domestic violence

घरेलू हिंसा की शिकार सिर्फ आम महिलाएं नहीं होतीं, ग्लैमर इंडस्ट्री की कई अभिनेत्रियां भी डोमेस्टिक वॉयलेंस की शिकार हुई हैं. टीवी इंडस्ट्री की ऐसी कई अभिनेत्रियां हैं, जो शादी के बाद घरेलू हिंसा की शिकार हुई हैं, लेकिन इन अभिनेत्रियों ने घरेलू हिंसा के खिलाफ आवाज़ उठाई और खुद को उस रिश्ते से आज़ाद कर एक नई ज़िंदगी की शुरुआत की. आइए, हम आपको कुछ ऐसी ही टीवी अभिनेत्रियों के बारे में बताते हैं.

Actresses Who Have Faced Domestic Violence

श्वेता तिवारी
टीवी अभिनेत्री श्वेता तिवारी ने अपनी शादीशुदा ज़िंदगी में बहुत संघर्ष देखा. श्वेता तिवारी के पहले पति राजा चौधरी ने उनका बहुत शोषण किया. इसके बाद श्वेता ने अभिनव कोहली से दूसरी शादी कर ली, लेकिन अभिनव कोहली के साथ भी श्वेता तिवारी की ज़िंदगी तकलीफ में ही गुजरी. तंग आकर श्वेता ने अभिनव के खिलाफ पुलिस में कंप्लेंट दर्ज की और अपने बच्चों को लेकर अभिनव से अलग हो गई.

Shweta Tiwari

दलजीत कौर
टीवी एक्ट्रेस दलजीत कौर ने शालीन भनोट से शादी की थी. दलजीत कौर को जब शालीन भनोट के साथ रहना मुश्किल लगने लगा, तो उन्होंने पति पर घरेलू हिंसा का आरोप लगाकर पुलिस कंप्लेंट की और अपने बेटे को लेकर शालीन भनोट से अलग हो गई.

Daljeet Kaur

डिंपी गांगुली
डिंपी गांगुली की शादी राहुल महाजन से हुई, लेकिन शादी के कुछ साल बाद से ही दोनों के रिश्ते में कुछ भी अच्छा नहीं रहा. डिंपी गांगुली ने राहुल महाजन पर घरेलू और शारीरिक हिंसा का केस दर्ज करवाया था. इसके बाद दोनों अलग हो गए.

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Dimpy Ganguly

दीपशिखा नागपाल
कई टीवी सीरियलों और फिल्मों में काम कर चुकी दीपशिखा नागपाल की शादीशुदा ज़िंदगी बहुत अच्छी नहीं थी. दीपशिखा नागपाल के मुताबिक़, उन्हें अपनी शादीशुदा ज़िंदगी में बहुत तकलीफों का सामना करना पड़ा. उन्हें जान से मारने की धमकी दी जाती थी. दीपशिखा नागपाल ने अपने पति केशव अरोड़ा पर मारपीट करने का आरोप लगाया था और उनसे तलाक ले लिया.

Deepshikha Nagpal

चाहत खन्ना
बड़े अच्छे लगते हैं और कुबूल है सीरियल से लोकप्रियता पाने वाली चाहत खन्ना की शादीशुदा ज़िंदगी भी बहुत तकलीफ भरी थी. चाहत खन्ना ने अपने पति फरहान पर शारीरिक शोषण और घरेलू हिंसा के आरोप लगाए थे. इसके बाद चाहत खन्ना फरहान मिर्जा से अलग हो गई.

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Chahat Khanna

सौम्या सेठ
बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा की भांजी सौम्या सेठ ने शादी के कुछ सालों बाद बताया कि उनके साथ घरेलू हिंसा हुई. सौम्या सेठ ने एक पोस्ट शेयर की थी, जिसमें लिखा था कि मैं चाहती थी कि दुनिया प्यार पर विश्वास करे, प्यार से सबकुछ ठीक किया जा सके. लेकिन मैंने हिंसा देखी है, नफरत, अन्याय, शारीरिक शोषण देखा है.

