family planning

हाल ही में हुए एक अध्ययन से यह बात सामने आई है कि गूगल पर सबसे ज़्यादा सर्च शादीशुदा महिलाएं करती हैं. लेकिन क्या सर्च करती हैं, इस सवाल का जवाब जानकर सभी हैरान रह जाएंगे, खासतौर से पुरुष तो यह जानकर शॉक ही हो जाएंगे कि शादी के बाद महिलाएं गूगल पर क्या-क्या और किन किन चीज़ों को सर्च करती हैं. तो चलिए जानते हैं इस लेख में.

जब भी हमें किसी सवाल का जवाब ढूंढ़ना होता है, तो हमारी नज़र सबसे पहले पास में रखे हुए स्मार्ट फोन पर जाती है और हम गूगल पर जाकर उस सवाल का जवाब सर्च करना शुरू कर देते हैं. जी हां, ऐसा ही होता है हम सबके साथ. जब से टेक्नोलॉजी का प्रसार हुआ है, तब से गूगल सर्च इंजन हमारे जीवन का एक अहम हिस्सा बन गया है. इसमें कोई दो राय नहीं हैं कि गूगल ने हमारी लाइफ को बहुत आसान बना दियाहै. गूगल जानकारी और सूचनाओं का ऐसा भंडार है, जो आपके सवालों और समस्याओं का हल चंद मिनटों में आपके सामने लाकर रख देता है. हम सभी गूगल पर इतने निर्भर हैं कि गूगल के बिना रहने की सोच भी नहीं सकते हैं. चाहे पढ़ाई से जुड़े सवाल हों, करियर या फाइनेंस से संबंधित कोई प्रश्‍न हो या फिर निजी और शादीशुदा ज़िंदगी से जुड़ी कोई समस्या हो- गूगल बाबा कभी भी निराश नहीं करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि गूगल पर सबसे ज़्यादा लोग क्या सर्च करते हैं, ख़ासकर महिलाएं, तो आइए जानते हैं.

किन-किन सवालों को गूगल पर सबसे ज़्यादा सर्च करती हैं शादीशुदा महिलाएं?

1. पार्टनर को कैसे आकर्षित करें?

महिलाएं चाहे कितना भी पढ़-लिख लें या करियर में कितनी ही सफलता अर्जित कर लें, लेकिन आज भी शादी के बाद वे यही चाहती हैं कि उनका पार्टनर हमेशा उनकी तरफ़ आकर्षित हों. गूगल सर्च इंजन पर किए गए एक अध्ययन से ये बात सामने आई है कि अधिकतर शादीशुदा महिलाएं यह सर्च करती हैं कि पार्टनर को अपनी तरफ़ कैसे आकर्षित करें. सर्च के जरिए शादीशुदा महिलाएं उन टिप्स को सबसे ज्यादा ढूंढ़ती हैं, जिससे पार्टनर को अपनी तरफ अट्रैक्ट कर सकें.

2. पार्टनर की पसंद-नापसंद?

अधिकतर महिलाओं को पुरुषों की पसंद या नापसंद का पता ही नहीं होता है.शादीशुदा महिलाएं गूगल पर जाकर पार्टनर की पसंद या नापसंद को जानने कीकोशिश करती हैं कि उनके पार्टनर किस-किस तरह की चीज़ों में अपनी दिलचस्पीदिखा सकते हैं. इस तरह से पार्टनर की पसंद-नापसंद जानकर महिलाएं उन्हेंअपनी तरफ आकर्षित करने की कोशिश करती हैं. आपको जान कर हैरानी होगी,लेकिन अधिकतर पुरुष भी अपनी पत्नियों की खुश रखने वाले टिप्स गूगल में जाकर सर्च करते हैं.

3. कैसे बदलें अपना स्वभाव?

पुरुषों को केयरिंग नेचर वाली महिलाएं अधिक पसंद आती हैं, ये बात महिलाएं जानती हैं. इसलिए महिलाएं गूगल पर जाकर ऐसे टिप्स ढूंढ़ती हैं, जिन्हें अपनाकर वे अपने रूड और हार्श बिहेवियर को चेंज करें और अपना स्वभाव अच्छा और केयरिंग बना सकें. अपने केयरिंग स्वभाव की वजह से महिलाएं पार्टनर को अपनीओर अट्रैक्ट कर सकती हैं और उनका दिल जीत सकती हैं.

4. पार्टनर से कैसे मनवाएं अपनी बात?

गूगल पर महिलाएं ऐसे टिप्स भी सर्च करती हैं, जिनको फॉलो करके वे अपने पार्टनर से अपनी बात मनवा सकें. लेकिन महिलाओं को इस बात का ख़ास ध्यान रखना चाहिए कि पार्टनर को अपनी तरफ आकर्षित करने और उनसे अपनी हर बात मनवाने के लिए पत्नी को पहले खुद पार्टनर की बातें माननी होंगी. तभी पार्टनर भी उनकी बातें मानेंगे.

5. कैसे करें पार्टनर के साथ फ्लर्ट?

अमूमन सभी पार्टनर्स को फ्लर्ट करने वाली पत्नियां ही अच्छी लगती हैं, इसलिएअक्सर शादीशुदा महिलाएं गूगल पर फ्लर्टिंग के टिप्स सर्च करती हैं. पार्टनर को अट्रैक्ट करने के नए-नए तरी़के सर्च करके महिलाएं अपने पार्टनर को खुश रखना चाहती हैं. महिलाओं की तरह पुरुष भी गूगल में जाकर महिलाओं से फ्लर्ट करनेके टिप्स सर्च करते हैं. फ्लर्ट करने से कपल के बीच प्यार बढ़ता है और रिश्ता भी मज़बूत बनता है.

6. ख़ुद को रोमांटिक कैसे बनाएं?

अक्सर महिलाएं घर और ऑफिस की ज़िम्मेदारियां निभाते हुए काम में इतनीव्यस्त हो जाती हैं कि उन्हें पार्टनर के साथ रोमांस करने का वक्त ही नहीं मिलता है, जिसके कारण कपल के बीच दूरियां बढ़ने लगती हैं. गूगल में जाकर महिलाएं ये भी सर्च करती हैं कि अपने और पार्टनर के मूड को रोमांटिक बनाने के लिए क्या करें. रिलेशनशिप एक्सपर्ट्स का मानना है कि रोमांस किसी भी रिलेशनशिप में एक-दूसरे को आपस में जोड़ने की कड़ी है. कपल चाहे कितना भी व्यस्त क्योंना हो, अगर वे अपने रिश्ते को मज़बूत बनाना चाहते हैं, तो समय निकालकरएक-दूसरे के साथ रोमांस ज़रूर करें.

7. पार्टनर का दिल कैसे जीतें?

शादी के बाद लड़कियों के दिमाग में हर टाइम यह बात घूमती रहती है कि पार्टनर का दिल कैसे जीता जा सकता है, ताकि पार्टनर हमेशा उन पर फ़िदा रहे, उनकेआगे-पीछे घूमता रहे. अक्सर शादीशुदा महिलाएं गूगल पर जाकर पार्टनर का दिल जीतने वाले टिप्स सर्च करती रहती हैं.

8. फैमिली मेंबर्स से कैसे तारीफ पाएं?

