ने बोनी पर भी संदेह ज़ाहिर किया और उनकी मौत को भी D कंपनी से जोड़ा गया. इस केस में भी CBI जांच की मांग की गई लेकिन ऐसा हुआ नहीं और आजतक श्री की मौत की वजह कोई नहीं जान पाया. दिव्या को श्री की ही कार्बन कॉपी कहा जाता था और दिव्या की मौत के बाद उनकी अधूरी फ़िल्म लाड़ला को श्री ने ही पूरा किया था, लेकिन यह कौन जानता था कि दोनों की मौत इस तरह रहस्य बनकर रह जाएगी.

Sridevi

जिया खान इतनी कम उम्र में इस तरह चली जाएगी किसी ने नहीं सोचा था. जिस एक्ट्रेस ने सुपर स्टार अमिताभ बच्चन के साथ लीड रोल में अपने करियर की शुरुआत की उसने भला खुद ही अपनी जान क्यों ले ली? यह सवाल सबके ज़ेहन में था और जिया की मां ने तब खुलासा किया कि जिया की हत्या हुई है. उसकी मौत के लिए उन्होंने आदित्य पंचोली के बेटे सूरज पंचोली को ज़िम्मेदार ठहराया. काफ़ी तहक़ीक़ात हुई और कहा गया कि अचानक एक कामयाबी के बाद और फ़िल्में ना मिलना और गुमनाम हो जाने से जिया डिप्रेशन में थी और उन्होंने आत्महत्या कर ली. लेकिन जिया की मां के खुलासे के बाद पता चल कि सूरज और जिया का अफ़ेयर था और दोनों के बीच झगड़ा हुआ था. रिश्तों में उलझने और सूरज के खराब बर्ताव की वजह से ही जिया की जान गई. सूरज को हिरासत में भी लिया गया लेकिन आरोप साबित नहीं हो पाए. CBI को इस केस में कोर्ट से कई बार फटकार भी लगी लेकिन कई अहम सबूत CBI भी नहीं जुटा पाई. जिया की मां आज भी जिया की मौत को हत्या ही मानती हैं क्योंकि उनका कहना है कि इंडस्ट्री की लॉबी सूरज को बचाने में जुटी थी और यहां था कि CBI ने उन्हें खुद कहा था कि उनपर प्रेशर है केस दबाने का. सूरज का पूरे मामले में यही कहना था कि कोर्ट निर्दोष साबित करेगा तभी कुछ कहूँगा क्योंकि इस मामले ने उनके करियर और निजी जीवन पर बहुत बुरा असर डाला है. बहरहाल सच क्या है ये अब भी पर्दे के पीछे ही है.

Zia Khan

प्रत्युषा बनर्जी एक ऐसी उभरती हुई कलाकार थीं जिनकी आंखों में आगे बढ़ने और कामयाबी के कई सपने थे. ऐसी लड़की भला 24 साल की उम्र में ही आत्महत्या क्यों करेगी? प्रत्युषा ने बालिका वधु में अपने काम से अपनी पहचान पूरे देश में बना ली थी, उनकी मौत से सभी हैरान और ग़मज़दा थे. सभी ने उनके प्रेमी राहुल को उनकी मौत की वजह बताया. इस बीच इस तरह की खबरें भी आई कि उनके पास काम और पैसों की कमी थी. यह भी खबर आई कि वो गर्भवती थीं, लेकिन उनके दोस्त विकास गुप्ता और काम्या पंजाबी ने खुलकर कहा कि उनके पास काम था. खुद विकास ने उन्हें काम दिया था और वो काफ़ी उत्साहित थीं अपने काम के लिए. विकास ने कहा कि अगर प्रत्युषा गर्भवती होती तो कभी आत्महत्या नहीं करती क्योंकि वो मां बनना चाहती थीं. काम्या का कहना था कि राहुल ही उसकी मौत की वजह है और उसकी पूर्व प्रेमिका भी प्रत्युषा को परेशान किया करती थीं. राहुल के लोन व खर्च प्रत्युषा ही उठाती थी और राहुल उसे परेशान करता था, वो मार-पिटाई करता था और प्रत्युषा के प्रति काफ़ी हिंसक था. काम्या और विकास को इस बात का मलाल है कि पुलिस ने उनको पूछताछ में शामिल नहीं किया और उनकी बात नहीं सुनी गई. राहुल बेगुनाह साबित हुआ और प्रत्युषा की मौत भी अनसुलझी पहेली बनकर रह गई.