Soumya Seth

जब भी बात घरेलू हिंसा की आती है तो हमें लगता है कि निम्न आय वर्ग में यह होता है जहां पति शराब पी के अपनी पत्नी पर हाथ उठाता है और क्योंकि ये लोग ना तो जागरुक होते हैं और ना ही पढ़े लिखे इसलिए यह सब झेलते हैं.

लेकिन सच तो कुछ और ही है क्योंकि बड़ी बड़ी एक्ट्रेसेस भी यह दर्द झेल चुकी हैं. आइए जाने इनके बारे में.

ज़ीनत अमान: संजय ख़ान और इनके प्यार के क़िस्से जितने मशहूर हुए थे उतनी ही सुर्खियाँ बटोरीं थीं इस खबर ने भी जब संजय ने पांच सितारा होटेल में ज़ीनत पर हाथ उठाया था. कहा जाता है कि ज़ीनत संजय की एक पार्टी के दौरान अचानक वहाँ पहुंच गईं और यहां संजय की पत्नी भी थीं. संजय नहीं चाहते थे कि ज़ीनत से वो इस वक़्त बात करें और दोनों में बहुत बहस हुई. इस बहस का अंत हिंसा के साथ हुआ जहां संजय की पिटाई से ज़ीनत की आंख तक ख़राब हो गई थी जिसका उनके फ़िल्मी करियर पर बुरा असर हुआ था. इसके बाद ज़ीनत ने संजय से सारे रिश्ते तोड़ लिए थे लेकिन वो ज़ख़्म ज़ीनत के साथ अब तक बना हुआ है. हालाँकि ज़ीनत ने जब मज़हर खान से शादी की तब भी उन्हें पति की तरफ़ से इसी तरह की तकलीफ़ झेलनी पड़ी थी.

zeenat aman


श्वेता तिवारी: राजा चौधरी के हिंसक व्यवहार के बारे में सभी वाक़िफ़ हैं. कई बार वो खबरों में आ चुके हैं. श्वेता के साथ भी वो मार पिटाई करते थे और इसी आधार पर दोनों का तलाक़ भी हुआ. यहां तक कि बिग बॉस शो में भी सभी ने राजा के ग़ुस्से को देखा था. वो पत्रकारों के साथ भी शराब के नशे में हिंसा पे उतर आते थे.

Shweta Tiwari

ऐश्वर्या राय: कोई सोच सकता है कि मिस वर्ल्ड को कभी इस तरह की यातनाएँ झेलनी पड़ सकती हैं. लेकिन ऐश ने खुद जब इस बात का ख़ुलासा कांस फ़िल्म फ़ेस्टिवल में किया तो सबको यक़ीन आ गया. सलमान खान के साथ जब ऐश रिश्ते में थीं तब उन्हें यह झेलना पड़ा था. एक अवार्ड फंक्शन के दौरान भी रात के समय ऐश को जब सबने चश्मा पहने देखा तो सब सकते में आ गए थे. सलमान की मार के निशान उनकी आँखों में थे जिसे छिपाने के लिए ऐश ने चश्मा पहना था.

Aishwarya rai Bachchan

युक्ता मुखी: ऐश की तरह ही ये भी मिस वर्ल्ड जीत चुकी हैं लेकिन इन्होंने भी अपने पति प्रिंस तूली पर हिंसा व दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया था और उनकी शादी भी इसी वजह से टूटी.

yukta mukhi

करिश्मा कपूर: कौन सोच सकता है कि कपूर ख़ानदान की बेटी को यह सब झेलना पड़ेगा लेकिन करिश्मा ने अपने पति संजय व अपनी सास पर आरोप लगाए थे कि वो उनके साथ मार पिटाई करते थे. यही वजह थी कि करिश्मा ने संजय से तलाक़ लिया.