शादी के बाद हर लड़की का सपना होता है कि वह अपने ससुराल वालों को इम्प्रेसकरे, ताकि फैमिली के सभी सदस्य उससे ख़ुश रहें और उसे प्यार करें. इस कारण से ज़्यादातर शादीशुदा महिलाएं अपने ससुराल वालों को ख़ुश रखने के तरीके सर्च करती रहती हैं.

9. परिवार की ज़िम्मेदारी किस तरह से निभाई जाए?

शादी के बाद पूरे घर की ज़िम्मेदारी संभालना इतना आसान नहीं होता है, जितना हम सोचते और कहते हैं. एक रिपोर्ट से यह साबित हुआ है कि केवल शादीशुदा महिलाएं ही नहीं, पुरुष भी गूगल पर यही सर्च करते हैं कि परिवार की ज़िम्मेदारी किस तरह संभाली जा सकती है.

10. फैमिली प्लानिंग से जुड़े सवाल

शादीशुदा महिलाएं गूगल पर जाकर यह भी जानना चाहती हैं कि उन्हें अपने परिवार को बढ़ाने का निर्णय कब लेना चाहिए. इतना ही नहीं बच्चा पैदा करने का सही समय क्या हो सकता है, बेबी प्लानिंग के लिए उन्हें क्या करना चाहिए जैसे तमाम सवालों का जवाब वो गूगल पर खोजती हैं. हालांकि गूगल के के जवाब कितने सही होंगे, यह तो पता नहीं, फिर भी शादीशुदा महिलाओं में इस तरह के सवालों को गूगल से जानने की जिज्ञासारहती है.

कुछ अन्य सवाल- जो शादीशुदा महिलाएं गूगल पर सर्च करती हैं

– शादी के बाद उन्हें ससुराल में किस तरह से पेश आना चाहिए?

– अपने ससुराल वालों की पसंद-नापसंद और ख़ुशी का ख़्याल कैसे रखें?

– शादी के बाद अपना ख़ुद का बिज़नेस शुरू करना चाहती हैं, तो कैसे करें?

– घर-परिवार के साथ ऑफिस या बिजनेस कैसे हैंडल करना चाहिए?

उपरोक्त सवालों के अलावा और भी बहुत सारे सवाल हैं, जिनकी फेहरिस्त काफी लंबी है. शादीशुदा महिलाएं ये सवाल लगातार सर्च करती रहती हैं. गूगल बाबा कभी भी किसी को निराश नहीं करते हैं. वह तो जानकारी और सूचनाओं का अथाह समंदर है, जिसमें से आप अपने हर सवाल का जवाब पा सकते हैं.

– पूनम नागेंद्र शर्मा

‘बिग बॉस 14’ खत्म होने के बाद शो की विनर रूबीना दिलैक और उनके पति अभिनव शुक्ला अपनी लाइफ को एन्जॉय करते नज़र आ रहे हैं. रूबीना-अभिनव को अक्सर उनकी फैमिली और फ्रेंड्स के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड करते देखा जा रहा है. हाल ही में रूबीना अपने पति अभिनव शुक्ला के साथ एक क्रूज पर होली सेलिब्रेट करती दिखीं. होली सेलिब्रेशन के दौरान रूबीना ने एक क्यूट से बच्चे के साथ अपनी फोटोज़ शेयर की, जिसके बाद बिग बॉस फेम निक्की तंबोली ने उनसे ऐसा सवाल कर लिया कि खुद एक्ट्रेस भी हैरान रह गई. निक्की तंबोली ने रूबीना दिलैक और अभिनव शुक्ला से फैमिली प्लानिंग को लेकर सवाल किया, जिसका एक्ट्रेस ने जवाब दिया है.

Nikki Tamboli, Rubina Dilaik and Abhinav Shukla
Photo Credit: Instagram
Nikki Tamboli, Rubina Dilaik and Abhinav Shukla
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बेशक फैमिली प्लानिंग को लेकर निक्की तंबोली के सवाल से रूबीना चौंक गईं, लेकिन उन्होंने सवाल का मज़ेदार जवाब भी निक्की को दिया है. दरअसल, एक्ट्रेस ने अपने फ्रेंड बेनाफ डी के बेबी के साथ अपनी तस्वीरें शेयर की हैं. यह तस्वीरें होली सेलिब्रेशन की हैं. इसके साथ एक्ट्रेस ने निक्की तंबोली को अप्रत्याशित जवाब दिया है. यह भी पढ़ें: रूबीना दिलैक-अभिनव शुक्ला के लेटेस्ट सॉन्ग ‘मरजानेया’ को एली गोनी-जैस्मिन भसीन ने किया रिक्रिएट, वीडियो हुआ वायरल (Rubina Dilaik-Abhinav Shukla’s Latest Song ‘Marjaneya’ Recreated By Aly Goni- Jasmin Bhasin, Video Goes Viral)

बता दें कि निक्की कपल को नन्हे बच्चे के साथ देखने के लिए काफी उत्सुक हैं और उन्होंने रूबीना से पूछा कि उन्हें रूबीनव का बेबी कब देखने को मिलेगा? निक्की ने इन तस्वीरों पर कमेंट करते हुए उनकी फैमिली प्लानिंग को लेकर सवाल किया. निक्की के सवालों से हैरान रूबीना ने स्पष्ट किया कि तस्वीरों में वह जिस बच्चे के साथ हैं, वह बेनाफ का बेबी है. एक्ट्रेस ने लिखा- ‘निक्की तंबोली यह बेबी बेनाफ का है और हमें उम्मीद है कि हम इसके साथ कुछ और क्वालिटी टाइम स्पेंड करेंगे.’ बहरहाल, रूबीना दिलैक के इस जवाब से तो साफ हो जाता है कि वो फिलहाल मां बनने के लिए तैयार नहीं हैं.

Rubina Dilaik
Photo Credit: Instagram
Abhinav Shukla
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क्रूज पर होली सेलिब्रेशन से रूबीना ने अपना एक खूबसूरत वीडियो भी शेयर किया है, जिसमें एक्ट्रेस का मस्तीभरा अंदाज देखने को मिल रहा है. बैकग्राउंड में बलम पिचकारी गाना चल रहा है. इस वीडियो के साथ रूबीना ने कैप्शन लिखा है- ‘हैप्पी होली मेरी रंगीन आत्माओं की सेना… दुआ है कि हम सभी हर पल में अपनी खुशियां पाएं.’ यह भी पढ़ें: ‘शक्ति-अस्तित्व के एहसास की’ में हो रही है रूबीना दिलैक की वापसी? एक्ट्रेस के लेटेस्ट पोस्ट में छुपा है बड़ा संकेत (Rubina Dilaik Comeback in Shakti Astitva ke Ehsaas ki? Big Hint Hidden in The New Post of Actress)

बात करें ‘बिग बॉस 14’ की तो शो में रूबीना और निक्की तंबोली के बीच अच्छी बॉन्डिंग देखने को मिली थी. हालांकि शुरुआत में दोनों के बीच कुछ कड़वाहट ज़रूर देखने को मिली, लेकिन आगे चलकर दोनों के बीच की कड़वाहट दूर हो गई और दोनों के बीच अच्छा समीकरण देखने को मिला. ‘बिग बॉस 14’ की जर्नी के आखिर तक निक्की और रूबीना को एक-दूसरे में बहुत अच्छा दोस्त मिला. शो खत्म होने के बाद भी दोनों में दोस्ती का खूबसूरत रिश्ता बरकरार है.