Pratyusha Banerjee

कुणाल सिंह शायद याद हों आपको. जी हां उनका क्यूट सा फेस था और वो सोनाली बेंद्रे के साथ फ़िल्म दिल ही दिल में नज़र आए थे. वो साउथ की फ़िल्मों में काफ़ी काम कर चुके थे पर हिंदी फ़िल्मों में ज़्यादा नहीं चल पाए. हालाँकि मैत से पहले वो एक फ़िल्म कर रहे थे लेकिन खबर आई कि उन्होंने आत्महत्या कर ली. कुणाल के परिवार ने कई ऐसे तथ्य दिए जिससे लगा कि यह हत्या है और मामला CBI को सौंपा गया लेकिन उनकी मौत भी पहेली ही बनी रही. सही वजह नहीं पता चली और इसे आत्महत्या बता दिया गया.

Kunal Singh

सिल्क स्मिता साउथ की सेक्स सिम्बल थीं और उनकी कामयाबी का आलम यह है कि उनके जीवन पर फ़िल्म बनी- डर्टी पिक्चर. स्टार पावर होने के बाद भी महज़ 36 साल की उम्र में उन्होंने आत्महत्या कर ली. लेकिन कई लोग आज भी मानते हैं कि सिल्क की हत्या हुई है. सिल्क ने कई कामयाबी के रिकॉर्ड तोड़े और उन्होंने उस दौर में ऐसी कामयाबी देखी जो आजतक किसी को नहीं मिली. सिल्क ने साउथ की 450 से अधिक फ़िल्मों में काम किया था, लेकिन फ़िल्म निर्माण में क़दम रखते ही उन्हें काफ़ी पैसों का नुक़सान हुआ. इसके अलावा उनकी निजी ज़िंदगी भी सही नहीं चल रही थी. सिल्क की बचपन की दोस्त थी अनुराधा जिसको सिल्क ने रात को फ़ोन किया था वो उनसे बात करना चाहती है क्योंकि कुछ बातें उन्हें परेशान किए हुए हैं. अनुराधा ने कहा कि वो सुबह आएगी उनसे मिलने लेकिन अगली सुबह सिल्क पंखे से लटकी मिलीं. अनुराधा को मलाल है कि वो रात को ही क्यों नहीं गईं सिल्क से मिलने. सिल्क ने एक सुसाइड नोट तमिल में छोड़ा था जिसको आज तक समझा नहीं जा सका. लोग अब भी मानते हैं कि सिल्क के साथ कुछ ग़लत हुआ है.

सिल्क स्मिता

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क्योंकि सास भी कभी बहू थी और कहानी घर घर की जैसे मशहूर शोज़ में काम कर चुके टीवी एक्टर समीर शर्मा की मुम्बई में रहस्यमय मौत हो गई. उनका शव उनके मलाड स्थित घर में पंखे से लटका मिला.

मलाड पुलिस का कहना है कि यह आत्महत्या का मामला हो सकता है और शव को देख के लग रहा है कि दो दिन पहले मौत हुई हैं.
समीर 44 साल के थे और उनके पास से कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला. पुलिस ने एक्सिडेंटल मौत का मामला दर्ज किया है.

समीर इस सोसाइटी में फरवरी में ही रहने आए थे और सोसाइटी के चौकीदार ने समीर का शव देखा और पुलिस को सूचित किया.

समीर ने सुशांत को लेकर भी अपनी राय रखी थी और कहा था कि सुशांत कायर नहीं थे.

