dental care

जब आप हंसते-मुस्कुराते हैं, तो दुनिया को अपनेपन का एक ख़ूबसूरत संदेश देते हैं. इसमें आपके दांत ख़ासतौर साथ देते हैं. ऐसे में दो कारणों से इनका ख़्याल रखना बहुत ज़रूरी हो जाता है, एक सेहत और दूसरा व्यक्तित्व. इसके लिए मुंह की सफ़ाई, जिसे हम ओरल हाइजीन कहते हैं, बेहद ज़रूरी है. अगर आपके मुंह से दुर्गंध आती है या आपके दांत गंदे हैं, तो कोई भी व्यक्ति या महिला आपके नज़दीक आने या आपसे बात करने से कतराने लगेगा और उसके मन में आपके प्रति नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, जिससे आपके सामाजिक जीवन पर भी बुरा प्रभाव पड़ेगा. ऐसा ना हो, इसलिए डॉ. सबा कलीम (डेंटिस्ट) हमें महत्वपूर्ण जानकारियां दे रही हैं. आइए उनसे जानते हैं कि कैसे अपने दांतों और मसूड़ों का ख़्याल रखें.

रोज़ाना ब्रश करना

  • जैसा कि हम सभी जानते हैं कि हमारे दांतों को रोज़ाना दो बार ब्रश करना ज़रूरी है, क्योंकि यह हमारे दांतों को साफ़ करता है और बैक्टीरिया फ्री रखता है. * सुबह के समय हमारे मुंह में बैक्टीरिया की संख्या सबसे ज़्यादा होती है, इसलिए हमें सुबह ब्रश अवश्य करना चाहिए.
  • रात को सोने से पहले भी हमें ब्रश ज़रूर करना चाहिए.
  • आमतौर पर लोगों को ब्रश करने का सही तरीक़ा नहीं मालूम होता है, जिसके कारण उनकी दांतों की सफ़ाई सही तरीक़े से नहीं हो पाती.
  • ज़्यादा हार्ड ब्रश इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, इससे दांतों की लेयर घीस जाती है और दांतों में सेंसटिविटी की प्रॉब्लम हो जाती है और मसूड़ों की भी बीमारी हो जाती है.
  • हमें हमेशा सॉफ्ट ब्रश इस्तेमाल करना चाहिए.
  • ब्रश को हमेशा छोटे सर्कुलर मोशन में दांतों पर आगे-पीछे और ऊपर की तरफ़ हल्के हाथों से घुमाना चाहिए.

एक बार रोज़ाना फ्लॉस करें

  • ब्रश करने के बाद भी हमारे दांतों के वह हिस्से जहां हमारा ब्रश नहीं पहुंच पाता है या दांतों के बीच की जगह, जहां भोजन की छोटे कण जमा हो जाते हैं, उन जगहों पर हमें फ्लॉस का उपयोग करना चाहिए.
  • यह हमारे दांतों को साफ़ करने के अलावा मुंह से दुर्गंध जैसी समस्याओं को भी दूर करता है.

माउथवॉश इस्तेमाल करें

  • माउथवॉश ब्रश करने के आधे घंटे बाद इस्तेमाल करने से सही रिजल्ट आता है.
  • यह हमारे दांतों के साथ-साथ मसूड़ों की समस्या, जीभ और मसूड़ों की दुर्गंध जैसी समस्याओं को दूर करता है.
  • माउथवॉश से 30 सेकंड तक मुंह में गार्गिल यानी गरारे करें. ऐसा दिन में दो बार करें.

फ्लोराइड का इस्तेमाल करें

  • फ्लोराइड फ्लोरिंन से बनता है. यह मिट्टी का एक तत्व है. यह हमारे दांतों को सड़ने से बचाता है.
  • यह पीने के पानी में पाया जाता है तथा टूथपेस्ट में भी मौजूद होता है.

