Tag Archives: eyes

10+ मॉनसून मेकअप टिप्स (Monsoon Makeup Tips)

मॉनसून में मौसम तो रूमानी होता है पर सबसे बड़ी समस्या ये होती है कि अपना लुक कैसे बरकरार रखा जाए? यहां हम आसान मेकअप टिप्स दे रहे हैं जिन्हें अपनाकर आप मॉनसून में भी हॉट और सेक्सी लगेंगी.

Monsoon Makeup

10+ मॉनसून मेकअप गाइड (Monsoon Makeup Tips)

– लाइट और नेचुरल मेकअप करें.

– स्टाइलिश लुक के लिए आप ब्राइट कलर की वॉटरप्रूफ लिपस्टिक यूज़ कर सकती हैं.

– वॉटरप्रूफ काजल और आईलाइनर भी लगा सकती हैं.

– इस मौसम में आप कलर्स के साथ एक्सपेरिमेंट कर सकती हैं.

– बेहतर होगा हैवी फाउंडेशन, ब्लश आदि  न लगाएं.

– अगर आपको मेकअप लगाना ही है, तो पहले चेहरे पर ब़र्फ रगड़ लें, इससे मेकअप टिका रहेगा और भीगने पर भी वो फैलेगा नहीं.

– अगर आपकी स्किन ड्राई या कॉम्बीनेशन है, तो ब़र्फ रगड़ने के बाद टोनर अप्लाई करें.

– अगर ऑयली है, तो ब़र्फ रगड़ने के बाद एस्ट्रिंजेंट लगाएं.

– आईशैडो में क्रीमी पिंक, लाइट ब्राउन, पेस्टल और बेज कलर्स इस सीज़न को कॉम्प्लीमेंट करते हैं.

– वॉटर बेस्ड मॉइश्‍चराइज़र्स ही यूज़ करें.

– हेयर स्टाइल सिंपल रखें, बाल शॉर्ट रख सकती हैं, तो बेहतर है.

– आईब्रोज़ ट्रिम करवाकर रखें, क्योंकि इस मौसम में आईब्रो पेंसिल यूज़ करना बैड आइडिया है, वो कभी भी स्मज होकर आपका लुक ख़राब कर सकती है.

यह भी पढ़ें: 10 क्विक मेकअप टिप्स से पाएं पार्टी परफेक्ट लुक

समर मेकअप… कैसे लगें समर में भी कूल? (Summer Makeup: How To Look Cool In Summer?)

Summer Makeup

तुम्हारी हसीन यादों का सफ़र अक्सर मुझे भीड़ में भी तन्हा कर देता है… फिर बस मैं होता हूं और तुम होती हो… तपता रेगिस्तान भी मुझे ठंडी झील-सा लगने लगता है और मैं एक मुसाफ़िर-सा उसके किनारे बैठकर तुम्हें सोचता हूं… फिर बस मैं होता हूं और तुम होती हो… ज़िंदगी जब थकाने लगती है, तो तुम्हारी ख़ुशबू का असर कुछ ऐसा होता है कि हर रास्ता छोटा लगता है, हर मंज़िल आसान लगती है… मैं चल पड़ता हूं फिर से उठकर उसी ख़ुशबू को आंखों में समेटे और फिर बस मैं होता हूं और तुम होती हो…

Summer Makeup

आपके हुस्न की चर्चा सभी करें, आप भी यही चाहती होंगी, लेकिन बदलते मौसम में रूप की धूप कुछ फीकी पड़ने लगती है… और जब मौसम हो गर्मी का, तो एक्स्ट्रा केयर की ज़रूरत होती ही है. गर्मी में सबसे बड़ी परेशानी मेकअप को लेकर होती है, हम समझ ही नहीं पाते कि कैसे अपने मेकअप और लुक को मेंटेन करें, लेकिन अगर आप कुछ ईज़ी रूल्स फॉलो करेंगी, तो समर में भी हॉट और ब्यूटीफुल नज़र आएंगी.

  •  समर में मेकअप के मेल्ट होने की सबसे बड़ी समस्या होती है. बेहतर होगा कि लाइट मेकअप करें.
  • बहुत ज़्यादा हैवी मेकअप करने से बचें, वरना स्किन पैची लगेगी और आपका पूरा लुक ख़राब हो जाएगा.
  • क्लीन लुक के लिए माइल्ड फेस वॉश से चेहरा धोएं. थपथपाकर पोंछें
  •  बेहतर होगा कि मेकअप से पहले फेस पर आइस रब करें, इससे मेकअप ज़्यादा देर तक टिका रहेगा.
  • लाइट मॉइश्‍चराइज़र अप्लाई करें. अक्सर लोग सोचते हैं कि मॉइश्‍चराइज़र स़िर्फ विंटर में ही अप्लाई करना चाहिए, जबकि यह ग़लत है. यह हर सीज़न में लगाना ज़रूरी है. हां, समर में आप वॉटर बेस्ट मॉइश्‍चराइज़र लगाएं, ऑयल बेस्ड नहीं.
  • समर में लिक्विड और क्रीम फाउंडेशन की बजाय पाउडर बेस्ड फाउंडेशन अप्लाई करें, वरना मेकअप मेल्ट होने लगेगा और स्किन ऑयली व स्टिकी लगेगी.
  • लाइट मिनरल फाउंडेशन वो भी एसपीएफ युक्त यूज़ करें. इसे अच्छी तरह से ब्लेंड करें.
  • ज़रूरी हो, तो कंसीलर लगाएं. पूरे फेस की बजाय आंखों के नीचे और दाग़-धब्बों पर ही कंसीलर अप्लाई करें.
  • नेचुरल लुक के लिए लाइट ब्रॉन्ज़र्स या फिर ब्राउन-लाइट पिंक ब्लश चीक्स के एप्पल्स पर, नाक पर, चिन और हेयर लाइन पर अप्लाई करें.
  • अगर आपकी स्किन ऑयली है, तो कॉम्पैक्ट अप्लाई कर सकती हैं.
  • पाउडर ब्लश समर में अवॉइड करें.
  • ब्लॉटिंग पेपर्स ज़रूर साथ में रखें. बीच-बीच में स्किन से एक्स्ट्रा ऑयल हटाने के लिए यह ज़रूरी है.
  • अगर आईशैडो लगाना ही है, तो नेचुरल कलर ही सिलेक्ट करें.
  • मस्कारा ज़रूर अप्लाई करें. ब्लैक की बजाय सॉफ्ट ब्राउन शेड यूज़ करें. इससे नेचुरल लुक मिलेगा. पतला आईलाइनर भी अप्लाई कर सकती हैं.
  • एसपीएफयुक्त लिप बाम यूज़ करें. ग्लॉसी लिप बाम्स भी मिलते हैं, जिनमें क्लीयर, न्यूड, लाइट पिंक और पीच-ऑरेंज शेड्स यूज़ किए जा सकते हैं.
  • लिप्स पर नेचुरल कलर्स ही यूज़ करें. शाइन और थोड़ा कलर ऐड कर
    सकती हैं.
  • लिप ग्लॉस की बजाय लिप कलर भी यूज़ कर सकती हैं. लाइट कलर यूज़ करेंगी, तो बेहतर होगा, क्योंकि उससे आपको फ्रेश व नेचुरल लुक मिलेगा.

Summer Makeup

  • समर मेकअप एसेंशियल्स
  • ऑयल फ्री मॉइश्‍चराइज़र ज़रूर रखें. सुबह मॉइश्‍चराइज़र अप्लाई करें.
  • प्राइमर में ज़रूर इंवेस्ट करें. आप ख़ुद ही फ़र्क़ महसूस करेंगी. मॉइश्‍चराइज़र के बाद और मेकअप से पहले प्राइमर अप्लाई करें. समर में यह बेहद ज़रूरी है, क्योंकि इसकी सबसे बड़ी ख़ासियत यह है कि ये हैवी या स्किन पर लेयर जैसा महसूस नहीं होता, साथ ही यह मेकअप को होल्ड करता है यानी मेकअप लंबे समय तक टिकता है.
  • ब्रॉन्ज़र को अवॉइड न करें. यह पूरे फेस को ब्राइट लुक देता है. फेस के हाई पॉइंट्स पर इसे अप्लाई करें.
  • क्रीमी-शाइनी प्रोडक्ट्स अवॉइड करें. नेचुरल ग्लो अलग होता है, लेकिन ऊपर से अप्लाई की हुई क्रीम या शाइन समर में लुक ख़राब करेंगे.
  • शीयर पर ट्रस्ट करें. हैवी मेकअप समर के लिए नहीं होता. बेहतर होगा आप शीयर न्यूड कलर्स पर ही ट्रस्ट करें और उन्हें यूज़ करें.
  • लॉन्ग लास्टिंग आईशैडो के लिए आई क्रीम्स समर में यूज़ न करें, उसकी बजाय आई प्राइमर का इस्तेमाल करें.
  • जब भी बाहर जाएं, सनस्क्रीन ज़रूर लगाएं. सनस्क्रीन 30 या 40 या इससे भी अधिक एसपीएफयुक्त होना चाहिए, ताकि तेज़ धूप से आपकी त्वचा का बचाव हो सके.

 योगिनी भारद्वाज

डिफरेंट स्ट्रोक्स…

कोई गुलाब खिला हो जैसे कहीं, कोई ख़्वाब सजा हो जैसे कहीं… कोई कंवल महका हो जैसे कहीं, कोई गुलमोहर बिखरा हो जैसे कहीं… रंग भी हैं और नूर भी… तेरे हुस्न के हर पहलू में चाहत भी है और सुरूर भी… लबों की नर्मी में गुलों का बसेरा है, आंखों के काजल में मखमली अंधेरा है… रुख़सार पर आफ़ताब का सवेरा है,  ज़ुल्फ़ों में महकती ख़ुशबू का डेरा है…

1

अलग-अलग पार्टी के लिए अलग-अलग लुक ट्राई करें और अपने अंदाज़ को दें डिफरेंट स्ट्रोक्स.
स्टारी लुक

टूटे चंद सितारे तेरे हुस्न की कैद में आने के लिए… कुछ पलकों पर बिखर गए, कुछ होंठों पर सिमट गए, तो कुछ अब भी बेक़रार हैं तेरे नूर में समाने के लिए…

5

–  पार्टी में जाना है, तो अपने लुक को अट्रैक्टिव बनाना ही पड़ेगा.
– ग्लैमरस लुक के लिए स्किन पर टिंटेड मॉइश्‍चराइज़र अप्लाई करें.
– आंखों को हाईलाइट करने के लिए आई मेकअप पर ध्यान दें.
– आजकल ब्लू कलर फैशन में है, तो ब्लू आईलाइनर औैर डार्क ब्लू आईशैडो अप्लाई करें.
–  आंखों के इनर कॉर्नर पर व्हाइट शैडो अप्लाई करें.
–  ब्लू आईशैडो को स्मज करें और अपने लुक को कंप्लीट करने के लिए स्टार शेप्ड स्टोन्स या ग्लिटर्स अप्लाई करें.