महिलाएं बर्थ कंट्रोल के तरीकों का इस्तेमाल तो करती हैं, लेकिन आज भी इससे जुड़े कई तरह के सवाल, कई भ्रांतियां रहती हैं उनके मन में. आज भी बर्थ कंट्रोल से संबंधित तमाम ज़रूरी जानकारियां महिलाओं को पता नहीं होतीं. आपके मन में बर्थ कंट्रोल से जुड़ी किसी तरह की कोई गलतफहमी न रहे, यही चाहते हैं हम, इसलिए इससे जुड़ी सभी जानकारियां ले आए हैं आपके लिए.

जानें गर्भनिरोधक गोलियों के बारे में

Important Facts About Contraception


गर्भनिरोधक गोलियां यानी बर्थ कंट्रोल पिल्स डेली पिल्स हैं यानि इसे रोज़ाना लेना होता है. ये एस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रॉन युक्त गोलियां होती हैं, जो शरीर के नेचुरल साइकल को प्रभावित करती हैं, जिससे प्रेग्नेंसी को रोका जा सकता है. ये ओव्यूलेशन की प्रक्रिया को रोकता है, जिससे ओवरी से एग रिलीज़ नहीं होता और गर्भ ठहरने की संभावना नहीं रहती.

इमर्जेंसी कंट्रासेप्टिव पिल्स: इमर्जेंसी कंट्रासेप्टिव पिल्स जिन्हें मॉर्निंग आफ्टर पिल्स भी कहते हैं, असुरक्षित सेक्स के बाद प्रेग्नेंसी को रोकने का कार्य करती है. ये पिल असुरक्षित सेक्स के ७२ घंटों यानि ३ दिन के अंदर ली जानी चाहिए. लेकिन डॉक्टर्स के अनुसार अनसेफ सेक्स के बाद इमर्जेंसी कंट्रासेप्टिव पिल जितनी जल्दी ले लेंगी, असर उतना ही ज़्यादा होगा. पर ध्यान रखें, बर्थ कंट्रोल पिल्स सुरक्षित सेक्स की गारंटी देता है, जब कि इमर्जेंसी पिल्स ऐसा नहीं करता, इसलिए इमर्जेंसी कंट्रासेप्टिव पिल्स को सेफ सेक्स के ऑप्शन के तौर पर न लें. अगर कभी अनसेफ सेक्स हो गया हो, तो ही इसे लेना समझदारी है. इसे आदत न बना लें.

Facts About Contraception

बर्थ कंट्रोल पिल्स कब और कैसे लेना चाहिए: इन पिल्स को आपको रोज़ाना नियत समय पर लेना होगा तभी ये इफेक्टिव होंगी. इसे आप पीरियड्स के ५ वें दिन से ले सकती हैं. नॉर्मल मेन्स्टु्रअल साइकल २१ दिन का माना जाता है. आपको २१ दिन तक ये पिल्स लेनी होंगी. अगर आप एक दिन गोली भूल जाती हैं तो अगले दिन दो गोलियां ले सकती हैं. अगर लगातार दो दिन गोलियां लेना भूल गई हैं तो अगले दिन दो-दो गोलियां ले सकती हैं. लेकिन अगर आप दो या ज़्यादा दिनों के लिए गोलियां लेना भूल जाती हैं, तो तुरंत डॉक्टर से मिलकर अन्य विकल्प के बारे में पूछें.

बर्थ कंट्रोल पिल्स का असर कब से शुरू होता है: वैसे इसका असर १४ वें दिन से शुरू हो जाता है. पर पूरी सेफ्टी के लिए डॉक्टर पिल शुरू करने के एक हफ्ते बाद तक कंडोम यूज़ करने की सलाह देते हैं.

बर्थ कंट्रोल पिल्स कितने इफेक्टिव हैं: अगर इसे सही तरीके से लिया जाए, तो ये अनचाहे गर्भ से पूरी सुरक्षा देते हैं. लेकिन ध्यान रखें अगर आप कोई अन्य दवाएं या सप्लीमेंट्स ले रही हैं, तो बर्थ कंट्रोल पिल्स का असर कम हो सकता है. ऐसी स्थिति में बेहतर होगा कि अपने डॉक्टर से कंसल्ट करें.

contraceptive pills

बर्थ कंट्रोल पिल्स कितने सेफ हैं: अधिकतर महिलाओं के लिए बर्थ कंट्रोल पिल्स पूरी तरह सेफ माने जाते हैं. लेकिन कुछ महिलाओं में और कुछ हेल्थ कंडीशन में इसके साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं. इसलिए बेहतर होगा कि पिल्स डॉक्टर की सलाह पर ही लें, ताकि आपके नए जीवन की शुरुआत हेल्दी तरीके से हो.

क्या साइड इफेक्ट्स हैं: शुरुआत में बर्थ कंट्रोल पिल्स के कुछ साइड इफेक्ट्स जैसे ब्लोटिंग, ब्रेस्ट में भारीपन, मूड स्विंग्स, वज़न बढना, सिरदर्द, पेटदर्द, उल्टी महसूस होना, डिप्रेशन आदि प्रॉब्लम्स हो सकते हैं, जो दो-तीन महीने में अपने आप दूर हो जाते हैं. अगर तकलीफ ज़्यादा हो तो तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करें. हो सकता है वो आपको कोई और बर्थ कंट्रोल पिल्स प्रिस्क्राइब करें जिसके साइड इफेक्ट्स कम हों.

बर्थ कंट्रोल पिल्स लेने से क्या भविष्य में कंसीव करने में दिक्कत आ सकती है: बर्थ कंट्रोल पिल्स लेने से कंसीव करने में कोई दिक्कत नहीं आती. बस जब भी प्रेग्नेंसी प्लान करनी हो, इसे लेना बंद कर दें. हां कुछ महिलाओं का साइकल नॉर्मल होने में एक-दो महीने लग सकते हैं, लेकिन अधिकतर महिलाएं पिल बंद करते ही कंसीव कर सकती हैं. इसलिए अगर बच्चा प्लान करना है तो बस पिल्स लेना बंद करें, डॉक्टर से मिलें और मां बनने का आनंद लें.

क्या बर्थ कंट्रोल पिल्स का पीरियड्स पर भी असर होता है: बर्थ कंट्रोल पिल्स की अलग-अलग महिलाओं पर अलग-अलग प्रतिक्रिया होती है. ये पिल्स लेने के बाद कुछ महिलाएं हैवी ब्लडिंग, दर्द, अनियमित पीरियड्स की शिकायत करती हैं, तो ये पिल्स लेने से कुछ महिलाओं के पीरियड्स एकदम रेग्युलर हो जाते हैं और उन्हें पीरियड्स के दौरान दर्द भी कम होता है.


