Tag Archives: Diet myths and facts

दूर करें डायटिंग से जुड़ी गलतफमियां (Diet myths and facts)

मोटापा कम करने के चक्कर में अक्सर लोग दूसरों की सुनी-सुनाई बातों में आकर कोई भी नुस्ख़ा अपना लेते हैं, जिससे कई बार लेने के देने पड़ सकते हैं. आपके साथ ऐसा कुछ न हो, इसलिए हम बता रहे हैं डायटिंग (Dieting) से जुड़ी कुछ ग़लतफ़मियां.

Diet myths and facts

फैट फ्री फूड सेहत के लिए अच्छे होते हैं.
च्चाई- वज़न घटाने के लिए खाने में फैट की मात्रा कम करना ज़रूरी है, लेकिन इसका ये मतलब नहीं है कि आप अपनी डायट से फैट को पूरी तरह ग़ायब कर दें. डायटीशियन्स के मुताबिक, शरीर को एनर्जी के लिए फैट की आवश्यकता होती है. साथ ही टिश्यू रिपेयर करने और पूरे शरीर मेें विटामिन पहुंचाने के लिए भी ़फैट ज़रूरी है. अतः फैट से पूरी तरह दूर रहने की बजाय घी, बटर जैसे सैच्युरेटेड फैट का इस्तेमाल बंद करके ऑलिव ऑयल में खाना बनाएं.

ये भी पढ़ेंः वज़न घटाना है तो खाएं मखाना, जानिए दूसरे फ़ायदे (Health Benefits Of Makhana)

देर रात खाने से बढ़ता है मोटापा
सच्चाई- आपने कई लोगों को कहते सुना होगा कि वो रात को 7-8 बजे के बाद कुछ नहीं खातें, क्योंकि रात का खाना लेट खाना भी मोटापे की एक वजह है, लेकिन ये बात पूरी तरह सच नहीं है. दरअसल, आप रात का खाना कब खा रही हैं? ये देखने से ़ज़्यादा ज़रूरी है कि आप इस बात का ध्यान रखें कि आपके खाने और सोने के बीच कुछ घंटों का अंतराल ज़रूर हो.

फ़िट रहने के लिए कुछ चीज़ों से दूर रहें
सच्चाई- मोटापा कम करने के लिए अक्सर लोग कुछ चीज़ें खाना बिल्कुल बंद कर देते हैं. फल, सब्ज़ियां और ड्राय फ्रूट्स यक़ीनन हेल्दी और फ़िट बॉडी के आवश्यक है, लेकिन चावल, पास्ता और ब्रेड जैसी कार्बोहाइड्रेट से भरपूर चीज़ें भी थोड़ी मात्रा में अपनी डायट में ज़रूर शामिल करें.

Diet facts
क्रैश डायटिंग है फ़ायदेमंद
सच्चाई- क्रैश डायटिंग से बेशक आप तेज़ी से स्लिम-ट्रिम लुक पा सकती हैं, लेकिन बाद में ये आपकी सेहत के लिए हानिकारक साबित हो सकता है. विशेषज्ञ मानते हैं कि क्रैश डायटिंग के दौरान आपके शरीर से ़फैट के साथ-साथ कई मसल्स और टिश्यू भी निकल जाते हैं जिससे कमज़ोरी महसूस होने लगती है. अतः क्रैश डायटिंग की बजाय ऐसा वेट लॉस प्लान अपनाएं जिससे वज़न धीरे-धीरे कम हो और लंबे समय तक आपकी बॉडी शेप में बनी रहे.

ब्रेकफ़ास्ट न करना
सच्चाई- वज़न घटाने के चक्कर में अक्सर लोग ब्रेकफ़ास्ट करना ही छोड़ देते हैं. दरअसल, कुछ लोगों के मन में ये बात बैठ गई है कि नाश्ता न करके वो वज़न कम कर सकते हैं. जबकि ऐसा नहीं है, ब्रेकफ़ास्ट न करने से आपका शरीर कमज़ोर हो जाता है. इतना ही नहीं दोपहर में आपको भूख भी ज़्यादा लगती है जिससे आप ज़्यादा खाना खा लेते हैं.

