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एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर- क्यों हो जाता है दिल बेइमान? (How extra marital affair affect relationship?)

बदलती लाइफस्टाइल, बढ़ती आकांक्षाएं, उम्मीदें या विश्‍वास की कमज़ोर होती डोर… वजह चाहे जो भी हो, मगर ये सच है कि पिछले एक-डेढ़ दशक से हमारे देश में एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर के मामले बढ़े हैं. आख़िर क्यों लोगों को अपने घर के बाहर प्यार तलाशना पड़ रहा है, क्यों शादी का रिश्ता कमज़ोर होता जा रहा है? पेश है मेरी सहेली की ख़ास रिपोर्ट.

 

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प्रिंजल और सिद (परिवर्तित नाम) का दो वर्ष पूर्व प्रेम विवाह हुआ था, दोनों ही अपनी शादीशुदा ज़िंदगी से बहुत ख़ुश थे, मगर धीरे-धीरे दोनों के बीच न जाने कब शारीरिक फिर मानसिक दूरियां पनपने लगी. जिसकी वजह से प्रिंजल डिप्रेशन का शिकार हो गई. अपनी नीरस ज़िंदगी से परेशान प्रिंजल जब पति सिद के साथ मनोवैज्ञानिक के पास पहुंची, तो सवाल-जवाब के दौरान उसे पता चला कि उसके पति सिद का उसकी सहेली के साथ अफेयर चल रहा है. बहुत पूछने पर सिद ने सच कुबूल किया, मगर उसके अनुसार एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर की वजह ख़ुद प्रिंजल थी, जो बाकी मामलों में तो बहुत अच्छी थी, मगर अपने काम में इस कदर व्यस्त रहती कि वो सिद को समय नहीं दे पाती थी और न ही सेक्स में उसकी ख़ास रुचि थी. दूसरी ओर प्रिंजल की सहेली जो शादीशुदा और स्मार्ट थी, वो भी अपने पति से असंतुष्ट थी, ऐसे में जब उसकी मुलाक़ात सिद से हुई, तो दोनों बहुत जल्दी एक-दूसरे के क़रीब आ गए, मगर सही समय पर मनोवैज्ञानिक से संपर्क करने से सिद और प्रिंजल की शादीशुदा ज़िंदगी बर्बाद होने से बच गई, मगर हर किसी की क़िस्मत इतनी अच्छी नहीं होती. कई मामलों में तो एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर के कारण कई ज़िंदगियां बर्बाद हो जाती है.

क्या कहते हैं आकड़ें?

* महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों के एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर अधिक होते हैं. जहां महिलाओं की संख्या 12% है, वहीं पुरुषों की संख्या 28% है.

* एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर में लिप्त ज़्यादातर पुरुष इसके लिए ख़ुद को दोषी नहीं मानते, जबकि महिलाओं के मन में मलाल बना रहता है.

* सेक्स के लिए स़िर्फ पुरुष ही नहीं, बल्कि पुरुषों में नपुंसकता के चलते महिलाएं भी एक्स्ट्रा मैरिटल करने से नहीं हिचकिचातीं.

* शहरों की बात की जाए तो सबसे अधिक एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर के मामले मुंबई में समाने आए हैं. राजधानी दिल्ली का नंबर दूसरा है.

* कुछ एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर ऐसे भी हैं जो जीवनसाथी की रज़ामंदी से चलते, तो कुछ जीवनसाथी जानकर भी अनजान बने रहते हैं.

दो तरह के होते हैं एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स
विशेषज्ञों की मानें तो एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर ख़ासकर दो तरह के होते हैं, पहला सेक्सुअल और दूसरा इमोशनल. सेक्सुअल एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर में दो ऐसे लोग क़रीब आते हैं, जो अपने-अपने पार्टनर से संतुष्ट नहीं होते और अपनी सेक्सुअल डिज़ायर को पूरा करना चाहते हैं. इमोशनल एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर दो लोग एक-दूसरे से भावनात्मक रूप से जुड़ने के लिए क़रीब आते हैं. रिसर्च के अनुसार, अधिकांशतः महिलाएं इमोशनल अटैचमेंट यानी भावनात्मक ज़ुडाव के चलते एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर की ओर क़दम बढ़ाती हैं जबकि पुरुष अक्सर सेक्सुअल डिज़ायर को पूरा करने के लिए.

क्यों बाहर तलाशते हैं प्यार?
आख़िर क्यों आए दिन एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर के केसेस बढ़ते जा रहे हैं? आइए, जानने की कोशिश करते हैं.

