Tag Archives: family

पति की ग़लत आदतों को यूं छुड़ाएं (Make Your Husband Quit His Bad Habits)

Husband, Bad Habits
पति की ग़लत आदतों को यूं छुड़ाएं (Make Your Husband Quit His Bad Habits)
आप उन्हें बेपनाह प्यार करती हैं, पर उनकी ग़लत आदतों से भी परेशान रहती हैं. तो क्यों न कुछ ऐसा करें कि वे सुधर भी जाएं और आपसी प्यार भी बना रहे.

ख़ुशहाल पारिवारिक जीवन में पतिपत्नी के आपसी प्यार व सहयोग का काफ़ी महत्व होता है. ऐसे में पत्नी जहां हर ज़िम्मेदारियों को निभाती है, तो वह अपने पति से भी यह उम्मीद रखती है कि वे भी इसमें उसका भरपूर साथ दें और पतिदेव करते भी हैं. लेकिन इसके बावजूद पतियों की कुछ ऐसी आदतें होती हैं, जिनसे पत्नियां परेशान रहती हैं. वे पति की इन ग़लत आदतों को छुड़ाने की भरसक कोशिश भी करती हैं. इस विषय में वीडिटर्ना डॉट इन के फाउंडर सनीष सुकुमारन ने हमें कई उपयोगी जानकारियां दीं.

Husband, Bad Habits

अल्कोहल व स्मोकिंग की आदत

यह समस्या तक़रीबन अधिकतर घरों में देखने को मिलती है. पत्नी चाहे लाख सेहत की दुहाई दे, पर पतिदेव के कान पर जूं तक नहीं रेंगती. पुरुषों की यह प्रवृत्ति रही है कि वे शराब व सिगरेट को अपनी शान समझते हैं. लेकिन जब इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ने लगता है, तब उनकी ज़िंदगी ही नहीं, पारिवारिक स्थिति भी डांवाडोल होने लगती है.

स्मार्ट ट्रिक्स

पति को शराब व सिगरेट से होनेवाले दुष्प्रभाव से अवगत कराएं.

ऐसे कई परिवारों के उदाहरण दे सकती हैं, जिनका घर इसके कारण बर्बाद हो गया.

अपने व बच्चों के प्रति प्यार का वास्ता देकर भी इसे छुड़ाने का प्रयास कर सकती हैं.

पति को प्यार से समझाएं कि इससे उनकी सेहत ही नहीं, बल्कि परिवार की भी मानसिक स्थिति प्रभावित होती है.

शेविंग न करना

अधिकतर पुरुषों की आदत होती है कि वे शेविंग कम ही करते हैं या नियमित रूप से नहीं करते. उनकी इस आदत से पत्नियां अक्सर चिढ़ती हैं. कई तो ऐसे भी होते हैं कि शादीफंक्शन आदि में भी शेविंग करके जाना ज़रूरी नहीं समझते.

स्मार्ट ट्रिक्स

पति को हाइजीन के महत्व के बारे में समझाएं.

पार्टनर को कहें कि रेग्युलर शेविंग करने से उनकी सेहत ही नहीं, बल्कि पर्सनैलिटी भी निखरती है.

आज के ज़माने में प्रेज़ेंटेबल होना कितना ज़रूरी है. अप टु डेट रहेंगे, तो ऑफिस में भी इम्प्रेशन बना रहेगा.

इस इमोशनल कार्ड को भी इस्तेमाल करना न भूलें कि उनका क्लीन शेव रहना आपको बेहद पसंद है.

पर्सनल बातें शेयर न करना

यह हर कोई जानता है कि अधिकतर पतियों की यह आदत होती है कि वे अपनी पत्नी को हर बात नहीं बताते. ख़ासतौर पर दोस्तों से जुड़ी बातें या किसी के साथ कोई लेनदेन हो या फिर किसी की मदद ही क्यों न की हो. ऐसा वे इसलिए करते हैं ताकि घर में कोई विवाद या कलह न हो, लेकिन वे नहीं जानते कि इसी वजह से भविष्य में उन्हें कई मुसीबतों का सामना भी करना पड़ सकता है.

स्मार्ट ट्रिक्स

आप पति को समझा सकती हैं कि उनका ऐसा करना ठीक नहीं है. पतिपत्नी के रिश्ते में पारदर्शिता का होना बेहद

ज़रूरी है.

कल को कोई धोखा दे दे या फिर कोई उनसे ही किसी बात को लेकर पूछताछ करे, तो उनके लिए उस स्थिति को हैंडल करना मुश्किल हो सकता है.

कई बार बहुतसी बातें अपने तक ही रखने से कई अनजानी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.

इससे आपकी सेहत भी प्रभावित हो सकती है और आप खुलकर ज़िंदगी को नहीं जी पाते हैं.

रात को घर देरी से आना

माना आज की फास्ट व बिज़ी लाइफ में वर्कलोड बढ़ता ही जा रहा है, लेकिन पतियों द्वारा अक्सर ओवरटाइम करना, घंटों ऑफिस में समय बिताना, वक़्त पर घर न आना पत्नियों की परेशानी का सबब बनने के साथसाथ उन्हें शंकित भी करने लगता है.

स्मार्ट ट्रिक्स

* पति को समय पर आने के लिए आग्रह करें या फिर कहें कि उनके आने के बाद ही परिवार के सभी डिनर एक

साथ करेंगे.

* आपको और परिवार को समय देने के महत्व को समझाएं.

* काम का महत्व अपनी जगह है और परिवार का अपनी जगहइस पहलू को विस्तार से समझाएं.

* टाइम मैनजमेंट करना सिखाएं. कई बार पति महोदय की लापरवाही और ढुलमुल रवैया भी देरी से आने का कारण

होता है.

यह भी पढ़ें:  क्या करें जब पति को हो जाए किसी से प्यार?

Husband, Bad Habits

अपनों को छोड़ दूसरों को अधिक महत्व देना

पतियों की यह ख़ास आदत होती है कि घर की मुर्गी दाल बराबर यानी अपने घरपरिवार के लोगों के गुणों को कम आंकेंगे और दूसरों के परिवार, ख़ासकर अपने दोस्तों व उनके परिवार की जी भरकर तारीफ़ करेंगे. उनके गुणों की बखान करेंगे.

स्मार्ट ट्रिक्स

* मुसीबत आने पर अपने ही काम आते हैं, इसे पति महोदय को समझाएं.

* बारबार दूसरों के सामने अपने परिवार को कमतर आंकना ख़ुद उनके व्यक्तित्व पर भी प्रश्‍नचिह्न लगाता है.

* पति को आगाह करें कि इससे आप व बच्चे हतोत्साहित होते हैं. कभीकभी आपमें हीनभावना भी पनपने लगती है.

* पार्टनर को बताएं कि बच्चे पिता को महत्व कम देने लगे हैं. उनके दिलोदिमाग़ में यह बात घर कर गई है कि पापा को तो बस अपने दोस्तों के ही बीवीबच्चे अच्छे लगते हैं. अतः पति को इन सभी बातों से अवगत कराएं और उनका व्यवहार बैलेंस रखने के लिए कहें.

इन्हें भी आज़माएं

* पतिपत्नी एकदूसरे के साथ अधिक समय बिताएं.

* पति को क्रोध में व चिढ़कर नहीं, बल्कि संयम व प्रेम से समझाएं.

* हालात व स्थिति के अनुसार पति को उनकी ज़िम्मेदारियों का एहसास करवाएं.

* घरपरिवार व अपनों के महत्व को

समझाएं. ध्यान रहे पहले परिवार, बाक़ी सब बाद में.

* बच्चे बड़ों से ही सीखते हैं, पति की ग़लत आदतों का बच्चों पर भी बुरा प्रभाव पड़ सकता है. इस पहलू पर पति महोदय का ध्यान आकर्षित करें.

* मास्टर स्ट्रोक तो यही होगा कि पत्नी पति को अपनी आदत बना लें, तब उन्हें आपके सिवा किसी और में दिलचस्पी कम

ही होगी.

परमिंदर निज्जर

यह भी पढ़ें: किस राशिवाले किससे करें विवाह?

इंटरनेट ने छीनी ज़िंदगी की फ़ुर्सत … (Internet Has Taken Over Our Lives)

disadvantages of internet
न जाने कितने ही पल यूं ही तारों को तकते-तकते साथ गुज़ारे थे हमने… न जाने कितनी ही शामें यूं ही बेफिज़ूल की बातें करते-करते बिताई थीं हमने… न जाने कितनी ऐसी सुबहें थीं, जो अलसाते हुए एक-दूजे की बांहों में संवारी थी हमने… पर अब न वो रातें हैं, न वो सुबह, न वो तारे हैं और न वो बातें… क्योंकि अब वो पहले सी फ़ुर्सत कहां, अब वो पहले-सी मुहब्बत कहां…!

disadvantages of internet

जी हां, हम सबका यही हाल है आजकल, न व़क्त है, न ही फ़ुर्सतक्योंकि ज़िंदगी ने जो रफ़्तार पकड़ ली है, उसे धीमा करना अब मुमकिन नहीं. इस रफ़्तार के बीच जो कभीकभार कुछ पल मिलते थे, वो भी छिन चुके हैं, क्योंकि हमारे हाथों में, हमारे कमरे में और हमारे खाने के टेबल पर भी एक चीज़ हमारे साथ रहती है हमेशा, जिसे इंटरनेट कहते हैं. ज़ाहिर है, इंटरनेट किसी वरदान से कम नहीं. आजकल तो हमारे सारे काम इसी के भरोसे चलते हैं, जहां यह रुका, वहां लगता है मानो सांसें ही रुक गईं. कभी ज़रूरी मेल भेजना होता है, तो कभी किसी सोशल साइट पर कोई स्टेटस या पिक्चर अपडेट करनी होती हैऐसे में इंटरनेट ही तो ज़रिया है, जो हमें मंज़िल तक पहुंचाता है. लेकिन आज यही इंटरनेट हमारे निजी पलों को हमसे छीन रहा है. हमारे फुर्सत के क्षणों को हमसे दूर कर रहा है. हमारे रिश्तों को प्रभावित कर रहा है. किस तरह छिन रहे हैं फ़ुर्सत के पल?

किस तरह छिन रहे हैं फ़ुर्सत के पल?

चाहे ऑफिस हो या स्कूलकॉलेज, पहले अपनी शिफ्ट ख़त्म होने के बाद का जो भी समय हुआ करता था, वो अपनों के बीच, अपनों के साथ बीतता था.

आज का दिन कैसा रहा, किसने क्या कहा, किससे क्या बहस हुईजैसी तमाम बातें हम घर पर शेयर करते थे, जिससे हमारा स्ट्रेस रिलीज़ हो जाता था.

