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पर्सनल प्रॉब्लम्स: क्या हीमोग्लोबिन की कमी से कमज़ोरी महसूस होती है? (Can Low Hemoglobin Count Make You Tired?)

Can Low Hemoglobin Count Make You Tired
मैं 29 वर्षीया एक बच्चे की मां हूं. तीन हफ़्ते पहले ही मेरी डिलीवरी हुई है और पिछले एक हफ़्ते से ब्लीडिंग बंद थी, पर कल ही मुझे दोबारा ब्लीडिंग हुई. उसके बाद से ही काफ़ी कमज़ोरी महसूस हो रही है. डिलीवरी के पहले ही डॉक्टर ने मुझे बताया था कि मेरा हीमोग्लोबिन बहुत कम है और सप्लीमेंट्स लेने की सलाह दी थी. क्या यह इसके कारण है?
– हंसा वाधवा, राजकोट.

अगर ब्लीडिंग बंद होने के बाद दोबारा हैवी ब्लीडिंग शुरू हो गई है, तो आपको तुरंत डॉक्टर को मिलना चाहिए. जैसा कि आपने बताया कि डॉक्टर ने आपको हीमोग्लोबिन की कमी यानी एनीमिया के बारे में बताया था, तो हो सकता है कि एनीमिया के कारण आपको यूटेरस का इंफेक्शन हो गया हो. आपको तुरंत ब्लड टेस्ट और सोनोग्राफी करवाने की ज़रूरत है, ताकि इंफेक्शन का पता चल सके. कभी-कभी प्लासेंटा के कुछ टिश्यूज़ यूटेरस में रह जाते हैं, जिसके कारण भी इंफेक्शन हो सकता है.

यह भी पढ़ें: शारीरिक संबंध के बाद १-२ दिन तक ब्लीडिंग क्यों होती है?

Can Low Hemoglobin Count Make You Tired
कुछ समय पहले आपने एक सवाल का जवाब दिया था, जहां एक लड़की का गर्भाशय नहीं था, पर ओवरीज़ थीं. मैं स़िर्फ यह जानना चाहती हूं कि क्या वह मां बन सकती है?
– करुणा यादव, दुर्ग.

जी हां, उसका गर्भाशय नहीं था, पर ओवरीज़ थीं और वह सरोगेसी (किराये की कोख) के ज़रिए मां बन सकती है. जहां आईवीएफ में महिला के ओवम को पति के स्पर्म्स के साथ बाहर फर्टिलाइज़ किया जाता है, वहीं इसमें महिला में फर्टिलाइज़ एग्स को सरोगेट मां की कोख में प्लांट किया जाता है. इसका मतलब यह है कि गर्भाशय न होते हुए भी स़िर्फ ओवरीज़ की मदद से वह बच्चे की बायोलॉजिकल मां बन सकती है.

यह भी पढ़ें: क्या कंसीव करने की संभावना को जानने के लिए कोई टेस्ट है?

पीरियड्स के लिए क्विक टिप्स

* पीरियड्स में जब बहुत तेज़ पेटदर्द हो रहा हो, तो एक गिलास गुनगुने पानी में एक टीस्पून शुद्ध घी मिलाकर पीएं.
* इन दिनों पाचनशक्ति कमज़ोर रहती है, उसे ठीक रखने के लिए पपीता खाएं.
* दर्द के कारण अक्सर रात को नींद नहीं आती, इसलिए रात को सोने से पहले एक ग्लास गर्म दूध में खसखस मिलाकर पीएं.
* दर्द से राहत पाने के लिए एक ग्लास छाछ में मेथीदाना भिगोकर थोड़ी देर बाद पीएं.
* अनन्नास में ब्रोमलेन नामक एंजाइम होता है, जो दर्द में राहत दिलाता है, इसलिए अनन्नास खाएं.
* पीरियड्स के एक हफ़्ते पहले से ही खट्टी व ठंडी चीज़ें खाना बंद कर दें, क्योंकि इससे शरीर में शिथिलता आ जाती है, जिसके कारण दर्द ज़्यादा होता है.
* पीरियड्स से 72 घंटे पहले ही खाने में फाइबर की मात्रा बढ़ा दें. इससे हमारी आंतें भी अच्छे ढंग से काम करती हैं और कब्ज़ की कोई शिकायत भी नहीं रहती.

यह भी पढ़ें: क्या प्रेग्नेंसी में बहुत ज़्यादा उल्टियां होना नॉर्मल है?

डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
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पर्सनल प्रॉब्लम्स: नसबंदी ओपन करानेवाली सर्जरी की सफलता के कितने चांसेस हैं? (How Effective Is A Vasectomy Reversal Surgery?)

Vasectomy Reversal Surgery
हमारे दूसरे बच्चे के जन्म के बाद ही मेरे पति ने नसबंदी करवा ली थी, पर हाल ही में एक एक्सीडेंट में हमने अपना एक बच्चा खो दिया. अब हम बहुत दुखी व परेशान हैं. क्या किसी सर्जरी के ज़रिए हम एक बार फिर बच्चा पैदा कर सकते हैं? ऐसी सर्जरी में सफलता की कितनी संभावना है? कृपया वो भी बताएं.
– वर्णिका राणा, भुज.

नसबंदी स्थायी गर्भनिरोधक है, पर वैसोवैसोस्टॉमी सर्जरी (नसबंदी को दोबारा खोलना) में नसबंदी के दौरान कट की गई नसों को दोबारा जोड़ा जाता है. इसकी सफलता कई बातों पर निर्भर करती है, जैसे कि नसबंदी को कितना समय हो गया, उसके पहले आपके पति का फर्टिलिटी लेवल कैसा था आदि. नसबंदी के 3 साल के भीतर अगर यह सर्जरी की जाए, तो सफलता की संभावना अधिक होती है. इन सबके अलावा डॉक्टर और अस्पताल के चुनाव और आपकी फर्टिलिटी जैसी बातों का भी आपको ध्यान रखना होगा. इन सभी बातों पर ग़ौर करके ही कोई निर्णय लें.