कमज़ोर होते रिश्ते
प्रोफेसर एवं काउंसलर रश्मि अग्निहोत्री के अनुसार, “वो दिन लद गए जब पति-पत्नी एक-दूसरे के लिए मरने-जीने को तैयार रहते थे. आज रिश्तों की डोर कमज़ोर हो गई है. जिसे टूटने में पलभर का भी समय नहीं लगता. इसकी सबसे बड़ी वजह है प्यार में कमी. यंगस्टर्स प्यार से ज़्यादा अब अपने कंफर्ट को महत्व देने लगे हैं. वो जीवनसाथी का चुनाव इसलिए नहीं करते, क्योंकि वो उनसे प्यार करते हैं, बल्कि अपनी सहूलियत के लिए ऐसे जीवनसाथी का चुनाव करते हैं, जिनके साथ को नहीं, बल्कि जिनके साथ वो ज़िंदगी को एंजॉय कर सकें. ऐसे में जब रिश्ते की नींव ही कमज़ोर होती है, तो रिश्ता टूटने में देरी नहीं लगती.”

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समय की कमी ने लाई प्यार में कमी
रिसर्च के अनुसार, वर्क प्लेस पर एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर की संभावना अधिक होती है. आज मेट्रो सिटीज़ में अच्छी लाइफस्टाइल के लिए कपल्स ने ख़ुद को इस हद तक बिज़ी कर दिया है कि उनके पास घर-परिवार की छोड़िए, एक-दूसरे के लिए भी समय नहीं है. 8-10 घंटे की जॉब और ट्रैवलिंग में 1-2 घंटे बर्बाद करने के बाद वो इस क़दर थक जाते हैं कि एक-दूसरे से बात करने कि बजाय नींद की आगोश में जाना ज़्यादा पसंद करते हैं. नतीजतन दोनों के बीच दूरियां बढ़ती जाती हैं और पार्टनर की प्यार की कमी की भरपाई के लिए वो बाहर प्यार तलाशने लगते हैं.

ज़रूरत से ज़्यादा प्रैक्टिकल होना
सबसे आगे निकलने की होड़ और बढ़ती प्रतिस्पर्धा ने युवाओं बहुत कम उम्र में प्रैक्टिकल बना दिया है. प्रोफेशनल लाइफ के साथ-साथ वो अब अपनी पर्सनल लाइफ के बारे में भी प्रैक्टिकल होकर सोचने लगे हैं. एक-दूसरे के इमोशन्स, फिलिंग आदि से उन्हें कोई ख़ास मतलब नहीं होता. ऐसे में ख़ुद को ख़ुश रखने के लिए वो प्रैक्टिकल तरी़के से सोचते हुए एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर को ग़लत नहीं समझते.

स्ट्रेस कम करने के लिए भी रखते हैं अफेयर
रिसर्च की मानें तो मेट्रो सिटीज़ में रहने वाले कपल्स हेक्टिक लाइफस्टाइल और स्ट्रेस को कम करने के लिए एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर रखते हैं. इस विषय में मनोवैज्ञानिक निमिषा रस्तोगी कहती हैं “वर्क प्लेस पर होने वाले एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर की एक वजह स्ट्रेस भी है, जिससे छुटकारा पाने के लिए कुछ पाटर्नर अपने कलीग के साथ सेक्सुअल रिलेशन बनाते हैं. इससे उन्हें सुख का एहसास होता है और वो ख़ुद को संतुष्ट भी महसूस करते हैं. ऐसे लोग एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर को ज़्यादा एंजॉय करते हैं, क्योंकि ऐसे अफेयर्स में पार्टनर के प्रति उन पर किसी तरह की कोई ज़िम्मेदारी नहीं होती है.”

है सबसे बड़ा रुपइया
कई बार पैसों की अधिकता तो कभी पैसों की कमी की वजह से भी एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर बनते हैं. पार्टनर यदि अपने जीवनसाथी की इच्छाओं को पूरा करने में आर्थिक रूप से सक्षम नहीं होता है, तो दूसरा पार्टनर अपनी इच्छाओं को पूरा करने के लिए भी किसी दूसरे की ओर आकर्षित होने लगता है, तो कुछ पार्टनर ख़ासकर पुरुष ऐसे भी होते हैं जो पैसों की अधिकता के चलते भी एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर का शौक़ रखते हैं.