HantaVirus: चीन में एक और वायरस के फैलने का डर… (#HantaVirus: Fear of another virus spreading in China…) चीन द्वारा सारी दुनिया में फैले कोरोना वायरस का कहर सब देख ही रहे हैं, अब चीन की सरकारी न्यूज़ एजेंसी ग्लोबल टाइम्स द्वारा पता चला है कि एक और नया वायरस हंता वायरस की वजह से वहां के युन्नान प्रांत में एक आदमी की मौत हो गई. यह वायरस चूहों द्वारा फैलता है. जिस शख़्स की मौत हुई, वो बस में सफ़र कर रहा था. उसकी मृत्यु होने पर बस में बैठे बाकी सभी 32 यात्रियों की जांच की गई. क्योंकि यह वायरस भी संक्रमण से तेज़ी से फैलता है. अब सवाल ये उठता है कि जिस तरह से कोरोना वायरस की वजह से दुनियाभर में लोग हैरान-परेशान, दहशत में तमाम मुश्किलों का सामना कर रहे हैं, अब अगर इस नए वायरस को चीन ने समय रहते नियंत्रण में नहीं लिया, तो खुदा ना खास्ता भविष्य में एक और वायरस से लड़ने का संघर्ष सभी को करना पड़ सकता है. सभी की चीन से गुज़ारिश है कि वह इस बारे में समय रहते उचित कदम उठाए, वरना कहीं देर ना हो जाए.

जानी-मानी सेलिब्रिटी शेफ व टीवी पर्सनैलिटी जगी जॉन की मृत्यु उनके घर के ही रसोईघर में हुई. लेकिन वजहों का अब तक पता न चल सका.

Jagee John

 

जगी के मित्र उन्हें लगातार फोन कर रहे थे. लेकिन जब लंबे समय तक फोन नहीं उठाया गया, तब उन्होंने पड़ोसी से देखने के लिए कहा. तब पड़ोसी ने किचन में जगी की लाश देखी. ताज्जुब की बात यह है कि उनकी मां साथ में ही रहती थीं और उस समय वे घर पर थीं. जब उन्हें बेटी के देहांत की ख़बर दी गई, तो वे सदमे से बस इतना ही कह पाईं कि वो तो किचन में कुछ कुकिंग कर रही थी. फ़िलहाल पुलिस छानबीन कर रही है. जगी के शरीर में किसी तरह के चोट के निशान नहीं मिले है. पोस्टमार्टम के बाद ही सही स्थिति का पता चल सकेगा. ग़ौर करनेवाली बात है कि इसी तरह अचानक कई सेलिब्रिटीज़ की मौत हुई है, जिसकी तहक़ीक़ात अब तक चल रही है.

जगी जॉन केरल के कुरवनकोनम में अपनी मां के साथ रहती थीं. वे जगीज़ कुकबुक के नाम से कुकरी शो करती थीं. कई ब्यूटी व पर्सनैलिटी शोज़ में वे बतौर जज भी शामिल हुई थीं. वे मॉडल, सिंगर, होस्ट व मोटिवेशनल स्पीकर भी थीं. 45 साल की जगी ज़िंदादिल थीं. ज़िंदगी को लेकर उनकी सकारात्मक सोच थी. उनका यूं इस तरह से चले जाना उनके जानने व चाहनेवालों को आहत कर गया. आख़िर उनके साथ क्या हुआ, यह तो आनेवाला व़क्त ही बता पाएगा. लेकिन यह तो है कि कभी भी कुछ भी हो सकता है, इसलिए ध्यान रखें.

Jagee John

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CM Manohar Parrikarहमेशा याद रहेंगे… सरल, सहज… मनोहर परिकर! (Goa CM Manohar Parrikar Passes Away)

अपनी निष्ठा और सहज स्वभाव के लिए तो मनोहर परिकर जाने जाते ही थे पर देश के रक्षा मंत्री के तैर पर भी इन्होंने अपनी अलग छाप छोड़ी है!

