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होनेवाले लाइफ पार्टनर से क्या हैं आपकी अपेक्षाएं? (What Are Your Expectations From Your Future Spouse?)

होनेवाले लाइफ पार्टनर से क्या हैं आपकी अपेक्षाएं? (What Are Your Expectations From Your Future Spouse?)

 हर चेहरे में ढूंढ़ते हैं अक्स उसका… हर तरफ़ महसूस करते हैं वजूद उसका… उसकी हंसी कभी कानों में खनकती है, तो दिल में एक धुंधली-सी तस्वीर उभर आती है… कहीं ये उसकी आहट तो नहीं सोचकर अक्सर चौंक जाते हैं हम… तो कभी ख़्यालोें में बुनते हैं उसकी एक तस्वीर… हम भी क्या करें, दिल के हाथों मजबूर हैं इस कदर कि… उसी को ढूंढ़ते हैं आजकल दर-बदर…

 

Expectations From Your Future Spouse

कोई सपनों का राजकुमार चाहता है, तो कोई हुस्न परी, हर किसी के दिल में एक मूरत होती है, जिसे वो अपना जीवनसाथी बनाना चाहता है. होनेवाले लाइफ पार्टनर को लेकर हर किसी के मन में कुछ इच्छाएं और अपेक्षाएं होती हैं, ऐसी ही कुछ अपेक्षाओं को जानने की हमने कोशिश की.

होनेवाली पत्नी की पति से अपेक्षाएं (Expectations From Your Future Spouse)

एक कॉर्पोरेट फर्म में काम करनेवाली रीना पांचाल कहती हैं कि मेरा होनेवाला पति संस्कारी, समझदार व केयरिंग होना चाहिए. वह एक सुलझा हुआ इंसान हो, एक ऐसा इंसान जिस पर मैं पूरी तरह भरोसा कर सकूं और जो हमारे रिश्ते को पूरी इमानदारी से निभाएगा, जो मेरी ग़लती पर मुझे समझाए और अच्छा करने पर मेरी तारीफ़ भी करे. एक और ज़रूरी बात वह मेरी सैलेरी में कभी हक़ न जताए, अगर मैं उसे अपनी मां के लिए रखना चाहूं, तो उसे कोई एतराज़ न हो.

– मैं जैसी हूं, मुझे वैसे ही अपनाए

हर लड़की यह उम्मीद करती है कि उसका पति उसे वैसे ही अपनाए, जैसी वो है. हर इंसान अलग होता है और यही तो इस रिश्ते की ख़ूबसूरती है कि दो बिल्कुल अलग लोग खट्टी-मीठी यादों के साथ पूरी ज़िंदगी बिताते हैं. महज़ अपनी सहूलियत के लिए दूसरे को बदलना अच्छी बात नहीं.

– पारिवारिक मूल्यों को महत्व देता हो

लड़कियां हमेशा एक फैमिली मैन से शादी करना चाहती हैं, जो अपने परिवार को हमेशा पहली प्राथमिकता देता हो और फैमिली के साथ क्वालिटी टाइम भी बिताता हो. ऐसा व्यक्ति अपनी गृहस्थी को भी सही तरी़के से आगे बढ़ाता है.

– दयालू व धैर्यवान हो

स्वार्थी व उतावले क़िस्म के लोग किसी को पसंद नहीं आते. कोई लड़की नहीं चाहती कि उसका होनेवाला पति दानवीर कर्ण हो, पर कंजूस भी न हो. उसमें सब्र होना चाहिए, ताकि हर नए बदलाव को धैर्य के साथ सोच-समझकर हैंडल कर सके.

– अपनी ज़िम्मेदारियों को बख़ूबी निभाता हो

हर लड़की चाहती है कि जो भी लड़का उसकी ज़िंदगी में आए, वह एक ज़िम्मेदार इंसान हो, क्योंकि अगर वह ज़िम्मेदार है, तो शादी से जुड़ी सभी ज़िम्मेदारियों को भी पूरी इमानदारी से निभाएगा. ऐसे व्यक्ति के साथ ज़िंदगी बेहद आसान हो जाती है.

