Tag Archives: fairy tales

Fairy Tales: ब्यूटी एंड द बीस्ट… (Beauty And The Beast)

Beauty And The Beast Story in Hindi

Fairy Tales: ब्यूटी एंड द बीस्ट… (Beauty And The Beast)

एक शहर में एक व्यापारी अपनी तीन बेटियों के साथ रहता था. तीनों बेटियां बेहद सुंदर थीं, पर सबसे छोटी बेटी ब्यूटी सबसे ख़ूबसूरत और समझदार थी. इसी वजह से उसकी दोनों बहनें उससे ईर्ष्या रखती थीं. दोनों बड़ी बहनें बेहद स्वार्थी थीं और अपने पिता की दौलत उड़ाने में ही उनकी दिलचस्पी थी. ब्यूटी हमेशा अपने पिता का ख़्याल रखती और हर रात वो एक सुंदर से राजकुमार का सपना देखती. उसे यकीन था कि एक दिन उसे वो राजकुमार अपने साथ महल में ले जाएगा.

दिन गुज़र रहे थे कि एक दिन की बात है व्यापारी को ख़बर मिलती है कि उनके सारे जहाज़ समुद्री तूफ़ान में डूब गए और वो तबाह हो गए. इस मुश्किल घड़ी में ब्यूटी ने पिता को संभाला, जबकि बाकी बहनें दिनभर रोना रोती रहतीं.

एक दिन व्यापारी को ख़बर मिली कि उनका एक जहाज़ मिल गया है. वो बेहद ख़ुश हुए और बंदरगाह जाने से पहले अपनी बेटियों से पूछने लगे कि उन्हें क्या उपहार चाहिए. दोनों बड़ी बहनों से कपड़े और गहने मांगे, जबकि ब्यूटी ने कहा कि आप सही सलामत वापस आ जाओ, इसके अलावा कुछ नहीं चाहती मैं. पर पिता ने ज़ोर दिया, तो उसने कहा कि मेरे लिए एक गुलाब का फूल लेते आना.

पिता बंदरगाह चल दिए, पर वहां जाकर देखा कि जहाज़ पूरी तरह अस्त-व्यस्त था, सारा माल गायब था. वो फिर निराश हो गए. वापसी में रास्ते में बर्फीले तूफ़ान से उनका सामना हुआ. उनका घोड़ा आगे चल नहीं पा रहा था. ऐसे में कुछ देर रुक जाना ही उन्हें सही लगा.

अपने घोड़े को एक पेड़ के नीचे खड़ाकर उन्होंने देखा कि कुछ दूरी पर रोशनी-सी चमक रही थी. वो उस तरफ़ चल पड़े. वहां जाकर देखा कि एक आलीशान महल था और वहां तूफ़ान का भी कोई असर नहीं था. बड़े से सोने के दरवाज़े से वो अंदर गए. वहां जाकर आवाज़ लगाई, पर वहां कोई नहीं था. अंदर जाकर उन्होंने देखा, खाने की मेज़ सजी हुई थी. उन्होंने इंतज़ार किया, पर जब कोई नहीं आया, तो भूख से व्याकुल उन्होंने खाना खा लिया. फिर ऊपर के कमरे की ओर जाकर देखा कि आरामदायक बिस्तर लगा हुआ था. वो आराम से सो गए.

Beauty Aur Beast Kahani

सुबह नींद खुली तो अपने कमरे में नए कपड़े देखे, उन्होंने नहाने के बाद कपड़े पहने और नीचे आ गए. नीचे नाश्ते का टेबल सजा हुआ था. लज़ीज़ नाश्ता करके उन्होंने ज़ोर से कहा कि आप जो कोई भी हैं, बड़े दयालू हैं. आपकी मेज़बानी के लिए धन्यवाद, अब मैं जा रहा हूं. जैसे ही वो बाहर गया, तो सामने गुलाबों का बगीचा था, जिसमें ख़ूबसूरत बैंगनी रंग के गुलाब लगे हुए थे. व्यापारी ने सोचा वो ब्यूटी की इच्छा तो पूरी कर ही सकता है, इसलिए उसने एक गुलाब तोड़ लिया. पर जैसे ही उसने गुलाब तोड़ा, अचानक धरती हिलने लगी और किसी के तेज़ गुर्राने की आवाज़ आने लगी. व्यापारी कुछ समझ पाता, इससे पहले ही उन्होंने देखा कि सामने से एक भीमकाय, दानवी आकृति चली आ रही है. उसके दांत और पंजे चाकू से भी तेज़ थे. वो जीता-जागता दानव था. उसने व्यापारी से कहा कि तुमको मेरे बगीचे से गुलाब तोड़ने की इजाज़त किसने दी. मैंने तुम्हारा इतना सत्कार किया और तुमने इस तरह से मेरा आभार प्रकट किया. इसकी सज़ा तुम्हें मिलनी चाहिए.

यह भी पढ़ें: तेनालीराम: महामूर्ख की उपाधि (Tenali Rama: The Fool Of The Year)

 

Beauty And The Beast

यह सुनकर व्यापारी डर गया. उसने कहा कि आप इतनी दयालू हैं, इसलिए मुझे लगा कि एक गुलाब तोड़ने पर आप नाराज़ नहीं होंगे. ये गुलाब भी मैंने अपनी बेटी की इच्छा पूरी करने के लिए तोड़ा था. यह सुनकर दानव की आंखें चमकने लगीं, वो बोला, तुम्हारी बेटी है? तो मेरे पास तुम्हारे लिए एक प्रस्ताव है, जिससे तुम्हारी जान बच सकती है.

व्यापारी ने कहा, मुझे क्षमा कर दें और अपना प्रस्ताव बताएं, क्योंकि मेरी तीन बेटियां मेरा इंतज़ार कर रही हैं.

दानव और ख़ुश हो गया. तुम्हारी तीन बेटियां हैं, तब तो बहुत अच्छा है. उनमें से किसी एक से कहो कि वो यहां आकर रहे. मैं उसे अपने पास इस महल में रखूंगा, इसके बदले तुम्हें आज़ादी मिलेगी.

व्यापारी ने कहा कि ठीक है, मैं घर जाकर अपनी बेटियों को बताता हूं, मुझे यकीन है कि उनमें से कोई न कोई ज़रूर तैयार हो जाएगी. मैं वापसी का वादा करता हूं.