मनोहर परिकर ने रविवार १७ मार्च को लम्बी बीमारी के बाद अंतिम सांसें लीं! उन्हें पैंक्रीयास की बीमारी थी जिसका इलाज भी काफ़ी चला, पर अफ़सोस के वो अब हमारे बीच नहीं रहे!

63 वर्षीय पर्रिकर को सोमवार सुबह 11 बजे श्रधांजलि दी जाएगी. मनोहर पर्रिकर को  उनके कार्य और उनकी ईमानदारी के लिए जाना जाएगा.

प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी ने मनोहर परिकर के निधन पर ट्विट करके शोक प्रकट करते हुए लिखा ”श्री मनोहर पर्रिकर एक अद्वितीय नेता थे. एक सच्चे देशभक्त और असाधारण प्रशासक, वह सभी की प्रशंसा करते थे. राष्ट्र के प्रति उनकी त्रुटिहीन सेवा को पीढ़ियों द्वारा याद किया जाएगा। उनके निधन से गहरा दुख हुआ. उनके परिवार और समर्थकों के प्रति संवेदना.”

मेरी सहेली की ओर से उन्हें श्रद्धांजलि!

Krishna Raj Kapoor

राज कपूर की पत्नी कृष्णा राज का निधन! (Krishna Raj Kapoor Passes Away)

राज कपूर (Raj Kapoor) की पत्नी (Wife) यानी रणबीर कपूर (Ranbir Kapoor) की दादी (Grandmother) का मुंबई में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया. वे 87 वर्ष की थीं. यह ख़बर सुनते ही बॉलीवुड की मशहूर हस्तियां ऋषि कपूर के घर पहुंचकर अपनी संवेदना प्रकट कर रही हैं. रणधीर कपूर ने शोक प्रकट करते हुए कहा कि मैंने अपनी मां को खो दिया.
कृष्णा राज लंबे समय से बीमार चल रही थीं और वे अस्पताल में भर्ती थीं. सोमवार की सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली.

Krishna Raj Kapoor

Krishna Raj Kapoor

Krishna Raj Kapoor Krishna Raj Kapoor

Krishna Raj Kapoor

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Domestic Violence
भारत में डोमेस्टिक वॉयलेंस से 40% अधिक मौतें… (Domestic Violence In India)

बेटी होना कोई गुनाह नहीं है, लेकिन हमारी सामाजिक सोच ने इसे भी किसी अपराध से कम नहीं बना रखा है… बेटियों को हर बात पर हिदायतें दी जाती हैं, हर पल उसे एहसास करवाया जाता है कि ये जो भी तुम पहन रही हो, खा रही हो, हंस रही हो, बोल रही हो… सब मेहरबानी है हमारी… घरों में इसी सोच के साथ उसका पालन-पोषण होता है कि एक दिन शादी हो जाएगी और ज़िम्मेदारी ख़त्म… ससुराल में यही जताया जाता है कि इज़्ज़त तभी मिलेगी, जब पैसा लाओगी या हमारे इशारों पर नाचोगी… इन सबके बीच एक औरत पिसती है, घुटती है और दम भी तोड़ देती है… भारत के घरेलू हिंसा व उससे जुड़े मृत्यु के आंकड़े इसी ओर इशारा करते हैं…

वो कहते हैं तुम आज़ाद हो… तुम्हें बोलने की, मुस्कुराने की थोड़ी छूट दे दी है हमने… वो कहते हैं अब तो तुम ख़ुश हो न… तुम्हें आज सखियों के संग बाहर जाने की इजाज़त दे दी है… वो कहते हैं अपनी आज़ादी का नाजायज़ फ़ायदा मत उठाओ… कॉलेज से सीधे घर आ जाओ… वो कहते हैं शर्म औरत का गहना है, ज़ोर से मत हंसो… नज़रें झुकाकर चलो… वो कहते हैं तुमको पराये घर जाना है… जब चली जाओगी, तब वहां कर लेना अपनी मनमानी… ये कहते हैं, मां-बाप ने कुछ सिखाया नहीं, बस मुफ़्त में पल्ले बांध दिया… ये कहते हैं, इतना अनमोल लड़का था और एक दमड़ी इसके बाप ने नहीं दी… ये कहते हैं, यहां रहना है, तो सब कुछ सहना होगा, वरना अपने घर जा… वो कहते हैं, सब कुछ सहकर वहीं रहना होगा, वापस मत आ… ये कहते हैं पैसे ला या फिर मार खा… वो कहते हैं, अपना घर बसा, समाज में नाक मत कटा… और फिर एक दिन… मैं मौन हो गई… सबकी इज़्ज़त बच गई…!