ये भी पढें: बिना सर्जरी ब्लैडर प्रोलैप्स का क्या इलाज है?

Vasectomy Reversal Surgery

मुझे डेढ़ महीने का गर्भ है, पर मुझे बहुत ज़्यादा उल्टियां हो रही हैं. मुझे समझ में नहीं आ रहा है कि क्या करूं? कृपया सलाह दें.
– वृंदा धवन, रोहतक.

अगर आपको बहुत ज़्यादा उल्टियां हो रही हैं, तो आपको तुरंत डॉक्टर को मिलना चाहिए. डॉक्टर यूरिन टेस्ट के ज़रिए जांच करेंगे कि यूरिन में कीटोन्स तो नहीं, अगर ऐसा हुआ, तो आपको एडमिट करके आईवी फ्लूइड दिया जाएगा. इसके साथ ही वो आपको कुछ दवाइयां भी दे सकते हैं. वैसे 3 महीनों के बाद यह समस्या अपने आप कम हो जाती है, पर फिर भी ऐसे में आपको हर 2-3 घंटों में कुछ खाना चाहिए. सुबह-सुबह चाय-कॉफी या चॉकलेट से बचें. ठंडा दूध पीएं.

ये भी पढें: क्या कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स से सर्वाइकल कैंसर हो सकता है?

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डॉ. राजश्री कुमार
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पर्सनल प्रॉब्लम्स: एग्स को कितने सालों तक फ्रीज़ करवाकर रख सकते हैं? (How Long Can I Freeze Eggs For?)

How Long Can I Freeze Eggs For
मैं 37 वर्षीया अविवाहित महिला हूं. 2 साल पहले ही मैंने अपने एग्स फ्रीज़ करवाकर रखे हैं. अभी तक मेरे जीवनसाथी की तलाश जारी है और यही सोचकर मैंने अपने एग्स फ्रीज़ करवाए हैं कि भविष्य में अपनी प्रेग्नेंसी के लिए उनका इस्तेमाल कर सकूं. पर मुझे यह पूछना है कि कितने सालों तक एग्स को सुरक्षित फ्रीज़ करके रखा जा सकता है? 
– मोनाली दुबे, मुंबई.

फ़िलहाल जो वैज्ञानिक दावे हैं उनके मुताबिक, 10 सालों तक एग्स को फ्रीज़ करके रखा जा सकता है. हो सकता है कि भविष्य में यह आंकड़ा और बदले, फिर भी आपको
40-45 या 50 जैसी बड़ी उम्र में प्रेग्नेंसी से जुड़े रिस्क फैक्टर्स के बारे में भी पता होना चाहिए, क्योंकि जैसे-जैसे व्यक्ति की उम्र बढ़ती है, वह हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज़ जैसी बीमारियों की चपेट में आने लगता है. इन सभी समस्याओं के बारे में आपको अपने फर्टिलिटी एक्सपर्ट से बात करनी चाहिए. आपने 30 की उम्र में अपने एग्स फ्रीज़ करके रख दिए हैं, इसका यह बिल्कुल मतलब नहीं कि कंसीव करने के लिए अभी आप 10-15 साल और इंतज़ार कर सकती हैं.

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How Long Can I Freeze Eggs For
हाल ही में मेरी शादी हुई है. गर्भनिरोध के लिए हम कंडोम का इस्तेमाल करते हैं, पर जब भी हम कंडोम इस्तेमाल करते हैं, मेरे प्राइवेट पार्ट्स एकदम लाल हो जाते हैं और उनमें खुजली व जलन होती है. मैं क्या करूं?
– सोनिया गोयल, पुणे.

आपकी बातों से लग रहा है कि आप लेटेक्स एलर्जी से परेशान हैं, जिससे कंडोम बनता है. लेटेक्स रबर के पेड़ से बननेवाला एक प्राकृतिक व फ्लेक्सिबल रबर होता है. कुछ लोगों को इसके कारण एलर्जी हो सकती है, पर अगर यह बार-बार हो रहा है, तो नुक़सानदेह भी हो सकता है. जिन्हें केला, अनन्नास, पीच, कीवी, अंगूर, पपीता, एवोकैडो, स्ट्रॉबेरी, काजू, गेहूं आदि से एलर्जी होती है, उन्हें लेटेक्स एलर्जी की संभावना अधिक होती  है. तुरंत अपने  डॉक्टर से मिलें, ताकि वो आपकी सही जांच कर सकें. फैमिली प्लानिंग के लिए कोई और उपाय अपनाएं.

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जानें कंडोम से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें

– हर साल 100 में से 18 महिलाएं स़िर्फ इसलिए कंसीव कर लेती हैं, क्योंकि उनके पार्टनर सही तरी़के से कंडोम इस्तेमाल नहीं करते, इसलिए आप इस बात का ध्यान रखें कि आपके पार्टनर सही तरीक़ा जानते हों.

– बाज़ार में मिलनेवाले कलरफुल कंडोम्स की बजाय सिंपल कंडोम्स इस्तेमाल करें, क्योंकि ज़्यादातर मामलों में देखा गया है कि ऐसे कंडोम्स सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिसीज़ेस से आपको नहीं बचा पाते, जिसके लिए ख़ासतौर पर उनका इस्तेमाल किया जाता है.

– अगर आपको या आपके पार्टनर को लेटेक्स कंडोम की एलर्जी है, तो आप फीमेल कंडोम इस्तेमाल कर सकती हैं.

– कोशिश करें कि सेक्सुअल रिलेशन के दौरान कंडोम ज़रूर इस्तेमाल करें.

यह भी पढ़ें: ब्रेस्ट में गांठ के लिए क्या बार-बार मैमोग्राफी करानी होगी?

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डॉ. राजश्री कुमार

स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
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पर्सनल प्रॉब्लम्स: क्या एबॉर्शन के बाद कंसीव करने में समस्या आती है? (Does a Past Abortion Affect Chances of Getting Pregnant?)