न्यूज़ चैनल टीवी9 महाराष्ट्र में बतौर प्रोग्रामिंग एंकर काम करनेवाली सुनीता इल्हे के अनुसार, “मेरा होनेवाला जीवनसाथी बहुत प्यार करनेवाला तो होना ही चाहिए, साथ ही साथ इंटेलिजेंट भी होना चाहिए. ज़िंदगी में कुछ कर दिखाना चाहता हो. एक समझदार इंसान हो और हां वेल सेटल्ड होना चाहिए. वह ऐसा हो जिस पर मैं आसानी से भरोसा कर सकूं और अपनी पूरी ज़िंदगी उसके साथ बिताने के लिए तैयार हो जाऊं.”

– महिलाओं की इज़्ज़त करता हो

कहते हैं कि जो लड़का अपनी मां को बहुत प्यार करता है और उनकी इज़्ज़त करता है, वह अपनी पत्नी से भी उतना ही प्यार करेगा, इसलिए लड़कियां हमेशा एक ऐसे लड़के से शादी करना चाहती हैं, जो महिलाओं को सच्चे दिल से मान-सम्मान देता हो. पर लड़कियों को ममाज़ बॉय टाइप लड़के बिल्कुल पसंद नहीं आते.

– शादी के महत्व को समझता हो

किसी भी लड़के के लिए यह बहुत ज़रूरी है कि वह जिस बंधन में बंधने जा रहा है, उसके महत्व को समझता हो. शादी महज़ एक संस्कार नहीं एक बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी है, जिसे आपको निभाना होता है. ख़ास तौर से शुरुआती दौर में हर क़दम पर कई समझौते करने पड़ते हैं. उसे पता होना चाहिए कि अपने दांपत्य जीवन को सुखमय बनाने के लिए उसे रिश्ते को इमानदारी से निभाना होगा.

– फाइनेंशियली स्मार्ट हो

हर लड़की चाहती है कि उसका होनेवाला पति भले ही बहुत अमीर न हो, पर इतना मेहनती व स्मार्ट हो कि उसे कभी किसी चीज़ के लिए अपना मन न मारना पड़े. माना कि किसी भी इंसान की हर इच्छा पूरी नहीं हो सकती, पर ज़्यादा-से-ज़्यादा करने की कोशिश तो कर ही सकते हैं.

– जो ख़ुद के साथ-साथ दूसरों का भी ख़्याल रखे

कहते हैं कि जो ख़ुद से प्यार करता है, वो दूसरों से भी उतना ही प्यार करता है. लड़कियों को ऐसे लड़के बिल्कुल अच्छे नहीं लगते, जो स़िर्फ दूसरों का ख़्याल रखते हैं या स़िर्फ अपना ख़्याल रखते हैं. लड़का ऐसा हो, जो अपने साथ-साथ दूसरों का भी ख़्याल रखे.

– जो परिवार के साथ-साथ समाज के प्रति भी जागरूक हो

लड़कियां चाहती हैं कि उनका होनेवाला पति ऐसा हो, जो अपने व अपने परिवार के साथ-साथ समाज के प्रति भी जागरूक हो और समाज की बेहतरी के लिए कुछ कर दिखाना पसंद करता हो.

 – प्रोग्रेसिव सोचवाला हो

समय बदलने के साथ-साथ हमारी लाइफस्टाइल काफ़ी बदली है, ऐसे में लड़कियां चाहती हैं कि उनका होनेवाला पति समय के साथ क़दम से क़दम मिलाकर चलनेवाला हो. वह आगे बढ़ने और कुछ कर दिखाने में विश्‍वास रखता हो. अपने साथ-साथ अपने परिवार की प्रगति का भी पूरा ख़्याल रखता हो. पत्नी की क़ामयाबी को देखकर उसे आगे बढ़ने की प्रेरणा देने वाला एक मज़बूत प्रेरणादायक स्रोत बन सके.

– सेंस ऑफ ह्यूमर अच्छा हो

हंसते रहें, तो ज़िंदगी बड़े आसानी से बीत जाती है. उसका सेंस ऑफ ह्यूमर अच्छा हो, ताकि घर में हंसी-ख़ुशी का माहौल बना रहे. वह मुझे कभी उदास न रहने दे.

मुंबई में काम करनेवाली योगिता शिंदे कहती हैं कि मेरा होनेवाला पति पारिवारिक मूल्यों को सबसे ज़्यादा महत्व देता हो. वह एक समझदार व केयरिंग इंसान हो. उसमें कुछ कर गुज़रने की चाहत हो और वह ज़िंदगी में आगे बढ़ना चाहता हो. उसकी सोच प्रोग्रसिव हो और उसकी ज़िंदगी में एक ख़ास मकसद हो.