 लेकिन अब समय मिलते ही अपनों से बात करना या उनके साथ समय बिताना भी हमें वेस्ट ऑफ टाइम लगता है. हम जल्द से जल्द अपना मोबाइल या लैपटॉप लपक लेते हैं कि देखें डिजिटल वर्ल्ड में क्या चल रहा है.

कहीं कोई हमसे ज़्यादा पॉप्युलर तो नहीं हो गया है, कहीं किसी की पिक्चर को हमारी पिक्चर से ज़्यादा कमेंट्स या लाइक्स तो नहीं मिल गए हैं…?

और अगर ऐसा हो जाता है, तो हम प्रतियोगिता पर उतर आते हैं. हम कोशिशों में जुट जाते हैं फिर कोई ऐसा धमाका करने की, जिससे हमें इस डिजिटल वर्ल्ड में लोग और फॉलो करें.

भले ही हमारे निजी रिश्ते कितने ही दूर क्यों न हो रहे हों, उन्हें ठीक करने पर उतना ध्यान नहीं देते हम, जितना डिजिटल वर्ल्ड के रिश्तों को संजोने पर देते हैं.

 

आउटडेटेड हो गया है ऑफलाइन मोड

आजकल हम ऑनलाइन मोड पर ही ज़्यादा जीते हैं, ऑफलाइन मोड जैसे आउटडेटेडसा हो गया है.

यह सही है कि इंटरनेट की बदौलत ही हम सोशल साइट्स से जुड़ पाए और उनके ज़रिए अपने वर्षों पुराने दोस्तों व रिश्तेदारों से फिर से कनेक्ट हो पाए, लेकिन कहीं न कहीं यह भी सच है कि इन सबके बीच हमारे निजी रिश्तों और फुर्सत के पलों ने सबका ख़ामियाज़ा भुगता है.

शायद ही आपको याद आता हो कि आख़िरी बार आपने अपनी मॉम के साथ बैठकर चाय पीते हुए स़िर्फ इधरउधर की बातें कब की थीं? या अपने छोटे भाईबहन के साथ यूं ही टहलते हुए मार्केट से सब्ज़ियां लाने आप कब गए होंगे?

बिना मोबाइल के आप अपने परिवार के सदस्यों के साथ कब डायनिंग टेबल पर बैठे थे?

अपनी पत्नी के साथ बेडरूम में बिना लैपटॉप के, बिना ईमेल चेक करते हुए कब यूं ही शरारतभरी बातें की थीं?

याद नहीं आ रहा नआएगा भी कैसे? ये तमाम ़फुर्सत के पल अब आपने सूकून से जीने जो छोड़ दिए हैं.

अपने बच्चे के लिए घोड़ा बनकर उसे हंसाने का जो मज़ा है, वो शायद अब एक जनरेशन पहले के पैरेंट्स ही जान पाएंगे, क्योंकि आजकल स़िर्फ पिता ही नहीं, मम्मी भी इंटरनेट के बोझ तले दबी हैं.

वर्किंग वुमन के लिए भी अपने घर पर टाइम देना और फुर्सत के साथ परिवार के साथ समय बिताना कम ही संभव हो गया है.

लेकिन फिर भी कहीं न कहीं वो मैनेज कर रही हैं, पर जहां तक पुरुषों की बात है, युवाओं का सवाल है, तो वो पूरी तरह इंटरनेट की गिरफ़्त में हैं और वहां से बाहर निकलना भी नहीं चाहते.

यही नहीं, आजकल जिन लोगों के पास इंटरनेट कनेक्शन नहीं होता या फिर जो लोग सोशल साइट्स पर नहीं होते, उन पर लोग हैरान होते हैं और हंसते हैं, क्योंकि उन्हें आउटडेटेड व बोरिंग समझा जाता है.

यह भी पढें: पति की इन 7 आदतों से जानें कितना प्यार करते हैं वो आपको

स्वास्थ्य भी प्रभावित हो रहा है

रिसर्च बताते हैं कि सोशल साइट्स पर बहुत ज़्यादा समय बिताना एक तरह का एडिक्शन है. यह एडिक्शन ब्रेन के उस हिस्से को एक्टिवेट करता है, जो कोकीन जैसे नशीले पदार्थ के एडिक्शन पर होता है.

यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन की एक स्टडी के मुताबिक, जो लोग सोशल साइट्स पर अधिक समय बिताते हैं, वो अधिक अकेलापन और अवसाद महसूस करते हैं, क्योंकि जितना अधिक वो ऑनलाइन इंटरेक्शन करते हैं, उतना ही उनका फेस टु फेस संपर्क लोगों से कम होता जाता है.

यही वजह है कि इंटरनेट का अधिक इस्तेमाल करनेवालों में स्ट्रेस, निराशा, डिप्रेशन और चिड़चिड़ापन पनपने लगता है. उनकी नींद भी डिस्टर्ब रहती है. वो अधिक थकेथके रहते हैं. ऐसे में ज़िंदगी का सुकून कहीं खोसा जाता है.

इन सबके बीच आजकल सेल्फी भी एक क्रेज़ बन गया है, जिसके चलते सबसे ज़्यादा मौतें भारत में ही होने लगी हैं.

लोग यदि परिवार के साथ कहीं घूमने भी जाते हैं, तो उस जगह का मज़ा लेने की बजाय पिक्चर्स क्लिक करने के लिए बैकड्रॉप्स ढूंढ़ने में ज़्यादा समय बिताते हैं. एकदूसरे के साथ क्वालिटी टाइम गुज़ारने की जगह सेल्फी क्लिक करने पर ही सबका ध्यान रहता है, जिससे ये फुर्सत के पल भी यूं ही बोझिल होकर गुज़र जाते हैं और हमें लगता है कि इतने घूमने के बाद भी रिलैक्स्ड फील नहीं कर रहे.

मूवी देखने या डिनर पर जाते हैं, तो सोशल साइट्स के चेकइन्स पर ही ध्यान ज़्यादा रहता है. इसके चलते वो ज़िंदगी की ़फुर्सत से दूर होते जा रहे हैं.

सार्वजनिक जगहों पर भी लोग एकदूसरे को देखकर अब मुस्कुराते नहीं, क्योंकि सबकी नज़रें अपने मोबाइल फोन पर ही टिकी रहती हैं. रास्ते में चलते हुए या मॉल मेंजहां तक भी नज़र दौड़ाएंगे, लोगों की झुकी गर्दन ही पाएंगे. इसी के चलते कई एक्सीडेंट्स भी होते हैं.

यह भी पढ़ें:  क्या करें जब पति को हो जाए किसी से प्यार?

इंटरनेट की देन: पोर्न साइट्स भी पहुंच से दूर नहीं

 आजकल आसानी से पोर्न वीडियोज़ देखे जा सकते हैं. चाहे आप किसी भी उम्र के हों. इंटरनेट के घटते रेट्स ने इन साइट्स की डिमांड और बढ़ा दी है. बच्चों पर जहां इस तरह की साइट्स बुरा असर डालती हैं, वहीं बड़े भी इसकी गिरफ़्त में आते ही अपनी सेक्स व पर्सनल लाइफ को रिस्क पर ला देते हैं. इसकी लत ऐसी लगती है कि वो रियल लाइफ में भी अपने पार्टनर से यही सब उम्मीद करने लगते हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं पता कि इन वीडियोज़ को किस तरह से बनाया जाता है. इनमें ग़लत जानकारियां दी जाती हैं, जिनका उपयोग निजी जीवन में संभव नहीं.

– यही नहीं, अक्सर एक्स्ट्रामैरिटल अफेयर्स भी आजकल ऑनलाइन ही होने लगे हैं. चैटिंग कल्चर लोगों को इतना भा रहा है कि अपने पार्टनर को चीट करने से भी वो हिचकिचाते नहीं. इससे रिश्ते टूट रहे हैं, दूरियां बढ़ रही हैं.

कुछ युवतियां अधिक पैसा कमाने के चक्कर में इन साइट्स के मायाजाल में फंस जाती हैं. बाद में उन्हें ब्लैकमेल करके ऐसे काम करवाए जाते हैं, जिससे बाहर निकलना उनके लिए संभव नहीं होता.

इंटरनेट फ्रॉड के भी कई केसेस अब आम हो गए हैं, ये तमाम बातें साफ़तौर पर यही ज़ाहिर करती हैं कि इंटरनेट ने वाक़ई ज़िंदगी की फुर्सत छीन ली है…!

योगिनी भारद्वाज

यह भी पढ़ें: अपने दरकते रिश्ते को दें एक लव चांस

न भूलें रिश्तों की मर्यादा (Set Healthy Boundaries For Happy Relationship)

Set Healthy Boundaries For Happy Relationship

हेल्दी रिश्ते की शुरुआत ही मानसम्मान और मर्यादा से होती है. किसी व्यक्ति का सलीके से किया गया व्यवहार ही हमें उसकी ओर आकर्षित करता है. जब तक रिश्ते (Set Healthy Boundaries For Happy Relationship) में मानमर्यादा बनी रहती है, तब तक रिश्ते मज़बूत व हेल्दी बने रहते हैं, लेकिन जब हम अपनी हद पार करने लगते हैं, तो रिश्तों में दरार आने लगती है. अगर आपके रिश्ते में आ गई है खटास, तो देखें कि कहीं आपने अपने रिश्तों की मर्यादा तो नहीं लांघी?

Set Healthy Boundaries For Happy Relationship

क्या है रिश्तों की मर्यादा?

सायकोथेरेपिस्ट डॉ. चित्रा मुंशी कहती हैं कि रिश्तों में बाउंड्रीज़ का मतलब किसी को कंट्रोल करना या बंदिशें लगाना नहीं, बल्कि ख़ुद को व अपने रिश्ते को सुरक्षित रखने के लिए एक दायरा बनाना है. दूसरे शब्दों में कहें, तो हर रिश्ते का मानसम्मान बनाए रखना ही मर्यादा है और अपने आप को मयार्दित रखना ही हर रिश्ते की कामयाबी का मूलमंत्र है.

क्यों ज़रूरी है रिश्तों में मर्यादा?

रिश्तों में बाउंड्रीज़, लक्ष्मणरेखा, मर्यादा या हद जो भी कह लें, रिश्ते की गरिमा को बनाए रखने के लिए ज़रूरी होती है.

इससे रिश्तों में प्यार व सम्मान बना रहता है.

परिवार के सभी लोग जब अपनीअपनी मर्यादा का ख़्याल रखते हैं, तो घर में सौहार्द का माहौल बना रहता है.

जब दूसरे आपकी इच्छाओं और पर्सनल स्पेस का ख़्याल रखते हैं, तो आप भी उनकी पर्सनल स्पेस का ख़्याल रखते हैं.

किसी के आत्मसम्मान को चोट नहीं पहुंचती.

कोई बेवजह दूसरों की सोच का शिकार नहीं होता.

रिश्तों में ग़लतफ़हमियां पैदा नहीं होतीं.

