eye care

Home Remedies For Cataract

मोतियाबिंद (Home Remedies For Cataract)  आंखों की पुतलियों या दृष्टि पटल के पर्दों पर छाई परान्धता को कहते हैं. यह जैसे-जैसे पकता है, वैसे-वैसे दृष्टि धुंधली होती जाती है. इस रोग में आंखों की काली पुतलियों में स़फेद मोती जैसा बिंदु उत्पन्न हो जाता है, जिससे व्यक्ति की देखने की क्षमता कम हो जाती है. इसमें आंखों को सभी चीज़ें धुंधली नज़र आती हैं. तेज़ प्रकाश में देखना मुश्किल हो जाता है.

* सौंफ और धनिया को समान मात्रा में लेकर उसमें भूरी शक्कर मिलाएं. इसे 10-10 ग्राम की मात्रा में सुबह-शाम सेवन करने से लाभ होता है.
* 6 बादाम और 7 कालीमिर्च को पीसकर पानी मिलाकर छलनी से छान लें. उसमें मिश्री मिलाकर पीने से लाभ होता है.
* 10 ग्राम गिलोय के रस में 1-1 टीस्पून सेंधा नमक व शहद मिलाकर बारीक़ पीसकर रख लें. इसे काजल की तरह आंखों में लगाएं.
* त्रिफला को पानी में पीसकर पेस्ट बना लें. इसे आंखों पर रखकर पट्टी बांध दें.
* 10 मि.ली. प्याज़ का रस, 10 मि.ली. शहद, 2 ग्राम भीमसेनी कपूर- तीनों को अच्छी तरह मिलाकर बॉटल में भरकर रख लें. रात को सोते समय आंखों में लगाएं. सुबह भी ऐसा करें. इससे मोतियाबिंद में काफ़ी लाभ होता है.
* गाजर, पालक और आंवले के रस का सेवन करने से मोतियाबिंद बढ़ता नहीं और दो-तीन महीने में ही कटकर साफ़ हो जाता है.
* एक चम्मच पिसा हुआ धनिया एक कप पानी में उबालकर छान लें. ठंडा होने पर आंखों में डालें. इस प्रयोग से मोतियाबिंद ठीक हो जाता है.
* आंखों की तकलीफ़ हो, तो गाय का दूध ज़्यादा पीएं. मेथी, भिंडी, पालक, केला, अंगूर, सेब, नारंगी, अनार आदि अधिक खाएं. खट्टी व तीखी चीज़ें न खाएं. तेज़ रोशनी और मानसिक तनाव से भी बचना ज़रूरी है, क्योंकि इनकी वजह से तकली़फें और भी बढ़ सकती हैं.

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मोतियाबिंद का अचूक इलाज
* बहुत पुरानी ईंट का टुकड़ा पीसकर छान लीजिए. ख़ूब बारीक़ होना आवश्यक है. फिर उसे आक के दूध में भिगोकर रख दें. कुछ समय बाद दूध सूख जाएगा, तब उसके 10 ग्राम चूरे में 5-6 लौंग पीसकर मिला दें. उसी चूरे को बार-बार दिन में 5-6 बार सूंघें. इसे सूंघने पर मोतियाबिंद का जाला साफ़ हो जाता है. यह प्रयोग गांव-कस्बों में आज भी प्रचलित है.

सुपर टिप
लहसुन आंखों के लेंस को साफ़ करता है. हर रोज़ लहसुन की दो कलियां चबाने से मोतियाबिंद व आंखों की अन्य तकलीफ़ों में लाभ होता है.

– मूरत गुप्ता

 दादी मां के अन्य घरेलू नुस्ख़े/होम रेमेडीज़ जानने के लिए यहां क्लिक करें-  Dadi Ma Ka Khazana

 

मैं वर्किंग वुमन हूं. ऑफ़िस में कंप्यूटर पर ज़्यादा देर काम करने के कारण मेरी आंखें लाल हो जाती हैं और आंखों में जलन व खुजली होने लगती है. कृपया, बताएं कि आंखों की सही देखभाल के लिए मुझे क्या करना चाहिए?
– शिखा मेहरा, मुंबई