शाम को कुछ न खाना
सच्चाई- ज़्यादातर लोग इस ग़लतफ़हमी में रहते हैं कि अगर वो शाम को 6 बजे के बाद कुछ नहीं खाएंगे, तो उनका वज़न घटने लगेगा, लेकिन ऐसा नहीं है. दरअसल, खाने के लिए कोई स्पेशल टाइम नहीं बना है, बस खाते समय इस बात का ध्यान रखें कि चिप्स, आइसक्रीम और बर्गर के बजाय सलाद और फ्रूट जैसी हेल्दी चीज़ें खाएं.

कैलोरी कम करना
सच्चाई- फैट की तरह ही वज़न कम करने के लिए कैलोरी की मात्रा घटाना भी ज़रूरी है, लेकिन इससे पूरी तरह से दूर रहना आपकी सेहत के लिए अच्छा नहीं है. अतः अपने खाने की प्लेट से कैलोरी कम करने के लिए इस बात का ध्यान रखें कि किस चीज़ में कितनी कैलोरी होती है और कौन-सी चीज़ आपके लिए फ़ायदेमंद है, जैसे- 1 मुट्ठी बादाम, 3 सेब और 1 बर्गर में एक समान कैलोरी होती है, ऐसे में ये आपको तय करना है कि फ़िट रहने के लिए आप इनमें से क्या चुनती हैं.

वज़न कम करने के लिए दवा खाना
सच्चाई- बढ़ते वज़न से परेशान लोग जल्दी स्लिम-ट्रिम बनने के लिए बाज़ार में मिलने वाली वज़न घटाने का दावा करने वाली कई दवाएं लेना शुरू कर देते हैं, लेकिन इसका असर नहीं होता क्योंकि ऐसी कोई भी चमत्कारी दवा नहीं है, जिसके असर से वज़न तुरंत कम हो जाए. दवा के साथ बैलेंस डायट से ही धीरे-धीरे फ़ायदा मिल सकता है.

ये भी पढ़ेंः दिशा पटानी के फिटनेस मंत्र (Fitness Mantra Of Disha Patani)

जानें डायट से जुड़े 10 मिथकों की सच्चाई (10 Diet Myths Busted)

Diet Myths Busted

बहुत ज़्यादा हेल्थ कॉन्शियस बनने के चक्कर में कई बार हम ग़लतफहमियों के भी शिकार हो जाते हैं. खानपान से जुड़े कुछ ऐसे ही मिथकों की सच्चाई (Diet Myths Busted) जानने के लिए हमने बात की न्यूट्रीशनिस्ट व डायट प्लानर निमिता शास्त्री से.

मिथक- दाल और पनीर साथ खाने से मोटापा बढ़ता है.
सच्चाई– दाल और पनीर प्रोटीन के बेहतरीन स्रोत हैं, जो मांसपेशियों को मज़बूत बनाने और वज़न घटाने में सहायक हैं. विशेषज्ञों के मुताबिक बैलेंस वेट लॉस प्लान के लिए 25 प्रतिशत कैलोरी प्रोटीन स्रोतों से मिलनी ज़रूरी है, जिसके लिए दाल और पनीर का कॉम्बिनेशन बेस्ट है.
मिथक- अंगूर, नींबू और संतरा खाने से सर्जरी के घाव जल्दी नहीं भरते.
सच्चाई- यह सोच ग़लत है. वास्तविकता यह है कि खट्टे फलों में मौजदू विटामिन सी स्टिचेस (टांके) सूखने में मदद करता है. जबकि सोडा, कोला और कार्बोनेटेड ड्रिंक में पाया जाने वाला कार्बोनिक एसिड स्टिचेस को कमज़ोर कर देता है, जिससे ठीक होने में ज़्यादा समय लगता है.
नोटः सर्जरी, ख़ासकर ईएनटी सर्जरी के तुरंत बाद खट्टे फल न खाएं. (Diet Myths Busted)
मिथक- रात में नारियल पानी पीने से एसिडिटी हो जाती है.
सच्चाई- ऐसा नहीं है. नारियल पानी शरीर को ठंडा रखता है. साथ ही एसिडिटी और हार्टबर्न (सीने में जलन) होने पर भी नारियल पानी पीने की सलाह दी जाती है. ये पेट के पीएच बैलेंस को बनाए रखता है. नारियल डीहाइड्रेशन से बचाने के साथ ही पाचन में भी मदद करता है.
ये भी पढ़ेंः जानिए आख़िर क्यों लगती है बार-बार भूख