धूम्रपान और तंबाकू का सेवन न करें

  • धूम्रपान और तंबाकू हमारे सेहत के लिए बहुत ही हानिकारक है. यह हमारे फेफड़ों को नुक़सान पहुंचाता है और साथ ही दांतों और मसूड़ों के लिए भी बेहद हानिकारक है.
  • यह हमारे मसूड़ों में हीलिंग यानी घाव के भरने की प्रक्रिया को धीमा और कमज़ोर करता है.
  • जीभ, मुंह के अंदरूनी हिस्से और दांतों को पीला करता है.
  • ज़्यादा धूम्रपान और तंबाकू के सेवन से मुंह के कैंसर होने का ख़तरा ज़्यादा रहता है.

पानी प्रचुर मात्रा में पीएं

  • पानी हमारे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण पेय पदार्थ है.
  • पानी पीने से शरीर के साथ-साथ हमारे दांत और मसूड़ों को भी साफ़ रखने में मदद मिलती है.
  • यह हमारे दांतों के बीच फंसे भोजन के छोटे कणों को साफ़ करता है.

फल-सब्ज़ी का सेवन अवश्य करें

  • फल-सब्ज़ी हमारे दांतों को साफ़ रखने तथा मसूड़ों और दांतों को न्यूट्रिशन पहुंचाने में मदद करता है, जैसे- सेब, गाजर, अजवाइन और पत्तेदार सब्ज़ियां इत्यादि.
  • बहुत से फल और सब्ज़ी हैं, जो विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होती हैं. वह हमारी मसूड़ों और ओरल टिश्यू को सही रखती हैं.
  • साथ ही बैक्टीरियल इंफेक्शन से भी हमारे दांत और मसूड़ों को बचाती हैं.
Tips For Healthy Teeth


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दांतों की देखभाल (Dental Care) के 5 आसान घरेलू उपाय (Easy Home Remedies) आपके दांतों को हमेशा स्वस्थ और चमकदार बनाए रखते हैं. हम सब कभी न कभी दांतों की समस्या (Teeth Problems) से परेशान होते ही हैं. ऐसे में दांतों की देखभाल के 5 आसान घरेलू उपाय आपके बहुत काम आ सकते हैं. चाहे दांतों की सफ़ाई करनी हो, दांतों की चमक बढ़ानी हो, मुंह की दुर्गंध दूर करनी हो या दांतों को सड़ने से बचाना हो, दांतों की हर तरह की समस्या से छुटकारा पाने के लिए दांतों की देखभाल के 5 आसान घरेलू उपाय आपके बहुत काम आएंगे.

Dental Care Remedies

1) मोतियों जैसे सफ़ेद दांतों के लिए आधा टीस्पून बेकिंग सोडा में चुटकीभर नमक मिलाकर ब्रश से दांतों का मसाज करें. फिर टूथपेस्ट से दांत साफ़ करें. ऐसा करने से दांतों की चमक बढ़ जाती है.

2) मुंह की दुर्गंध दूर करने के लिए सुबह ब्रश करने के बाद व्हाइट विनेगर में समान मात्रा में पानी मिलाकर कुल्ला करें. ऐसा करने से मिनटों में दांतों की दुर्गंध दूर हो जाती है.

3) दांतों को सड़ने से बचाने के लिए 1-2 अखरोट की गिरी को कूटकर टूथपेस्ट में मिलाकर ब्रश करें. ऐसा करने से दांतों की सारी समस्याएं दूर हो जाएंगी.

4) स्ट्रॉबेरी से भी आप दांतों की सफ़ाई कर सकती हैं. एक पकी हुई स्ट्रॉबेरी को मैश करके उसमें चुटकीभर खाने का सोडा मिलाएं. फिर ब्रश से दांतों की सफ़ाई करें. दांतों की सफ़ाई करने का ये एक आसान तरीका है.

5) घर पर भी टूथपाउडर तैयार किया जा सकता है. इसके लिए तेजपत्ता को संतरे के सूखे हुए छिलकों के साथ महीन पीसकर रख लें. इससे उंगली की मदद से दांतों को साफ़ करें. ये होममेड टूथपाउडर दांतों के लिए बहुत फ़ायदेमंद है.