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Expectations From Your Future Spouse

होनेवाले पति की पत्नी से अपेक्षाएं

पेशे से वकील गजेंद्र वैती कहते हैं कि अपेक्षाएं तो हर किसी की होती हैं, पर मुझे लगता है कि अपनी होनेवाली पत्नी से कुछ अपेक्षाएं करने से पहले मुझे अपनी ज़िम्मेदारियों का एहसास होना चाहिए. एक लड़की जब अपना घर, परिवार सब कुछ मेरी ख़ातिर छोड़कर आती है, तो यह मेरा कर्तव्य है कि मैं उसे अपने घर में पराया महसूस न होने दूं. मैं उसके माता-पिता को अपनों-सा प्यार दूं और उससे भी उम्मीद करूंगा कि वह मेरे माता-पिता को पूरे दिल से अपनाए. अगर उसे कोई परेशानी हो, तो किसी और को बताने से पहले मुझे बताए, ताकि हम मिल-जुलकर किसी भी समस्या को सुलझा सकें.

– मैं उस पर आंख मूंदकर भरोसा कर सकूं

आज भले ही ज़माने में कितने ही बदलाव आ रहे हों, पर हर रिश्ते की नींव आज भी विश्‍वास ही होती है. भरोसे और विश्‍वास पर टिका यह रिश्ता दोनों की समझदारी पर भी निर्भर रहता है. इसलिए हर लड़का चाहता है कि उसकी ज़िंदगी में ऐसी लड़की आए, जिस पर वह आंख मूंदकर विश्‍वास कर सके.

– ज़िंदगी को एंजॉय करना जानती हो

हर लड़के को यह उम्मीद होती है कि उसके जीवन में आनेवाली लड़की ज़िंदगी को एंजॉय करना जानती हो. छोटी-छोटी चीज़ों में ख़ुशियां ढूंढ़कर ख़ुद भी ख़ुश रहे और दूसरों को भी ख़ुश रखे. ऐसे लाइफ पार्टनर के साथ ज़िंदगी बहुत आसान हो जाती है.

– मज़बूत सपोर्ट सिस्टम बन सके

किसी भी परिवार में अकस्मात कोई भी परेशानी आ सकती है. कभी-कभी ऐसी स्थिति में घरवालों को एक मज़बूत सपोर्ट सिस्टम की ज़रूरत होती है. ऐसे में मज़बूत इरादोंवाली लड़की पूरे परिवार को संभाल सकती है. लड़कों को ऐसी ही लड़कियों की तलाश होती हैं.

– मुझे पर्याप्त स्पेस दे

कुछ लड़कियों की आदत होती है, सैटेलाइट की तरह हर व़क्त पति के पीछे पड़े रहना. अगर रिश्ते में पर्याप्त स्पेस न मिले, तो रिश्ते में घुटन पैदा होने लगती है. इसलिए लड़के चाहते हैं कि उनकी होनेवाली पत्नी इतनी प्रैक्टिकल हो कि इस बात को समझ सके.

– जो मेरे बिना कुछ कहे सब समझ जाए

भले ही लड़के व लड़कियों की समझ अलग-अलग होती है, फिर भी सभी लड़के चाहते हैं, कि उनकी होनेवाली पत्नी ऐसी हो, जो बिन कहे उनके दिल की बात समझ सके.

– एक अच्छी मां बन सके

हर लड़का चाहता है कि उसकी होनेवाली पत्नी ऐसी हो, जो एक बहुत अच्छी मां बन सके, ताकि उसके बच्चों की अच्छी परवरिश हो सके. वैसे कहा जाता है कि हर लड़की में जन्म से ही ममता होती है, पर वह कितनी अच्छी मां बनेगी, यह तो तभी पता चलता है, जब वह मां बनती है.

– दूसरों का ख़्याल रखना जानती हो

कुछ लड़कियां पति को तो पूरे मन से अपना लेती हैं, पर उसके घरवालों को हमेशा पराया ही समझती हैं. किसी की पत्नी स़िर्फ उसकी पत्नी नहीं, बल्कि उस परिवार की बहू भी होती है. इसलिए ज़्यादातर लड़के यही चाहते हैं कि जो भी लड़की उसकी ज़िंदगी में आए वह घर के हर सदस्य को अपनाए.