ईगो भी है एक वजह
जहां प्यार होता है, वहां अहंकार की कोई जगह नहीं होती, लेकिन आज कपल्स के बीच प्यार के लिए कोई जगह नहीं है, उनकी नज़र में ईगो ही सबसे बड़ा हो जाता है, जिसकी वजह से न वो पार्टनर के आगे कभी झुकते हैं और ना ही कभी आपसी सहमति से रिश्तों की नींव को मज़बूत बनाने की कोशिश करते हैं. नतीजतन अहंकारवश हमसफ़र के आगे झुकने की बजाय वो किसी और से रिश्ता जोड़ना बेहतर समझते हैं.

मीडिया भी है ज़िम्मेदार
मनोवैज्ञानिक निमिषा रस्तोगी कहती हैं, “एक्स्ट्रा मेरिटल अफेयर के लिए बहुत हद तक मीडिया और फिल्म इंडस्ट्री भी ज़िम्मेदार है. कई ऐसी फिल्में हैं, जो एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर को बढ़ावा देती हैं. तो कई बार मीडिया भी एक्स्ट्रा मैरिटल के मुद्दे को इस तरह से पेश करता है जैसे एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर होना हर एक के लिए आम बात है या सामाजिक तौर पर ग़लत नहीं है.”

एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर से बढ़ रहे हैं अपराध
मुंबई की फैमिली कोर्ट के अनुसार, प्रत्येक तीन में से एक तलाक़ की वजह एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर है. एडवोकेट मनोज कुमार पाण्डेय के अनुसार, “एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर के चलते न स़िर्फ दिनों दिन तलाक़ के मामलों में इज़ाफा हो रहा है, बल्कि अपराध भी तेज़ी से बढ़ रहे हैं. कभी प्रेमी को पाने के लिए पत्नियां अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की, तो कभी पैर की बेड़ी बने बच्चों की भी बलि चढ़ा देती हैं, तो वहीं दूसरी तरफ़ अपनी धोखेबाज़ पत्नी को सबक सिखाने के लिए पति भी हत्यारे बन जाते हैं. कुछ पति-पत्नी ऐसे भी हैं, जो जीवनसाथी से धोखा पाने के बाद ख़ुद ही फांसी के फंदे पर चढ़ जाते हैं. ग़ौर फरमाया जाए तो अधिकाशतः एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर महज अपराध को बढ़ावा दे रहे हैं.”

एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर का दर्दनाक अंत

पिछले कुछ सालों में एक्स्ट्रा मेरिटल अफेयर के चलते हुए दिल दहलाने वाले वारदातों पर एक नज़र.

* मार्च, 2014 (गुड़गांव) :  44 वर्षीय रजनीश कुमार सिंह को जब इस बात की जानकारी मिली कि उसकी 36 वर्षीया पत्नी श्‍वेता बिंद्रा का किसी ग़ैर  मर्द के साथ अफेयर चल रहा है, तो उसने अपनी पत्नी की चाकू घोंपकर हत्या कर दी.

* अक्टूबर, 2014 (जयपुर) : योगा टीचर दिनेश कुमार ने अपनी 32 वर्षीया पत्नी एवं दो बच्चों की मां कविता कुमावत के एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर की   ख़बर सुनते ही उस पर अनगिनत बार चाकू से वार करके मौत के घाट उतार दिया.

* नवंबर, 2013 (मुंबई) : 23 वर्षीया पत्नी तृप्ति का कुछ सालों से अफेयर चल रहा है, जब इसकी जानकारी पति जयेश राउत को मिली, तो उसने    सिलिंग फैन से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली.

* दिसंबर, 2012 (कोलकत्ता) : दो बच्चों की मां निलोफर (29 वर्षीया) का ऑटो रिक्शा चालक के साथ प्रेम संबंध है, ये जानने के बाद निलोफर के बड़े  भाई मेहताब आलम ने आरी से गला रेतकर निलोफर की हत्या कर दी.

एक्स्पर्ट स्पीक

मनोवैज्ञानिक निमिषा रस्तोगी के अनुसार, “एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर का अंत तलाक़ है, ऐसा बिल्कुल भी नहीं है. ग़लतियां इंसान से ही होती हैं और हर किसी को सुधरने का एक मौक़ा ज़रूर देना चाहिए. अनजाने में ही सही मगर हो सकता है कि आपकी ओर से भी कुछ ग़लती हुई हो, जिसके चलते आपके पार्टनर किसी दूसरे की तरफ़ आकर्षित हुए हों. ऐसे में न स़िर्फ उन्हें, बल्कि ख़ुद को भी बदलने का मौक़ा दीजिए और सब कुछ भूलाते हुए नई शुरुआत करें.”