ब्लू आईज़

बिन बोले ही बहुत कुछ बोलती हैं तेरी आंखें… कभी फूलों में रंग, तो कभी रंगों में शोख़ियां घोलती हैं तेरी आंखें…

2

– अपने पार्टी लुक को थोड़ा सॉफिस्टिकेटेड बनाने के लिए लिप मेकअप को सटल रखें और आई मेकअप को मैट फिनिश दें.
– फेस को नेचुरल लुक देने के लिए फाउंडेशन, कंसीलर और कॉम्पैक्ट लगाएं.
– लिप बाम लगाकर लाइट शेड का लिप कलर अप्लाई करें.
– आंखों को डार्क ब्लू कलर से स्मोकी लुक दें. आईशैडो ग्लिटरी न हो, बल्कि मैट हो, ताकि आपका लुक एकदम डिफरेंट लगे.
– ब्लू कलर के साथ ब्लैक भी मिक्स करें, ताकि परफेक्ट स्मोकी आई लुक मिले.

डार्क लिप्स

तुम्हारे लबों पर मुहब्बत लिखा था मैंने और उस मुहब्बत में रंग तुमने भरे थे… मेरी नज़रों से गुज़रे थे जो रंगीन ख़्वाब, वो तुम्हारी ही पलकों पर सजे थे…

4

– हॉट लुक के लिए बेहद ज़रूरी है कि आपका लिप मेकअप भी हो एकदम हॉट.
– हॉट लुक पाने के लिए मेकअप भी स्पाइसी होना चाहिए और आजकल डार्क लिप कलर्स इन हैं, तो आपके लिए यह लुक पाना और भी आसान है.
– चाहे पर्पल हो, रेड हो या फिर हो ब्लैकिश मरून… अपने होंठों को इन रंगों से सजाकर आप हो जाएंगी एकदम पार्टी रेडी.
– बेहतर होगा कि ग्लॉसी लिप कलर अप्लाई करें या फिर मैट पर ग्लॉस अप्लाई करें.
– आई मेकअप बहुत ज़्यादा हाईलाइट न करें या फिर मैचिंग कलर का ही आईशैडो लगाएं.

हेयर स्टाइल

रेशमी हैं ये राहें मुहब्बत की, तू चांद है मेरी रातों का और तेरी ज़ुल़्फें हैं पनाहगाह इन घटाओं की…

3

–  पार्टी में डिफरेंट नज़र आना चाहती हैं, तो हेयर स्टाइल भी  डिफरेंट होनी चाहिए.
– आगे-पीछे से बालों का सेक्शन  छोड़कर बाकी के बालों का बन बना लें.
–  आगे-पीछे के बालों के छोटे-छोटे सेक्शन लेकर रिंग्स बनाकर बन पर पिनअप कर लें.

– गीता शर्मा

क्विक मेकअप आइडियाज़

मेकअप आइडियाज़

 

shutterstock_254940538

– यदि आई मेकअप नहीं करना चाहतीं या समय नहीं है, तो आई लैशेज को कर्ल कर लें और मस्कारा लगा लें. आंखों को आकर्षक लुक देने का ये सबसे आसान और क्विक तरीक़ा है.

–  आंखों के मेकअप के लिए ज़्यादा व़क़्त न हो, तो ब्राउन आईशैडो का एकदम डार्क शेड लें और आईलिड पर ब्रश की सहायता से स्मज करें. ख़ूब सारा मस्कारा लगाएं और निचले लिड पर काजल लगाएं.

परफेक्ट मेकअप ट्रिक्स

2

– मेकअप करने से पहले अपनी स्किन पर 5-10 मिनट तक ब़र्फ रब कर लें. इसके बाद मेकअप करने से वो ़ज़्यादा देर तक टिकता है.

–  क्लीन-मॉइश्‍चराइ़ज़्ड स्किन से शुरू करें.

– फुल फेस कवरेज के लिए सबसे पहले माथे, नाक, ठोड़ी और गालों पर फाउंडेशन के डॉट्स लगाकर उंगलियों के पोरों से ब्लेंड करें. अब थोड़ा फाउंडेशन लगाएं.

–  आजकल सांवली रंगत के लिए कई सारे फाउंडेशन, कंसीलर और पाउडर मार्केट में उपलब्ध हैं, लेकिन इसमें ज़्यादातर ऑरेंज टोन होता है. इसलिए इनसे बचें. इसकी बजाय डीप यलो या रिच गोल्डन टोन वाले फाउंडेशन का चुनाव करें.

– इसी तरह फेयर कॉम्प्लेक्शनवालों को हैवी फाउंडेशन से बचना चाहिए. टिंटेड मॉइश्‍चराइज़र और शीयर फाउंडेशन आपको नेचुरल लुक देंगे.

– अपनी उंगलियों से धीरे-धीरे थपथपाते हुए फाउंडेशन को ब्लेंड करें. अगर चाहें तो गीले स्पॉन्ज से इसे और अच्छी तरह ब्लेंड कर सकती हैं.

– आईशैडो के बेस के तौर पर आईलिड पर भी फाउंडेशन अप्लाई करें.

– कोई दाग़-धब्बे नज़र आएं, तो कंसीलर से उन्हें कवर करें.

– फाउंडेशन से कॉम्प्लीमेंट करता ट्रांस्लुसेंट पाउडर अप्लाई करें. एक बड़े राउंड ब्रश से थोड़ा-सा ट्रांस्लुसेंट पाउडर डस्ट करें. मैट फिनिश के लिए हल्का-सा पाउडर पफ लगाएं.

– टचअप के लिए एक स्टिक फाउंडेशन साथ में रखें, जो आसानी से आपके मेकअप को फ्रेश टचअप देने के लिए काफ़ी है. बहुत ज़्यादा पाउडर के इस्तेमाल  से बचें.

पोनीटेल ट्विस्ट

4

– पोनी अब सिंपल हेयर लुक नहीं रह गया है. पोनी भी नए ग्लैमरस व वेरायटी मेकओवर के साथ फैशन वर्ल्ड का हिस्सा बन चुका है.

– बबल पोनीटेल ट्राई करें. इसके लिए पहले पोनी बांधें. फिर थोड़ी-थोड़ी दूरी पर रबर बैंड बांधते जाएं.

– लो पोनी बांधकर उसे मेटल थ्रेड से अच्छे से रैप कर दें.

– पोनी से बालों का एक सेक्शन लेकर उसे पोनी पर रैप करें. ये भी डिफरेंट लुक देगा.

– पोनी बांधें. अब उसे हल्का-सा पफ लुक देते हुए थोड़ी दूरी पर एक रबर बैंड और बांधें.

– सेंटर पार्टिंग करके दोनों कानों के पास दो पोनी बांधें और बालों का सेक्शन लेकर दोनों पोनी पर रैप कर दें.

– रोल्ड पोनीटेल ट्राई करें. साइड पोनी बनाकर रिबन से उसे रैप करें या पोनी के दो सेक्शन करके उन्हें आपस में ट्विस्ट करके ट्विस्टेड पोनी बनाएं.

– श्रेया तिवारी

ब्यूटी आइडियाज़

एक ख़्वाब जिसे हर आंख ने देखा, एक ख़्याल जो हर दिल में
मुहब्बत बन धड़का… एक नग़मा जिसे हर ज़ुबां ने गुनगुनाया… कभी ठहरे हुए पानी-सी ख़ामोशी लगी उसकी ख़ूबसूरती, तो कभी लहरों की चंचलता… और शबनम के मोती-सा उसका रूप ख़्वाब की ताबीर बन गया. ऐसे ही हुस्न की ख़्वाहिश हमने भी की है आपके लिए, तभी तो ये ब्यूटी आइडियाज़ ले आए हैं आपके लिए.

मेकअप इन फैशन

1

लिपस्टिक

– 70 का ट्रेंड लौट आया है. डार्क लिप्स आजकल हॉट ट्रेंड है. बेरी, प्लम, ब्राउन शेड्स की लिपस्टिक सिलेक्ट करें.

–  डार्क लिपस्टिक लगा रही हैं, तो बाकी मेकअप टोन्ड डाउन ही रखें.

–  लिपस्टिक में ब्लर इफेक्ट भी आजकल इन है. इसके लिए होंठों के बीच में लिपस्टिक लगाएं और उंगलियों से उसे पूरे होंठों पर स्मज करें.

–  डार्क शेड आपके होंठों को पतला दिखाते हैं. बेहतर होगा कि लिपस्टिक लगाने से पहले आउटलाइन कर लें.

–  क्लासिक लुक के लिए डीप रेड कलर की लिपस्टिक लगाकर विंग्ड आईलाइनर और ख़ूब सारा मस्कारा लगाएं.

–  वॉयलेट लिपस्टिक के साथ स्मोकी आईज़ परफेक्ट लुक देती है.

आईलाइनर

–  ग्राफिक आईलाइनर न्यू हॉट ट्रेंड है.

–  इसके लिए लाइनर को आंखों के बाहर खींचते हुए लगाएं.

–  इस सीज़न विंग्ड आईलाइनर को भी प्ले करने दें डबल रोल यानी अपर  और लोअर लिड को विंग्ड आईलाइनर लुक दें.

–  एक्सपेरिमेंट करना चाहती हैं, तो ज्योमैट्रिक लाइनर ट्राई करें.

ब्राइट आईशैडो

–  आई मेकअप में ब्लैक और ब्राउन अब पुरानी बात हो गई है. न्यू ट्रेंड है कलर पॉपिंग का. ब्राइट ऑरेंज से आइसी ब्लू तक- आप कोई भी ब्राइट आईशैडो सिलेक्ट कर सकती हैं.

–  आईलिड पर पहले व्हाइट या न्यूड शेड का प्राइमर अप्लाई करें. इससे कलर पॉपिंग का इफेक्ट ज़्यादा दिखाई देगा.

–  आईशैडो का वही शेड लोअर आई लैशेज पर यूज़ करें. ख़ूबसूरत स्मोकी इफेक्ट मिलेगा.

–  आईशैडो को और ज़्यादा इंटेंसिफाई करने के लिए उसी कलर का लाइनर अप्लाई करें.

–  आई मेकअप में थोड़ा शिमर एंड शाइन ऐड करें. इससे आंखों को ग्लैमरस लुक मिलेगा.

2

फॉर स्मोकी लुक

–  स्मोकी लुक ऑलटाइम ट्रेंडी लुक है.

–  इसके लिए कॉटन बड (ईयर बड) से काजल को आईलिड पर रब करें. अब जो लिप पेंसिल आप लिप पर अप्लाई करेंगी, उसी लिप पेंसिल को काजल पर हल्का-सा रब करें और कॉटन बड से स्मज कर दें.

–  शिमर्स इस सीज़न में इन हैं. अगर पार्टी लुक चाहती हैं, तो शिमरी स्मोकी आईज़ क्रिएट करें. इसके लिए आई मेकअप को स्मोकी इफेक्ट देने के बाद शिमर ऐड करें.