यह भी पढ़ें:  क्या करें जब पति को हो जाए किसी से प्यार?
तीन तरह की होती हैं रिश्तों की बाउंड्रीज़

फिज़िकल बाउंड्री: किसी से बात करते समय एक सेफ डिस्टेंस बनाए रखना ही फिज़िकल बाउंड्री है. कुछ लोग आदतन दूसरों को छूकर बात करते हैं, जो हर किसी को पसंद नहीं आता. ऐसे लोगों से बात करने से लोग कतराते हैं. कपल्स को भी बड़ों के सामने इस बाउंड्री का ख़्याल रखना चाहिए, क्योंकि हो सकता है कि उससे बड़े असहज हो जाएं.

अगर कोई आपका बहुत क़रीबी भी है, फिर भी बात करते व़क्त फिज़िकली बहुत ज़्यादा क्लोज़ न जाएं.

हर किसी के साथ एक सेफ डिस्टेंस मेंटेन करें.

अगर आपको भी दूसरों को छूकर बात करने की आदत है, तो उसे सुधार लें.

इमोशनल बाउंड्री: हर रिश्ते का एक इमोशनल लेवल होता है. किसी भी रिश्ते में इतनी मर्यादा रखें कि वो आप पर इमोशनली हावी न हो सके.

अगर किसी की कही कोई बात आपको परेशान कर रही है, तो इसका मतलब है कि आपने उस व्यक्ति को इमोशनली ख़ुद पर बहुत ज़्यादा हावी कर लिया है.

हर कोई हर किसी के बारे में कुछ न कुछ कहता रहता है, इसलिए आपको उसके बारे में इतना नहीं सोचना चाहिए.

मज़ाक बनाने और गॉसिप के लिए लोग अक्सर उनको टारगेट करते हैं, जो इमोशनली कमज़ोर होते हैं. आपको अपनी इमोशनल बाउंड्री ख़ुद बनानी होगी.

पतिपत्नी को भी एकदूसरे की इस बाउंड्री का ख़्याल रखना चाहिए.

डिजिटल बाउंड्री: आजकल की डिजिटल लाइफ में डिजिटल बाउंड्री का सम्मान बहुत ज़रूरी हो गया है. अगर आप सोशल मीडिया पर हर बार बिना पूछे किसी को टैग करते हैं, चेक इन में उसे मेंशन करते हैं, तो ध्यान रखें कि आप उसकी डिजिटल बाउंड्री क्रॉस कर रहे हैं.

बिना किसी की मर्ज़ी के उसके मोबाइल में तांकझांक करना, इस मर्यादा को भंग करता है.

घरवाले या रिश्तेदार अपने मोबाइल में क्या रखते हैं, क्या देखते हैं यह जानने के लिए उनका मोबाइल चेक करना ग़लत है.

जो लोग अपनी फोटो डालकर अपने 20 दोस्तों को टैग कर देते हैं या भगवान की फोटो डालकर 50 लोगों को टैग कर देते हैं, डिजिटल बाउंड्री क्रॉस करनेवाले ऐसे दोस्तों को लोग अक्सर ब्लॉक कर देते हैं.

यह भी पढ़ें: अपने दरकते रिश्ते को दें एक लव चांस

पार्टनर्स परखें अपने रिश्ते की मर्यादा

हर रिश्ते की तरह पतिपत्नी के रिश्ते में भी मर्यादा बहुत मायने रखती है. जब पार्टनर्स एकदूसरे को फॉर ग्रांटेड लेने लगते हैं या एकदूसरे की भावनाओं को नज़रअंदाज़ करके स़िर्फ अपनी इच्छाओं की पूर्ति शुरू कर देते हैं, तब रिश्ते बिखरने लगते हैं, इसलिए ज़रूरी है कि हर कपल अपने रिश्ते को इस कसौटी पर परखे

क्या आप अपनी बात खुलकर व ईमानदारी के साथ पार्टनर से शेयर कर पाते हैं?

क्या आप एकदूसरे की बात सुनते हैं?

एकदूसरे की भावनाओं को सम्मान देते हैं?

एकदूसरे से प्यार व सम्मान से बात करते हैं?

क्या एकदूसरे को स्पेस देते हैं?

अपने पार्टनर की हॉबीज़, करियर और इच्छाओं का ख़्याल रखते हैं?

जीवन में आगे बढ़ने के लिए एकदूसरे को सपोर्ट करते हैं?

चाहे जो हो जाए, रिश्ते की मर्यादा का ख़्याल रखते हैं?

कुछ भी हो जाए, पार्टनर से अपशब्द या बुरा व्यवहार नहीं करते?

अगर ऊपर दिए गए ज़्यादातर सवालों के जवाब हांहैं, तो आपका रिश्ता हेल्दी है, लेकिन अगर आपका स्कोर कम है, तो आपको अपने रिश्ते की ओर ध्यान देने की ज़रूरत है.

काउंसलिंग सायकोलॉजिस्ट डॉ. माधवी सेठ कहती हैं कि ज़रूरी नहीं कि हर बार रिश्तों में दरार या खटास का कारण मर्यादा का भंग होना ही हो, क्योंकि जो आपके लिए मर्यादा है, ज़रूरी नहीं सामनेवाले के लिए भी वही मर्यादा हो. दरअसल, हर किसी के लिए इसके मायने

अलगअलग होते हैं. अलगअलग परिवेश में पलेबढ़े होने के कारण पार्टनर्स के लिए भी इसके मायने अलग होते हैं, लेकिन कुछ ज़रूरी बातों का ध्यान रखकर आप भी अपने रिश्ते की एलओसी को बनाए रख सकते हैं.

हैप्पी रिलेशनशिप टिप्स

पतिपत्नी के रिश्ते की मर्यादा की डोर उन दोनों के हाथ में होती है. अगर आप भी मर्यादा की इन लकीरों का पालन करें, तो आपका रिश्ता भी हमेशा मज़बूत बना रहेगा.

हंसीमज़ाक और शरारतें करें, पर दूसरों के सामने अपने पार्टनर का कभी मज़ाक न बनाएं.

मायके में या ससुराल में कभी भी पार्टनर को ताना न मारें.

अगर किसी ने आपसे पार्टनर की शिकायत की है, तो सबके सामने दोषी ठहराने की बजाय अकेले में बात कर सच्चाई जानने की कोशिश करें.

अगर आपको कोई ग़लतफ़हमी हो गई है, तो बैठकर बात करें, न कि कठघरे में खड़ा करें.

अगर पार्टनर से उम्मीद करते हैं कि वो अपनी सारी बातें शेयर करे, तो आपको भी उनसे कुछ नहीं छिपाना चाहिए.

पार्टनर अपनी इच्छाएं कभी न थोपें, चाहे वो पहननेओढ़ने या खानेपीने के मामले में ही क्यों न हों.

 रिश्ते में बहुत ज़्यादा जकड़न घुटन का कारण बनने लगती है, इसलिए पार्टनर को पर्याप्त स्पेस भी दें.

जब पतिपत्नी एकदूसरे का सम्मान करते हैं, तो बाकी लोग भी उनके रिश्ते को सम्मान की नज़र से देखते हैं.

किसी भी परिस्थिति में पार्टनर की बात को सुनने का धैर्य रखें. बिना पूरी बात सुने, कभी भी रिएक्ट न करें.

आप दोनों को ही अपनेअपने रिश्ते की मज़बूती के लिए प्यार, विश्‍वास और समर्पण को बनाए रखना होगा.

याद रखें कि प्यार का मतलब बंधन नहीं आज़ादी होता है, इसलिए अपने पार्टनर की प्राइवेसी का हमेशा ख़्याल रखें.

मर्यादा से जुड़ी ये सारी बातें अन्य रिश्तों में भी लागू होती हैं, चाहे वो भाईबहन हो, देवरभाभी, जीजासाली, मांबेटे या पितापुत्री.

अनीता सिंह

यह भी पढ़ें: किस राशिवाले किससे करें विवाह?

Haridwar: श्रीदेवी की अस्थियां गंगा में विसर्जित, बोनी के साथ अनिल कपूर, मनीष मल्होत्रा भी मौजूद (Sridevi’s ashes immersed in Haridwar)

Sridevi's ashes immersed in Haridwar

 

Sridevi's ashes immersed in Haridwar

रामेश्वरम में अस्थि विसर्जन के बाद अब श्रीदेवी की अस्थियां गंगा में विसर्जित की गईं. पति बोनी कपूर के साथ श्री के देवर अनिल कपूर अस्थियां लेकर हरिद्वार पहुंचे थे. उनके साथ राजनेता अमर सिंह और फैशन डिज़ाइनर मनीष मल्होत्रा और परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद थे. पूरे विधि-विधान से अस्थि विसर्जन की क्रिया संपन्न हुई.

कहा जा रहा है कि श्रीदेवी एक फिल्म की शूटिंग के दौरान हरिद्वार में रुकी थीं और उन्होंने दोबारा हरिद्वार आने की जताई थी, लेकिन वो हरिद्वार नहीं आ पाई थीं. हिन्दू धर्म के अनुसार हरिद्वार में अस्थि विसर्जन मोक्ष के लिए और आत्मा की शांति के लिए ज़रूरी होता है.

Sridevi's ashes immersed in HaridwarSridevi's ashes immersed in HaridwarSridevi's ashes immersed in Haridwar

यह भी पढ़ें: अपने 21वें जन्मदिन पर मां श्रीदेवी को बहुत मिस कर रही हैं जाह्नवी कपूर ! 

यह भी पढ़ें: श्रीदेवी के बाद अब बॉलीवुड की शम्मी आंटी ने कहा इस दुनिया को अलविदा ! 

बच्चन परिवार ने पारंपरिक अन्दाज़ में मनाई होली (Bachchan Family Celebrates Holi In Traditional Way)

Bachchan Family, Celebrates Holi, Traditional Way

बच्चन परिवार ने पारंपरिक अन्दाज़ में मनाई होली (Bachchan Family Celebrates Holi In Traditional Way)

अमिताभ बच्चन ने पूरे परिवार के साथ होलिका दहन की परंपरा में हिस्सा लिया और साथ ही देशवासियों को भी होली की शुभकामनायें दीं… उन्होंने ट्विटर पर ये तस्वीरें share कीं और हर तस्वीर के साथ एक संदेश भी दिया.

ये celebration पूरे पारम्परिक अन्दाज़ में किया गया था, अमिताभ ने अपनी पोती आराध्य को भी आशीर्वाद दिया और गुझिया की पिक भी share की

आप  भी देखें ये तस्वीरें…

अमिताभ ने इस तरह इन तस्वीरों के साथ ये संदेश ट्वीट किया… T 2730 – the Holika has been burnt and the prayers done .. the ’tilak’ colours put .. and the special sweetmeat for the occasion ‘gujiya’ consumed ..