प्रोफेसर एवं काउंसलर रश्मि अग्निहोत्री के अनुसार, “एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर का एकमात्र हल तलाक़ नहीं है. कपल्स चाहें तो आपसी सहमति से एक नई पारी की शुरुआत कर सकते हैं. बशर्ते जीवनसाथी को अपनी ग़लती का एहसास हो और वो दिल से ख़ुद को गुन्हगार मानते हुए आपके साथ नए सिरे से ज़िंदगी शुरू करना चाहता हो. लोग क्या सोचेंगे, समाज क्या कहेगा? जैसी बातें सोचकर ऐसे रिश्ते में रहने की भूल न करें.”

एडवोकेट मनोज कुमार पाण्डेय के अनुसार, “पिछले कुछ सालों की बात करें, तो तक़रीबन 20% तलाक़ की वजह एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर है, मगर 10% मामले ऐसे भी हैं, जो तलाक से पहले होने वाले मैरिज कॉन्सलिंग से सुलझ भी गए हैं, लेकिन इसका ये मतलब नहीं है कि आप किसी धोखेबाज़ इंसान के साथ अपनी ज़िंदगी बिताएं.”

मनोवैज्ञानिक डॉ. अंशु कुलकर्णी के अनुसार, “एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर का अंत तलाक़ है या नहीं, ये इस बात पर निर्भर करता है कि सामने वाला पार्टनर किस हद तक एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर में इंवॉल्व है, अगर उनके मन में गिल्ट है या वो ख़ुद उससे बाहर निकलना चाहता है, तो बेझिझक आप उसे एक मौक़ा दे सकते हैं, मगर वो ख़ुद नहीं चाहता तो ऐसे रिश्ते को आगे बढ़ाने का कोई मतलब नहीं. बेहतर है कि आप तलाक़ लेकर अपनी ज़िंदगी अपने तरी़के से जिएं.”

ताकि न आए ऐसी नौबत

किसी ने सच ही कहा है ताली एक हाथ से नहीं बजती, अगर आप दोनों के बीच किसी तीसरे ने जगह ले ली है, तो इसका मतलब स़िर्फ ये नहीं कि आपका पार्टनर ही ग़लत है, हो सकता है कि कमी आपमें भी हो. अपनी शादी को एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर से बचाने के लिए निम्न बातों का ध्यान रखेंः

* झगड़ा छोटा हो या बड़ा, एक-दूसरे से बातचीत बंद न करें, अपनी नाराज़गी ज़ाहिर करें और समस्या का हल ढूंढ़ें. वरना आपकी चुप्पी आपके रिश्ते में  दरार डाल सकती है.

* न स़िर्फ शारिरीक संतुष्टि, बल्कि पार्टनर की मानसिक संतुष्टि का भी ख़्याल रखें, कई बार पार्टनर मानसिक सुख और सुकून की आस में भी किसी  तीसरे की ओर क़दम बढ़ाते हैं, ख़ासकर महिलाएं.

* घर या बाहर की अनगिनत ज़िम्मेदारियां भले ही आपके कंधों पर हों, मगर जीवनसाथी को नज़रअंदाज़ करने की ग़लती न करें. आपकी ओर से  ध्यान हटने पर हो सकता है कि उनका ध्यान किसी दूसरे में लग जाए.

* ख़ुशहाल शादीशुदा ज़िंदगी के लिए स़िर्फ एकसाथ घर में रहना काफ़ी नहीं, पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम बिताना भी ज़रूरी है.

* न स़िर्फ पार्टनर, बल्कि शादी जैसे पवित्र बंधन पर भी विश्‍वास रखें.

* पार्टनर पर हावी न हों. जीवनसाथी को उनके मन मुताबिक जीने दें. कई मामलों में पार्टनर का डॉमिनेटिंग होना भी एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर की वजह  होता है.

फैक्ट फाइल

* रिसर्च के अनुसार, ऐसी महिलाएं जिनके पति कई महीनों या वर्षों के लिए घर-देश से दूर रहते हैं, वो एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर की ओर जल्दी आकर्षित होती हैं.

* रिसर्च के अनुसार, पत्नी की प्रेग्नेंसी के चलते सेक्सुअल डिज़ायर पूरी न होने से पुरुषों के एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर की संभावना बढ़ जाती है.