नेल आर्ट

–  परफेक्ट नेलपॉलिश आपका मूड बदल सकता है और ये बात शोधों में भी साबित हो चुकी है. तो क्यों न नेलपॉलिश को भी नया ट्विस्ट दें. नेल आर्ट ट्राई करें, जो आजकल काफ़ी ट्रेंड में भी है.

–  लाइट कलर की नेलपॉलिश अप्लाई करें. टूथपिक से कंट्रास्ट कलर की नेलपॉलिश से डॉट्स बनाकर पोल्का डॉट्स का इफेक्ट दें.

–  नेलपॉलिश अप्लाई करके कॉर्नर पर ग्लिटर स्प्रेड करके ग्लिटरी इफेक्ट दें.

–  मार्कर या ब्रश से स्ट्राइप्स बनाएं. ये ईज़ी और क्विक नेल आर्ट ट्रिक है.

–  आप चाहें तो हर नेल को अलग-अलग ब्राइट कलर से पेंट कर सकती हैं.

आईशैडो सिलेक्शन

–  अगर आपकी आंखों का रंग डार्क ब्राउन है, तो ब्रॉन्ज, कॉपर या ब्राउन आईशैडो सिलेक्ट करें. ग्लैमरस लुक के लिए ग्रीन चुनें.

–  अगर आपकी आंखों का रंग ब्लैक है, तो आप कोई भी शेड सिलेक्ट कर सकती हैं. ब्राउन, सॉफ्ट गोल्ड या ग्रे आईशैडो आप पर ख़ूबसूरत लगेंगे.

–  अगर आपकी ब्लू आईज़ हैं तो आप टरकॉयज़, सिल्वर, फुशिया जैसे डार्क शेड्स अप्लाई करें.

–  अगर आईशैडो पर ज़्यादा ख़र्च करना नहीं चाहतीं, तो पाउडर आईशैडो ख़रीदें. ये सस्ते तो होते ही हैं, इनके एक कॉम्पैक्ट में एक साथ कई शेड और हाइलाइटर भी शामिल होते हैं.

–  अगर आप जल्दी में हैं, तो आईशैडो स्टिक आपके लिए पऱफेक्ट होगा. ये लगाने में आसान होता है और ज़्यादा महंगा भी नहीं होता.

–    आंखों के मेकअप के लिए ज़्यादा व़क़्त न हो, तो ब्राउन आईशैडो का एकदम डार्क शेड लें और आईलिड पर ब्रश की सहायता से स्मज करें. ख़ूब सारा मस्कारा लगाएं और निचले लिड पर काजल लगाएं.

– श्रेया तिवारी

ब्यूटी बेसिक्स

हसीं हो तुम, हो मेरे लिए ख़ुदा भी तुम… मुहब्बत की ज़मीं भी तुम, ख़्वाबों का आसमान भी तुम… तुम ही मेरा सुकुन, तुम ही मेरा जुनून… नाज़ो-अंदाज़ के तुम्हारे क्या कहना… गुले-गुलज़ार हो या दिल का नगीना… बहुत ख़ूब लगते हैं ये जलवे तुम्हारे… पूछते हैं सभी कि कहां से आई है ये कमसिन हसीना…

 

 

 

1

ख़ूबसूरती का क़ायल तो हर दिल होता है, ऐसे में अगर कुछ छोटी-छोटी बातों और बेसिक चीज़ों का ख़्याल रखा जाए, तो आपके लिए भी ख़ूबसूरत बने रहना मुश्किल नहीं होगा. तो देर किस बात की, इन ब्यूटी बेसिक्स को समझिए और अपने ब्यूटी रूटीन में शामिल कर लीजिए.

बिना रिमूवर के नेलपेंट रिमूव कैसे करें: अगर नेल पेंट रिमूवर ख़त्म हो गया और आपको नेलपेंट रिमूव करनी है, तो सबसे आसान तरीक़ा है कि एक कोट नेलपेंट लगाकर फ़ौरन कॉटन से रिमूव करें. इससे पुरानी नेल पॉलिश भी निकल जाएगी.

सप्लीमेंट्स लेना बंद करें: अच्छी स्किन और बालों की चाह में अक्सर लोग सप्लीमेंट्स का सहारा लेते हैं, लेकिन बिना डॉक्टरी सलाह के यह ख़तरनाक हो सकता है. कुछ तरह के विटामिन्स और मिनरल्स को मिक्स करने पर उनका विपरीत प्रभाव भी पड़ सकता है.

बहुत ज़्यादा रोज़ी चीक्स से बचें: गालों पर बिखरी गुलाबी आभा ख़ूबसूरती को और बढ़ा देगी, लेकिन अगर यह बहुत ज़्यादा हो जाए, तो आर्टिफिशियल लुक मिलेगा. ब्लश हमेशा ही सोच-समझकर लगाएं. दो उंगलियों जितनी चौड़ाई रखें, नाक से दूर और स़िर्फ गालों के उभार पर ही अप्लाई करें. इससे नेचुरल लुक मिलेगा.

ऑयली स्किन से छुटकारा पाएं: चेहरे पर ऑयल आ जाने पर ब्लॉटिंग पेपर का इस्तेमाल करें. इससे सारा एक्सट्रा ऑयल तो वो सोख ही लेगा, साथ ही ऑयल सेक्रिशन को भी कम करेगा.

शेविंग करने का सही तरीक़ा अपनाएं: जब भी अनचाहे बालों से छुटकारा पाने के लिए शेव करना हो, तो कुछ देर तक गुनगुने पानी से स्किन को वॉश करें. इससे फॉलिकल्स खुल जाते हैं और शेव अच्छी व आसान होती है. इसके अलावा शेविंग के बाद होनेवाली जलन व लालिमा भी नहीं होती.

हेयर लिफ्ट के लिए: ब्लो ड्राय करने से पहले बालों की जड़ों में वॉल्युमाइज़िंग स्प्रे लगाएं.

अपना शेड पहचानें: जब भी फाउंडेशन सिलेक्ट करना हो, तो उसे जॉ लाइन के पास की स्किन पर ही अप्लाई करके देखें और वो भी नेचुरल लाइट में. आपके चेहरे की स्किन टोन आपकी गर्दन की नेचुरल स्किन टोन से बहुत ज़्यादा अलग नहीं होनी चाहिए.

रोज़ाना एक्सफॉलिएट करें: इससे डेड स्किन निकल जाती है और फ्रेशनेस आती है. आप रोज़ाना धूल-मिट्टी को सहते हैं, तो ऐसे में रोज़ाना एक्सफॉलिएट करना भी ज़रूरी है. लेकिन यह बहुत ही माइल्ड होना चाहिए. आजकल बहुत से माइल्ड स्क्रब या ऐसे फेश वॉश भी उपलब्ध हैं, जो एक्सफॉलिएट भी करते हैं. इन्हें यूज़ करें.

बालों के कर्ल्स को बाउंस दें: अगर आपके बालों में नेचुरल कर्ल्स हैं, तो उन्हें कभी भी हेयर ब्रश से ब्रश न करें. बेहतर होगा कि उंगलियों से ही सुलझाएं, इससे उन्हें बाउंस मिलेगा.

3

ब्यूटी लेबल्स के दावों पर न जाएं: अगर कोई प्रोडक्ट यह दावा करता है कि वो आपको इंस्टेंट ग्लो या गोरापन देगा या फिर पूरा दिन सन प्रोटेक्शन का दावा करता है, तो ज़रूरी नहीं कि सच में वो ऐसा करिश्मा कर दिखाएगा. इसलिए स्किन प्रोडक्ट्स में बहुत ज़्यादा एक्सपेरिमेंट न करके वही यूज़ करें, जो आपको सूट करता हो.

फुलर लिप्स क्रिएट करें: अगर आपके लिप्स पतले हैं और आप उन्हें फुल और सेक्सी दिखाना चाहती हैं, तो न्यूट्रल टोन की लिप लाइनर पेंसिल से लिप्स की नेचुरल लाइन से बाहर लाइन ड्रॉ करें. लिपस्टिक अप्लाई करें. यहां यह ध्यान रखें कि आउटलाइन नेचुरल लाइन बहुत ज़्यादा भी बाहर न हो. चाहें तो लिपग्लॉस अप्लाई करें या फिर ग्लास का एक डॉट सेंटर में लगाएं. यह सेक्सी लुक देगा.

अपने हेयरकलर को फेड होने से बचाएं: हेयरकलर जब फेड होने लगता है, तो वो बहुत भद्दा लगने लगता है. इससे बचने के लिए महीने में एक बार डीप कंडीशनिंग ट्रीटमेंट करवाएं. इससे कलर लॉक हो जाएगा और बाल भी ड्राई व डैमेज होने से बचेंगे.

फेक आईलैशेज़ पर भी मस्कारा लगाएं: इससे नकली आईलैशेज़ आपके नेचुरल लैशेज़ के साथ ब्लेंड होकर नेचुरल लुक देंगे और आंखें सुंदर नज़र आएंगी.

पेडिक्योर का ख़र्चा कम करें: अगर आप रोज़ाना अपने पैरों की नियमित देखभाल करेंगी, तो पार्लर में जाकर पेडिक्योर की ज़रूरत नहीं पड़ेगी. रोज़ाना नहाते समय एड़ियों को स्क्रब करें और नहाने के बाद पैरों पर मॉइश्‍चराइज़िंग क्रीम अप्लाई करें. इससे आपके पैर लंबे समय तक सुंदर बने रहेंगे और पेडिक्योर कम करना पड़ेगा.

आईशैडो प्राइमर का सही एप्लीकेशन: मेकअप को लॉक करने में प्राइमर भले ही मदद करता है, लेकिन जिन हिस्सों पर आप कलर या मेकअप अप्लाई नहीं करने जा रही हों और वहां प्राइमर का ज़्यादा इस्तेमाल करेंगी, तो पूरा ध्यान प्राइमर पर ही जाएगा और आपको अपना मनचाहा लुक नहीं मिलेगा. दरअसल मेकअप शेड्स के मुकाबले प्राइमर का टोन अधिक ब्राइट होता है.

सेक्सी रेड

सॉफ्ट स्किन के लिए: नहाने के फ़ौरन बाद या अगर कभी बीच व पूल पर भी गई हों, तब भी पानी से बाहर निकलते ही स्किन पर कोई मॉइश्‍चराइज़िंग क्रीम या लोशन ज़रूर लगाएं, क्योंकि पानी से स्किन के नेचुरल ऑयल धुल जाते हैं. ऐसे में नमी बरक़रार रखने और स्किन को ड्राई होने से बचाने केलिए क्रीम लगाना बेहद ज़रूरी है.

क्लैरिफाई शैंपू: हफ़्ते में एक बार क्लैरिफाइंग शैंपू का इस्तेमाल ज़रूर करें. इससे डैंड्रफ, केमिकल्स से जमा हुआ वेस्ट निकल जाएगा और बालों की शाइन वापस आएगी. स्काल्प को भी यह हेल्दी रखता है.