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मुंह/सांसों (Mouth/Breath) की बदबू हटाने के 5 घरेलू उपाय (Home Remedies) अपनाकर आप मिनटों में मुंह/सांसों की बदबू से छुटकारा पा सकते हैं. मुंह/सांसों की बदबू हटाने के 5 घरेलू उपाय बहुत ही कारगर हैं और इनके कोई साइड इफेक्ट भी नहीं हैं. यदि आप भी मुंह/सांसों की बदबू से परेशान रहते हैं और सांसों की बदबू की वजह से आपको भी शर्मिंदा होना पड़ता है, तो मुंह/सांसों की बदबू हटाने के 5 घरेलू उपाय ज़रूर ट्राई करे.

Home Remedies For Bad Breath

मुंह /सांसो की बदबू के 5 प्रमुख कारण
जिन लोगों के मुंह /सांसो से बदबू आती है, उन्हें इसके कारण अक्सर शर्मिंदगी महसूस होती है. मुंह /सांसो की बदबू के 5 प्रमुख कारण हैं:

1) लहसुन-प्याज़, तैलीय पदार्थ आदि का अधिक सेवन करने से मुंह /सांसो से बदबू आती है.
2) अधिक समय तक खाली पेट रहने या डायटिंग करने से मुंह /सांसो से बदबू आती है.
3) धूम्रपान या मादक पदार्थों का सेवन करने से मुंह /सांसो से बदबू आती है.
4) दांतों की सफाई ठीक से न करने से मुंह /सांसो से बदबू आती है.
5) दांतों की बीमारियों के कारण भी मुंह /सांसो से बदबू आती है.

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मुंह/सांसों की बदबू हटाने के 5 घरेलू उपाय जानने के लिए देखें वीडियो:

हमारे शरीर में अनेक प्रकार के हार्मोंस (Hormones) स्रावित होते हैं. किशोरावस्था से लेकर मेनोपॉज़ (Menospause) तक हार्मोंस के स्तर में बदलाव होता रहता है. यही बदलाव हमारे डेंटल हेल्थ (Dental Health) को भी प्रभावित करता है और हमें पता भी नहीं चलता. जीवन के इसी बदलाव की अन्य अवस्थाएं, जैसे- प्यूबर्टी (Puberty), पीरियड्स का आना (Periods), प्रेग्नेंसी (Pregnancy), ब्रेस्टफीडिंग (Breastfeeding) और मेनोपॉज़ डेंटल हेल्थ को किस तरह प्रभावित करते हैं, यह जानने के लिए हमने बात की डेंटिस्ट डॉ. नूपुर श्रीराव से.

Hormones And Dental Health

प्यूबर्टी: इस अवस्था में प्रोजेस्टेरॉन और एस्ट्रोजन का स्तर अधिक बढ़ जाता है, जिसके कारण कई बार मसूड़ों में सूजन और ब्लीडिंग होने लगती है. इन समस्याओं को नज़रअंदाज़ करने पर ‘जिंजिवाइटिस’ नामक दांतों की बीमारी हो जाती है. इस उम्र में लड़कियां मीठा, जंक फूड, कोल्ड ड्रिंक बहुत अधिक पीती हैं, जिससे हार्मोंस असंतुलित होने लगते हैं और इनका बुरा असर डेंटल हेल्थ पर पड़ने लगता है.

समाधान

  • डॉक्टर से दांतों की क्लीनिंग कराएं, अन्यथा दांतों में सड़न हो सकती है.
  • हेल्दी दांतों के लिए हेल्दी फूड और नट्स खाएं.
  • रोज़ाना दिन में 2 बार ब्रश करें.
  • नारियल पानी और नींबू पानी पीएं.

पीरियड्स आना: अक्सर महिलाएं पीरियड्स आने के पहले दांतों की समस्याएं, जैसे- मसूड़ों का फूलना, उनमें दर्द होना आदि शिकायतें करती हैं. पीरियड्स के दौरान शरीर में प्रोजेस्टेरॉन हार्मोन के स्तर में बदलाव होता है, जिसके कारण यह समस्या होती है.

समाधान

  • अन्न के कण दांतों में फंसे रहने के कारण उनमें सड़न होने लगती है, इसलिए हर बार खाना खाने के बाद कुल्ला करना न भूलें.
  • पानी में कुछ बूंदें एंटीबैक्टीरियल ऑयल, जैसे- लौंग का तेल, दालचीनी का तेल और यूकेलिप्टस ऑयल की डालकर गरारे करें.
  • कच्चा प्याज़ और लहसुन को भोजन में शामिल करें, क्योंकि इनमें ऐसे एंटीबैक्टीरियल तत्व होते हैं, जो इस समस्या से निजात दिलाते हैं.

