demonetisation

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उर्वसी… गाना तो आपको याद ही होगा. ए आर रहमान की आवाज़ और प्रभुदेवा के डांस को भला कौन भूल सकता है. 20 साल से ज़्यादा हो गए है इस गाने को रिलीज़ हुए, लेकिन अब भी ये बिल्कुल फ्रेश लगता है. आपके लिए अब है एक ख़ुश ख़बरी इस आइकॉनिक गाने को नए अंदाज़ में लेकर आए हैं ए आर रहमान, जिसे उन्होंने एक बार फिर गाया है. रहमान ने इस गाने को एमटीवी के शो में गाया था, जिसके बाद  इस वीडियो को फेसबुक पर शेयर किया गया था. आपको जानकर आश्चर्य होगा कि शेयर करने के कुछ ही घंटों में इसे 22 लाख से ज़्यादा लोगों ने देख लिया. इस गाने में हाल ही देश-विदेश में हुए बड़े बदलाव, जैसे- 500 और 1000 के नोट बंद हो जाने पर या हेलरी क्लिंटन की बजाय डोनल्ड ट्रंप के प्रेसिडेंट बनने पर टेक इट ईज़ी पॉलिसी अपनाने की बात कही गई है. आप भी देखें ये वीडियो.

– प्रियंका सिंह

डिजिटल पेमेंट व कैशलेश अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए मोदी सरकार ख़ास लकी ड्रॉ योजना लेकर आई है. इस योजना में जहां ग्राहकों के लिए ‘लकी ग्राहक योजना’ (Lucky Grahak Yojna) की शुरुआत की गई है, वहीं व्यापारियों के लिए ‘डिजी व्यापारी धन योजना’ के तहत कई आकर्षक इनामों की घोषणा भी की गई है.

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कब से कब तक है योजना?

– लकी ग्राहक योजना (Lucky Grahak Yojna) और डिजी व्यापारी योजना की शुरुआत 25 दिसंबर, 2016 से हो रही है, जो 14 अप्रैल, 2017 तक चलेगी.
– यह योजना 100 दिनों की है.
– 25 दिसंबर को पहला लकी ड्रा निकाला जाएगा.
– 14 अप्रैल को 3 मेगा ड्रा होंगे, जिनके इनाम क्रमश: 1 करोड़, 50 लाख और 25 लाख हैं.

क्या है ये लकी ड्रा योजना?

– डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने दैनिक, साप्ताहिक और योजना के अंतिम दिन एक बड़ा पुरस्कार देने की घोषणा की है.
– लकी ग्राहक योजना के तहत रोज़ाना 15 हज़ार विजेताओं का चुनाव किया जाएगा, जिन्हें 1000 रुपए का इनाम मिलेगा.
– नेशनल पेमेंट्स कमीशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) की तरफ़ से ये इनाम क्रिसमस यानी 25 दिसंबर से दिए जाएंगे.
– डिजिटल धन व्यापारी योजना के तहत हर हफ़्ते 7 हज़ार के अवॉर्ड दिए जाएंगे यानी 7 हज़ार व्यापारियों को जीतने का मौका मिलेगा. इसकी अधिकतम धनराशि 50 हज़ार रुपए है.
– यह योजना ख़ासतौर से 50 रुपए से 3000 रुपए तक का डिजिटल पेमेंट करनेवालों के लिए है.
– प्राइवेट कार्ड वॉलेट्स और 3000 रुपए से ज़्यादा के पेमेंट इसमें शामिल नहीं किए गए हैं.
– डिजिटल पेमेंट्स में ज़्यादा से ज़्यादा लोगों की सहभागिता बढ़ाने के लिए इस योजना में कुल 340 करोड़ रुपयों का बजट बनाया गया है.

– अनीता सिंह

Demonetization

  • माइक्रोसॉफ्ट के फाउंडर बिल गेट्स ने मोदी सरकार के डिमॉनिटाइज़ेशन (Demonetization) के निर्णय को एक बेहतरीन क़दम बताया है.
  • उनका मानना है कि इससे भारत की अर्थव्यवस्था अधिक पारदर्शी होगी.
  • भारत में तकनीक के विकास से संबंधी बात करते हुए उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी में भी उतनी ही ताक़त होती है, जितनी उसे इस्तेमाल करनेवाले लोगों में होती है.
  • यहां भारत जो भी करने का प्रयास कर रहा है, वो आज तक किसी भी अन्य देश ने नहीं किया है.
  • भारत को पता है कि उसके सामने चुनौतियां बड़ी हैं. उसके पास ऐसी सरकार है, जो इन चुनौतियों का सामना करने व उन्हें सुलझाने में सक्षम व वचनबद्ध है.
  • ऐसे में डिमॉनिटाइज़ेशन का क़दम भी बेहद बोल्ड है, जो पारदर्शिता व डिजिटल ट्रांज़ैक्शन्स को बढ़ावा देगा.
  • आनेवाले वर्षों में भारत सबसे अधिक डिजिटाइज़्ड इकोनॉमी में से एक होगा.