[amazon_link asins=’B078NXT1QP,B06XC45MQY,B01AG4L04E’ template=’ProductCarousel’ store=’pbc02-21′ marketplace=’IN’ link_id=’a6bee3dd-1dee-11e8-b833-8103c7c52689′]

सोशल मीडिया पर रिश्ते तलाशते लोग अंदर से होते हैं तन्हा…! (Relationship Alert: Social Media Makes You Feel Alone)

Social Media Makes You Feel Alone

Social Media Makes You Feel Alone
सोशल साइट्स ने हमारी ज़िंदगी बदलकर रख दी है, इसमें कोई दो राय नहीं है. हम अब आसानी से अपडेटेड रहते हैं, पुराने दोस्तों व दूर-दराज़ के रिश्तेदारों से कनेक्टेड रहते हैं, अपनी फीलिंग्स उनके साथ बांट सकते हैं… इस तरह से देखा जाए, तो सोशल साइट्स हमारे लिए किसी सोशल साइट्स ने हमारी ज़िंदगी बदलकर रख दी है, इसमें कोई दो राय नहीं है. हम अब आसानी से अपडेटेड रहते हैं, पुराने दोस्तों व दूर-दराज़ के रिश्तेदारों से कनेक्टेड रहते हैं, अपनी फीलिंग्स उनके साथ बांट सकते हैं… इस तरह से देखा जाए, तो सोशल साइट्स हमारे लिए किसी वरदान से कम नहीं. लेकिन जब हम इनके आदी होने लगें और जब यथार्थ की दुनिया को छोड़कर इस डिजिटल वर्ल्ड में ही अपनों को और अपने रिश्तों को तलाशने लगें, तब यह सवाल उठना लाज़िमी है कि क्या हम इतने तन्हा हैं कि हमारे आसपास कोई है ही नहीं अपने सुख-दुख बांटने के लिए और हम ऐसे लोगों की तलाश सोशल साइट्स पर भी करने लगे हैं.

  • कई तरह की स्टडीज़ और रिसर्च यह बताते हैं कि सोशल साइट्स पर सीमा से अधिक समय बिताना एक तरह के एडिक्शन को जन्म देता है.
  • ये शोध यह भी बताते हैं कि जो लोग भीतर से तन्हा होते हैं, वो इस तरह के एडिक्शन के अधिक शिकार होते हैं.
  • वो अपना अकेलापन दूर करने के लिए ही चैटिंग का सहारा लेते हैं.
  • अक्सर इस तरह की चैटिंग के ज़रिए ही वो अपने लिए पार्टनर भी तलाशने लगते हैं.
  • हालांकि कुछ लोग ये चैटिंग फन के लिए करते हैं, लेकिन धीरे-धीरे इसकी लत लगने लगती है और फिर वो सीरियस एडिक्शन में तब्दील होने लगती है.
  • यह एडिक्शन मस्तिष्क के उस हिस्से को एक्टिवेट करता है, जो कोकीन जैसे नशीले पदार्थ के एडिक्शन पर होता है. यही वजह है कि सोशल साइट्स से दूर रहने को एक तरह से लोग बहुत बड़ा त्याग या डिटॉक्सिफिकेशन मानते हैं.
  • दरअसल, यंगस्टर्स सोशल मीडिया में इस तरह से इंवॉल्व हो जाते हैं कि बाहरी दुनिया से कट जाते हैं. उन्हें वो डिजिटल दुनिया और उसके रिश्ते इतने आकर्षक लगते हैं कि अपनी असली दुनिया उन्हें बोरिंग लगने लगती है. यही वजह है कि जब कभी उन्हें डिजिटल वर्ल्ड से ब्रेक लेना पड़ता हो या फिर वहां उन्हें रिश्ते नहीं मिल रहे हों, तो उन्हें रियल वर्ल्ड और भी तन्हा लगने लगता है. उनमें निराशा, अवसाद और चिड़चिड़ापन पनपने लगता है. इसका असर यह होता है कि वो फिर उसी डिजिटल दुनिया का रुख करते हैं और अपने अकेलेपन को दूर करने के लिए नए रिश्ते तलाशने लगते हैं.
  • यह एक चक्र जैसा है, जिसमें हमें पहले यह लगता है कि हम तन्हा हैं, तो सोशल मीडिया हमारी तन्हाई को दूर करने का सबसे कारगर साधन है, लेकिन जब हम इस चक्र में फंसने लगते हैं, तो महसूस होता है कि यह तन्हाई दूर करने का नहीं, बढ़ाने का साधन साबित हो रहा है.
  • यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन की एक नई स्टडी में यह बात सामने आई है कि जो लोग सोशल साइट्स पर अधिक समय बिताते हैं, वो अधिक अकेलापन और अवसाद महसूस करते हैं, क्योंकि जितना अधिक वो ऑनलाइन इंटरएक्शन करते हैं, उतना ही उनका फेस टु फेस संपर्क लोगों से कम होता जाता है.
  • यानी लोग अपनी तन्हाई दूर करने के इरादे से सोशल वर्ल्ड में आते हैं और यह उनकी तन्हाई घटाने की बजाय बढ़ा देता है.
  • इसके अलावा, डिजिटल रिश्तों में सबसे बड़ा ख़तरा फ्रॉड या धोखे का भी होता है. आपको कोई भी आसानी से बेव़कूफ़ बना सकता है यहां.
  • अपनी पहचान छिपाकर आपसे लंबे समय तक दोस्ती रख सकता है, आपका फ़ायदा उठा सकता है. इसी तरह की एक घटना का ज़िक्र करती हैं मुंबई की प्रीति वर्मा (बदला हुआ नाम). प्रीति ने जो आपबीती सुनाई, वो हैरान करनेवाली थी. “मैं पहले तो बहुत अधिक सोशल मीडिया पर रहती ही नहीं थी. मेरे सभी दोस्त सोशल मीडिया पर काफ़ी एक्टिव थे और मैं अपनी ज़िंदगी में बहुत ही तन्हाई के दौर से गुज़र रही थी. मैंने सोचा, क्यों न मैं भी सोशल मीडिया पर किसी से दोस्ती कर लूं. धीरे-धीरे मुझे यहां अच्छा लगने लगा. मेरा ज़्यादा समय यहां गुज़रने लगा. मुझे नए दोस्त बनाने का शौक़ तो था ही, यहां नए-नए लोगों से बातचीत होती, उनके बारे में दिलचस्प बातें जानने को मिलतीं, तो मेरा रुझान इस तरफ़ ज़्यादा ही होने लगा. कुछ समय पहले मुझे एक लड़के की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई, उसका प्रोफाइल बेहद आकर्षक था. मैंने भी उसमें दिलचस्पी दिखाई. हम दोस्त बन गए, दोस्ती थोड़ी गहरी हुई, तो हमने अपने फोन नंबर्स एक्सचेंज किए. वो घंटों मुझसे फोन पर बात करता. मुझे भी अच्छा लगने लगा था. वो अपने वीडियोज़ और पिक्चर्स भेजता. पर कहीं न कहीं मुझे लगता था कि न जाने क्यों इस शख़्स की पर्सनैलिटी से इसकी बातें मैच नहीं करतीं. वो पिक्चर्स तो बहुत आकर्षक भेजता था, लेकिन उसकी बातें बहुत ही बचकानी लगती थीं, जैसे कोई टीनएजर बात कर रहा हो. इस तरह पूरा एक साल बीत गया. वो अक्सर मिलने की इच्छा ज़ाहिर करता. दूसरे शहर में रहने की वजह से मैं प्लान कर रही थी कि कैसे जाकर उससे मिलूं, क्योंकि मैं भी उससे मिलना चाहती थी.एक दिन मैं यूं ही यू ट्यूब पर वीडियोज़ देख रही थी, तो अचानक एक वीडियो पर मेरी नज़र गई. मैं हैरान रह गई. वो वीडियो एक पंजाबी मॉडल का था, जिसकी शक्ल मेरे उस दोस्त से हूबहू मिलती थी. मैंने डीटेल में उस मॉडल का प्रोफाइल खंगाला, तो मेरे पसीने छूट गए, ये अगर असली है, तो वो कौन है, जो इसकी पहचान के आधार पर मेरा दोस्त बना हुआ था? उसने नकली पिक्चर्स लगाकर, नाम बदलकर मुझसे दोस्ती की. मैंने उसे तुरंत फोन लगाकर सफ़ाई मांगी, तो वो डर गया, मैंने पुलिस कंप्लेन करने की बात कही, तो उसने मुझे ब्लॉक कर दिया. नंबर्स से लेकर सोशल मीडिया तक, सब जगह से वो अब गायब था. मैं चाहकर भी कुछ न कर सकी, बस यही सोचकर रूह कांप जाती है कि अगर मैं उससे मिलने चली गई होती, तो न जाने क्या होता? मैं ख़ुद को ठगा हुआ महसूस कर रही थी. मैं बस, यही कहना चाहती हूं कि जब भी सोशल मीडिया पर रिश्ते तलाशें, तो अच्छी तरह जांचें-परखें, वरना यह आपको और भी तन्हा कर देगा. कहां तो मैं अपनी तन्हाई दूर करने यहां आई थी, कहां मैं बेव़कूफ़ बन बैठी.”
  • यह अपने आप में अकेली घटना नहीं है, प्रीति की तरह ही बहुत से लड़के-लड़कियां अपनी तन्हाई को दूर करने के लिए सोशल मीडिया की शरण में आते हैं और वो इस कदर तन्हा होते हैं कि कोई दोस्त मिल जाने पर बिना जांचे-परखे आगे बढ़ने लगते हैं. जबकि सोशल मीडिया एक अच्छा प्लेटफॉर्म है हर किसी के लिए, लेकिन यहां आकर जल्दबाज़ी में रिश्ते ढूंढ़ना आपको भारी पड़ सकता है. बेहतर होगा सतर्क रहें, सावधान रहें.
  • रियल वर्ल्ड में अगर आप तन्हा हैं या आपका अभी-अभी ब्रेकअप हुआ है, तो थोड़ा सब्र करें, ख़ुद को समय दें. अपनी हॉबीज़ पर ध्यान दें और अपना मन लगाने के अन्य साधन भी तलाशें. अक्सर लोग ब्रेकअप के बाद सोशल मीडिया पर अधिक एक्टिव हो जाते हैं या फिर अपनी बोरिंग शादीशुदा लाइफ से हटकर ज़िंदगी में कुछ स्पाइस ऐड करने के इरादे से यहां आते हैं. शुरुआत में उन्हें सब कुछ बेहद आकर्षक लगता है, लेकिन इससे अपनी तन्हाई दूर करने का यह इरादा उन्हें भटका भी सकता है.
  • बेहतर होगा, तन्हाई को क्रिएटिविटी में बदलें. कुछ समय बाद तन्हाई का एहसास अपने आप कम होने लगेगा. सोशल मीडिया पर ज़रूर जाएं, लेकिन एक निश्‍चित सीमा में रहकर, सावधानी से ही किसी से संपर्क साधें और अपने नंबर्स शेयर करें.