बीस्ट ने कहा कि मैं तुम्हें अपना सबसे तेज़ घोड़ा देता हूं और एक महीने का समय, लेकिन तुम्हारी बेटी को यहां अपनी मर्ज़ी से आना होगा, ज़ोर-ज़बर्दस्ती से नहीं. अगर तुम एक महीने में नहीं आए, तो मैं ख़ुद तुम्हें ढूंढ़ने आऊंगा.

व्यापारी ने भले ही यह प्रस्ताव स्वीकार कर लिया था, पर उसे यही लग रहा था कि उसकी कोई भी बेटी तैयार नहीं होगी और उसकी मौत निश्‍चित है. घर जाकर सारी बातें बताईं. दोनों बहनें ब्यूटी पर क्रोधित हो उठीं कि ये सब तुम्हारे गुलाब की वजह से हुआ.
ब्यूटी ने कहा कि मैं पिताजी का वादा निभाने के लिए उनके साथ जाऊंगी. व्यापारी बेहद दुखी था कि उसके कारण यह दुर्भाग्य आया है. ब्यूटी ने समझाया और पिता का हौसला बढ़ाया. व्यापारी यही कहता रहा कि ब्यूटी अपनी ज़िंदगी जीओ, उसे यूं मुझ बूढ़े के लिए ख़राब मत करो.

Beauty And The Beast in Hindi

ब्यूटी ने कहा कि मैं इसका सामना कर सकती हूं. मुझमें हिम्मत है. आप घबराएं नहीं. दोनों जल्द ही आलिशान महल में पहुंच गए. वहां बढ़िया खाना मेज़ पर सजा हुआ था. दोनों ने खाना खाना शुरू किया. कुछ ही देर में बीस्ट वहां आ पहुंचा, जिसे देखकर ब्यूटी बेहद घबरा गई. बीस्ट ने ब्यूटी से पूछा कि क्या वो अपनी मर्ज़ी से यहां आई है, तो ब्यूटी ने सहमति जताई. बीस्ट ने कहा कि क्या तुम अपने पिताजी के बगैर मेरे साथ यहां रहने के लिए तैयार हो, तो ब्यूटी ने हां कहा.

बीस्ट ने व्यापारी से कहा कि आप अपने घोड़े के पास जाएं, वहां सोने से भरे ट्रंक हैं, जो आपकी दोनों बेटियों के लिए है. व्यापारी ने भारी मन से ब्यूटी से विदा ली. बीस्ट ने ब्यूटी को भी ऊपर जाकर आराम करने की सलाह दी. ब्यूटी ने ऊपर जाकर देखा कि बेहद ख़ूबसूरत कमरा उसके लिए तैयार था. वो सो गई. सुबह उठी तो उसकी ज़रूरत व शृंगार का हर सामान तैयार था. वो तैयार होकर नीचे आई, तो लज़ीज़ खाना मिला. खाना खाकर वो आराम ही कर रही थी कि बीस्ट ने उसके पास आकर पूछा कि क्या वो बदसूरत और डरावना है, तो ब्यूटी ने हां में गर्दन हिला दी. फिर बीस्ट ने पूछा क्या वो उससे शादी करेगी, बिना डरे उसे जवाब दे, तो ब्यूटी ने मना कर दिया. जवाब सुनकर बीस्ट चला गया. ब्यूटी हैरान थी कि इंकार करने पर भी बीस्ट नाराज़ नहीं हुआ, न ही ज़बर्दस्ती की.

Beauty And The Beast Hindi Story

बीस्ट हर रात को खाने के बाद ब्यूटी से शादी की बात कहता और ब्यूटी जब मना कर देती, तो वो बेहद उदास व दुखी होकर लौट जाता. धीरे-धीरे दिन गुज़रते गए. अब ब्यूटी को बीस्ट से डर नहीं लगता था. वो उसके नेक दिल का सम्मान करती थी. बीस्ट उसके लिए पियानो भी बजाता और लंबी-लंबी बातें करता. आलिशान महल में रहना ब्यूटी को अच्छा तो लग रहा था, लेकिन अब उसे अपने पिता की याद सताने लगी थी.

ब्यूटी को उदास देखकर बीस्ट ने पूछा, तो ब्यूटी ने एक हफ़्ते के लिए घर जाने की इच्छा जताई. बीस्ट ने कहा कि वो ब्यूटी की इच्छा को पूरा करेगा, लेकिन कहीं ऐसा तो नहीं कि ब्यूटी अपनी नफ़रत के कारण उससे दूर जाना चाह रही हो. ब्यूटी ने कहा कि वो बीस्ट से नफ़रत नहीं करती और उसे अकेला छोड़कर जाने का उसे भी अफ़सोस है. बीस्ट ने कहा कि तुम जा सकती हो, पर यदि समय पर वापस नहीं आई, तो मेरी मौत निश्‍चित है.

ब्यूटी ने कहा वो ऐसा नहीं होने देगी. बीस्ट ने उसे एक अंगूठी देकर कहा कि इसे पहनकर सो जाओ और जब तुम उठोगी, तो अपने पिता के घर पर होगी. जब तुम्हारी वापस आने की इच्छा हो, तो यह अंगूठी उतार देना, तुम फिर इस महल में आ जाओगी.
ब्यूटी बेहद ख़ुश थी. अगली सुबह उसने ख़ुद को अपने घर पर अपने बिस्तर पर पाया. पिता से मिलकर वो भावुक हो गई. पिता भी बेहद ख़ुश थे. एक हफ़्ता गुज़र गया, पर ब्यूटी महल में वापस जाने की बात भूल गई थी.

Beauty Aur Beast Kahani

एक रात उसे सपना आया कि बीस्ट ज़मीन पर गिरा हुआ है और बस मौत के क़रीब है. वो बेहद डर गई और उसने वापस जाने का निर्णय लिया. सबसे अलविदा कहकर उसने अंगूठी उतारी और अगली सुबह वो महल में पहुंच गई. वो फ़ौरन उस बगीचे में गई, जहां सपने में उसने बीस्ट को मरते हुए देखा था. वो चौंक गई, क्योंकि बीस्ट सचमुच में बेहोशी की हालत में था. ब्यूटी ने पानी के छींटें मारे, तो बीस्ट को होश आया. उसे होश में आया देख ब्यूटी ख़ुशी से झूम उठी और उसे यह एहसास हुआ कि बीस्ट उसके दिल में जगह बना चुका था.