Pregnancy Problems

 

मैं 29 वर्षीया शादीशुदा महिला हूं. शादी के तुरंत बाद मैंने कंसीव कर लिया था, पर हम दोनों ही इस ज़िम्मेदारी के लिए तैयार नहीं थे, इसलिए एबॉर्शन करा लिया. पर पिछले 2 सालों से हम प्रेग्नेंसी प्लान करना चाहते हैं, पर कंसीव नहीं कर पा रही हूं, इसलिए बहुत ग्लानि महसूस करती हूं. क्या पिछले एबॉर्शन के कारण ऐसा हो रहा है? कृपया, मेरी मदद करें.

– पावनी वर्मा, गुड़गांव.

एबॉर्शन के बाद कुछ महिलाएं आप ही की तरह ग्लानि महसूस करती हैं, पर याद रखें कि यह ़फैसला आपने सोच-समझकर लिया था, इसलिए उसे दिमाग़ से निकाल दें. आप एक बार पहले भी कंसीव कर चुकी हैं, इसलिए दोबारा भी प्रेग्नेंट हो सकती हैं, पर आप कंसीव क्यों नहीं कर पा रही हैं, उसका कारण पता करने के लिए आप दोनों को ही सीमेन एनालिसेस, ट्यूबल पेटेंसी और ओवेरियन फंक्शन जैसे कुछ ज़रूरी टेस्ट कराने होंगे, जिसके बाद ही सही कारणों का पता चल पाएगा.

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Pregnancy Problems

मैं 36 वर्षीया महिला हूं और मेरी पहली प्रेग्नेंसी को 2 महीने हो गए हैं. सोनोग्राफी के बाद डॉक्टर ने सब नॉर्मल बताया, पर चौथे महीने में ट्रिपल टेस्ट कराने की सलाह भी दी है. यह टेस्ट किसलिए है?

– चेतना पटवा, आगरा.

यह प्रेग्नेंसी की दूसरी तिमाही में किया जानेवाला एक ब्लड टेस्ट है. दरअसल, आपकी उम्र 35 साल से ज़्यादा है और इस उम्र के बाद प्रेग्नेंसी में कुछ असामान्यताएं आ सकती हैं, इसलिए डॉक्टर ने आपको यह टेस्ट कराने की सलाह दी है. ट्रिपल टेस्ट के ज़रिए यह जानने की कोशिश की जाती है कि कहीं गर्भवती मां को कोई क्रोमोज़ोमल असामान्यताएं या फिर न्युरल ट्यूब डिफेक्ट्स की संभावना तो नहीं. आमतौर पर इस टेस्ट के साथ अल्ट्रासाउंड भी किया जाता है. अगर किसी तरह की असामान्यता पाई गई और टेस्ट पॉज़ीटिव आया तो,  आपको एक और टेस्ट कराने की सलाह दी जा सकती है.

यह भी पढ़ें: क्या हीमोग्लोबिन की कमी के लिए हार्मोनल पिल्स लेनी चाहिए ?

पीरियड्स के  दौरान इनसे दूर रहें महिलाएं

  • नमकीन पदार्थ: पीरियड्स के दौरान सबसे पहले खाने में नमक की मात्रा कम करनी चाहिए. इसके अलावा अन्य नमकीन पदार्थ, जैसे- पोटैटो चिप्स, सोडा, चीज़, सोया सॉस आदि. इस दौरान बाहर का खाना खाने से बचना चाहिए, क्योंकि होटल्स आदि में खाने में सोडियम की मात्रा अधिक होती है, जिससे पेट में सूजन आदि की समस्या बढ़
    जाती है.
  • कैफीन: चाय, कॉफी, चॉकलेट जैसे कैफीनयुक्त पदार्थों के सेवन से बचना चाहिए. माना कि इन दिनों चॉकलेट आदि खाने का बहुत मन करता है, पर कैफीन के ज़्यादा सेवन से पेट में मरोड़ के साथ दर्द, तनाव व थकान आदि की समस्या बढ़ जाती है.
  • तला-भुना व मसालेदार: महीने के उन ख़ास दिनों में तला-भुना व अधिक मसालेदार खाना नहीं खाना चाहिए. इन दिनों पाचनशक्ति धीमी पड़ जाती है, इसलिए गरिष्ठ भोजन से दूर ही रहें. इसके अलावा फैट से भरपूर चीज़ें, जैसे- चीज़ व बटर आदि से बचें.
  • डेयरी प्रोडक्ट्स: पीरियड्स के दौरान डेयरी प्रोडक्ट्स, वेजीटेबल ऑयल, रेड मीट से दूर ही रहें. इसमें पाए जानेवाले अनसैचुरेटेड फैट दर्द बढ़ाते हैं.
यह भी पढ़ें: इंट्रायूटेराइन कॉन्ट्रासेप्टिव (IUD) का इस्तेमाल कितने सालों तक कर सकते हैं?
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महिलाओं की ऐसी ही अन्य पर्सनल प्रॉब्लम्स पढ़ें

पर्सनल प्रॉब्लम्स: क्या गर्भाशय का न होना मुमकिन है? (Can A Woman Be Born Without A Womb?)

gynae problems in hindi

मेरी बेटी 16 साल की है, पर अभी तक उसके पीरियड्स नहीं आए हैं. सोनोग्राफी से पता चला कि उसकी ओवरीज़ तो हैं, पर गर्भाशय नहीं है, क्या ऐसा भी होता है? क्या यही वजह है कि उसके पीरियड्स नहीं आए?

– रीता वर्मा, हैदराबाद.

जी हां, यह मुमकिन है और यही वजह है कि उसके पीरियड्स नहीं आ रहे हैं. दरअसल, ऐसे मामलों में ओवरीज़ तो सामान्य होती हैं, पर योनि या गर्भाशय या तो अविकसित रह जाते हैं या होते ही नहीं. लगभग 4 या 5 हज़ार मामलों में से एक मामला ऐसा भी पाया जाता है. मैं समझ सकती हूं कि यह जानकर आप बहुत परेशान होंगी, पर कुछ सपोर्ट ग्रुप हैं, जो ऐसे मामलों में मदद करते हैं.