ब्रह्मानंद शर्मा

यह भी पढ़ें: ख़ुशहाल ससुराल के लिए अपनाएं ये 19 हैप्पी टिप्स

 

ख़ुशहाल ससुराल के लिए अपनाएं ये 19 हैप्पी टिप्स (19 Happy Tips For NewlyWeds)

Happy Tips For NewlyWeds
नए रिश्तों से भरे-पूरे परिवार को ख़ुश रखने की ज़िम्मेदारी नई बहू पर होती है. सभी की उम्मीदों पर ख़री उतर पाऊंगी या नहीं, जैसे कई सवाल उसके मन में उमड़ते-घुमड़ते रहते हैं. दुल्हन की इन्हीं उलझनों को सुलझाने (Happy Tips For NewlyWeds) के लिए हमने बात की मैरिज काउंसलर ज़ीनत भारद्वाज से.

Happy Tips For NewlyWeds

हैप्पी टिप्स नई दुल्हन के लिए (Happy Tips For NewlyWeds)

1. बच्चों को दें भरपूर प्यार

सबसे पहले परिवार के बच्चों से दोस्ती करें. उनकी फेवरेट चीज़ें देकर उन्हें ख़ुश रखें और ढेर सारा प्यार करें. बच्चे ख़ुश रहेंगे, तो घर के बाकी सदस्य अपने आप ख़ुश रहेंगे.

2. बड़े-बुज़ुर्गों के लिए बच्चे बन जाएं

घर के बड़े-बुज़ुर्गों के साथ थोड़ी देर बैठें, उनसे बातें करें. उनसे बात करते समय बहुत ज़्यादा मैच्योरिटी की बजाय थोड़ा बचपना दिखाएं और अपनी शरारतों के बारे में उन्हें बताएं, उन्हें बहुत अच्छा लगेगा.

3. हमउम्र को बनाएं दोस्त

ननद, देवर, रिश्तेदारों के बच्चे, जो भी आपके हमउम्र हैं, उनसे दोस्तों की तरह ही व्यवहार करें. बहुत ज़्यादा दिखावा करने की बजाय, जैसी हैं, वैसी ही रहें. याद रखें, आपकी इन्हीं ख़ूबियों के कारण आपके ससुरालवाले आपको पसंद करते हैं.

4. हर व़क्त हो चेहरे पर मुस्कान

हंसता हुआ चेहरा किसी भी उदास चेहरे को मुस्कुराने पर मजबूर कर देता है. आपके चेहरे की मुस्कान देखकर परिवार के हर सदस्य का चेहरा खिल उठेगा.

5. रिश्तेदारों को घरवालों जैसा प्यार दें

शादी में दूर-दूर के रिश्तेदार इकट्ठा होते हैं. उनसे परिवार के सदस्यों जैसा व्यवहार करें. रिश्तेदारों को यह बहुत अच्छा लगता है कि नई बहू उनसे अजनबियों जैसा व्यवहार नहीं कर रही.

6. नए घर की ख़ुशहाली की ज़िम्मेदारी आपकी है

आपको यह समझना होगा कि आपकी शादी स़िर्फ एक पुरुष से नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार से हुई है. इसलिए स़िर्फ पति ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार की ज़िम्मेदारी आपकी है.

7. आपका ख़ुश रहना ख़ुद आपके हाथ में है

ख़ुशियां आपको अपनी शादी से मिली हैं, उन्हें ताउम्र बनाए रखना आपके ही हाथ में है. आपकी ही तरह आपके ससुराल वाले भी काफ़ी दुविधा में होंगे कि नई दुल्हन उन्हें दिल से अपनाएगी या नहीं. इसलिए अपने नए घर को प्यार और ख़ुशियों से भर दें. सास-ससुर को माता-पिता मानें, इससे आप भी ख़ुश रहेंगी और आपके ससुरालवाले भी.

8. हर पल को एंजॉय करें

भविष्य की चिंता छोड़कर इन सुनहरे पलों को एंजॉय करें. परिवार को संभालना, ज़िम्मेदारियां पूरी करना, सभी की उम्मीदों पर खरी उतरना, तो उम्रभर लगा रहेगा. फ़िलहाल जो व़क्त है, उसे एंजॉय करें और ख़ुद के साथ-साथ दूसरों को भी ख़ुश रखें.

9. सुपरवुमन बनने की कोशिश न करें

नई बहू के लिए यह समझना बहुत ज़रूरी है कि वह उतनी ही ज़िम्मेदारियां उठाए, जितना वह निभा सकती है. सारी ज़िम्मेदारियां लेकर चिड़चिड़ी होने की बजाय परिवार में बांटना सीखें. सुपरवुमन बनने के चक्कर में अपनी सेहत की दुश्मन न बनें.

यह भी पढ़ें: हर किसी को जाननी चाहिए सेक्स से ज़ुड़ी ये 35 रोचक बातें

Happy Tips For NewlyWeds

कुछ टिप्स दूल्हे राजा के लिए भी (Happy Tips For NewlyWeds)

10. नई-नवेली दुल्हन को इस नए माहौल में सहज महसूस करवाना आपका फ़र्ज़ है. उसने आंखों में कई सपने संजो रखे हैं, जिन्हें वो आपके साथ पूरा करना चाहती है. उसकी हर छोटी-बड़ी ख़ुशियों का ध्यान रखना अब आपकी ज़िम्मेदारी है.

11. पत्नी को पत्नी न समझकर दोस्त समझें. उससे कुछ दुराव-छिपाव न करें, जो भी है, खुले दिल से उसे बताएं. ग सभी के दिलों में अपनी जगह बनाने के लिए उसे हर व़क्त आपकी ज़रूरत पड़ेगी. उसका सपोर्ट सिस्टम बनकर उसकी मदद करें.

12. कमियां हर किसी में होती हैं, इसलिए उसकी अच्छाइयों को देखें और परिवारवालों के सामने उन्हें दिखाने की कोशिश करें.

13. उसकी छोटी-छोटी ग़लतियों को नज़रअंदाज़ करें, फ़िर देखें कि कैसे आपकी शादी दूसरों के लिए एक उदाहरण बन सकती है.

14. ससुराल में अपनी पत्नी के लिए एक सम्माननीय स्थान बनाना आपका काम है. आप जिस नज़र से अपनी पत्नी को देखेंगे, जिस तरह उसके साथ व्यवहार करेंगे, परिवार के बाकी सदस्य भी वही फॉलो करेंगे.

ये भी पढें: ज़िद्दी पार्टनर को कैसे हैंडल करेंः जानें ईज़ी टिप्स

Happy Tips For NewlyWeds

ससुरालवाले भी समझें (Happy Tips For NewlyWeds)

15. बहू को बेटी कहने भर से वह बेटी नहीं हो जाती, उसके साथ बेटी जैसा व्यवहार भी करना होता है.

16. जो छूट और आज़ादी आप अपनी बेटी को देते थे, वही बहू को भी दें. बहू का टैग लगाकर रिश्ते को बोझिल न बनाएं.

17. अगर आप अपनी बहू को भरपूर प्यार और अपनापन देंगे, तो वह भी आपकी और आपके बेटे की ज़िंदगी को ख़ुशियों से भरने में कोई कमी नहीं रखेगी.

18. घर के बड़े होने के नाते छोटों के लिए प्रेरणा स्रोत व उदाहरण बनें. अगर आप अपनी पत्नी की इज़्ज़त करेंगे, तो बेटा कभी भी अपनी पत्नी की बेइज़्ज़ती नहीं करेगा.

19. छोटा-बड़ा कोई भी निर्णय लेते समय बहू की राय ज़रूर मांगें. इससे उसका आत्मविश्‍वास बढ़ेगा और परिवार के लिए बेहतर सोच की उसमें भावना बढ़ेगी.

– अनीता सिंह

ये भी पढें: बेहतर रिश्ते के लिए पति-पत्नी जानें एक-दूसरे के ये 5 हेल्थ फैक्ट्स

 

Wedding Bells! ढेर सारे लगेज के साथ अनुष्का हुईं मुंबई से स्विट्ज़रलैंड के लिए रवाना, विराट ने भी दिल्ली एयरपोर्ट से पकड़ी फ्लाइट (Anushka Sharma And Virat Kohli Leaves For Switzerland)

Anushka Sharma, Virat Kohli, Leaves For Switzerland

Anushka Sharma, Virat Kohli, Leaves For Switzerland

विराट कोहली (Virat Kohli) और अनुष्का शर्मा (Anushka Sharma) की शादी की ख़बरें इन दिनों सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं. हर कोई जानना चाहता है कि अनुष्का और विराट कब शादी करेंगे. ख़बरें हैं कि दोनों 9 से 12 दिसंबर के बीच इटली के मिलान शहर में शादी करने वाले हैं. हालांकि अनुष्का के प्रवक्ता ने बताया कि ये सारी ख़बरें अफवाह हैं और अनुष्का शादी नहीं कर रही हैं. लेकिन इन ख़बरों के बीच जब अनुष्का को परिवार के साथ मुंबई एयरपोर्ट पर जब देखा गया तो एक बार फिर विराट और अनुष्का की शादी की ख़बरों ने रफ़्तार पकड़ ली. अनुष्का इस बार ढेर सारे लगेज के साथ एयरपोर्ट पर देखी गईं.

Anushka Sharma, Virat Kohli, Leaves For Switzerland Anushka Sharma, Virat Kohli, Leaves For Switzerland

अनुष्का के साथ उनके पिता अजय कुमार शर्मा, मम्मी आशिमा शर्मा और भाई करणेश शर्मा स्विट्ज़रलैंड के लिए रवाना हो गए हैं.Anushka Sharma, Virat Kohli, Leaves For Switzerland

यह भी पढ़ें: गोवा से लौटीं भारती, शादी के बाद की पहली फोटो

Anushka Sharma, Virat Kohli, Leaves For Switzerland Anushka Sharma, Virat Kohli, Leaves For Switzerland

ख़बरें हैं कि दोनों की शादी में केवल करीबी दोस्त और परिवार ही शामिल होंगे. मुंबई में 21 दिसंबर को रिसेप्शन होने की ख़बरें भी आ रही हैं. अब इन ख़बरों में कितनी सच्चाई है ये तो वक़्त आने पर ही पता चलेगा.

