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हाई-फाई से वाई-फाई हुई मुंबई ( Smart city Mumbai gets 500 Free Wi-Fi Hotspots)

mumbai wifi

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नए साल में मुंबईकरों को सरकार की तरफ़ से मिला है ख़ास तोहफ़ा, जी हां मुंबई अब हाई-फाई से बन गया है वाई-फाई (Wi-Fi). महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबईकरों को वाई-फाई की सुविधा देकर मुंबई को स्मार्ट सिटी बनाने की प्रक्रिया को एक क़दम और आगे बढ़ाया है. 

9 जनवरी को मुंबई में 500 स्थानों पर फ्री वाई फाई (Wi-Fi) की शुरुआत हुई. ये फ्री वाई फाई हॉट स्पॉट पुलिस आयुक्त कार्यालय, विधानभवन, बांद्रा में कलानगर, मुंबई हाईकोर्ट समेत पूर्वी व पश्‍चिमी उपनगरों में कई जगह शुरू किए गए हैं.

मुंबईकरों को यह सुविधा मुंबई सिटी सर्विलांस प्रोजेक्ट के लिए बनाए गए इंफ्रास्ट्रक्चर के ज़रिए मुहैया कराई जा रही है. यह प्रोजेक्ट 2 अक्टूबर, 2016 से अस्तित्व में आया था और इसके लिए एमएमआरडीए ने 194 करोड़ रुपए का फंड भी उपलब्ध कराया है.

बकौल मुख्यमंत्री आगामी 1 मई तक मुंबई में कुल 1200 जगहों पर मुफ़्त वाई-फाई हॉट स्पॉट बना दिए जाएंगे.

मोबाइल पेमेंट ऐप ‘भीम’ में क्या है ख़ास? (Bhim app: Everything you want to know about the app)

bhim app
कैशलेस अर्थव्यवस्था की ओर एक और मज़बूत क़दम बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘भीम (Bhim) ऐप’ लॉन्च किया है. ‘भीम’ का पूरा नाम- भारत इंटरफेस फॉर मनी है. इस ऐप के ज़रिए डिजिटल पेमेंट्स को बढ़ावा मिलेगा. इसे नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने बनाया है.

   bhim revised

    क्या ख़ास है ‘भीम’ (Bhim) में?

  • इसकी सबसे ख़ास बात यह है कि इसमें  आपको बार-बार अकाउंट नंबर डालने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी. बस, एक बार अकाउंट नंबर रजिस्टर करें और आसानी से डिजिटल पेमेंट करें.
  • इसकी दूसरी सबसे ख़ास बात है कि यह ऐप बिना इंटरनेट के भी काम करेगा.
  • इसमें टठ कोड भी दिया गया है, जिससे आप सामान ख़रीदने के बाद आसानी से पेमेंट कर सकते हैं. इसके लिए आपको स़िर्फ दुकानदार का टठ कोड स्कैन करके पेमेंट करना होगा.
  • पेमेंट्स करने के साथ-साथ आप अपने बैंक अकाउंट का बैलेंस भी चेक कर सकते हैं.
  • इसमें कस्टम पेमेंट ऐड करने की सुविधा है.
  • इस ऐप में मिनिमम पेमेंट लिमिट 10 हज़ार और मैक्सिमम 20 हज़ार रुपए है.
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    कैसे ऑपरेट करें ‘भीम’?

  • यह एक फ्री ऐप है, तो इसे बस डाउनलोड कर इंस्टॉल करें. 
  • इसके बाद स़िर्फ एक बार आपको अपना बैंक अकाउंट नंबर रजिस्टर करना होगा और एक
    यूपीआई (UPI) पिनकोड जनरेट करना होगा.
  • इसके बाद आपका मोबाइल नंबर ही आपका पेमेंट ऐड्रेस होगा.
  • इंटरनेट कनेक्शन न होने पर आप अपने मोबाइल से USSD कोड +99# डालकर ऑपरेट कर सकते हैं.
  • फिलहाल यह ऐप हिंदी और अंगे़्रजी दो भाषाओं में है, पर जल्द ही अन्य क्षेत्रीय भाषाएं भी इसमें शामिल की जाएंगी.
  • यह ऐप एंड्रॉयड और आईओएस दोनों के लिए उपलब्ध है.