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देश में डिमॉनिटाइज़ेशन के बाद जिस बात की सबसे अधिक चर्चा रही है, वो है- सोनम गुप्ता बेवफ़ा है! जी हां, सोशल मीडिया पर इन दिनों छाई हुई है सोनम गुप्ता की बेवफ़ाई! दरअसल ये सारा मामला शुरू हुआ दस रुपए के नोट पर लिखे एक वाक्य से और यह वाक्य था- सोनम गुप्ता बेवफ़ा है. बस फिर क्या था, देखते ही देखते ये नोट और उस पर लिखा यह वाक्य सोशल मीडिया का न्यू ट्रेंड बन गया. इसके बाद तो नए 2000 के नोट पर भी यही वाक्य लिखा हुआ पाया गया.

इंडियन करेंसी की बात तो छोड़िए, डॉलर्स तक को नहीं छोड़ा गया. कहीं पर ओबामा और मोदीजी की तस्वीरें वायरल हुईं, जिसमें सोनम गुप्ता के बारे में कानाफूसी हो रही थी, तो कहीं पर बॉलीवुड से संबंधित इसी तरह की बातें सामने आईं. फोटोशॉप का आलम यह रहा कि किसी भी देश और किसी भी करेंसी को सोनम गुप्ता के नाम से अछूता नहीं रखा गया.

sonam guptaबात यहीं नहीं रुकी, इन सबके बीच सोनम गुप्ता का जवाब भी आया और उसके प्रेमी के नाम का ख़ुलासा हुआ- बेवफ़ा तू है सोनवीर सिंह, मैं नहीं- सोनम गुप्ता. इन सबके बीच सोनम की मम्मी का रिप्लाई भी आया- मेरी बेटी ऐसी नहीं है- सोनम गुप्ता की मम्मी!

sonam gupta

लेकिन कहानी में अब ट्विस्ट आ गया, कुछ महिला संगठन इस तरह के मज़ाक का विरोध कर रहे हैं, क्योंकि उनके अनुसार किसी भी लड़की के नाम का इस तरह सरेआम मज़ाक बनाना बेहूदापन है. हालांकि लोग यही मानते हैं कि मज़ाक को मज़ाक की तरह ही लेना चाहिए, क्योंकि इस डिजिटल युग में मज़ाक के मायने बदल गए हैं, ऐसे में किसी का भी इरादा किसी को बदनाम करने का नहीं होता.

यही नहीं, सोनम गुप्ता नाम की कुछ लड़कियां भी इसे मज़ाक की तरह ही ले रही हैं, लेकिन यहां डिफरेंस ऑफ ओपिनियन हो सकता है. किसी को यह बदनामी लगती है, तो किसी का सोचना है कि बदनाम भी हुए, तो नाम ही होगा.

ट्विटर रिएक्शन: दिलचस्प ट्वीट्स

– गीता शर्मा

 

Modi’s mother  फोटो सौजन्य: ANI

  • करंसी को लेकर इन दिनों देश में बहुत कुछ हो रहा है. लोग मोदीजी के फैसले की तारीफ़ कर रहे हैं, लेकिन अपनी परेशानी भी बयां कर रहे हैं.
  • इन सबके बीच मोदीजी (Narendra Modi) की मां हीराबा भी आम नागरिक की तरह नोट बदलवाने बैंक की लाइन में खड़ी हुईं.
  • उन्होंने साढ़े चार हज़ार के नोट चेंज करवाए. ओरिएंटल बैंक में उन्होंने पहले फॉर्म भरा और फिर करंसी एक्सचेंज करवाई.
  • इस पर लोगों ने ट्विटर पर भी अपनी प्रतिक्रियाएं दीं.

https://twitter.com/IndiaHistorypic/status/798417137756962818