क्यूटिकल्स पर आई क्रीम अप्लाई करें: अलग से क्यूटिकल क्रीम ख़रीदने की बजाय ड्राई क्यूटिकल्स पर आई क्रीम लगाएं. यह उन्हें हाइड्रेट व मॉइश्‍चाइज़ करेगी.

ब्रॉन्ज़र का एप्लीकेशन सही रखें: अप्लाई करने से पहले दो-तीन बूंदें मॉइश्‍चराइज़िंग लोशन की मिक्स करके ब्लेंड करें और फिर ब्रॉन्ज़र को अप्लाई करें. इससे वो स्किन में अच्छी तरह से ब्लेंड हो जाएगा और स्किन को क्लीन लुक भी मिलेगा.

स्प्लिट एंड्स से छुटकारा: दोमुंहे बाल अक्सर पूरा लुक ख़राब कर देते हैं. इन्हें छिपाने का कारगर तरीक़ा है कि बालों को आयरन करने या ब्लो ड्राई से पहले भी और बाद में भी हैवी हेयर रिपेयर क्रीम लगाएं. इससे मॉइश्‍चर लॉक हो जाएगा और दोमुंहे बाल नज़र नहीं आएंगे.

ब्यूटी रूटीन बदलें: हमारा शरीर ख़ुद-ब-ख़ुद समय व मौसम को देखते हुए बदलाव की डिमांड करता है. ऐसे में मौसम को देखते हुए अपने ब्यूटी रूटीन को प्लान करें, जैसे- सर्दियों में ज़्यादा मॉइश्‍चराइज़िंग क्रीम व लोशन्स अपनी ब्यूटी लिस्ट में शामिल कर लें और गर्मियों में एसपीएफ का इस्तेमाल ज़रूर करें.

ग्रीसी बालों के लिए: कंडीशनर को बालों की जड़ों में अप्लाई न करें. बेहतर होगा कि आप बालों के सिरों पर हैवी मॉइश्‍चराइज़िंग क्रीम लगाएं.

ऑयली स्किन पर भी ऑयल अप्लाई करना ज़रूरी है: यह ज़रा अजीब-सा लगेगा, लेकिन स्किन क्लींज़िंग के लिए या मेकअप रिमूव करने के लिए भी ऑयल बेस्ड प्रोडक्ट के इस्तेमाल से आपकी नेचुरल स्किन और अच्छी बनेगी. ओवर क्लींनिंग से तेल-ग्रंथियां ज़्यादा तेल का निर्माण करने लगती हैं, जिससे स्किन और ऑयली हो सकती है.

6

फ्लेकी मस्कारा: अक्सर मस्कारा अप्लाई करने पर यह डर बना रहता है कि वो सूखने के बाद चेहरे पर यहां-वहां बिखर जाता है. दरअसल यह सिग्नल है कि मस्कारा या तो पुराना हो गया या फिर आप उसे यूज़ करने के बाद सील पैक नहीं करतीं. हमेशा उसका कैप टाइट बंद करें, ताकि वो ज़्यादा समय तक चले और बिखरे भी नहीं.

पिंपल्स से आसान छुटकारा: आप माने या न माने, लेकिन यह सच है कि पिंपल्स पर टूथपेस्ट लगाने से वो जल्दी सूखते हैं.

सेक्सी चीकबोन के लिए: अपनी चीकबोन को और उभार व शेप देने के लिए ब्रॉन्ज़र सीधे-सीधे चीकबोन के नीचे अप्लाई करें. चाहें तो चीकबोन पर हाईलाइटर का इस्तेमाल भी कर सकती हैं.

मेकअप टूल्स साफ़ रखें व समय पर बदलें: चाहे रेज़र हो या मेकअप ब्रश इस्तेमाल के कुछ समय बाद ही उनमें बैक्टिरिया पनपने लगते हैं, ऐसे में यदि उन्हें नियमित रूप से साफ़ नहीं किया गया या बदला नहीं गया, तो स्किन इंफेक्शन या त्वचा संबंधी अन्या समस्या हो सकती है.

लॉक इट: क्रीम बेस्ड प्रोडक्ट का इस्तेमाल करते समय, चाहे लिपस्टिक हो या फाउंडेशन, ड्राई फेस पाउडर ऊपर से अप्लाई करें. इससे मेकअप या आपका लुक लॉक हो जाएगा. यही बात ब्लश पर भी लागू होती है. क्रीम ब्लश के बाद पाउडर ब्लश उस पर अप्लाई करें.

ब्यूटी प्रोडक्ट्स को नियमित रूप से बदलते रहें: जिस तरह मेकअप टूल्स पर बैक्टिरिया जमा हो जाते हैं, उसी तरह बार-बार इस्तेमाल करने से मेकअप प्रोडक्ट्स पर भी वो इकट्ठा हो जाते हैं. इसलिए लंबे समय तक उन्हें इस्तेमाल न करें. उनकी शेल्फ लाइफ को ध्यान में रखते हुए समय पर बदल दें.

मेकअप असेंशियल्स

फेस

2

– लाइट पिंक ब्लशर अप्लाई करें, क्योंकि यह आपको नेचुरल लुक देगा. डार्क पिंक चीक्स के एप्पल्स को हाई लाइट करेगा, तो आप यह भी ट्राई कर सकती हैं.

– मैट कॉम्पैक्ट भी बहुत ज़रूरी है, क्योंकि यह स्किन के एक्स्ट्रा शाइन को कवर करके फ्रेश लुक देता है और मेकअप को भी सील करता है.

– इंस्टेंट हाइड्रेशन के लिए फेस मिस्ट ज़रूर रखें.

– लाइट ब्रॉन्ज़र आपके फेस को हल्का-सा शीन देगा, जिससे आप और भी ख़ूबसूरत लगेंगी.

– फेस को स्लीक व ओवल लुक देने के लिए अपने चीक्स के एप्पल पर लाइट कलर यूज़ करें और इसे डार्कर शेड के साथ ब्लेंड करें. आपके चीकबोन्स को यह परफेक्ट शेप देगा.

– फेस और नेक के लिए लूज़ शिमर पाउडर का लाइट शेड अप्लाई करें और चीकबोन्स को हाई दिखाने के लिए डार्क ब्रॉन्ज़र के साथ ब्लेंड करें.

आईज़

4

– मैटालिक स्मोकी आईज़ के लिए ब्रॉन्ज़ आईशैडो परफेक्ट है. इसे आप चीक हाईलाइटर की तरह भी यूज़ कर सकती हैं.

– ज्वेल टोन आईलाइनर्स और आईशैडो से अपनी आंखों को डिफाइन करें. इसमें ब्लू, पर्पल और ग्रीन के शेड्स बहुत अट्रैक्टिव लगते हैं.

– अगर आपको फॉल्स आईलैशेज़ पसंद नहीं, तो वॉल्यूमाइज़िंग मस्कारा यूज़ करें.

– बोल्ड और विंग्ड लुक के लिए जेल आईलाइनर यूज़ करें.

लिप्स

1

– मॉइश्‍चराइज़िंग लिप बाम आपको लिपस्टिक के लिए परफेक्ट बेस देगा. साथ ही यह लिप्स को सॉफ्ट और स्मूद भी रखता है.

– ईवनिंग लुक के लिए कोरल लिप कलर का इस्तेमाल करें. इसके साथ विंग्ड आईलाइनर लुक ट्राई करें.

– रेड लिपस्टिक हमेशा से ही सेंसुअल और सेक्सी मानी जाती है. स्ट्रॉन्ग ईवनिंग लुक के लिए आप रेड मैट लिपस्टिक भी यूज़ कर सकती हैं.

– अगर ग्लॉस और शाइनी लिप्स पसंद हैं, तो पिंक लिप कलर्स पर ग्लॉस अप्लाई करें.

 

मेकअप ट्रिक्स

लबों से मुमकिन नहीं कि तुम्हारे हुस्न की तारीफ़ करूं… निगाहें भी ये गुस्ताख़ी करने से डरती हैं… बिन कहे गर समझ सको, तो बस इतना सा है ये अफ़साना… तुम हो चांद गगन का और ये दिल तुम्हारा दीवाना… फ़रिश्तों-सी बोलती आंखें और मासूम लब ये तुम्हारे… जगा जाते हैं अरमान दिल के, पलकों पर सज जाते हैं कई ख़्वाब कुंआरे…

3

मौसम चाहे जो भी हो, आपका हक़ बनता है हमेशा सबसे हसीं नज़र आने का. तो देर किस बात की इन लेटेस्ट मेकअप ट्रिक्स को अपनाकर बन जाएं ब्यूटीफुल और लगें सबसे हॉट.

 

dreamstime_xl_34724528

ब्लिंग आईज़: शिमरी मेकअप ट्राई करने से हिचकें नहीं. आंखों पर शिमरी-ग्लिटरी आईशैडो और आईलाइनर्स यूज़ करें.

– ब्लू कलर आई मेकअप में इन दिनों ट्रेंड में है. आप ब्लू के शेड्स ट्राई कर सकती हैं और यह सभी तरह की स्किन टोन पर अच्छा लगता है.

– गोल्ड शैडो और ग्लिटर आपको आंखों को देंगे इंस्टेंट ब्राइटनेस. गोल्ड शैडो को लिड्स पर बेस की तरह यूज़ करें और उस पर डार्क कलर का आईलाइनर यूज़ करें.

– इंग्लिश रोज़ आईशैडो आपको आंखों को पेटल पिंक जैसा सॉफ्ट लुक देगा. आप चाहें तो इस कलर के ब्लश को भी ग्लिटर के साथ आईशैडो की तरह यूज़ कर सकती हैं.

– पर्पल आईशैडो भी इन है. लेकिन इससे भी कहीं ज़्यादा ट्रेंड में है स्मॉक्ड लाइलैक (पेल वायलेट कलर) शैडो. लायलैक के डस्टी ग्रे अंडरटोन्स (शिमरी) आपको अलग ही एटीट्यूड देंगे.

– नेवी ब्लू आईलाइनर से आप ड्रामैटिक लुक क्रिएट कर सकती हैं. आंखों के बाहरी कोनों पर ग्राफिक क्यूब्स डिज़ाइन कर सकती हैं.

– फ्रेश फेस और विंग्ड आईलाइनर ट्राई करें. – हेवी फाउंडेशन से बचें. उसकी जगह टिंटेड मॉइश्‍चराइज़र या बीबी क्रीम यूज़ कर सकती हैं. – विंग्ड आईलाइनर्स ट्राई करें. आप कैट आई लुक भी ट्राई कर सकती हैं, ये ट्रेंड में है.

– विंग्ड आईलाइनर के साथ बहुत ज़्यादा एक्सपेरिमेंट न करें. बेहतर होगा कि ज़्यादा कलर्स या पेल आईशैडो की बजाय सिंगल कलर शैडो लगाएं.

shutterstock_367878260

ब्राइट लिप्स: मेकअप का मतलब ही होता है ग्लैमर और कलर्स. ऐसे में ब्राइट लिप कलर्स आपको देंगे ग्लैमरस लुक.