गर्भ निरोधक घरेलू नुस्खे

Home Remedies For Birth Control


अनचाहे गर्भ को रोकने के लिए आप कुछ घरेलू नुस्खे अपना सकती हैं. हालांकि दूसरे गर्भ निरोधक मेथड की तरह ये भी १०० प्रतिशत गेरेंटी नहीं देते, पर ये बिल्कुल सेफ होते हैं.
– अनप्रोटेक्टेड सेक्स के बाद २-३ टुकड़े अंजीर के खाएं, जिससे गर्भ रोकने में मदद मिलेगी.
– अनप्रोटेक्टेड सेक्स के बाद पपीता ज़रूर खाएं, इससे गर्भधारण नहीं होगा. इसे सेक्स के बाद २ से ३ दिनों तक दिन में २ बार खाने की सलाह दी जाती है.
– अदरक भी एक गर्भ निरोधक का काम करता है. यदि आप अनचाहा गर्भधारण नहीं चाहतीं, तो सेक्स के बाद अदरक को उबालकर घूंट-घूंट कर पीएं.
– नीम भी एक बेहतरीन नेचुरल गर्भनिरोधक है. ये एग तक पहुंचने की स्पर्म की क्षमता को कम कर देती है, जिससे एग फर्टिलाइज नहीं हो पाता और प्रेगनेंसी की संभावना भी कम हो जाती है.
– विटामिन सी का सेवन कर आप अनचाहे गर्भ को रोक सकते हैं. इसमें आपको ज़रुरत है शुद्ध विटामिन सी के सेवन की, जिसमें कोई मिलावट न हो. अनप्रोटेक्टेड सेक्स के बाद इसे दिन में दो बार लें.

बचें इन मिथ्स से

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–  ये सिर्फ मिथ है कि ब्रेस्ट फीडिंग कराने वाली महिलाओं के प्रेग्नेंट होने की संभावना नहीं होती. अगर आपको भी ऐसी ही कुछ गलतफहमी है तो आज से ही इसे अपने मन से निकाल दें. ब्रेस्टफीडिंग के दौरान बॉडी में जो हार्मोंस बनते हैं, उनके कारण ऑव्यूलेशन कुछ टाइम के लिए बंद हो जाता है, लेकिन यह बात हर महिला पर समान रूप से लागू नहीं होती है.
– इस बात में भी कोई सच्चाई नहीं है कि सेक्स के फौरन बाद नहाने से प्रेग्नेंसी नहीं होती. सेक्स के बाद यूरीन जाने या शावर लेने का स्पर्म द्वारा अंडे को फर्टिलाइज करने से कोई संबंध नहीं है.
– ज़्यादातर लोगों का मानना होता है कि सेफ दिनों में असुरक्षित सेक्स करने से प्रेग्नेंसी नहीं होती है, जबकि ये बिल्कुल गलत हैं. सेफ दिनों में भी महिलाएं प्रेग्नेंट हो सकती हैं, इसलिए सेक्स के दौरान प्रोटेक्शन का इस्तेमाल ज़रूर करें.
– ये भी जान लें कि कोई भी बर्थ कंट्रोल १०० प्रतिशत प्रभावी होते हैं.



शादी से पहले होनेवाले कपल को तरह-तरह की हिदायतें दी जाती हैं. ट्रेनिंग दी जाती है. नए माहौल में एडजेस्ट होने से लेकर खाना पकाने तक और ससुराल में सबका मन जीत लेने से लेकर पार्टनर को काबू में करने तक के गुरुमंत्र दिए जाते हैं. जिसकी समझ में जो आता है, वो वही स्पेशल टिप देकर चला जाता है. लेकिन इन सबके बीच एक बात जो अक्सर नज़रअंदाज़ कर दी जाती है, वो है फैमिली प्लानिंग की बात.

Family Planning

क्यों नहीं की जाती फैमिली प्लानिंग की बात?

–     दरअसल हमारे समाज में शादी का दूसरा मतलब ही होता है बच्चे. जी हां, शादी होते ही हर कोई गुड न्यूज़ सुनना चाहता है, ऐसे में फैमिली प्लानिंग के बारे में भला कौन सोचे?

–     शादी के बाद यदि एक साल के अंदर गुड न्यूज़ नहीं मिलती, तो लोग बातें बनाने लगते हैं, क्योंकि हम मदरहुड को बहुत ही ग्लोरिफाई करते हैं.

–     मां बनना ही जैसे एक स्त्री की ज़िंदगी का सबसे बड़ा उद्देश्य है, उसके बिना उसके अस्तित्व का कोई महत्व ही नहीं.

–     अक्सर पैरेंट्स अपने बच्चों के मन यह बात डाल देते हैं कि बेहतर होगा कंट्रासेप्शन यूज़ न किया जाए और पहला बच्चा जितना जल्दी हो जाए, उतना अच्छा होगा.

–     अक्सर बच्चे को लोग शादी व रिश्ते की सिक्योरिटी मान लेते हैं, यह भी वजह है कि शादी के बाद गुड न्यूज़ का ही इंतज़ार करते हैं.

क्यों ज़रूरी है फैमिली प्लानिंग?

–     आजकल बिज़ी शेड्यूल के चलते बहुत-सी प्राथमिकताएं बदल रही हैं. इनका असर शादी व फैमिली प्लानिंग पर भी पड़ा है. ऐसे में अनचाहा गर्भ यानी एक्सिडेंटल प्रेग्नेंसी बहुत से ़फैसले बदलने को मजबूर कर सकती है.

–     इन फैसलों में करियर से लेकर फाइनेंशियल प्लानिंग तक शामिल है.

–    पहला बच्चा कब चाहते हैं, दूसरा बच्चा यदि चाहते हैं, तो कितने अंतराल के बाद… बच्चा होने पर किस तरह से ज़िंदगी बदलेगी, ज़िम्मेदारियां बढ़ेंगी, ख़र्चे बढ़ेंगे, काम बढ़ेगा… इन सब पर चर्चा ज़रूरी है.

–     बच्चे की ज़िम्मेदारी व उससे जुड़े काम कपल किस तरह से आपस में बांटेंगे, करियर को किस तरह से मैनेज करेंगे… इन तमाम बातों पर चर्चा बेहद ज़रूरी है.

कब करें फैमिली प्लानिंग की चर्चा?

अब सवाल यह है कि इन बातों पर चर्चा कब करनी चाहिए?

–    ज़ाहिर-सी बात है, ये तमाम बातें कपल को शादी से पहले ही कर लेनी चाहिए.

–     दोनों के क्या विचार हैं, किसकी कितनी सहमति है, यह जानना बेहद ज़रूरी है, ताकि बाद में विवाद न हो.

–     इसी प्लानिंग का एक बड़ा हिस्सा है- कंट्रासेप्शन. किस तरह का कंट्रासेप्शन यूज़ करना है, किसे यूज़ करना है, कब तक यूज़ करना है आदि बातें कपल्स पहले ही डिसाइड कर लें, वरना एक्सिडेंटल प्रेग्नेंसी बहुत से प्लान्स चेंज करवा सकती है.

–     कंट्रासेप्शन यदि फेल हुआ, तो एक्सिडेंटल प्रेग्नेंसी के लिए मानसिक रूप से तैयार रहना होगा. आपका करियर व फाइनांस बहुत हद तक इससे प्रभावित होगा, तो उस पर भी चर्चा ज़रूरी है.

–     आप चाहें तो काउंसलर के पास जाकर भी सलाह ले सकते हैं.

–     लेकिन ज़रूरी है कि शादी से पहले ही इन सब बातों को लेकर आप क्लीयर हो जाएं, ताकि बाद में एक-दूसरे पर टीका-टिप्पणी या आरोप न लगें.

यह भी पढ़े: शादी से पहले दिमाग़ में आनेवाले 10 क्रेज़ी सवाल (10 Crazy Things Which May Bother You Before Marriage)

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बेझिझक बात करना है ज़रूरी

–     अक्सर कपल शादी से पहले इन बातों को जान-बूझकर भी अवॉइड करते हैं, क्योंकि उन्हें झिझक होती है.