 

घरेलू हिंसा और भारत…
  • भारत में डोमेस्टिक वॉयलेंस व प्रताड़ना के बाद महिलाओं की मृत्यु की लगभग 40% अधिक आशंका रहती है, बजाय अमेरिका जैसे विकसित देश के… यह ख़तरनाक आंकड़ा एक सर्वे का है.
  • वॉशिंगटन में हुए इस सर्वे का ट्रॉमा डाटा बताता है कि भारत में महिलाओं को चोट लगने के तीन प्रमुख कारण हैं- गिरना, ट्रैफिक एक्सिडेंट्स और डोमेस्टिक वॉयलेंस.
  • 60% भारतीय पुरुष यह मानते हैं कि वो अपनी पत्नियों को प्रताड़ित करते हैं.
  • हाल ही में हुए एक सर्वे के अनुसार महिलाओं के लिए सबसे असुरक्षित देशों में भारत अब पहले स्थान पर पहुंच चुका है. हालांकि इस सर्वे और इसका सैंपल साइज़ विवादों के घेरे में है और अधिकांश भारतीय यह मानते हैं कि यह सही नहीं है…
  • 2011 में भी एक सर्वे हुआ था, जिसमें यूनाइटेड नेशन्स के सदस्य देशों को शामिल किया गया था, उसमें पहले स्थान पर अफगानिस्तान, दूसरे पर कांगो, तीसरे पर पाकिस्तान था और भारत चौथे स्थान पर था.
  • भारतीय सरकारी आंकड़े भी बताते हैं कि 2007 से लेकर 2016 के बीच महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराधों में 83% इज़ाफ़ा हुआ है.
  • हालांकि हम यहां बात घरेलू हिंसा की कर रहे हैं, लेकिन ये तमाम आंकड़े समाज की सोच और माइंड सेट को दर्शाते हैं.
  • नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो के आंकड़ों के मुताबिक़, प्रोटेक्शन ऑफ वुमन फ्रॉम डोमेस्टिक वॉयलेंस एक्ट के पास होने के बाद से (2005) अब तक लगभग दस लाख से अधिक केसेस फाइल किए गए, जिनमें पति की क्रूरता और दहेज मुख्य कारण हैं.
मानसिकता है मुख्य वजह
  • हमारे समाज में पति को परमेश्‍वर मानने की सीख आज भी अधिकांश परिवारों में दी जाती है.
  • पति और उसकी लंबी उम्र से जुड़े तमाम व्रत-उपवास को इतनी गंभीरता से लिया जाता है कि यदि किसी घर में पत्नी इसे न करे, तो यही समझा जाता है कि उसे अपने पति की फ़िक़्र नहीं.
  • इतनी तकलीफ़ सहकर वो घर और दफ़्तर का रोज़मर्रा का काम भी करती हैं और घर आकर पति के आने का इंतज़ार भी करती हैं. उसकी पूजा करने के बाद ही पानी पीती हैं.
  • यहां कहीं भी यह नहीं सिखाया जाता कि शादी से पहले भी और शादी के बाद भी स्त्री-पुरुष का बराबरी का दर्जा है. दोनों का सम्मान ज़रूरी है.
  • किसी भी पुरुष को शायद ही आज तक घरों में यह सीख व शिक्षा दी जाती हो कि आपको हर महिला का सम्मान करना है और शादी से पहले कभी किसी भी दूल्हे को यह नहीं कहा जाता कि अपनी पत्नी का सम्मान करना.
  • ऐसा इसलिए होता है कि दोनों को समान नहीं समझा जाता. ख़ुद महिलाएं भी ऐसा ही सोचती हैं.
  • व्रत-उपवासवाले दिन वो दिनभर भूखी-प्यासी रहकर ख़ुद को गौरवान्वित महसूस करती हैं कि अब उनके पति की उम्र लंबी हो जाएगी.
  • इसे हमारी परंपरा से जोड़कर देखा जाता है, जबकि यह लिंग भेद का बहुत ही क्रूर स्वरूप है.