– लिप कलर्स में इलेक्ट्रिक ऑरेंज लिप कलर्स इन हैं. इसमें भी ज़्यादा ब्राइट, डीप और सेक्सी ऑरेंज आपको ट्रेंडी लुक देंगे. ब्राइट ऑरेंज कलर सभी स्किन टोन के साथ मैच करता है.

– नियॉन ऑरेंज भी ट्राई किया जा सकता है. ग्लॉसी और क्रीमी लिपस्टिक्स फ्रेश लुक देगी. ऑरेंज के साथ मैट फिनिश मेकअप से बचें.

– वेल्वेटी मैट फिनिश के लिप कलर्स ट्राई करें.

– रेड वेल्वेट लिप्स आपको सॉफिस्टिकेटेड और मॉडर्न लुक देंगे.

dreamstime_l_9840062

बेरी चीक्स: गालों की सुर्ख़ी आपकी हर अदा को ख़ास बना देती है. ब्लश ऑन से अपने लुक को फ्रेश बनाएं.

– फेस को फ्रेशनेस देने के लिए बेरी कलर का ब्लश अप्लाई करें. चाहे क्रीम हो या पाउडर ब्लश, अपने गालों के सेंटर में डॉट लगाकर ब्लेंड करें, ताकि आपके चीक्स को अलग ही ग्लो मिले.

– ग्लोइंग स्किन लुक अब ट्रेंड में है, जिसके लिए आप टिंटेड मॉइश्‍चराइज़र या बीबी क्रीम यूज़ कर सकती हैं.

Apply-top-coat-nail-paint-to-add-shine1

नेल ब्यूटी: आपके हाथों की ख़ूबसूरती बढ़ाने में नेल्स का भी बड़ा रोल होता है. बहुत ज़रूरी है कि नाख़ून अच्छी शेप में हों और हेल्दी भी.

– चॉकलेट ब्राउन नेल पॉलिश आपके नेल्स को डेलिशियस लुक देगी. कोको ब्राउन नेल कलर के दो ग्लॉसी कोट्स लगाएं. आपके हाथों को अलग ही अट्रैक्शन मिलेगा.

– मेटालिक कलर्स भी बहुत फैशन में है. पेस्टल शेड्स से अगर आप बोर हो चुकी हैं, तो यह सही समय है मेटालिक कलर्स सिलेक्ट करके दें ट्रेंडी लुक.

– अपने नेल शेप्स को नेचुरल लुक ही दें. अन नेचुरल शेप्स पर मेटालिक इफेक्ट्स अच्छे नहीं लगते.

– गीता शर्मा 

आंखों के लिए योग (Yoga for Eyes to Improve Vision in Hindi)

आंखें न स़िर्फ किसी के व्यक्तित्व का आईना होती हैं, बल्कि ये आपकी सेहत भी दर्शाती हैं, ऐसे में बेहद ज़रूरी है कि इन आंखों का ख़ास ख़्याल रखा जाए. आंखों को हेल्दी रखने के लिए भी योग (Yoga for Eyes) बहुत लाभकारी है, तो इन आसनों को अपनाएं और अपनी आंखों को हेल्दी बनाएं.

tratak-IMG_3437

त्राटक
* किसी बिंदु पर अपलक दृष्टि से देखना त्राटक कहलाता है.
* आमतौर पर आप मोमबत्ती की ज्योति पर त्राटक करें. कमरे में पंखा, कूलर आदि न चलाएं. सूर्योदय के 30 मिनट बाद तक व सूर्यास्त के 30 मिनट पूर्व से लेकर सूर्यास्त तक सूर्य पर भी त्राटक कर सकते हैं.
* त्राटक आपकी नेत्र ज्योति बढ़ाने में लाभकारी है.
* इन क्रियाओं के दौरान अपनी पलकों को बार-बार न झपकाएं. अगर आंख से पानी आता है, तो घबराए नहीं. धीरे-धीरे अभ्यास बढ़ाएं.

jiva-yoga-IMG_3456
जीह्व मुद्रा
* मुंह बंद करके जीभ को ऊपरी तालू से चिपकाएं.
* अब अपने मुंह को जितना खोल सकते हैं, खोलें.
* अपना पूरा ध्यान नाक के ऊपरी हिस्से पर लगाएं.
* सामान्य रूप से नाक से सांस लें और छोड़ें.
फ़ायदे
* रक्तसंचार को बेहतर बनाकर ब्लड प्रेशर को
कंट्रोल में रखता है.
* यह मुद्रा आंतरिक रूप से थायरॉइड और
पैराथायरॉइड ग्लैंड पर काम करती है, जिससे हाई ब्लड प्रेशर की समस्या नहीं होती. इससे चेहरे का सौंदर्य भी बढ़ता है.
सिंह मुद्रा
* आराम से बैठ जाएं. दोनों हथेली को घुटनों पर दबाकर रखें और शरीर को थोड़ा आगे की तरफ़ लाएं.
* सांस छोड़ते हुए जीभ को इस तरह बाहर निकालें, जैसे ठोडी को टच कर रहे हों. मुंह खुला रखें. आंखों से आज्ञा चक्र को देखने का प्रयास करें.
* मुंह या नाक से सांस लें.
* चेहरे का सौंदर्य बढ़ाता है और आंखों की रौशनी भी बेहतर करता है.

 

6
सायना नेहवाल, बेडमिंटन प्लेयर
संतुलित डायट, नियमित एक्सरसाइज़ और टफ ट्रेनिंग सेशन में भी सायना रोज़ाना सुबह और शाम को रिलैक्सेशन के लिए योगाभ्यास ज़रूर करती हैं. वो योग निद्रा करती हैं, जो एक तरह का योग मेडिटेशन है.

 

20 हेल्थ अलर्ट्स ( Health Warning Signs of Serious Problems )

Health Warning Signs of Serious Problems
शरीर में छोटी-मोटी तकलीफ़ होती ही रहती है और अक्सर हम इन तकलीफ़ों को नज़रअंदाज़ कर देते हैं. लेकिन यह अनदेखी महंगी भी पड़ सकती है, क्योंकि कभी-कभार ये छोटे-छोटे लक्षण ही किसी बड़ी व गंभीर बीमारी की ओर संकेत करते हैं. बेहतर होगा कि समय रहते इन्हें पहचानकर अलर्ट (Health Warning) रहें, ताकि आनेवाली किसी भी बड़ी समस्या से बचा जा सके.

सिर में दर्द रहना

हमें लगता है- मामूली दर्द या एसिडिटी.
हो सकता है- माइग्रेन, हाई ब्लड प्रेशर, ब्रेन ट्यूमर, साइनस या फिर ब्रेन हैमरेज.
आपको सिर में अक्सर दर्द रहता है, जो पेनकिलर्स लेने पर ठीक भी हो जाता है, तो इसे नज़रअंदाज़ न करें. अगर दर्द के साथ उल्टियां भी होती हों, तो डॉक्टर से तुरंत मिलें. इसके अलावा आंखों की रौशनी कम होती जाए या दृष्टिभ्रम होने लगे, चक्कर भी आएं, तो यह ट्यूमर का संकेत हो सकता है.

अचानक वज़न कम होना

हमें लगता है- थकान, स्ट्रेस या खाने-पीने में गड़बड़ी के चलते ऐसा हो रहा है.
हो सकता है- टीबी, पेप्टिक अल्सर, थायरॉइड, डायबिटीज़ या फिर कैंसर.
बिना डायटिंग के या फिर बिना किसी बीमारी के अचानक वज़न कम होने लगे, तो सतर्क हो जाइए. मुमकिन है, एंडोक्राइन ग्लैंड्स में किसी असामान्यता के चलते ऐसा हो रहा हो या फिर कैंसर भी इसकी एक वजह हो सकती है.

चोट लगने पर ब्लड क्लॉट न होना या फिर ज़ख़्म का देरी से भरना

हमें लगता है- स्किन या ख़ून में बदलाव के कारण ऐसा होता हो.
हो सकता है- डायबिटीज़ या फिर प्लेटलेट्स में कमी.
ज़ख़्म भरने में अगर सामान्य से ज़्यादा वक़्त लग रहा हो, तो यह डायबिटीज़ का लक्षण हो सकता है. इसके साथ-साथ यदि स्किन एलर्जी भी हो और चक्कर व वज़न कम होने की समस्या भी हो, तो बिना देर किए एक्सपर्ट के पास जाएं.

दिल का ज़ोर-ज़ोर से धड़कना

हमें लगता है- उत्तेजना या कमज़ोरी.
हो सकता है- हार्ट अटैक का लक्षण या फिर हाई ब्लडप्रेशर.
हो सकता है कि कमज़ोरी या नींद न पूरी होने पर धड़कन असामान्य हो रही हो, लेकिन यह हार्ट अटैक का लक्षण भी हो सकता है. अलर्ट रहें और यदि यह लक्षण लगातार बना रहे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.

पेशाब करते समय तेज़ दर्द होना

हमें लगता है- सामान्य इंफेक्शन.
हो सकता है- स्टोन, प्रोस्टेट ग्रंथि का बढ़ जाना, मूत्राशय का कैंसर.
मूत्र त्याग के समय अगर हमेशा ही बहुत दर्द होता हो, तो यह कैंसर का लक्षण हो सकता है. यदि पेशाब के साथ ख़ून भी आने लगे, तो बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करें, ताकि समय रहते इलाज हो सके.

उठते वक़्त चक्कर आना

हमें लगता है- मामूली कमज़ोरी.
हो सकता है- नर्व से संबंधित समस्या, कान की नसों में कोई गड़बड़ी, साइनस, स्पॉन्डिलाइटिस, लो ब्लड प्रेशर.
यूं तो इसके कई अन्य कारण हो सकते हैं, लेकिन लो ब्लडप्रेशर भी इसकी एक बड़ी वजह हो सकती है और लो ब्लडप्रेशर के भी कई कारण हो सकते हैं, जो आपको टेस्ट करवाने पर ही पता चलेंगे. इसलिए तुरंत डॉक्टर से मिलें.

अचानक आंखों के आगे अंधेरा छा जाना

हमें लगता है- नींद न पूरी होने पर या कमज़ोरी के कारण ऐसा हो रहा है.
हो सकता है- स्ट्रोक, लो ब्लडप्रेशर.
यदि आपको हाई ब्लड प्रेशर और हाई कोलेस्ट्रॉल है, तो आप स्ट्रोक के शिकार हो सकते हैं. यदि आंखों के सामने अंधेरा छाने के साथ-साथ शरीर के एक तरफ़ का भाग सुन्न होता है, तो अलर्ट हो जाएं. इसके अलावा अगर उच्चारण में भी तकलीफ़ होने लगे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.