[amazon_link asins=’9385936263,B07435ZXLL,B073S4ZJ13,8129146061′ template=’ProductCarousel’ store=’pbc02-21′ marketplace=’IN’ link_id=’13fc81e0-dbdd-11e7-a900-270a2957d90d’]

आख़िर क्यों बनते हैं अमर्यादित रिश्ते? (Why Do We Have Immoral Relationships In Our Society?)

extramarital affairs

हर रिश्ते की अपनी एक मर्यादा होती है, पर जब कोई रिश्ते की मर्यादा को लांघ देता है और उस रिश्ते को तार-तार कर देता है, तो ऐसे रिश्ते अपनी गरिमा को ही नहीं, विश्‍वास को भी खो बैठते हैैं. आख़िर क्यों बन जाते हैं ऐसे अमर्यादित रिश्ते (Extramarital Affairs)? आइए जानते हैं.में आए दिन अख़बार-टीवी पर पढ़ने-देखने को मिलते हैं कि भाभी-देवर के अनैतिक रिश्ते… अपनी ही भतीजी के साथ चाचा के संबंध… दामाद ने सास के साथ भागकर शादी कर ली… ससुर बहू के साथ बरसों से रिलेशन में है… भतीजे-बुआ समाज को दरकिनार कर लीव इन में रह रहे हैं… ऐसे में दिल में यही ख़्याल आता है कि कहां जा रहा है समाज…? क्या भाई-बहन, माता-पिता के पवित्र रिश्ते भी बेमानी होते जा रहे हैं? ऐसे कई सवाल मन में उमड़ते-घुमड़ते रहते हैं. इस सिलसिले में हमने सायकोलॉजिस्ट परमिंदर निज्जर से बात की. आइए, इस पर एक नज़र डालते हैं. उनके अनुसार, रिश्तों के कलंकित होने का कोई एक कारण नहीं होता, बल्कि बहुत-सी छोटी-छोटी बातें होती हैं, जो सोसायटी में ऐसे रिश्ते को जन्म देती हैं.

extramarital affairs

– फास्ट लाइफ इसका सबसे बड़ा कारण है. जहां हर कोई सब कुछ जल्दी और शॉर्टकट में चाह रहा है. ऐसे में सही-ग़लत के बारे में सोचने का वक़्त ही नहीं मिलता.

– इट्स माई लाइफ का फंडा भी लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है. हर कोई अपनी ज़िंदगी को अपने हिसाब से ही जीना चाहता है, जिसमें उसे किसी भी तरह की दख़लअंदाज़ी पसंद नहीं.

– कई केसेस में देखा गया है कि वे क़रीबी रिश्ते, जो अमर्यादित क़दम उठाते हैं, उनकी वजह उस शख़्स से गहरे तौर पर प्रभावित होना भी है.

– जैसे चाचा को अपनी भतीजी में वे सभी ख़ूबियां दिखाई देती हैं, जो जीवनसाथी में चाहिए होती हैं. और जब वो ख़ासियत कहीं नहीं मिलतीं, तो वे इस रिश्ते में ही बंधकर आगे बढ़ने से नहीं हिचकिचाते.

– बचपन से लड़की ही नहीं, लड़कों के भी अपने रोल मॉडल होते हैं. जब वो उन्हें अपनी सास, चाची, बुआ आदि में दिखते हैं. तब वे सब ऊंच-नीच की परवाह किए बगैर इस रिश्ते को थाम लेते हैं.

– संयुक्त परिवार का टूटना भी इन रिश्तों के पनपने का बड़ा कारण है, क्योंकि जब सब साथ रहते थे, तब हर रिश्ते में अपनापन, संस्कार, उसकी मर्यादा का निर्वाह बचपन से ही होता था. तब ऐसी ग़लती कम ही होती थी.

– पैरेंट्स की बिज़ी लाइफ भी ऐसे रिश्ते के लिए माहौल प्रदान करती है. उस पर पति-पत्नी दोनों ही अति व्यस्त व कामकाजी हैं, तो वे बच्चों को बहुत कम समय ही दे पाते हैं, जिससे उनके भटकने और बिगड़ने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं.

यह भी पढ़ें: ज़िद्दी पार्टनर को कैसे हैंडल करेंः जानें ईज़ी टिप्स

रिश्तों की अहमियत को समझें…

– हम चाहे कितने भी मॉडर्न हो जाएं, पर हर रिश्ते की मर्यादा और मापदंड ज्यों का त्यों बना रहेगा. इस बात को समझें और हर रिश्ते को सम्मान दें.

– अरेंज मैरिज हो या लव मैरिज उसकी अपनी ख़ूबसूरती व सामाजिक स्वीकृति होती है. इससे अलग रिश्ते ग़लत ही होते हैं.ू

– अमर्यादित रिश्ते न जाने कितने डर, शंका-आशंका, अस्थिरता को पैदा करते हैं.

– सामाजिक बहिष्कार और अपनों से दूरियां जीवन को हाशिए पर ले आती हैं.

– ऐसे रिश्तों का अंत अक्सर आत्महत्या, हत्या या फिर मानसिक विक्षिप्तता के रूप में होता है.

extramarital affairs

दूर रहना ही समाधान…

– तमाम केसेस को देखते हुए मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि ऐसे रिश्ते से दूर रहना ही इसका समाधान है.  ू

– यूं तो जीवन में हर किसी के क़दम कभी न कभी डगमगाते ही हैं, पर ऐसे समय में अपनों का साथ, सही काउंसलिंग, धैर्य आदि द्वारा इससे उबरा जा सकता है.

– जब कभी आपको लगे कि आप किसी अमर्यादित रिश्ते की तरफ़ झुक रहे हैं, तब आत्मविश्‍लेषण करें.

– अपने रिश्ते को रिवाइव करें. पार्टनर के साथ कुछ दिन के लिए कहीं घूमने निकल जाएं.

– शादी के दिनों को, जीवनसाथी के साथ बिताए ख़ूबसूरत लम्हों को तरोताज़ा करें.

– पार्टनर से दूर होने के कारणों को ढूंढ़ें और उन्हें सुलझाने की कोशिश करें.

– अपने किसी ख़ास दोस्त/सहेली से सलाह लें. अपनी दुविधा को बताएं.

– रिश्ते जीने का संबल होने चाहिए, न कि हर पल डर व हीनभावना का कारण.

– ख़ुद को अपने किसी शौक़ में इन्वॉल्व करें.

– आपके रिश्ते आपके बच्चों और बड़ों के लिए रोल मॉडल की तरह होते हैं. ये बात हमेशा याद रखें.

– घर-परिवार, बच्चे से जुड़ी अपनी ज़िम्मेदारियों को नए सिरे से उठाएं और ख़ुद को उनसे जुड़े रहने के लिए प्रोत्साहित करें.

– आंकड़ों के अनुसार, अमर्यादित रिश्तों का आकर्षण बस जुनून या फिर एक निश्‍चित सीमा तक रहता है. जब वो हैंगओवर उतरता है, तब सिवाय दुख, क्षोभ, पछतावे के कुछ नहीं रहता.

– ऊषा गुप्ता

यह भी पढ़ें: इन 6 Situations में कैसे हैंडल करें पार्टनर को?

यह भी पढें: पति की इन 7 आदतों से जानें कितना प्यार करते हैं वो आपको

 

समझदारी की सेल्फी से सुधारें बिगड़े रिश्तों की तस्वीर (Smart Ways To Get Your Relationship On Track)

Relationship On Track

चल बेटा सेल्फी ले ले रे… जी हां, ज़माना सेल्फी का है. हम ख़ुद को कैमरे में कैद करने का एक मौक़ा भी नहीं चूकते. हमारी पूरी कोशिश होती है कि हर तस्वीर में हम अच्छे दिखें. तो चलिए, हम भी आपसे सेल्फी लेने के लिए कहते हैं, पर यह सेल्फी होगी आपके व्यवहार की. कितना अच्छा होता अगर कोई ऐसा कैमरा भी होता, जो हमारी सेल्फी में हमारी अंदरूनी ख़ूबसूरती दिखाता या हमारी गलतियां भी दिखाता. आप शायद समझ ही गए होंगे कि यहां बात हो रही है आत्मविश्‍लेषण की.

Relationship On Track
क्यों ज़रूरी है समझदारी की सेल्फी?

अमूमन हमारे जितने मन-मुटाव होते हैं, अधिकतर में हम दूसरों पर सारा दोष मढ़ कर बड़ी आसानी से आगे बढ़ जाते हैं. लेकिन आगे बढ़ते समय हम यह भूल जाते हैं कि कई सारे रिश्ते पीछे ही छूट गए. हमें ऐसा लगता है कि हमें इन रिश्तों की, सगे-संबंधियों की कोई ज़रूरत ही नहीं, पर क्या आप जानते हैं कि आपकी यही सोच आपकी सबसे बड़ी ग़लती है. और ना स़िर्फ ग़लती है, बल्कि समाज के लिए यह सोच बहुत बड़ा ख़तरा भी है, क्योंकि मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है.

रिश्तों से अपने आपको अलग कर लेना या उनसे दूर जाना हमारे सामाजिक, मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है. तो यह तो तय है कि रिश्तों को सहेजना बहुत ही आवश्यक है, तो क्यों ना रिश्तों की इस तस्वीर को सुंदर बनाएं.

आजकल किताबी ज्ञान की हम में कोई कमी नहीं, पर याद रखिए किताबें समझदारी नहीं बांटतीं, इसके लिए हमारे अंतर्मन का जागृत होना ज़रूरी है. लेकिन इसे जागृत किया कैसे जाए, यह बहुत आसान नहीं, पर हां मुश्किल भी नहीं. इसके लिए आपको किसी और को नहीं, बल्कि ख़ुद को पहचानने की ज़रूरत है. साथ ही यह कोई एक दिवसीय कार्यक्रम ना होकर निरंतर प्रक्रिया है. आपको बस, करना इतना है कि रोज़ अपनी एक सेल्फी
खींचनी है और यह सेल्फी आप कैसे और कौन-से कैमरे से खीचेंगे, यह हम आपको बताएंगे.

कैसे खींचें समझदारी से सेल्फी?

सच्चाई की फ्लैश लाइट चमकाएं

सच्चाई बहुत ज़रूरी है, क्योंकि झूठ आपको कमज़ोर बनाता है. झूठा अहंकार आपको बार-बार झूठ बोलने पर मजबूर करेगा. इसलिए जब भी किसी से बात करें, तो अपना सच के फ्लैशवाला कैमरा साथ ले जाना ना भूलें. सच बोलना आपको ताक़त देगा. जब कभी आप झूठ का सहारा लेने की कोशिश करें, तो अपने आपको रोक लें. यह स़िर्फ आप कर सकते हैं, क्योंकि केवल आप ही जानते हैं कि आप कब झूठ का सहारा ले रहे हैं. इसके लिए आप ख़ुद को एक छोटी-सी चुनौती भी दे सकते हैं. सोने से पहले किसी काग़ज़ पर दिनभर में आपके द्वारा बोले छोटे से छोटे झूठ की ़फेहरिस्त बनाएं और अगले दिन पिछले दिन से कम झूठ बोलने की कोशिश करें.