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Domestic Violence

कहीं न कहीं लिंग भेद से ही उपजती हैं ये समस्याएं…
  • महिलाओं के ख़िलाफ़ जितने भी अत्याचार होते हैं, चाहे दहेजप्रथा हो, भ्रूण हत्या हो, बलात्कार हो या घरेलू हिंसा… इनकी जड़ लिंग भेद ही है.
  • बेटा-बेटी समान नहीं हैं, यह सोच हमारे ख़ून में रच-बस चुकी है. इतनी अधिक कि जब पति अपनी पत्नी पर हाथ उठाता है, तो उसको यही कहा जाता है कि पति-पत्नी में इस तरह की अनबन सामान्य बात है.
  • यदि कोई स्त्री पलटवार करती है, तो उसे इतनी जल्दी समर्थन नहीं मिलता. उसे हिदायतें ही दी जाती हैं कि अपनी शादी को ख़तरे में न डाले.
  • शादी को ही एक स्त्री के जीवन का सबसे अंतिम लक्ष्य माना जाता है. शादी टूट गई, तो जैसे ज़िंदगी में कुछ बचेगा ही नहीं.
शादी एक सामान्य सामाजिक प्रक्रिया मात्र है…
  • यह सोच अब तक नहीं पनपी है कि शादी को हम सामान्य तरी़के से ले पाएं.
  • जिस तरह ज़िंदगी के अन्य निर्णयों में हमसे भूल हो सकती है, तो शादी में क्यों नहीं?
  • अगर ग़लत इंसान से शादी हो गई है और आपको यह बात समय रहते पता चल गई है, तो झिझक किस बात की?
  • अपने इस एक ग़लत निर्णय का बोझ उम्रभर ढोने से बेहतर है ग़लती को सुधार लिया जाए.
  • पैरेंट्स को भी चाहिए कि अगर शादी में बेटी घरेलू हिंसा का शिकार हो रही है या दहेज के लिए प्रताड़ित की जा रही है, तो जल्दी ही निर्णय लें, वरना बेटी से ही हाथ धोना पड़ेगा.
  • यही नहीं, यदि शादी के समय भी इस बात का आभास हो रहा हो कि आगे चलकर दहेज के लिए बेटी को परेशान किया जा सकता है, तो बारात लौटाने में कोई झिझक नहीं होनी चाहिए.
  • ग़लत लोगों में, ग़लत रिश्ते में बंधने से बेहतर है बिना रिश्ते के रहना. इतना साहस हर बेटी कर सके, यह पैरेंट्स को ही उन्हें सिखाना होगा.
सिर्फ प्रशासन व सरकार से ही अपेक्षा क्यों?
  • हमारी सबसे बड़ी समस्या यही है कि हम हर समस्या का समाधान सरकार से ही चाहते हैं.
  • अगर घर के बाहर कचरा है, तो सरकार ज़िम्मेदार, अगर घर में राशन कम है, तो भी सरकार ज़िम्मेदार है…
  • जिन समस्याओं के लिए हमारी परवरिश, हमारी मानसिकता व सामाजिक परिवेश ज़िम्मेदार हैं. उनके लिए हमें ही प्रयास करने होंगे. ऐसे में हर बात को क़ानून, प्रशासन व सरकार की ज़िम्मेदारी बताकर अपनी ज़िम्मेदारियों से मुंह मोड़ लेना जायज़ नहीं है.
  • हम अपने घरों में किस तरह से बच्चों का पालन-पोषण करते हैं, हम अपने अधिकारों व स्वाभिमान के लिए किस तरह से लड़ते हैं… ये तमाम बातें बच्चे देखते व सीखते हैं.
  • बेटियों को शादी के लिए तैयार करने व घरेलू काम में परफेक्ट करने के अलावा आर्थिक रूप से भी मज़बूत करने पर ज़ोर दें, ताकि वो अपने हित में फैसले ले सकें.
  • अक्सर लड़कियां आर्थिक आत्मनिर्भरता न होने की वजह से ही नाकाम शादियों में बनी रहती हैं. पति की मार व प्रताड़ना सहती रहती हैं. बेहतर होगा कि हम बेटियों को आत्मनिर्भर बनाएं और बेटों को सही बात सिखाएं.
  • पत्नी किसी की प्राइवेट प्रॉपर्टी नहीं है, सास-ससुर को भी यह समझना चाहिए कि अगर बेटा घरेलू हिंसा कर रहा है, तो बहू का साथ दें.
  • पर अक्सर दहेज की चाह में सास-ससुर ख़ुद उस हिंसा में शामिल हो जाते हैं, पर वो भूल जाते हैं कि उनकी बेटी भी दूसरे घर जाए और उसके साथ ऐसा व्यवहार हो, तो क्या वो बर्दाश्त करेंगे?
  • ख़ैर, किताबी बातों से कुछ नहीं होगा, जब तक कि समाज की सोच नहीं बदलेगी और समाज हमसे ही बनता है, तो सबसे पहले हमें अपनी सोच बदलनी होगी.
बेटों को दें शिक्षा…
  • अब वो समय आ चुका है, जब बेटों को हिदायतें और शिक्षा देनी ज़रूरी है.
  • पत्नी का अलग वजूद होता है, वो भी उतनी ही इंसान है, जितनी आप… तो किस हक से उस पर हाथ उठाते हैं?
  • शादी आपको पत्नी को पीटने का लायसेंस नहीं देती.
  • अगर सम्मान कर नहीं सकते, तो सम्मान की चाह क्यों?
  • शादी से पहले हर पैरेंट्स को अपने बेटों को ये बातें सिखानी चाहिए, लेकिन पैरेंट्स तो तभी सिखाएंगे, जब वो ख़ुद इस बात को समझेंगे व इससे सहमत होंगे.
  • पैरेंट्स की सोच ही नहीं बदलेगी, तो बच्चों की सोच किस तरह विकसित होगी?
  • हालांकि कुछ हद तक बदलाव ज़रूर आया, लेकिन आदर्श स्थिति बनने में अभी लंबा समय है, तब तक बेहतर होगा बेटियों को सक्षम बनाएं और बेटों को बेहतर इंसान बनाएं.