हाथों का कांपना, घबराहट, नाक से ख़ून आना

हमें लगता है- कमज़ोरी, शरीर में गर्मी का बढ़ जाना इसकी वजह हो सकती है.
हो सकता है- थायरॉइड, पार्किंसन्स.
अचानक घबराहट होने के साथ-साथ हाथ-पैर कांपने लगते हैं, नाक से ख़ून आने लगता है और उल्टियां भी होने लगती हैं. ऐसी स्थिति को नज़रअंदाज़ करना ठीक नहीं. हो सकता है बहुत ज़्यादा एसिडिटी या शरीर में गर्मी बढ़ने के कारण भी ऐसा हो, लेकिन ये तमाम लक्षण किसी गंभीर समस्या के भी संकेत हो सकते हैं.

हंसते-खांसते वक़्त या फिर अचानक ही पेशाब निकल जाना

हमें लगता है- बढ़ती उम्र या कमज़ोरी.
हो सकता है- यूरिन इंफेक्शन, ब्लैडर की कोई बीमारी या डायबिटीज़.
अचानक पेशाब निकल जाने की समस्या को हम कमज़ोरी या बढ़ती उम्र से जोड़कर ही देखते हैं, लेकिन यह यूरिनरी ट्रैक्ट में इंफेक्शन की वजह से या फिर कुछ मामलों में डायबिटीज़ के कारण भी हो सकता है. इसलिए किसी भी तकलीफ़ को नज़रअंदाज़ न करें और न ही ख़ुद अंदाज़ा लगाएं. बेहतर होगा एक बार डॉक्टर की सलाह ले ली जाए.

shutterstock_225460834

सीने में दर्द रहना

हमें लगता है- गैस या एसिडिटी का दर्द.
हो सकता है- हृदय रोग या एंजाइना पेन.
सीने में या उसके आस-पास दर्द बना रहे और सांस लेने में भी दिक़्क़त आए, तो शायद यह हार्ट ट्रबल यानी हृदय रोग का संकेत हो सकता है, या फिर एंजाइना का दर्द भी हो सकता है, जिसमें हार्ट अटैक की आशंका हमेशा बनी रहती है. बेहतर होगा कि इस तरह के दर्द को गैस का छोटा-मोटा दर्द न समझकर डॉक्टरी परामर्श ले लिया जाए.

मुंह में छाले होना

हमें लगता है- पेट या आंतों की गड़बड़ी या गर्मी से.
हो सकता है- एड्स, हर्पिस, सेक्स संबंधी किसी इंफेक्शन के कारण या फिर मुंह या गले का कैंसर.
मुंह में छाले होना आम-सी बात है. हमें लगता है पेट साफ़ नहीं होगा, इसलिए छाले हो रहे हैं या फिर कभी-कभार बुख़ार या दवाओं की गर्मी से भी छाले हो जाते हैं. लेकिन यदि ये छाले लंबे समय तक बने रहें या फिर इनका आकार और इनमें दर्द बढ़ रहा हो, तो देर न करें.

शरीर में सूजन

हमें लगता है- थकान या खान-पान की गड़बड़ी हो सकती है.
हो सकता है- एनीमिया, किडनी की बीमारी, हृदय रोग.
अक्सर दिनभर एक ही पोज़िशन में बैठे रहने या फिर बहुत ज़्यादा थकान या वॉटर रिटेंशन से शरीर में या पैरों में सूजन आ जाती है, लेकिन यदि सूजन शरीर के ऊपरी भाग में है तो यह किडनी की बीमारी का संकेत हो सकता है और अगर निचले हिस्से में सूजन आती है तो हृदय रोग का लक्षण हो सकता है.

जोड़ों में दर्द

हमें लगता है- कमज़ोरी, किसी बीमारी या फिर बढ़ती उम्र का असर.
हो सकता है- चिकनगुनिया के कारण, कैल्शियम व मिनरल की कमी, आमवात, गठियावात, ऑस्टियोआर्थराइटिस या फिर स्पॉन्डिलाइटिस.
यदि उम्र 40 से कम है और जोड़ों में अचानक दर्द शुरू हो गया हो, तो आमवात हो सकता है, जिसमें जोड़ों में सूजन, गर्मी व दर्द महसूस होता है. यदि छोटे जोड़ों में अकड़न, सूजन और दर्द है, तो यह गठियावात हो सकता है. इसके अलावा शरीर का पोश्‍चर भी जोड़ों में दर्द का कारण हो सकता है. जो लोग दिनभर कंप्यूटर पर काम करते हैं, उन्हें भी गर्दन, पीठ या पैरों में दर्द हो सकता है. कैल्शियम व मिनरल की कमी से भी यह दर्द हो सकता है.
यदि 40 के बाद दर्द होता है, तो इसकी वजह ऑस्टियोआर्थराइटिस या स्पॉन्डिलाइटिस हो सकती है, जिसमें शुरुआत में हल्का-हल्का दर्द होता है और ध्यान न दिया जाए, तो बढ़ जाता है. कैल्शियम व मिनरल की कमी से भी दर्द हो सकता है.

बहुत ज़्यादा हांफना

हमें लगता है- थकान, कमज़ोरी.
हो सकता है- कोलेस्ट्रॉल व ट्रायग्लिसरॉइड्स का बढ़ जाना, एनीमिया, थायरॉइड, मोटापा, बीमारी के बाद की कमज़ोरी.
अगर थोड़ा-सा चलने से ही बहुत ज़्यादा हांफने लगें, तो सचेत हो जाएं और अपना चेकअप ज़रूर करवाएं.

अत्यधिक भूख लगना

हमें लगता है- मौसम परिवर्तन के कारण या फिर हाज़मा अच्छा हो गया है.
हो सकता है- डायबिटीज़, मोटापा या फिर पेट में कीड़े.
जब ज़रूरत से ज़्यादा भूख लगने लगे, तो इसे हर बार मौसम परिवर्तन से जोड़कर न देखें. हो सकता है वजह कुछ और हो. एक्सपर्ट की राय ज़रूर लें.

कब्ज़

हमें लगता है- पानी कम पीने या फिर खाने-पीने की गड़बड़ी से हो रहा है.
हो सकता है- अत्यधिक गैस, बवासीर, आंतों में गड़बड़ी या फिर कैंसर हो सकता है.
यदि कब्ज़ लंबे समय से है और कोई भी नुस्ख़ा काम नहीं कर रहा, तो डॉक्टरी परामर्श लेने में कोई नुक़सान नहीं है.

एनल ब्लीडिंग
हमें लगता है- शरीर में गर्मी बढ़ जाने या फिर बवासीर की समस्या से यह परेशानी हो रही है.
हो सकता है- आंतों में शोथ, ज़ख़्म या फिर कैंसर हो सकता है.
ख़ूनी बवासीर, फिशर्स या फिर कोलाइटिस के अलावा आंतों में शोथ व ज़ख़्म के कारण भी एनल ब्लीडिंग हो सकती है. लेकिन यह रेक्टल कैंसर का भी पहला लक्षण हो सकता है. यदि मोशन के बाद भी ख़ून, और वह भी ताज़ा ख़ून आता है, तो सतर्क हो जाइए.

मल के रंग में बदलाव

हमें लगता है- खाने-पीने में बदलाव के कारण हो सकता है.
हो सकता है- अल्सर या पित्ताशय में गड़बड़ी, पीलिया.
अगर मल का रंग स़फेद है, तो पित्त की कमी इसका कारण है, यदि रंग ब्लैकिश-रेड है, तो इसका मतलब है मल में ख़ून भी आ रहा है और इसकी वजह हो सकती है अल्सराइटिव कोलाइटिस. यदि शौच ज़रूरत से ज़्यादा पीला है, तो जॉन्डिस का लक्षण हो सकता है.

मूत्र के रंग में बदलाव

हमें लगता है- पानी कम पीने से या फिर खाने में कुछ बदलाव करने से ऐसा होता है.
हो सकता है- इंफेक्शन, जॉन्डिस, ब्लैडर की गड़बड़ी या फिर कैंसर.
यदि पेशाब का रंग दूधिया स़फेद है, तो इसका अर्थ है मूत्र के साथ प्रोटीन भी निकल रहा है. यदि रंग पीला है, तो जॉन्डिस या फिर यूरिन इंफेक्शन हो सकता है. अगर रंग लाल है तो स्टोन, ब्लैडर, यूरिथ्रा में ज़ख़्म या फिर प्रोस्टेट कैंसर का भी लक्षण हो सकता है.

अत्यधिक थकान

हमें लगता है- सामान्य कमज़ोरी.
हो सकता है- मिनरल्स की कमी, आयरन, सोडियम, कैल्शियम और विटामिन्स की कमी, डायबिटीज़, लो ब्लड प्रेशर.
किसी-किसी केस में बहुत पसीना भी आता है तो, यह आनेवाली बीमारी का संकेत भी होता है, जैसे- जॉन्डिस, बुख़ार या फिर तनाव इत्यादि में पसीना ज़्यादा आता है.

 

अंगदान से दें दूसरों को जीवनदान

ख़ुद में ही सिमटे, ख़ुद में ही उलझे, ख़ुद से ही जूझते, ख़ुद को ही कोसते… यूं ही ज़िंदगी बिता देते हैं हम… कभी कुछ देर ठहरकर, ख़ुद से पूछने की ज़रूरत भी शायद नहीं समझते कि क्या हमारी सामाजिक ज़िम्मेदारी भी है कोई? क्या इंसानियत के प्रति भी फ़र्ज़ है कोई? ख़ून के रिश्तों के दायरों से आगे भी रिश्ते निभाने की ज़रूरत है कोई? लेकिन हम में से भी कुछ लोग हैं और ऐसे लोगों की तादाद बढ़ भी रही है, जो दूसरों को भी ज़िंदगी जीते हुए देखने की चाह रखते हैं. यही चाह उन्हें अंगदान व देहदान की प्रेरणा देती है, ताकि उनके बाद भी लोग बेहतर ज़िंदगी जी सकें. तो क्यों न आप और हम भी इस नेक काम को करने का जज़्बा अपने अंदर पैदा करें और अंगदान करके दूसरों को जीवनदान दें.

हर वर्ष लाखों लोग मात्र इस वजह से मौत के मुंह में समा जाते हैं, क्योंकि उन्हें कोई डोनर नहीं मिल पाता. कभी ऑर्गन फेलियर के चलते, तो कभी एक्सीडेंट्स के कारण ऑर्गन ट्रांसप्लांट करना ज़रूरी हो जाता है और उसके बाद जान भी बच जाती है, लेकिन ऑर्गन डोनेट करनेवालों की कमी के चलते ऐसे मामलों का अंत भी अक्सर मौत के रूप में ही होता है.

ऑर्गन्स की कमी क्यों होती है?

– मूल रूप से जागरूकता की कमी के चलते ऐसा होता है. लोगों से बातचीत व सर्वे में भी यह बात सामने आई है कि लोग अंगदान करना चाहते हैं, लेकिन जानकारी के अभाव में वो ऐसा नहीं कर पाते.

– बहुत-से लोग चाहते हैं और सोच भी रखते हैं कि अंगदान करेंगे, लेकिन इस बारे में ऑन रिकॉर्ड कुछ नहीं होता और न ही वे अपने परिवारवालों को बताते हैं, तो उनकी चाह मन में ही रह जाती है.