– जिसे अपनी प्राथमिकताएं पता हों

ज़्यादातर लड़किया अपनी ज़रूरतों और चाहतों में अंतर नहीं कर पाती, नतीजतन फिज़ूख़र्ची करने लगती हैं. अपने पति की पॉकेट पर उसका पूरा हक़ होता है, पर घर की ज़िम्मेदारी भी उसके कंधों पर होती है, ऐसे में उसे अपनी प्राथमिकताएं रखनी आती हों.

– मेरे परिवार को अपना परिवार मानकर अपनाए

ज़्यादातर लड़के अपने परिवार से बहुत प्यार करते हैं, इसलिए चाहते हैं कि जो भी लड़की उसकी ज़िंदगी में आए, वह उसके परिवार को अपने परिवार की तरह अपनाए. हालांकि यह कहना जितना आसान है, करना उतना ही मुश्किल. पर अगर मैं उसके परिवार को अपने परिवार की तरह अपनाऊं, तो शायद उसके लिए भी आसान हो जाए.

– समझदार व ज़िम्मेदार हो

हर लड़के की यह दिली तमन्ना होती है कि जो लड़की उसकी ज़िंदगी में आए, वह समझदार व ज़िम्मेदार हो. घर-गृहस्थी की ज़िम्मेदारी को बख़ूबी निभा सके.

एक एनजीओ में काम करनेवाले आसिफ़ सैयद के अनुसार, “उनकी होनेवाली लाइफ पार्टनर अच्छी पढ़ी-लिखी और समझदार हो. वह छोटी-छोटी बातों का बतंगड़ बनानेवाली न हो, साथ ही एक अच्छी कुक हो. मेरे लिए चेहरे की ख़ूबसूरती मायने नहीं रखती, बस वह नेकदिल हो. मैं चाहता हूं कि वह अपने साथ-साथ अपनों का ख़्याल रखना भी जानती हो.”

 – अनीता सिंह 

 

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रिश्तों में अपेक्षाओं का घटता-बढ़ता दायरा (The Truth About Relationship Expectations)

Truth About Relationship Expectations

कुछ दायरे हमने ख़ुद बुने होते हैं, कुछ दूसरे हमारे लिए तय कर देते हैं… कुछ परिवार, तो कुछ समाज… (Truth About Relationship Expectations)कुछ यार-दोस्त, तो कुछ सलाहकार… सब अपनी-अपनी सुविधानुसार हमारे लिए और हमारे रिश्तों के लिए बहुत कुछ तय करते हैं. इन्हीं के आधार पर हम भी अपने रिश्तों की हदें और अपेक्षाएं निर्धारित कर लेते हैं. समस्या तब आती है, जब हम अपने रिश्तों की और उन्हें जी रहे लोगों की समस्याओं को नज़रअंदाज़ कर मात्र अपनी सोच-समझ से अपनी अपेक्षाएं तय कर लेते हैं और जब वो पूरी नहीं होतीं, तो दुख का कारण बनती हैं. रिश्तों में इन्हीं घटते-बढ़ते दायरों की हम यहां चर्चा करेंगे, ताकि हमारे रिश्ते बेहतर और टिकाऊ बने रहें.

Truth About Relationship Expectations

अपेक्षाएं होना लाज़मी है: यह सच है कि रिश्ता है, तो उम्मीदें व अपेक्षाएं भी होगी ही. हम भले ही बड़ी-बड़ी बातें कर लें कि अगर सुखी रहना है, तो किसी से कोई अपेक्षा न रखो, लेकिन प्रैक्टिकली क्या यह संभव है? रिश्तों में अपेक्षाएं होती ही हैं, चाहे कम या ज़्यादा. तो अगर आप भी अपनों से कुछ अपेक्षा रखते हैं, तो उसमें ग़लत कुछ भी नहीं है.

अपेक्षाओं का दायरा कितना हो: आपकी अपेक्षाएं कितनी हैं और कितनी रियालिस्टिक हैं, इस पर ध्यान ज़रूर दें. अपनी परिस्थितियों, आर्थिक स्थिति व अपने रिश्तों की सीमाएं पहचानें और उन्हीं के आधार पर अपनी अपेक्षाएं रखें. यथार्थवादी सोच रखें.