– कंचन सिंह

क्यों होते हैं एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स? (Reasons for extra marital affairs)

Reasons for extra marital affairs

एक व़क़्त था, जब तेज़ बाइक चलाते, सिगरेट का धुंआ उड़ाते, धमाल मचाते  लड़कों की ओर ही लड़कियां आकर्षित हुआ करती थीं. लेकिन अब लड़कियों की पसंद बदल गई है. ऐसे लड़कों से वे दोस्ती करना तो चाहती हैं, लेकिन जब बात आती है प्यार और शादी  की, तब उन्हें अपने से बड़ी उम्र के मैच्योर  व्यक्ति ही पसंद आते हैं.

Reasons for extra marital affairs

 लड़कियां विवाहित लड़कों की ओर क्यों आकर्षित हुआ करती हैं?

लड़कियों का विवाहित पुरुषों के प्रति पहला आकर्षण अक्सर जीजा, भाई के दोस्त या सहेली के पति से ही होता है. चूंकि लड़की अपने परिवार में इन्हें बहुत क़रीब से देखती है, इसलिए उनके प्रति आकर्षण बढ़ जाता है. यही कारण है कि कई बार लड़की को अपने ही कॉलेज के किसी शादीशुदा प्रो़फेसर से प्यार हो जाता है या ऑफ़िस में बॉस से.

–  शादीशुदा लड़कों में गंभीरता होती है, जो नवयुवकों में नहीं होती.

–  विवाहित पुरुष अनुभवी होते हैं, जिससे उनमें परिपक्वता और विचारों की स्थिरता आ जाती है, जो लड़कियों को उनकी ओर आकर्षित करती है.

– पिता, भाई और जीजा को अपना आदर्श मानने वाली लड़कियों में कहीं न कहीं यह ख़्वाहिश होती है कि उसे प्यार में सुरक्षा मिले, जो बड़ी उम्र के व्यक्ति के साथ  ज़्यादा संभव है.

– कॉलेज के ये जोशीले लड़के सेक्स को लेकर बहुत उतावले होते हैं. वे लड़कियों पर सेक्स करने के लिए दबाव डालते रहते हैं, जो लड़कियों को उचित नहीं लगता.

– आजकल के लड़कों में अहं की भावना बहुत ज़्यादा है. अपने अहं के अंधेपन में दूसरों का मान-सम्मान न करना, किसी की भी कोमल भावनाओं को ठेस पहुंचाना जैसे उनकी आदत-सी है. इसलिए भी लड़कियां उनसे कतराती हैं.

– शादीशुदा लड़के मैच्योर होने के कारण विपरीत परिस्थितियों में भी सहज रहते हैं. इसके विपरीत आजकल के लड़कों में सहनशीलता की कमी होती है. उनके मूड का पता ही नहीं चलता. वे कब और कहां उलझ पड़ें, इसका ठिकाना नहीं होता.

– जी हां, यह वाक्य अक्सर युवाओं के मुंह से सुनाई दे जाता है कि ये मेरी लाइफ़ है और मैं जैसे चाहूं इसे जिऊं. इसमें हस्तक्षेप करनेवाला कोई होता कौन है? लड़कियों को लड़कों का ये मनमाना रवैया अच्छा नहीं लगता.

Reasons for extra marital affairs

रिश्ते में बनाएं मर्यादा

– प्यार पर किसी का बस नहीं. यह तो किसी से भी हो सकता है. यदि विवाहित पुरुष से आपका रिश्ता बन गया है तो कई बातों का ध्यान रखें.

– यदि आप किसी विवाहित  पुरुष की ओर आकर्षित हैं और रिश्ता स़िर्फ दोस्ती तक सीमित है तो इस बात को भी ध्यान में रखें कि विवाहित पुरुष का अपना एक परिवार है, इसलिए रिश्ते की मर्यादा बनाए रखें.

– यदि आपका रिश्ता एक प्रेमी-प्रेमिका का है तो सबसे पहले यह सोचें कि आप अपने रिश्ते को क्या मुकाम देना चाहते हैं.

– यह अच्छी तरह जांच-परख लें कि क्या आपका विवाहित प्रेमी वाकई अपनी पत्नी से परेशान है? क्या आपकी ख़ातिर उसका पत्नी को तलाक़ देना उचित है?

– यदि वह तलाक़ नहीं देना चाहता, तो ज़बरदस्ती न करें. क्योंकि वह ऐसा करके आपके साथ भी ख़ुश नहीं रह पाएगा. अब यह आप पर निर्भर करता है कि बिना शादी किए उसके साथ संबंध बनाए रखना चाहती हैं या फिर कुंआरे के साथ जुड़ना चाहती हैं. रिश्ता जो भी बनाएं, उसे संजीदगी से निभाएं.

– विजन कुमार पांडेय