प्रेग्नेंसी: गर्भवती महिलाओं में हार्मोंस का स्तर अस्थिर होता है. यह कभी कम, तो कभी ज़्यादा होता है. इससे कई बार दांतों की समस्याएं हो जाती हैं, जैसे- मसूड़ों का लाल होना, उनमें सूजन और दर्द होना आदि.

समाधान

  • दिन में 2 बार ब्रश करने और दांतों को फ्लॉस करने की आदत डालें.
  • कुछ भी खाने के बाद तुरंत कुल्ला करें.
  • प्रेग्नेंसी के दौरान गर्भवती महिला को कैल्शियम, विटामिन डी और फोलिक एसिड की अधिक मात्रा में ज़रूरत होती है, इसलिए डॉक्टरी सलाहानुसार इन्हें अपने भोजन में ज़रूर शामिल करें.

स्तनपान: प्रेग्नेंसी के बाद स्ट्रेस और तनाव के साथ-साथ थकान भी बहुत बढ़ जाती है. हार्मोंस में भी बहुत परिवर्तन होते हैं, जिसके कारण दांतों में सड़न और मसूड़ों की बीमारियां हो सकती हैं.

समाधान

  • स्तनपान करानेवाली महिलाएं कैल्शियम और ओमेगा 3 फैटी एसिडयुक्त आहार लें.
  • भोजन में हेल्दी फूड खाएं.
  • शरीर में पानी की कमी न होने दें.

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Hormones And Dental Health

मेनोपॉज़: मेनोपॉज़ के दौरान हार्मोंस असंतुलित होते रहते हैं, जिससे महिलाओं को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जैसे- मुंह का स्वाद ख़राब होना, मुंह में जलन होना, सेंसिटिविटी आदि. कई बार मसूड़ों और दांतों के रोग भी हो जाते हैं. मेनोपॉज़ में एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर कम होने लगता है, जिससे हड्डियां कमज़ोर होने लगती हैं.

समाधान

  • दांतों की सुरक्षा के लिए फ्लोरॉइड टूथपेस्ट का प्रयोग करें.
  • हड्डियों की मज़बूती के लिए डॉक्टर की सलाहानुसार अपनी डायट में कैल्शियम और विटामिन डी आवश्यक मात्रा में शामिल करें.
  • तली-भुनी, नमकीन, तीखी और दांतों में चिपकनेवाली चीज़ें न खाएं.
  • चाय, कॉफी, अल्कोहल और तंबाकू का सेवन कम करें.

गर्भ निरोधक गोलियां: गर्भ निरोधक गोलियों में प्रोजेस्टेरॉन हार्मोन होता है. अत: इनका अधिक सेवन करने से हार्मोन असंतुलित होने लगते हैं, जिससे मसूड़ों में सूजन और पेट की समस्याएं, जैसे- कब्ज़, पेट का फूलना आदि होती हैं. इन समस्याओं के कारण मुंह में बदबू आना और दांतों में सड़न भी हो सकती है.

समाधान

  • डॉक्टर की सलाह से प्रोबायोटिक टैबलेट और विटामिन बी कॉम्प्लेक्स की गोलियां लें.

स्वस्थ दांतों के लिए ईज़ी टिप्स

  • मीठा खाने की बजाय फल व सूखे मेवे खाएं.
  • कोल्ड ड्रिंक, कोल्ड कॉफी, फू्रट जूस के बदले नारियल पानी या नींबू पानी पीएं.
  • जिनके दांतों में बे्रसेस लगे हुए हैं, उन्हें दांतों की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि अन्न के कण दांतों में चिपक व फंस जाने के कारण दांतों में सड़न हो सकती है.
  • कुछ भी खाने-पीने के बाद अच्छी तरह से कुल्ला करें.
  • डॉक्टर की सलाह से रात को माउथवॉश से गरारे करके सोएं.
  • स्तनपान करानेवाली महिलाएं तिल व अलसी खाएं. इनमें कैल्शियम और ओमेगा 3 फैटी एसिड अधिक मात्रा में होता है, जो दांतों के लिए बहुत फ़ायदेमंद है.
  • 8-10 ग्लास पानी पीएं.
  • दांतों की छोटी सी समस्या को नज़रअंदाज़ न करें. तुरंत डॉक्टर को दिखाएं.