Karishma Kapoor

रति अग्निहोत्री: अपने ज़माने की हॉट एक्ट्रेस रति अग्निहोत्री, जिन्होंने अपनी पहली ही फ़िल्म एक दूजे के लिए से सफलता के नए रेकॉर्ड स्थापित किए, वो भी इस समस्या से जूझ चुकी हैं. रति ने अनिल विरवानी से साल 1985 में शादी की और उनका 2015 में तलाक़ हुआ जिसकी वजह थी घरेलू हिंसा. रति ने अपने पति के ख़िलाफ़ मामला दर्ज करवाया था कि वो उनके साथ काफ़ी मार पिटाई करते हैं और उन्हें टोर्चर भी करते हैं.

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दीपशिखा: टीवी की ग्लैमरस एक्ट्रेस दीपशिखा नागपाल ने भी पति केशव अरोड़ा के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज की थी कि केशव ने उनसे पैसे मांगे और ना देने पर उन्हें इतना पीटा कि वो ठीक से बोल भी नहीं पा रही थीं. केशव से दीप की दूसरी शादी से, इससे पहले जीत उपेंद्र से उन्होंने शादी की थी.

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डिंपी: राहुल महाजन पर डिंपी ने घरेलू हिंसा का आरोप लगाया था और ऐसा ही मामला राहुल की पहली शादी के समय भी प्रकाश में आया था कि वो अपनी पत्नी श्वेता के साथ मार पिटाई करते हैं. डिंपी और राहुल की शादी एक रियलिटी शो के ज़रिए हुई थी लेकिन बाद में डिंपी ने कहा कि राहुल बाहर से जैसे दिखते हैं अंदर से वैसे नहीं. वो बेहद क्रूर हैं.

Dimpy


रुचा गुजरती: छोटे पर्दे का यह मशहूर नाम उस वक़्त और ज़्यादा सुर्खियों में आया जब रुचा मेन अपने पति पे मार पीट का आरोप लगाया और ससुराल वालों पर भी उन्हें तंग करने की बात कही.

rucha gujarati

ये मामले भी खबरों का हिस्सा बने

  • रणवीर शौरी पे पूजा भट्ट के साथ मार पिटाई की बात सामने आई थी. कहा जाता है कि इसी के चलते पूजा के भाई राहुल भट्ट ने रणवीर को पीट डाला था.
  • कंगना रनौत जब आदित्य पंचोली के साथ रिश्ते में थीं तब वो भी इसी तरह हिंसा का शिकार हुई थीं और इसी के चलते दोनों का रिश्ता भी टूटा था.
  • कहा जाता है की सूरज पंचोली भी जिया के साथ मार पिटाई करते थे.
  • सुनने में आता है कि सलमान खान अपनी पूर्व प्रेमिका सोमी अली के साथ हिंसक व्यवहार किया करते थे.
  • टीवी अदाकारा चाहत खन्ना ने भी पति पर घरेलू हिंसा का आरोप लगाया था.
  • प्रत्युषा बनर्जी भी राहुल को डेट करने से पहले एक ऐसे ही रिश्ते में थीं जहां उन्हें मार पिटाई झेलनी पड़ती थी.
  • विवियन डिसेना और वाहबिज़ के तलाक़ के पीछे भी यही वजह बताई गई थी.
  • यहां तक कि रश्मि देसाई और नंदीश के तलाक़ का कारण भी घरेलू हिंसा था यह सुनने आया था और खुद रश्मि ने एक इंटरव्यू में इस बात की ओर इशारा किया था.