– अंगदान से जुड़े कई अंधविश्‍वासों के चलते भी लोग इससे परहेज़ करते हैं. इस विषय से जुड़े तमाम पहलुओं पर अधिक विस्तार से जानकारी दे रहे हैं, मोहन फाउंडेशन से जुड़े डॉ. रवि वानखेड़े.

shutterstock_230733811

कैसे करें अंगदान, टिश्यू दान और देहदान?

1. ऑर्गन/टिश्यू डोनेशन का रजिस्ट्रेशन: रजिस्ट्रेशन के लिए आपको फॉर्म भरना होगा. यह फॉर्म एनजीओ से भी प्राप्त किया जा सकता है. मोहन फाउंडेशन (मल्टी ऑर्गन हार्वेस्टिंग एड नेटवर्क) एक ऐसा ही एनजीओ है, जो इस क्षेत्र में सराहनीय काम कर रहा है. आप मोहन फाउंडेशन से फॉर्म प्राप्त कर सकते हैं या फिर उनकी ऑनलाइन वेबसाइट- www.mohanfoundation.org   के ज़रिए भी फॉर्म भर सकते हैं.

– या फिर आप भारत सरकार की साइट नेशनल ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइज़ेशन-  www.notto.nic.in पर जाकर भी फॉर्म भर सकते हैं.

– स्मार्टफोन्स के ज़रिए भी ऐप्स डाउनलोड करके रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं.

2. बॉडी डोनेशन और ऑर्गन/टिश्यू डोनेशन दो अलग-अलग चीज़ें हैं, तो हमें इन्हें मिलाना नहीं चाहिए.

– बॉडी डोनेट करने के लिए ऐप्लीकेशन फॉर्म किसी भी मान्यता प्राप्त कॉलेज के एनाटॉमी विभाग से ही प्राप्त किया जा सकता है. ये फॉर्म अन्य कहीं से भी प्राप्त नहीं किया जा सकता.

ध्यान दें

– कोई भी व्यक्ति चाहे किसी भी उम्र का हो, बॉडी और टिश्यूज़ डोनेट कर सकता है. बेहतर होगा आप ख़ुद से यह न सोचें कि मैं अभी बहुत यंग या ओल्ड हूं, डोनेट करने के लिए. कुछ अंगों व टिश्यूज़ की कोई उम्र सीमा नहीं होती डोनेट करने की.

– हां, व्यक्ति मौत किस तरह से हुई और उसकी मेडिकल हिस्ट्री व हेल्थ के आधार पर यह डिसाइड किया जाएगा कि उसके ऑर्गन्स फिट हैं या नहीं.

आपको क्या करना है?

– सबसे पहले आपको ख़ुद को तैयार करना होगा कि हां, आपको अंगदान या देहदान करना है. उसके बाद अपने परिवार के सदस्यों को इसके महत्व को समझाकर तैयार करना होगा, क्योंकि उनकी रज़ामंदी ज़रूरी है.

– ख़ुद को रजिस्टर कराना होगा. आप किसी मेडिकल कॉलेज, संस्था या ऑनलाइन भी रजिस्टर करा सकते हैं. आपको फॉर्म भरना होगा. फॉर्म पर दिए निर्देशों का पालन करें और जो भी ज़रूरी काग़ज़ात लगें, उन्हें संलग्न करें.

– पेपर वर्क पूरा होने के बाद आपको डोनर कार्ड मिलेगा, उस कार्ड को हमेशा संभालकर अपने साथ रखें.

– ध्यान रहे कि यह कार्ड लीगल डॉक्यूमेंट नहीं होता, बल्कि इससे आपकी अंगदान/देहदान की इच्छा की पुष्टि होती है.

– अंतिम निर्णय आपके पारिवारिक सदस्यों के हाथों में ही होगा.

stock-photo-people-charity-family-and-advertisement-concept-close-up-of-woman-and-girl-holding-red-heart-260177180

अगर देहदान करना है तो…

– जैसाकि पहले बताया गया है कि अपनी इच्छा ज़ाहिर करने के बाद पेपर वर्क भी ज़रूरी है.

– बेहतर होगा कि बॉडी को कैरी करने के लिए जो ख़ासतौर से गाड़ियां बनी हों, उन्हीं में शरीर को ले जाया जाए. इस तरह की गाड़ियां कई एनजीओ उपलब्ध करवाते हैं, जैसे- रोटरी, लायन्स, धार्मिक या अन्य संस्थान, जो नो प्रॉफिट बेसिस पर काम करते हैं.

– मृत्यु के पश्‍चात् परिवार के सदस्य द्वारा संबंधित संस्था या अस्पताल से संपर्क किए जाने के बाद बॉडी को कलेक्ट कर लिया जाएगा.

– देहदान की इच्छा आप वसीयत में भी कर सकते हैं, यह क़ानून द्वारा मान्य है.

– बॉडी डोनेशन जल्द से जल्द कर देना चाहिए. बॉडी ख़राब न हो इसलिए उसे रेफ्रिजरेटेड कॉफिन्स में प्रिज़र्व किया जाना चाहिए.

– शरीर को तरह-तरह के परीक्षण व जांच के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे नई मशीनों, शोधों व सर्जरीज़ को ईजाद करने व इलाज को बेहतर करने की दिशा में मदद मिल सकती है.

ध्यान दें

– अलग-अलग संस्था/अस्पतालों के कुछ नियम व शर्तेंहोती हैं, आप फॉर्म भरते समय उन्हें ध्यान से पढ़ लें, मसलन- ट्रांसपोर्टेशन का ख़र्च. कुछ संस्थाएं यह ख़र्च ख़ुद उठाती हैं, जबकि कुछ इसका चार्ज भी लेती हैं.

– मृत्यु के फ़ौरन बाद ही जितना जल्दी संभव हो सके, बॉडी सौंप देना चाहिए.

– आपकी बॉडी को विभिन्न चीज़ों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है, जैसे- क्राइम केसेस सॉल्व करने के लिए, रिसर्च या शिक्षा आदि के लिए, क्योंकि कुछ अस्पताल मात्र शरीर विज्ञान व संरचना की जानकारी के लिए ही मृत शरीर का उपयोग करते हैं, तो कुछ स़िर्फ फॉरेंसिक के लिए बॉडी लेते हैं. आप यह सुनिश्‍चित कर लें कि आपको व आपके प्रियजनों को आपत्ति न हो.

– ध्यान रहे कि बॉडी को रिजेक्ट भी किया जा सकता है. अगर बॉडी बहुत अधिक डीकंपोज़ हो गई हो, किसी बड़ी सर्जरी से गुज़री हो, शरीर क्षत-विक्षत हो गया हो (अगर एक्सीडेंट से मृत्यु हुई हो), तो बॉडी लेने से इंकार किया जा सकता है.

अगर अंगदान करना है तो…

– इसे हम दो भागों में विभाजित कर सकते हैं- अंगदान यानी ऑर्गन और टिश्यू डोनेशन.

– ऑर्गन डोनेशन स़िर्फ ‘ब्रेन डेड’ व्यक्ति के लिए ही संभव है, जबकि टिश्यू डोनेशन प्राकृतिक रूप से मृत हर (नेचुरली डेड) व्यक्ति कर सकता है.

– सबसे आम टिश्यू डोनेशन में आता है- नेत्रदान. आजकल आईबैंक्स स़िर्फ कॉर्निया ही लेती हैं, बजाय पूरी आंख के.

– मृत्यु (यानी ब्रेन डेड) के फ़ौरन बाद जितना जल्दी संभव हो, ट्रांसप्लांट के लिए अंग का इस्तेमाल कर लिया जाना चाहिए, ताकि यह सुनिश्‍चित रहे कि अंग ट्रांसप्लांट करने योग्य बना रहे.

– यदि डॉक्टर यह घोषित कर दे कि व्यक्ति ब्रेन डेड हो चुका है, तो उसके परिजनों व लीगल अथॉरिटीज़ की अनुमति के आधार पर अंगदान की तैयारी की जाती है.

– तब तक डोनर के शरीर को वेंटिलेटर पर रखकर, शरीर व अंगों को दवाओं व फ्लूइड से स्थिर रखा जाता है.

– रेसिपिएंट (जिन्हें ऑर्गन ट्रांसप्लांट किया जाना है) को तैयार किया जाता है और सर्जिकल टीम भी ऑर्गन व टिश्यूज़ रिमूव करने की तैयारी में जुट जाती है.

– ऑपरेशन थिएटर में मल्टीपल ऑर्गन रिकवरी से अंगों कोे निकालकर स्पेशल सॉल्यूशन्स और कोल्ड पैकिंग के ज़रिए उन्हें प्रिज़र्व किया जाता है.

– डोनर के शरीर को वेंटिलेटर से हटाकर सर्जिकली क्लोज़ करके परिजनों को सौंप दिया जाता है.

क्या है टिश्यू डोनेशन?

ऑर्गन डोनेशन के मानदंडों पर कम लोग ही खरे उतर पाते हैं, जबकि टिश्यू डोनेशन हर कोई कर सकता है. किसी भी शख़्स की मृत्यु के पश्‍चात् टिश्यू व आई बैंक्स को अस्पताल द्वारा सूचित किया जाता है. यदि टिश्यू डोनर डोनेशन की शर्तों व मानदंडों को पूरा करता पाया जाता है, तो उसका रजिस्ट्रेशन चेक करके, परिजनों से अनुमति लेकर टिश्यू व आई बैंक से रिकवरी के लिए एक टीम
आती है. प्रत्येक टिश्यू डोनर लगभग 50 लोगों की ज़िंदगी को बढ़ाने व बेहतर बनाने की दिशा में भागीदार बन सकता है.

क्या होता है ब्रेन डेड का अर्थ?

विषय के संदर्भ में यह जानना बेहद ज़रूरी है कि ब्रेन डेड क्या होता है. मस्तिष्क यानी ब्रेन हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण भाग है, जो पूरे शरीर को नियंत्रित करता है. यदि किन्हीं कारणों से मस्तिष्क को रक्त आपूर्ति न होकर ऑक्सीजन नहीं मिल पाता, तो वह मृत हो जाता है, जिससे वह व्यक्ति भी मृत माना जाता है. ब्रेन डेथ परमानेंट और ठीक न होनेवाली स्थिति है, जिसे पूरे विश्‍व ने स्वीकारा है. भारत में ब्रेन डेड के मुख्य कारण हैं- रोड एक्सीडेंट्स (विश्‍व में सबसे अधिक), इसके बाद स्ट्रोक (मस्तिष्क में ब्लीडिंग) और ब्रेन कैंसर. इस तरह के मरीज़ यदि ब्रेन डेथ के डायग्नोसिस से पहले अस्पताल में लाए जाते हैं, तो उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम यानी वेंटिलेटर पर रखा जाता है. इससे अप्राकृतिक रूप से श्‍वास की प्रक्रिया चलती रहती है, जो कुछ घंटों से लेकर कुछ दिनों तक रह सकती है. इसी दौरान यदि उसके परिजन आपसी सहमति से ऑर्गन डोनेशन का निर्णय लेते हैं, तो उसके ऑर्गन ले लिए जाते हैं.