 

–  नेहा श्रीराव

जब बात आती है दांतों की सफ़ाई कि तो अक्सर लोग टूथब्रश की बजाय टूथपेस्ट को ज़्यादा महत्व देते हैं, जबकि टूथब्रश का सही चुनाव भी बेहद ज़रूरी है, क्योंकि ब्रश अगर अच्छा नहीं हुआ, तो दांतों और मसूड़ों को नुक़सान पहुंच सकता है.

How to select a toothbrush

कैसा हो टूथब्रश?
  •  टूथब्रश सॉफ्ट ब्रिसल्सवाला और अच्छे ब्रांड का होना चाहिए. हार्ड ब्रिसल्सवाले ब्रश मसूड़ों को नुक़सान पहुंचा सकते हैं.
  • ब्रश करते व़क्त टीवी और न्यूज़पेपर न पढ़ें. केवल ब्रशिंग पर ही ध्यान दें.
  •  मसू़ड़े अगर कमज़ोर हैं, तो सुपर सॉफ्ट या सेंसिटिव टूथब्रश का इस्तेमाल करना सही होगा.
  •   गोल सिर वाले ब्रश आरामदायक होते हैं. ये दांतों के कोने तक पहुंचते जाते हैं.
  •  टूथब्रश का हैंडल जितना लंबा होगा, उसे पकड़ना उतना ही अधिक आसान होगा.
  •   टेढ़े-मेढ़े दांतों के लिए ज़िगजैग ब्रश का इस्तेमाल कर सकते हैं.
  •  ब्रश करने से पहले और बाद में उसे अच्छी तरह से धो लें.
  •  कभी-कभार ब्रश धोने के लिए गर्म पानी या माउथवॉश का भी इस्तेमाल किया जा सकता है.
  •  ब्रश अगर ख़राब न भी हुआ हो, तब भी हर तीन महीने में ब्रश बदल दें.
  •  अगर ब्रश के बिसल्स सख़्त हो गए हों, तो तुरंत ब्रश बदल दें.
  •  बच्चों के लिए केवल बेबी टूथब्रश का ही इस्तेमाल करें.
  •  टूथब्रश बाथरूम में न रखें. बाथरूम के बैक्टीरिया ब्रश पर चिपक सकते हैं.
  •  घर के सभी सदस्यों के ब्रश के साथ न रखें. ऐसा करने से एक ब्रश के बैक्टीरिया दूसरे ब्रश पर लग सकते हैं.
  •  अगर ब्रश के बिसल्स पर आप कैप लगाते हैं, तो ब्रश के सूख जाने के बाद कैप लगाएं.

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ब्रश करने का सही तरीक़ा

– टूथपेस्ट लगाकर ब्रश को दांतों के इनैमल (दांतों और मसूड़ों के मिलनेवाली जगह) पर ऊपर से नीचे और दाएं से बाएं की ओर गोल घुमाएं.
– ब्रश को गोल घुमाने से मसूड़ों की मालिश भी होती है.
– ऊपर और नीचे के दांतों के अंदर की सतह को भी साफ़ करें.
– आराम से ब्रश करें.
– ब्रश के दौरान जीभ की सफ़ाई भी बेहद ज़रूरी है.

 

एक रिसर्च में पाया गया है कि जो लोग अच्छी तरह से ब्रश करते हैं, उनके दांत 70 साल या उससे भी ज़्यादा वर्षों तक स्वस्थ रहते हैं.

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भारत में 80 प्रतिशत लोग किसी न किसी प्रकार की दांतों की समस्या से पीड़ित हैं. लेकिन फिर भी लोग ओरल हेल्थ केयर की तरफ ज़्यादा ध्यान नहीं देते. जब कि मुंह की सफ़ाई के अभाव में कई प्रकार की बीमारियां हो सकती हैं. आपको जानकर आश्‍चर्य होगा कि जो लोग अपने दांतों का ख़्याल नहीं रखते, उन लोगों को दिल की बीमारी होने का ख़तरा 70 फ़ीसदी तक ज़्यादा होता है.