कपूर परिवार की शहजादी करिश्मा कपूर की शादीशुदा ज़िंदगी बहुत दर्दनाक रही. हनीमून से ही करिश्मा कपूर की ज़िंदगी में वो सब होने लगा था, जिनकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की होगी. तलाक के काफी समय बाद जब करिश्मा कपूर ने अपनी शादीशुदा ज़िंदगी पर से पर्दा उठाया, तो कई दर्दनाक किस्से सामने आए. यहां तक कि करिश्मा कपूर के पति संजय कपूर ने हनीमून पर ही उनका सौदा कर दिया था, उन्हें अपने दोस्त के साथ सोने को मजबूर किया था. करिश्मा कपूर ने अपनी शादीशुदा ज़िंदगी के बारे और भी कई बातें बताईं, जिन्हें जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे.

Karishma Kapoor marriage pic

ये थी करिश्मा कपूर के तलाक की वजह
करिश्मा कपूर ने अपनी शादीशुदा ज़िंदगी से कभी खुश नहीं थी. शादी के कुछ दिनों बाद ही उन्हें एहसास हो गया था कि उनकी ज़िंदगी एक भयानक मोड़ पर आ गई है. बता दें कि करिश्मा कपूर ने दिल्ली के बिजनेसमैन संजय कपूर से 2003 में शादी की थी. इससे पहले अभिषेक बच्चन के साथ करिश्मा कपूर की सगाई हुई थी, लेकिन बाद में उनकी सगाई टूट गई और करिश्मा कपूर ने संजय कपूर से शादी कर ली. शादी के बाद करिश्मा कपूर ने बहुत तकलीफें सहीं, घरेलू हिंसा की शिकार हुईं, लेकिन बच्चों की खातिर वो अपनी शादीशुदा ज़िंदगी में सबकुछ बर्दाश्त करती रही, लेकिन संजय कपूर में जब उन्हें कोई सुधार नहीं दिखा तो, 2016 में करिश्मा ने संजय कपूर से तलाक ले लिया. तलाक़ के समय करिश्मा ने किसी को इसकी वजह नहीं बताई, लेकिन तलाक के काफी समय बाद जब करिश्मा कपूर ने अपनी शादीशुदा ज़िंदगी पर से पर्दा उठाया, तो कई अनकहे सच सामने आए.

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Karishma Kapoor Sanjay Kapoor

करिश्मा कपूर ने बताया, संजय कपूर उन पर हाथ उठाते थे
करिश्मा कपूर ने बताया कि संजय कपूर उनसे हर छोटी-बड़ी बात पर झगड़ते थे और हाथापाई पर उतर जाते थे. संजय कपूर ने करिश्मा कपूर को शारीरिक-मानसिक रूप से बहुत प्रताड़ित किया. एक बार बात यहां तक बढ़ गई कि करिश्मा ने संजय के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज़ करा दी. करिश्मा कपूर ने बताया कि संजय कपूर दिल्लीवालों पर रौब दिखाने के लिए उन्हें ट्रॉफी की तरह इस्तेमाल करने की कोशिश करते थे. संजय कपूर को लगता था कि सफल एक्ट्रेस के साथ शादी करके वो भी मशहूर हो जाएंगे. रोज़-रोज़ के लड़ाई-झगड़े और मारपीट से करिश्मा कपूर तंग आ गई थीं, वो संजय कपूर से अलग हो जाना चाहती थीं, लेकिन समायरा और कियान दो बच्चों के परवरिश की खातिर वो सबकुछ सहती रही. अपनी शादीशुदा ज़िंदगी को बचाने के लिए करिश्मा कपूर ने हर मुमकिन कोशिश की, लेकिन जब उनसे तकलीफें बर्दाश्त नहीं हुईं, तो उन्होंने तलाक का फैसला ले लिया. तलाक के बाद करिश्मा कपूर अब अकेले ही अपने दोनों बच्चों की बेहतरीन परवरिश कर रही हैं और उनके एक्स हसबैंड संजय कपूर ने प्रिया सचदेव से शादी कर ली है.