अपनी तस्वीर में लाएं अच्छाई की ब्राइटनेस

बेवजह की जलन, दूसरों की नाकामयाबी में ख़ुश होना… ये सभी चीज़ें आपकी अच्छाई को ख़त्म करती है. इस तरह की भावनाएं आपके समझदारी के आईने को धूमिल कर सकती हैं. ये सभी भावनाएं ना स़िर्फ आपके रिश्ते को प्रभावित करती हैं, बल्कि आपके
सोचने-समझने की क्षमता को कमज़ोर करती हैं. जब आपकी अच्छाई चमकेगी, तो आपके अंतर्मन की तस्वीर भी उजली-उजली होगी.
इसके लिए भी एक काम किया जा सकता है. रोज़ कम से कम एक अच्छा काम करें, जैसे- बिना किसी स्वार्थ के दूसरों की मदद.

दूर करें शिकायतों की उदासी

अपनी सेल्फी में यह ज़रूर ध्यान से देखें कि कहीं आप हमेशा जीवन से शिकायतें तो नहीं करते रहते. जिसे अपने जीवन से हमेशा स़िर्फ शिकायतें ही होती हैं, उसका ख़ुश रहना असंभव है. शिकायतों पर ध्यान केंद्रित करने से अच्छा है कि आप उन उपायों पर ध्यान दें, जिनसे शिकायतों को दूर किया जा सकता है. इसके अलावा यह ध्यान में रखें कि कुछ भी परफेक्ट नहीं होता. अपने जीवन को कुछ कमियों के साथ स्वीकार करें.

यह भी पढ़ें: ज़िद्दी पार्टनर को कैसे हैंडल करेंः जानें ईज़ी टिप्स

खींचें हाई डेफिनेशन तस्वीर

जब समझदारी के कैमरे से सेल्फी लेनी है, तो कोशिश करें कि आपकी तस्वीर हाई डेफिनेशन हो यानी छोटी-छोटी बातों में ना फंसें. यही छोटी बातें हमें छोटा बना देती हैं. अपने जीने के स्तर को ऊंचा उठाएं. झगड़े या छोटी-मोटी नोंक-झोंक, मान-अपमान इन चीज़ों से ऊपर उठकर सोचें. अगर यह छोटी बातें तस्वीर से चली जाएं, तो ख़ुशियों के रंग निखरकर आएंगे.

कहीं तस्वीर में शिकन ना आ जाए

अगर आप जल्दी किसी को माफ़ नहीं कर सकते हैं या किसी बुरी घटना को जल्दी भूल नहीं सकते, तो संभल जाएं, आपकी सेल्फी की ख़ूबसूरती ख़तरे में है. तो करना बस इतना है कि जल्दी से अपनी समझदारी के कैमरे को चार्ज करिए और अपने चेहरे पर आई इस शिकन को मिटा दीजिए. दरअसल, दूसरों को माफ़ करना और कुछ क़िस्से-कहानियों को भूल जाना किसी और के लिए नहीं, बल्कि आपके अपने मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत ज़रूरी है. अंग्रेज़ी में कहते हैं ना ‘फॉरगेट एंड फॉरगिव’ ये चीज़ें ना स़िर्फ आपको ऊपर उठाती हैं, बल्कि कई सारे रिश्तों को फिर से संवारने का एक और मौक़ा भी देती हैं.

माफ़ी मांग लें

जिस तरह माफ़ करके आगे बढ़ना महत्वपूर्ण है, उसी तरह अपनी ग़लती होने पर या कभी-कभी स़िर्फ परिस्थितियों को संभालने के लिए माफ़ी मांगना ज़रूरी है. माफी मांगने को अपने अहम् के साथ ना जोड़ें यानी माफ़ी मांगने से आप छोटे नहीं होते.

संवार लें बिगड़ी हुई तस्वीर

अगर इतनी जद्दोज़ेहद के बाद भी सेल्फी बिगड़ ही जाए, तो उसे वैसा ही मत छोड़ें, बल्कि अपनी समझदारी से उसे ठीक कर लें. कई बार ऐसा होता है कि लाख संभालने के बावजूद कुछ रिश्ते हाथ से फिसलने लगते हैं. ना चाहते हुए भी हममें वह चीज़ें आ जाती हैं, जो हमारे व्यक्तित्व को ख़राब करती हैं. अगर ऐसा होता भी है, तो वहीं पर रुककर पहले आत्मविश्‍लेषण करें. अपने स्वभाव की बुरी आदतों को दूर करने की कोशिश करें और फिर आगे बढ़ें. इस सेल्फी में आपको ख़ूबसूरत तो दिखना है, पर बाहरी मेकअप से नहीं, बल्कि प्राकृतिक निखार से. याद रखिए कि आपको तस्वीर में सुंदर कैमरा या तस्वीर खींचनेवाला नहीं बनाता, बल्कि आप ख़ुुद बनाते हैं. कहने का तात्पर्य यह है कि जब आप अपने जीवन में ख़ुश ना हों, तो किसी और पर दोष मढ़ने से पहले एक बार ख़ुद को परख लें.

– विजया कठाले निबंधे

यह भी पढ़ें: इन 6 Situations में कैसे हैंडल करें पार्टनर को?

यह भी पढ़ें: क्या आपके हार्मोंस आपके रिश्ते को प्रभावित कर रहे हैं?

[amazon_link asins=’B076CPRB8M,B06XGHD9M7,B01K1GGZ1K,B073W5YXFZ’ template=’ProductCarousel’ store=’pbc02-21′ marketplace=’IN’ link_id=’ab9dafe1-c6ce-11e7-8efb-b99fb23d4568′]

इन 9 बेवजह के कारणों से भी होते हैं तलाक़ (9 Weird Reasons People Filed For Divorce)

Weird Reasons People Filed For Divorce

कभी-कभी लगता है कि बदलते दौर में रिश्तों की डोर कुछ ज़्यादा ही नाज़ुक हो चली है, तभी तो छोटी-छोटी बातें भी गृहस्थी के मज़बूत बंधन को तिनके-सा बिखेर रही हैं. कभी नासमझी, कभी ज़िद, कभी ग़ुस्से, तो कभी अहं की तुष्टि के लिए किए गए फैसले दांपत्य जीवन को बड़ी आसानी से ख़त्म कर रहे हैं. तलाक़ के बढ़ते मामले समाज के लिए गंभीर स्थिति हैं, पर क्या तलाक़ (Divorce) भी उतने ही गंभीर मुद्दों पर लिए जा रहे हैं? यहां हम कुछ ऐसे ही मामलों के बारे में बता रहे हैं, जहां तलाक़ के कारण बेवजह (Weird Reasons People Filed For Divorce) ही थे.

Weird Reasons People Filed For Divorce

तलाक़ से जुड़े अजीबो-ग़रीब मामले

हमारे देश में 10 साल पहले जहां 1000 शादियों में एक तलाक़ का मामला सामने आता था, वही आंकड़ा आज बढ़कर 13 हो गया है, जो यक़ीनन अगले साल और बढ़ेगा. पिछले कुछ सालों में यह आंकड़ा इतनी तेज़ी से क्यों बढ़ रहा है? इन शादियों के टूटने के क्या कारण हैं? क्या सभी रिश्ते शोषण और अत्याचार की बलि चढ़ रहे हैं या फिर कुछ बेवजह के कारणों से भी शादियां टूट रही हैं. सर्वे में पता चला है कि हाल ही में तलाक़ से जुड़े कुछ ऐसे मामले सामने आए, जिनमें कुछ अजीबो-ग़रीब कारणों से जहां कुछ रिश्ते टूट गए, तो कई टूटते-टूटते बचे. आइए जानें, क्या हैं ये कारण और क्यों बढ़ रहे हैं तलाक़ के मामले?

चेहरे के मुंहासे व फोड़े बने तलाक़ का कारण

मामला 1998 का है, जब देश में ज़्यादातर शादियां अरेंज होती थीं और शादी से पहले लड़का-लड़की एक-दूसरे को देख भी नहीं पाते थे. शादी के बाद पत्नी के चेहरे पर मुंहासे देखकर पति को ऐसा सदमा लगा कि उसने तलाक़ के लिए कोर्ट में अर्ज़ी दाख़िल कर दी. पति का तर्क था कि पत्नी के मुंहासों के कारण वह उसके प्रति आकर्षित नहीं हो पाता, जिससे उनके बीच शारीरिक संबंध भी नहीं बन पाए. ऐसे में इस शादी को ज़बर्दस्ती बनाए रखना उसके साथ ‘क्रुएल्टी’ है. कोर्ट ने माना कि पत्नी के लिए यह तकलीफ़देह है कि उसके मुंहासे ठीक नहीं हो रहे, पर पति के लिए भी यह किसी सदमे से कम नहीं, इसलिए 2002 में उन्हें तलाक़ मिल गया.

मोटापे के कारण पार्टीज़ में नहीं ले जा सकता

मामला उत्तर भारत के एक शहर का है, जहां एमएनसी में काम करनेवाले टॉप एक्ज़ीक्यूटिव ने अपनी पत्नी से इस बात पर तलाक़ की मांग की कि वह बहुत मोटी है. पति का तर्क था कि इतनी बड़ी पोस्ट पर होने के कारण उसे अक्सर सोशल पार्टीज़ में जाना पड़ता था, जहां अपनी पत्नी के मोटापे के कारण उसे काफ़ी शर्मिंदगी उठानी पड़ती थी, क्योंकि उनकी जोड़ी बहुत बेमेल दिखती थी. अच्छी-ख़ासी सैलरी, शानो-शौक़त के बावजूद वह ख़ुश नहीं था. उसने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि पत्नी का वज़न कम कराने की उसकी तमाम कोशिशें नाकामयाब रहीं. शुक्र है, तलाक़ मिलना इतना भी आसान नहीं, वरना लोग न जाने किन कारणों से तलाक़ की मांग करते.

यह भी पढ़ें: लड़कियों के 15 दिलचस्प झूठ

मुंह की बदबू और खर्राटों ने पहुंचाया कोर्ट

हाल ही में गुड़गांव के एमएनसी में काम करनेवाली दो लड़कियों ने पति के मुंह की बदबू और खर्राटों से परेशान होकर तलाक़ लेने का ़फैसला लिया. अपर-मिडल क्लास की इन लड़कियों के तर्क थे कि पति की सांस की बदबू के कारण उनकी सेक्स लाइफ बुरी तरह प्रभावित हुई थी, साथ ही रात में उनके खर्राटों ने उनका सुख-चैन छीन लिया था. हालांकि बाद में मैरिज काउंसलर्स के समझाने पर दोनों ने तलाक़ के पेपर्स वापस ले लिए. जहां यह पूरा मामला अपने आप में अजीबो-ग़रीब है, वहीं सभी के लिए एक सबक भी है कि अपने साथ-साथ अपने पार्टनर की ज़रूरतों और भावनाओं का हमेशा ख़्याल रखें.