यह भी पढ़ें: क्या कंसीव करने की संभावना को जानने के लिए कोई टेस्ट है?

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मैं 35 वर्षीया दो बच्चों की मां हूं. हम तीसरा बच्चा नहीं चाहते थे, पर चूंकि मैंने कंसीव कर लिया था, इसलिए एबॉर्शन करवाना पड़ा. एबॉर्शन के तुरंत बाद डॉक्टर ने गर्भनिरोधक इस्तेमाल करने की सलाह दी. पर अगर इनका इस्तेमाल मैं कुछ दिनों बाद करूं, तो क्या इस बीच कंसीव करने की संभावना है?

– कुसुम जोशी, जबलपुर.

एबॉर्शन के 10-12 दिनों बाद ही महिलाओं में ओव्यूलेशन शुरू हो जाता है, इसलिए अगर आपको बच्चे नहीं चाहिए, तो तुरंत किसी गर्भनिरोधक का इस्तेमाल शुरू कर दें.
बार-बार एबॉर्शन से पेल्विक इंफेक्शन, एब्नॉर्मल डिस्चार्ज और पेट में दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं, इसलिए तुरंत किसी गर्भनिरोधक का
इस्तेमाल करें.

यह भी पढ़ें:  क्या एक्स्ट्रा निप्पल होना नॉर्मल है?

पीरियड्स के दर्द में ट्राई करें ये होम रेमेडीज़ 

  • पीरियड्स के पहले ही दिन एक ग्लास गुनगुने पानी में डेढ़ टीस्पून दालचीनी पाउडर और 1 टेबलस्पून शहद मिलाकर दिन में तीन बार पीएं.
  • एक कप पानी में अदरक का एक टुकड़ा, शहद और नींबू का रस मिलाकर पांच मिनट तक उबालें. दिन में तीन बार पीएं.
  • एक कप पानी में 1 टेबलस्पून तुलसी की पत्तियां उबालकर थोड़ी-थोड़ी देर में पीएं.
  • अलसी में दर्दनिवारक गुण होते हैं, जो पीरियड्स में होनेवाले दर्द व मरोड़ मेंे आराम दिलाते हैं. 1-2 टेबलस्पून अलसी फांक लें.
  • गर्म पानी की थैली से पेट के निचले हिस्से में सेंक करें. तुरंत आराम मिलेगा.
  • एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों के कारण पपीता पीरियड्स के दर्द में काफ़ी फ़ायदेमंद साबित होता है. पीरियड्स के दौरान पपीता खाएं, यह दर्द से राहत दिलाकर पीरियड्स को हैप्पी बनाता है.
यह भी पढ़ें:  शादी से पहले गर्भनिरोधक की जानकारी कितनी ज़रूरी है?
डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
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महिलाओं की ऐसी ही अन्य पर्सनल प्रॉब्लम्स पढ़ें

पर्सनल प्रॉब्लम्स: क्या हीमोग्लोबिन की कमी के लिए हार्मोनल पिल्स लेनी चाहिए ? (Should I Take Hormonal Pills To Boost Hemoglobin Level?)

हीमोग्लोबिन

मैं 21 वर्षीया छात्रा हूं. मुझे हमेशा कमज़ोरी महसूस होती है. ब्लड टेस्ट में हीमोग्लोबिन कम आया है और गायनाकोलॉजिस्ट ने हैवी ब्लीडिंग को इसका कारण बताया, साथ ही पीरियड्स के 5वें दिन से 3 हफ़्तों के लिए हार्मोनल पिल्स लेने की सलाह दी है. क्या यह ज़रूरी है? कृपया, मार्गदर्शन करें.

– रेखा खोसला, नोएडा.

मैं समझ सकती हूं कि इस उम्र में हार्मोनल कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स लेने की सलाह को लेकर आप परेशान हैं. दरअसल, हार्मोनल पिल्स के ज़रिए एक आर्टिफिशियल साइकल तैयार होता है, जिससे आपको ब्लीडिंग कम होती है. पीरियड्स के 5वें दिन से पिल्स लेने के कारण शुरुआत से ही आपके हार्मोंस दब जाते हैं. क्योंकि आपका हीमोग्लोबिन भी कम है, इसलिए दवाओं के साथ-साथ यह ध्यान देना भी ज़रूरी है कि आपको बेवजह हैवी ब्लीडिंग तो नहीं हो रही.

यह भी पढ़ें: कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स से सर्वाइकल कैंसर हो सकता है?

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पिछली डिलीवरी में मेरे बच्चे का वज़न स़िर्फ 2 किलो था, पर डॉक्टर ने इसका कारण नहीं बताया. अब मैं दोबारा प्रेग्नेंट हूं और मुझे डर लग रहा है कि कहीं इस बार भी मेरे बच्चे का वज़न कम न हो. पिछली बार मैं स़िर्फ 3 बार चेकअप के लिए गई थी. इस बार क्या करूं?

– आरोही हांडे, नासिक.

जन्म के बाद जिन बच्चों का वज़न ढाई किलो से कम होता है, उन्हें लो वेट बर्थ कहते हैं. इसका एक अहम् कारण प्री मैच्योर डिलीवरी हो सकती है. इसके अलावा प्रेग्नेंसी में मां का ग़लत खानपान, बार-बार इंफेक्शन, धूम्रपान और अल्कोहल भी इसके कारण हो सकते हैं. जैसा कि आपने बताया कि पिछली बार आप स़िर्फ 3 बार चेकअप के लिए गई थीं, इससे साफ़ पता चलता है कि पिछली प्रेग्नेंसी के दौरान आपने कितनी लापरवाही बरती. इस दौरान सही खानपान और नियमित रूप से डॉक्टर से चेकअप बहुत ज़रूरी होता है. नियमित चेकअप से डॉक्टर समय-समय पर आपके और बच्चे की सही स्थिति के बारे में जानकारी देते रहते हैं. वैसे भी गर्भावस्था के दौरान खानपान, परहेज़, ज़रूरी सावधानियों के अलावा नियमित चेकअप करवाना बेहद ज़रूरी है.