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न बैंकों को करेगा सपोर्ट:

– Allahabad Bank
– Andhra Bank
– Axis Bank
– Bank of Baroda
– Bank of Maharashtra
– Canara Bank
– Catholic Syrian Bank
– Central Bank of India
– DCB Bank
– Dena Bank
– Federal Bank
– HDFC Bank
– ICICI Bank
– IDBI Bank
– IDFC Bank
– Indian Bank
– Indian Overseas Bank
– IndusInd Bank
– Karnataka Bank
– Karur Vysya Bank
– Kotak Mahindra Bank
– Oriental Bank of Commerce
– Punjab National Bank
– RBL Bank
– South Indian Bank
– Standard Chartered Bank
– State Bank of India
– Syndicate Bank
– Union Bank of India
– United Bank of India
– Vijaya Bank

– अनीता सिंह

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‘वाहन’ से जानें किसी भी वाहन की जानकारी (VAHAN- vehicle registration details by sms )

VAHAN Registration

 

‘वाहन’ (VAHAN) के ज़रिए भारत सरकार ने डिजिटल इंडिया की ओर एक और मज़बूत क़दम रखा है. यह क़दम है एक एसएमएस के ज़रिए किसी भी वाहन या गाड़ी की जानकारी हासिल करना.

VAHAN Registration

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क्या है ‘वाहन’ (VAHAN) की ख़ासियत?

– महज़ एक एसएमएस से आप किसी भी गाड़ी की पूरी जानकारी हासिल कर सकते हैं. 

– रोड एक्सीडेंट होने या हिट एंड रन जैसे मामलों में आप किसी गाड़ी के प्लेटनंबर से उसकी पूरी जानकारी हासिल कर शिकायत दर्ज कर सकते हैं.

– अगर आप पुरानी गाड़ी ख़रीद रहे हैं, तो नंबर सही है या ग़लत, रजिस्ट्रेशन किसके नाम पर है जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां चुटकियों में हासिल कर सकते हैं.

क्या करना होगा?

मोबाइल के मैसेज बॉक्स में जाकर VAHAN  टाइप करके स्पेस दें, फिर गाड़ी का नंबर डालें और इस नंबर 7738299899 पर एसएमएस करें.

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एसएमएस से क्या-क्या जानकारी मिलेगी?

– कौन-से आरटीओ में गाड़ी रजिस्टर्ड है.

– गाड़ी का सीरियल नंबर.

– गाड़ी के मालिक का नाम.

– गाड़ी का नाम व मॉडल नंबर.

– रजिस्ट्रेशन की एक्सपायरी डेट.

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पेंशनर्स के लिए आसान हुआ जीवन प्रमाण पत्र (Digital Life Certificates for Pensioners)

अब तक हर महीने पेंशन मिलती रहे इसके लिए पेंशनर्स को सालाना बैंक जाकर जीवन प्रमाण पत्र जमा करना होता था. इसमें बहुत-से वृद्ध और शारीरिक रूप से कमज़ोर पेंशनर्स के लिए मुश्किल हो जाती थी. उनकी इन्हीं मुश्किलों को आसान करने के लिए केंद्र सरकार लेकर आई है, जीवन प्रमाण 2.0. इसके ज़रिए जीवन प्रमाण पत्र (डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट) को उनके आधार कार्ड से जोड़ा जाएगा, जिससे वो घर बैठे ही प्रामाणित कर सकते हैं कि वे ज़िंदा हैं. life certificate 

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क्या है यह प्रक्रिया?

इस प्रक्रिया में पेंशनर्स के आधार नंबर को ईमेल से जोड़ा जाएगा, जिससे उन्हें आधार केंद्र भी नहीं जाना पड़ेगा, बस ईमेल पर ऑथेंटिफिकेशन स्टेटमेंट भेजना होगा. इससे पेंसनर्स को पेंशन मिलने में काफ़ी आसानी होगी.

2014 में शुरू हुआ था जीवन प्रमाण

हर महीने पेंशन आती रहे, उसके लिए नवंबर-दिसंबर में पेंशनर्स को बैंकों में
जाकर जीवित रहने का प्रमाण पत्र देना होता था. 2014 में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने जीवन प्रमाण के पहले वर्ज़न को लॉन्च किया था. इसमें पेंशनर्स को बैंकों की बजाय आधार केंद्रों से जोड़ा गया था, लेकिन फिर भी यह समस्या बनी रही, क्योंकि उन्हें आधार केंद्र जाकर प्रमाण पत्र देना ही पड़ता था.

16.7 लाख पेंशनर्स करवा चुके हैं रजिस्ट्रेशन

जीवन प्रमाण की ऑफिशियल वेबसाइट के अनुसार, भारत में एक करोड़ पेंशनर परिवार हैं, जिनमें केंद्र सरकार के 50 लाख पेंशनर्स शामिल हैं. अब तक लगभग 16.7 लाख पेंशनर्स जीवन प्रमाण पत्र के लिए रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं.

देख सकते हैं ऑथेंटिफिकेशन रिकॉर्ड्स

इस नियम के तहत आधार नंबर धारक को यह अधिकार होगा कि वह अपनेे ऑथेंटिफिकेशन रिकॉर्ड्स ऑनलाइन एक्सेस कर सकें या आधार ऐप के ज़रिए देख सकें. हर ऑथेंटिफिकेशन के बाद पेंशनर को एक ईमेल मिलेगा और ऐसे हर ट्रांज़ैक्शन की हिस्ट्री भी मिलेगी.