Karishma Kapoor with her children

90 के दशक सुपरहिट एक्ट्रेस थीं करिश्मा कपूर
करिश्मा कपूर ने अपने करियर की शुरुआत 90 के दशक में ‘प्रेम कैदी’ फिल्म से की थी, उनकी पहली ही फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई. इसके बाद करिश्मा कपूर ने जीत, जानवर, हीरो नंबर 1, जुड़वां, दिल तो पागल है, बीबी नंबर 1, राजा हिन्दुस्तानी, कुली नं. वन, राजा बाबू जैसी कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया. शादी के बाद करिश्मा कपूर ने फिल्मों से दूरी बना ली. फिलहाल वो अपने बच्चों की परवरिश में व्यस्त हैं और एक मां के रूप में अपनी ज़िम्मेदारी बखूबी निभा रही हैं.

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Karishma Kapoor

करिश्मा कपूर के परिवार में बेटी-बहू को फिल्मों में काम करने की इजाज़त नहीं थी
करिश्मा कपूर के परिवार यानी कपूर खानदान में बेटी-बहू को फिल्मों में काम करने की इजाज़त नहीं थी, यही कारण था की कपूर खानदान की बहुओं ने शादी के बाद फिल्मों में काम नहीं किया. करिश्मा कपूर फिल्मों में काम करना चाहती थीं, जिसके लिए उन्हें परिवार के विरोध का सामना करना पड़ा, लेकिन करिश्मा ने अपने सपने को सच कर दिखाया और अपने अभिनय के दम पर बॉलीवुड में अपनी एक अलग पहचान बनाई. करिश्मा कपूर 90 के दशक सुपरहिट हीरोइनों में से एक हैं.

Domestic Violence
भारत में डोमेस्टिक वॉयलेंस से 40% अधिक मौतें… (Domestic Violence In India)

बेटी होना कोई गुनाह नहीं है, लेकिन हमारी सामाजिक सोच ने इसे भी किसी अपराध से कम नहीं बना रखा है… बेटियों को हर बात पर हिदायतें दी जाती हैं, हर पल उसे एहसास करवाया जाता है कि ये जो भी तुम पहन रही हो, खा रही हो, हंस रही हो, बोल रही हो… सब मेहरबानी है हमारी… घरों में इसी सोच के साथ उसका पालन-पोषण होता है कि एक दिन शादी हो जाएगी और ज़िम्मेदारी ख़त्म… ससुराल में यही जताया जाता है कि इज़्ज़त तभी मिलेगी, जब पैसा लाओगी या हमारे इशारों पर नाचोगी… इन सबके बीच एक औरत पिसती है, घुटती है और दम भी तोड़ देती है… भारत के घरेलू हिंसा व उससे जुड़े मृत्यु के आंकड़े इसी ओर इशारा करते हैं…

वो कहते हैं तुम आज़ाद हो… तुम्हें बोलने की, मुस्कुराने की थोड़ी छूट दे दी है हमने… वो कहते हैं अब तो तुम ख़ुश हो न… तुम्हें आज सखियों के संग बाहर जाने की इजाज़त दे दी है… वो कहते हैं अपनी आज़ादी का नाजायज़ फ़ायदा मत उठाओ… कॉलेज से सीधे घर आ जाओ… वो कहते हैं शर्म औरत का गहना है, ज़ोर से मत हंसो… नज़रें झुकाकर चलो… वो कहते हैं तुमको पराये घर जाना है… जब चली जाओगी, तब वहां कर लेना अपनी मनमानी… ये कहते हैं, मां-बाप ने कुछ सिखाया नहीं, बस मुफ़्त में पल्ले बांध दिया… ये कहते हैं, इतना अनमोल लड़का था और एक दमड़ी इसके बाप ने नहीं दी… ये कहते हैं, यहां रहना है, तो सब कुछ सहना होगा, वरना अपने घर जा… वो कहते हैं, सब कुछ सहकर वहीं रहना होगा, वापस मत आ… ये कहते हैं पैसे ला या फिर मार खा… वो कहते हैं, अपना घर बसा, समाज में नाक मत कटा… और फिर एक दिन… मैं मौन हो गई… सबकी इज़्ज़त बच गई…!