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नेचुरल तरीकों से बूस्ट करें हीमोग्लोबिन लेवल 

  • अपने भोजन में आयरन से भरपूर ओट्स, बार्ली जैसे साबूत अनाज की मात्रा बढ़ा दें.
  • हीमोग्लोबिन लेवल बढ़ाने में विटामिन सी काफ़ी मददगार साबित होता है. संतरा, मोसंबी, लीची, अमरूद और नींबू को अपने डायट में शामिल करें.
  • खजूर, मुनक्का और एप्रीकोट्स में भी भरपूर मात्रा में आयरन होता है. यह आपके हीमोग्लोबिन लेवल को बूस्ट करने में मदद करेगा.
  • स्ट्रॉबेरीज़ काफ़ी फ़ायदेमंद मानी जाती है. इसे जूस, स्मूदी या किसी रेसिपी में जैसे चाहें, वैसे अपने डायट में शामिल करें.
  • बीटरूट, आलू, ब्रोकोली, पालक का भरपूर सेवन करें.

 

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डॉ. राजश्री कुमार
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पर्सनल प्रॉब्लम्स: इंट्रायूटेराइन कॉन्ट्रासेप्टिव (IUD) का इस्तेमाल कितने सालों तक कर सकते हैं? (How Long Can I Keep IUD?)

How Long Can I Keep IUD

मैं 31 वर्षीया दो बच्चों की मां हूं. 3 साल पहले गर्भनिरोधक के तौर पर मैंने इंट्रायूटेराइन कॉन्ट्रासेप्टिव डिवाइस (IUD) चुना था. डॉक्टर के मुताबिक़ 10 सालों तक मुझे कोई परेशानी नहीं होगी, पर हाल ही में मेरी एक सहेली, जिसने मेरे जैसा ही डिवाइस इस्तेमाल किया था, उसे 3 साल बाद बदलवाने की सलाह दी गई है. मैं दुविधा में हूं कि इसे कितने साल तक इस्तेमाल कर सकते हैं, 3 या 10? 

– नैना सक्सेना, कानपुर.

मार्केट में कई तरह के इंट्रायूटेराइन कॉन्ट्रासेप्टिव डिवाइस उपलब्ध हैं. अगर आपकी सहेली ने मल्टीलोड 250 इस्तेमाल किया होगा, तो उन्हें 3 साल बाद बदलवाना होगा, क्योंकि वह 3 सालों तक ही प्रभावशाली होता है, उसके बाद कंसीव करने का ख़तरा बढ़ जाता है. हो सकता है कि आप कॉपर टी 380 इस्तेमाल कर रही हों, जो 10 सालों तक काम करता है. बेहतर होगा कि आप अपनी मेडिकल फाइल में चेक करें, ताकि कंफ्यूज़न दूर हो सके.

यह भी पढ़ें: बार-बार वेजाइनल इंफेक्शन क्यों होता है?

How Long Can I Keep IUD

मेरी पिछली प्रेग्नेंसी बहुत कष्टदायक थी. डिलीवरी के बाद नाल अपने आप नहीं निकली, इसलिए एनीस्थिसिया देकर निकालना पड़ा. इसके बाद खून की कमी हो गई और मुझे ब्लड चढ़ाना पड़ा. उसके बाद कई दिनों तक मुझे बहुत कमज़ोरी महसूस हुई. मैं दोबारा प्रेग्नेंट हूं और मुझे डर है कि कहीं पिछली बार वाली प्रॉब्लम दोबारा न हो जाए?

– ममता मेहता, चंडीगढ़.

जिस प्रकिया से आप गुज़री हैं, उसे नाल का मैन्युअल रिमूवल कहते हैं. इसका कारण गर्भाशय के आकार का असामान्य होना हो सकता है. असामान्य आकार के कारण नाल को निकलना मुश्किल हो जाता है, इसलिए उसे डॉक्टर को मैन्युअली निकालना पड़ता है. ऐसा दोबारा होने की भी संभावना है. अपने ऑब्सट्रेटीशियन को इस बारे में बता दें, ताकि वो पहले से ही ब्लड का इंतज़ाम कर सकें और ज़्यादा परेशानी न हो.

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आईयूडी (IUD) से जुड़े मिथ्स और फैक्ट्स

मिथ: आईयूडी से इंफेक्शन हो सकता है.
फैक्ट: द वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइज़ेशन ने इस विषय पर कई स्टडीज़ की हैं, जिन्होंने इस मिथ को ग़लत साबित किया है. पाया गया है कि यह महिलाओं की सेहत के लिए नुक़सानदेह नहीं है. डाटा में यह बात सामने आई है कि जो महिलाएं दूसरे बर्थ कंट्रोल अपनाती हैं, उनके मुकाबले आईयूडी का इस्तेमाल करनेवाली महिलाओं में किसी तरह का इंफेक्शन नहीं पाया गया.
मिथ: आईयूडी कई सालों के लिए करवाना पड़ता है.
फैक्ट: यही तो आईयूडी की सबसे बड़ी ख़ासियत है कि इसे आप 3-6 साल या फिर 12 सालों के लिए लगवा सकती हैं. लेकिन ऐसा ज़रूरी भी नहीं है. आप जब चाहे आईयूडी निकलवा सकती हैं. इसके लिए ऐसी कोई समय सीमा नहीं है.
मिथ: आईयूडी से पहले पैप स्मीयर करवाना पड़ता है.
फैक्ट: यह ज़रूरी नहीं है. अगर आपने बहुत दिनों से पैप स्मीयर टेस्ट नहीं करवाया, तो आईयूडी लगवाते समय आप यह भी करवा सकती हैं. अगर सबकुछ सामान्य लग रहा है, तो रिज़ल्ट का इंतज़ार करने की कोई ज़रूरत नहीं.

यह भी पढ़ें: एग्ज़ाम्स के व़क्त पीरियड्स अनियमित क्यों हो जाते हैं?
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महिलाओं की ऐसी ही अन्य पर्सनल प्रॉब्लम्स पढ़ें

पर्सनल प्रॉब्लम्स: मुझे हमेशा कमज़ोरी क्यों महसूस होती है? ( Why Am I Tired All The Time?)