ब्यूटी ने कहा कि मैं बुरी तरह डर गई थी, अगर आपको कुछ हो जाता, तो मैं ख़ुद को कभी माफ़ नहीं करती. मैं आपसे बेहद प्यार करती हूं.
यह सुनकर बीस्ट ने कहा कि क्या तुम मुझ जैसे बदसूरत व अजीब से दिखनेवाले प्राणी से प्यार कर सकती हो?

ब्यूटी ने कहा क्यों नहीं, आपका दिल इतना सुंदर है कि कोई भी आपसे प्यार कर सकता है. मुझे जीवन में और कुछ नहीं चाहिए.
बीस्ट ने पूछा, क्या तुम मुझसे शादी करोगी?

ब्यूटी ने कहा कि हां, करूंगी.

यह सुनते ही बीस्ट के चारों तरफ़ रौशनी का साया मंडराने लगा और वो एक ख़ूबसूरत नौजवान में बदल गया.

ये देख ब्यूटी हैरान थी, क्योंकि ये वही नौजवान था, जिसके सपने वो देखती थी. उसने राजकुमार को बताया कि वो अक्सर उसके सपनों में आता था. राजकुमार ने बताया कि तुम्हारी वजह से मुझे एक भयंकर शाप से मुक्ति मिली. एक चुडैल को मैंने लड़ाई में हराया था, जब वो मर रही थी, तो उसने मुझे शाप दिया था कि मैं इतना कुरूप हो जाऊंगा कि कोई मुझसे प्यार नहीं करेगा. उसके शाप से मैं भयंकर दरिंदे में बदल गया था, पर तुम्हारे सच्चे प्यार ने मुझे फिर से जीवन दे दिया.

Beauty And The Beast Hindi Kahani

राजकुमार ब्यूटी को उसके घर ले गया, जहां उसके पिता से उसका हाथ मांगा. दोनों ने शादी की और ख़ुशी-ख़ुशी रहने लगे.

सीख: सुंदरता स़िर्फ तन की नहीं होती, उससे कहीं बड़ी सुंदरता मन की होती है, जिससे सारा जग जीता जा सकता है. चेहरा समय के साथ बदल जाता है, पर मन की ख़ूबसूरती हमेशा बरक़रार रहती है. इसलिए बाहरी सुंदरता से आकर्षित होने की बजाय मन की सुंदरता का सम्मान करना सीखें.

यह भी पढ़ें: पंचतंत्र की कहानी: दो दोस्त और बोलनेवाला पेड़ (Panchtantra Story: Two Friends And A Talking Tree)

Fairy Tales: द लिटिल मरमेड… नन्हीं जलपरी (The Little Mermaid)

Fairy Tales, द लिटिल मरमेड नन्हीं जलपरी, The Little Mermaid

Fairy Tales, द लिटिल मरमेड नन्हीं जलपरी, The Little Mermaid

द लिटिल मरमेड… नन्हीं जलपरी (The Little Mermaid)

बहुत गहरे समुद्र में समुद्री राजा का महल था. वो अपनी बेटियों और बूढ़ी मां के साथ वहां रहता था. राजा का महल बेहद ख़ूबसूरत था और वो अपनी बेटियों से बहुत प्यार करता था. सबसे ज़्यादा प्यार वो अपनी सबसे छोटी बेटी से करता था.

इस समुद्री राज्य का एक नियम था कि जो भी राजकुमारी 18 साल की हो जाती थी, उसे समंदर की सतह पर जाने का मौक़ा मिलता था. उससे पहले कोई भी राजकुमारी सतह पर नहीं जा सकती थी. राजा की पांचवीं बेटी की सालगिरह का मौक़ा था. सभी बहुत ख़ुश थे. राजकुमारी को सभी जन्मदिन की बधाई दे रहे थे. राजा ने ऐलान किया कि मरीना अब 18 साल की हो गई और उसे सतह पर जाने की इजाज़त दी जाती है, ताकि वो बाहरी की दुनिया, धूप व इंसानी दुनिया देख सके, उसका आनंद ले सके. राजा ने साथ ही मरीना को आगाह भी किया कि सागर की दुनिया इंसानी दुनिया से बहुत अलग होती है, इसलिए वो इंसानों के क़रीब न जाए और समय रहते अपनी दुनिया में लौट आए. यह सुन सबसे छोटी राजकुमारी इवा भी सतह पर जाने की ज़िद करने लगी, लेकिन राजा ने साफ़ इंकार कर दिया, क्योंकि वो 18 साल की नहीं हुई थी. इवा बहुत दुखी हुई, उसे बेसब्री से अपने 18वें जन्मदिन का इंतज़ार था. इवा बेहद ख़ूबसूरत थी और उसकी सबसे बड़ी ख़ासियत यह थी कि वो बेहद दयालू थी. समंदर के सभी जीवों से उसे प्यार थे. यही वजह थी कि वो सबकी फेवरेट थी.


इवा को इंसानों के बारे में जानने की बहुत उत्सुकता रहती थी. वो अक्सर अपनी दादी मां से उन्हीं के बारे में पूछती रहती थी. एक बार यूं ही उसने पूछा कि क्या इंसान हमारी तरह ही होते हैं या हमसे बेहतर होते हैं?

दादी में ने बताया कि उनके पैर होते हैं, जबकि हमारे पैर नहीं होते, मछलियों की तरह हमारे शरीर की बनावट होती है. इंसान बहुत प्रदूषण फैलाते हैं, इसलिए वो हमसे बेहतर नहीं होते. इवा ने जानना चाहा कि क्या इंसान हमसे ज़्यादा जीते हैं, तो दादी मां ने समझाया कि वो 100 साल से ज़्यादा नहीं जीते, जबकि मरमेड्स 300 साला तक जी सकती हैं और मरने के बाद वो समुद्री झाग बन जाती हैं. लेकिन यदि हम जीवनभर भले काम करें, तो हम अमर हो सकते हैं और हवा की परियां हमें स्वर्ग ले जाती हैं उनके साथ रहने के लिए.