मोदी सपोर्टर बनाम केजरीवाल सपोर्टर

मामला 2014 के लोकसभा चुनावों के दौरान गाज़ियाबाद का है. 2013 में अरेंज मैरिज करनेवाले आईटी प्रोफेशनल पति-पत्नी की ज़िंदगी काफ़ी ख़ुशगवार गुज़र रही थी, पर लोकसभा चुनाव ने सब बिगाड़ दिया. जहां पति नरेंद्र मोदी का बहुत बड़ा फैन था, वहीं पत्नी आम आदमी पार्टी की सपोर्टर. चुनावों में बीजेपी की ज़बर्दस्त जीत के बाद पति अक्सर पत्नी को ताने मारने लगा था, जिससे उनमें काफ़ी झगड़े होने लगे. नतीज़ा दो महीने बाद ही दोनों ने तलाक़ ले लिया.

शॉपिंग और पार्टी भी बन जाते हैं कारण

यह मामला एक ऐसे कपल का है, जिन्होंने कई सालों तक लिव इन में रहने के बाद शादी की. देश के मेट्रो शहर में रहनेवाले इस कपल ने शादी के 4 सालों बाद आपसी सहमति से तलाक़ ले लिया. जहां पत्नी ने पति का साथ में शॉपिंग न करना तलाक़ का कारण बताया, वहीं पति ने पार्टीज़ में साथ न चलने को बताया था वजह.

बड़े घर की बेटी

आज भी कुछ लड़कियां शादी को लेकर प्रैक्टिकल अप्रोच नहीं रख पातीं, जिससे उनकी शादी टूटने के कगार पर पहुंच जाती है. ऐसा ही कुछ इस मामले में भी देखने को मिला. शादी के बाद जब लड़की ने देखा कि पति का घर उसके घर से छोटा है, तो वह अलग घर में शिफ्ट होने की मांग करने लगी, पर जब पति ने उसकी मांग पूरी नहीं कि तो वह तलाक़ के लिए कोर्ट पहुंच गई. पत्नी का तर्क था कि वह अपने लिविंग स्टैंडर्ड को कम नहीं कर सकती और अगर उसका पति उसकी ज़रूरतें पूरी नहीं कर सकता, तो वह उस शादी को निभा नहीं सकती. हालांकि मैरिज काउंसलर्स ने बातचीत के ज़रिए मामले को सुलझा दिया.

पति अपनी मातृभाषा में डॉक्टर और सीए से बात करते हैं

मुंबई के एक साउथ इंडियन और नॉर्थ इंडियन कपल से जुड़ा तलाक़ का यह मामला जब सामने आया, तो हर किसी को तलाक़ के कारण पर बड़ा आश्‍चर्य हुआ. दरअसल, दोनों की लव मैरिज हुई थी. पत्नी उस डॉक्टर या चार्टेड अकाउंटेंट के पास बिल्कुल नहीं जाती थी, जहां उसके पति जाते थे, क्योंकि वहां वो अपनी मातृभाषा में बात करते थे, जो उसे बिल्कुल पसंद नहीं था. यहां तक कि पत्नी को अपने पति का उसके परिवारवालों से अपनी भाषा में बात करना भी पसंद नहीं था, क्योंकि उसे वह क्रूएल्टी लगता था. पत्नी के मुताबिक उसकी मौजूदगी में उन्हें उस भाषा में बात करनी चाहिए, जो उसे भी समझ में आए. अब इसे नादानी कहें या झूठा अहं, जो उनके रिश्ते पर भारी पड़ सकता था. शुक्र है, मैरिज काउंसलर्स रिश्तों को बचाने में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं.

उसे लव स्टोरीज़ पसंद नहीं

ऐसा माना जाता है कि लड़कियों को रोमांटिक स्टोरीज़ ज़्यादा पसंद होती हैं, जबकि लड़कों को एक्शन व एडवेंचर ज़्यादा पसंद आता है. पर अगर लड़के को रोमांटिक लव स्टोरीज़ पसंद हों और लड़की को नहीं, तो क्या इस बात पर तलाक़ लिया जा सकता है? मामला दरअसल नोएडा का है, जहां पति पत्नी से महज़ इसलिए तलाक़ लेना चाहता था कि वह उसके साथ बैठकर रोमांटिक फिल्म नहीं देखती. हद तो तब हो गई, जब उसने कहा कि पत्नी उसके पसंदीदा एक्टर्स को पसंद नहीं करती. इसका मतलब दोनों कम्पैटिबल नहीं हैं और इसलिए उन्हें तलाक़ ले लेना चाहिए. हालांकि उन्हें तलाक़ मिला नहीं.

पराए पुरुषों के साथ डांस करना पसंद नहीं

दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ पार्टी करना किसे पसंद नहीं, पर अगर पार्टीज़ में जाने का कारण तलाक़ का कारण बन जाए, तो यह वाक़ई में बहुत अजीबो-ग़रीब मामला होगा. यह मामला भी नोएडा से है, जहां पति-पत्नी दोनों ही वर्किंग हैं और अपर-मिडल क्लास से हैं. पर शादी के कुछ महीनों बाद ही पति ने पत्नी की बेवफ़ाई को तलाक़ का कारण बताया. पति के मुताबिक़ उसकी पत्नी को पार्टीज़ का बहुत शौक़ था, पर उसे उसका पार्टीज़ में जाकर दूसरे पुरुषों के साथ डांस करना, या दोस्तों के साथ एंजॉय करना बिल्कुल पसंद नहीं था. इसके लिए उसने अपनी पत्नी को कई बार मना भी किया था. कोर्ट ने पति की बात पर अचरज जताते हुए तलाक़ नामंज़ूर कर दिया.

यह भी पढ़ें: ज़िद्दी पार्टनर को कैसे हैंडल करेंः जानें ईज़ी टिप्स

Weird Reasons People Filed For Divorce

क्यों बढ़ रहे हैं तलाक़ के मामले?

– कपल मेें से किसी एक को लगता है कि शादी के बाद दूसरा बदल गया है.

– आजकल ज़रूरत से ज़्यादा अपेक्षाएं किसी को भी बर्दाश्त नहीं होतीं.

– शादी के कुछ ही दिनों बाद यह एहसास होना कि वो एक-दूसरे के लिए नहीं बने हैं.

– कम होता धैर्य और सहनशीलता भी इसका एक कारण है.

– दूसरों की बजाय स़िर्फ ख़ुद के बारे में सोचना.  

– एकल परिवारों में बड़े-बुज़ुर्गों का न रहना.  

– लड़की के घरवालों का ज़रूरत से ज़्यादा दख़लअंदाज़ी भी इसका एक बड़ा कारण है.

– फाइनेंशियल फ्रीडम ने महिलाओं को निर्णय की आज़ादी दे दी है. ये भी एक अहम् कारण है. 

तलाक़ के वाजिब कारण

द हिंदू मैरिज एक्ट 1955 के सेक्शन 13 में तलाक़ के कारणों के बारे में दिया है, जो इस प्रकार हैं-

– व्यभिचार, धर्मांतरण, मानसिक विकार, कुष्ठ रोग, यौन रोग, सांसारिक कर्त्तव्यों को त्याग देना, 7 सालों से लापता, जुडीशियल सेपरेशन (कोर्ट द्वारा अलग रहने की इजाज़त), किसी भी तरह के शारीरिक संबंध नहीं और क्रूरता या निष्ठुरता. 

– उपरोक्त आधारों पर तलाक़ दिया जाता है, पर आजकल बहुत-से कपल्स ने क्रुएल्टी यानी क्रूरता को अपना हथियार बना लिया है. छोटी-छोटी समस्याओं को जब वे हल नहीं कर पाते, तो उसे क्रुएल्टी बताकर रिश्ते को तोड़ना उन्हें आसान लगता है.

– हम भी मानते हैं कि तनावपूर्ण रिश्ते में बने रहने से अच्छा है उस रिश्ते से छुटकारा पाना, पर वजहें वाजिब होनी चाहिए. 

– यंग जनरेशन व आनेवाली जनरेशन्स को शादी की गंभीरता और उसके सामाजिक मूल्यों को समझना होगा.

– सुनीता सिंह

यह भी पढ़ें: इन 6 Situations में कैसे हैंडल करें पार्टनर को?

भाई दूज के पावन अवसर को यूं करें सेलिब्रेट (Bhai Dooj Celebration)

Bhai Dooj Celebration

Bhai Dooj Celebration

भैया दूज
दिवाली के अंतिम दिनों का पांचवां त्योहार भैया दूज है.
  • भाई दूज के दिन विवाहित या अविवाहित बहनों को प्रात: स्नान आदि से निपटकर भाई के स्वागत की तैयारी करनी चाहिए.
  • इस दिन यम की पूजा या भाई के आवभगत का तरीक़ा अलग होता है. इसके अनुसार बहनों को भाई के माथे पर तिलक लगाकर उनकी आरती उतारनी चाहिए और कलावा बांधकर मुंह मीठा करने के लिए उन्हें माखन-मिश्री खिलानी चाहिए.
  • इस विधि के संपन्न होने तक दोनों को व्रती रहना चाहिए.
  • बहनों को शाम के समय यमराज के नाम से चौमुख दीया जलाकर घर के बाहर रखना चाहिए. इस समय आसमान में चील उड़ती दिखाई देने पर बहुत ही शुभ माना जाता है.
  • इस संदर्भ में मान्यता यह है कि बहनें भाई की आयु के लिए जो दुआ मांग रही हैं, उसे यमराज ने क़बूल कर लिया है.यह भी पढ़ें: दिवाली स्पेशल: टॉप 5 रंगोली डिज़ाइन्स से करें ख़ुशियों का स्वागत

      यह भी पढ़ें: मनाएं सेफ और हेल्दी दिवाली

क्या करें?
  • भाई को अपनी विवाहिता बहन के घर अवश्य जाना चाहिए.
  • बहन को अपने भाई का आतिथ्य सत्कार करना चाहिए और तिलक लगाकर उनके उज्ज्वल भविष्य, जीवन, स्वास्थ्य आदि की कामना करनी चाहिए.
क्या न करें?
  •  भाई को अपने घर बहन के आने का इंतज़ार नहीं करना चाहिए, बल्कि उसे ही बहन के घर जाना चाहिए.
  • बहन यमदेव की पूजा तक कुछ भी न खाए-पीए.

– मनीषा कौशिक

(वास्तु-फेंगशुई एक्सपर्ट)

[amazon_link asins=’B013RIQ4K6,B0119PTX48,B01BQ7VTZA,B073S665L9,B0768JHDZ4′ template=’ProductCarousel’ store=’pbc02-21′ marketplace=’IN’ link_id=’c52b7f35-b4b2-11e7-a614-a9ff6480c960′]