मिथक– चॉकलेट से एक्ने की समस्या हो जाती है. (Diet Myths Busted)
सच्चाई- किसी भी चीज़ की अति नुक़सानदायक होती है. इसी तरह यदि आप बहुत ज़्यादा चॉकलेट खाती हैं तो निश्‍चय ही एक्ने की समस्या हो सकती है लेकिन थोड़ी मात्रा में चॉकलेट खाने से कोई नुक़सान नहीं होता.
मिथक– पपीता खाने से मिसकैरेज हो जाता है.
सच्चाई– प्रेग्नेंट महिलाओं को अक्सर पपीता न खाने की सलाह दी जाती है क्योंकि इससे मिसकैरेज हो सकता है. कच्चे पपीता में लैटेक्स मौजूद होते हैं, जिससे गर्भाशय में संकुचन हो सकता है. लेकिन पका हुआ पपीता विटामिन और मिनरल्स से भरपूर होता है जो हार्टबर्न और कॉन्सटिपेशन (कब्ज़) रोकने में सहायक है.
नोटः यदि आप प्रेग्नेंट हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही पपीता को अपनी डायट में शामिल करें.

Diet Myths Busted
मिथक- बादाम, अखरोट, काजू, पिस्ता और किशमिश मोटापा बढ़ाते हैं.
सच्चाई- सूखे मेवों में अच्छी क्वॉलिटी का फैट होता है जो आपकी सेहत के लिए ज़रूरी है, लेकिन इनका ज़रूरत से ज़्यादा सेवन वज़न बढ़ा सकता है, क्योंकि सूखे मेवों में प्रति ग्राम शुगर, कैलोरी और कार्बोहाइड्रेट की मात्रा ज़्यादा होती है. अतः फिट और हेल्दी रहने के लिए थोड़ी मात्रा में ड्राय फ्रूट्स को अपनी डायट में शामिल करें.
मिथक- कार्बोहाइड्रेट बुरा होता है.
सच्चाई- शरीर की एनर्जी की ज़रूरत पूरी करने के लिए ग्लुकोज़ की आवश्यकता होती है, और ग्लुकोज़ कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट जैसे ब्राउन राइस, नाचनी, ज्वार और बाजरा आदि से मिलता है. अन्य चीज़ों के साथ कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट की संतुलित मात्रा आपके एनर्जी लेवल को बनाए रखती है, लेकिन वज़न कम करने के लिए हाईली रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट, जैसे- व्हाइट ब्रेड, शुगर, मैदा, व्हाइट राइस आदि से परहेज़ करें.
मिथक– दिल के लिए अच्छा होता है टोमैटो केचअप.
सच्चाई– टमाटर में मौजूद लाइकोपेन हार्ट डिसीज़ के ख़तरे को कम करने में सहायक है, लेकिन स़िर्फ घर पर बने केचअप ही दिल के लिए अच्छे होते हैं. बाज़ार में मिलने वाले टोमैटो केचअप में सोडियम और शुगर की मात्रा ज़्यादा होती है, जिससे आपके दिल को नुक़सान पहुंच सकता है.
मिथक- फैट फ्री फूड में ज़ीरो कैलोरी होती है. (Diet Myths Busted)
सच्चाई– बाज़ार में मिलने वाले पैक्ड फूड पर भले ही फैट फ्री का लेबल लगा हो लेकिन इसमें ज़ीरो कैलोरी नहीं होती. इसमें कम से कम 3 ग्राम फैट होता है. फैट फ्री का लेवल स़िर्फ ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए लगाया जाता है. दरअसल, फैट फ्री/ज़ीरो कैलोरी का लेबल लगे खाद्य पदार्थों को प्रिज़र्व करने के लिए ट्रंास फैट का इस्तेमाल किया जाता है जो सेहत के लिए हानिकारक है.
मिथक- खाने के तुरंत बाद फल खाना अच्छा होता है.
सच्चाई- जानकारों का मानना है कि खाने के तुरंत बाद फल खाने से डाइजेशन, गैस और एसिडिटी की समस्या हो सकती है. इसलिए बेहतर होगा कि हेवी खाना खाने के कम से कम 1 घंटे बाद फल खाएं.
ये भी पढ़ेंः थायरॉइड के साथ मोटापा घटाने के पक्के उपाय व डायट प्लान