इसी तरह समय बीतता गया और इवा का 18वां जन्मदिन आ गया. उसे सबने बधाई दी. वो ख़ुद बेहद उत्साहित थी, आख़िर जिस पल का उसे इंतज़ार था, वो आ गया था. राजा ने कहा कि मैं तुम्हें बाहरी दुनिया दिखा लाता हूं, पर इवा ने कहा कि बाकी सब अकेले गए, तो वो भी अकेली ही जाना चाहती है. इतने में उसके दोस्त श्रिंप ने राजा से कहा कि वो उसका ख़्याल रखेगा. राजा ने कहा कि सूर्यास्त से पहले लौट आना. इवा तेज़ी से सतह की ओर चल पड़ी. बाहर आते ही वो मंत्रमुग्ध हो गई. इस नई अंजान दुनिया ने उसे मोहित कर लिया. इतने में ही उसे एक जहाज़ नज़र आया, जिसमें एक युवक था. उसने श्रिंप से पूछा कि ये क्या चीज़ है. फिर उसने देखा कि वो युवक तो बिल्कुल उसके गुड्डे जैसा ही है. श्रिंप ने बताया कि वो राजकुमार है और शायद अपना जन्मदिन मनाने आया है. इवा राजकुमार की ख़ूबसूरती से मोहित हो गई थी और वो गाना गाने लगी. इतने में ही तूफ़ान आ गया. आसमान में काले बादल छा गए और तेज़ लहरों के बीच राजकुमार का जहाज़ फंस गया. इस तूफ़ान में जहाज़ डूब गया. इवा ने देखा, तो वो राजकुमार को बचाने चल पड़ी और वो कामयाब भी रही. राजकुमार को वो किनार पर लाई. इतने में ही किसी के आने की आहट सुनकर वो छिप गई.

यह भी पढ़ें: Fairy Tales: फूलों की राजकुमारी थंबलीना की कहानी! 

कुछ लड़कियां वहां से गुज़र रही थीं और उन्होंने देखा कि राजकुमार वहां बेहोश था. इतने में राजकुमार को भी होश आ गया और उसने देखा कि एक ख़ूबसूरत लड़की वहां खड़ी है. राजकुमार ने उसे अपनी जान बचाने के लिए धन्यवाद कहा. राजकुमार उसे अपना दिल दे बैठा. उस लड़की ने भी सच नहीं कहा. एवा ने यह सब देखा, श्रिंप ने कहा कि वो लड़की झूठा श्रेय ले रही है. पर इवा ने कहा कि कोई बात नहीं, राजकुमार की जान बच गई, वो इसी से ख़ुश है. सूर्यास्त होने को था, तो दोनों वापस समंदर में लौट आए.

नन्हीं जलपरी का मन उदास था, क्योंकि वो राजकुमार को पहली नज़र में ही दिल दे बैठी थी. पर वो जानती थी कि उसे पाना नामुमकिन है. सागर के नियम ऐसे ही थे कि वो इंसानों से नहीं मिल सकती थी. श्रिंप ने नन्हीं राजकुमारी की हालत देख उसे एक उपाय सुझाया. वो उसे समुद्री डायन के बारे में बताने लगा, लेकिन उसने आगाह भी किया कि इसमें बहुत ख़तरा भी हो सकता है, लेकिन नन्हीं जलपरी को तो बस राजकुमार को पाने की धुन थी. वो चल पड़ी समुद्री डायन से मिलने.

समुद्री डायन ने अपने जादुई गोले में देखा कि लिटिल मरमेड उसकी मांद की ओर आ रही है. इतने में ही गोले में से एक भविष्यवाणी हुई कि राजकुमारी सबसे प्यारी और भावुक मन की है. वो अपने अच्छे कामों की वजह से एक पवन परी बन जाएगी और उसी व़क्त तुम्हारे पाप ख़त्म हो जाएंगे और तुम्हारी मृत्यु हो जाएगी. डायन ने कहा कि ऐसा कभी नहीं होगा.

इतने में ही राजकुमारी डायन तक पहुंच गई और उसने गुज़ारिश की कि वो इंसान बनना चाहती है. डायन ने कहा कि उस राजकुमार के लिए ऐसा करना सही नहीं, क्योंकि ये तुम्हारे दुखों का कारण भी बन सकता है. एवा ने कहा वो हर क़ीमत के लिए तैयार है. डायन ने कहा कि मैं तुम्हें इंसान तो मैं बना दूंगी, लेकिन तुम्हारी आवाज़ छीन लूंगी. तुम्हें राजकुमार का दिल जीतना होगा, अगर तुम कामयाब रही, तो तुम्हारी आवाज़ भी लौट आएगी, लेकिन यदि ऐसा नहीं हो सका, तो तुम्हारी मौत निश्‍चित है और तुम समुद्री झाग बन जाओगी.

यह भी पढ़ें: Fairy Tales: स्नो व्हाइट और सात बौने

नन्हीं जलपरी ने शर्त मान ली. डायन ने उसे जादुई शर्बत दिया और कहा इसे तट पर जाकर पीना. मरमेड ने ऐसा ही किया. शर्बत पीते ही वो बेहोश हो गई. इस बीच उसकी मछली जैसी पूंछ पैरों में बदल गई, पर उसकी आवाज़ चली गई. उसे होश आया तो सामने राजकुमार था. राजकुमार ने कहा तुम ठीक हो, पर तुम हो कौन? और सागर तट पर क्या कर रही थी? राजकुमार ने उसे आराम करने की सलाह दी.

अगले दिन वो चलने लगी, तो राजकुमार बेहद ख़ुश हुआ. उसने उसके साथ डांस किया और उसकी नृत्य कला से काफ़ी प्रभावित हुआ. राजकुमार ने कहा कि आज का दिन बहुत अच्छा है, मुझे मेरे जीवन का प्यार भी मिल गया. नन्हीं परी को लगा कि वो उसकी बात कर रहा है. इतने में ही राजा का आगमन हुआ और राजकुमार ने राजा से उस लड़की का परिचय करवाया, जो उसे तूफ़ान वाले दिन मिली थी. राजकुमार ने कहा कि इसी ने मेरी जान बचाई थी. मैं इससे शादी करना चाहता हूं. राजा भी मान गए. लिटिल मरमेड का दिल टूट चुका था. यह सब देख श्रिंप ने सागर में जाकर राजा को सब कुछ बताया.