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डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट के लिए
क्या करें?

  • सबसे पहले वेबसाइट https://jeevanpramaan.gov.in/ पर जाएं.
  • पीसी या मोबाइल एप्लीकेशन डाउनलोड करके ख़ुद को एनरोल करें. इसमें आपको अपना आधार नंबर, पेंशन पेमेंट ऑर्डर, बैंक का नाम, अकाउंट नंबर और मोबाइल नंबर देना होगा.
  • आधार ऑथेंटिफिकेशन के लिए आपको फिंगर प्रिंट्स देने होंगे.
  • ऑथेंटिफिकेशन के बाद आपको एसएमएस के ज़रिए आपको अपना जीवन प्रमाण आईडी मिलेगा.
  • आईडी के ज़रिए या आधार नंबर देकर आप अपना जीवन सर्टिफिकेट डाउनलोड कर सकते हैं.
  • पेंशन देनेवाली संस्था या बैंक इस वेबसाइट से आपका सर्टिफिकेट डाउनलोड कर इस्तेमाल कर सकते हैं.
  • इस सिस्टम में सर्टिफिकेट की इलेक्ट्रॉनिक डिलीवरी भी मौजूद है.
नोट: पीसी पर एनरोल करने के अलावा अपने नज़दीकी जीवन प्रमाण केंद्र जाकर भी आप अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं.

– जयप्रकाश सिंह

ऑनलाइन डॉक्यूमेंट स्टोरेज के लिए अपनाएं डिजि लॉकर (Digilocker for online document storage)

digilocker

हाल ही में रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाइवेज़ मिनिस्ट्री ने डिजि लॉकर को ड्राइविंग लाइसेंस और वेहिकल रजिस्ट्रेशन सिस्टम के साथ जोड़ दिया. इस ऐप के ज़रिए अब आपको फिज़िकल ड्राइविंग लाइसेंस और वेहिकल रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) रखने के झंझट से छुटकारा मिल जाएगा. डिजि लॉकर के इस्तेमाल से इन्हें ऑनलाइन या मोबाइल फोन पर एक्सेस किया जा सकता है.

  • डिजिटल इंडिया प्रोग्राम के तहत डिजिटल लॉकर वेबसाइट और ऐप को रोड ट्रांसपोर्ट और हाइवेज़ मिनिस्ट्री से जोड़ा गया है.
  • डिजिटल ड्राइविंग लाइसेंस और वेहिकल रजिस्ट्रेशन डॉक्यूमेंट नागरिकों के मोबाइल फोन पर डिजिलॉकर मोबाइल ऐप के ज़रिए उपलब्ध होंगे और इसके ज़रिए ट्रैफिक पुलिस जैसी एजेंसियां वेरिफिकेशन कर सकेंगी.
  • इनका इस्तेमाल एयरपोर्ट्स पर पहचान के वैध सबूत के तौर पर भी किया जा सकेगा.
  • डिजी लॉकर भारत सरकार द्वारा फरवरी, 2015 से जारी डिजिटल स्टोर है.
  • यह एक पर्सनल डिजिटल स्टोर है, जहां आप अपने ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स सेव करके रख सकते हैं.
  • इसमें नागरिकों को कुल 1 जीबी का स्टोरेज स्पेस मिलता है, जिसे
    उनके आधार कार्ड से जोड़ा जाता है.
  • आजकल आपको आधार नंबर देने की भी ज़रूरत नहीं पड़ती, बस मोबाइल नंबर के ज़रिए आप यहां रजिस्टर हो सकते हैं.
  • आप अपने यूनिवर्सिटी सर्टिफिकेट्स, पासपोर्ट, मार्कशीट्स, इन्कम टैक्स स्टेटमेंट्स, पैनकार्ड और वोटर आई कार्ड की स्कैन्ड कॉपीज़ को अपलोड करके सेव कर सकते हैं.digi
  • इसमें ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स को ई-साइन करने की सुविधा भी दी गई है.
  • डिजिटल इंडिया के तहत भारत सरकार की यह मुहिम फिज़िकल पेपरवर्क को कम करने के साथ-साथ सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ाने
    की भी है.
  • इससे कुछ हद तक भ्रष्टाचार पर लगाम भी
    लगेगी.
  • इसकी वेबसाइट https://digitallocker.gov.in पर जाकर भी आप इन सहूलियतों का फ़ायदा उठा सकते हैं या फिर गूगल प्लेस्टोर में जाकर DigiLocker ऐप डाउनलोड करें.

– दिनेश सिंह