कम्प्यूटर के सामने ज्यादा बैठने के नुकसान और उपचार

आंखें हमारे शरीर का बहुत ही महत्वपूर्ण और संवेदनशील हिस्सा हैं इसलिए इनकी सही देखभाल बेहद ज़रूरी है. आंखों को स्वस्थ बनाए रखने के लिए निम्न बातों का ध्यान रखें:
* कंप्यूटर पर काम करते समय स्क्रीन पर लगातार न देखें. 20 से 30 मिनट के अंतराल पर स्क्रीन से नज़रें हटा लें, इससे आंखों को आराम मिलेगा.
* नियमित अंतराल पर आंखों पर ठंडे पानी के छीटें मारती रहें.
* आंखों में जलन या खुजली होने पर मलने या रगड़ने की भूल न करें. डॉक्टर की सलाह लेकर आई ड्रॉप का इस्तेमाल करें.
* चेहरा धोने के लिए माइल्ड सोप या केमिकल फ्री फेसवॉश का इस्तेमाल करें.
* आंखों के आस-पास की त्वचा बेहद नाज़ुक होती है, ज़रा-सी भी लापरवाही से झुर्रियां व डार्क सर्कल की समस्या हो सकती है.
* डार्क सर्कल व झुर्रियों से बचने के लिए रोज़ाना सोने से पहले मॉइश्‍चराइज़िंग क्रीम से आंखों के चारों तरफ़ हल्के हाथों से मसाज करें.
* आंखों को धूप से बचाने के लिए यूवी प्रोटेक्टिव लेंस वाले सनग्लासेज़ का इस्तेमाल करें. सस्ते और घटिया क्वालिटी के लेन्स या सनग्लास़ेज न लगाएं. ये आंखों को नुक़सान पहुंचा सकते हैं.
* 1 मिनट में कम से कम 12 से 15 बार पलकें झपकाएं, वरना आंखें ड्राई हो सकती हैं.
* ज़्यादा गर्मी पैदा करने वाले टेबल लैंप व इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स से दूर रहें. इनके संपर्क में ज़्यादा रहने से आंखों में जलन की शिकायत हो सकती है.
* क़िताब या मैग्ज़ीन पढ़ते समय अपनी आंखों और क़िताब के बीच कम से कम आधे फ़ीट की दूरी रखें.
* एक्सरसाइज़ से भी आंखों को हेल्दी रखा जा सकता है. अतः थोड़ी देर के लिए आंखें बंद करें, पुतलियों को क्लॉक वाइज़ और एंटी क्लॉक वाइज़ घुमाएं. इससे आंखों को आराम मिलेगा.

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हर पल हाईटेक होती ज़िंदगी में हम हमेशा स्क्रीन्स से घिरे रहते हैं, चाहे वो कंप्यूटर स्क्रीन हो, मोबाइल स्क्रीन या फिर टीवी स्क्रीन. इनसे निकलनेवाली किरणों से हमारी आंखों पर काफ़ी तनाव पड़ता है, जिससे आंखों में ड्राईनेस, सिरदर्द और रोशनी कम होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं, पर कुछ रिलैक्सेशन ट्रिक्स आज़माकर हम इनसे बच सकते हैं.

Relaxation tricks for eyes

पामिंग:

 

आराम से बैठ जाएं. दोनों हथेलियों को रगड़ें और जब गर्माहट आ जाए, तो उन्हें कपनुमा बनाकर आंखों को ढंकें. इसी तरह 2-3 मिनट तक रखें.

आंखें झपकाना (ब्लिंकिंग):

 

पलकें झपकाने से जहां आंखों को सुकून मिलता है, वहीं आंखों में लुब्रिकेशन भी बढ़ता है, जिससे ड्राईनेस की समस्या नहीं होती. कंप्यूटर पर काम करते व़क्त थोड़ी-थोड़ी देर में पलकें झपकाते रहें.

आंखें घुमाना:

 

अपनी आंखें बंद करें और उन्हें गोल-गोल घुमाएं. इससे आंखों की मसाज होगी और आप बहुत अच्छा महसूस करेंगे. इससे आंखों में लुब्रिकेशन बना रहता है और थकान भी नहीं होती.

 

दूर-पास ट्रिक:

 

लगातार कंप्यूटर पर आंखें गड़ाए रहने से भी आपकी आंखों पर असर पड़ता है. स़िर्फ स्क्रीन को न देखें. उसके पीछे की चीज़ों को भी देखें. थोड़ी देर बाद कमरे में सबसे दूर रखी चीज़ को देखें. फिर अपने पास की किसी चीज़ को देखें. ऐसा करने से आंखों पर तनाव नहीं पड़ता.

बंद आंखों से एक्सरसाइज़:

 

आराम से बैठकर अपनी आंखें बंद करें. अब सिर को ऊपर-नीचे करें, फिर एक गहरी सांस लें. आंखें खोलकर चारों तरफ़ देखें. आंखें बंद करें और फिर सिर को दाएं-बाएं करें.
–  चश्मे या लेंसेस में एंटी ग्लेयर कोटिंग ज़रूर करवाएं.
– हमेशा सही रोशनी में ही काम करें.
– कंप्यूटर डिस्प्ले में ब्राइटनेस, कॉन्ट्रास्ट, कलर आदि को अपनी सुविधा के अनुसार एडजस्ट करें.
– हर आधे-एक घंटे में कंप्यूटर से ब्रेक लें.

 

10 अनहेल्दी ऑफिस हैबिट्स (10 Unhealthy Office Habits)