 

राजा ने सागर की देवी से प्रार्थना की और सतह पर चला गया. एवा की बहनें डायन के पास गई, ताकि वो अपना श्राप वापस ले. डायन ख़ुश थी कि राजा की बेटियां उसके सामने गिड़गिड़ा रही हैं. फिर डायन ने कहा कि उसके पास एक उपाय है, लेकिन उसके लिए एवा को राजकुमार की हत्या करनी होगी. यदि लिटिल मरमेड इस जादुई खंजर से राजकुमार को मार देगी, तो उसे अपनी जलपरी वाली ज़िंदगी वापस मिल जाएगी. उसकी बहनें वो खंजर लेकर सतह पर गई. सबने देखा इवा अपने गुड्डे के साथ सागर तट पर एक पेड़ के नीचे उदास बैठी है. राजा ने उसे आवाज़ लगाई. इवा बेहद भावुक हो उठी. राजा ने इवा को वो खंजर दिया, पर इवा ने कहा कि वो राजकुमार को नहीं मार सकती. पर अपने भावुक पिता और बहनों को देख वो खंजर ले लेती है. वो राजकुमार के महल तक गई, पर वो राजकुमार को मार नहीं पाई, क्योंकि वो उसका प्यार था. वो लौट आई. अपने पिता और बहनों से माफ़ी मांगी. इवा ने कहा कि अब मेरी मौत निश्‍चित है. आप सब मुझे माफ़ कर देना. मैं अब झाग में बदलना चाहती हूं. इस दुनिया से जाना चाहती हूं. इतना कहकर वो समंदर में कूद गई. इतने में ही एक चमत्कारी शक्ति ने उसे खींच लिया और उसने देखा कि सामने पवन परी है. राजा बेहद ख़ुश था कि उसकी सबसे प्यारी बेटी की जान बच गई. राजा ने परी को धन्यवाद कहा.

इवा समझ नहीं पा रही थी. परी ने बताया कि हम आकाश की परियां हैं और तुम अब हमारे साथ परी बनकर रहोगी. तुम्हारे उदार मन और सागर व इंसानों के प्रति प्यार को देखते हुए ये तुम्हारा इनाम है. तुम भविष्य में इंसानी रूप में भी जन्म ले सकती हो. लिटिल मरमेड ने सबको अलविदा कहा और अपने राजकुमार से भी कहा कि अगले जन्म में तुम ही मेरा प्यार बनोगे. मैं हमेशा तुम से प्यार करूंगी. उसने परी मां को धन्यवाद कहा और उनके साथ स्वर्ग में चली गई. ऐसा होते ही उस डायन और उसके पापों का भी अंत हो गया. सभी लोग संतुष्ट थे.

 

Fairy Tales: स्नो व्हाइट और सात बौने (Snow White And The Seven Dwarfs)

Snow White, The Seven Dwarfs

 

Snow White, The Seven Dwarfs

Fairy Tales: स्नो व्हाइट और सात बौने (Snow White And The Seven Dwarfs)

यह बेहद पुरानी बात है, एक राज्य की रानी सर्दियों के समय खिड़की के पास बैठकर कुछ सिल रही थी. अचानक सुई उसकी उंगली में चुभ गई और रानी के रक्त का क़तरा पास की बर्फ पर जा गिरा. इस घटना को देख रानी के मन में एक ख़्याल आया कि काश मेरी एक बेटी होती, जिसका रंग इस बर्फ की तरह की तरह ही सफेद होता, उसका होंठ रक्त के क़तरे से भी लाल होते और बाल काली घटाओं से.
कुछ समय बाद ही रानी को बेटी हुई और वो ठीक वैसी ही थी, जैसी उन्होंने कल्पना की थी, इसलिए उसका नाम रखा गया स्नो व्हाइट. कुझ समय बाद रानी की मृत्यु हो गया और समय बीतने के बाद राजा ने दूसरी शादी कर ली. वो नई रानी भी बेइंतेहा ख़ूबसूरत थी. रानी के पास एक जादुई आईना था, जिससे वो वो रोज़ पूछती कि बता इस दुनिया में सबसे सुंदर कौन है? चूंकि वो आईना कभी झूठ नहीं बोलता था, तो वो हमेशा कहता- आप ही सबसे सुंदर हो रानी. यह सुन रानी ख़ुद भी इतराती.

Snow White, The Seven Dwarfs

समय बीतने के साथ-साथ स्नो व्हाइट की ख़ूबसूरती और भी निखरती गई और एक दिन ऐसा आया, जब जादुई आईने ने रानी की बजाय जवाब दिया- जग में सबसे सुंदर है- स्नो व्हाइट! यह सुन रानी को सदमा लगा और वो स्नो व्हाइट से जलने लगीं. रानी ने अपने सबसे ख़ास और क़रीबी सिपाही को बुलाकर आदेश दिया कि स्नो व्हाइट को दूर जंगल में ले जाकर मार डालो.
सिपाही स्नो वहाइट को ले तो गया, पर उसे मार नहीं पाया. मासूम स्नो व्हाइट पर उसको दया आ गई और उसने स्नो व्हाइट को रानी की असलियत बताकर उससे दूर रहने को कहा. स्नो व्हाइट को जंगल में ज़िंदा ही छोड़कर जाते समय सिपाही एक जंगली जानवर का दिल ले गया सबूत के तौर पर.

स्नो व्हाइट यहां-वहां भटकती रही कि तभी उसकी नज़र एक छोटे-से घर पर पड़ी. वो घर एकदम बच्चों के घर जैसा था. वो घर था सात बौनों का. स्नो व्हाइट ने देखा वहां खाना भी है, वाइन भी है. उसे भूख लगी थी. इतने छोटे-छोटे बर्तन और चीज़ें उसे आकर्षित कर रही थीं. स्नो व्हाइट ने खाना खाया, वाइन भी और सो गई. जब बौने घर लौटे तो सब कुछ अस्त-व्यस्त देखकर सोच में पड़ गए, फिर उनकी नज़र स्नो व्हाइट पर पड़ी. वो जाग गई और उसने बौनों को अपनी कहानी सुनाई, तो उन्हें उस पर दया आ गई और उन्होंने उसे अपने साथ रख लिया. वो घर का सारा काम करती और बौने जंगल में जाकर पैसे, खाने का इंतज़ाम करते. बौनों ने स्नो व्हाइट को सावधान रहने को कहा कि जब वो घर पर न हों, तो किसी को भी घर में न घुसने दे.