Personal Problems, कमज़ोरी
मैं 21 वर्षीया छात्रा हूं. मुझे हमेशा कमज़ोरी महसूस होती है. ब्लड टेस्ट में हीमोग्लोबिन कम आया है और गायनाकोलॉजिस्ट ने हैवी ब्लीडिंग को इसका कारण बताया, साथ ही पीरियड्स के 5वें दिन से 3 हफ़्तों के लिए हार्मोनल पिल्स लेने की सलाह दी है. क्या यह ज़रूरी है? कृपया, मार्गदर्शन करें.
– रेखा खोसला, नोएडा.

मैं समझ सकती हूं कि इस उम्र में हार्मोनल कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स लेने की सलाह को लेकर आप परेशान हैं. दरअसल, हार्मोनल पिल्स के ज़रिए एक आर्टिफिशियल साइकल तैयार होता है, जिससे आपको ब्लीडिंग कम होती है. पीरियड्स के 5वें दिन से पिल्स लेने के कारण शुरुआत से ही आपके हार्मोंस दब जाते हैं. क्योंकि आपका हीमोग्लोबिन भी कम है, इसलिए दवाओं के साथ-साथ यह ध्यान देना भी ज़रूरी है कि आपको बेवजह हैवी ब्लीडिंग तो नहीं हो रही.

यह भी पढ़ें: शारीरिक संबंध के बाद १-२ दिन तक ब्लीडिंग क्यों होती है?

Personal Problems, कमज़ोरी
मैं 35 वर्षीया दो बच्चों की मां हूं. हम तीसरा बच्चा नहीं चाहते थे, पर चूंकि मैंने कंसीव कर लिया था, इसलिए एबॉर्शन करवाना पड़ा. एबॉर्शन के तुरंत बाद डॉक्टर ने गर्भनिरोधक इस्तेमाल करने की सलाह दी. पर अगर इनका इस्तेमाल मैं कुछ दिनों बाद करूं, तो क्या इस बीच कंसीव करने की संभावना है?
– कुसुम जोशी, जबलपुर.

एबॉर्शन के 10-12 दिनों बाद ही महिलाओं में ओव्यूलेशन शुरू हो जाता है, इसलिए अगर आपको बच्चे नहीं चाहिए, तो तुरंत किसी गर्भनिरोधक का इस्तेमाल शुरू कर दें.
बार-बार एबॉर्शन से पेल्विक इंफेक्शन, एब्नॉर्मल डिस्चार्ज और पेट में दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं, इसलिए तुरंत किसी गर्भनिरोधक का इस्तेमाल करें.

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कमज़ोरी व थकान को दूर भगाएं

  • अपने खानपान पर ध्यान रखें. रोज़ाना सही समय और सही मात्रा में खाएं. ओवर ईटिंग से बचें.
  • अपने फैमिली डॉक्टर से सलाह लें कि आपके लिए क्या खाना सही है और क्या नहीं. ज़रूरी नहीं कि आपकी मनपसंद चीज़ आपके शरीर के प्रवृत्ति के उनकूल हो.
  • रोज़ाना ध्यान, प्राणायाम व हल्की एक्सरसाइज़ को अपने रूटीन में शामिल करें.
  • बेवजह स्ट्रेस न लें. छोटी सी छोटी समस्या को बड़ा न बनाएं.
  • उम्र के अनुसार सभी ज़रूरी टेस्ट्स करवाते रहें, ताकि कोई भी परेशानी शुरुआती स्थिति में ही पता चल जाए.
  • परिवार के साथ ज़्यादा से ज़्यादा क्वालिटी टाइम बिताएं.
  • हमेशा ख़ुश रहें और दूसरों को भी ख़ुश रखें.
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 डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
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पर्सनल प्रॉब्लम्स: क्या ब्रेस्टफीडिंग से बच्चे को एचआईवी ट्रांसफर हो सकता है? (Can HIV Be Transmitted Through Breastfeeding?)

HIV Be Transmitted Through Breastfeeding
मेरी 4 महीने की प्रेग्नेंसी है. मैं और मेरे पति दोनों ही एचआईवी (HIV) पॉज़ीटिव हैं. हालांकि मैंने एंटीरेट्रोवायरल (एआरवी) लेना शुरू कर दिया है, फिर भी जानना चाहती हूं कि क्या ब्रेस्टफीडिंग से ये बच्चे को ट्रांसफर हो सकता है?
– रोशनी जायसवाल, रोहा.

ब्रेस्टफीडिंग से एचआईवी (HIV) के ट्रांसफर होने की संभावना रहती है, पर क्योंकि आपने चौथे महीने से ही एआरवी लेना शुरू कर दिया है, इसलिए ब्रेस्टफीडिंग के कारण इसकी संभावना अब कम है. एआरवी की मदद से बे्रस्टफीडिंग के बावजूद आपका बच्चा एचआईवी के संक्रमण से बच सकता है. आमतौर पर बच्चे के जन्म के बाद एचआईवी का टेस्ट किया जाता है, ताकि इसका पता चल सके.

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मेरी उम्र 35 साल है. शादी को 5 साल हो गए हैं, पर अभी तक मैं कंसीव नहीं कर पाई हूं. मेरी और मेरे पति की सभी रिपोर्ट्स नॉर्मल हैं, फिर भी डॉक्टर ने मुझे डायग्नॉस्टिक लैप्रोस्कोपिक की सलाह दी है, क्या मुझे इस टेस्ट की ज़रूरत है?
– रजनी जोगी, भागलपुर.