 

घरेलू हिंसा और भारत…
  • भारत में डोमेस्टिक वॉयलेंस व प्रताड़ना के बाद महिलाओं की मृत्यु की लगभग 40% अधिक आशंका रहती है, बजाय अमेरिका जैसे विकसित देश के… यह ख़तरनाक आंकड़ा एक सर्वे का है.
  • वॉशिंगटन में हुए इस सर्वे का ट्रॉमा डाटा बताता है कि भारत में महिलाओं को चोट लगने के तीन प्रमुख कारण हैं- गिरना, ट्रैफिक एक्सिडेंट्स और डोमेस्टिक वॉयलेंस.
  • 60% भारतीय पुरुष यह मानते हैं कि वो अपनी पत्नियों को प्रताड़ित करते हैं.
  • हाल ही में हुए एक सर्वे के अनुसार महिलाओं के लिए सबसे असुरक्षित देशों में भारत अब पहले स्थान पर पहुंच चुका है. हालांकि इस सर्वे और इसका सैंपल साइज़ विवादों के घेरे में है और अधिकांश भारतीय यह मानते हैं कि यह सही नहीं है…
  • 2011 में भी एक सर्वे हुआ था, जिसमें यूनाइटेड नेशन्स के सदस्य देशों को शामिल किया गया था, उसमें पहले स्थान पर अफगानिस्तान, दूसरे पर कांगो, तीसरे पर पाकिस्तान था और भारत चौथे स्थान पर था.
  • भारतीय सरकारी आंकड़े भी बताते हैं कि 2007 से लेकर 2016 के बीच महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराधों में 83% इज़ाफ़ा हुआ है.
  • हालांकि हम यहां बात घरेलू हिंसा की कर रहे हैं, लेकिन ये तमाम आंकड़े समाज की सोच और माइंड सेट को दर्शाते हैं.
  • नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो के आंकड़ों के मुताबिक़, प्रोटेक्शन ऑफ वुमन फ्रॉम डोमेस्टिक वॉयलेंस एक्ट के पास होने के बाद से (2005) अब तक लगभग दस लाख से अधिक केसेस फाइल किए गए, जिनमें पति की क्रूरता और दहेज मुख्य कारण हैं.
मानसिकता है मुख्य वजह
  • हमारे समाज में पति को परमेश्‍वर मानने की सीख आज भी अधिकांश परिवारों में दी जाती है.
  • पति और उसकी लंबी उम्र से जुड़े तमाम व्रत-उपवास को इतनी गंभीरता से लिया जाता है कि यदि किसी घर में पत्नी इसे न करे, तो यही समझा जाता है कि उसे अपने पति की फ़िक़्र नहीं.
  • इतनी तकलीफ़ सहकर वो घर और दफ़्तर का रोज़मर्रा का काम भी करती हैं और घर आकर पति के आने का इंतज़ार भी करती हैं. उसकी पूजा करने के बाद ही पानी पीती हैं.
  • यहां कहीं भी यह नहीं सिखाया जाता कि शादी से पहले भी और शादी के बाद भी स्त्री-पुरुष का बराबरी का दर्जा है. दोनों का सम्मान ज़रूरी है.
  • किसी भी पुरुष को शायद ही आज तक घरों में यह सीख व शिक्षा दी जाती हो कि आपको हर महिला का सम्मान करना है और शादी से पहले कभी किसी भी दूल्हे को यह नहीं कहा जाता कि अपनी पत्नी का सम्मान करना.
  • ऐसा इसलिए होता है कि दोनों को समान नहीं समझा जाता. ख़ुद महिलाएं भी ऐसा ही सोचती हैं.
  • व्रत-उपवासवाले दिन वो दिनभर भूखी-प्यासी रहकर ख़ुद को गौरवान्वित महसूस करती हैं कि अब उनके पति की उम्र लंबी हो जाएगी.
  • इसे हमारी परंपरा से जोड़कर देखा जाता है, जबकि यह लिंग भेद का बहुत ही क्रूर स्वरूप है.