यह भी पढ़ें: अकबर-बीरबल की कहानी: बीरबल ने पकड़ा चोर

Snow White, The Seven Dwarfs

इस बीच रानी से फिर से अपने आईने से पूछा कि कौन सबसे सुंदर है, आईने ने कहा आप बेशक सबसे सुंदर हैं, लेकिन जो आपसे भी सुंदर है, वो है- पहाड़ों के उस पर, सात बौनों के साथ रहनेवाली स्नो व्हाइट. रानी ग़ुस्से से आग-बबूला हो गई और उसने स्नो व्हाइट को ख़त्म करना का बीड़ा ख़ुद उठाया. उसने एक बुढ़िया का वेश धरा और कंघी बेचनेवाली बनकर जंगल की तरफ़ चल पड़ी. स्नो व्हाइट को देखकर उसने कहा कि ये कंघी ले लो बेटी. मैं तुम्हारे बाल संवारकर दिखाती हूं, जैसे ही उसने स्नो व्हाइट के बालों को कंघी किया, स्नो व्हाइट बेहोश होकर गिर पड़ी, क्योंकि वो कंघी ज़हरीली थी. रानी वहां से चली गई, लेकिन फ़ौरन बौने आकर स्नो व्हाइट के बालों से कंघी निकाल देते हैं और वो बच जाती है.रानी फिर आईने से पूछती है, आईना वही जवाब देता है.

Snow White, The Seven Dwarfs

रानी फिर किसान की बूढ़ी बीवी का वेश बदलकर जाती है. वो अपनी टोकरी में ज़हरीले सेब लेकर जाती है. यह सेब ख़ासतौर से उसने ख़ुद तैयार किए थे, जिसमें यह ख़ासियत थी कि जो भी इसे चखेगा, वो स्लीपिंग डेथ में चला जाएगा और इस जादुई ज़हरीली सेब का असर स़िर्फ और स़िर्फ फर्स्ट किस से ही ख़त्म हो पाएगा. रानी आश्‍वस्त थी कि स्नो व्हाइट को तो मरा हुआ सझकर बौने दफना ही देंगा और इस तरह से वो अपने मंसूबों में कामयाब हो जाएगी. रानी स्नो व्हाइट से कहती है कि ये मीठे सेब हैं, तुम इन्हें ख़रीद लो. स्नो व्हाइट इस बार सतर्क थी. उसने दरवाज़ा नहीं खोला. लेकिन वो बार-बार आग्रह करने लगी, फिर उसने एक सेब के दो टुकड़े किए, जिसका एक टुकड़ा ज़हरीला नहीं था और दूसरा था. रानी ने सादा वाला टुकड़ा खाकर कहा कि देखा इतना रसीला सेब है, मैं भी लालच नहीं रोक पा रही. स्नो व्हाइट को लगा यह सच कह रही है, उसने भी दूसरा टुकड़ा चखा. लेकिन उसे चखते ही वो बेहोश होकर गिर पड़ी. रानी हंसते हुए चली गई, क्योंकि इस बार उसने बेहद ज़हरीला वार किया था, जिससे बचना स्नो व्हाइट के लिए नामुमकिन था.

यह भी पढ़ें: Fairy Tales: स्लीपिंग ब्यूटी… सोई हुई राजकुमारी!

Snow White, The Seven Dwarfs

स्नो व्हाइट ऐसी अवस्था में चली गई थी, जहां अस्थाई तौर पर उसके शरीर के अंग क्रियाशील नहीं थे, बौने भी उसे बचा नहीं सके और उन्हें लगा वह मर गई. सभी फूट-फूट कर रोने लगे. उन्होंने स्नो व्हाइट को देखा, वो एकदम फ्रेश लग रही थी. उनका मन नहीं माना कि उसे ज़मीन में दफना दें, इसलिए उसके लिए कांच का बॉक्स तैयार किया और उसे उसमें सुला दिया. कांच के बॉक्स पर लिखा कि यह अनमोल है!

Snow White, The Seven Dwarfs

इस बीच रानी आईने से पूछती और आईना कहता- तुम ही सबसे सुंदर हो. रानी ख़ुद भी गर्व करती.
समय बीतने लगा. कुछ समय बाद ही उस जंगल से एक सुंदर राजकुमार जा रहा था. उसने स्नो व्हाइट को देखा और उसका दीवाना हो गया. बौनों ने भी देखा कि ये राजकुमार क्या करेगा. राजकुमार बेहद दुखी था कि जिस लड़की से मुझे प्यार हुआ, वो तो ज़िंदा ही नहीं है. उसने कॉफिन का कांच खोला और सोचा अलविदा करने से पहले अपने पहले प्यार को जीभर के देख लूं. राजकुमार ने कांच खोला और स्नो व्हाइट को भावुकता में एक किस कर दिया.

Snow White, The Seven Dwarfs

किस करते ही रानी का जादू ख़त्म हो गया. स्नो व्हाइट ज़िंदा थी. राजकुमार की ख़ुशी का ठिकाना न रहा. बौने भी ख़ुशी से उछल पड़े. राजकुमार स्नो व्हाइट को अपने देश ले गया. वहां जाकर उन्होंने शादी की, शादी में बौनों के साथ-साथ रानी को भी बुलाया गया. बौने भी बेहद ख़ुश थे. इस बीच रानी ने आईने से पूछा कि कौन है सबसे हसीन, तो आईने ने कहा, तुम हो सबसे हसीन, लेकिन तुमसे भी हसीन है वो नई रानी.

Snow White, The Seven Dwarfs
स्नो व्हाइट की असलियत जाने बिना रानी नई रानी की ख़ूबसूरती देखने शादी में चली गई, लेकिन उसे देखते ही उसके होश उड़ गए. रानी को देश निकाला दे दिया गया और स्नो व्हाइट राजकुमार के साथ ख़ुशी-ख़ुशी रहने लगी.