यहां यह जानकारी देनी भी ज़रूरी है कि ब्रेन डेड व्यक्ति ऑर्गन और टिश्यू दोनों ही दान कर सकता है. इस तरह के मामलों में 50 से अधिक ऑर्गन और टिश्यूज़ डोनेट किए जा सकते हैं. भारत में एक व्यक्ति के नाम पर सर्वाधिक ऑर्गन्स और टिश्यूज़ डोनेट करने का रेकॉर्ड है, अनमोल जुनेजा ने वर्ष 2013 में नई दिल्ली, एम्स में 34 ऑर्गन्स और टिश्यूज़ डोनेट किए थे.

लिविंग डोनर
जीते जी भी कुछ ऑर्गन्स डोनेट किए जा सकते हैं, जैसे- किडनी और लिवर का कुछ हिस्सा. हमारी दो किडनी होती हैं, जिनमें से ज़रूरत पड़ने पर एक डोनेट करके भी सामान्य जीवन जिया जा सकता है. लेकिन इनमें काफ़ी कड़े क़ानून और नियम होते हैं, ताकि व्यावसायिक रूप से इनकी ख़रीद-फरोख़्त न होने पाए. अंगों को बेचने व ख़रीदने पर सभी देशों में पाबंदी है, लेकिन ग़ैरक़ानूनी तरी़के से किडनी की ख़रीद-फरोख़्त के मामले सामने आते रहे हैं. ऐसे में क़रीबी रिश्तेदार, जैसे- माता-पिता, भाई-बहन, पति-पत्नी, बच्चे, ग्रैंड पैरेंट्स व ग्रैंड चिल्ड्रन आसानी से एक-दूसरे को किडनी डोनेट कर सकते हैं, बशर्ते मेडिकल रिपोर्ट्स कंपैटिबल हों. हालांकि दूर के रिश्तेदार, दोस्त व अंजान लोग भी मानवीय आधार पर डोनेट कर सकते हैं, लेकिन इन्हें कठोर क़ानूनी नियमों से गुज़रना पड़ता है.

कितनी ज़रूरत है और कितनी उपलब्धता है?
हर वर्ष लगभग 2 लाख किडनी की आवश्यकता होती है, जबकि मात्र 6000 ही मिल पाती हैं, वहीं प्रति वर्ष 50 हज़ार
लिवर की ज़रूरत होती है, जबकि मात्र 750 ही मिल पाते हैं. इसी तरह से हार्ट की ज़रूरत है 6,000 की और उपलब्धता है महज़ 100. आंखों के लिए तो 11 लाख लोग इंतज़ार में हैं.

Modiji

– प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 13वें एपिसोड में इस विषय पर प्रकाश डाला था और अंगदान के महत्व के बारे में बात की थी. उन्होंने कहा था, “अंगदान बेहद महत्वपूर्ण विषय है. किडनी, हार्ट और लिवर की आवश्यकता बहुत ही अधिक है, लेकिन उसके मुकाबले ट्रांसप्लांट बहुत ही कम हो पा रहे हैं.”
– वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइज़ेशन के अनुसार भारत में मात्र 0.01% लोग ही ऑर्गन डोनेट करते हैं, जबकि पश्‍चिमी देशों में यह प्रतिशत 70-80 है.

अंगों के सुरक्षित रहने की समयावधि
– हार्ट: 4-6 घंटे
– लंग्स: 4-8 घंटे
– इंटेस्टाइन: 6-10 घंटे
– लिवर: 12-15 घंटे
– पैंक्रियाज़: 12-24 घंटे
– किडनी: 24-48 घंटे

भारत में अंगदान को लेकर उदासीनता क्यों?

– दरअसल, जागरूकता व जानकारी की कमी व कई तरह के अंधविश्‍वासों के चलते लोग आगे नहीं बढ़ते.

– हालांकि कई बड़ी हस्तियों द्वारा कैंपेन करने के बाद लोग आगे आ रहे हैं, लेकिन संस्थाओं व अस्पतालों का रवैया भी कुछ उदासीन है और लोग इससे परेशान होकर भी अपना इरादा बदल लेते हैं. बेहतर होगा कि इस तरह के प्रयासों के लिए जागरूकता अभियान और बेहतर तरी़के से हो. लोगों को शिक्षित किया जाए कि किस तरह से वो मृत्यु के बाद भी लोगों की ज़िंदगियां बचा सकते हैं.

– डोनेशन की प्रक्रिया व व्यवस्था को बेहतर बनाया जाए.
– इसके अलावा धर्म संबंधी ग़लतफ़हमियों के चलते भी लोग अंगदान/देहदान नहीं करते, जबकि सच्चाई यह है कि हर बड़े धर्म में अंगदान/देहदान की इजाज़त दी गई है.

– अंतत: यही कहा जा सकता है कि अंगों की आवश्यकता स्वर्ग में नहीं, धरती पर है, तो क्यों इन्हें जलाया या ख़ाक़ में मिलाया जाए, क्यों न इन्हें डोनेट करें.

 

 

– गीता शर्मा

मेकअप ट्रेंड (Makeup Trend)

Makeup Trend

 

जैसे मेरे ख़्वाबों को पंख मिल गए और उड़ने लगे वो इन फ़िज़ाओं में… तेरे शबनमी गालों को छूकर वो तैरने लगे फिर से मेरी निगाहों में… फूलों पर बिखरी हुई चंद ओस की बूंदें, जब तेरे लबों पर खिलीं, तो मखमली हो गईं ये सारी वादियां… आसमान में डूब गए ये चांद और सितारे, इनका तमाम नूर सिमट आया तेरी आंखों में… हवाएं अब सरगोशियां करने लगीं… मेरी चाहतें और भी रंगीन हो गईं आकर तेरी पनाहों में.

Makeup Trend

 

फेस मेकअप

– नेचुरल व सैटिन स्किन फेस मेकअप इस साल पॉप्युलर रहेगा. इसके लिए कंसीलर और फाउंडेशन के साथ-साथ लूज़ पाउडर का भी परफेक्ट कॉम्बीनेशन चाहिए. इससे आपकी स्किन को परफेक्ट फिनिश्ड टच मिलेगा.

– नेचुरल लुक के लिए मॉइश्‍चराइज़र का प्रयोग बहुत ज़रूरी है.

– अपनी स्किन टोन से मैच करता हुआ प्राइमर और फाउंडेशन लें. मॉइश्‍चराइज़र के बाद प्राइमर का इस्तेमाल करें. फेस पर दाग़-धब्बों के लिए कंसीलर का प्रयोग करें. फाउंडेशन अप्लाई करें.

Makeup Trend

– मिनिमल लुक को परफेक्ट बनाने के लिए आईब्रो थोड़ा डार्क रखें, न्यूट्रल लिप्स और पीची सॉफ्ट आईज़. आईब्रो का कलर वही रखें, जो आपके बालों का कलर हो. आईशैडो हो सके, तो एक शेड लाइटर रखें और तब तक अप्लाई करें, जब तक आपका लुक आपको ख़ुद को बेहतर नहीं लगता. आईशैडो से पहले आई पेंसिल यूज़ कर सकती हैं. अपनी स्किन टोन से दो या तीन शेड डार्क ब्रॉन्ज़र या फेस पाउडर यूज़ करें. पाउडर से पहले फाउंडेशन ज़रूर अप्लाई करें. आंखों की क्रीज़ पर लाइट पीची शेड लगाएं. लिप्स पर भी न्यूड या लाइट पिंक शेड लगाएं.

– अपने लुक को रिफ्रेश करने के लिए नेचुरल पिंक ब्लश अप्लाई करें.

– अपनी स्किन को हेल्दी और ग्लोइंग दिखाने के लिए ग्लोइंग पाउडर्स, हाईलाइटर्स और शिमर ब्रॉन्ज़र्स का इस्तेमाल करें. अगर आपकी स्किन ऑयली है, तो ग्लोइंग प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल सोच-समझकर करें.

Latest Makeup Trend

लिप मेकअप

– ब्राइट ऑरेंज लिप कलर्स इस सीज़न में भी बहुत पॉप्युलर रहेंगे. ऑरेंज के लगभग सभी शेड्स इन होंगे.

– आप इलेक्ट्रिक ऑरेंज या नियॉन रेड लिपस्टिक्स ट्राई कर सकती हैं.

– इसके अलावा कैंडी कलर्स भी बहुत पॉप्युलर हैं.

– सॉफ्ट बेरी लिप्स हॉट ट्रेंड है.

– वॉर्म कलर्स भी हॉट होंगे इस सीज़न में. चाहे आई मेकअप हो या लिप इन कलर्स को आप यूज़ कर सकती हैं, जैसे- डीप या लाइट ब्राउन, रेड, लाइट ऑरेंज और शैंपेन कलर्स. इन पर आप स्पार्कलिंग या ग्लिटरी ग्लॉस लगाने से ज़रा भी न हिचकिचाएं.

– लिप मेकअप में बोल्ड व ब्राइट लुक भी ट्रेंड में है. इसलिए ब्राइट लिपस्टिक सिलेक्ट करें. रेड, कोरल, पर्पल, बेरी के शेड्स आप ट्राई कर सकती हैं.

 

Makeup Trend

आई मेकअप

– ब्लू आईशैडो इन है.

– कैट आई यानी बिल्ली जैसी आंखों का लुक पाने के लिए ब्लैक आईलाइनर को थोड़ा-सा बाहर ड्रॉ करें और यह लुक क्रिएट करें.

– व्हाइट आई मेकअप भी फैशन में है. आप व्हाइट आईलाइनर और आईशैडो से ये लुक क्रिएट कर सकती हैं, जो आपकी आंखों को ओस जैसी ताज़गी देगा. चाहें, तो व्हाइट के साथ लाइट पिंक शैडो भी यूज़ कर सकती हैं.

– इंकी आईज़ भी काफ़ी पॉप्युलर होंगी यानी इंक लुक देनेवाला आईलाइनर यूज़ करें.

– ग्लाइडेड लिड्स भी इन होंगी. इस लुक के लिए ब्लैक-कॉफी शेड आंखों की क्रीज़ और अपर लिड पर अप्लाई करें. ब्राउन शैडो लगाएं और उस पर लूज़ गोल्ड ग्लिटर्स अप्लाई करें. यह आपको स्टनिंग मैटालिक इफेक्ट देगा.

– पॉप ऑफ ग्रीन आपको फ्रेश लुक देगा. आंखों को ग्रीन शैडो से यह लुक दें. न्यूट्रल फेस पर यह और भी अच्छा लगेगा. चाहें, तो लाइट पिंक लिप कलर और ब्लश लगाएं.

– अपने लुक को ड्रामैटिक टच देने के लिए भी आई मेकअप का ही सहारा लें.