Oral Health Care

कैसे करें मुंह की सफ़ाई?

 

– डेंटिस्ट से मिलकर अपने ओरल हेल्थ को समझें. हर किसी की ज़रूरत अलग-अलग हो सकती है, जैसे- प्रेग्नेंट महिलाओं और डायबिटिक मरीज़ों को अपने दांतों व मसूड़ों का ज़्यादा ध्यान रखना पड़ता है.-

–  मुंह की सफ़ाई का एक रूटीन फॉलो करें.

– दिन में दो बार ब्रश करें.

– कम से कम दो से तीन मिनट तक ब्रश करें.

– दांतोंं और मसूड़ों पर ब्रश को बिना ज़्यादा प्रेशर लगाए, गोल-गोल घुमाएं.

– उंगली से धीरे-धीरे मसूड़ों की मालिश करें, इससे मसूड़े मज़बूत बनते हैं.

– दांतों के बीच फंसे भोजन के टुकड़ों, दांतों पर जमे प्लाक को निकालने के लिए फ्लॉस (धागे से दांतों की सफ़ाई) भी करें. दांतों के बीच फ्लॉस डालकर धीरे-धीरे, आगे-पीछे करते हुए दांत की जड़ तक सफ़ाई करें

– फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट व माउथवॉश का इस्तेमाल करें. फ्लोराइड दांत की बाहरी परत को मज़बूत बनाता है.

– कुल्ला करना भी बेहद ज़रूरी है, क्योंकि अक्सर भोजन दांतों के बीच फंसे रहते हैं. अगर कुल्ला नहीं किया गया, तो फंसे हुए भोजन के टुकड़ों में सड़न होने लगेगी और कैविटी बनना शुरू हो जाएगा.

– डॉक्टर के बताए माउथवॉश का भी प्रयोग किया जा सकता है.

– रोज़ाना जीभ की सफ़ाई ज़रूरी है. मार्केट में कई प्रकार के टंग क्लीनर उपलब्ध हैं, उनका इस्तेमाल करें. टंग क्लीनर से जीभ का जितना ज़्यादा भाग साफ़ कर सकते हैं करें, क्योंकि बैक्टीरिया अक्सर जीभ से चिपके रहते हैं.

– रोज़ाना स्वयं अपने मुंह की जांच करते रहें. किसी प्रकार की सूजन, कट या स्पॉट अगर नज़र आए, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.

– चेकअप और क्लीनिंग के लिए साल में दो बार डेंस्टिस्ट के पास ज़रूर जाएं.

 

सोच-समझकर खाएं

– मीठा कम खाएं. कोल्डड्रिंक से दूरी बनाएं.

– दूध या दूध से बनी चीज़ें, मांस, मछली, प्याज, लहसुन आदि खाने के बाद मुंह को अच्छी तरह साफ़ करें.

– सिट्रिक फूड, जैसे- टमाटर, अचार, नींबू खाने के बाद ब्रश कर लें, क्योंकि ये आहार दांतों के इनैमल को घिस देते हैं.

– कॉफ़ी का सेवन ज़्यादा न करें.

– पानी जमकर पीएं, ताज़ी और रेशेदार सब्ज़ियां खाएं.

– फास्ट फूड और स्नैकिंग (बीच-बीच में खाने की आदत) से दूर रहें.

 

इन बातों का भी ध्यान रखें

 

– धूम्रपान न करें. तंबाकू खाने से मुंह का कैंसर होने का ख़तरा रहता है. इसके अलावा धूम्रपान की वजह से मसूड़ों की बीमारी, मुंह से दुर्गंध आना, दांतों का पीला पड़ना जैसी समस्या भी होती है.

– मीठा खाने के बाद पानी ज़रूर पीएं.

– मुंह की ड्राईनेस को कम करने के लिए शुगर फ्री गम चबाएं, ताकि मुंह में लार बनती रहे.

प्रियंका सिंह