मैं समझ सकती हूं कि आप ऑपरेशन की प्रक्रिया को लेकर परेशान हैं. डायग्नॉस्टिक लैप्रोस्कोपिक टेस्ट एनीस्थिसिया की मदद से किया जाता है, जिसमें पेट, गर्भाशय, ट्यूब्स, ओवरीज़, पिछला कोई पेल्विक इंफेक्शन या फिर एंडोमिटिरियोसिस की संभावना की जांच की जाती है. कुछ मामलों में देखा गया है कि ओवरीज़ में एग तो बनते हैं, पर किसी इंफेक्शन के कारण ट्यूब्स के सिकुड़न या टेढ़ेपन की वजह से महिलाएं कंसीव नहीं कर पातीं. इसलिए यह टेस्ट ज़रूरी है, ताकि सही तरी़के से आपकी जांच हो सके.

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डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
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पर्सनल प्रॉब्लम्स: क्या डिलीवरी के बाद भी आयरन टैबलेट्स की ज़रूरत होती है? (Do I Need Iron Supplements Even After Delivery?)

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मेरे गायनाकोलॉजिस्ट ने मुझे प्रेग्नेंसी के तीसरे महीने से लेकर डिलीवरी के छह हफ़्ते बाद तक आयरन (Iron) टैबलेट्स लेने की सलाह दी है, पर क्या डिलीवरी के बाद भी इसकी ज़रूरत होती है? कृपया, उचित सलाह दें. 
– सुखदा गिल, पटना.

हमारे देश में बहुत-सी महिलाएं आयरन (Iron) की कमी से होनेवाली बीमारी एनीमिया से पीड़ित रहती हैं. दरअसल, प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में बहुत-से बदलाव होते हैं और डिलीवरी के बाद भी महिलाओं को एक्स्ट्रा कैलोरीज़ की ज़रूरत पड़ती है. ऐसे में आयरन बच्चों में वज़न कम होने की समस्या को दूर करता है और मां को एनीमिया से भी बचाता है. यही वजह है कि आपके गायनाकोलॉजिस्ट ने डिलीवरी के बाद भी आयरन टैबलेट्स लेने की सलाह दी है. डिलीवरी के बाद भी टैबलेट्स के अलावा पोषणयुक्त बैलेंस डायट लें.

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हमारी शादी को 6 साल हो गए हैं, पर पति को अज़ूस्पर्मिया (स्पर्म्स न होना) होने के कारण अभी तक हमारा कोई बच्चा नहीं है. डॉक्टर ने हमें स्पर्म डोनर के ज़रिए प्रेग्नेंसी की सलाह दी है. पर यह हमें थोड़ा अजीब लग रहा है. कृपया, गाइड करें.
– माला नेगी, दुर्ग.

हर कपल की ज़रूरतें अलग-अलग होती हैं, इसलिए आपका निर्णय आपको ख़ुद लेना होगा. अगर आप बच्चा चाहती हैं, तो स्पर्म डोनेशन आपके लिए एक अच्छा ऑप्शन है. आप अकेले नहीं हैं, कई लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं. आमतौर पर इंफर्टिलिटी क्लीनिक्स में स्पर्म बैंक होते हैं, जहां पर इंफर्टिलिटी स्पेशलिस्ट से आप मदद ले सकते हैं. फिर भी अगर आप कंफर्टेबल नहीं हैं, तो बच्चा गोद भी ले सकती हैं. अंतिम निर्णय तो आपको ही लेना होगा.

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डिलीवरी के बाद क्या खाएं, क्या नहीं?

– डिलीवरी के बाद कम से कम एक-डेढ़ महीने तक महिलाओं को गैस पैदा करनेवाली और पचने में हैवी चीज़ें, जैसे- चना, कच्चा केला, मीट, आलू, फूलगोभी, पत्तागोभी, मूंगफली और बेकरी प्रोडक्ट्स अवॉइड करने चाहिए.

– खाने में लाल मिर्च और गरम मसाले खाने से बचें. इनकी बजाय चुटकीभर कालीमिर्च पाउडर का इस्तेमाल करें.

– बहुत ज़्यादा खट्टी चीज़ें, जैसे नींबू और कच्चे आम न खाएं.

– खाने में हर पत्तेदार सब्ज़ियां, जैसे- पालक, मेथी, कमल ककड़ी और ब्रोकोली, टिंडा, परवल जैसी सब्ज़ियां लें.

– दाल में मूंग और मसूर की दालें खाएं.

– गोंद, सोंठ और मेथी के लड्डू बनाकर खाएं.

– खाने में अजवायन और काले तिल भी शामिल करें.

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डॉ. राजश्री कुमार
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पर्सनल प्रॉब्लम्स: क्या है हार्मोनल इंट्रायूटेराइन कॉन्ट्रासेप्टिव? (How Good Is Hormonal Intrauterine Contraceptive (IUCD)?)

Hormonal Intrauterine Contraceptive

मेरा 2 साल का एक बच्चा है और फ़िलहाल मैं दूसरा बच्चा नहीं चाहती, इसलिए हार्मोनल इंट्रायूटेराइन कॉन्ट्रासेप्टिव (IUCD) इंसर्ट करवाया है. डॉक्टर के मुताबिक़ हैवी ब्लीडिंग के मामले में यह एक उचित गर्भनिरोधक है. पर अगर यह एक अच्छा गर्भनिरोधक है, तो सभी महिलाएं इसका इस्तेमाल क्यों नहीं करतीं?

– समीरा यादव, कानपुर.

इंट्रायूटेराइन कॉन्ट्रासेप्टिव डिवाइस (IUCD) काफ़ी लोकप्रिय गर्भनिरोधक है. प्रोजेस्टेरॉन हार्मोंसयुक्त यह डिवाइस हैवी ब्लीडिंग वाली महिलाओं को दिया जाता है. यह एक स्पेशल डिवाइस है, क्योंकि इसके टी शेप प्लास्टिक फ्रेम के साथ हार्मोंस भी होते हैं. आप 5 साल तक इसका इस्तेमाल कर सकती हैं. दरअसल, महंगा होने के कारण यह बहुत लोकप्रिय नहीं हुआ है.

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मेरी नौंवें महीने की प्रेग्नेंसी के शुरुआती चेकअप के बाद डॉक्टर ने तुरंत अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी. टेस्ट के बाद उन्होंने बताया कि मुझे ओलिगोहाइड्रामिनियॉस है और मुझे सीज़ेरियन डिलीवरी ही करवानी होगी. यह क्या है?

