EPFO

Online PF Withdrawal

नया साल आपके लिए कई ख़ुशियां लेकर आया. उनमें से एक है. पी.एफ को ऑनलाइन विदड्रॉ करना. जी हां, अब अगर आप किसी कंपनी से रिज़ाइन करते हैं, तो बार-बार ऑफिस और ऑफिस के एचआर के चक्कर लगाने की ज़रूरत नहीं, क्योंकि सरकार आपके लिए नई स्कीम लाई है. इससे आपका समय भी बचेगा.

इसके लिए सभी ई.पी.एफ.ओ. ऑफिसेस को सॉफ्टवेयर से जोडऩेे का काम चल रहा है. मार्च के अंत तक यह काम पूरा हो जाएगा. उम्मीद है कि अप्रैल से मैंबर्स को ऑनलाइन पी. एफ. विद्ड्रॉल फैसिलिटी उपलब्ध हो जाएगी. मेंबर अप्रैल से अपना प्रॉविडेंट फंड (पी.एफ.) ऑनलाइन निकाल सकेंगे. इसके लिए उनको पी. एफ. विदड्रॉल फॉर्म भरकर अपनी कम्पनी या संस्थान में जमा कराने की ज़रूरत नहीं होगी. इससे ई.पी.एफ.ओ. के लगभग 17 करोड़ मेंबर्स को फ़ायदा होगा.

ई.पी.एफ.ओ. के सैंट्रल पी.एफ . कमिश्नर डॉ. वी.पी. जॉय ने बताया कि वह मेंबर्स को ऑनलाइन पी.एफ. विद्ड्रॉल फैसिलिटी देने के लिए काम कर रहे हैं. इसके लिए सभी ई.पी.एफ.ओ. कार्यालयों को सॉफ्टवेयर से जोडऩे का काम चल रहा है. मार्च के अंत तक यह काम पूरा हो जाएगा.

तो अब अगर आपको ये डर सता रहा है कि पीएफ फॉर्म भरने के लिए आपको अपनी उसी कंपनी में वापस आना होगा और आपके पास इसके लिए टाइम नहीं है, तो अब परेशानी को चेहरे से हटाइए और ख़ुश हो जाइए. वैसे एक बात तो तय है कि डिजिटल बनेगा इंडिया तभी तो बढ़ेगा इंडिया सच में काम कर रहा है. बिना किसी परेशानी के घर बैठे कंप्यूटर पर ऊंगली घुमाइए और काम हो गया.

श्वेता सिंह

अधिक फाइनेंस आर्टिकल के लिए यहां क्लिक करें: FINANCE ARTICLES 

pf

साल 2016 जाते-जाते न जाने कितने झटके देकर और कितनी शॉकिंग न्यूज़ सुनाकर जाएगा. नोटबंदी से अभी जनता का हाल बेहाल ही था कि एक ख़बर और आ गई लोगों को परेशान करनेवाली. जी हां, आप भी जानिए क्या है ये ख़बर. असल में सोमवार, 19 दिसंबर की सुबह से ही चल रही माथापच्ची के बीच आख़िरकार प्रोविडेंट फंड बॉडी एंप्लॉईज़ प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइज़ेशन ने फाइनेंशियल ईयर 2016-17 के लिए पीएफ जमा पर ब्याज दर घटा दी है. ऑर्गेनाइज़ेशन ने अगले फाइनेंशियल ईयर के लिए पीएफ जमा पर 8.65% ब्याज तय किया है. पहले यह दर 8.8% थी.

इस फैसले ने आम जनता, ख़ासतौर पर नौकरीपेशा लोगों के होश उड़ा दिए हैं. पूरी ज़िंदगी नौकरी करने के बाद एक पीएफ ही तो सहारा होता है. उसपर भी इंटरेस्ट कम करके सरकार ने आम जनता की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है.

इस सरकारी फैसले से भले ही सरकार के कोष पर ख़र्च का दबाव कम हो जाए, लेकिन लोगों का आर्थिक बोझ बढ़ जाएगा. आमतौर पर बहुत से ग़रीब लोग कभी बेटी की शादी, तो कभी बेटे की नौकरी के लिए, अपने बुढ़ापे के लिए इसे एक बड़ा और सुरक्षित अमाउंट समझते थे.

इस फैसले से उन लोगों को ज़्यादा धक्का लगेगा, जो अपनी सैलरी का बड़ा अमाउंट पीएफ में कटवा देते हैं. उनकी सैलरी तो कम आती ही है और अब भविष्य के लिए जमा की गई राशि भी कम होगी, क्योंकि उनके जमा किए गए पीएफ अमाउंट पर ज़्यादा इंटरेस्ट नहीं मिलेगा.

– श्वेता सिंह 

अधिक फाइनेंस आर्टिकल के लिए यहां क्लिक करें: FINANCE ARTICLES