दूसरों को देखकर अपनी हदें तय न करें: आपके पड़ोसी के पास बड़ी कार है, आपकी सहेली महंगी चीज़ों का शौक़ रखती है, आपके कलीग की लाइफस्टाइल आपको अपनी लाइफस्टाइल से बेहतर लगती है… यही सोच-सोचकर अगर दुखी रहेंगे, तो आपके जीवन में दुख बना ही रहेगा. कभी भी दूसरों की ज़िंदगी के आधार पर अपनी अपेक्षाओं का पहाड़ खड़ा न करें. भले ही हमें उनकी ज़िंदगी आकर्षक लगती है, लेकिन सबकी ज़िंदगी में अपनी-अपनी परेशानियां व सबके अपने दायरे होते हैं. इस बात को जितना जल्दी समझेंगे, रिश्ते उतने ही बेहतर होंगे.

अपने रिश्तों को समझें: आपका पार्टनर आपको समझता नहीं या आपके पैरेंट्स या सास-ससुर आपको सहयोग नहीं करते… इस सोच से उबरकर उन्हें समझें और समझाएं कि आप उनसे किस तरह के सहयोग की अपेक्षा करते हैं. बिना बोले अगर आप सोचेंगे कि सामनेवाले को ख़ुद ही समझ जाना चाहिए, तो यह सोच ही ग़लत है. कुछ बातें आपको समझानी ही पड़ती हैं, तभी सामनेवाला आपकी समस्या समझ सकता है. इसलिए कम्यूनिकेट ज़रूर करें. अपने रिश्तों में ख़ामोशी को न आनेे दें.

दूसरों की भी अपेक्षाओं का ख़्याल रखें: यह इंसानी फ़ितरत होती है कि हम अक्सर अपने बारे में ही पहले सोचते हैं. हमें क्या चाहिए, हमसे लोग कैसा व्यवहार करते हैं, हमें लोग क्या देते हैं… ऐसी बहुत-सी बातें हैं, जिन पर हमारा ध्यान अधिक रहता है बजाय इसके कि हमने क्या दिया, हमने कैसा व्यवहार किया या हम दूसरों की अपेक्षाओं पर कितने खरे उतरते हैं. जिस तरह के व्यवहार की अपेक्षा हम दूसरों से करते हैं, हमें ख़ुद भी उनके साथ उसी तरह का व्यवहार करना चाहिए. क्योंकि जिस तरह हम उनसे अपेक्षाएं रखते हैं, उसी तरह वो भी हमसे अपेक्षाएं रखते हैं. क्या हम उनकी अपेक्षाओं पर खरे उतरने का अतिरिक्त प्रयास करते हैं? क्या हम उनकी ज़रूरतों के प्रति उतने संवेदनशील हैं? क्या हम अपने कंफर्ट ज़ोन से निकलकर अपनों के लिए कुछ एक्स्ट्रा करते हैं? अगर नहीं, तो इस पर हमें सोचना होगा.

कुछ एक्स्ट्रा करें: रिश्तों में गर्माहट बनी रहे, आपस में प्यार-मुहब्बत बना रहे, इसके लिए ज़रूरी है थोड़ा एक्स्ट्रा एफर्ट. आप अपनों के लिए कभी-कभार उनकी अपेक्षाओं से कुछ अधिक भी कर दिया करें. इससे उन्हें ख़ुशी मिलेगी. अनपेक्षित रूप से जब कुछ मिल जाता है, तो उसकी ख़ुशी भी अलग ही होती है. अपनों की ख़ातिर इतना तो किया ही जा सकता है.

अपेक्षाओं के ओवरडोज़ से बचें: कुछ एक्स्ट्रा करके अपनों की अपेक्षाएं अक्सर बढ़ने लगती हैं, लेकिन यह ध्यान रखें कि आप इसकी आदत न डालें, वरना उस एक्स्ट्रा एफर्ट को लोग आपकी ड्यूटी समझने लगेंगे और जब कभी आप इसे पूरा करने में चूकेंगे, तो उन्हें लगेगा कि आप अपनी ज़िम्मेदारी नहीं निबाह रहे. इसी तरह से आप भी अपनी अपेक्षाओं का दायरा थोड़ा-सा सीमित ही रखें, यदि कोई आपके लिए एक्स्ट्रा एफर्ट लेकर कुछ कर रहा है, तो हमेशा उससे यही उम्मीद न लगाकर बैठें. अगर किन्हीं कारणों से कोई आपकी अपेक्षाओं पर उतना खरा नहीं उतर पा रहा, तो उसकी परेशानियों व परिस्थितियों को समझने का प्रयास करें. ख़ुद को उसकी जगह पर रखकर सोचें. इस तरह रिश्ते हमेशा सकारात्मक बने रहेंगे और उनमें तक़रार की संभावनाएं भी कम होंगी.