– गीता शर्मा

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रामेश्वरम में बोनी कपूर ने जाह्नवी और ख़ुशी के साथ श्रीदेवी की अस्थियाँ कीं विसर्जित (Boney Kapoor, Jahnvi and Khushi immerse Sridevi’s ashes in Rameswaram)
बोनी कपूर ने अपनी दोनों बेटियों के साथ तमिलनाडु की रामेश्वरम नदी में श्रीदेवी की अस्थियाँ विसर्जित कीं! ये पल परिवार के लिए बेहद भावुक था. पिछले दिनों इतना सबकुछ अचानक होने के बाद अब श्रीदेवी से जुड़ी ये अंतिम क्रिया भी पूरी हो चुकी है.
ग़ौरतलब है कि बोनी ने श्रीदेवी और उनके बीच के वो आख़री लम्हे भी मीडिया के साथ हाल ही में शेयर किए!

 

Sridevi died of accidental drowning

कार्डिएक अरेस्ट नहीं, बाथ टब में डूबने से हुई मौत,पार्थिव शरीर भारत आने में होगी देर (Sridevi died of accidental drowning)
दुबई में हुए पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के मुताबिक़ श्रीदेवी की मौत की वजह ऐक्सिडेंटल ड्राउनिंग यानी दुर्घटनावश पानी में डूबना है. रिपोर्ट के मुताबिक़ श्री के शरीर में शराब के भी अंश पाए गए!