सीख: ईर्ष्या और षडयंत्र करनेवाले ख़ुद अपनी ही आग में जल जाते हैं. एक न एक दिन उन्हें अपने किए की सज़ा मिलती ही है. इसलिए मन में किसी के लिए भी ईर्ष्या मत रखो और षडयंत्र से दूर रहो.

 

Fairy Tales: स्लीपिंग ब्यूटी… सोई हुई राजकुमारी! (Sleeping Beauty)

Sleeping Beauty

Sleeping Beauty

Fairy Tales: स्लीपिंग ब्यूटी… सोई हुई राजकुमारी! (Sleeping Beauty)

एक राज्य में बहुत ही दयालू राजा अपनी रानी के साथ ख़ुशी-ख़ुशी रहता था. उसका राज्य भी ख़ुशहाल था, लेकिन बस एक ही दुख था कि उसकी कोई संतान नहीं थी. रानी रोज़ ईश्‍वर से संतान प्राप्ति का आशीर्वाद मांगती, ख़ासतौर से वो सूर्य देव से प्रार्थना करती कि उन्हें सब कुछ मिला है, कोई कमी नहीं, बस एक संतान भी मिल जाए, तो जीवन संपूर्ण हो जाए.

एक रोज़ सूर्य देव ने उन्हें आशीर्वाद दिया. तालाब के पास ही एक जादुई मेंढक आया और उसने कहा कि तुम्हारी गोद ज़रूर भरेगी और तुम्हें एक बहुत ही सुंदर-सी बेटी होगी. और सचमुच कुछ समय बाद रानी की गोद भर गई. उन्हें एक प्यारी सी बेटी हुई, जो बेहद ख़ूबसूरत थी. सूर्य देव के आशीर्वाद से वो मिली थी, सो उसका नाम सनशाइन रखा गया. राजा ने ख़ुशी में एक दावत का ऐलान किया. पूरा राज्य इस दावत में शामिल हुआ. राजा-रानी ने परियों को और विद्वानों को भी ख़ासतौर से न्योता भेजा, ताकि उन सबका आशीर्वाद भी बच्ची को मिल सके. अंत में राजा-रानी ने हर किसी को सोना भी दान में दिया.

जो 12 परियां इस दावत में ख़ासतौर से आमंत्रित थीं, उन्होंने एक-एक कर बच्ची को ख़ूबसूरती, उदारता, ईमानदारी, ख़ुशियां आदि का आशीर्वाद दिया. जैसे ही आख़िरी परी आशीर्वाद देने पहुंची, तो पूरे कमरा अजीब से धुएं से भर गया और वहां प्रकट हुई एक काली परी.
उसने कहा कि सबको यहां बुलाया गया, लेकिन मुझे नहीं, क्योंकि मैं काली हूं. वो परी बेहद ग़ुस्से में थी. राजा ने परी से माफी मांगी, लेकिन वो परी कहां माननेवाली थी. उसने कहा कि मैं बिना आशीर्वाद दिए नहीं जाऊंगी. राजकुमारी को अनोखा आशीर्वाद दूंगी. ये हंसी, ख़ुशी और प्रशंसा की पात्र बनेगी, लेकिन अपनी आयु के 15वे वर्ष में राजकुमारी चरखे की सुई ख़ुद को चुभा लेगी और गिरकर मर जाएगी. काली परी ठहाके लगाती रही और उसकी बात सुनकर राजा-रानी के पैरों तले ज़मीना निकल गई. राजा ने सैनिकों को कहा कि उस चुडैल को पकड़ा जाए, लेकिन वो जादू से ग़ायब हो गई.

Sleeping Beauty

इतने में ही 12वीं परी अपना आशीर्वाद देने आगे आई, उसने कहा कि मैं इसके शाप को हटा तो नहीं सकती, लेकिन उसे कम ज़रूर कर सकती हूं. हे राजकुमारी, जब तुम 15 वर्ष की हो जाओगी, तो तुम मरोगी नहीं, बल्कि 100 वर्ष के लिए गहरी निद्रा में सो जाओगी.
राजा ने परी को धन्यवाद कहा, लेकिन रानी चाहती थी कि वो अपनी बेटी की शादी होते हुए देखे, लेकिन 100 वर्ष तक तो वो ज़िंदा नहीं रहेंगे. रानी ने परी से फिर आग्रह किया कि वो कुछ करे. परी ने कहा कि राजकुमारी के सोने के साथ ही महल के भी सभी लोग सो जाएंगे और वो भी 100 साल बाद राजकुमारी के साथ ही जागेंगे.

100 साल बाद राजकुमारी गहरी नींद से तब उठेगी, जब एक बहादुर और ख़ूबसूरत राजकुमार उसे चूमेगा और उसी व़क्त तुम सब भी नींद से जागोगे.

Sleeping Beauty
रानी बेहद ख़ुश हुई और परी को धन्यवाद कहा. इसके बाद राजा ने सबको आज्ञा दी कि राज्य के सारे चरखों को जला दिया जाए, ताकि किसी तरह वो अपनी बच्ची को बचा सकें. देखते ही देखते बच्ची बड़ी होने लगी. सभी परियों के आशीर्वाद उस पर थे, सो वो सबकी चहेती थी और बेहद ख़ूबसूरत भी. अब वो व़क्त आ चुका था, जब राजकुमारी की 15वीं सालगिरह नज़दीक थी. राजकुमारी की सालगिरह के दिन राजमहल को बहुत सजाया गया. बड़ी दावत दी गई, उस दिन सब कुछ अच्छा हुआ. दिल ढलते-ढलते कुछ भी बुरा नहीं हुआ. इतने में ही राजा-रानी को एक संदेश प्राप्त हआ और उन्हें ज़रूरी काम से एक दिन के लिए बाहर जाना पड़ा. रानी ने अपनी क़रीबी को राजकुमारी की ख़ास देखभाल का ज़िम्मा सौंपा और वो दोनों चले गए. अगले दिन राजकुमारी गार्डन में खेल रही थी और खेलते-खेलते वो दूर निकल गई. कभी किसी तितली को पकड़ती, तो कभी कोई और खेल खेलती. अचानक राजकुमारी ने ख़ुद को एक बड़े से पुराने गुंबदनुमा इमारत के पास पाया. वो कौतुहलवश अंदर गई, तो देखा एक बहुत ही बूढ़ी औरत चरखा कात रही थी. वो महिला इतनी बूढ़ी थी कि उसे यह तक पता नहीं था कि इस राज्य में चरखा नहीं रखा जाता. उसे देख राजकुमारी ने पूछा कि वो क्या कर रही है, तो बूढ़ी महिला ने कहा ये चरखा है, जिसे देख राजकुमारी विस्मित हो गई.