– विजयलक्ष्मी

ये उम्मीदें, जो हर पत्नी अपने पति से रखती है (Things wife expect from husband)

wife expect from husband

रिश्ता ताउम्र साथ निभाने का… सुख-दुख में साथ-साथ चलने का… एक-दूसरे से अपेक्षाओं का… जी हां, ऐसा ही होता है पति-पत्नी का रिश्ता, जिसमें जाने कितनी ख़्वाहिशें, ख़्वाब, उम्मीदें होती हैं. इसी फेहरिस्त में एक पत्नी की भी अपने पति से बहुत-सी उम्मीदें (wife expect from husband) रहती हैं. वे क्या हैं? आइए, जानते हैं.

भावनात्मक रूप से हमेशा साथ देंः शादी के अटूट बंधन में बंधने के साथ ही पत्नी सबसे अधिक जिस बात की उम्मीद(wife expect from husband) पति से रखती है, वो है भावनात्मक साथ की. हर छोटी-बड़ी बात पर, सुख-दुख में, विपरीत व कठिन परिस्थितियों में वो पति से आशा करती है कि वो उसे इमोशनल सपोर्ट दें. उनका भावनात्मक साथ पत्नी को परिस्थितियों के तनाव-अवसाद से जल्दी उबार देता है.

रिलेशनशिप अलर्टः कई बार पत्नी को भावनात्मक सहयोग न मिलने के कारण रिश्तों में दूरियां व मतभेद बढ़ने लगते हैं. लेकिन पति का भावनात्मक सहारा पत्नी को ख़ुश रखने में बेहद मददगार होता है.

जन्मदिन-शादी की सालगिरह याद रखेंः हर पत्नी की यह ख़्वाहिश रहती है कि पति महोदय उसके बर्थडे व एनीवर्सरी की तारीख़ ज़रूर याद रखें, क्योंकि पत्नियां इनसे काफ़ी इमोशनली जुड़ी होती हैं. इसके अलावा उन्हें यह जानकर भी बेहद ख़ुशी होती है कि पति को उनके साथ की पहली मुलाक़ात, पहली बार दिया गया तोहफ़ा, बीते हुए यादगार लम्हे शादी के काफ़ी समय बीत जाने के बाद भी आज तक याद हैं.

रिलेशनशिप अलर्टः पत्नी को ख़ास मौक़ों पर सरप्राइज़ देते रहें. इससे रिश्तों में ताउम्र ताज़गी बनी रहती है.

तारीफ़ करेंः कहते हैं, प्रशंसा सुनना महिलाओं की सबसे बड़ी कमज़ोरी होती है, उस पर पत्नी हो, तो मामला और भी संवेदनशील हो जाता है. इसलिए जब कभी पत्नी ने आपके लिए प्यार से लज़ीज़ भोजन बनाया हो, घर-परिवार से जुड़ा उल्लेखनीय कार्य किया हो, किसी भी छोटे-मोटे, पर ख़ास काम को अच्छी तरह से पूरा किया हो, तो उसकी प्रशंसा ज़रूर करें. इससे पत्नी को न केवल ख़ुशी होगी, बल्कि उसका आत्मविश्‍वास भी बढ़ेगा.

रिलेशनशिप अलर्टः सोसायटी में ऐसे लोगों की कमी नहीं, जो बेवजह पत्नी में ग़लतियां ढ़ूंढ़ते रहते हैं और ग़लती न होने पर भी उसके हर कार्य में मीन-मेख निकालते रहते हैं. ऐसा न करें. प्रशंसा-सराहना जहां पत्नी के आत्मविश्‍वास को बढ़ाती है, वहीं वैवाहिक जीवन को भी ख़ुशहाल बनाती है.