–     उन्हें यह भी लगता है कि कहीं इतनी-सी बात को लेकर बनता रिश्ता टूट न जाए.

–     लड़कियों में भी हिचक होती है, क्योंकि उन्हें लगता है कि पार्टनर यह न समझे कि वो मर्यादा के बाहर जाकर बात कर रही है.

–     लेकिन बेहतर यही होगा कि आप हिचकिचाहट छोड़कर अपनी सारी शंकाएं दूर कर लें, ताकि बाद में यह महसूस न हो कि काश! पहले ही बात कर ली होती.

–     इससे आपको अपने होनेवाले पार्टनर की परिपक्वता, सोच-समझ व मानसिकता का भी अंदाज़ा हो जाएगा.

–     वो कितना सुलझा हुआ है, उसका थॉट प्रोसेस कितना क्लीयर है, यह आपको पता चल जाएगा.

बदलाव के लिए रहें तैयार

–     आप दोनों को इस बात पर भी चर्चा करनी होगी कि आप दोनों की ही ज़िंदगी बच्चा होने के बाद बहुत ज़्यादा बदल जाएगी.

–     एक तरफ़ ख़ुशख़बरी होगी, पर दूसरी तरफ़ ज़िम्मेदारियां भी.

–     उसी के अनुसार ख़र्च बढ़ेंगे, तो किस तरह से पहले से ही कितना अमाउंट इंवेस्ट करना है, ताकि बच्चा होने पर आपकी फाइनेंशियल हालत स्थिर रहे, उसकी प्लानिंग भी ज़रूरी है.

–     बच्चे के लिए कौन-कौन से प्लान्स लेने हैं, इसकी जानकारी ज़रूरी है.

–     स़िर्फ आर्थिक तौर पर ही नहीं, मानसिक व शारीरिक तौर पर भी बदलाव होंगे.

–     हल्का डिप्रेशन, शरीर में बदलाव, लाइफस्टाइल में बदलाव- इन सब पर भी चर्चा ज़रूरी है.

–     आपकी सेक्स लाइफ भी बदलेगी, जिसे लेकर हो सकता है आपसी तनाव हो जाए, तो यहां यदि आप पहले ही चर्चा करके एक-दूसरे के मन को जान लेंगे, परिपक्वता को परख लेंगे, तो भविष्य की चुनौतियों का सामना बेहतर तरी़के से कर पाएंगे.

–     बच्चा होने पर देर रात तक जागना, उसकी पूरी देखभाल करना शरीर व मन को थका सकता है और यह तनाव भी दे सकता है, जिससे आपस में विवाद भी हो सकते हैं.

–     करियर में बदलाव भी होगा. हो सकता है किसी एक को नौकरी छोड़नी भी पड़े या पार्ट टाइम काम करना पड़े, तो वो किस तरह से मैनेज होगा.

–     बच्चा होने के कितने समय बाद फिर से करियर को महत्व देना है, किस तरह से बच्चे की परवरिश करनी है, ये तमाम बातें छोटी लगती हैं, लेकिन आपके रिश्ते के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं.

समय ने मानसिकता भी बदल दी है…

यह सच है कि स्त्री को ही प्रकृति ने गर्भधारण का दायित्व दिया है. ऐसे में कंसीव करने के बाद यह सोचना कि यह कोई बड़ी मुसीबत है या यह बच्चा आपकी ही ज़िम्मेदारी नहीं है आदि ग़लत है. यह सच है कि बच्चा दोनों की ज़िम्मेदारी है, लेकिन स्त्री की शारीरिक संरचना व प्रकृति द्वारा प्रदत्त दायित्व के चलते उसकी ज़िम्मेदारी थोड़ी अलग व अधिक हो ही जाती है. निशांक व रिया ने फैमिली प्लानिंग नहीं की थी और न ही उस पर चर्चा की थी. नतीजा- शादी के एक साल के अंदर ही उनको बच्चा हो गया, लेकिन यह बच्चा रिया को बोझ लगने लगा, क्योंकि वो बात-बात पर निशांक से शिकायत करती कि बच्चा दोनों का है, तो तुम तो मज़े से ऑफिस चले जाते हो और मुझे इतना कुछ सहना पड़ता है. जबकि रिया वर्किंग नहीं थी, बावजूद इसके उसे यह अपेक्षा रहती थी कि यदि वो रात में जागकर बच्चे की नैप्पी बदल रही है, तो निशांक को भी यह करना होगा. प्रेग्नेंसी के बाद रिया में शारीरिक बदलाव भी आ गए थे, जिसको लेकर वो डिप्रेशन में रहने लगी थी. निशांक के अलावा रिया के जाननेवाले व सहेलियां भी उसे समझाती थीं कि यह नेचुरल है और समय के साथ सब नॉर्मल हो जाएगा, इसलिए रिया को बदले हालातों को स्वीकारना होगा, वो भी ख़ुशी-ख़ुशी. लेकिन रिया कुछ समझने को तैयार ही नहीं थी. उसे लगता था उसकी आज़ादी छिन गई, उसकी आउटिंग व पार्टीज़ बंद हो गईं, वो मोटी हो गई… जिसका असर दोनों के रिश्ते के साथ-साथ घर में आए नए मेहमान पर भी पड़ रहा था. एक्सिडेंटल प्रेग्नेंसी पर यदि रिया व निशांक ने पहले चर्चा की होती या फिर पहले से ही उन्होंने फैमिली प्लानिंग की चर्चा की होती, तो परिस्थितियां बेहतर होतीं.

इसके अलावा बेहतर होगा कि आज की जेनरेशन भी यह सच्चाई स्वीकारे कि प्रकृति ने स्त्री-पुरुष को अलग-अलग बनाया है और उसे कोई भी बदल नहीं सकता. बेहतर होगा कि अपने बच्चे का ख़ुशी-ख़ुशी स्वागत करें, ताकि वो सकारात्मक माहौल में पल-बढ़ सके.

ज़रूरत महसूस हो, तो काउंसलर की मदद भी ले सकते हैं या घर के बड़े-बज़ुर्गों का मार्गदर्शन लें.

– ब्रह्मानंद शर्मा

यह भी पढ़े: रिश्तों में बदल रहे हैं कमिटमेंट के मायने… (Changing Essence Of Commitments In Relationships Today)

मैं 23 वर्षीय स्त्री हूं. छह माह पूर्व ही मेरा विवाह हुआ है. हम अगले दो सालों तक बच्चा नहीं चाहते, इसलिए कंडोम (Condom) इस्तेमाल करते हैं. लेकिन मुझे इससे असहजता महसूस होती है और दर्द भी होता है. किसी ने मुझे बताया कि कंडोम या उसके जेल से मुझे एलर्जी (Allergic) हो सकती है. क्या वाकई मुझे इससे एलर्जी हो रही है? कृपया मेरी समस्या का समाधान बताएं.
– श्रेया मल्होत्रा, कानपुर.

आपको कंडोम के रबर या फिर इसके जेल से एलर्जी होने की संभावना है. चूंकि अभी आपकी उम्र भी काफ़ी कम है और अगले दो साल तक आप परिवार बढ़ाना नहीं चाहतीं, तो ऐसे में आप गर्भनिरोधक दवाइयों का इस्तेमाल कर सकती हैं. बेहतर होगा कि आप किसी गायनाकोलॉजिस्ट से संपर्क करें, जो आपको बताएंगे कि आपके लिए कौन–सा गर्भनिरोधक उपयुक्त होगा.