Sleeping Beauty
राजकुमारी की उत्सुकता देख बूढ़ी महिला ने कहा कि क्या तुम यह काम करना चाहोगी? राजकुमारी तुरंत मान गई, क्योंकि राजकुमारी ने कभी भी चरखा नहीं देखा था. राजकुमारी ने जैसे ही चरखा कातना शुरू किया, उसकी नोक राजकुमारी की उंगली में चुभ गई.
आख़िरकार वो शाप पूरा हो गया और वो बूढ़ी और अपने असली रंग में आ गई. वो दरअसल वही काली परी थी. वो ख़ुश हुई और बोली कि ये मेरे अपमान का बदला है. राजकुमारी तब तक गहरी नींद में समा चुकी थी.

यह भी पढ़ें: Fairy Tales: फूलों की राजकुमारी थंबलीना की कहानी! 

Sleeping Beauty
जब राजा-रानी वापस आए, तो राजकुमारी कहीं नहीं थी. सब घबरा गए और राजकुमारी को ढूंढ़ने निकल पड़े. जल्द ही उन्हें राजकुमारी सोई हुई मिली. राजा-रानी यह देखकर रोने लगे कि अब 100 साल बाद ही उन्हें अपनी बेटी वापस मिलेगी. राजा ने कहा कि अब हमें समय नहीं गंवाना चाहिए. भली परी का आशीर्वाद हमें हमारी बेटी वापस दिलाएगा, लेकिन उसके लिए हमें सनशाइन को उस राजकुमार के लिए तैयार करना होगा.

सभी लोग राजकुमारी को तैयार करने में लग गए. इसके लिए ख़ासतौर से शाही परियों को बुलाया गया. उसके कमरे को और बिस्तर को फूलों से, पंखों से, सोने, चांदी, हीरे-जवाहारात से सजाया गया. उस पर राजकुमारी को भी ख़ास वस्त्रों व आभूषणों से सजाकर लेटाया गया. राजकुमारी बेहद प्यारी लग रही थी.

Sleeping Beauty

स़फेद परी ने सूर्य देवता से आग्रह किया कि हे सूर्य देव! ये तुम्हारी ख़ास संतान है. जब यह नींद के 100 वर्ष पूरे कर लेगी आप अपने प्रेम के संदेशवाहक को भेजना इसे जगाने के लिए और इस राज्य को फिर से ख़ुशहाल करने के लिए. परियां महल के मुख्य द्वार पर ख़ास सुरक्षा मंत्र पढ़कर चली गई और उसके बाद हर कोई नींद की आगोश में समाता गया.

Sleeping Beauty

तेज़ बारिश और तूफ़ान आया. पूरा महल ही बड़ी-बड़ी बेलों, कंटीले पेड़ों की आड़ में छिप गया. कई साल बीत जाने पर वो राज्य और महल स़िर्फ लोगों के किस्से-कहानियों में ही जीवित रहा. इस बीच कई नौजवान आए, लेकिन महल तक पहुंचना उनके लिए असंभव रहा.
इसी बीच एक बहादुर राजकुमार, जिसने कई राज्यों को जीता था, यह कहानी सुनकर इस सोए हुए राज्य और सोई हुई राजकुमारी को जगाने वहां पहुंचा. उसे कई लोगों ने समझाया कि वहां से कोई भी ज़िंदा वापस नहीं आ पाया और काली परी के शाप से बचना नामुमकिन है. राजकुमार ने कहा कि सूर्य देव का आशीर्वाद हमारे साथ है और मैं उस सोई हुई सुंदरी को इस शाप से मुक्ति दिलाऊंगा.

दरसअल, 100 साल पूरे होने को थे और राजकुमारी को शाप से मुक्ति मिलने के दिन नज़दीक थे. राजकुमार बहुत बहादुर था. वो जैसे-तैसे आंधी-तूफ़ान से लड़ते हुए महल के मुख्य द्वार के क़रीब पहुंचा. उसी व़क्त तूफ़ान रुक गया और काले बाद छंट गए. सूर्य देव प्रकट हुए. राजकुमार के रास्ते के कांटे अपने आप साफ़ होते गए और वहां फूल खिलने लगे. किले के आंगन में पहुंचकर राजकुमार ने देखा सभी सोए हुए हैं. राजकुमार भीतर गया और देखा जीवित तो सभी थे, लेकिन सभी सोए हुए थे. अंत में वो राजकुमारी के कमरे तक पहुंचा.

Sleeping Beauty

राजकुमारी को देखते ही वो मदहोश हो गया. इतनी ख़ूबसूरत लड़की उसने अपने जीवन में कभी नहीं देखी थी. वो उस पर से अपनी नज़रें ही नहीं हटा पा रहा था. राजकुमार को लगा यही उसकी जीवनसंगिनी हो सकती है. उसने सोती हुई राजकुमारी को चूमा और उसके चूमते ही जादू टूट गया और राजकुमारी जाग गई. इसके साथ ही पूरा राज्य जाग गया. पंछी, जानवर, सिपाही… सभी.

Sleeping Beauty
राजकुमारी भी राजकुमार को देखते ही अपना दिल दे बैठी और बोली कि मैं बरसों से तुम्हारा ही स्वप्न देख रही थी. दोनों चलकर दरबार में आए और उन्हें देखकर सभी बेहद ख़ुश हुए. सभी परियां भी वहां आ पहुंची. राजकुमारी की शादी का ऐलान किया गया और उसके बाद वो दोनों ख़ुशी-ख़ुशी रहने लगे.

Sleeping Beauty
सीख: हर समस्या का समाधान ज़रूर होता है. बुरी सोचवाले, बुरा करनेवाले हर जगह और हर समय में मौजूद होते हैं, लेकिन जीत हमेशा अच्छाई और सच्चाई की ही होती है. इसलिए हर स्थिति का सामना बहादुरी से करें.