श्रीदेवी का पार्थिव शरीर अब मंगलवार तक भारत आने की उम्मीद है. दुबई पुलिस शायद बोनी कपूर का भी बयान दर्ज करे.

 

Bollywood Actress Sridevi Passes Away

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बॉलीवुड की चुलबुली ख़ूबसूरत अदाकारा श्रीदेवी अब हमारे बीच नहीं रही… दुबई में उन्हें cardiac arrest आया और ये टैलंटेड ऐक्ट्रेस हमें छोड़कर अचानक चली गई. ५४ साल की उम्र में उनके निधन से बॉलीवुड स्तब्ध है!

श्रीदेवी एक शादी समारोह में शामिल होने दुबई गई थीं!

श्रधांजलि!!!

विनोद खन्ना70 और 80 के दशक के हार्टथ्रॉब विनोद खन्ना नहीं रहे. जैसे ही ये ख़बर सामने आई, बॉलीवुड से लेकर उनके फैन्स तक, हर कोई सन्न रह गया. 70 साल के नेता और अभिनेता विनोद खन्ना 70 साल के थे. का़फ़ी वक़्त से कैंसर से जूझ रहे विनोद की कुछ दिनों पहले एक तस्वीर वायरल हुई थी, जिसमें साफ़ नज़र आ रहा था कि वो बेहद बीमार हैं. एक साल पहले तक वो फिल्मों और राजनीति दोनों में सक्रिय थे. बीजेपी सांसद रह चुके विनोद खन्ना की आख़िरी फिल्म दिलवाले थी. इस बेहतरीन ऐक्टर ने भले ही अपने करियर की शुरुआत विलन के तौर पर की थी, लेकिन उनके रोमांटिक अंदाज़ को भी दर्शकों ने ख़ूब पसंद किया. 1987-1994 में विनोद खन्ना बॉलीवुड के सबसे महंगे स्टार बन गए थे. आपको जानकर आश्चर्य होगा कि उनके पिता बिल्कुल नहीं चाहते थे कि विनोद फिल्मों में अभिनय करें. उनके पिता ने उन्हें केवल दो महिनों का समय दिया था, इन दो महिनों में विनोद खन्ना ने ख़ुद को साबित किया और बॉलीवुड में अपनी जगह बना ली. उन्होंने आन मिलो सजना, मेरा गांव मेरा देश, सच्चा झूठा, मुकद्दर का सिकंदर, परवरिश, अमर अकबर एंथोनी, कुर्बानी, इम्तिहान, दयावान, दबंग, दिलवाले जैसी कई सुपरहिट फिल्में बॉलीवुड को दी हैं.

भले ही विनोद खन्ना आज हमारे बीच न हों, लेकिन उनके द्वारा निभाए गए यादगार किरदार और फिल्मों के गाने उनकी याद हमेशा दिलाते रहेंगे.

आइए, उन्हें याद करते हैं उनके टॉप 10 गानों के साथ.

फिल्म- जुर्म (1990)

https://www.youtube.com/watch?v=B-5zMnCD4_o

फिल्म- चांदनी (1989)

https://www.youtube.com/watch?v=_HXDFHK0dZw

फिल्म- कुर्बानी (1980)

फिल्म- इम्तिहान (1974)

https://www.youtube.com/watch?v=heZC52CKtLQ

फिल्म- मेरे अपने (1971)

https://www.youtube.com/watch?v=dPvoWyeSsxU

फिल्म- लहु के दो रंग (1979)

https://www.youtube.com/watch?v=srfhnpDqZWg

फिल्म- हाथ की सफ़ाई (1974)

फिल्म- सत्यमेव जयते (1987)

https://www.youtube.com/watch?v=98AKKz4dGz0

फिल्म- अमर अकबर एंथोनी (1977)

https://www.youtube.com/watch?v=sev0D5P8wRE

फिल्म- दौलत (1982)