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Condoms Allergic

मैं 20 साल की हूं. मेरी समस्या यह है कि अन्य लड़कियों की तुलना में मेरे स्तन बहुत छोटे हैं. मैंने कई ऐसे विज्ञापन पढ़े हैं, जो बिना किसी सर्जरी के स्तन का आकार बढ़ाने का दावा करते हैं. मेरी जल्दी ही शादी होनेवाली है. मैं उन इलाजों और उनके साइड इ़फेक्ट्स के बारे में जानना चाहती हूं.
– राखी लड्ढा, बिजनौर.

ये सच है कि ब्रेस्ट एनलार्जमेंट के लिए आए दिन विज्ञापन प्रकाशित होते रहते हैं, लेकिन उनकी सच्चाई के बारे में कुछ भी कहना मुश्किल है. अगर आप चाहें तो एक्सरसाइज़ करके अपने स्तनों का आकार बढ़ा सकती हैं. इसके लिए आप जिम ज्वाइन कर सकती हैं और इंस्ट्रक्टर को अपना उद्ददेश्य बता दें. इसके अलावा आप गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल भी कर सकती हैं. ये न सिर्फ़ स्तनों का आकार बढ़ाएंगी, बल्कि अनचाहे गर्भ से भी सुरक्षित रखेंगी. वैसे सबसे अच्छा तरीका है-ब्रेस्ट इम्प्लांट, जिसमें 40,000 से 80,000 रुपए ख़र्च आता है. वैसे मेरा मानना है कि ये सब दिमागी फ़ितूर है. अगर आप अपने शरीर के बारे में पॉज़िटिव सोच रखें तो ब्रेस्ट का साइज़ कोई मायने नहीं रखता.

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डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
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छोटे पर्दे के शो ‘जमाई राजा’ के फेम एक्टर रवि दुबे (Ravi Dubey) अपने करियर के बेहतरीन दौर से गुज़र रहे हैं और उनकी शादीशुदा ज़िंदगी भी मज़े से कट रही है. बता दें कि टीवी के इस जमाई राजा ने साल 2013 में एक्ट्रेस सरगुन मेहता से शादी की थी. दोनों की शादी को 5 साल हो गए हैं, लेकिन अभी तक दोनों ने बच्चे को लेकर कोई प्लानिंग नहीं की है. शादी के 5 साल बाद भी आख़िर रवि और सरगुन पैरेंट्स क्यों नहीं बनना चाहते, चलिए जानते हैं.

दरअसल, 34 वर्षीय रवि दुबे की मानें तो वो अपनी पत्नी से बेहद प्यार करते हैं, लेकिन फैमिली प्लानिंग के लिए वो अभी तैयार नहीं है. रवि का मानना है कि फिलहाल उनके और उनकी पत्नी के करियर का यह बेहतरीन दौर चल रहा है, यही वजह है कि वो अभी फैमिली प्लानिंग नहीं करना चाहते.  एक दफा रवि ने कहा था कि उन्हें बच्चों से बेहद प्यार है और वो पापा भी बनना चाहते हैं, लेकिन करियर के पीक पर वो ये नहीं चाहते कि उनकी पत्नी सरगुन बायलॉजिकल पेन से गुज़रें.

गौरतलब है कि ’12/24 करोल बाग’ सीरियल के सेट से दोनों की प्रेम कहानी शुरू हुई थी. 5 फरवरी 2013 को रवि ने ‘नच बलिए 5’ में सरगुन को प्रपोज़ किया था और दोनों शादी के बंधन में बंध गए. फिलहाल रवि ‘सबसे स्मार्ट कौन’ नाम के एक नए गेम शो में बिज़ी हैं, जो जल्द ही पर्दे पर आने वाला है, जबकि सरगुन आख़िरी बार पिछले साल ‘एंटरटेनमेंट की रात’ में नज़र आई थीं.

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भारतीय क्रिकेट टीम के युवा कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) और बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री अनुष्का शर्मा (Anushka Sharma) ने पिछले साल दिसंबर में एक-दूसरे के साथ सात फेरे लिए. हालांकि शादी और हनीमून मनाने के बाद दोनों अपने-अपने काम में व्यस्त हो गए, लेकिन उनकी फैमिली प्लानिंग को लेकर चर्चा हो रही है. इसी बीच विराट ने कहा कि वो अनुष्का के साथ अपने परिवार को आगे बढ़ाना चाहते हैं, वो पापा बनना चाहते हैं लेकिन उनकी एक शर्त है.

दरअसल, आईपीएल के दौरान एक इंटरव्यू में विराट कोहली ने पत्नी अनुष्का और अपनी फैमिली प्लानिंग को लेकर कई सारी बातें कही.  उन्होंने कहा कि मेरा अपना परिवार है, अपनी ज़िंदगी है और अनुष्का के साथ मेरे अपने बच्चे भी होंगे, लेकिन मैं चाहता हूं की जब मेरे बच्चे हो, तो मैं उनके साथ समय बिताऊं. मैं चाहता हूं कि करियर से जुड़ी बातें घर पर न हो. जब मेरे बच्चे होंगे तब मेरी ट्रॉफियां, मेरे अचीवमेंट्स कुछ भी मेरे घर पर न रहें, ताकि मेरे बच्चों को सेलिब्रिटी के घर का एहसास न हो.

इसके साथ ही उन्होंने यह भी ख़ुलासा किया कि वो करियर के शुरुआती दौर में काफ़ी एग्रेसिव हुआ करते थे, लेकिन अनुष्का के ज़िंदगी में आने के बाद उनके भीतर कई सारे सकारात्मक बदलाव आए हैं. अनुष्का बहुत ही धार्मिक है और मैंने ऐसे कई सारे बदलाव महसूस किए हैं जो पहले कभी नहीं किए थे. उन्होंने बताया कि वो भले ही क्रिकेट के मैदान में कप्तान हैं, लेकिन घर में अनुष्का ही उनकी कप्तान हैं.

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मेरी उम्र 27 साल है और रेग्युलर एक्सरसाइज़ व डायटिंग के बावजूद मेरा वज़न बढ़ रहा है. मेरे बाल बहुत झड़ गए हैं और पीरियड्स भी अनियमित हो गए हैं. साथ ही मुझे बहुत ज़्यादा ठंड भी लगती है. डॉक्टर ने पॉलिसिस्टिक ओवेरियन डिसीज़ की जांच के लिए टेस्ट भी करवाया, पर रिपोर्ट्स नॉर्मल आईं. अब उन्हें थायरॉइड की आशंका है और वे मेरा ब्लड टेस्ट कराना चाहते हैं, लेकिन क्या यह थायरॉइड हो सकता है?
– वानी त्रिवेदी, बीकानेर.

थायरॉइड ग्लैंड हमारे गले में स्थित सबसे बड़ा एंडोक्राइन ग्लैंड है, जो थायरॉइड हार्मोंस- टी3 और टी4 का निर्माण करता है. आपके द्वारा बताए गए लक्षणों को देखकर लगता है कि आपको हाइपोथायरॉइडिज़्म है. इसे कंफर्म करने का तरीक़ा स़िर्फ ब्लड टेस्ट ही है, तभी आपके टी3 और टी4 हार्मोंस के लेवल्स का पता चल पाएगा. इसके बाद ही डॉक्टर आपको दवाइयों आदि के बारे में बता पाएंगे.