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Domestic Violence

कहीं न कहीं लिंग भेद से ही उपजती हैं ये समस्याएं…
  • महिलाओं के ख़िलाफ़ जितने भी अत्याचार होते हैं, चाहे दहेजप्रथा हो, भ्रूण हत्या हो, बलात्कार हो या घरेलू हिंसा… इनकी जड़ लिंग भेद ही है.
  • बेटा-बेटी समान नहीं हैं, यह सोच हमारे ख़ून में रच-बस चुकी है. इतनी अधिक कि जब पति अपनी पत्नी पर हाथ उठाता है, तो उसको यही कहा जाता है कि पति-पत्नी में इस तरह की अनबन सामान्य बात है.
  • यदि कोई स्त्री पलटवार करती है, तो उसे इतनी जल्दी समर्थन नहीं मिलता. उसे हिदायतें ही दी जाती हैं कि अपनी शादी को ख़तरे में न डाले.
  • शादी को ही एक स्त्री के जीवन का सबसे अंतिम लक्ष्य माना जाता है. शादी टूट गई, तो जैसे ज़िंदगी में कुछ बचेगा ही नहीं.
शादी एक सामान्य सामाजिक प्रक्रिया मात्र है…
  • यह सोच अब तक नहीं पनपी है कि शादी को हम सामान्य तरी़के से ले पाएं.
  • जिस तरह ज़िंदगी के अन्य निर्णयों में हमसे भूल हो सकती है, तो शादी में क्यों नहीं?
  • अगर ग़लत इंसान से शादी हो गई है और आपको यह बात समय रहते पता चल गई है, तो झिझक किस बात की?
  • अपने इस एक ग़लत निर्णय का बोझ उम्रभर ढोने से बेहतर है ग़लती को सुधार लिया जाए.
  • पैरेंट्स को भी चाहिए कि अगर शादी में बेटी घरेलू हिंसा का शिकार हो रही है या दहेज के लिए प्रताड़ित की जा रही है, तो जल्दी ही निर्णय लें, वरना बेटी से ही हाथ धोना पड़ेगा.
  • यही नहीं, यदि शादी के समय भी इस बात का आभास हो रहा हो कि आगे चलकर दहेज के लिए बेटी को परेशान किया जा सकता है, तो बारात लौटाने में कोई झिझक नहीं होनी चाहिए.
  • ग़लत लोगों में, ग़लत रिश्ते में बंधने से बेहतर है बिना रिश्ते के रहना. इतना साहस हर बेटी कर सके, यह पैरेंट्स को ही उन्हें सिखाना होगा.
सिर्फ प्रशासन व सरकार से ही अपेक्षा क्यों?
  • हमारी सबसे बड़ी समस्या यही है कि हम हर समस्या का समाधान सरकार से ही चाहते हैं.
  • अगर घर के बाहर कचरा है, तो सरकार ज़िम्मेदार, अगर घर में राशन कम है, तो भी सरकार ज़िम्मेदार है…
  • जिन समस्याओं के लिए हमारी परवरिश, हमारी मानसिकता व सामाजिक परिवेश ज़िम्मेदार हैं. उनके लिए हमें ही प्रयास करने होंगे. ऐसे में हर बात को क़ानून, प्रशासन व सरकार की ज़िम्मेदारी बताकर अपनी ज़िम्मेदारियों से मुंह मोड़ लेना जायज़ नहीं है.
  • हम अपने घरों में किस तरह से बच्चों का पालन-पोषण करते हैं, हम अपने अधिकारों व स्वाभिमान के लिए किस तरह से लड़ते हैं… ये तमाम बातें बच्चे देखते व सीखते हैं.
  • बेटियों को शादी के लिए तैयार करने व घरेलू काम में परफेक्ट करने के अलावा आर्थिक रूप से भी मज़बूत करने पर ज़ोर दें, ताकि वो अपने हित में फैसले ले सकें.