शॉपिंग के लिए साथ जाएंः ऐसी शायद ही कोई महिला होगी, जिसे शॉपिंग का शौक़ न हो. एक सर्वे के अनुसार, अधिकतर महिलाएं अपनी टेंशन व परेशानी को दूर करने के लिए शॉपिंग करना अधिक पसंद करती हैं. वैसे भी हर पत्नी की यह इच्छा होती है कि वो पति की पसंद की चीज़ें पहनें, फिर चाहे वो ज्वेलरी हो या ड्रेस.

wife expect from husband

रिलेशनशिप अलर्टः पतियों को शॉपिंग करना कम ही पसंद आता है, पर जब आप अपनी पत्नी के साथ शॉपिंग करते हैं, तो इससे आपसी लगाव और भी बढ़ जाता है.

बिहेवियर को ड्रामा न समझेंः अमूमन कई पतियों की आदत होती है कि वे अपनी पत्नी की स्वाभाविक क्रिया-प्रतिक्रिया, मांगों आदि को ड्रामा बताकर मज़ाक उड़ाते हैं, जबकि पत्नी उम्मीद करती है कि कोई समझे न समझे, पर पति उनकी हर बात-व्यवहार को ज़रूर जानें-समझें.

रिलेशनशिप अलर्टः यदि आप भी इस तरह के पतियों में से हैं, तो संभल जाएं. क्योंकि पति के उपेक्षित व ग़लत व्यवहार से भी पत्नी ग़ुस्सैल व झगड़ालू प्रवृत्ति की बन जाती है. इसलिए पत्नी की बात को अनदेखा करने, उसका मखौल उड़ाने की बजाय शांति व धैर्य से स्थिति को समझने की कोशिश करें.

मायके की आलोचना न करेंः मायका पत्नी का वो ख़ास भावनात्मक पहलू होता है, जिसके बारे में वो कभी भी बात कर सकती है. साथ ही वो आशा करती है कि पतिदेव मायकेवाले की तारीफ़ भले ही न कर सकें, पर आलोचना या व्यंग्य बिल्कुल न करें.

रिलेशनशिप अलर्टः पत्नी के मायकेवालों की उपेक्षा या उलाहना वैवाहिक जीवन को तनावपूर्ण बना सकती है. इसलिए बेहतर यही होगा कि पत्नी को सदा ख़ुश रखने के लिए उसके मायकेवालों की तारीफ़ करें, जैसे- माता-पिता, भाई-बहन या फिर जीजाजी ही क्यों न हों.

प्यार-मनुहार करनाः महिलाओं को प्यार से गले लगाना, रूठना, मान-मनुहार करना बहुत अच्छा लगता है. इससे यह भी पता चलता है कि आप अपने पार्टनर को कितना प्यार करते हैं. पार्टनर को प्यार से गले लगाने पर दोनों एक-दूसरे के साथ भावनात्मक रूप से भी जुड़ते हैं.

रिलेशनशिप अलर्टः प्यार करना केवल सेक्सुअल रिलेशन ही नहीं होता है, बल्कि पति पत्नी को गले लगाकर, किस करके, लाड़-दुलार दिखाकर भी अपने संबंधों में अधिक मिठास व मज़बूती ला सकते हैं.

कुछ बातें, जो पत्नी पति से छिपाती हैं या नहीं बताना चाहतीं-

* पत्नियां अपने पहले प्यार को शायद ही भूल पाती हैं. उनके मन में वो पहला प्यार, वो एहसास हमेशा रहता है, पर इस बारे में वे अपने पति को कभी नहीं बतातीं.

* पत्नियां हमेशा अपने घर ख़र्च से थोड़ा-बहुत सेविंग करती रहती हैं. उनके इस सीक्रेट मनी से पति अनजान ही रहते हैं और कई बार आर्थिक परेशानियों के समय ये सेविंग्स बहुत काम आती हैं.

* पत्नी अपने पति को कभी भी ये नहीं बताती है कि उसे उन ख़ास पलों (सेक्स) में कैसा लगा. यदि कुछ बताती भी हैं, तो वो पूरा सच नहीं होता है.

* ज़रूरी नहीं कि पत्नी पति की हर बात से सहमत हो. अक्सर मनमुटाव-झगड़े आदि से बचने के लिए पति के निर्णय से असहमत होने के बावजूद पत्नी उनकी हां में हां मिला देती है.

– ऊषा पन्नालाल गुप्ता