 
हमारे दो बच्चे हैं और हम तीसरा बच्चा नहीं चाहते, इसलिए स्थायी नसबंदी करवाना चाहते हैं. मेरे पति को ऑपरेशन करवाना चाहिए या मुझे? कृपया, मार्गदर्शन करें.
– सान्वी सोलंकी, नासिक.

पुरुषों में स्थायी नसबंदी को वैसेक्टॉमी कहते हैं. आजकल तो बिना किसी कट के यह विधि होती है. यह बहुत ही आसान तरीक़ा है और इसमें हॉस्पिटल में भर्ती होने की ज़रूरत भी नहीं होती और बहुत कम समय भी लगता है. महिलाओं के लिए लैप्रोस्कोप की मदद से लैप्रोस्कोपिक एब्डॉमिनल ट्यूबल लिगेशन किया जाता है, जिसे मिनी लैप्रोटॉमी कहते हैं. इसमें महिला को 3 सेंटीमीटर का चीरा लगाना पड़ता है. दोनों में आपको एक दिन के लिए हॉस्पिटल में रुकना पड़ता है. यह एक आसान, सुरक्षित और प्रभावशाली विधि है. अपनी व अपने पति की मेडिकल कंडीशन के मुताबिक़ अपने डॉक्टर से सलाह लेकर ही कोई फैसला लें.

 

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 डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
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मेरी उम्र 34 और मेरे पति की 36 है. हमारा 7 साल का एक बेटा है. दूसरे बच्चे के लिए हमें क्या एहतियात बरतनी चाहिए?
– अदिती श्रीवास्तव, मेरठ.

अगर आप दूसरे बच्चे के बारे में सोच रही हैं, तो बिल्कुल भी देर न करें, क्योंकि जल्द ही आप 35 की होनेवाली हैं. अगर आप किसी तरह के प्रीकॉशन्स ले रही हैं, तो तुरंत बंद कर दें और फॉलिक एसिड टैबलेट्स लेना शुरू कर दें. अगर आपको डायबिटीज़, ब्लड प्रेशर या थायरॉइड जैसी कोई समस्या है, तो सबसे पहले किसी अच्छे डॉक्टर से मिलकर तसल्ली कर लें कि आपका शरीर गर्भधारण के लिए तैयार है. अगर नेचुरल तरी़के से आप 3-6 महीने के भीतर गर्भधारण करने में असक्षम हैं, तो आपको किसी गाइनाकोलॉजिस्ट से मिलना होगा.

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मैं 24 साल की युवती हूं. पीरियड्स के दौरान मुझे व्हाइट डिस्चार्ज होता है, जिससे बदबू आती है और खुजली भी होती है. मुझे क्या करना चाहिए?
– धरा पंडित, श्रीनगर.

पीरियड्स के दौरान व्हाइट डिस्चार्ज दिखना मुश्किल है. हो सकता है, सैनिटरी पैड्स के कारण जलन व खुजली हो रही हो. खुजली और वेजाइनल डिस्चार्ज का कारण वेजाइना में बैक्टीरियल या फंगल इंफेक्शन हो सकता है. इसके लिए गाइनाकोलॉजिस्ट आपको 3-6 दिनों के लिए वेजाइनल टैबलेट्स, एंटी फंगल मेडिसिन्स, एंटी बायोटिक्स या कोई क्रीम दे सकते हैं. ध्यान रहे कि हमेशा कॉटन की अंडरवेयर्स ही पहनें और मेडिकेटेड पेरिनियल वॉशेज़ (प्राइवेट पार्ट के लिए इस्तेमाल होनेवाले लिक्विड वॉशेज़) से दूर रहें.

 

 

डॉ. राजश्री कुमार
स्त्रीरोग व कैंसर विशेषज्ञ
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हाल ही मेरी शादी हुई है. गर्भनिरोध के लिए हम कंडोम का इस्तेमाल करते हैं, पर जब भी हम कंडोम इस्तेमाल करते हैं, मेरे प्राइवेट पार्ट्स एकदम लाल हो जाते हैं और उनमें खुजली व जलन होती है. मैं क्या करूं?
– प्रिया मल्होत्रा, नोएडा.

आपकी बातों से लग रहा है कि आप लैटेक्स एलर्जी से परेशान हैं, जिससे कंडोम बनता है. लैटेक्स रबड़ के पेड़ से बननेवाला एक प्राकृतिक व फ्लेक्सिबल रबड़ होता है. कुछ लोगों को इसके कारण एलर्जी हो सकती है, पर अगर यह बार-बार हो रहा है, तो नुक़सानदेह भी हो सकता है. जिन्हें केला, अनन्नास, पीच, कीवी, अंगूर, पपीता, एवोकैडो, स्ट्रॉबेरी, काजू, गेहूं आदि से एलर्जी होती है, उन्हें लैटेक्स एलर्जी की संभावना अधिक होती है. तुरंत अपने डॉक्टर से मिलें, ताकि वो आपकी सही जांच कर सकें. फैमिली प्लानिंग के लिए कोई और उपाय अपनाएं.

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Condoms Cause Itching. Burning Sensation

मैं 17 वर्षीया कॉलेज स्टूडेंट हूं. हाल ही मैंने नोटिस किया कि मेरे दोनों ब्रेस्ट में निप्पल्स नहीं हैं. मेरे पैरेंट्स ने कभी मुझे इस बारे में नहीं बताया और जब मैंने उन्हें इस बारे में बताया, तो उन्होंने कहा कि सब नॉर्मल है, पर मैं नॉर्मल महसूस नहीं कर रही हूं. कृपया, मेरी मदद करें.
– रश्मि तोमर, अजमेर.

दोनों ब्रेस्ट्स में या एक ब्रेस्ट में निप्पल का न होना या एरोओला यानी निप्पल के आसपास के गहरे रंग की त्वचा का न होना अदेलिया कहलाता है. यह एक दुर्लभ बीमारी है, जो जन्मजात होती है. आनुवांशिक बीमारियां, क्रोमोज़ोमल डिफेक्ट्स या प्रोजेरिया (फिल्म ङ्गपाफ में दिखाई गई बीमारी) इसके कारण हो सकते हैं. हालांकि कॉस्मेटिक सर्जरी की मदद से निप्पल्स तो बनवाए जा सकते हैं, पर वो सामान्य निप्पल्स की तरह काम नहीं कर पाएंगे.

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डॉ. राजश्री कुमार
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मैं 29 वर्षीया महिला हूं. पिछले महीने ही मेरी सीज़ेरियन डिलीवरी हुई है. फैमिली प्लानिंग के बारे में सलाह देने के लिए डॉक्टर ने छह हफ़्ते बाद बुलाया है, पर मेरी सहेली का कहना है कि चूंकि मैं ब्रेस्टफीडिंग (breastfeeding) करा रही हूं, तो ऐसे में किसी गर्भनिरोधक की ज़रूरत नहीं पड़ती. क्या यह सच है? कृपया बताएं.
– राधिका तारे, मुंबई.