  • अक्सर लड़कियां आर्थिक आत्मनिर्भरता न होने की वजह से ही नाकाम शादियों में बनी रहती हैं. पति की मार व प्रताड़ना सहती रहती हैं. बेहतर होगा कि हम बेटियों को आत्मनिर्भर बनाएं और बेटों को सही बात सिखाएं.
  • पत्नी किसी की प्राइवेट प्रॉपर्टी नहीं है, सास-ससुर को भी यह समझना चाहिए कि अगर बेटा घरेलू हिंसा कर रहा है, तो बहू का साथ दें.
  • पर अक्सर दहेज की चाह में सास-ससुर ख़ुद उस हिंसा में शामिल हो जाते हैं, पर वो भूल जाते हैं कि उनकी बेटी भी दूसरे घर जाए और उसके साथ ऐसा व्यवहार हो, तो क्या वो बर्दाश्त करेंगे?
  • ख़ैर, किताबी बातों से कुछ नहीं होगा, जब तक कि समाज की सोच नहीं बदलेगी और समाज हमसे ही बनता है, तो सबसे पहले हमें अपनी सोच बदलनी होगी.
बेटों को दें शिक्षा…
  • अब वो समय आ चुका है, जब बेटों को हिदायतें और शिक्षा देनी ज़रूरी है.
  • पत्नी का अलग वजूद होता है, वो भी उतनी ही इंसान है, जितनी आप… तो किस हक से उस पर हाथ उठाते हैं?
  • शादी आपको पत्नी को पीटने का लायसेंस नहीं देती.
  • अगर सम्मान कर नहीं सकते, तो सम्मान की चाह क्यों?
  • शादी से पहले हर पैरेंट्स को अपने बेटों को ये बातें सिखानी चाहिए, लेकिन पैरेंट्स तो तभी सिखाएंगे, जब वो ख़ुद इस बात को समझेंगे व इससे सहमत होंगे.
  • पैरेंट्स की सोच ही नहीं बदलेगी, तो बच्चों की सोच किस तरह विकसित होगी?
  • हालांकि कुछ हद तक बदलाव ज़रूर आया, लेकिन आदर्श स्थिति बनने में अभी लंबा समय है, तब तक बेहतर होगा बेटियों को सक्षम बनाएं और बेटों को बेहतर इंसान बनाएं.

– गीता शर्मा

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बिग बॉस सीज़न 9 से सुर्खियों में आईं ईरानियन मॉडल मंदना करीमी एक बार फिर सुर्खियों में हैं. मंदाना ने अपने पति गौरव गुप्ता के खिलाफ़ घरेलू हिंसा का केस दर्ज़ कराया है. दो साल के अफेयर के बाद इसी साल 25 जनवरी को मंदाना और गौरव ने शादी की पर 6 महीनों के भीतर ही इनके बीच दूरियां आ गई हैं.

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ख़बरे हैं कि मंदाना ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि शादी के बाद उनके पति गौरव ने उन पर हिंदू बनने के लिए दबाव डाला. उन्होंने यह भी कहा है कि पिछले 7 हफ़्तों से उन्हें ससुराल में आने भी नहीं दिया गया है. मंदाना ने अपनी याचिका में गुज़ारा भत्‍ता के लिए 10 लाख रुपये और मानसिक पीड़ा के लिए 2 करोड़ रुपये की मांग भी की है.

अब तक गौरव गुप्ता की तरफ़ से कोई बयान नहीं आया है.

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