Farooq Sheikh

आज (25 मार्च 2018) फारुख शेख का 70 वां जन्मदिन है और ख़ास बात ये कि फारुख शेख के 70वें जन्मदिन पर गूगल ने उन्हें डूडल बनाकर श्रद्धांजलि दी है. अगर आज फारुख शेख जिंदा होते तो अपना 70वां जन्मदिन मना रहे होते. फारुख शेख उन कलाकारों में से हैं, जो पर्दे पर अभिनय नहीं करते, बल्कि उसे जीते हैं. आज फारुख शेख ज़िंदा होते, तो उनके चाहने वालों को उनकी अदाकारी के कई और रंग देखने को मिलते. आइए, फारुख शेख की ज़िंदगी से जुड़ी कुछ ख़ास बातें जानते हैं:

Google Doodle, Bollywood Actor Farooq Sheikh

* गुजरात के अमरोली में 25 मार्च, 1948 को एक जमींदार परिवार में जन्मे फारुख शेख पांच भाई बहनों में सबसे बड़े थे.
* फारुख शेख ने वकालत का पेशा छोड़ एक्टिंग को बतौर करियर चुना.
* फारुख शेख ने अपनी पहली फिल्म ‘गर्म हवा (1973)’ में मुफ्त में काम करने के लिए हामी भरी और इस फिल्म के लिए उन्हें 750 रु. मिले, वो भी पांच साल बाद.
* फारुख शेख ने चश्मे बद्दूर, उमराव जान, साथ-साथ, नूरी, शतरंज के खिलाड़ी, माया मेम साब, कथा, बाजार, रंग बिरंगी जैसी कई फिल्मों में यादगार अभिनय किया है.
* 90 के दशक से फारुख शेख ने फि‍ल्मों में काम करना कम कर दिया और टीवी की ओर रुख कर लिया था.
* फारुख बॉलीवुड और टीवी के ऐसे कलाकार हैं, जो कभी विवादों में नहीं फंसे.
* फारुख शेख ने अभिनय के हर मंच और छोटे-बड़े हर किरदार को हमेशा पूरी ईमानदारी से निभाया.

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* पुरुष प्रधान फिल्मों के दौर में भी फारुख ने रेखा पर केंद्रित ‘उमराव जान’ में एक छोटा-सा किरदार बिना किसी हिचकिचाहट के निभाया और फिल्म में अपनी अदाकारी की अमिट छाप छोड़ी.
* फारुख शेख चुनिंदा रोल करते थे इसलिए अपने चार दशक के फ़िल्मी करियर में उन्होंने सिर्फ 40 फिल्मों में ही काम किया.
* टेलीविज़न पर फारुख शेख ने चमत्कार, जी मंत्रीजी, जीना इसी का नाम है, श्रीकांत जैसे यादगार शोज़ में काम किया.
* 27 दिसंबर, 2013 को फारूक शेख का दुबई में निधन हो गया. फारूक अपने परिवार के साथ दुबई में छुट्टियां मना रहे थे, उसी दौरान उन्हें हार्ट अटैक आ गया.

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फारुख़ शेख़

चेहरे पर सादगी, आंखों में मासूमियत और लबों पर भोली-सी मुस्कान… एक सीधा-सादा शख़्स, लेकिन व्यक्तित्व उतना ही आकर्षक और अदाकारी का अंदाज़ दिल ही नहीं, रूह को छू जानेवाला. जी हां, ज़िंदगी को ज़िंदादिली से जीना फारुख़ शेख़ को बेहतर तरी़के से आता था. फिल्म नूरी का एक अल्हड़-सा रोमांटिक नौजवान हो या फिर फिल्म ये जवानी है दिवानी का इमोशनल व परिपक्व पिता… उमराव जान फिल्म में निभाया नवाबी अंदाज़ हो या फिल्म साथ-साथ का राह से भटका इंसान… हर रोल में परफेक्ट थे फारुख़ शेख़. इंडस्ट्री में भले ही कम काम किया, लेकिन जो भी किया, उसे आज भी लोग याद करते हैं. गमन से लेकर फिल्म बाज़ार तक के उनके तमाम रोल काबिले तारीफ़ थे. अगर बात फिल्मों से हटकर उनकी शख़्सियत की करें, तो फारुख़ शेख़ उन ख़ुशमिज़ाज इंसानों में से थे, जो अपनी ख़ुशी के साथ-साथ आसपास के माहौल को भी ख़ुश रखने की कोशिश करते थे. फिल्म के सेट से लेकर अपने पड़ोसियों तक के दिल-ओ-जान में फारुख़ साहब कुछ इस क़दर बस गए कि इस दुनिया से रुख़सत होने के बाद भी उन्हें लोग याद करते हैं. फिल्म इंडस्ट्री के इस असाधारण अभिनेता की आज बर्थ एनिवर्सरी है. इस मौ़के पर आइए, जानते हैं फारुख़ साहब से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें.

♣ फारुख़ शेख़ को आदत थी कि वो अपना लंच बॉक्स साथ में लेकर जाते थे. स़िर्फ अपना ही नहीं, कभी-कभी तो वो पूरे क्रू मेंबर्स के लिए घर से बिरयानी बनाकर ले जाते थे. उनकी ये दिलदारी आज भी सबको याद है.

♣ फारुख़ शेख़ ने लॉ की पढ़ाई की थी.

♣ फारुख़ के पिता ख़ुद एक वकील थे और वो चाहते थे कि फारुख़ भी वकील ही बनें.

♣ फारुख़ शेख़ की पहली कमाई 750 रु थी.

♣ फारुख़ शेख़ की आख़िरी फिल्म यंगिस्तान थी.

♣ हर फ्राइडे को फारुख़ साहब काम करने से बचते थे. इसका एक कारण था शुक्रवार की नमाज़ अदा करना. वो बहुत ही धार्मिक प्रवृत्ति के थे.