आपके लिए यह समझना बहुत ज़रूरी है कि आपकी सीज़ेरियन डिलीवरी हुई है और आपके सीज़ेरियन घाव को भरने में समय लगेगा, इसीलिए डॉक्टर ने आपको फैमिली प्लानिंग के लिए बुलाया है. आपके लिए गर्भनिरोधक इस्तेमाल करना बहुत ज़रूरी है, क्योंकि अगर घाव भरने से पहले ही आप प्रेग्नेंट हो गईं, तो कई तरह की कॉम्प्लीकेशन्स हो सकती हैं, जो आपके लिए ठीक नहीं है. आपके बच्चे को भी आपके प्यार, समय और देखभाल की ज़रूरत है, जो तभी संभव है, जब आप 2-3 साल तक प्रेग्नेंसी से बची रहेंगी.

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Breast Feeding
मैं 32 वर्षीया महिला हूं. मेरा एक साल का बेटा भी है. मेरे पति विदेश में रहते थे, इसलिए मैंने कभी कोई फैमिली प्लानिंग (Family Planning) नहीं की थी, लेकिन पिछले महीने मेरे पति विदेश से लौटे, तो मैंने कंसीव कर लिया था, पर चूंकि मेरा बेटा बहुत छोटा है, इसलिए मैंने एबॉर्शन करा लिया. अभी मैं एक साल और कंसीव नहीं करना चाहती. कृपया, मुझे फैमिली प्लानिंग की सही सलाह दें.
– कविता गुप्ता, इंदौर.

एबॉर्शन के 10-12 दिनों बाद ही महिलाओं में फर्टिलिटी लौट आती है, इसलिए आपको कोई गर्भनिरोधक विकल्प ज़रूर अपनाना चाहिए. आज मार्केट में कई प्रकार के गर्भनिरोधक मिलते हैं. आपकी मेडिकल हिस्ट्री, सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिसीज़ की हिस्ट्री आदि देखने के बाद ही आपका डॉक्टर आपको सही सलाह दे पाएगा. इसलिए तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें और अपनी सुविधानुसार सही विकल्प चुनें.

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ब्रेस्टफीडिंग व गर्भनिरोध का क्या है कनेक्शन?

अगर कोई महिला ब्रेस्टफीड नहीं करती, तो ओव्यूलेशन (फर्टिलिटी) जल्दी शुरू हो जाता है, पर इसका यह भी मतलब नहीं है कि अगर आप बच्चे को ब्रेस्टफीड कराती हैं, तो आप प्रेग्नेंट नहीं हो सकतीं. अगर आप छह महीने तक बच्चे को अपने दूध के अलावा कुछ और नहीं खिलाती-पिलाती हैं, तो हो सकता है ओव्यूलेशन आने में थोड़ा समय लगे. सीज़ेरियन डिलीवरी के बाद यह बहुत ज़रूरी है कि प्रेग्नेंसी के लिए 2-3 साल का अंतर रखा जाए. सीज़ेरियन डिलीवरी के बाद एबॉर्शन कराना सेफ नहीं होता है, इसलिए गर्भनिरोधक का इस्तेमाल ज़रूर करें. ब्रेस्टफीडिंग करानेवाली मांओं के लिए आजकल हार्मोनल कॉन्ट्रासेप्शन भी उपलब्ध है, जिसे आप अपने डॉक्टर की मदद से ले सकती हैं. इसके अलावा कई अन्य विकल्प भी हैं, जिन्हें आप अपनी सुविधानुसार ले सकती हैं.

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डॉ. राजश्री कुमार
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मैं 37 वर्षीया महिला हूं. पहले बच्चे की डिलीवरी के बाद फैमिली प्लानिंग के लिए मैंने गर्भनिरोधक गोलियां (Contraceptive Pills) लेनी शुरू की थीं. पिछले पांच सालों से मैं गोलियां ले रही हूं. हाल ही में मेरी एक सहेली ने बताया कि मुझे छह महीने के लिए गोलियां बंद कर देनी चाहिए, उसके बाद फिर शुरू करनी चाहिए. क्या वो सही कह रही है? कृपया, सही सलाह दें. 

– रंजना श्रीवास्तव, गुवाहाटी.

अगर गर्भनिरोधक गोलियां (Contraceptive Pills) आपको नुक़सान नहीं कर रही हैं और इसके रिज़ल्ट्स से आप पूरी तरह संतुष्ट हैं, तो बेशक आप गोलियां लेना जारी रख सकती हैं. अभी तक ऐसा कोई मेडिकल एविडेंस नहीं मिला है, जिससे यह साबित हो कि आपको छह महीने का गैप देना होगा. जब तक आप फैमिली प्लानिंग की सर्जरी नहीं करा लेतीं या मेनोपॉज़ नहीं होता, तब तक आपको गोलियां लेते रहना चाहिए. वैसे आपको सालाना हेल्थ चेकअप करवाते रहना चाहिए. इसमें पेल्विक एक्ज़ामिनेशन भी ज़रूर करवाएं.

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Contraceptive Pills

मैं 16 वर्षीया स्कूल गर्ल हूं. बचपन से ही मेरे दाएं ब्रेस्ट का निप्पल नहीं है. जब डॉक्टर से मिले थे, तो उन्होंने कहा था कि प्यूबर्टी के बाद हार्मोनल बदलावों के कारण निप्पल अपने आप आ जाएगा, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हुआ है. मुझे समझ में नहीं आ रहा कि क्या करना चाहिए? कृपया, मेरी मदद करें.

– स्मिता शेठ, गांधीनगर.

सबसे पहले तो आप घबराएं नहीं. ब्रेस्ट्स में निप्पल का न होना एक दुर्लभ विकार है, जिसे अथीलिया कहते हैं. यह महिला या पुरुष किसी को भी हो सकता है. सबसे पहले आप किसी सर्जन को मिलें. वो आपका चेकअप करके देखेंगे कि आपको कोई और जन्मजात विसंगतियां तो नहीं. उसके बाद ही वो ज़रूरी इलाज की सलाह दे पाएंगे.

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कहीं आप भी गर्भनिरोधक गोलियां लेना भूल तो नहीं जातीं?

  • गर्भनिरोधक गोलियां हमेशा जिस दिन पीरियड्स ख़त्म होते हैं, उसके अगले दिन से शुरू करें.
  • गर्भनिरोधक गोलियां एक तरह का हार्मोन ट्रीटमेंट है, इसलिए डॉक्टर्स इसे रोज़ाना एक ही समय पर लेने की सलाह देते हैं. आप अपनी इच्छानुसार कोई भी समय चुन सकती हैं.
  • बहुत-सी महिलाओं को यह ग़लतफ़हमी रहती है कि गर्भनिरोधक गोलियां लेने से किसी और तरह के प्रोटेक्शन की ज़रूरत नहीं पड़ती, पर ऐसा है नहीं. ये गोलियां आपको प्रेग्नेंट होने से बचाती हैं, पर सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्शन्स के ख़तरे से नहीं बचा सकतीं.
  • गोलियों को आसानी से याद रखने के लिए समय निश्‍चित करें, सुबह नाश्ते के व़क्त या रात को खाने के बाद या फिर खाना बनाते व़क्त आदि. आप चाहें, तो मोबाइल में अलार्म या रिमांइडर लगाकर रखें.
  • आजकल ऐसे कई रिमाइंडर ऐप्स मौजूद हैं, जिन्हें आप अपनी सहूलियत के मुताबिक़ इस्तेमाल कर सकती हैं.
  • अगर किसी दिन गोली लेना भूल जाती हैं, तो अगले दिन दो गोली ले लें और उसके बाद का रूटीन नॉर्मल रखें.
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डॉ. राजश्री कुमार
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