– ख्याति झा, रायपुर.

गर्भाशय में बच्चा पानी की थैली के भीतर रहता है, जिसे एम्नियॉटिक फ्लूइड कहते हैं. अल्ट्रासाउंड के ज़रिए उसकी जांच की जाती है. ओलिगोहाइड्रामिनियॉस इसी की कमी की अवस्था है. आम भाषा में कहें, तो गर्भाशय में पानी की कमी है. इसके कई कारण हो सकते हैं, जैसे पानी की थैली में दरार पड़ना, बच्चे की किडनी में एब्नॉर्मिलिटी के कारण यूरिन कम होना, जीन डिफेक्ट, मां को हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज़ आदि. पानी की कमी के कारण बच्चे को सांस लेने में तकलीफ़ हो सकती है. यही कारण है कि आपके डॉक्टर ने सीज़ेरियन डिलीवरी की सलाह दी है.

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क्या आप पहचानती हैं प्रेग्नेंसी के ये शुरुआती लक्षण?

– जिस प्रकार हर महिला अलग होती है, उसी प्रकार उसकी प्रेग्नेंसी के लक्षण भी अलग होते हैं. यहां तक कि एक ही महिला की  दो प्रेग्नेंसीज़ के लक्षण भी अलग-अलग हो सकते हैं. ज़रूरी नहीं जैसा वो पहली प्रेग्नेंसी में महसूस कर रही थी, वैसा भी दूसरी बार भी करे.

– पीरियड्स मिस होना इसका सबसे बड़ा लक्षण है, हांलाकि पीरियड्स मिस होने के पहले ही बहुत-सी

– कॉन्सेप्शन के बाद महिलाओं को हल्की-सी ब्लीडिंग होती है और पेट में मरोड़ भी होता है.

– शरीर में हो रहे बदलावों के कारण ब्रेस्ट हैवी लगने लगते हैं.

– थकान प्रेग्नेंसी के शुरुआती लक्षणों में से एक है.

– ज़्यादातर महिलाओं को सुबह-सुबह चक्कर आते हैं.

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डॉ. राजश्री कुमार
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पर्सनल प्रॉब्लम्स: कैसे पता चलेगा कि मुझे अत्यधिक रक्तस्राव हो रहा है? (How to Determine if I suffer from Heavy Menstrual Bleeding?)

Heavy Menstrual Bleeding

मैं 29 वर्षीया युवती हूं. हाल ही में मैंने ध्यान दिया कि पिछले साल की तुलना में इस साल पीरियड्स के दौरान मुझे बहुत ज़्यादा रक्तस्राव (Bleeding) हो रहा है. पहले मेरे पीरियड्स स़िर्फ 4 दिनों तक रहते थे, पर अब 6 दिनों तक रहते हैं. आमतौर पर कितना ब्लड लॉस सामान्य होता है? और मुझे कैसे पता चलेगा कि मुझे अत्यधिक रक्तस्राव (Bleeding) हो रहा है? 

– श्‍वेता मोरे, पुणे.

पीरियड्स के दौरान आमतौर पर महिलाओं को 40 मि.ली. तक ब्लड लॉस होता है, जो 20 मि.ली. से 80 मि.ली. तक भी हो सकता है. अत्यधिक रक्तस्राव (Bleeding) के बारे में जानने का सबसे आसान तरीक़ा यह देखना है कि रक्तस्राव के दौरान ब्लड क्लॉट (खून के थक्के) निकलते हैं या नहीं, क्योंकि अगर पीरियड्स के दौरान ब्लड क्लॉट्स ज़्यादा आ रहे हैं और आपको कमज़ोरी महसूस हो रही है, तो समझ जाएं कि आपको अत्यधिक रक्तस्राव हो रहा है. ऐसे में आपको तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए.

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Heavy Menstrual Bleeding
मैं 32 वर्षीया महिला हूं व मेरा 4 साल का बच्चा है. डिलीवरी के छह महीने बाद से ही मैं इंट्रायूटेराइन डिवाइस कॉपर टी इस्तेमाल कर रही हूं. मैं यह जानना चाहती हूं कि क्या कॉपर टी निकलवाने के तुरंत बाद मेरी फर्टिलिटी लौट आएगी या फिर मुझे कंसीव करने में बहुत ज़्यादा समय लगेगा?

– जयश्री मिश्रा, राजकोट.

आपको बता दें कि इंट्रायूटेराइन डिवाइस कॉपर टी निकलवाने के तुरंत बाद ही आपकी फर्टिलिटी वापस आ जाएगी, जबकि हार्मोंसवाले गर्भनिरोधक साधनों का इस्तेमाल करनेवाली महिलाओं के साथ ऐसा नहीं होता. उनकी फर्टिलिटी लौटने में 3 से 6 महीने का समय लगता है, इसलिए अपने पति से इस बारे में बात करें और जब आप प्रेग्नेंसी के लिए तैयार हों, तभी कॉपर टी निकलवाएं.

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हैवी ब्लीडिंग के लिए होम रेमेडीज़ 

  • हैवी ब्लीडिंग से राहत के लिए ठंडा सेंक करें. कॉटन के कपड़े में बर्फ के टुकड़े लपेटकर १५-२०  मिनट  सेंक करें. अगर चाहें, तो 4 घंटे बाद
    रिपीट करें.
  • एप्पल साइडर विनेगर शरीर से टॉक्सिन्स को निकालकर हार्मोंस को संतुलित करता है. 1 ग्लास पानी में 1-2 टेबलस्पून एप्पल साइडर विनेगर
    मिलाकर दिन में 3 बार लें.
  • 2 कप पानी में 1 टीस्पून साबूत धनिया डालकर उबालें. जब पानी आधा रह जाए, तब उसमें थोड़ा-सा शहद मिलाकर रख लें. इसे गुनगुना ही पीरियड्स
    के दौरान 2-3 बार पीएं.
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